छत्तीसगढ़ / बालोद
शिक्षा समाज के विकास के लिए है धुरी एवं नशापान की रोकथाम अत्यंत आवश्यक: तोखन साहू
गुरूर में आयोजित माँ कर्मा महोत्सव तथा गोण्डवाना वार्षिक महाधिवेशन में हुए शामिल
बालोद । केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज के विकास के लिए सबसे बड़ी धुरी है। उन्होंने कहा कि बिना शिक्षा के किसी भी समाज की उन्नति की परिकल्पना बिल्कुल भी नही की जा सकती। श्री साहू आज विकासखण्ड मुख्यालय गुरूर के कोलिहामार में गोण्डवाना समाज एवं साहू समाज द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित माँ कर्मा महोत्सव एवं गोण्डवाना वार्षिक महाधिवेशन तथा नवनिर्मित सामाजिक भवनों के लोकार्पण समारोह के अवसर पर अपना उद्गार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
कार्यक्रम में कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग, गोण्डवाना समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक शिशुपाल शोरी, केशकाल विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं गोण्डवाना समाज के प्रदेश अध्यक्ष नीलकंठ टेकाम, पूर्व विधायक प्रीतम साहू, साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष टहल सिंह साहू, साहू समाज के प्रदेश सलाहकार पवन साहू, तहसील साहू संघ के अध्यक्ष महेन्द्र साहू, आदिवासी गोण्डवाना सेवा समिति गुरूर के तहसील अध्यक्ष उत्तरा मरकाम एवं यूआर गंगराले सहित अन्य समाज प्रमुख एवं जन प्रतिनिधिगण उपस्थित थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने नशापान को समाज के विकास के लिए सबसे बड़ा बाधक बताते हुए समाज के लोगों को नशापान से सर्वथा दूर रहने की अपील की।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री साहू एवं अतिथियों ने बस स्टैण्ड गुरूर में शहीद वीर नारायण सिंह के प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया। इस दौरान अतिथियों के द्वारा गुरूर में 50-50 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित गोण्डवाना समाज एवं साहू समाज के सामाजिक भवनों का लोकार्पण भी किया गया। केन्द्रीय मंत्री श्री साहू ने छत्तीसगढ़ के दो प्रमुख समाज गोंड़ एवं साहू समाज के द्वारा गुरूर में संयुक्त रूप से समारोह के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसके लिए उन्होंने दोनों समाज के लोगों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री तोखन साहू ने आदिवासी समाज के गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आदिवासियों की संस्कृति दुनिया में सबसे समृद्ध एवं वैभवशाली है। उन्होंने कहा कि सीधे, सरल एवं मेहनतकश आदिवासियों द्वारा कठिन परिश्रम से समाज के अन्य सभी वर्गों का भरण पोषण एवं सेवा का पूनीत कार्य किया जाता है। इसके अलावा आदिवासी समाज के लोगों के द्वारा पेड़-पौधों एवं पशु-पक्षियों की रक्षा कर प्रकृति एवं पर्यावरण के संरक्षण तथा संवर्धन भी इनके संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस अवसर पर उन्होंने साहू समाज के गौरवशाली इतिहास पर भी प्रकाश डालते हुए समाज के विरासत को अत्यंत उज्ज्वल बताया। उन्होंने कहा कि साहू समाज के लोगों को अपने वैभवशाली अतीत से शिक्षा लेना चाहिए। उन्होंने दानवीर भामाशाह के दानवीरता के संबंध में प्रकाश डालते हुए कहा कि जब महाराणा प्रताप सम्राट अकबर के साथ युद्ध करते हुए घोर आर्थिक कठिनाई से गुजर रहे थे। ऐसे विषम परिस्थिति में हमारे समाज के गौरव दानवीर भामाशाह ने महाराणा प्रताप को असीमित धन देकर उनके आर्थिक कठिनाईयों को सदा के लिए दूर किया था। इस तरह से हमारे समाज के लोगांे ने भी जब-जब भी आवश्यकता हुई मातृभूमि के रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह किया है। इस अवसर पर उन्होंने भक्त माता कर्मा सहित साहू समाज के अन्य विभूतियों के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए समाज के लोगों के उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने को कहा। श्री साहू ने समाज के आने वाले पीढ़ी को उच्च शिक्षित बनाने तथा बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कारी भी बनाने की अपील की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के द्वारा समाज के सभी वर्गों के चहुँमुखी विकास के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा समाज के संर्वागीण विकास हेतु अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन कर उनका सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। वह वास्तव में आने वाले भारत के नवनिर्माण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। श्री साहू ने आदिवासी एवं साहू समाज सहित सभी समाज के लोगों को बेहतर कार्य करते हुए अपने समाज व राष्ट्र के विकास में बहुमूल्य भागीदारी निभाने की अपील की। इस अवसर पर उन्होंने आज के इस कार्यक्रम में गोण्डवाना एवं साहू समाज के लोगों के द्वारा प्रस्तुत किए गए मांगों के निराकरण हेतु उचित कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया। समारोह में स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए आदिवासी गोण्डवाना सेवा समिति तहसील गुरूर के अध्यक्ष उत्तरा मरकाम एवं तहसील साहू समाज गुरूर के अध्यक्ष महेन्द्र साहू ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए अपने-अपने समाजों के मांगों की ओर अतिथियों का ध्यान आकृष्ट भी कराया।
पेट्रोल के बजाय डाला डीजल, स्कूटी हो गई खराब, 5 लोगों के खिलाफ केस दर्ज
बालोद । पेट्रोल पंप में पेट्रोल के बजाय डीजल डालने से स्कूटी खराब हो गई। इस बात को लेकर ग्राम गोड़ेला में दो पक्ष के पांच लोगों के बीच विवाद व मारपीट हो गई। दोनों पक्ष की रिपोर्ट पर अर्जुन्दा थाने में 5 लोगों के खिलाफ धारा 115 (2), 296, 3 (5), 351 (2) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
सीसीटीवी फुटेज को दिखाने की बात को लेकर विवाद
पुलिस के अनुसार सत्यवती गायकवाड़ ने जानकारी दी कि बुधवार रात 8.30 बजे कुणाल कुर्रे, उसका भाई भावेश कुर्रे, उसकी पत्नी घर के सामने सतनाम चौक पहुंचे। सीसीटीवी फुटेज को दिखाने की बात को लेकर विवाद हो गया। 7 अप्रैल को शाम 6.10 बजे बेटा विशेष गायकवाड़ स्कूटी में पेट्रोल डलवाने पेट्रोल पंप गया था। पेट्रोल की जगह डीजल डाल दिया था, जिससे स्कूटी बंद हो गई है।
घर के सामने गाली गलौज कर कुणाल ने मुझसे व बेटे से विवाद किया। हाथ मुक्के से मारपीट कर बेटे का गला दबा दिया था। राकेश देशलहरे, भगवती बंजारे, बेदूल गायकवाड़, मंजू टंडन एवं सचिन गायकवाड़ ने बीच बचाव किया। कुणाल कुर्रे ने भी थाने में उसके साथ मारपीट करने की रिपोर्ट लिखाई है।
सुशासन तिहार के चौथे व अंतिम दिन बड़ी संख्या में आवेदन करने पहुँचे आम नागरिक
ग्राम पंचायत कार्यालयों एवं नगरीय निकायों में दिखा चहल-पहल
बालोद । सुशासन तिहार के चैथे व अंतिम दिन आज बालोद जिले के सभी नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायत कार्यालयों में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुँचकर अपने मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु आवेदन प्रस्तुत किया।
उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार तीन चरणों मे संपन्न होगा। जिसके पहले चरण में 08 अपै्रल से 11 अपै्रल तक आम जनता से उनके मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकायों के कार्यालयों एवं समाधान पेटी के माध्यम से आवेदन लिया गया है। दूसरे चरण में लगभग 01 माह के भीतर प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। इसके पश्चात् तीसरे एवं अंतिम चरण मेें 05 मई से 31 मई के बीच समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। सुशासन तिहार के प्रथम चरण के अंतर्गत चैथे एवं अंतिम दिन आज जिले के ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकायों में सुबह से ही लोगों का चहल-पहल देखने को मिला।
सुशासन तिहार : कलेक्टर ने कुंआगोंदी में पहुँचकर किया व्यवस्थाओं का अवलोकन
प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को प्रदान किया स्वीकृति पत्र, ग्रामीणों से चर्चा कर समस्याओं की ली जानकारी
बालोद । सुशासन तिहार के दूसरे दिन भी आज बालोद जिले के सभी नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायत कार्यालयों में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुँचकर अपने मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। ग्राम पंचायत कार्यालयों एवं नगरीय निकायों में आवेदन प्रस्तुत करने निर्धारित किए गए स्थानों पर आज सुबह से ही जनप्रतिनिधियों, आम नागरिकों एवं आवेदकों का चहल कदमी देखने को मिला। इसी कड़ी में जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर एवं कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल आज जिले के आदिवासी बाहुल्य डौण्डी विकासखण्ड के सुदूर वनांचल के ग्राम कंुआगोंदी के ग्राम पंचायत कार्यालय में पहुँचकर सुशासन तिहार के व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर एवं कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभान्वित हितग्राहियों को आवास की स्वीकृति पत्र भी प्रदान कर उन्हंे शुभकामनाएं दी। इसके अलावा उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर उनके मांगों एवं समस्याओं के संबंध में भी जानकारी ली। इस मौके पर एसडीएम नूतन कंवर, तहसीलदार, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों के अलावा जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
इस दौरान कलेक्टर चन्द्रवाल ने मौके पर उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों से अब तक प्राप्त कुल आवेदनों के संबंध में जानकारी ली। चन्द्रवाल ने अधिकारी-कर्मचारियों को सुशासन तिहार के कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने तथा अपने मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु ग्राम पंचायत कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत करने के लिए आने वाले ग्रामीणों के सुविधा के लिए भी जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिससे आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। मौके पर उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों ने सुशासन तिहार के अवसर पर ग्राम पंचायत कार्यालय कुंआगोंदी में मांग से संबंधित अधिक आवेदन प्राप्त होने की जानकारी दी। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष एवं कलेक्टर ने आम नागरिकों से बातचीत कर उनके मांगों एवं समस्याओं के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान वार्ड नंबर 12 ग्राम कुंआगोंदी के निवासी माना बाई ने वार्ड नंबर 12 एवं 13 में पेयजल हेतु समुचित पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग की। कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को तत्काल वार्ड नंबर 12 एवं 13 का निरीक्षण कर ग्रामीणों के लिए समुचित मात्रा में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
सुशासन तिहार : वनांचल के ग्रामीणों में भी उत्सुकता
बालोद । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप राज्य में सुशासन की स्थापना सुनिश्चित करने हेतु शुरू की गई सुशासन तिहार के माध्यम से अपने मांगों एवं समस्याओं के निराकरण को लेकर जिले के आम नागरिकों में आशा की नई किरण जगी है। जिले के नागरिकों ने शासन की इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस सुशासन तिहार के माध्यम से आम जनता द्वारा प्रस्तुत किए गए मांगों और समस्याओं का समय पर निराकरण सुनिश्चित हो सकेगा। इसी कड़ी में सुशासन तिहार के दूसरे दिन ग्राम पंचायत कार्यालय कुंआगोंदी में पहुँचकर आवेदन प्रस्तुत करने वाली जिले के आदिवासी बाहुल्य डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम कुंआगोंदी निवासी ईश्वरी बाई साहू अपने मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु पूरी तरह से आशान्वित एवं प्रसन्नचित है। राज्य शासन द्वारा शुरू किए गए इस सुशासन तिहार की सराहना करते हुए ईश्वरी साहू ने कहा कि हमारे प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के द्वारा एक सच्चे अभिभावक की भाँति राज्य के जनता की वास्तविक जरूरतों को समझते हुए जो कार्य किया जा रहा है वह बहुत ही सराहनीय है। ईश्वरी साहू ने कहा कि इस सुशासन तिहार के माध्यम से उनके जैसे अनेक जरूरतमंद लोग जो अपने मांगों और समस्याओं का निराकरण हेतु जिला एवं विकासखण्ड मुख्यालय तथा अन्य शासकीय कार्यालयों में नही पहुँच सकते वे इस सुशासन तिहार के माध्यम से अपने ग्राम पंचायत में आवेदन प्रस्तुत कर अपने समस्या का निराकरण सुनिश्चित कर सकते है। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि आज मैंने अपने मांगों एवं समस्याओं के निराकरण के संबंध में इस सुशासन तिहार के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत किया है उसका जल्द से जल्द निराकरण हो सकेगा। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को हृदय से धन्यवाद देते हुए विनम्र आभार व्यक्त किया है।
ईश्वरी साहू के अलावा जिले के सुदूर वनांचल के ग्रामीणों में भी राज्य शासन की इस अभिनव पहल को लेकर बहुत ही उत्सुकता देखने को मिल रहा है। राज्य शासन द्वारा शुरू किए गए इस सुशासन तिहार की सराहना करते हुए डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कारूटोला के सरपंच तुलसी राम मरकाम ने भी की है। उन्होंने कहा कि इस सुशासन तिहार के माध्यम से शासन-प्रशासन के सभी स्तरों पर शासकीय कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित होने के साथ-साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का भी प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सकेगा। जिसका लाभ सीधे-सीधे आम जनता को मिलेगा। इसके साथ ही सुशासन तिहार के इस अभिनव पहल की सराहना डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम कुंआगोंदी निवासी किरण बाई साहू ने भी की है। उन्होंने कहा कि इस सुशासन तिहार के माध्यम से अपने ग्राम पंचायत में ही अपने मांगों एवं समस्याओं के संबंध में आवेदन प्रस्तुत करने की सुविधा मिलने से हम ग्रामीणों को शासकीय कार्यालयों में आने-जाने की समस्या से भी मुक्ति मिलेगी एवं हमारे समस्याओं का निराकरण निर्धारित समयावधि में सुनिश्चित हो सकेगा। राज्य शासन की इस अभिनव पहल की सराहना ग्राम पंचायत कोटागांव की सरपंच श्रीमती अनुराधा मरकाम एवं ग्राम कोटागांव के ग्रामीण रमेश मरकाम, गमलाल मरकाम, संतु धुर्वे, कंुजन भुआर्य, ग्राम कुंआगोंदी निवासी माना बाई तथा डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के सुदूर वनांचल के ग्राम जुन्नापानी निवास तुकाराम कोर्राम, ग्राम मुलढोढरी निवासी चैतराम कोर्राम, ग्राम रेंगाडबरी निवासी इंद्रपाल तुमरेकी, ग्राम मरसटोला निवासी कुशल मण्डावी सहित बड़ी संख्या के वनांचल के ग्रामीणों ने सुशासन तिहार के इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया है।
कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही कलीराम दर्रो को कराया गृह प्रवेश
बेहतर आवास के निर्माण की सराहना करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी
बालोद । जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी पुष्पेन्द्र चन्द्राकर एवं कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने आज डौण्डी विकासखण्ड के सुदूर वनांचल के ग्राम कुंआगोंदी में पहुँचकर प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही कलीराम दर्रो को उनके नवनिर्मित आवास में विधिवत गृह प्रवेश कराया। इस अवसर पर उन्होंने बेहतर आवास निर्माण करने के लिए कलीराम दर्रो की सराहना करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने कलीराम दर्रो को प्रधानमंत्री आवास का प्रमाण पत्र एवं उपहार भी प्रदान किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष एवं कलेक्टर ने अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ कलीराम दर्रो के नवनिर्मित आवास का अवलोकन भी किया। इस मौके पर एसडीएम नूतन कंवर, तहसीलदार देवेन्द्र नेताम एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
कलेक्टर ने ली डौण्डी विकासखण्ड के अधिकारियों की समीक्षा बैठक
सभी अधिकारी-कर्मचारियों को आदिवासी बहुल विकासखण्ड के विकास में सहभागी बनने हेतु पूरी निष्ठा एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की दी हिदायत
बालोद । कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने आज जनपद पंचायत सभाकक्ष डौण्डी में विकासखण्ड स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर आदिवासी बहुल डौण्डी विकासखण्ड में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने डौण्डी विकासखण्ड के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को पूरी निष्ठा एवं प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर आदिवासी बहुल डौण्डी विकासखण्ड के विकास में सहभागी बनने की हिदायत भी दी। इस अवसर पर श्री चन्द्रवाल ने विभागवार शासकीय योजनाओं की क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए निर्धारित समयावधि में क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा उन्होंने मौजूदा ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए आम जनता के लिए समुचित मात्रा में पेयजल एवं निस्तारी हेतु संबंधित विभागों द्वारा पानी की प्रबंध करने हेतु किए गए उपायों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को विकासखण्ड में कही पर भी पेयजल संबंधी समस्या उत्पन्न होने पर तत्काल उसका निराकरण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में एसडीएम नूतन कंवर, तहसीलदार देवेन्द्र नेताम, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डीडी मण्डले सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
बैठक में श्री चन्द्रवाल ने बारी-बारी से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, राजस्व, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, उद्यानिकी, खाद्य, पशु पालन आदि सभी विभाग के कार्योंे की समीक्षा की। श्री चन्द्रवाल ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना की समीक्षा करते हुए वित्तिय वर्ष 2024-25 में मानव दिवस के लक्ष्य एवं उनके विरूद्ध उपलब्धि के संबंध में जानकारी ली। श्री चन्द्रवाल ने अमृत सरोवर के कार्यों की समीक्षा करते हुए अमृत सरोवर के आसपास मिट्टी के कटाव रोकने हेतु वृक्षारोपण कराने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा उन्होंने डौण्डी विकासखण्ड में तरल अपशिष्ट पदार्थों के प्रबंधन हेतु किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की। बैठक में उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के कार्योें की समीक्षा करते हुए महिलाओं एवं आम जनता को अधिक से अधिक रोजगारमूलक कार्यों से जोड़ने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए डौण्डी विकासखण्ड में निःशुल्क सरस्वती सायकल वितरण योजना, राज्य छात्रवृत्ति योजना के अलावा विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी से स्कूली बच्चों के जाति एवं निवास प्रमाण पत्र जारी करने के कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने तहसीलदार एवं विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी को संयुक्त रूप से शिविर लगाकर शत प्रतिशत बच्चों का जाति प्रमाण पत्र बनाने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा उन्होंने डौण्डी विकासखण्ड में एकल शिक्षकीय एवं शिक्षक विहिन शालाओं की संबंध में जानकारी ली।
श्री चन्द्रवाल ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को डौण्डी विकासखण्ड में जनता को बेहतर एवं सुगम स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित कराने को कहा। बैठक में उन्होंने टीकाकरण के कार्य की समीक्षा करते हुए इस कार्य को शत प्रतिशत पूरा कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने पोषण पुनर्वास केन्द्रों में कुपोषित बच्चों की भर्ती, टी.बी. एवं कुष्ठ रोग उन्मूलन कार्यों की भी समीक्षा की। बैठक में श्री चन्द्रवाल ने महिला एवं बाल विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जल संसाधन विभाग, छ.ग. विद्युत वितरण कंपनी आदि के कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए शासकीय योजनाओं का निर्धारित समयावधि में क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने को कहा। जिससे आम जनता को शासन के जन कल्याणकारी योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके।
जिले संरक्षण को प्रोत्साहित करने वाटरशेड यात्रा वैन को किया गया रवाना
बालोद । जिले में वर्षा जल संरक्षण एवं ग्रीष्मकालीन धान के बदले अन्य फसल को लगाने किसानों को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत आज उप संचालक कृषि गोविंद सिंह धुर्वे ने वाटरशेड यात्रा के प्रचार-प्रसार वैन को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। इसके साथ ही परियोजना क्षेत्र के ग्राम सांगली एवं सनौद में स्कूली बच्चों द्वारा जल संरक्षण एवं संवर्धन के उपाय सुनिश्चित करने जागरूकता रैली भी निकाली गई।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य श्रीमती लक्ष्मी अशोक साहू तथा जनपद पंचायत सदस्य आशीष साहू ने पानी की पाठशाला कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के बलदेव अग्रवाल एवं नीतू सोनकर के द्वारा जल एवं मृदा संरक्षण के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी सूर्यनारायण ताम्रकार ने वर्षा जल का संरक्षण कर समूचित उपयोग करने एवं ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर दलहन तिलहन फसलों को लगाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित भी किया।
सहायक संचालक कृषि आशीष चंद्राकर ने जल संग्रहण के सिद्धांत के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, श्रम दान, चित्रकला, वृक्षारोपण कार्य किया गया, साथ ही वाटरशेड मार्गदर्शको को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
अग्निवीर भर्ती के लिए ऑनलाईन आवेदन 25 को
बालोद । भारतीय थलसेना द्वारा थल सेना अग्निवीर के पदों पर भर्ती हेतु ऑनलाईन आवेदन करने की अंतिम तिथि 25 अपै्रल 2025 तक निर्धारित की गई है। प्रभारी जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि इच्छुक उम्मीदवार वेबसाईट जाईन इंडियन आर्मी डाॅट एनआईसी डाॅट इन पर आॅनलाईन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि थल सेना अग्निवीर की ऑनलाईन भर्ती परीक्षा जून 2025 के बाद होने की संभावना है।
जिसके अंतर्गत जनरल ड्यूटी तकनीकी, ऑफिस असिस्टेंट, ट्रेडमैन, महिला सैन्य पुलिस एवं नियमित कैडर भर्ती धर्म गुरू, नर्सिंग सहयोगी तथा हवलदार एस.ए.सी. के पदों पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने बताया कि भर्ती की विस्तृत जानकारी सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के दूरभाष क्रमांक 0771-2965212 या 0771-2965213 एवं जिला रोजगार कार्यालय बालोद के दूरभाष क्रमांक 07749-299509 पर संपर्क कर सकते हैं।
रेत चोरों के आगे जिले के जिम्मेदार नतमस्तक
बालोद। जिले के डौंडी तहसील में जोर शोर से चल रहा अवैध रेत उत्खनन। अवैध खनन अक्सर दूर-दराज़ के इलाकों में होता है, जिससे खनन मानकों को लागू करना मुश्किल हो जाता है। खनन की ज़रूरतें एक जगह से दूसरी जगह अलग-अलग हो सकती हैं, जिससे श्रम क़ानूनों, पर्यावरण नियमों, और कर क़ानूनों का पालन करना भी मुश्किल हो जाता है। अफसर अक्सर बोलते है के अवैध खनन पर कार्यवाही की जाएगी, लेकिन ये सिर्फ झूठा दिलासा मात्र है। गर्मी का मौसम आते ही अवैध रेत उत्खनन में काफी तेजी आ गई है। रेत माफिया अधिक मुनाफा कमाने के लिए अभी से रेत का स्टॉक करने में जुट गए हैं। इस दौरान रेत को मनमाफिक दामों में बेचकर माफिया भारी मुनाफा कमाते हैं। इस मामले में खनिज अधिकारी बालोद का कहना है कि जिले में अगर रेत का अवैध खनन हो रहा है तो उन पर कार्यवाही की जाएगी।
सुशासन तिहार : हेल्पलाईन नंबर जारी
बालोद । कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने बताया कि जिले में सुशासन तिहार 2025 का सफल संचालन सुनिश्चित किए जाने बेहतर प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मंगलवार 08 अपै्रल से 11 अपै्रल तक सुशासन तिहार के अंतर्गत जिले के आमजनों से ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय स्तर पर तथा आनलाईन माध्यम से उनकी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस दौरान आमजनों को आवेदन करने में होने वाली समस्याओं के समाधान हेतु हेल्पलाईन नंबर 07749-223950 जारी किया गया है। कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने बताया कि उक्त हेल्पलाईन नंबर पर जिले के आमजन संपर्क कर सुशासन तिहार संबंधी आवेदन आदि के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
सीईओ जिला पंचायत ने ग्रामों का किया औचक निरीक्षण
हितग्राहियों से बातचीत कर शासन की योजनाओं की स्थिति का लिया जायजा
बालोद । जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. संजय कन्नौजे ने गुण्डरदेही विकासखण्ड के विभिन्न ग्राम पंचायतों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान डाॅ. कन्नौजे ने हितग्राहियों से बातचीत करते हुए शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया। सीईओ डाॅ. कन्नौजे ने आज गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम पंचायत चिरचार के आश्रित ग्राम बम्हनी के प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही उमाकांत साहू, पुनउराम, लीलाबाई , ग्राम पंचायत भरदाकला के हितग्राही कुशल, कुन्ती बाई संतराम, परमानंद, चन्द्रबाई, जोतकुवर, टेगसिंग, भुवनेश्वर तथा ग्राम पंचायत गब्दी के हितग्राही रतीराम, राजकुमार एवं सुरेशकुमार के निर्माणाधीन आवासों में पहुँचकर आवास निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने हितग्राहियों से बातचीत कर उन्हें आवास निर्माण तथा शासन की अन्य योजनाओं के तहत् मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को हितग्राहियों के समस्याआंे का समाधान करने के निर्देश दिए। सीईओ डाॅ. कन्नौजे ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि जिन ग्राम पंचायतो के आवास निर्माण कार्य धीमी है, वहां के निर्वाचित सरपंच, पंच, अन्य जनप्रतिनिधियो तथा हितग्राहियों से समन्वय स्थापित कर आवास निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
सीईओ डॉ संजय कन्नौजे ने जिला खनिज संस्थान न्यास निधि (डीएमएफ) के अंतर्गत स्वीकृत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला भरदाकला में अतिरिक्त कक्ष निर्माण का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य को पूरी गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए। जिससे आगामी शिक्षा सत्र में निर्माणाधीन कक्ष में कक्षाए प्रारंभ की जा सके। इसके साथ ही सीईओ डाॅ. कन्नौजे ने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायत भरदाकला एवं चिरचार में कचरा संग्रहण शेड का निरीक्षण कर कचरा सग्रहण कार्य व स्वच्छता ग्राहियों को समय पर मानदेय उपलब्ध कराने, सेग्रीगेशन शेड में पंजी सध्ंाारण करने तथा संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंचों को कचरा कलेक्शन के एवज में यूजर चार्ज लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने मनरेग अंतर्गत ग्राम पंचायत चिरचार में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण करते हुए निर्धारित समय-सीमा में निर्माण कार्य को पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही ग्राम पंचायत चिरचार के निजी डबरी के लाभार्थी परस राम निषाद से डबरी की उपयोगिता एवं अर्जित आय के सबंध में जानकारी ली। इस दौरान लाभार्थी श्री निषाद ने बताया कि डबरी में मछली पालन करते हुए विगत वर्षों में 50-60 किलो मछली का विक्रय कर लाभ अर्जित किया है तथा इस वर्ष लगभग 1-2 क्विंटल मछली का उत्पादन होने की जानकारी भी दी। इसके साथ ही सीईओ डाॅ. कन्नौजे ने एसडीएम, तहसीलदार, सीईओ जनपद पंचायत, एसडीओ आरईएस, कार्यक्रम अधिकारी, मनरेगा, विकासखण्ड समन्वयक एवं तकनीकी सहायक की बैठक ली। उन्होंने बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत पात्र भूमिहीन परिवारों को नियमानुसार भूमि चिन्हांकित कर यथाशीघ्र आवास की स्वीकृति प्रदान करने निर्देश दिए।
नशापान से मुक्त होकर परिवार एवं समाज के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें: चन्द्रवाल
कलेक्टर एवं एसपी ने नशामुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र पाररास में पहुँचकर व्यवस्थाओं का किया अवलोकन
बालोद ।कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने कहा कि मनुष्य का जीवन दुर्लभ, अनमोल एवं बेशकीमती है। उन्होंने नशापान से ग्रसित लोगों को नशे की अभिशाप से मुक्त होकर अपने परिवार एवं समाज के विकास में महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। श्री चन्द्रवाल आज जिला मुख्यालय बालोद के वार्ड नंबर 20 पाररास में स्थित नशामुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र में पहुँचकर नशापान से छुटकारा पाने हेतु भर्ती लोगों को समझाईश दे रहे थे। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल एवं पुलिस अधीक्षक एसआर भगत ने अधिकारियों के साथ पाररास में पहुँचकर नशामुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र के व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। इस दौरान जनसंपर्क अधिकारी श्री चन्द्रेश कुमार ठाकुर एवं समाज कल्याण विभाग के उप संचालक अजय गेडाम भी उपस्थित थे। इस अवसर पर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने नशामुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र में भर्ती लोगों को नशापान के दुष्प्रभावों के संबंध में जानकारी देते हुए उन्हें नशापान से दुर रहकर नए जीवन के शुरूआत करने की सीख भी दी।
कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने कहा कि नशापान करना मानव जीवन के लिए सबसे बड़ा शत्रु एवं उसके प्रगति में सबसे बड़ा बाधक है। श्री चन्द्रवाल ने कहा कि नशापान से नशेड़ी व्यक्ति के पतन होेने के साथ-साथ उनके परिवार में भी हमेशा अशांति एवं कलह बना रहता है। उन्होंने कहा कि नशापान से व्यक्ति का शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, चारित्रिक, नैतिक सभी प्रकार के पतन होने के साथ-साथ आर्थिक क्षति एवं सामाजिक प्रतिष्ठा भी धूमिल होती है। इसके अलावा इसकी कीमत नशापान करने वाले व्यक्ति के अलावा उसके परिवार, आसपास के लोगों तथा संपूर्ण समाज को भी चुकानी पड़ती है। इसलिए पूरे समाज को नशे के अभिशाप से मुक्त होकर अपने ऊर्जा का उपयोग स्वयं के अलावा अपने परिवार, समाज तथा राष्ट्र के हित में लगाना चाहिए। पुलिस अधीक्षक श्री एसआर भगत ने नशामुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र में भर्ती लोगों को समझाईश देते हुए कहा कि मनुष्य का जीवन बहुमूल्य एवं अत्यंत सुंदर है। इसलिए हम सभी को नशे में रत रहकर अपने कीमती जीवन को बर्बाद नही करना चाहिए। इस अवसर पर जनसंपर्क अधिकारी चन्द्रेश ठाकुर ने भी नशापान मुक्ति केन्द्र में भर्ती लोगों को नशापान के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए अपने ऊर्जा का उपयोग रचनात्मक कार्यों में करने को कहा।
इस अवसर पर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने नशामुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र के विभिन्न कक्षों के अलावा शयन एवं रसोई कक्ष में पहुँचकर वहाँ की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। श्री चन्द्रवाल ने नशामुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र के प्रबंधक से यहाँ के गतिविधियों एवं व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। इसके अंतर्गत उन्होंने नशामुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र के कुल कमरे, भोजन एवं मनोरंजन की व्यवस्था के अलावा यहाँ के अन्य गतिविधियों के संबंध में भी जानकारी ली। मौके पर उपस्थित समाज कल्याण विभाग के उप संचालक ने बताया कि इस नशामुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र का संचालन समता जनकल्याण समिति राजनांदगांव द्वारा किया जा रहा है। इस नशामुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र में बालोद जिले के अलावा रायपुर सहित राज्य के अन्य स्थानों से भी लोग नशा से छुटकारा पाने के लिए भर्ती हुए हैं। इस मौके पर कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने नशामुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र में भर्ती लोगों से बातचीत कर उनके निवास स्थान तथा उनके द्वारा पूर्व में किए जाने वाले नशा आदि के संबंध में जानकारी ली। नशामुक्ति केन्द्र में भर्ती लोगों ने नशापान के कारण उन्हें एवं उनके परिवार को होने वाले क्षति के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अब पुनः नशापान नही करेंगे तथा नशापान से दूर रहकर जीवन की नई पारी की शुरूआत करने की बात कही। इस अवसर पर उन्होंने नशामुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र पाररास की व्यवस्थाओं की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि यहाँ के अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा उन्हें नशापान से दूर रहने की सीख देने के अलावा उनके सामाजिक उत्तरदायित्वों की जानकारी देते है। इसके अलावा इस नशामुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र में भोजन, मनोरंजन, आवास आदि की बेहतर व्यवस्था की गई है।
फील्ड में जाकर एवं आम जनता से मुलाकात कर योजनाओं के क्रियान्वयन की करें पड़ताल : रमेन डेका
राज्यपाल ने ली प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक
बालोद । राज्यपाल रमेन डेका ने बालोद जिले के प्रवास के दौरान आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में जिले के प्रशासनिक अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्यपाल द्वारा जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन हेतु चलाए जा रहे जल जतन अभियान अंतर्गत प्रकाशित जल जतन पुस्तिका का विमोचन भी किया। इस दौरान उन्हांेने जिले में चलाए जा रहे जल जतन अभियान, पौध रोपण एवं पर्यावरण संवर्धन तथा जैविक खेती को प्रोत्साहन देने हेतु किए जा रहे कार्य, स्वच्छ भारत मिशन सहित पुलिस, वन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, यातायात, स्वास्थ्य, शिक्षा, आदिम जाति कल्याण, नगरीय प्रशासन, सहकारिता आदि विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में राज्यपाल श्री डेका ने बालोद जिले में पौध रोपण एवं पर्यावरण संवर्धन हेतु किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को कम से कम एक पौध का रोपण करने को कहा।
इस कार्य में उन्होंने सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित कराने को कहा। बैठक में श्री डेका ने जिले में संचालित शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का पड़ताल करने हेतु सभी अधिकारी-कर्मचारियांे को अनिवार्य रूप से फील्ड विजिट कर आम जनता से योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में फीडबैक लेने को कहा। श्री डेका ने जिले में सड़क दुर्घटना की रोकथाम एवं शराब तथा अन्य मादक पदार्थों का अवैध परिवहन एवं बिक्री की रोकथाम हेतु किए जा रहे उपायों की भी समीक्षा की। राज्यपाल ने इस पर चिंता जाहिर करते हुए इसके रोकथाम हेतु पुलिस एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। श्री डेका ने समाज कल्याण विभाग के उप संचालक को नशापान से ग्रसित लोगों को नशा से छुटकारा दिलाने हेतु किए जा रहे सुधारात्मक उपाय तथा जिले में चलाए जा रहे नशापान मुक्ति अभियान के संबंध में भी जानकारी ली।
राज्यपाल श्री डेका ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से जिले में टी.बी. उन्मूलन अभियान के कार्यों के संबंध जानकारी ली। इसके अंतर्गत उन्होंने वर्तमान में जिले में टी.बी. के कुल मरीजों की संख्या एवं उनके समुचित इलाज की व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। श्री डेका ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को टी.बी. के मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के अलावा इसके रोकथाम हेतु मरीजों का कांउसलिंग कराने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने टी.बी. के मरीजों को अनिवार्य रूप से पोषण किट उपलब्ध कराने तथा इस कार्य में सामाजिक संगठनों, उद्योगपतियों, अधिकारी-कर्मचारी आदि की भी भागीदारी सुनिश्चित कराने को कहा। इस दौरान उन्होंने जिले में रेडक्राॅस सोसायटी की गतिविधि की भी समीक्षा की।
श्री डेका ने जिले में रेडक्राॅस की सदस्यता बढ़ाने हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने को कहा। जिले में चल रहे पौध रोपण अभियान की समीक्षा करते हुए सभी शासकीय संस्थानों, स्कूल, काॅलेज आदि में समुचित मात्रा में पौध रोपण कराने के निर्देश दिए। श्री डेका ने वनमण्डलाधिकारी को अपने साथ-साथ वन विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से जंगलों का निरीक्षण कराने तथा वास्तविक स्थिति का पड़ताल करने को कहा। जल संरक्षण के उपायों की समीक्षा करते हुए जिले में सरफेस वाटर की समुचित उपयोग हेतु किए जा रहे उपायों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने अमृत सरोवर के माध्यम से आसपास के भूजल स्तर में वृद्धि हेतु उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने विभिन्न शासकीय संस्थाओं एवं कार्यालयों के अलावा जिले के विभिन्न स्थानों पर रेनवाटर हार्वेस्टिंग का कार्य कराने को कहा। बैठक में श्री डेका ने जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने हेतु किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की। शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने तथा अन्य शैक्षणिक क्रियाकलापों के संबंध में जानकारी ली। राज्यपाल श्री डेका ने एनसीसी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए एनसीसी में अधिक से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित कराने को कहा।
इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रीय एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु किए जा रहे उपायों की भी समीक्षा की। नगरीय निकाय विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए विभिन्न आजीविकामूलक कार्यों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने हेतु किए जा रहे कार्यों की संबंध में जानकारी ली। बैठक में श्री डेका ने असहाय, परित्यक्त एवं वृद्धजनों के सहायता हेतु किए जा रहे कार्य, जनजातीय एवं वनवासी क्षेत्रों में शिक्षा एवं चिकित्सा सुविधाओं का विकास एवं उन्हें मुख्य धाराओं में लाने का उपाय आदि की विस्तृत समीक्षा करते हुए इसके लिए जरूरी उपाय सुनिश्चित कराने को कहा। बैठक में दुर्ग पुलिस रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल, राज्यपाल के उपसचिव हिना अमिनेश नेताम, पुलिस अधीक्षक एसआर भगत, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, वनमण्डलाधिकारी बीएस सरोटे, अपर कलेक्टर चन्द्रकांत कौशिक, एडीशनल एसपी मोनिका ठाकुर एवं अशोक जोशी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
ग्राम पंचायतों के मूलभूत कार्यों के लिए राशि जारी
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने दी जानकारी
बालोद । पंचायत संचालनालय छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ग्राम पंचायतों के मूलभूत कार्यों के लिए राशि जारी कर दी गई है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे ने बताया कि इसके अंतर्गत बालोद जिले के सभी 436 ग्राम पंचायतों के लिए कुल 194.41 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि प्राप्त राशि को ग्राम पंचायतों के जनसंख्या के आधार पर ग्राम पंचायतों में होने वाले मूलभूत कार्यों के लिए प्रदान किया जा रहा है। डॉ. कन्नौजे ने बताया कि प्राप्त राशि को विकासखण्डवार आबंटित करते हुए बालोद विकासखण्ड के 60 ग्राम पंचायतों के लिए 24.42 लाख रूपये, डौण्डी विकासखण्ड के 62 ग्राम पंचायतों के लिए 41.01 लाख रूपये, डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के 120 ग्राम पंचायतों के लिए 49.29 लाख रूपये, गुण्डरदेही विकासखण्ड़ के 117 ग्राम पंचायतों के लिए 47.16 लाख रूपये तथा गुरूर विकासखण्ड के 77 ग्राम पंचायतों के लिए 32.50 लाख रूपये ग्राम पंचायतों के खातें में हस्तांतरित किया गया है।
बालोद में आदिवासी किसानों की 52 एकड़ जमीन हड़पने का मामला गरमाया, आदिवासी भूख हड़ताल पर
कलेक्टर ने जयेश टांक के खेतों में पहुँचकर फसल उत्पादन के कार्य का लिया जायजा
बालोद । कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल आज गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम कसौंदा में प्रगतिशील कृषक श्री जयेश टांक के खेतों में पहुँचकर शाक-सब्जी के उत्पादन कार्य का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रगतिशील कृषक जयेश टांक द्वारा आधुनिक तरीके से किए जा रहे खेती-किसानी के कार्य की भूरी-भूरी सराहना की। श्री चन्द्रवाल ने मौके पर उपस्थित कृषक जयेश टांक से इस स्थान पर उपलब्ध कुल कृषि भूमि के संबंध में जानकारी ली। किसान जयेश टांक ने बताया कि यहाँ पर उनके पास कुल 60 एकड़ कृषि भूमि उपलब्ध है। जिसमें से वे कुल 56 एकड़ भूमि पर ही खेती-किसानी का कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वे इस कृषि भूमि को रायपुर एग्रीकल्चर फर्म एंड कंपनी से लीज पर लिए हैं। किसान जयेश टांक ने बताया कि वर्तमान में वे लौकी, करेला, टमाटर, लहसुन, प्याज, तरबूज-खरबूज, बाजरा, गेहुँ आदि फसल का उत्पादन कर रहे हैं। उन्होेंने बताया कि वे अपने उत्पादित फसलों की बिक्री नेपाल के अलावा दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात, पं. बंगाल आदि प्रदेशों में भी करते हैं। किसान जयेश टांक ने बताया कि वे फसल उत्पादन कार्य के अलावा किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन देने का भी कार्य करते है। इस कार्य में उन्हें कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के द्वारा समुचित मार्गदर्शन एवं शासकीय योजनाओं का लाभ प्रदान भी किया जा रहा है। पिछले वर्ष उन्हें उद्यानिकी विभाग के एनएचएम मल्चिंग योजना के अंतर्गत 32 हजार रूपये की सब्सिडी एवं टमाटर क्षेत्र विस्तार योजना के अंतर्गत 40 हजार रूपये की सब्सिडी प्रदान की गई है। इसके अलाव वे ड्रिप एरिकेशन एवं मल्चिंग से धान, अरहर, गेहुँ, लहसुन, प्याज की सफल खेती भी कर चुके हैं।
इस दौरान कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने किसान के खेत में लहसुन, चना, टमाटर आदि फसलों का भी अवलोकन किया। श्री चन्द्रवाल ने अत्याधुनिक तरीके से समन्वित ड्रिप पद्धति के माध्यम से फसलों के सिंचाई कार्य का भी अवलोकन किया। किसान जयेश टांक ने बताया कि उनके द्वारा प्रतिदिन आसपास के गांवों के 130 लोगों को प्रतिदिन रोजगार भी उलपब्ध कराया जा रहा है। इस दौरान एसडीएम प्रतिमा ठाकरे झा, तहसीलदार कोमल धु्रव सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।