छत्तीसगढ़ में अग्निवीरों को लेकर साय कैबिनेट का बड़ा फैसला, पुलिस, जेल और वन विभाग में मिलेगा 10% आरक्षण
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय। डीपीआर
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रायपुर। चार वर्षों की सेवा के पश्चात सशस्त्र बलों से सेवानिवृत्त होने वाले अग्निवीरों को प्रदेश के सरकारी पदों पर होने वाली भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। अग्निवीरों को वनरक्षक, जेल प्रहरी व पुलिस विभाग में आरक्षकों की सीधी भर्ती में आरक्षण दिया जाएगा। बुधवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
इसके लिए छत्तीसगढ़ अग्निवीर सैनिक आरक्षण नियम-2026 बनाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। बता दें कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 26 जुलाई 2024 को विधानसभा में अग्निवीरों के लिए आरक्षण की घोषणा की थी। बुधवार को इस पर मंत्रिपरिषद ने अपनी स्वीकृति दी।
इस निर्णय से अग्निवीर सैनिकों को राज्य की सेवाओं में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही उनके अनुभव और अनुशासन का लाभ पुलिस, वन और जेल प्रशासन को मिलेगा। आरक्षण का लाभ उन अग्निवीर सैनिकों को मिलेगा, जिन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों में चार वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद वैध सेवा प्रमाण पत्र के साथ सेवामुक्ति प्राप्त की हो।
उर्वरक की व्यवस्था के लिए बनेगी मंत्रिमंडलीय उप समिति
इसके साथ ही मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश में खरीफ और रबी सीजन के दौरान किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने मंत्रिमंडलीय उप समिति गठित करने का निर्णय लिया है। मंत्रिमंडलीय उप समिति प्रदेश में उर्वरक की आपूर्ति, वितरण और प्रबंधन की नियमित निगरानी करेगी और सरकार को आवश्यक सुझाव और अनुशंसाएं देगी, ताकि किसानों को खाद की कमी का सामना न करना पड़े।
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उप समिति की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री करेंगे। इसमें कृषि, सहकारिता और वित्त मंत्री सदस्य के रूप में शामिल होंगे, जबकि कृषि उत्पादन आयुक्त समिति के संयोजक रहेंगे। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विभागों के अधिकारियों, विषय विशेषज्ञों और अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों को भी बैठक में आमंत्रित कर सकेगी।