भारत ने तंजानिया को दी 8.4 लाख डॉलर की मदद
नई दिल्ली । जलवायु परिवर्तन के खतरे से वित्तीय सुरक्षा देने के एक प्रोग्राम के लिए भारत, तंजानिया को 840,000 डॉलर की मदद दे रहा है। भारत के स्थायी मिशन ने कहा, भारत तंजानिया सरकार की इस प्रस्तावित परियोजना के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता का पूर्ण समर्थन करता है, जो लोगों के जीवन और आजीविका के लिए खतरा बन रहे जलवायु संबंधी जोखिमों से निपटने में एक प्रभावी माध्यम साबित होगी। तंजानिया सरकार द्वारा अनुरोधित अनुदान भारत-यूएन विकास कोष के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। 2017 में संयुक्त राष्ट्र के सहयोग से भारत ने 15 करोड़ डॉलर की राशि के साथ इस कोष को बनाया था, ताकि वैश्विक दक्षिण के देशों को विकास सहायता प्रदान की जा सके।
यह अनुदान कोष की कॉमनवेल्थ विंडो के तहत दिया जाएगा, जो विशेष रूप से राष्ट्रमंडल (कॉमनवेल्थ) के सदस्य देशों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। भारत-यूएन विकास कोष की सबसे खास विशेषता यह है कि अनुदान प्राप्त करने वाले देश स्वयं तय करते हैं कि उन्हें किस उद्देश्य के लिए सहायता चाहिए और वे इस धनराशि का उपयोग किस प्रकार करेंगे। यह व्यवस्था अधिकांश विकास सहायता कार्यक्रमों से अलग है, जहां आमतौर पर दानदाता देश या संस्थाएं ही यह तय करती हैं कि सहायता राशि का उपयोग किस कार्य के लिए किया जाएगा।
मिशन ने कहा कि इस मामले में राष्ट्रीय स्वामित्व सुनिश्चित किया गया है, क्योंकि तंजानिया के प्रधानमंत्री कार्यालय के अंतर्गत आपदा प्रबंधन विभाग इस परियोजना का नेतृत्व कर रहा है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि परियोजना देश की प्राथमिकताओं और रणनीतिक योजनाओं के अनुरूप हो।