छत्तीसगढ़ / कबीरधाम

कवर्धा में लाखों लीटर पानी बर्बाद! भोरमदेव रोड की पानी टंकी से व्यर्थ बह रहा जल एक ओर सरकार जल संरक्षण का संदेश दे रही, दूसरी ओर नगर पालिका की कथित लापरवाही से पानी की बर्बादी जारी नगर पालिका के जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, आखिर कब जागेगा प्रशासन?

कवर्धा -:

एक ओर केंद्र और राज्य सरकारें जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं, वहीं दूसरी ओर नगर पालिका परिषद कवर्धा में पानी की बर्बादी का मामला सरकारी प्रयासों की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। कवर्धा के भोरमदेव रोड स्थित पानी टंकी से पानी व्यर्थ बहने की शिकायत सामने आई है। इस तरह पानी की बर्बादी जारी रहना नगर पालिका की जल प्रबंधन व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी पर सवाल खड़े करता है।

सरकारी प्रयासों पर पानी फेरती लापरवाही!

जल ही जीवन है और प्रत्येक बूंद का अपना महत्व है। गर्मी हो या सामान्य मौसम, पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना नगरीय निकाय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके बावजूद यदि पानी की टंकी से लगातार पानी बहकर व्यर्थ जा रहा है, तो यह व्यवस्था की गंभीर खामी मानी जाएगी। बहते पानी को समय रहते रोकने के लिए आवश्यक कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं, यह जांच का विषय है।

कुंभकर्णीय नींद में जिम्मेदार, जनता के संसाधनों की चिंता किसे?

भोरमदेव रोड की पानी टंकी से पानी बहने के मामले ने नगर पालिका परिषद कवर्धा के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर पानी की टंकी की नियमित निगरानी कौन कर रहा है? यदि पानी व्यर्थ बह रहा है, तो संबंधित जिम्मेदारों को इसकी जानकारी क्यों नहीं है? क्या नगर पालिका के जिम्मेदारों को जल संरक्षण की जिम्मेदारी का एहसास नहीं है?

इन सवालों का जवाब नगर पालिका प्रशासन को देना चाहिए। सार्वजनिक संसाधनों की सुरक्षा और पेयजल की बर्बादी रोकना केवल कागजी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि नगरीय प्रशासन का बुनियादी दायित्व है।
जल संरक्षण के नारे नहीं, धरातल पर कार्रवाई जरूरी
सरकार द्वारा जल संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयास तभी सफल होंगे, जब स्थानीय निकाय भी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करेंगे। यदि पानी की टंकी से लगातार पानी व्यर्थ बह रहा है, तो संबंधित विभाग को तत्काल निरीक्षण कर समस्या का कारण पता लगाना चाहिए तथा आवश्यक मरम्मत और निगरानी की व्यवस्था करनी चाहिए।

नगर पालिका परिषद कवर्धा को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पानी की बर्बादी रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि पानी व्यर्थ बहने की स्थिति कितने समय से बनी हुई है और इसकी रोकथाम के लिए अब तक क्या कार्रवाई की गई है।

अब देखना यह है कि नगर पालिका प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए जल संरक्षण की दिशा में ठोस कार्रवाई करता है या फिर पानी की बर्बादी के बीच जिम्मेदारों की चुप्पी यूं ही बरकरार रहती है।

Leave Your Comment

Click to reload image