सेवा की कहानी : सेवा संकल्प अभियान: स्वामित्व योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में धमतरी का अग्रणी प्रदर्शन
54 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों को मिले अधिकार अभिलेख, आवासीय संपत्ति बनी आर्थिक सशक्तिकरण का आधार
मड़ईभाटा के किसान देवेंद्र देवांगन ने स्वामित्व कार्ड के आधार पर 14.75 लाख रुपये का ऋण लेकर शुरू किया स्वयं का व्यवसाय
धमतरी, 17 अक्टूबर 2026
सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को उनकी आवासीय संपत्ति का वैधानिक अधिकार दिलाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। छत्तीसगढ़ में वर्ष 2021 में लागू इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में धमतरी जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जिले में लगभग 78 हजार अधिकार अभिलेखों के वितरण के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 54 हजार से अधिक अधिकार अभिलेख हितग्राहियों को वितरित किए जा चुके हैं। शेष अधिकार अभिलेखों का वितरण आगामी एक माह में प्रस्तावित है।
स्वामित्व योजना का उद्देश्य ग्रामीण आबादी क्षेत्र में स्थित आवासीय संपत्तियों का सर्वेक्षण कर पात्र परिवारों को उनके भूखंडों के स्वामित्व संबंधी अभिलेख उपलब्ध कराना है। इससे ग्रामीण परिवारों को अपनी संपत्ति पर विधिक अधिकार का दस्तावेज प्राप्त होता है। संपत्ति संबंधी अभिलेख उपलब्ध होने से न केवल उनके अधिकारों को मजबूती मिलती है, बल्कि संपत्ति का उपयोग आर्थिक उन्नति के साधन के रूप में करने की संभावनाएं भी बढ़ती हैं।
अधिकार के साथ आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर
स्वामित्व योजना के अंतर्गत प्राप्त प्रॉपर्टी कार्ड ग्रामीण परिवारों के लिए केवल जमीन के स्वामित्व का प्रमाण नहीं, बल्कि आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। संपत्ति के वैधानिक अभिलेख होने से पात्र हितग्राहियों को बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थानों से ऋण प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है। इससे वे आवास निर्माण, मरम्मत तथा व्यवसाय शुरू करने जैसे कार्यों के लिए वित्तीय संसाधन जुटा सकते हैं। संपत्ति के हस्तांतरण एवं क्रय-विक्रय में भी नियमानुसार सुविधा मिलती है।
योजना के इन्हीं लाभों को साकार करने वाली एक प्रेरक सफलता की कहानी धमतरी जिले के ग्राम मड़ईभाटा के लघु कृषक श्री देवेंद्र देवांगन की है। उन्हें 17 मई 2025 को स्वामित्व योजना के अंतर्गत प्रॉपर्टी कार्ड प्राप्त हुआ। इस अभिलेख के आधार पर उन्होंने आईडीएफसी बैंक से आवास निर्माण एवं व्यवसाय के लिए 14.75 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया। ऋण से प्राप्त राशि का उपयोग करते हुए उन्होंने अपने गांव मड़ईभाटा में ‘देवांगन टेलर्स एंड रेडीमेड गारमेंट्स’ नाम से दुकान शुरू की।
श्री देवांगन की यह पहल दर्शाती है कि आवासीय संपत्ति के स्पष्ट स्वामित्व संबंधी दस्तावेज ग्रामीण परिवारों के लिए आर्थिक अवसरों के नए द्वार खोल सकते हैं। स्वयं का व्यवसाय शुरू होने से उन्हें आजीविका के लिए नया आधार मिला है। यह उदाहरण अन्य ग्रामीण परिवारों को भी अपनी संपत्ति के अभिलेखों का उपयोग आर्थिक गतिविधियों और स्वरोजगार की संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है।
ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
स्वामित्व योजना ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति संबंधी अधिकारों को स्पष्ट करने, वित्तीय संस्थानों तक पहुंच बढ़ाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक सुरक्षा, सामाजिक प्रतिष्ठा और आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलने की संभावना है। साथ ही, संपत्ति संबंधी अभिलेखों की उपलब्धता से भविष्य में स्वामित्व विवादों के निराकरण में भी सहायता मिल सकती है।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के नेतृत्व में धमतरी जिले में स्वामित्व योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिले में अधिकार अभिलेखों के वितरण की प्रगति और श्री देवेंद्र देवांगन जैसे हितग्राही की सफलता इस बात को रेखांकित करती है कि योजनाओं का वास्तविक महत्व तभी सामने आता है, जब उनका लाभ आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए।
धमतरी में स्वामित्व योजना का प्रभावी क्रियान्वयन ग्रामीणों को संपत्ति के अधिकार से आर्थिक अवसरों तक जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह पहल ग्रामीण विकास को नई गति देने के साथ आत्मनिर्भर गांवों की परिकल्पना को साकार करने में भी योगदान दे रही है।