‘विवेक अग्निहोत्री की पत्नी’ कहकर क्यों पहचानेंगे? पल्लवी जोशी के समर्थन में उतरे विवेक
मुंबई । अभिनेत्री और निर्माता पल्लवी जोशी की केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के नए 18 सदस्यीय बोर्ड में नियुक्ति के बाद उनके परिचय को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक रिपोर्ट में पल्लवी जोशी को मुख्य रूप से ‘फिल्ममेकर विवेक अग्निहोत्री की पत्नी’ के तौर पर पेश किए जाने पर विवेक रंजन अग्निहोत्री ने कड़ी आपत्ति जताई है।
विवेक ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि जब पल्लवी जोशी का चार दशक से ज्यादा लंबा स्वतंत्र करियर और अभिनय से लेकर प्रोडक्शन तक का अनुभव है, तो उनकी पहचान को पति के नाम से क्यों जोड़ा गया।
‘पल्लवी ने अपनी पहचान खुद बनाई है’
विवेक अग्निहोत्री ने अपनी पोस्ट में पल्लवी जोशी की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए संबंधित रिपोर्टिंग को “घटिया, दुर्भावनापूर्ण और महिलाओं के प्रति बेहद भेदभावपूर्ण” बताया। उन्होंने कहा कि पल्लवी ने चार साल की उम्र से अभिनय शुरू किया था और आगे चलकर टेलीविजन की जानी-मानी अभिनेत्रियों में अपनी जगह बनाई।
उन्होंने यह भी कहा कि पल्लवी की पहचान सिर्फ अभिनय तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने टेलीविजन, सिनेमा और प्रोडक्शन के क्षेत्र में भी काम किया है।
जब पल्लवी ने आरोहण बनाया, मुझे प्रोडक्शन की P तक नहीं आती थी’
विवेक ने अपने पोस्ट में ‘आरोहण’ का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, यह भारतीय नौसेना में महिलाओं पर केंद्रित महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट था और उस समय उन्हें खुद प्रोडक्शन की ज्यादा जानकारी नहीं थी।
विवेक का कहना था कि पल्लवी ने अपने काम और उपलब्धियों के दम पर अलग पहचान बनाई है। ऐसे में किसी रिपोर्ट में उनका परिचय मुख्य रूप से उनके पति के नाम से करना उनके स्वतंत्र पेशेवर सफर को पीछे कर देता है।
‘सफल महिला की पहचान पति के नाम से क्यों?’
विवेक अग्निहोत्री ने अपनी पोस्ट के जरिए उस सोच पर सवाल उठाया, जिसमें सफल महिलाओं को उनकी अपनी उपलब्धियों के बजाय उनके वैवाहिक रिश्ते के आधार पर पहचाना जाता है।
उन्होंने लिखा कि पल्लवी जोशी एक ऐसी महिला हैं, जिन्होंने अभिनय, टेलीविजन, सिनेमा और प्रोडक्शन में दशकों तक काम किया है। इसलिए उनकी पेशेवर पहचान को उनके अपने काम और उपलब्धियों के साथ सामने रखा जाना चाहिए।
CBFC के नए बोर्ड में पल्लवी जोशी समेत 18 सदस्य
केंद्र सरकार ने 16 सितंबर 2026 को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड का पुनर्गठन करते हुए 18 सदस्यीय नया बोर्ड गठित किया है। इसमें पल्लवी जोशी के अलावा प्रीति जिंटा, पंकज त्रिपाठी, सुनील शेट्टी, रूपाली गांगुली, प्रियदर्शन, प्रोसेनजीत चटर्जी और रिकी केज समेत कई नाम शामिल हैं। नए बोर्ड का कार्यकाल तीन साल या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, निर्धारित किया गया है।
पल्लवी जोशी की नियुक्ति के बाद सामने आए इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल चर्चा में ला दिया है कि सार्वजनिक जीवन में सफल महिलाओं का परिचय उनकी अपनी पेशेवर उपलब्धियों से किया जाना चाहिए या उनके पारिवारिक रिश्तों के जरिए।