छत्तीसगढ़ / बालोद
महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 के तहत प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन
बालोद। महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 के तहत संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आज प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। बैठक में महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधीनियम 2013 के संबंध में विस्तृत से जानकारी दी गई। जिसके अंतर्गत प्रशिक्षण सह कार्यशाला का उद्देश्य महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधीनियम 2013 के प्रावधानों के तहत प्रचार-प्रसार करने एवं प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित कर जागरूक करना है। कार्यशाला में शासकीय, अर्द्धशासकीय, अशासकीय एवं वाणिज्यिक कार्यालय तथा उद्योगों में अधिनियम अंतर्गत 10 से अधिक कर्मचारियो की संख्या पर आंतरिक शिकायत समिति गठन के बारे में बताया गया।
इसके अंतर्गत कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न के विरूद्व संरक्षण और लैंगिक उत्पीड़न के शिकायतों का निवारण और प्रतितोष के लिए तथा उससे सम्बद्व और आनुषंगिक विषयों के नियमन के लिए यह कानून 09 दिसंबर 2013 से लागू किया गया है। कार्यशाला में जिला स्तरीय स्थानीय शिकायत समिति के अध्यक्ष पद्मश्री श्रीमती शमशाद बेगम, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. किशन टण्डन क्रांति, अधिवक्ता सदस्य रीता पाण्डेय के अलावा महिला सेल प्रभारी सदस्य, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नगरपालिका, नगरपंचायतों से महिला प्रतिनिधि उपस्थित थे।
महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 के तहत प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन
बालोद। महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 के तहत संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आज प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। बैठक में महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधीनियम 2013 के संबंध में विस्तृत से जानकारी दी गई। जिसके अंतर्गत प्रशिक्षण सह कार्यशाला का उद्देश्य महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधीनियम 2013 के प्रावधानों के तहत प्रचार-प्रसार करने एवं प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित कर जागरूक करना है। कार्यशाला में शासकीय, अर्द्धशासकीय, अशासकीय एवं वाणिज्यिक कार्यालय तथा उद्योगों में अधिनियम अंतर्गत 10 से अधिक कर्मचारियो की संख्या पर आंतरिक शिकायत समिति गठन के बारे में बताया गया।
इसके अंतर्गत कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न के विरूद्व संरक्षण और लैंगिक उत्पीड़न के शिकायतों का निवारण और प्रतितोष के लिए तथा उससे सम्बद्व और आनुषंगिक विषयों के नियमन के लिए यह कानून 09 दिसंबर 2013 से लागू किया गया है। कार्यशाला में जिला स्तरीय स्थानीय शिकायत समिति के अध्यक्ष पद्मश्री श्रीमती शमशाद बेगम, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. किशन टण्डन क्रांति, अधिवक्ता सदस्य रीता पाण्डेय के अलावा महिला सेल प्रभारी सदस्य, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नगरपालिका, नगरपंचायतों से महिला प्रतिनिधि उपस्थित थे।
समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की
बालोद । कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अभी हाल में ही जिले में त्रिस्तरीय पंचायत एवं नगरीय निकाय आम निर्वाचन के कार्य के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर निर्वाचन कार्य में लगे जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों के कार्यों की भूरी-भूरी सराहना की। उन्होंने कहा कि निर्वाचन कार्य में लगे जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने पूरी निष्ठा, प्रतिबद्धता एवं ईमानदारी के साथ अपने कार्यों का संपादन किया है। जिसके फलस्वरूप जिले में त्रिस्तरीय पंचायत एवं नगरीय निकाय आम निर्वाचन का कार्य स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से तथा निर्विघ्न रूप से संपन्न हो पाया है।
श्री चन्द्रवाल ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत एवं नगरीय निकाय आम निर्वाचन के दौरान जिले के अधिकारी-कर्मचारियों ने जिस तरह से पूरी निष्ठा, लगन एवं प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया है। उसी तरह पूरी ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में जिले को अग्रणी बनाने में महती भूमिका निभाने को कहा। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, अपर कलेक्टर चन्द्रकांत कौशिक एवं श्री अजय किशोर लकरा सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
बैठक में श्री चन्द्रवाल ने 01 मार्च से शुरू हो रहे छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल के कक्षा 10वीं एवं 12वीं के बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन के तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को जिले में बोर्ड परीक्षाओं को सफलतापूर्वक एवं निर्विघ्न रूप से संपन्न कराने हेतु सभी तैयारियां सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए हैं। इसके अंतर्गत उन्होंने परीक्षा केन्द्रों में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित कराने, नकल आदि के प्रकरण पर रोकथाम सुनिश्चित कराने हेतु उड़नदस्ता दलों के गठन तथा बच्चों को परीक्षा के दौरान तनावमुक्त रखने हेतु संदेश प्रसारित करने के कार्य आदि सभी तैयारियों की बारी-बारी से समीक्षा की। इसके साथ ही कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने 17 मार्च से प्रारंभ हो रहे कक्षा 5वीं एवं 8वीं के बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन के तैयारियों की भी समीक्षा की।
उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को जिले में कक्षा 5वीं एवं 8वीं के बोर्ड परीक्षाओं के सफल आयोजन हेतु जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने केे निर्देश भी दिए। बैठक में श्री चन्द्रवाल ने जिले में स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को इस कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी परिषद बालोद से नगरीय निकायों के नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह एवं सम्मिलन के आयोजन की तैयारियों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने शपथ ग्रहण समारोह एवं सम्मिलन के सफलतापूर्वक आयोजन हेतु सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य के अंतर्गत धान उपार्जन केन्द्रों से धान के उठाव के कार्य की जानकारी लेते हुए समय पर धान उठाव सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं एवं जिला खाद्य अधिकारी को जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में श्री चन्द्रवाल ने स्वास्थ्य विभाग के कार्याें की समीक्षा करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को गर्मी के मौसम में होने वाले मौसमी बीमारियों के रोकथाम के लिए भी पुख्ता उपाय करने को कहा। बैठक में कलेक्टर ने अंतरविभागीय समन्वय के प्रकरणों की भी समीक्षा की।
ग्रीष्मकाल में पानी की समुचित प्रबंध सुनिश्चित कराने कलेक्टर ने ली बैठक
पेयजल एवं निस्तारी हेतु समुचित मात्रा में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
बालोद। कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में गर्मी के मौसम में जिले के आम नागरिकों के लिए पानी की समुचित प्रबंध सुनिश्चित कराने हेतु लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। जिससे कि गर्मी के मौसम में आम जनता को अपने आवश्यक कार्यों के लिए पानी की समस्या से जुझना न पड़े।
उन्होंने अधिकारियों को ग्रीष्मकाल के दौरान पानी की कमी की समस्या वाले गांवों को चिन्हित कर उन स्थानों पर पेयजल एवं निस्तारी हेतु समुचित मात्रा में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए। श्री चन्द्रवाल ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसके लिए कार्य योजना बनाकर समय रहते जरूरी उपाय करने को कहा। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री सुक्रांत साहू सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
कलेक्टर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में जिले के आम नागरिकों को पेयजल, निस्तारी आदि अति आवश्यक कार्यों के लिए पानी की प्रबंध करने में किसी प्रकार की कठिनाई नही होनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता को स्थिति पर नजर रखते हुए इस कार्य की सतत माॅनिटरिंग करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को नियमित रूप से फील्ड विजिट कर किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद रहने के निर्देश दिए।
बैठक में श्री चन्द्रवाल ने जिले में राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जल जीवन मिशन अंतर्गत पूर्ण एवं प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा करते हुए शेष सभी कार्यों को निर्धारित समयावधि में गुणवत्तायुक्त ढंग से पूरा कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में उन्होंने विकासखण्डवार जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
18 शिक्षक-शिक्षिकाओं को किया गया सम्मानित
मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण 2024
बालोद,। कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण 2024 अंतर्गत प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर के कुल 18 शिक्षक-शिक्षिकाओं को प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण 2024 अंतर्गत विकासखण्ड स्तर पर शिक्षादूत पुरस्कार से डौण्डी विकासण्ड के श्रीमती सुनीता लहरे, श्रीमती आशा साहू, चुरामन सिंह भुआर्य, गुरूर विकासखण्ड के श्रीमती विमलारानी गंगबेर, लालेश्वर सिन्हा, रामनारायण सिन्हा, गुण्डरदेही विकासखण्ड से मणी कुमार डहरिया, श्रीमती हेमपुष्पा देवांगन, रविन्द्र कुमार चंद्राकर, बालोद विकासखण्ड से हेमू राम नुरूटी, मनोज कुमार ठाकुर, लालरघुवीर सिंह ठाकुर, डौण्डीलोहारा विकासखण्ड से श्रीमती प्रीतिबाला सोयाम, दीपक कुमार पटेल, रंजीता देवांगन को सम्मानित किया गया। इसी तरह जिला स्तर पर ज्ञानदीप पुरस्कार से गुण्डरदेही विकासखण्ड के शिक्षक युवराज साहू, डौण्डी विकासखण्ड के श्रीमती शिल्पी राय एवं बालोद विकासखण्ड के श्रीमती शिल्पा साहू को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी पीसी मरकले सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के निर्देशानुसार प्रतिवर्ष मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण 2024 अंतर्गत प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर के शिक्षकों को सम्मानित किया जाता है। जिसमें विकासण्ड स्तर पर शिक्षादूत पुरस्कार से पहली से पांचवी तक के प्राथमिक शिक्षकों तथा जिला स्तर पर ज्ञानदीप पुरस्कार से कक्षा 6वीं से 8वीं तक के माध्यमिक स्तर के शिक्षक को सम्मानित किया जाता है। मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण 2024 का उद्देश्य शिक्षकों द्वारा पूरी निष्ठा एवं कर्तव्य का निर्वहन कर कक्षा पहली से आठवीं तक के छात्र-छात्राओं का सर्वांगीण विकास करने पर उन्हें सम्मानित किया जाता है। मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण 2024 अंतर्गत प्राथमिक स्तर के शिक्षक को शिक्षादूत पुरस्कार के रूप में 5000 रुपये आरटीजीएस एवं प्रशस्ति पत्र तथा माध्यमिक स्तर के शिक्षकों को ज्ञानदीप पुरस्कार के रूप में 7000 रुपये आरटीजीएस एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाता है।
वर्दी के बिना यात्री बसों का संचालन किए जाने पर की जाएगी कार्रवाई
बालोद । राज्य में बिना परिचालक लाईसेंस एवं निर्धारित वर्दी के बिना यात्री बसों का संचालन किए जाने के संबंध में आज बस मालिकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी बस मालिकों को अनिवार्य रूप से परिचालक लाईसेंस व निर्धारित वर्दी के साथ बस संचालन के निर्देश दिए गए है। जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि उक्त निर्देशों का पालन नहीं किए जाने पर मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा-29 के तहत चालानी कार्रवाई की जाएगी।
निर्वाचन कार्य के दौरान नशे की हालत में पाए जाने पर सहायक शिक्षक सुभाष सोरी निलंबित
बालोद, । उप जिला निर्वाचन अधिकारी चंद्रकांत कौशिक ने त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन 2025 अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला बेलटिकरी में निरीक्षण के दौरान सहायक शिक्षक सुभाष सोरी को नशे की हालत में पाए जाने पर निलंबित किया गया है। जारी आदेश के अनुसार त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन 2025 अंतर्गत तृतीय चरण के मतदान दिवस 23 फरवरी को गुण्डरदेही विकासखण्ड के मतदान केन्द्र क्रमांक 97 शासकीय प्राथमिक शाला बेलटिकरी का निरीक्षण किया गया।
जिसमें सहायक शिक्षक सुभाष सोरी शासकीय प्राथमिक शाला हर्राठेमा की मतदान अधिकारी क्रमांक 03 के रूप में ड्यूटी लगाई गई थी। निरीक्षण के दौरान सहायक शिक्षक सुभाष सोरी को नशे के हालत में पाये जाने एवं मतदान कार्य करने में सक्षम नहीं होने के कारण इनके स्थान पर रिजर्व दल से मतदान अधिकारी क्रमांक 03 की नियुक्ति की गई जिससे मतदान कार्य प्रभावित हुआ।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी चंद्रकांत कौशिक ने आदेश जारी कर सहायक शिक्षक सुभाष सोरी (मतदान अधिकारी क्रमांक 03) शासकीय प्राथमिक शाला हर्राठेमा का उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ पंचायत निर्वाचन नियम 1995 के नियम 17, 24, 26 एवं छ.ग. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 1, 2, 3 के विपरित होने के फलस्वरूप छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966, के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन, प्रधानपाठक और सहायक शिक्षक निलंबित
बालोद, । उप जिला निर्वाचन अधिकारी चंद्रकांत कौशिक ने नगरीय निकाय आम निर्वाचन 2025 अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला गुण्डरदेही की प्रधानपाठक सविता यादव और सहायक शिक्षक नेहा गुप्ता को आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन करने पर निलंबित किया है। जारी आदेश के अनुसार नगरीय निकाय आम निर्वाचन के दौरान 07 फरवरी को चुनावी सभा पुराना हाई स्कूल मैदान गुण्डरदेही में आयोजित हुआ था। जिसमें पी.एम.श्री शासकीय प्राथमिक शाला गुण्डरदेही के बच्चे उक्त कार्यक्रम में सम्मिलित हुए जो न्यूज पोर्टल में प्रसारित हुआ। न्यूज पोर्टल में प्रसारित खबर में पी.एम.श्री शासकीय प्राथमिक शाला गुण्डरदेही के छात्र, छात्राएं एवं सहायक शिक्षक कु.नेहा गुप्ता शासकीय प्राथमिक शाला गुण्डरदेही की उपस्थिति दिखाई दे रही है। जिससे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन होने के कारण रिटर्निंग ऑफिसर नगर पंचायत गुण्डरदेही द्वारा सहायक शिक्षक नेहा गुप्ता और प्रधानपाठक सविता यादव के विरूद्ध अनुशानात्मक कार्यवाही हेतु प्रस्तावित किया गया है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी चंद्रकांत कौशिक ने आदेश जारी कर शासकीय प्राथमिक शाला गुण्डरदेही की प्रधानपाठक श्रीमती सविता यादव और सहायक शिक्षक कु. नेहा गुप्ता का उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ नगर पालिका निर्वाचन नियम 1994 के नियम 11 एवं छ.ग. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 1, 2, 3, 8 एवं 9 के विपरित होने के फलस्वरूप छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966, के नियम 9 के तहत प्रधानपाठक श्रीमती सविता यादव और सहायक शिक्षक कु. नेहा गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
सीईओ ने जिला पंचायत के नवनिर्वाचित सदस्यों को प्रदान किया गया प्रमाण पत्र
बालोद । जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं रिटर्निंग आॅफिसर डाॅ. संजय कन्नौजे ने आज त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन के द्वितीय चरण के अंतर्गत जिला पंचायत सदस्य पद हेतु नवनिर्वाचित सदस्यों को निर्वाचन का प्रमाण पत्र प्रदान कर उन्हें शुभकामनाएं दी। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत एवं रिटर्निंग ऑफिसर डाॅ. संजय कन्नौजे ने जिला पंचायत सभाकक्ष में सारणीकरण के उपरांत विजयी प्रत्याशियों की विधिवत घोषणा करने के पश्चात् जिले के गुरूर एवं गुण्डरदेही विकासखण्ड के 07 जिला पंचायत क्षेत्र के नवनिर्वाचित सदस्यों को निर्वाचन का प्रमाण पत्र प्रदान किया।
उल्लेखनीय है कि त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन के तृतीय चरण के अंतर्गत जिले के गुरूर एवं गुण्डरदेही विकासखण्ड में मतदान एवं मतगणना 23 फरवरी को संपन्न हुआ था। जिसका सारणीकरण आज जिला पंचायत सभाकक्ष में रिटर्निंग आॅफिसर डाॅ. संजय कन्नौजे एवं अन्य अधिकारियों, अभ्यर्थियों एवं अभिकर्ताओं की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस दौरान रिटर्निंग आॅफिसर डाॅ. संजय कन्नौजे द्वारा जिला पंचायत के निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 01 के नवनिर्वाचित सदस्य श्रीमती कांति सोनेश्वरी एवं जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 02 के नवनिर्वाचित सदस्य श्रीमती मीना उमाशंकर साहू, जिला पंचायत के निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 03 के नवनिर्वाचित सदस्य श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चन्द्राकर, जिला पंचायत के निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 04 के नवनिर्वाचित सदस्य श्रीमती लक्ष्मी अशोक साहू, जिला पंचायत के निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 05 के नवनिर्वाचित सदस्य श्री गुलशन चंद्राकर, जिला पंचायत के निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 13 के नवनिर्वाचित सदस्य श्रीमती चंद्रिका यशवंत गंजीर, जिला पंचायत के निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 14 के नवनिर्वाचित सदस्य श्री तेजराम साहू को निर्वाचन का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इस मौके पर पंचायत विभाग के उप संचालक श्री आकाश सोनी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
पंचायत चुनाव: गुण्डरदेही-गुरुर विकासखण्ड के 550 केन्द्रों में मतदान 23 को
सफलतापूर्वक मतदान संपन्न कराने मतदान दलों को किया गया रवाना
बालोद । जिले में त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन के तृतीय चरण के अंतर्गत जिले के गुण्डरदेही और गुरुर विकासखण्ड के कुल 550 मतदान केन्द्रों में 23 फरवरी को मतदान संपन्न किया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा मतदान एवं मतगणना कार्य को सुचारू रूप से एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। 23 फरवरी को होने वाले तृतीय चरण के मतदान के लिए मतदान अधिकारियों को गुण्डरदेही विकासखण्ड के शासकीय आईटीआई खलारी एवं गुरूर विकासखण्ड के शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से मतदान दलों को मतदान केन्द्रों के लिए रवाना किया गया है।
विकासखण्ड गुण्डरदेही के मतदान सामग्री वितरण स्थल शासकीय आईटीआई खलारी से कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने मतदान दलों के वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर कलेक्टर चन्द्रवाल एवं एसडीएम श्रीमती प्रतिमा ठाकरे झा ने मतदान दलों को निर्वाचन कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु शुभकामनाएं प्रेषित की। इसी प्रकार विकासखंड मुख्यालय गुरुर स्थित शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बनाए गए सामग्री वितरण केंद्र से आज जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं रिटर्निंग आफिसर डाॅ. संजय कन्नौजे ने मतदान दलों के वाहन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर सीईओ डॉ कन्नौजे और एसडीएम श्रीमती प्राची ठाकुर ने मतदान दलों को मिठाई खिलाकर एवं पुष्प भेंटकर कर निर्वाचन कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु शुभकामनाएं प्रेषित की।
जिला पंचायत के नवनिर्वाचित सदस्यों को प्रदान किया गया प्रमाण पत्र
सारणीकरण के उपरांत विजयी प्रत्याशियों की गई घोषणा
बालोद। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं रिटर्निंग आफिसर डाॅ. संजय कन्नौजे ने आज त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन के प्रथम चरण के अंतर्गत जिला पंचायत सदस्य पद हेतु नवनिर्वाचित सदस्यों को निर्वाचन का प्रमाण पत्र प्रदान कर उन्हें शुभकामनाएं दी। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत एवं रिटर्निंग आफिसर डाॅ. संजय कन्नौजे ने जिला पंचायत सभाकक्ष में सारणीकरण के उपरांत विजयी प्रत्याशियों की विधिवत घोषणा करने के पश्चात् जिले के डौण्डीलोहारा एवं डौण्डी विकासखण्डों के 05 जिला पंचायत क्षेत्र के नवनिर्वाचित सदस्यों को निर्वाचन का प्रमाण पत्र प्रदान किया। उल्लेखनीय है कि त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन के प्रथम चरण के अंतर्गत जिले के डौण्डीलोहारा एवं डौण्डी विकासखण्डों में प्रथम चरण का मतदान एवं मतगणना 17 फरवरी को संपन्न हुआ था।
जिसका सारणीकरण आज जिला पंचायत सभाकक्ष में रिटर्निंग आफिसर डाॅ. संजय कन्नौजे एवं अन्य अधिकारियों, अभ्यर्थियों एवं अभिकर्ताओं की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस दौरान रिटर्निंग आफिसर डाॅ. संजय कन्नौजे द्वारा जिला पंचायात के निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 06 के नवनिर्वाचित सदस्य प्रभा रामलाल नायक, जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 07 के नवनिर्वाचित सदस्य चुन्नी मानकर, जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 08 के नवनिर्वाचित सदस्य राज राम तारम, जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 11 के नवनिर्वाचित सदस्य नीलिमा श्याम एवं जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 12 के नवनिर्वाचित सदस्य मिथलेश निरोटी को निर्वाचन का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
बालोद विकासखण्ड के 189 केन्द्रों में मतदान 20 को
बालोद । जिले में त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन के द्वितीय चरण के अंतर्गत बालोद विकासखण्ड के कुल 189 मतदान केन्द्रों में गुरूवार 20 फरवरी को मतदान संपन्न किया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा मतदान एवं मतगणना कार्य को सुचारू रूप से एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है।
उल्लेखनीय है कि त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन के अंतर्गत गुरूवार 20 फरवरी को बालोद विकासखण्ड के जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 09 एवं 10 सहित कुल 02 क्षेत्रों के लिए जिला पंचायत सदस्य का निर्वाचन संपन्न किया जाएगा। जिला पंचायत सदस्य के प्रत्येक क्षेत्रों में 03-03 अभ्यर्थियों सहित दोनों क्षेत्रों में कुल 06 अभ्यर्थी एवं जनपद पंचायत के 16 निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 44 अभ्यर्थी अपना भाग्य आजमा रहे है। इसी तरह बालोद विकासखण्ड के कुल 60 ग्राम पंचायतों में से 01 ग्राम पंचायत हीरापुर में सरपंच पद के लिए निर्विरोध निर्वाचन की प्रक्रिया संपन्न हो चूकी है।
इसलिए 20 फरवरी को सरपंच पद हेतु बालोद विकासखण्ड के केवल 59 पंचायतों में ही मतदान संपन्न किया जाएगा। बालोद विकासखण्ड के 59 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए होने वाले निर्वाचन के लिए कुल 243 अभ्यर्थी अपना किस्मत आजमा रहे है। इसी तरह सभी 60 ग्राम पंचायतों में वार्ड पंच के कुल 900 वार्डों में से 395 वार्डों के लिए निर्विरोध वार्ड पंच निर्वाचित किए गए है। इस तरह से बालोद विकासखण्ड के शेष 505 वार्डों के लिए 20 जनवरी को मतदान संपन्न किया जाएगा। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशानुसार बालोद विकासखण्ड के 189 मतदान केन्द्रों के लिए मतदान दल के अधिकारी-कर्मचारियांे के अलावा जोनल अधिकारी, कार्यपालिक दण्डाधिकारी तथा सुरक्षा बल के जवान आदि की तैनातगी सुनिश्चित की गई है।
कब्रिस्तान में घोटाला : दीवार गिरने से उठने लगे कई सवाल, सदर और ठेकेदार की मिलीभगत
फिरोज अहमद खान
बालोद। कब्रिस्तान की दीवार गिरने के साथ ही कई राज खुलने लगे हैं, जिनका ना तो कोई ठोस कारण था और न ही कोई ठोस जवाब। जी हां, मामला है बालोद जिले के शहर दल्ली राजहरा स्थित मुस्लिम कब्रिस्तान की दीवार का, जिसकी मजबूती पर शासन ने लगभग 17 लाख 82 हजार रुपए खर्च किए थे। लेकिन अफसोस, एक महीने में ही दीवार पूरी तरह से ढहकर जमीदोज हो गई। अब सवाल ये उठता है कि क्या दीवार को बनाने वाले ठेकेदार की नीयत में कुछ खोट थी या फिर कुछ और ही मामला है? वहीं मुस्लिम जमात के कई लोगों का कहना है कि राजहरा मुस्लिम जमात का सदर (अध्यक्ष) अब मुर्दों को भी चैन से सोने नहीं दे रहा। इससे पहले भी कई सदर रहे लेकिन उन्होंने जमात में किसी प्रकार का भ्रष्टाचार नहीं किया।
मुस्लिम कमेटी दल्ली राजहरा के सदर (अध्यक्ष) और सेक्रेटरी, जिनके हाथ में कब्रिस्तान का जिम्मा है, अब इस भ्रष्टाचार और दुरुपयोग के मामले में पूरी तरह से मौन हैं। कहते हैं, “हर किसी की पहचान उसकी काम से होती है” लेकिन इन दोनों के काम ने पूरी मुस्लिम कमेटी और मुस्लिम समाज को बेहद शर्मिंदा कर दिया है। वहीं अन्य शहरों के लोग भी इनके कारनामों के कारण इन पर थूक रहे है। शासन से मिली राशि का क्या हुआ, ये सवाल किसी के मन में घुमते हुए सुलग रहे हैं, लेकिन सदर और सेक्रेटरी तो कान में रुई ठूंसकर सोए हुए हैं।
अब इस गिरती दीवार की वजह से कब्रिस्तान में जानवरों का जमावड़ा हो गया है, जिसमें कुत्ते और सूअर तक आराम से घुस आते हैं। ये जानवर कब्रों के पास जाकर वहां के शांति को भंग करते हैं और मृतकों की शांति में खलल डालते हैं। मुस्लिम समाज के लोग अब पूछ रहे हैं कि जिनसे कब्रिस्तान की सुरक्षा और रख-रखाव की उम्मीद थी, वे अब क्यों खामोश हैं?
शेख नय्यूम, मुस्लिम कमेटी के अध्यक्ष, क्या सचमुच अनजान हैं या वे जान-बूझकर इस मुद्दे से नजरें चुराने की कोशिश कर रहे हैं? यह समझ से परे है। और तो और, मुस्लिम कमेटी के सेक्रेटरी भी अब तक इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं, जैसे उनके कानों में रुई ठूंसी हो। उन्हें शायद यह महसूस नहीं हो रहा है कि वे लोगों के विश्वास को खो चुके हैं।
अब दीवार गिरने के बाद जनता और मीडिया में इस घोटाले को लेकर तमाम सवाल उठ रहे हैं, लेकिन कब्रिस्तान के इन जिम्मेदारों के पास कोई ठोस जवाब नहीं है। क्या यह घोटाला केवल एक दीवार तक सीमित है, या फिर इससे भी कहीं बड़े मुद्दे दफन हैं? ये सवाल राजहरा के नागरिकों के मन में अब तक गूंज रहे हैं।
आपको बता दें कि कांग्रेस शासन काल में यह भ्रष्टाचार हुआ है। जिस समय छत्तीसगढ़ राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री रही श्रीमती अनिला भेड़िया के कार्यकाल में ऐसा कृत्य हुआ। अल्पसंख्यकों के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अनेक योजनाओं को लागू करने के नियम बनाए है। वहीं मुस्लिम समाज के जिम्मेदारों और भ्रष्ट ठेकेदारों द्वारा ऐसा सनसनीखेज कारनामा उजागर हुआ। वहीं मुस्लिम समाज के लोगों ने बताया कि कब्रिस्तान में औरतों के जाने पर सख्त मनाही है बावजूद इसके कब्रिस्तान में औरतों से काम करवाया जा रहा है। जो इस्लामिक शरीयत के तौर पर नियम विरुद्ध है।
राजहरा मस्जिद कमेटी के सदर और सेक्रेटरी का खुद का घर आज भी टिका हुआ है उसमें एक दरार भी नहीं आई है। तो कैसे इनकी निगरानी में मुस्लिम कब्रिस्तान में बनी दीवार मात्र एक माह में ही ढह गई, जो बड़ा सवाल है। इससे साफ साफ भ्रष्टाचार का खुलासा होता है। वहीं बाउंड्री वॉल निर्माण एजेंसी के इंजीनियर से पूछने पर उन्होंने बताया कि राजहरा मस्जिद कमेटी के सदर ने कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल को और आगे नाले तक बढ़ाने के निर्देश दिए थे। वहीं ठेकेदार ने नाले के किनारे बाउंड्री वॉल बना दी। आदिवासी विकास शाखा बालोद में आरटीआई एक्टिविस्ट फिरोज अहमद खान द्वारा इस संबंध में आरटीआई दायर की गई थी। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 10 अक्टूबर 2022 को डौंडी के ठेकेदार आनंद जैन को कार्यादेश दिया गया था। जिनके द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के मुस्लिम कब्रिस्तान अहाता निर्माण किया गया। वहीं अहाता निर्माण के ठीक एक माह में ही अहाता टूट गया। जिसे आज पर्यंत तक सुधारा नहीं गया है। विभाग के इंजीनियर द्वारा कैसे बिना नींव डाले दीवार बनाने के कागजों पर दस्तखत कर दिए गए। जो कही न कही भारी अनियमितता दिखाई देती है।
आपको बता दें कि 17.82 लाख की बाउंड्री वॉल में नींव तक नहीं डाली गई थी। इससे साफ जाहिर होता है कि भ्रष्टाचार के कारण कब्रिस्तान की दीवार ढह गई। वहीं राजहरा मुस्लिम कमेटी के सदर (अध्यक्ष) शेख नय्यूम ने आज तक इस मामले में शिकायत तक नहीं की। क्या शेख नय्यूम और उसके साथी इस घोटाले पर पर्दा डालने में सफल होंगे, या फिर उनका यह दुरुपयोग और भ्रष्टाचार पूरी तरह से बेनकाब हो जाएगा? यह तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन फिलहाल कब्रिस्तान की गिरी हुई दीवार ने सच्चाई के कई राज खोल दिए हैं।
समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की
बालोद । कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान श्री चन्द्रवाल ने नगरीय निकाय आम निर्वाचन के अंतर्गत मंगलवार 11 फरवरी को बालोद जिले के 08 नगरीय निकायों में निर्विघ्न, शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक मतदान संपन्न कराने हेतु मतदान कार्य में लगे सभी अधिकारी-कर्मचारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि बिना किसी अवरोध के शांतिपूर्ण ढंग से मतदान संपन्न होना हम सभी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस दौरान उन्होंने मतदान कार्य में लगे जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों के कार्यों की भूरी-भूरी सराहना भी की। बैठक में अपर कलेक्टर चन्द्रकांत कौशिक एवं राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
बैठक में श्री चन्द्रवाल ने नगरीय निकाय आम निर्वाचन के अंतर्गत 15 फरवरी को होने वाले मतगणना के तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने 11 फरवरी को संपन्न मतदान की भाँति मतगणना कार्य को भी बिना किसी अवरोध के शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में कलेक्टर ने जिले में त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन के तैयारियों की भी समीक्षा की। इसके अंतर्गत उन्होंने मतदान केन्द्रों में जरूरी व्यवस्थाओं के अलावा सुरक्षा बलों की तैनातगी आदि के संबंध में भी जानकारी ली। इसके लिए उन्होंने उप जिला निर्वाचन अधिकारी के अलावा सभी रिटर्निंग अधिकारियों को आवश्यक तैयारी करने के निर्देश भी दिए। बैठक में श्री चन्द्रवाल ने प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी से 01 मार्च से प्रारंभ हो रहे कक्षा 12वीं एवं 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन की तैयारियों के संबंध में भी जानकारी ली।
उन्होेंने प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी को जिले में बोर्ड परीक्षाओं के सफल आयोजन हेतु सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। श्री चन्द्रवाल ने अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक से जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के जिला कार्यालय के निर्माण हेतु भू-खंड आबंटन के कार्यवाही के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बालोद को प्रकरण की जाँच कर भू-खंड आबंटन की कार्यवाही शीघ्र सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने अंतर विभागीय प्रकरणों की भी समीक्षा की।
कब्रिस्तान में घोटाला : दीवार गिरने से उठने लगे कई सवाल, सदर और ठेकेदार की मिलीभगत
फिरोज अहमद खान
बालोद। कब्रिस्तान की दीवार गिरने के साथ ही कई राज खुलने लगे हैं, जिनका ना तो कोई ठोस कारण था और न ही कोई ठोस जवाब। जी हां, मामला है बालोद जिले के शहर दल्ली राजहरा स्थित मुस्लिम कब्रिस्तान की दीवार का, जिसकी मजबूती पर शासन ने लगभग 17 लाख 82 हजार रुपए खर्च किए थे। लेकिन अफसोस, एक महीने में ही दीवार पूरी तरह से ढहकर जमीदोज हो गई। अब सवाल ये उठता है कि क्या दीवार को बनाने वाले ठेकेदार की नीयत में कुछ खोट थी या फिर कुछ और ही मामला है? वहीं मुस्लिम जमात के कई लोगों का कहना है कि राजहरा मुस्लिम जमात का सदर (अध्यक्ष) अब मुर्दों को भी चैन से सोने नहीं दे रहा। इससे पहले भी कई सदर रहे लेकिन उन्होंने जमात में किसी प्रकार का भ्रष्टाचार नहीं किया।
मुस्लिम कमेटी दल्ली राजहरा के सदर (अध्यक्ष) और सेक्रेटरी, जिनके हाथ में कब्रिस्तान का जिम्मा है, अब इस भ्रष्टाचार और दुरुपयोग के मामले में पूरी तरह से मौन हैं। कहते हैं, “हर किसी की पहचान उसकी काम से होती है” लेकिन इन दोनों के काम ने पूरी मुस्लिम कमेटी और मुस्लिम समाज को बेहद शर्मिंदा कर दिया है। वहीं अन्य शहरों के लोग भी इनके कारनामों के कारण इन पर थूक रहे है। शासन से मिली राशि का क्या हुआ, ये सवाल किसी के मन में घुमते हुए सुलग रहे हैं, लेकिन सदर और सेक्रेटरी तो कान में रुई ठूंसकर सोए हुए हैं।
अब इस गिरती दीवार की वजह से कब्रिस्तान में जानवरों का जमावड़ा हो गया है, जिसमें कुत्ते और सूअर तक आराम से घुस आते हैं। ये जानवर कब्रों के पास जाकर वहां के शांति को भंग करते हैं और मृतकों की शांति में खलल डालते हैं। मुस्लिम समाज के लोग अब पूछ रहे हैं कि जिनसे कब्रिस्तान की सुरक्षा और रख-रखाव की उम्मीद थी, वे अब क्यों खामोश हैं?
शेख नय्यूम, मुस्लिम कमेटी के अध्यक्ष, क्या सचमुच अनजान हैं या वे जान-बूझकर इस मुद्दे से नजरें चुराने की कोशिश कर रहे हैं? यह समझ से परे है। और तो और, मुस्लिम कमेटी के सेक्रेटरी भी अब तक इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं, जैसे उनके कानों में रुई ठूंसी हो। उन्हें शायद यह महसूस नहीं हो रहा है कि वे लोगों के विश्वास को खो चुके हैं।
अब दीवार गिरने के बाद जनता और मीडिया में इस घोटाले को लेकर तमाम सवाल उठ रहे हैं, लेकिन कब्रिस्तान के इन जिम्मेदारों के पास कोई ठोस जवाब नहीं है। क्या यह घोटाला केवल एक दीवार तक सीमित है, या फिर इससे भी कहीं बड़े मुद्दे दफन हैं? ये सवाल राजहरा के नागरिकों के मन में अब तक गूंज रहे हैं।
आपको बता दें कि कांग्रेस शासन काल में यह भ्रष्टाचार हुआ है। जिस समय छत्तीसगढ़ राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री रही श्रीमती अनिला भेड़िया के कार्यकाल में ऐसा कृत्य हुआ। अल्पसंख्यकों के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अनेक योजनाओं को लागू करने के नियम बनाए है। वहीं मुस्लिम समाज के जिम्मेदारों और भ्रष्ट ठेकेदारों द्वारा ऐसा सनसनीखेज कारनामा उजागर हुआ। वहीं मुस्लिम समाज के लोगों ने बताया कि कब्रिस्तान में औरतों के जाने पर सख्त मनाही है बावजूद इसके कब्रिस्तान में औरतों से काम करवाया जा रहा है। जो इस्लामिक शरीयत के तौर पर नियम विरुद्ध है।
राजहरा मस्जिद कमेटी के सदर और सेक्रेटरी का खुद का घर आज भी टिका हुआ है उसमें एक दरार भी नहीं आई है। तो कैसे इनकी निगरानी में मुस्लिम कब्रिस्तान में बनी दीवार मात्र एक माह में ही ढह गई, जो बड़ा सवाल है। इससे साफ साफ भ्रष्टाचार का खुलासा होता है। वहीं बाउंड्री वॉल निर्माण एजेंसी के इंजीनियर से पूछने पर उन्होंने बताया कि राजहरा मस्जिद कमेटी के सदर ने कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल को और आगे नाले तक बढ़ाने के निर्देश दिए थे। वहीं ठेकेदार ने नाले के किनारे बाउंड्री वॉल बना दी। आदिवासी विकास शाखा बालोद में आरटीआई एक्टिविस्ट फिरोज अहमद खान द्वारा इस संबंध में आरटीआई दायर की गई थी। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 10 अक्टूबर 2022 को डौंडी के ठेकेदार आनंद जैन को कार्यादेश दिया गया था। जिनके द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के मुस्लिम कब्रिस्तान अहाता निर्माण किया गया। वहीं अहाता निर्माण के ठीक एक माह में ही अहाता टूट गया। जिसे आज पर्यंत तक सुधारा नहीं गया है। विभाग के इंजीनियर द्वारा कैसे बिना नींव डाले दीवार बनाने के कागजों पर दस्तखत कर दिए गए। जो कही न कही भारी अनियमितता दिखाई देती है।
आपको बता दें कि 17.82 लाख की बाउंड्री वॉल में नींव तक नहीं डाली गई थी। इससे साफ जाहिर होता है कि भ्रष्टाचार के कारण कब्रिस्तान की दीवार ढह गई। वहीं राजहरा मुस्लिम कमेटी के सदर (अध्यक्ष) शेख नय्यूम ने आज तक इस मामले में शिकायत तक नहीं की। क्या शेख नय्यूम और उसके साथी इस घोटाले पर पर्दा डालने में सफल होंगे, या फिर उनका यह दुरुपयोग और भ्रष्टाचार पूरी तरह से बेनकाब हो जाएगा? यह तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन फिलहाल कब्रिस्तान की गिरी हुई दीवार ने सच्चाई के कई राज खोल दिए हैं।
जिले के सभी नगरीय निकायों में मतदान पश्चात् ईवीएम मशीनों को स्ट्रांग रूम में सील कर किया गया सुरक्षित
बालोद । नगरीय निकाय आम निर्वाचन 2025 के अंतर्गत जिले के सभी 08 नगरीय निकायों में 11 फरवरी को शांतिपूर्वक मतदान संपन्न हुआ। जिसके पश्चात् मतदान दलों की सामग्री जमा केंद्र में सफलतापूर्वक वापसी हुई। जिले के सभी नगरीय निकायों में मतदान सामग्रियों यथा ईवीएम मशीन एवं बैलेट यूनिट को सुरक्षित रखने स्ट्रांग रूम बनाया गया है। जहाँ कल मतदान पश्चात् सामग्रियों को राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सीसीटीवी की निगरानी में सुरक्षित रखा गया है। सभी स्ट्रांग रूम को मुहरबंद कर कड़ी सुरक्षा में रखा गया है।
हेड मास्टर के बेटे ने की आत्महत्या, जांच में जुटी पुलिस...
बालोद । बालोद में पढ़ने वाले 14 साल के छात्र ने स्कूूल से लौट कर घर में फांसी लगाकर जान दे दी। बच्चे ने ऐसा आत्मघाती कदम क्यों उठाया और इसके पीछे का कारण क्या था। इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पाई है। नाबालिग छात्र के पिता गवर्नमेंट स्कूल में हेड मास्टर है। घटना बालोद के कोतवाली थाना क्षेत्र की है।
जानकारी के मुताबिक, बीते सोमवार को 14 वर्षीय बेटे को पिता सुबह आठ बजे स्कूल छोड़ने गये थे। छात्र 8वीं में पढ़ाई कर रहा था। दोपहर दो बजे छुट्टी होने के बाद छात्र स्कूल से घर लौटा और खाना खाकर अपने कमरे में चला गया। शाम छह बजे छात्र के पिता लौटे तो कमरा अंदर से बंद था। खिड़की से देखने पर शव फंदे से लटका हुआ मिला।
घटना के बाद परिजनों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पूछताछ में पिता ने पुलिस को बताया कि घटना से पहले बच्चे के स्कूल से टीचर का फोन आया था। इस दौरान टीचर ने उन्हें कहा कि आपका बच्चा पढ़ाई में बहुत कमजोर है, ध्यान दीजिए।
शायद इसी बात से उनका बेटा परेशान था। हेड मास्टर पिता ने अपने बच्चे की मौत मामले में जांच की मांग की है। साथ ही दोषी व्यक्ति पर कड़ी कारवाई की मांग भी पुलिस से की है।
मृतक छात्र के पिता सरकारी स्कूल में हेड मास्टर है। उमरादाह के ब्लेज एकेडमी में उनका बड़ा बेटा पढ़ाई कर रहा था। छोटा बेटा भी इसी स्कूल में पढ़ाई कर रहा है। फिलहाल बच्चे ने आत्महत्या क्यों की इसकी जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।