मध्य प्रदेश
सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत से भड़का आक्रोशः गुस्साए ग्रामीणों ने किया चक्काजाम, डंपर ने एक किमी तक घसीटा, दोनों पैर कटे
नरसिंहपुर। जिले के गाडरवारा तेंदूखेड़ा रोड पर ग्राम हीरापुर के पास रेत से भरे एक डंपर ने बाइक को पीछे से टक्कर मार दी जिससे बाइक सवार युवक की मौके पर मौत हो गई थी। इस घटना में डंपर इतनी तेज गति से दौड़ रहा था कि एक किलोमीटर तक बाइक को घसीट कर ले गया और मृतक के दोनों पैर कट गए जिससे युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी।
‘पकड़ सको तो पकड़ लो, शहर में बोलते 61-61’ : पुलिस को चैलेंज करने वाले फरार दो बदमाश गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर किया था पोस्ट
जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर शहर में पुलिस प्रशासन को चैलेंज करने वाले दो बदमाश युवकों को गिरफ्तार किया है। अपराध करने के बाद पुलिस को खुला चैलेंज देकर दोनों आरोपी फरार हो गए थे। सोशल मीडिया पर जबलपुर पुलिस को गिरफ्तार करने का चैलेंज देते फरार हुए थे। जबलपुर की मदन महल पुलिस ने इंदौर से बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को चैलेंज वाला पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
चलते ट्रक में अचानक लगी आग, ड्राइवर-क्लीनर ने कूदकर बचाई जान
गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले के चाचौड़ा थाना क्षेत्र के चालपुरा गांव के पास नेशनल हाईवे-46 पर एक बड़ा हादसा टल गया। चलते ट्रक में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। ट्रक में आग लगने का कारण शॉर्टसर्किट बताया जा रहा है। ड्राइवर और क्लीनर ने सूझबूझ दिखाते हुए अपनी जान बचाई।
घटना आज दोपहर की है। जब एक ट्रक चालपुरा गांव के पास नेशनल हाईवे 46 से गुजर रहा था। अचानक ट्रक के केबिन से धुआं उठने लगा। और जल्द ही आग ने पूरे केबिन को अपनी लपटे में ले लिया। ड्राइवर और क्लीनर ने बिना देरी किए ट्रक से कूदकर अपनी जान बचाई। वहीं बिना ड्राइवर के ट्रक अनियंत्रित होकर हाईवे के बीच में बनी नाली में जाकर रुक गया।
ट्रक आग की लपटों से घिर गया, जिससे हाईवे पर मौजूद लोग घबरा गए। घटना स्थल के पास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद के लिए आगे बढ़कर पानी का उपयोग कर आग बुझाने का प्रयास किया। हालांकि आग तेज होने के कारण उनकी कोशिशें नाकाफी साबित हुईं। हाईवे पर जाम की स्थिति भी बनने लगी, लेकिन स्थानीय लोगों ने यातायात को संभालने में मदद की। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। और दमकल कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाया। हालांकि, आग ने ट्रक के केबिन और कुछ अन्य हिस्सों को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्टसर्किट माना जा रहा है। हादसे में कोई जानहानि नहीं हुई है। समय पर आग पर काबू पा लिया गया।
ग्वालियर-चंबल में सर्दी का सितम: बदलते मौसम में लोगों की सेहत पर पड़ रहा असर, हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों की बढ़ी संख्या
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर चंबल अंचल में लगातार तापमान गिरता जा रहा है। खासकर रात के समय अधिकतर जिलों में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। वहीं दिन के समय इसके उलट धूप निकलने से तापमान 24 डिग्री के आसपास रिकॉर्ड हो रहा है। दिन में धूप और रात को तापमान में गिरावट के वजह से बदलते मौसम लोगों की सेहत पर असर पड़ रहा है। विशेष कर लोगों के दिल और दिमाग पर इसका विशेष प्रभाव पड़ रहा है।
हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से युवक की मौत: परिजनों ने सड़क पर शव रखकर किया प्रदर्शन, दोषियों पर कार्रवाई की मांग
विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा के लटेरी के आनंदपुर रोड से एक दुखद घटना सामने आई है। खेत में काम करते समय हाई टेंशन लाइन की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। इस हादसे के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
भगवान के भक्तों को भी नहीं छोड़ा: बाबा महाकालेश्वर मंदिर में बड़ा भ्रष्टाचार, दो कर्मचारी गिरफ्तार
इंदौर/उज्जैन। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था पर गहरी चोट पहुंची है। मंदिर में सालों से जारी भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हुआ है। जिला प्रशासन और पुलिस की जांच में दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके बैंक खातों में लाखों रुपए का अवैध ट्रांजैक्शन पाया गया है। आइए जानते हैं आखिर पूरा मामला क्या है…
महिला बाल विकास विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा, प्रभारी CDPO पर लगे फर्जी प्रमाण-पत्र से नौकरी पाने के आरोप
गुना। मध्य प्रदेश में गुना जिले के आरोन में महिला एवं बाल विकास विभाग में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। प्रभारी सीडीपीओ (बाल विकास परियोजना अधिकारी) के पद पर तैनात अतिराज सिंह सेंगर पर फर्जी विकलांगता प्रमाण-पत्र के आधार पर नौकरी पाने का गंभीर आरोप लगाए गए। मामले के उजागर होने से जिले में प्रशासनिक भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े हो गए हैं।
3 बिल्डर्स के ठिकानों पर IT का छापा, करोड़ों का अघोषित निवेश व नकदी बरामद
भोपाल। मध्य प्रदेश में भोपाल के तीन बिल्डर्स के यहां जारी आयकर विभाग की छापेमारी गुरुवार को भी जारी रही। विभाग ने त्रिशूल कंस्ट्रक्शन कंपनी, क्वालिटी बिल्डर और ईशान बिल्डर के 52 ठिकानों पर बुधवार को रेड शुरू की थी। विभागी कार्रवाई में अघोषित रूप से विभिन्न कंपनियों में लगभग 300 करोड़ रुपये के निवेश की जानकारी मिली है। ये कंपनियां भोपाल, इंदौर के अतिरिक्त जबलपुर, कटनी और रायपुर की हैं। निवेश में छत्तीसगढ़ के बड़े खनन कारोबारी का नाम भी सामने आ रहा है।
बता दें कि आयकर विभाग की ओर से भोपाल में 49, इंदौर में दो और ग्वालियर में एक स्थान पर छापेमारी की गई है। ये ठिकाने तीनों बिल्डरों से जुड़े हैं।
सहारा सिटी का सौदा
त्रिशूल कंस्ट्रक्शन कंपनी के राजेश शर्मा और उनके साथियों द्वारा भोपाल के नर्मदापुरम रोड स्थित सहारा सिटी में 110 एकड़ जमीन खरीदे जाने की जानकारी मिली है। यह सौदा आयकर विभाग के निशाने पर है। दस्तावेजों की जांच में कई अनियमितताएं उजागर हुई हैं।
25 बैंक लॉकर और नकदी बरामद
आयकर विभाग को अब तक की कार्रवाई में 25 बैंक लॉकर मिले हैं, जिनमें बड़ी मात्रा में नकदी और ज्वेलरी छिपाई गई है। विभाग को पांच करोड़ रुपये नकद भी बरामद हुए हैं। हालांकि, इन लॉकरों में मिली नकदी और ज्वेलरी का मूल्यांकन अभी बाकी है।
घर में मजे से खाई कोदो की रोटी और चने की भाजी, फिर एक-एक कर अस्पताल पहुंच गए परिवार के 6 सदस्य, इलाज जारी
शहडोल। कोदो को लेकर सुर्खियों में रहने वाला शहडोल संभाग एक बार फिर चर्चा में है। आदिवासी बाहुल्य शहडोल संभाग में कोदो की रोटी और चने की भाजी खाने से अब तक 10 से अधिक आदिवासी ग्रामीण बीमार हो चुका है। जिनका जिला अस्पताल में इलाज जारी है। कोदो के सेवन से आदिवासी परिवार के लोगों के लगातार बीमार पड़ने से शहडोल में हड़कंप मचा हुआ है । शहडोल संभाग के उमरिया जिले में कथित तौर पर कोदो खाने से 10 हाथियों की मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि कोदो खाने से इतनी संख्या में ग्रामीणों के बीमार होने से बवाल मचा हुआ है।
एक ओर जहां सरकार मोटा अनाज कोदो को बढ़ावा दे रही है, तो वहीं दूसरी ओर इसके सेवन से आदिवासी बाहुल्य शहडोल संभाग में आदिवासी ग्रामीण कोदो की रोटी और चना का साग खाने से लगातार बीमार होकर शहडोल जिला अस्पताल पहुंच रहें है। जिला मुख्यालय मुख्यालय से सटे ग्राम चाका में एक ही परिवार के रामचरण कोरी , सावित्री , रामकुमार , राजकुमारी कोरी, 6 और 7 साल के दो बच्चे रात के खाने में कोदो की रोटी और चाने का साग खाने के बाद से बीमार हो गए। उन्हें चक्कर और उल्टी आने लगी, हालत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें उपचार के लिए संभागीय मुख्यालय शहडोल के जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। जहां उनका उपचार जारी है।
आपको बता दे कि अभी दो दिन पहले ही कोदो की रोटी और चना का साग खाने से मुख्यालय से लगे ग्राम खम्हरिया पंचायत के ददरा टोला के एक ही परिवार के चार लोग राजेंद्र सिंह मरावी, लक्ष्मी सिंह, रामवती सिंह और चंदा बाई बीमार होकर जिला अस्पताल पहुंचे थे। कि अब 6 लोग और बीमार हो गए, शहडोल संभाग के उमरिया जिले में कथित तौर पर कोदो खाने से 10 हाथियों के मौत का मामला भी सामने आया था, जिसके बाद से कोदो को लेकर शहडोल संभाग सुर्खियों में आ गया था कि एक बार फिर कोदो के सेवन से ग्रामीणों के बीमार होने से लेकर शहडोल सुर्खियों में है। वहीं इस पूरे मामले में CMHO राजेश मिश्रा का कहना है कि कोदो खाने से 6 और लोग बीमार हुए है,जिनका जिला अस्पताल इलाज जारी है।
क्या है कोदो ?
कोदो, एक प्रकार का मोटा अनाज है, जिसमें फाइबर, प्रोटीन, विटामिन्स और मिनरल्स पाए जाते हैं। कोदो की सबसे अच्छी बात ये होती है कि ये ग्लूटेन फ्री होता है। वजन घटाने की तैयारी कर रहे लोगों के बीच कोदो मिलेट काफी पसंदीदा होता है। कोदो मिलेट एक पोषक तत्वों से भरपूर अनाज है, जो स्वास्थ्य के लिए कई फायदे प्रदान करता है। इसे आयुर्वेद में भी गुणकारी माना जाता है।
राजधानी में बेखौफ बदमाश: तलवार और डंडे से कार में की तोड़फोड़
भोपाल। राजधानी भोपाल में बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। पुलिस की कार्रवाई के बाद भी उनमे जरा भी खौफ नहीं है। ताजा मामला शहर के हनुमानगंज थाना क्षेत्र से सामने आया है। जहां लक्ष्मी टॉकीज के पास बदमाशों ने एक कार में तलवारों से जमकर तोड़फोड़ की। बदमाशों की इस करतूत का वीडियो भी सामने आया है। फिलहाल पुलिस ने मामले में केस दर्ज नहीं किया है। फरियादी अबतक थाने नहीं पहुंचा है।
घटना का जो वीडियो सामने आया है, उसमे दो नकाबपोश बदमाश एक कर और कुछ अन्य गाड़ियों में तलवार और डंडे से तोड़फोड़ करते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान बदमाश दाऊद और उसके साथियों पर हमले का आरोप भी लगाते हुए वीडियो में सुनाई दे रहे हैं। ऐसे में किसी पुरानी रंजिश को लेकर ही बदमाशों के द्वारा कार में तोड़फोड़ की वारदात को अंजाम दिया गया है।
राजधानी भोपाल में ये पहली बार नहीं है कि इस तरह से गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई है। इससे पहले ही इस तरह के कई मामले सामने आ चुके है, जहां बदमाशों ने बेवजह उत्पात मचाया है।
साइबर ठगी के लिए सिमकार्ड बेचने वाला एजेंट गिरफ्तार: अभी तक जालसाजों को बेच चुका था 250 सिम, क्राइम ब्रांच ने गुजरात से दबोचा
भोपाल। शेयर बाजार में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को भोपाल साइबर क्राइम पुलिस ने गुजरात के सूरत से गिरफ्तार किया है। आरोपित पिछले छह महीने में साइबर ठग को दो हजार रुपये प्रति सिम की दर से 250 से अधिक सिम बेच चुका था। वह कैंप लगाकर सूरत और उसके आसपास के इलाकों में सिम बेचता था। पूछताछ में आरोपी ने अभी तक करीब 250 मोबाइल सिम बेचने की बात स्वीकार की हैं। आरोपी के पास से 10 सिम कार्ड भी जब्त किए गए हैं। बता दें इस मामले में 5 अन्य आरोपियों को पहले ही क्राइम ब्रांच गिरफ्तार कर चुकी हैं।
ऐसे करता था वारदात
पुलिस ने बताया कि पकड़ में आया एजेंट नया मोबाइल सिम कार्ड देने और पोर्ट कराने के नाम पर ग्राहकों के नाम से सिम एक्टिवेट कर लेता था। ग्राहकों से कहता था कि टेक्निकल समस्या आने से सिम एक्टिवेट नहीं हो पा रही है। उसके बाद पूर्व से एक्टिवेटेड सिम कार्ड सायबर ठगों तक पहुंचा देता था, इसके लिए वह मोटा कमीशन लेता था।
पुलिस ने अज्ञात जालसाजों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया हैं। पकड़ में आया आशुतोष कुमार (22) मूलत: बिहार में कटिहार जिला के सेमपुरा में ग्राम दुर्गापुर कुशवाहा टोला का रहने वाला है। वह वर्तमान में सूरत में ओलपाड की साईं रेसिडेंसी में रहता था। आरोपित दो वर्ष पहले बिहार से सूरत काम की तलाश में आया था और वहां पीओएस एजेंट के रूप में कैंप लगाकर सिम बेचने का काम करता था। भोपाल क्राइम ब्रांच ने उसे साई रेसिडेंसी, कर्सनपाडा सूरत (गुजरात) से गिरफ्तार किया है।
पांच आरोपियों की पहले ही हो चुकी है गिरफ्तारी
भोपाल सायबर क्राइम ब्रांच ने इस मामले में आरोपी रामनाथ लोधी निवासी शिवपुरी, धनीराम जाटव उर्फ शैलेंद्र उर्फ मिंटू निवासी शिवपुरी, बांभनीया शांति निवासी सूरत, परमार कमलेश भाई निवासी सूरत और प्रजापति अश्विन भाई निवासी सूरत गुजरात को गिरफ्तार किया था।
अपने अस्तित्व की दुर्दशा बयां कर रही ‘रानी कोठी, संरक्षण के अभाव में खंडहर में हो रही तब्दील, जानें इसका इतिहास
नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के बरमान तट पर मां नर्मदा के किनारे स्थित ऐतिहासिक ‘रानी कोठी’ आज अपने अस्तित्व की दुर्दशा बयां कर रही है। यह कोठी सालों से जर्जर हालत में है और संरक्षण के अभाव में धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील हो रही है। यह वही रानी कोठी है जो कभी महारानी सिंधिया के रुकने का स्थान हुआ करती थी।
जानें इतिहास
नरसिंहपुर से निकलने वाली मां नर्मदा के बरमान तट के पास सालों से जर्जर हालत में रानी कोठी की स्थिति बनी हुई है। यह ‘रानी कोठी’ कभी ग्वालियर की महारानी सिंधिया का ठहराव स्थल हुआ करती थी। जब राजमाता सिंधिया नरसिंहपुर जिले की सरहद में प्रवेश करती थीं या यहां से गुजरती थीं। तो वे इस लाल कोठी में जरूर ठहरती थीं। इस दौरान वे मां नर्मदा यानी मां रेवा की पूजा-अर्चना करती थीं और क्षेत्र की खुशहाली के लिए प्रार्थना करती थीं। लेकिन आज इस रानी कोठी की दुर्दशा को देखकर लोगों को यह लगता है कि अगर सिंधिया घराने को इस रानी कोठी के बारे में पता चलेगा तो शायद वह भी इसकी स्थिति पर दुख व्यक्त करेंगे।
स्थानीय लोगों का मानना है कि, जर्जर हालत में पड़ी महारानी राज माता के लिए बनाई गई रानी कोठी की दशा सुधर जाए। तो मां रेवा की परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं और मां रेवा के तट पर आने वाले साधु संतों के रुकने के लिए एक सुचारू और अच्छी व्यवस्था बन सकती है। हालांकि इस रानी कोठी की दुर्दशा पर तेंदूखेड़ा से भाजपा विधायक विश्वनाथ सिंह पटेल ने खेद व्यक्त किया है। कहा है कि एक पत्र ‘मैं अपनी पार्टी के लिए और सरकार के लिए लिख चुका हूं। जिससे इस रानी कोठी का जीर्णोद्धार हो सके और राजमाता सिंधिया जिन्हें बीजेपी की नींव कहा जाता है उनको भी इस कोठी के साथ जीवंत रखा जा सके।
11 साल बाद जिंदा हो गईं ‘सक्को बाई’, सरपंच समेत तीन आरोपी गिरफ्तार, जानें वजह?
उमरिया। उमरिया जिले के नौरोजाबाद क्षेत्र के ग्राम धमनी में 11 साल पुराना एक जमीन हड़पने का मामला सामने आया है। जिसमें एक वृद्ध महिला को कागजों में मृत घोषित कर उसकी 39 एकड़ जमीन हड़प ली गई थी। एसपी उमरिया IPS निवेदिता नायुडु के संज्ञान में जैसे ही बात आई उन्होंने तत्काल नौरोजाबाद टीआई राजेशचंद्र मिश्रा को गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद तत्कालीन सरपंच, पंचायत सचिव और पटवारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
क्या है पूरा मामला
दरअसल उमरिया जिले के नौरोजाबाद थानांतर्गत ग्राम धमनी निवासी वृद्ध महिला सुक्को बाई पति रिटई सिंह गोड़ के पति वर्ष 2001 के आसपास स्वर्गवासी हो गए थे। सुक्को बाई की एकमात्र बेटी की शादी होने के बाद सुक्को बाई को पालन पोषण करने का झांसा देकर रिस्ते में भतीजे लगने वाले तत्कालीन सरपंच कुँवर सिंह पिता मन्ना सिंह ने अपने पास रख लिया। लेकिन असल मे कुँवर सिंह की नजर सक्को बाई के 39 एकड़ जमीन पर थी। इसमें बाद कुँवर सिंह ने अपने पद का दुरूपयोग कर वर्ष 2013 में पंचायत सचिव ननकू सिंह और धर्मशाह सिंह पटवारी से साठगांठ करके ग्राम सभा में फर्जी प्रस्ताव पास कर पूरी जमीन अपने नाम करवा लिया।
उक्त मामले की शिकायत जब 9 वर्ष बाद पुलिस तक पहुंचीं तो पुलिस ने सरपंच कुँवर सिंह, करण सिंह और हल्का पटवारी ननकू सिंह धमनी पर अपराध क्रमांक 167/2022 के तहत IPC की धारा 420, 467, 468 और 120B के तहत मामला दर्ज कर 30 अप्रैल 2022 को दर्ज लिया गया था। लेकिन बीते 2 सालों से चारों आरोपी धनबल और बाहुबल के दम पर पुलिस के साथ लुकाछिपी का खेल खेल रहे थे। धनबल और बाहुबल का रसूख दिखाने वाले तीनो आरोपियों को न्यायालय में पेश किया है। वर्तमान में तीनों आरोपी जिला जेल उमरिया में न्यायिक अभिरक्षा में ल है।
8 करोड़ की चरस से जुड़ा मामला: सरकारी अधिकारी बन आरोपी करते थे अवैध नशे का कारोबार, पूछताछ में हुए चौंकाने वाले खुलासे
भोपाल। भोपाल क्राइम ब्रांच ने हाल ही में 8 करोड़ की चरस के साथ एक दंपति को गिरफ्तार किया था। ये दोनों करोड़ों की चरस मनाली से इंदौर लेकर जा रहे थे। वहीं अब इस मामले में आरोपियों से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। शातिर अपराधी सरकारी अधिकारी बनकर चरस का माल खपाते थे। इसमें एक आरोपी आमिर कुरैशी के पास से पुलिस ने मध्यप्रदेश सरकार के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की सील लगा एक कार्ड बरामद किया था। पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी ने फर्जी तरीके से ये कार्ड बनाया था और इसी के दम पर वह एक साल तक मनाली से मध्यप्रदेश तक हाई क्वालिटी चरस लाने का काम कर रहा था।
बता दें कि 14 दिसंबर को क्राइम ब्रांच की टीम ने बरखेड़ा सालम जोड़ से कार सहित आरोपियों को पकड़ा था। तलाशी के दौरान कार से 8 करोड़ का चरस बरामद हुआ था। आरोपी मादक पदार्थ को मनाली से इंदौर लेकर जा रहे थे। आइकार्ड के आधार पर शातिर बदमाश कई चेकिंग प्वाइंट पार कर लेते थे, आईडी कार्ड होने की वजह से उन पर कोई शक नहीं कर पता था। ऐसे में वो बड़े आराम से अवैध मादक पदार्थ का धंधा कर रहे थे।
ऐसे पकड़ में आए आरोपी
क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर दूसरे प्रदेश से नशे की बड़ी खेप लेकर प्रदेश में आते हैं। पुलिस ने खजूरी इलाके के बरखेड़ा सालम जोड़ पर घेराबंदी की हुई थी। इस दौरान पुलिस ने DL- 8CAF- 8092 नंबर की एक लग्जरी कार को रोका। कार में दो पुरुष और एक महिला सवार थे। पुलिस ने पूछताछ की तो इन्होंने बताया कि भोपाल के रहने वाले हैं और मनाली घूमने गए थे। जब उनसे कार के बारे में पूछताछ की तो बताया कि ये कार उन्होंने सेकेंड हैंड खरीदी है। पुलिस ने जब कार की जांच की तो कार से 8 किलो 400 ग्राम चरस, दो लाख रुपए नगद, 5 मोबाइल फोन मिले। पुलिस ने कार में सवार आमिर कुरैशी उसकी पत्नी जाहिदा कुरैशी और प्रतीक मिश्रा को गिरफ्तार किया। 8 करोड़ रुपए कीमत की चरस के साथ पुलिस को आमिर के पास से मध्यप्रदेश सरकार के टीएंडसीपी विभाग की सील लगा कार्ड भी मिला।
जंगल में खड़ी लावारिस कार ने उगला 40 किलो सोना: देखकर आयकर विभाग की फटी रह गई आंखें, करोड़ों में आंकी गई कीमत, अब ‘कुबेर’ की तलाश में टीम
भोपाल। मध्य प्रदेश के भोपाल में दो दिन से चल रही इनकम टैक्स रेड के बीच एक बड़ी बरामदगी हुई है। भोपाल के एक जंगल में लावारिस हालत में खड़ी गाड़ी के अंदर से 40 किलो सोना बरामद किया गया है। टीम अब यह पता लगा रही है कि सोने की इतनी बड़ी खेप रखने वाला ‘कुबेर’ है कौन? बताया जा रहा है कि देर रात भोपाल से सटे मंडोरा गांव के पास जंगल में एक लावारिस इनोवा गाड़ी की सूचना मिली थी। रात करीब दो बचे जब पुलिस और आईटी विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो कार में दो बैग मिले। तलाशी लेने पर दोनों बैग में 40 किलो सोना मिला। इनकम टैक्स विभाग ने सोने को बरामद कर लिया है।
आयकर विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम अब यह पता कर रही है ये सोना किसका है और कहां ले जाया जा रहा था? विभाग का अनुमान है कि सभी ने सोने को बैग में रख कर वाहन को लावारिस हालत में छोड़ दिया है। मौके से सोने से लदी इनोवा क्रिस्टागाड़ी आयकर टीम ने बरामद की है। जिसका नंबर MP07 BA 0050 है। फ़िलहाल गाड़ी मालिक का भी पता लगाया जा रहा है, जिससे बरामद सोने के बारे में कुछ पता चल सके।
मध्य प्रदेश की लोकायुक्त पुलिस ने गुरुवार को परिवहन विभाग के एक पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा के घर छापा मारकर ढाई करोड़ रुपए की नकदी समेत 3 करोड़ रुपए से ज्यादा की अवैध संपत्ति बरामद की थी। छापा पूर्व आरटीओ कांस्टेबल सौरभ शर्मा के भोपाल स्थित आवास पर मारा गया जो पॉश अरेरा कॉलोनी में है। एक होटल पर भी छापेमारी हुई।
धार्मिक बैनर को लेकर दो पक्षों में विवाद: पथराव के साथ चाकू-तलवार से किया हमला, एक दर्जन से ज्यादा लोगों पर FIR दर्ज
खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा के इमलीपुरा में पोस्टर लगाने की बात पर दो पक्षों में विवाद हो गया। बातचीत से शुरू हुए विवाद में पथराव के साथ-साथ चाकू-तलवार भी चल गई। घटना में पांच लोग घायल हुए हैं। जिन्हें पास के अस्पताल में भर्ती किया गया। इधर मामले की सूचना कर मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दरअसल, हशमती और कुरैशी जमात के बीच देर रात विवाद हो गया। दोनों पक्षों के बीच पथराव हो गया। इस दौरान चाकू-तलवार भी चलीं। दोनों पक्षों के पांच लोग घायल हुए हैं। जिसमें से दो लोगों को सिर में गंभीर चोट आई है। वारदात के बाद मौके पर पुलिस पहुंची।
बताया जा रहा कि, पथराव में कुरैशी जमात से वसीम पता मजीद खान घायल हुआ है। जबकि, हशमती जमात से एफाज पिता अशफाक, सोहेल उर्फ अंडा व दो अन्य 16 वर्षीय नाबालिग घायल हुए हैं। वसीम व सोहेल के सिर में गंभीर चोट आई है। सभी का जिला अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। पुलिस ने एक दर्जन से ज्यादा लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
निजी स्कूलों में शिक्षक भर्ती के लिए पुलिस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य, स्टूडेंट्स की सुरक्षा को लेकर बाल आयोग का अहम कदम
भोपाल। स्कूलों में बढ़ते आपराधिक घटनाओं को देखते हुए स्टूडेंट्स की सुरक्षा खासकर छात्राओं की सुरक्षा को लेकर बाल आयोग और भोपाल जिला प्रशासन ने गुरवार को एक बैठक की।इसमें निर्णय लिया गया कि प्राइवेट स्कूलों में टीचरों की भर्ती पर पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर संबंधित स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई होगी। सभी स्कूलों को बच्चों को गुड टच और बैड टच की जानकारी देनी जरूरी होगी।
बाल आयोग के सदस्य अनुराग पांडे ने बताया कि स्कूलों में 1098 जैसे हेल्पलाइन नंबर चस्पा करना अनिवार्य होगा। यह नंबर पीवीसी या पेपर पर लगाने होंगे। ऐसा न करने पर संबंधित स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि अभी मध्य प्रदेश समेत राजधानी भोपाल के कई निजी स्कूलों में मासूम बच्चियों और छात्राओं के साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म के मामले में सामने आ चुके है। जिससे बच्चों के परिजनों में भी एक डर का माहौल बना हुआ है।
इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए बाल आयोग और जिला प्रशासन ने बैठक कर निर्णय लिया है कि प्राइवेट स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के समय शिक्षण संस्थानों को उनका पुलिस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। अगर कोई निजी स्कूल इसका उल्लंघन करता है तो संबंधित स्कूलों पर कार्रवाई भी प्रसाशन की ओर से की जाएगी।