मध्य प्रदेश
भोपाल में ड्रग्स फैक्ट्री का पर्दाफाश
भोपाल में ड्रग्स फैक्ट्री का पर्दाफाश, 1800 करोड़ रुपये का माल बरामद, दो गिरफ्तार
भोपाल। राजधानी के एक इलाके में ड्रग्स की बड़ी खेप बरामद की गई है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और गुजरात के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की संयुक्त टीम ने एक फैक्ट्री पर छापा मारकर यह ड्रग्स पकड़ी, जिसकी कीमत 1800 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। टीम ने मौके से दो आरोपितों को गिरफ्तार भी किया है। इस कार्रवाई को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया, जिसकी स्थानीय पुलिस को भी भनक नहीं लगी।
गुजरात के गृहमंत्री ने दी बधाई
आज से ग्वालियर में क्रिकेट राज
आज से ग्वालियर में क्रिकेट राज, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का 14 साल का वनवास खत्म
ग्वालियर। भारत में क्रिकेट धर्म से कम नहीं है। यहां क्रिकेटरों को भगवान का दर्जा दिया जाता है। महान क्रिकेटर भारत रत्न सचिन तेंदुलकर के प्रति देशवासियों की अगाध श्रद्धा से समझा जा सकता है। क्रिकेट के इसी भगवान के बल्ले से 14 साल पहले ग्वालियर की धरती पर रनों की बरसात हुई थी, और वन डे का पहला दोहरा शतक बना।
हालाकि दुर्भाग्य यह भी रहा कि उस दिन से ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट ग्वालियर से रूठ गया। कारण कुछ भी रहे परंतु ग्वालियर के क्रिकेटप्रेमी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों की एक झलक पाने के लिए तरस गए। इस दौरान ग्वालियर को क्रिकेट मैच आयोजन के मौके मिले लेकिन स्टेडियम में खामियां बताकर इन्हें इंदौर शिफ्ट कर दिया गया। नौ साल पहले ग्वालियर के शंकरपुर में नये स्टेडियम की नींव रखी गई।
शनै: शनै: इसका निर्माण इस साल की शुरुआत में पूरा हो गया। अब बारी थी यहां अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के आयोजन की, जो भारत-बांग्लादेश टी-20 सीरिज की घोषणा के बाद तय हुई। छह अक्टूबर को सीरिज के पहले मैच की पहली गेंद फिंकते ही ग्वालियर में क्रिकेट का 14 साल का वनवास खत्म हो जाएगा।
ग्वालियर में हुए 10 मैचों में से 8 में जीता भारत
भारत ने यहां कैप्टन रूपसिंह स्टेडियम में दस एकदिवसीय मैच खेले हैं। जिनमें आठ में विजयी और दाे में हार मिली थी। इस मैदान पर अंतिम वनडे मैच 24 फरवरी 2010 को साउथ अफ्रीका खिलाफ खेला गया था। सचिन तेंडुलकर वनडे इतिहास का पहला दोहरा शतक लगाकर भारत की जीत के हीरो बने थे।
ग्वालियर में अब तक खेले गएवनडे मैच व परिणाम
22 जनवरी 1988: भारत-वेस्टइंडीज, जीता वेस्टइंडीज 73 रन
27 जनवरी 1989: इंग्लैंड-वेस्टइंडीज, जीता वेस्टइंडीज 26 रन
12 नवंबर 1991: भारत-साउथ अफ्रीका, जीता भारत 38 रन
4 मार्च 1993: भारत-इंग्लैंड, जीता भारत 3 विकेट
5 मार्च 1993: भारत-इंग्लैंड, जीता भारत 4 विकेट
21 फरवरी 1996: भारत-वेस्टइंडीज, जीता भारत 5 विकेट
12 मई 1997: श्रीलंका-पाकिस्तान, जीता पाकिस्तान 30 रन
28 मई 1998: भारत-केन्या, जीता केन्या 69 रन
11 नवंबर 1999: भारत-न्यूजीलैंड, जीता भारत 14 रन
26 अक्टूबर 2003: भारत-आस्ट्रेलिया, जीता भारत 37 रन
15 नवंबर 2007: भारत-पाकिस्तान, जीता भारत 6 विकेट
24 फरवरी 2010: भारत-सा अफ्रीका, जीता भारत 153 रन
डॉक्टरों ने सभी माताओं को किया अलर्ट
मां का दूध फेफड़ों में जमा, जिससे चली गई मासूम की जान… डॉक्टरों ने सभी माताओं को किया अलर्ट
तेंदूखेड़ा। 28 सितंबर की सुबह 45 दिन के मासूम बच्चे को स्वजन तेंदूखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आए थे। उनका कहना था कि बच्चे को एक दिन पूर्व वैक्सीन लगी थी, रात से उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और सुबह जब उठा नहीं, तो हम लोग बच्चे को तेंदूखेड़ा स्वस्थ केंद्र लेकर आए। डॉक्टरों ने उसको मृत बता दिया।
मृत बच्चे की मां, दादी और पिता बच्चे की मौत के लिए वैक्सीन को जिम्मेदार बता रहे थे। उनका कहना था कि बैक्सीन लगाने के बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई है। बच्चे के माता-पिता और स्वजन की शिकायत तेंदूखेड़ा टीआई ने सुनी और उनकी मांग पर पोस्टमार्टम पैनल से कराने की बात कही।
अब पीएम रिपोर्ट आई तो साफ हुआ है कि बच्चे की मौत का कारण वैक्सीन नहीं, बल्कि मां का पिलाया हुआ दूध है, जो बच्चे के फेफड़ों में फंस गया और सास न लेने के कारण बच्चे की मौत हो गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई ये बातें
27 सितंबर को बच्चे को वैक्सीन लगी थी और 28 सितंबर की सुबह 45 दिन के बच्चे को परिवार के लोग मृतक अवस्था मे तेंदूखेड़ा समुदायक केंद्र लेकर आये थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चे की मौत का कारण फेफड़े में दूध फंसना आया है।
तेंदूखेड़ा सीबीएमओ डॉ. आरआर बागरी ने बताया कि मां ने रात्रि दो बजे के करीब बच्चे को दूध पिलाया था। उसके कुछ देर बाद ही बच्चे की मौत हो गई थी। उसके फेफड़ों मे दूध फंस जाने के कारण सास नली बंद हो गई थी।
परिवार के लोग समझे बच्चा सो गया है, किन्तु ज़ब उसे चार बजे के करीब उठाया तो वह नहीं उठा। उसके बाद स्वजनों को पता चला कि बच्चे की मौत हो गई और उन्होंने वैक्सीन लगाने के बाद बिगड़ी तबियत की बात कही थी।
साड़ी बांधकर करवाई महिला की डिलेवरी
खंडवा जिले में नर्मदा नदी के खेड़ीघाट पर साड़ी बांधकर करवाई महिला की डिलेवरी
खंडवा। इंदौर-इच्छापुर सड़क मार्ग पर मोरटक्का में नर्मदा नदी के खेड़ीघाट पर महिला का प्रसव साड़ी की आड़ में करवाना पड़ा। वायरल हो रहे वीडियो में स्थानीय महिलाओं द्वारा प्रसव करवाने का उल्लेख करते हुए महिला स्वास्थ्यकर्मी पर सहयोग नहीं करने के आरोप लगाए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सूचना पर नर्स को वहां भेजा गया था, उसने प्रसव करवाया और महिला तथा नवजात को स्वास्थ्य केंद्र लाकर इलाज किया गया। दोनों स्वस्थ हैं। महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है।
महिला को प्रसव पीड़ा हुई तो तखत पर लेट गई
बताया जाता है महिला और उसका पति खेड़ीघाट पर ही रहकर गुजर-बसर करते हैं। शनिवार सुबह से पति काम पर गया हुआ था। घाट पर महिला को प्रसव पीड़ा हुई तो वहीं तखत पर लेट गई। वहां मौजूद आसपास की महिलाओं ने उसकी मदद की। सूचना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को दी गई।
एएनएम ने कहा- प्रसव हो चुका था
एएनएम मंजुला भालेराव ने बताया कि सूचना पर मौके पर पहुंची तो सामान्य प्रसव हो चुका था। प्राथमिक चिकित्सा के बाद स्वास्थ्य केंद्र लाकर नवजात का टीकाकरण व दोनों का उपचार किया गया। लापरवाही जैसी कोई बात नहीं है। इस दौरान स्वास्थ्य केंद्र पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
सीएमएचओ ने ली स्वास्थ्य कार्यकर्ता व सुपरवाइजर्स की बैठक
खंडवा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओपी जुगतावत ने शनिवार को शहरी क्षेत्र खंडवा के स्वास्थ्य कार्यकर्ता व सुपरवाइजर्स के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य कार्यक्रम के माहवार दिए गए लक्ष्य की पूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने परिवार कल्याण, टीकाकरण, असंचारी रोग के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं का शीघ्र पंजीयन कर आवश्यक जांच करने के निर्देश दिए।
साथ ही उन्होंने कहा कि जिन हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड नहीं बने उन हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड भी बनवाया जाएं। बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. रश्मि कौशल, डीपीएम शैलेंद्र सिंह सोलंकी, शहरी कार्यक्रम प्रबंधक पुष्पलता पंवार सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद थे।
तड़प-तड़पकर हो गई मौत
सीधी जिला अस्पताल में तीन घायलों को नहीं मिला इलाज, तड़प-तड़पकर हो गई मौत
सीधी। सीधी जिले में तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार तीन लोगों को टक्कर मार दी थी। जिसमें वे बुरी तरह घायल हो गए। तीनों घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। जहां समय पर इलाज नहीं मिलने से उनकी तड़त-तड़पकर मौत हो गई।
इस घटना के बाद मृतकों के परिवार वालों ने जिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। सड़क हादसे में मारे गए तीनों लोग सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के पीपरोहर गांव के रहने वाले थे। जानकारी के अनुसार ये तीनों लोग एक ही बाइक पर सवार होकर पीपरोहर गांवे से बहरी जा रहे थे।
ट्रक ने मार दी थी बाइक को टक्कर
इस दौरान नेशनल हाईवे 39 पर नेबुहा गांव के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने इनकी बाइक को टक्कर मार दी। दुर्घटना में तीनों बुरी तरह से घायल हो गए थे। इलाज के लिए इन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां कोई डॉक्टर नहीं मिलने और समय पर उपचार नहीं होने से तीनों तड़पते रहे और अस्पताल में ही उनकी मौत हो गई।
घटना से गुस्साए स्वजन
स्वजन बार-बार जिला अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों को तीनों घायलों का जल्दी उपचार शुरू करने की गुहार लगाते रहे। किसी ने उनकी नहीं सुनी, इस दौरान एक-एक करके तीनों की सांसें थम गईं। यह देख स्वजन आक्रोशित हो गए और जिला अस्पताल में डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। हादसे के मामले में बहरी और सिटी कोतवाली पुलिस जांच कर रही है। ट्रक ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
सोने के सिक्के मिलने की अफवाह, लोग कर रहे खोदाई
बुरहानपुर। मुगल शासकों की पसंदीदा जगह रहे बुरहानपुर जिले में इन दिनों सोने के सिक्के मिलने की अफवाह फैली हुई है। बताया जा रहा है कि इंदौर-इच्छापुर नेशनल हाईवे के लिए की गई खोदाई के दौरान एक खेत से सोने के सिक्के निकले थे।
यह स्थान जिला मुख्यालय से करीब 18 किमी दूर और असीरगढ़ किले के पास है। यह अफवाह तेजी से असीरगढ़ सहित आसपास के क्षेत्र में फैलने के बाद ग्रामीण रात में वहां पहुंच कर खोदाई कर रहे हैं।
सिक्कों पर उर्दू और अरबी भाषा में कुछ लिखे होने की बात
हालांकि, अब तक एक भी ऐसा मामला सामने नहीं आया है, जिसमें किसी ग्रामीण को सोने के सिक्के मिलने की पुष्टि हुई हो अथवा प्रशासन के पास उन्हें जमा कराया गया हो। क्षेत्र में चल रही चर्चाओं के मुताबिक ये सोने के सिक्के मुगलकाल के हैं। इनमें उर्दू अथवा अरबी भाषा में कुछ लिखा हुआ है। पुरात्तवविदों और कांग्रेस नेताओं ने जिला प्रशासन से इस मामले की जांच कराने की मांग की है।
पहले भी मिले हैं सोने के सिक्के
पुरातत्वविद और डीएटीसी के सदस्य कमरुद्दीन फलक के अनुसार एतिहासिक असीरगढ़ के किले में मुगल बादशाह के डर से तत्कालीन कई अमीरों ने शरण ली थी। उन्होंने अपना खजाना असीरगढ़ किले के पास ही जमीन में दबा दिया था। बाद में उनकी मृत्यु हो गई और खजाना वहीं गड़ा रह गया।
पहले भी आसपास के क्षेत्र में मुगलकालीन सिक्के लोगों को मिल चुके हैं। कांग्रेस नेता अजय रघुवंशी ने भी जिला प्रशासन से पूरे मामले की सूक्ष्मता से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि यह अफवाह है तो इसे फैलाने वाले षड़यंत्र रच रहे हैं। उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
सराफा बाजार में सिक्के खपाए
असीरगढ़ क्षेत्र के लोगों का कहना है कि कई खेत मालिकों और ग्रामीणों को सोने के सिक्के मिले हैं। उन्होंने इन सिक्कों को स्थानीय सराफा व्यापारियों के यहां खपा दिया है। हालांकि कैमरे के सामने कोई भी कुछ कहने को तैयार नहीं है, लेकिन जिस तरह से खेतों और पहाड़ियों में खोदे गए ताजा गड्ढे मिल रहे हैं, उससे यह तो साफ है कि ग्रामीण रात में वहां खोदाई कर सोने के सिक्कों की तलाश कर रहे हैं।
शक्ति की भक्ति में लीन हुआ इंदौर
इंदौर। नीले रंग को प्रेम और ओज का प्रतीक माना जाता है। यह आकाश का भी प्रतिनिधित्व करता है। यही नीली आभा रसरंग एवं श्री गुजराती समाज की प्रस्तुति नईदुनिया रास उल्लास गरबा महोत्सव में देखने को मिली।
नीले परिधान पहने प्रतिभागी जब गरबा खेलने पंडाल में उतरे तो, ऐसा आभास हुआ मानो आकाश ही धरती पर उतर आया हो और गरबा प्रेमियों के साथ माता की भक्ति कर रहा हो।
विजय नगर स्थित श्री गुजराती स्कूल परिसर में हो रहे रास उल्लास गरबा महोत्सव के तीसरे दिन के लिए तय थीम के अनुसार गरबा प्रेमियों ने नीले रंग के परिधान पहने और मां की तस्वीर की परिक्रमा करते हुए उत्साह के साथ गरबा खेला।
प्रतिदिन की तरह गरबा महोत्सव में बच्चों से लेकर उम्रदराज लोगों ने गरबा खेला। परिवार के साथ आए लोगों ने भी ओपन पंडाल में गरबा खेलकर माता की भक्ति की।
उत्कृष्ट प्रतिभागियों ने दी विशेष प्रस्तुति
गरबा महोत्सव में शनिवार को विशेष प्रस्तुति भी दी गई। गरबा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 30 से 40 प्रतिभागियों के ग्रुप ने विभिन्न गुजराती गीतों पर विशेष गरबा खेला। इन सभी प्रतिभागियों को पूर्व में अलग से प्रशिक्षण दिया गया था।
यातायात नियमों के पालन का संदेश
रास उल्लास गरबा महोत्सव में शुरू हुआ यातायात जागरूकता का संदेश देने का अभियान लगातार जारी है।
अक्टूबर के तीसरे सप्ताह से आएगी ठंड
इंदौर। इंदौर से मानसून के विदाई की घोषणा हो गई लेकिन अभी तक ठंड ने शहर में दस्तक नहीं दी है। सर्दी के अहसास के लिए अभी शहरवासियों को इंतजार करना होगा। अगले सप्ताह में शहरवासियों को दोपहर में निकलने वाली धूप के कारण गर्मी व उमस का अहसास होगा।
इंदौर में शनिवार को मौसम विभाग ने मानसून की विदाई की घोषणा कर दी है। इस साल इंदौर शहर में 901.4 मिमी बारिश यानी 35 इंच से कुछ ज्यादा। इस साल शहर में औसत से 28 मिमी कम बारिश हुई। अभी कुछ दिन सुबह धुंध छाई रहेगी और इसी महीने के अंत तक ठंड पड़ने लगेगी।
अभी नहीं हुई ठंड की शुरुआत
बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण इंदौर में सप्ताहभर सुबह के समय धुंध व कोहरे का असर कुछ समय के लिए दिखाई देगा। भोपाल स्थित मौसम केंद्र के विज्ञानियों के मुताबिक, फिलहाल कोई भी पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं है। इस वजह से अभी ठंड की शुरुआत नहीं हुई।
71 लाख रुपये की धोखाधड़ी
इंदौर। इंदौर के राजा रमन्ना प्रगत प्रौद्योगिकी केंद्र के विज्ञानी अनिल कुमार से साथ हुई 71 लाख रुपये की धोखाधड़ी में 14 खाते ट्रेस हुए हैं, जिनमें ठगी की राशि ट्रांसफर की गई थी। पुलिस अब बंगाल, मणिपुर, गुजरात में दबिश दे रही है। साथ ही उन नंबरों की जांच भी कर रही है, जिनसे आरोपितों ने विज्ञानी से चर्चा की थी। हाईप्रोफाइल ठगी की जांच के लिए पुलिस आयुक्त राकेश गुप्ता ने विशेष जांच दल का गठन किया है।
सूर्यदेवनगर निवासी 54 वर्षीय अनिल कुमार (सहायक विज्ञानी) को साइबर अपराधियों ने डिजिटली हाउस अरेस्ट कर 71 लाख रुपये वसूले थे। शुक्रवार को अपराध शाखा ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच की तो पता चला कि आरोपितों ने अनिल कुमार से 51 लाख रुपये उप्र स्थित एसबीआई बैंक में जमा करवाए।
इन बैकों में ट्रांसफर हुए रुपये
उक्त राशि खाते में आते ही एचडीएफसी, एक्सिस, आईडीएफसी और उजीवन बैंक के नौ खातों में ट्रांसफर कर ली गई। 12 लाख रुपये मणिपुर और बंगाल के आईसीआईसीआई बैंक के खाते में जमा हुई। इस राशि को तीन अन्य बैंकों में ट्रांसफर कर लिया गया। इसी तरह गुजरात स्थित वेरचा बैंक में जमा हुए पांच लाख रुपये भी आरोपितों ने दो अन्य बैंकों में ट्रांसफर कर लिए ताकि जांच होने के पहले रुपये निकाल लिए जाएं।
एडिशनल डीसीपी (अपराध) राजेश दंडोतिया के मुताबिक अपराधी इस प्रकार की धोखाधड़ी के लिए फर्जी खातों का इस्तेमाल करते हैं, जो दुकानदार, मजदूर, गरीब महिलाओं के नाम से खुलवाए जाते हैं। मामले की जांच विशेष दस्ता से करवाई जाएगी, जिसमें एक्सपर्ट शामिल हैं। पुलिस उन नंबरों की जांच कर रही है, जिनसे आरोपितों ने विज्ञानी को काल लगाए थे। आरोपितों ने ट्रू कालर पर दिल्ली साइबर सेल और सीबीआइ के नाम से नंबर सेव कर रखे थे।
मोहन यादव ने राज्यपाल से मुलाकात की
मोहन यादव ने राज्यपाल से मुलाकात की, सरकार बनाने का दावा किया पेश बीजेपी के तीन पर्यवेक्षक मध्य प्रदेश पहुंच गए हैं। आज मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लग सकती है। बीजेपी के नवनिर्वाचित विधायक सोमवार को विधायक दल का नेता चुनने के लिए बैठक करेंगे। भाजपा ने 17 नवंबर को हुए चुनाव में 230 सदस्यीय विधानसभा में 163 सीट जीतकर मध्य प्रदेश में सत्ता बरकरार रखी, जबकि कांग्रेस 66 सीट के साथ दूसरे स्थान पर रही। भाजपा ने चुनाव में मुख्यमंत्री पद के चेहरे के तौर पर किसी को पेश नहीं किया था। एक तरह से पूरा प्रचार अभियान प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर टिका था। विधायक दल की बैठक से पहले कोर ग्रुप की बैठक होगी। विधायक दल की बैठक में राज्य के मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लग जाएगी। माना जा रहा है कि साढ़े शाम चार बजे तक नाम का ऐलान कर दिया जाएगा।
कितने पढ़े लिखें हैं एमपी के नए सीएम कैंडिडेट मोहन यादव? कब शुरू की थी राजनीति
मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री का नाम फाइनल हो गया है. मोहन यादव एमपी के नए सीएम होंगे. हम यहां मोहन यादव की पढ़ाई लिखाई से लेकर उनके पॉलिटिकल करियर और उनको मिले पुरस्कारों के बारे में बात कर रहे हैं. मोहन यादव का जन्म 25 मार्च 1965 को मध्य प्रदेश के उज्जैन में हुआ था.
पढाई की बात करें तो मोहन यादव ग्रेजुएशन में बीएससी की है. इसके अलावा ग्रेजुएशन में बैचलर ऑफ लॉ की भी पढ़ाई की है. वहीं अगर मास्टर्स की बात करें तो मास्टर ऑफ आर्ट्स किया है इसके अलावा एमबीए भी किया है और फिलॉसफी में पीएचडी की है. मोहन यादव ने अपनी पढ़ाई विक्रम यूनिवर्सिटी उज्जैन से की है.
यूपी के इस जिले में है MP के नए सीएम मोहन यादव की ससुराल, 7 साल पहले गुरु ने कहा था- CM बनोगे
उत्तर प्रदेश में सुल्तानपुर के ओम नगर इलाके में बुजुर्ग ब्रह्मदीन यादव का परिवार भाजपा नेता मोहन यादव को मध्य प्रदेश का मनोनीत मुख्यमंत्री बनाए जाने से बेहद खुश है. एक तरीके से कहें तो इस घर से मोहन यादव का कनेक्शन बेहद खास है. बता दें कि यादव की ससुराल सुल्तानपुर की है. उनको नए सीएम बनाने की घोषणा के बाद, इलाका अपने 'दामादजी मुख्यमंत्री' के लिए खुशी से झूम उठा.
MP के मनोनीत सीएम की पत्नी सीमा सुल्तानपुर से आती हैं. यहां के यादव परिवार तक नए सीएम पद पर मोहन बैठेंगे, यह खबर पहुंचने में कुछ समय लगा. अधिकांश अन्य लोगों की तरह, उन्हें भी इस बात का कोई अंदाजा नहीं था कि दामादजी MP की सीएम बन गए.
ब्रह्मदीन व साथ ही उनके सबसे छोटे बेटे विवेकानंद ने कहा, 'हमें कुछ भी पता नहीं था.' विवेकानंद ने कहा, 'बहुत सारे नाम थे. हालांकि दामादजी ने पिछली सरकार में राज्य के शिक्षा मंत्री के रूप में अच्छा काम किया था, फिर भी, उन्हें सीएम पद के लिए चुना जाना कुछ ऐसा था जिसकी हमने कल्पना नहीं की थी.'
उन्होंने बताया कि अगस्त 2022 में, जब वह मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री थे तह मोहन यादव आखिरी बार बीमार ब्रह्मदीन से मिलने ओम नगर आए थे.
विवेकानन्द ने कहा, 'अपने पति की तरह सीमा भी RSS से आती है. दोनों ABVP (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, संघ का छात्र संगठन) के साथ थे. दरअसल, मेरी बहन पहली बार मोहनजी से एमपी में एबीवीपी के एक कार्यक्रम में मिली थी. दोनों की शादी 1994 में एक सादे समारोह में उज्जैन में हुई थी.'
विवेकानंद के अलावा, सीमा के अन्य दो भाई हैं. सबसे बड़े भाई रामानंद, सेवानिवृत्त भारतीय वायु सेना अधिकारी हैं जो अब जबलपुर में रहते हैं और सदानंद हैं, जो रीवा में रहते हैं.
गुरु का कहा सच हुआ
बता दें कि 2016 में उज्जैन महाकुंभ में पहुंचे मोहन को नेपाली बाबा ने मुख्यमंत्री बनने का आशीर्वाद दिया था. मोहन यादव अयोध्या के प्रख्यात संत व रामघाट स्थित सीताराम नाम आश्रम के संस्थापक स्वामी आत्मानंददास के शिष्य हैं और पिछले बहुत समय से वे स्वामी जी के साथ रहे.
इस बार एक हजार पंडालों में विराजी मातारानी
जबलपुर। जबलपुर में इस बार बम्हनी, बरेला की काली माता 51 फीट की हैं, जिन्हें प्रदेश की सबसे ऊंची काली प्रतिमा माना जा रहा है। समिति इनकी स्थापना के लिए बांसों का बड़ा ढांचा तैयार करने के बाद झांकी सजाने में जुटेगी। मूर्तिकाल ने सृजन में जितना श्रम किया, उतना ही श्रम कार्यशाला से पंडाल तक लाने में लगा।
संपूर्ण विधि-विधान का पालन कर पूजन
नौ दिन पूजन के उपरांत प्रतिमा विसर्जन के समय भी यही मशक्कत देखने को मिलेगी। अशोक, प्रकाश व राकेश ने बताया कि हमारी समिति की कालीमाता का दर्शन करने वाले भक्तों को स्वयं दिव्यता की अनुभूति होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां संपूर्ण विधि-विधान का पालन कर पूजन किया जाता है।
इस बार एक हजार पंडालों में विराजेंगी मातारानी
इस बार संस्कारधानी में नवरात्र पर्व पर जबरदस्त उत्साह नजर जा रहा है। शहर के अलग-अलग इलाकों में 1000 से अधिक पंडालों में नवरात्र में माता रानी की प्रतिमायें सजाई जाएंगी। गुरुवार को कई पण्डालों में मां दुर्गा की प्रतिमा शुभ मुहूर्त में विराजित की गई । सभी माता मंदिरों की आकर्षक विद्युत साज-सज्जा की गई है।
अखंड ज्योति कलश स्थापित
बगलामुखी सिद्धपीठ शंकराचार्य मठ सिविक सेंटर के अलावा त्रिपुर सुंदरी मन्दिर तेवर, छोटी खेरमाई, बड़ी खेरमाई व बूढ़ी खेरमाई मन्दिरों में ज्योतिकलश स्थापित किए गए। यहां जवारे भी बोए गए, जिनकी नौ दिनों तक भक्तिभाव से सेवा व अर्चना की जाएगी।इन सभी देवी मंदिरों में गुरुवार को देशविदेश के भक्तों की ओर से मनोकामना अखंड ज्योति कलश भी स्थापित किए गए। इसके साथ ही देवी उपासकों ने अपने घरों में भी घटस्थापना की व जवारे बोए।
11 अक्टूबर को नवमीं
शारदीय नवरात्र इस वर्ष पूरे नौ दिन की हैं। महा पुण्यदायिनी अष्टमी तिथि 10 अक्टूबर को है। इस दिन माता के महागौरी रूप की पूजा की जाती है। आचार्य जनार्दन शुक्ला के अनुसार 11 अक्टूबर को नवमीं तिथि रहेगी। इसमें हवन आदि सम्पन्न होंगे। उसके बाद दशमीं शुरू हो जाएगी।
सीएम मोहन यादव ने 'लाडली बहना योजना' को लेकर किया बड़ा ऐलान, जानें क्या कहा
नई दिल्लीः मध्य प्रदेश विधानसभा में राज्यपाल मंगु भाई पटेल के अभिभाषण में लाडली बहना योजना का जिक्र न होने से इस योजना पर संशय गहरा गया था. मगर, राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ कर दिया है कि लाडली लक्ष्मी योजना सहित पूर्व से संचालित सभी योजनाएं जारी रहेगी. राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए लाडली बहना योजना की शुरुआत की थी.
बंद होने की चल रही थी अटकलें
विधानसभा का सत्र शुरू हुआ तो हर किसी को उम्मीद थी कि राज्यपाल के अभिभाषण में इस योजना का जिक्र जरूर होगा. मगर, ऐसा नहीं हुआ. राज्यपाल पटेल के अभिभाषण में लाडली बहना योजना का जिक्र न होने पर विपक्ष हमलावर था और कांग्रेस लगातार यही बात कह रही थी कि सरकार इस योजना को बंद करने जा रही है.
विधानसभा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामनिवास रावत ने भी राज्यपाल के अभिभाषण का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि आखिर इस योजना का अभिभाषण में जिक्र क्यों नहीं था.
राज्यपाल के अभिभाषण में भोपाल गैस त्रासदी से पीड़ित महिलाओं को पेंशन लागू करने का उल्लेख कर दिया, लाडली बहना है प्रदेश की, जिनकी वजह से सरकार आई, असल में गलती शिवराज सिंह चौहान से हो गई, मोदी जी की लाडली बहना कहते तो वह शायद नहीं जाते, लेकिन, उन्होंने मेरी लाडली बहन, मेरे भांजे-भांजी, मेरी सरकार कहा तो जिसकी वजह से यह सरकार आई, उसके साथ वादा खिलाफी न हो. आप उत्तर में कहें कि क्या इस योजना को लागू रखेंगे और क्या लाडली बहनों को 3,000 रुपये तक राशि मुहैया कराएंगे. मैं केवल यह पूछना चाहता हूं कि लाडली बहनों को मासिक आर्थिक सहायता के साथ देंगे.
सीएम ने किया ऐलान
राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने जबाव में साफ कर दिया है कि लाडली लक्ष्मी योजना से लेकर कोई भी योजना बंद नहीं होगी. अभी योजनाओं के लिए हमने पर्याप्त धनराशि रखी है. मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि राज्य में लाडली बहना योजना जारी रहेगी. इससे पहले भाजपा के वरिष्ठ विधायक कैलाश विजयवर्गीय भी कह चुके हैं कि कोई भी योजना बंद नहीं होगी, जिसका उल्लेख घोषणा पत्र में किया गया है.
रावण का पुतला करता है दशहरा चल समारोह की अगुवाई
कटनी। दशहरे पर भगवान श्रीराम की सवारी को चल समारोह की अगुवाई करते तो आपने देखा होगा, पर शहर में इस पर्व के दौरान लंकापति रावण का पुतला विजयदशमी पर्व पर निकाले जाने वाले चल समारोह की अगुवाई करता है। 140 वर्षों से निभाई जा रही परंपरा के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं है, पर माना जाता है कि दशानन को प्रकांड विद्वान मानकर पुतले को आगे रखा जाता है।
चल समारोह में जब तक गोलबाजार रामलीला का रावण का पुतला नहीं पहुंचता है, तब तक प्रतिमाएं विसर्जन के लिए रवाना नहीं होतीं। समारोह में रामदरबार, रामलीला की झांकी के बाद दुर्गा प्रतिमाओं का क्रम प्रारंभ होता है। रावण के पुतले को आजाद चौक तक ले जाया जाता है और उसके बाद वह वापस रामलीला मैदान पहुंचता है। सुबह छह बजे पुतला दहन किया जाता है।
लालटेन के उजाले में होता था रामलीला का मंचन
समाजसेवी रामदास अग्रवाल उर्फ लल्लू भैया ने गोलबाजार में रामलीला के मंचन की परंपरा की शुरुआत अपने साथियों के साथ मिलकर वर्ष 1884 में कराई थी। उस दौरान लालटेन के उजाले में नवरात्र के दौरान रामलीला का मंचन होता था।
उसी समय से रावण के पुतले की अगुवाई में चल समारोह निकालना प्रारंभ किया गया। चल समारोह के दौरान लोगों में गजब का उत्साह रहता है। इस मौके पर ग्रामीण इलाकों से भी जनसैलाब शहर की सड़कों पर उमड़ता है।
फिर होगी ठंड की दस्तक… महीने के आखिरी में छूटेगी कंपकंपी
2 दिन गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी, फिर होगी ठंड की दस्तक… महीने के आखिरी में छूटेगी कंपकंपी
जबलपुर। मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल सकता है। मौसम विभाग को मिल रहे संकेतों की मानें तो वर्षा करने वाली अलग-अलग मौसम प्रणालियां सक्रिय हो रही हैं।
इनके प्रभाव से 24 से 48 घंटे के दौरान जबलपुर सहित संभाग के जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है। बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र और एक तीव्र पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत की तरफ आने से जबलपुर व आस-पास के कुछ क्षेत्रों हल्की वर्षा का अनुमान है।
रात में बढ़ जाएगी ठंडक
मौसम विभाग के अनुसार, एक चक्रवाती परिसंचरण हिमालयन बंगाल के ऊपर बना हुआ है। वहीं, उत्तर भारत में भी चक्रवात सक्रिय है इसके प्रभाव से आंशिक वर्षा के बाद हवा का रुख उत्तरी हो जाएगा। दिन में धूप तो रात में ठंड का असर बढ़ने लगेगा।
माह के दूसरे हफ्ते से तापमान में गिरावट आना शुरू आने लगेगी और महीने के आखिरी सप्ताह में ठंड का असर बढ़ जाएगा। फिलहाल मौसम की बदलती रंगत के बीच तेज धूप और उमस भरी गर्मी लोगो का पसीना छुड़ा रही है। शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
इंदौर एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी
इंदौर। शुक्रवार को देवी अहिल्याबाई होलकर बाई एयरपोर्ट अथॉरिटी के पास अज्ञात आइडी से एक धमकी भरा ई-मेल आया है। एयरपोर्ट के मुख्य सुरक्षा अधिकारी सुरेंद्रसिंह कौरव ने इस मामले में एयरपोर्ट पुलिस थाने पर शिकायत दर्ज कराई है। इसके बाद एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। धमकीभरा ई-मेल शुक्रवार सुबह 10.59 बजे एनआईएल विषय नाम से जनरलशिवा मेल आईडी से आया था। इस मेल में लिखा है- 'याद रखना दुनिया के सबसे ताकतवाला देशों से हम अकेला टक्कर लिया है।' इस मेल के अंत में जय महाकाल जय आदिशक्ति भी लिखा हुआ है। पुलिस जांच में जुटी है।
इंदौर एयरपोर्ट पर रनवे सुधार कार्य के लिए आधा दर्जन उड़ानों का बदलेगा समय
देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर रनवे का सुधार कार्य किया जाना है। नवंबर माह से यह कार्य शुरू हो सकता है। इसके लिए देर रात और सुबह संचालित होने वाली आधा दर्जन उड़ानों का शेड्यूल बदल गया है।यह उड़ाने विंटर सीजन की शुरुआत 27 अक्टूबर से बदले समय पर संचालित होगी। इसमें पुणे और बेंगलुरु से आने वाली देर रात्रि की उड़ाने और सुबह की इंदौर से बेंगलुरु, मुंबई, जयपुर और जबलपुर जाने वाली उड़ाने बदले समय पर संचालित होगी।
इंदौर एयरपोर्ट पर 2754 मीटर लंबे रनवे का रूटीन सुधार कार्य किया जाना है। यह कार्य रात्रि 12 बजे से सुबह 6 बजे तक किया जाएगा। करीब एक साल चलने वाले कार्य से देर रात संचालित होने वाली उड़ानें प्रभावित हो रही थी। विमान कंपनियों ने देर रात्रि संचालित होने वाली उड़ानों का समय बदल दिया है।
इससे अंतरराष्ट्रीय शारजाह उडान का समय भी बदल रहा है और यह उड़ान इंदौर से 15 मिनट पहले रात्रि 11.55 बजे रवाना होगी। 6ई 284 फ्लाईट पुणे से रात्रि 1.40 बजे रवाना होकर रात्रि 2.50 बजे इंदौर पहुंचती थी, लेकिन विंटर सीजन से यह उड़ान सुबह 5 बजे पुणे से रवाना होकर सुबह 6.10 बजे इंदौर आएगी। इसी तरह फ्लाईट 6ई 748 बेंगलुरु से रात्रि 10.40 बजे रवाना होकर 12.25 बजे इंदौर आती थी। 27 अक्टूबर से यह उड़ान एक घंटा पहले रात्रि 11.20 बजे इंदौर आ जाएगी।
सुबह की उड़ानों का भी बदला समय
इंदौर से सुबह पांच बजे से 6 बजेे तक की उड़ानों का समय भी 27 सितंबर से बदल रहा है। इसमें बेंगलुरु जाने वाली सुबह 5 बजे वाली उड़ान इंदौर से सुबह 6.10 बजे रवाना होगी। वहीं मुंबई उड़ान सुबह 5.30 बजे के स्थान पर 6.40 बजे, जयपुर उड़ान सुबह 6 बजे के स्थान पर 6.20 बजे और जबलपुर उड़ान सुबह 6.10 बजे के स्थान पर सुबह 7.10 बजे इंदौर से उड़ान भरेगी।