छत्तीसगढ़ / दुर्ग
मोर गांव मोर पानी अभियान में महिलाओं की बड़ी पहल, श्रमदान से बनाए 3360 सोख्ता गड्ढे
दुर्ग । कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग कुमार दुबे के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रे-वाटर यानी घरेलू गंदे पानी के सुरक्षित प्रबंधन के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत स्व-सहायता समूहों की महिलाओं एवं स्वच्छताग्राहियों द्वारा श्रमदान से 3360 सोख्ता गड्ढों (सोक पिट) का निर्माण किया गया है। अभियान का उद्देश्य घरों से निकलने वाले निस्तारित एवं गंदे पानी को गलियों, रास्तों और सार्वजनिक स्थानों पर खुले में बहने से रोकना है। इससे गांवों में गंदगी और जलजनित बीमारियों की रोकथाम के साथ-साथ पानी के प्राकृतिक निस्तारण एवं भू-जल पुनर्भरण को भी बढ़ावा मिलेगा।
जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रे-वाटर के सुरक्षित प्रबंधन को लेकर जनभागीदारी को प्राथमिकता दी जा रही है। महिलाओं द्वारा स्वयं आगे बढ़कर अपने घरों से इस अभियान की शुरुआत करना ग्रामीण समुदाय के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।
‘पहले खुद से शुरुआत’ बनी अभियान की पहचान :
इस पहल की खास बात है कि स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने ‘नेतृत्व परिवर्तन और स्वयं से शुरुआत’ की प्रेरणादायक थीम के साथ अपने घरों से ही अभियान की शुरुआत की। 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शुरू किए गए इस अभियान को अपशिष्ट जल प्रबंधन सप्ताह के रूप में आगे बढ़ाया गया। महिलाओं ने संकल्प लिया कि यदि उनके घरों से निकलने वाला गंदा पानी खुले में बह रहा है, तो वे सबसे पहले अपने घर के आसपास सोख्ता गड्ढे का निर्माण करेंगी। इसके बाद अन्य ग्रामीण परिवारों को भी इसके लिए प्रेरित किया गया।
श्रमदान से तैयार हो रहे सोख्ता गड्ढे :
अभियान पूरी तरह जनभागीदारी और श्रमदान पर आधारित है। स्वच्छताग्राहियों एवं स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने आपसी सहयोग से घरों के आसपास लगभग 2 से 3 फीट गहरे गड्ढे तैयार किए। इनमें स्थानीय स्तर पर उपलब्ध ईंट, पत्थर और कंकड़ आदि सामग्री का उपयोग किया गया, जिससे घरेलू पानी जमीन में सुरक्षित रूप से सोख सके और भू-जल पुनर्भरण में मदद मिले।
सेप्टिक टैंक के ओवरफ्लो पानी का भी सुरक्षित प्रबंधन :
अभियान का दायरा केवल सामान्य घरेलू ग्रे-वाटर तक सीमित नहीं है। ऐसे ग्रामीण परिवार, जिनके घरों में सेप्टिक टैंक युक्त शौचालय हैं और टैंक के ओवरफ्लो होने से गंदा पानी खुले में बह रहा था, उन्हें भी अभियान से जोड़ा गया है। ऐसे स्थानों पर विशेष सोक पिट एवं सोख्ता गड्ढों के माध्यम से पानी के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था की जा रही है।
सोख्ता गड्ढों का निर्माण तकनीकी रूप से सही तरीके से हो, इसके लिए जनपद पंचायत स्तर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, करारोपण अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी, विकासखण्ड समन्वयक एवं तकनीकी सहायकों द्वारा स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया गया। गांवों के संकुल बनाकर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो अभियान की सतत मॉनिटरिंग और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित कर रहे हैं। जिले में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने के लिए पूर्व में भी ग्राम पंचायतों में वर्मी एवं नाडेप संरचनाओं की सफाई, कचरे का पृथक्करण तथा सार्वजनिक जल स्रोतों के आसपास स्वच्छता अभियान चलाए गए हैं। ग्रे-वाटर प्रबंधन की यह पहल इन प्रयासों को और मजबूती प्रदान कर रही है। जिला प्रशासन और स्व-सहायता समूहों की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता एवं जल संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। वहीं, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं जनभागीदारी, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण की प्रभावी मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं।
सेमरिया की समस्या पर कलेक्टर की नजर, खबर के बाद तत्काल स्वीकृत हुए दो निर्माण कार्य
दुर्ग । जिले के जनपद पंचायत धमधा अंतर्गत ग्राम सेमरिया में सड़क एवं आवागमन की समस्या को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर अभिजित सिंह ने त्वरित समाधान का आश्वासन देते हुए जिला पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग दुबे को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर के निर्देश पर जिला पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दुबे ने जनपद पंचायत धमधा से आवश्यक निर्माण कार्यों का प्राक्कलन प्राप्त किया।
प्राक्कलन के परीक्षण एवं निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ग्राम सेमरिया में दो निर्माण कार्यों के लिए कुल ₹12.05 लाख की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृत कार्यों में ₹8.48 लाख की लागत से पुल-पुलिया निर्माण तथा ₹3.57 लाख की लागत से मिट्टी-मुरूम सड़क निर्माण शामिल है। दोनों कार्यों के पूरा होने से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी तथा बारिश के दौरान जल निकासी एवं सड़क संपर्क से जुड़ी समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
स्थल निरीक्षण के बाद तत्काल कार्य प्रारंभ करने की प्रक्रिया :
प्रशासनिक स्वीकृति के बाद तकनीकी सहायक, सरपंच दामनी साहू, रोजगार सहायक एवं पंचायत सचिव की उपस्थिति में स्थल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए तत्काल कार्य प्रारंभ कराने की कार्रवाई की गई। इस अवसर पर सरपंच दामनी साहू एवं ग्रामीण देवेन्द्र सोनी तथा बहलराम ने कार्यों की स्वीकृति एवं तत्काल कार्रवाई के लिए कलेक्टर अभिजीत सिंह एवं जिला प्रशासन के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया।
निर्माण कार्यों को स्वीकृति मिलने और कार्य प्रारंभ करने की प्रक्रिया शुरू होने पर ग्रामीणों में खुशी का माहौल रहा। ग्रामीणों ने हर्ष व्यक्त करते हुए कलेक्टर सिंह एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया। ग्रामीणों ने कहा कि पुल-पुलिया एवं सड़क निर्माण से बारिश के दौरान आवागमन में होने वाली परेशानी कम होगी और गांव के लोगों को राहत मिलेगी। ’विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (जी-राम-जी) योजना के तहत दोनों निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी एवं प्रशासनिक मापदंडों के अनुसार कराए जाएंगे। इन कार्यों से ग्रामीण क्षेत्र की बुनियादी अधोसंरचना मजबूत होने के साथ ही स्थानीय पंजीकृत श्रमिकों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
ज्ञात हो कि कलेक्टर सिंह के निर्देश पर मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना अंतर्गत बागडूमर से सेमरिया 4.06 किलोमीटर लंबाई के सड़क के सुदृढ़ीकरण/नवीनीकरण हेतु 128.83 लाख रुपए का प्राक्कलन तैयार कर विभाग द्वारा शासन को प्रेषित किया गया है। इस प्रकार क्षेत्र में सड़कों के निर्माण एवं सुधार हेतु प्रशासन द्वारा पहल की गई है।
शिक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देवें अधिकारी, नशा के खिलाफ जनजागरूकता अभियान रखें जारी : संभाग आयुक्त
दुर्ग । संभाग आयुक्त सत्यनारायण राठौर ने आज संभागीय कार्यालय के सभा कक्ष में विभिन्न विभागों के संभाग स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान, निर्माण कार्य, जलाशयों में पानी का भराव और प्राथमिक सहकारी समिति गठन के संबंध में जानकारी ली।
संभाग आयुक्त राठौर ने कहा कि संभाग के अंतर्गत स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था बेहतर ढंग से हो, विद्यार्थियों को स्कूल से किसी प्रकार की शिकायतें न हो, व्यवस्था को बेहतर बनाने शिक्षा विभाग द्वारा हर संभव प्रयास किया जाए। उन्होंने संयुक्त संचालक शिक्षा को निर्देशित किया कि विभिन्न स्कूलों में निलंबित शिक्षकों को आरोप पत्र जारी कर विभागीय जांच प्रारंभ करते हुए उन्हें सेवा में पुनः बहल कर विद्यार्थियों की दर्ज संख्या के आधार पर स्कूलों में पदस्थ कर उनकी सेवाएं ली जाए। साथ ही विद्यार्थियों एवं ग्रामीणजनों के प्रति बेहतर एवं अनुशासित ढंग से व्यवहार करने की समझाईश दी जाए। संभाग आयुक्त ने नोडल अधिकारी उच्च शिक्षा को विभागीय समन्वय से स्कूलों एवं कालेजों में नशा के खिलाफ जनजागरूकता अभियान को जारी रखने निर्देशित किया। इस अभियान के तहत युवा वर्ग को नशे के खिलाफ सचेत किया जाए। उन्होंने सीजीएमएससी एवं निर्माण कार्य एजेंसी विभागों के स्वीकृत एवं प्रगतिरत् कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण कर संबंधित विभाग को हैण्डओवर करने निर्देशित किया ताकि सदुपयोग सुनिश्चित किया जा सकें।
समीक्षा के दौरान क्रेडा विभाग के अधिकारी ने बताया कि संभाग अंतर्गत सौर सुजला योजना का लक्ष्य पूर्ण कर लिया गया है। विभिन्न स्थानों में 1300 सौर लैम्प लगाये जा चुके हैं। इसी प्रकार जल संसाधन विभाग के अधिकारी ने बताया कि खपरी और मटियामोती जलाशय में जल भराव 100 प्रतिशत हो चुकी है, वहीं तांदुला, खरखरा, मोहड़ सहित अन्य जलाशयों में 80 से 85 प्रतिशत जल भराव हुआ है। संयुक्त आयुक्त सहकारिता ने अवगत कराया कि शासन के मंशानुरूप संभाग के प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्राथमिक सहकारी समिति बनायी जा रही है। अब तक मत्स्य, दुग्ध एवं वनोपज से संबंधित 1330 नवीन समिति बनायी जा चुकी है। बैठक में उपायुक्त (राजस्व) पदुम लाल यादव एवं उपायुक्त (विकास) संतोष ठाकुर सहित समस्त विभाग के संभाग स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
सीएम हेल्पलाइन से नेहा को मिली राहत : आसानी से बना विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र
दुर्ग । आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए संचालित सीएम हेल्पलाइन प्रभावी साबित होते जा रही है। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत पहांदा (अ) की रहने वाली नेहा गेन्डरे का विवाह 19 अप्रैल 2026 को संपन्न हुआ था। शादी के बाद नई गृहस्थी की शुरुआत के साथ ही उन्हें कई सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना था और बैंक से जुड़े जरूरी काम निपटाने थे।
इन सभी कामों के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज था, विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र। नेहा ने बिना किसी देरी के ग्राम पंचायत में विवाह पंजीयन के लिए अपना आवेदन जमा कर दिया। लेकिन अधिक समय बीत जाने के बाद भी उनका आवेदन प्रक्रिया में अटका रहा। विवाह प्रमाण पत्र न मिलने के कारण नेहा न तो बैंक के जरूरी काम पूरे कर पा रही थीं और न ही शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले पा रही थीं। बार-बार चक्कर काटने के बाद भी जब कोई रास्ता नहीं दिखा, तो उन्होंने हार मानने के बजाय एक प्रभावी कदम उठाने का फैसला किया।
नेहा ने अपनी समस्या के समाधान के लिए ’सीएम हेल्पलाइन’ पर शिकायत दर्ज करा दी। प्रकरण पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में विवाह पंजीयन संबंधी श्रेणी में दर्ज हुआ। अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को समझा और तुरंत आवश्यक कार्यवाही शुरू कर दी। संबंधित स्तर पर प्रक्रिया को तेजी से पूरा कराया गया और नेहा का विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र तैयार कर दिया गया। प्रमाण पत्र हाथ में आते ही नेहा के चेहरे पर खुशी छा गई। सीएम हेल्पलाइन के इस त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण से न केवल उनकी समस्या का समाधान हुआ, बल्कि उन्हें बैंक और सरकारी योजनाओं से जुड़े कामों में भी बड़ी राहत मिली। इस पूरी कार्यवाही पर नेहा ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन से आम नागरिकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
25.57 लाख के विकास कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति
दुर्ग, । ग्रामीण क्षेत्रों में शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार और बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने के उद्देश्य से जिला पंचायत दुर्ग द्वारा एक बड़ा कदम उठाया गया है। कलेक्टर अभिजीत सिंह के अनुमोदन पश्चात् जिला पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बीके दुबे ने विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (व्हीबी-जीरामजी) योजना के तहत जनपद पंचायत पाटन और जनपद पंचायत दुर्ग के अंतर्गत शासकीय शालाओं में निर्माण कार्यों के लिए कुल 25 लाख 57 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। जारी आदेशों के अनुसार स्वीकृत समस्त निर्माण कार्य संबंधित ग्राम पंचायतों द्वारा संपादित कराए जाएंगे।
जिला पंचायत सीईओ बजरंग दुबे ने बताया कि जनपद पंचायत पाटन के अंतर्गत ग्राम पंचायत सेलूद में विद्यालय हेतु बहु-इकाई बालिका शौचालय निर्माण के लिए ₹4.30 लाख तथा अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए ₹7.09 लाख, इस प्रकार कुल ₹11.39 लाख के कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। वहीं दूसरी ओर, जनपद पंचायत दुर्ग के ग्राम पंचायत उमरपोटी में पूर्व माध्यमिक शाला के कक्ष क्रमांक 01 एवं कक्ष क्रमांक 02 में दो अतिरिक्त क्लासरूम के निर्माण हेतु कुल ₹14.18 लाख (प्रत्येक कक्ष हेतु ₹7.09 लाख) की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। जिला प्रशासन द्वारा इन स्वीकृत निर्माण कार्यों को पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से समय सीमा के भीतर पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। योजना के नियमों के अनुसार निर्माण कार्यों में ठेकेदारी प्रथा एवं मशीनों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा तथा केवल पंजीकृत जॉब कार्डधारी श्रमिकों के माध्यम से ही कार्य संपादित कराया जाएगा। श्रमिकों को ₹300 प्रतिदिन की दर से मजदूरी का भुगतान सीधे उनके बैंक या डाकघर खातों में सप्ताह के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। इन स्वीकृतियों से सेलूद और उमरपोटी के शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और मूलभूत सुविधाएँ प्राप्त होंगी।
जिले में अब तक 668.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज
दुर्ग, । जिले में 1 जून 2026 से 31 अगस्त 2026 तक 668.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से अब तक सर्वाधिक वर्षा 850.7 मिमी तहसील पाटन में तथा न्यूनतम 486.3 मिमी. तहसील धमधा में दर्ज की गई है। इसके अलावा तहसील दुर्ग में 782.5 मिमी, तहसील बोरी में 624.9 मिमी, तहसील भिलाई-3 में 720.4 मिमी और तहसील अहिवारा में 548.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। 31 अगस्त 2026 को तहसील दुर्ग में 16.7 मिमी, तहसील धमधा में 10.6 मिमी, तहसील पाटन में 29.6 मिमी, तहसील बोरी में 8.4 मिमी, तहसील भिलाई 3 में 15.2 मिमी और तहसील अहिवारा में 10.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
भिलाई, रिसाली और भिलाई-चरोदा नगर निगम के वार्डों का आरक्षण 9 को
दुर्ग, । जिले के नगरीय निकायों में निष्पक्ष एवं पारदर्शितापूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया सुनिश्चित करने की दिशा में प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां जारी है। इसी क्रम में कलेक्टर अभिजित सिंह ने छत्तीसगढ़ नगर पालिका (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं महिलाओं के लिए वार्डों का आरक्षण) नियम, 1994 के तहत जिले के तीन प्रमुख नगर पालिक निगमों- भिलाई, रिसाली और भिलाई-चरोदा के वार्डों का आरक्षण तय करने हेतु औपचारिक आदेश जारी कर दिया है।
जारी समय-सारणी के अनुसार, तीनों नगर निगमों का वार्डवार आरक्षण कार्यक्रम 09 सितंबर 2026 को सेक्टर-6, भिलाई स्थित कला मंदिर (सिविक सेंटर) में आयोजित किया जाएगा। तय कार्यक्रम के तहत पूर्वाह्न 11.00 बजे से नगर पालिक निगम भिलाई, अपराह्न 03.00 बजे से नगर पालिक निगम रिसाली तथा सायंकाल 05.00 बजे से नगर पालिक निगम भिलाई-चरोदा के वार्डों के आरक्षण की कार्यवाही संपन्न की जाएगी।
भिलाई-3 में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय तथा परिवार न्यायालय कैम्प कोर्ट का वर्चुअल उद्घाटन
दुर्ग, । नागरिकों के निकट न्याय को पहुंचाने तथा न्यायिक सुविधाओं का विस्तार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में आज भिलाई-3 में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय तथा परिवार न्यायालय (कैम्प कोर्ट-अतिरिक्त बैठक) का वर्चुअल उद्घाटन किया गया। माननीय न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधिपति, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर ने माननीय न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी, पोर्टफोलियो न्यायाधीश, जिला दुर्ग की गरिमामयी उपस्थिति में भिलाई-3 स्थित जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय तथा परिवार न्यायालय (कैम्प कोर्ट-अतिरिक्त बैठक), जिला दुर्ग का वर्चुअल उद्घाटन किया। यह उद्घाटन भिलाई-3 क्षेत्र में न्यायिक सेवाओं की उपलब्धता को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय तथा परिवार न्यायालय कैम्प कोर्ट-अतिरिक्त बैठक के प्रारंभ होने से क्षेत्र के नागरिकों को न्यायिक कार्यवाहियों के लिए अधिक सुविधाजनक एवं निकटस्थ न्यायिक मंच उपलब्ध होगा। उद्घाटन तत्पश्चात् माननीय न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधिपति ने अपने उद्बोधन में न्यायिक सेवाओं के विस्तार से जोड़ते हुए अपने विचार व्यक्त किए। भिलाई-3 में न्यायिक सुविधाओं का यह विस्तार न्याय वितरण प्रणाली में सुगमता, पहुंच एवं नागरिक-केंद्रित न्याय की भावना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक कदम है। विशेष रूप से, परिवार न्यायालय कैम्प कोर्टदृअतिरिक्त बैठक के प्रारंभ होने से पारिवारिक विवादों से संबंधित मामलों में संलग्न पक्षकारों को स्थानीय स्तर पर न्यायिक सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गणमान्य अतिथियों के आगमन के साथ हुआ। तत्पश्चात के. विनोद कुजूर, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि भिलाई-तीन एक महत्वपूर्ण एवं तीव्र गति से विकसित हो रहा क्षेत्र है, जहां बढ़ती हुई जनसंख्या तथा विविध प्रकार की विधिक आवश्यकताएं हैं। समर्पित न्यायालयों की स्थापना के पीछे की परिकल्पना एवं मार्गदर्शक विचार माननीय मुख्य न्यायाधिपति के दूरदर्शी नेतृत्व एवं मार्गदर्शन से अत्यधिक प्रेरित रहे हैं। अतः भिलाई-तीन में न्यायालयों की स्थापना, अधिक सुगम, उत्तरदायी एवं नागरिक-केंद्रित न्याय वितरण प्रणाली के संबंध में माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय की परिकल्पना का प्रतिबिंब है।
वर्चुअल उद्घाटन के तत्काल पश्चात् भिलाई-3 में प्रारंभ किए जा रहे जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय तथा परिवार न्यायालय (कैम्प कोर्ट-अतिरिक्त बैठक) से संबंधित एक संक्षिप्त वीडियो प्रदर्शित किया गया। वीडियो के माध्यम से प्रस्तावित न्यायिक सुविधा तथा उसकी प्रकृति की एक झलक उपस्थितजनों के समक्ष प्रस्तुत की गई। यह प्रस्तुति केवल एक नई न्यायिक सुविधा के संबंध में जानकारी मात्र नहीं थी, बल्कि यह न्याय वितरण प्रणाली को लोगों के और अधिक निकट लाने की दिशा में एक नई शुरुआत का दृश्यात्मक परिचय भी बनी।
कार्यक्रम के अंत में, श्रीमती सुमन एक्का, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, दुर्ग ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने माननीय मुख्य न्यायाधिपति, न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी संबंधित व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि भिलाई-3 में इस नवीन न्यायिक सुविधा का प्रारंभ “न्याय को लोगों के और निकट लाने” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल न केवल न्यायिक अधोसंरचना के विस्तार को प्रतिबिंबित करती है, बल्कि बदलते समय के अनुरूप एक सुचारु, सुगम एवं नागरिक-केंद्रित न्याय वितरण प्रणाली के प्रति प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है।
हथखोज की स्टील इंफा सॉल्यूशन कंपनी में प्राणांतक हादसा, जांच में मिली गंभीर सुरक्षा खामियां
दुर्ग, । हथखोज स्थित मेसर्स स्टील इंफा सॉल्यूशन कंपनी लिमिटेड में 19 अगस्त 2026 को हुई प्राणांतक दुर्घटना के बाद औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा दुर्घटना स्थल का निरीक्षण कर प्राथमिक जांच की गई। हादसे में सीएनसी हेल्पर राजेश कुमार निर्मलकर (40 वर्ष) की मृत्यु हुई थी। 20 अगस्त को सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, दुर्ग के साथ विभागीय अधिकारियों ने कारखाना पहुंचकर दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कारखाना प्रबंधन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्राथमिक जांच में कारखाना प्रबंधन की ओर से कई गंभीर सुरक्षा खामियां सामने आईं। जांच में पाया गया कि क्रेन का संचालन सक्षम एवं अधिकृत व्यक्ति से कराने के बजाय अनस्किल्ड वर्कर से कराया जा रहा था। क्रेन के संचालन, रखरखाव, पर्यवेक्षण एवं प्रशिक्षण में निर्धारित सुरक्षा नियमों और प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। जांच में यह भी पाया गया कि आई-बीम, क्रेन की चेन एवं अन्य संबंधित उपकरणों का उचित रखरखाव और नियमित निरीक्षण नहीं किया गया था। क्रेन की चेन में लगे हुक में आवश्यक सेफ्टी लैच/सेफ्टी कैच भी उपलब्ध नहीं पाया गया, जिससे भार के अनियंत्रित रूप से निकलने की संभावना बनी हुई थी। जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि 24 जनवरी 2026 को इसी कारखाने में ईओटी क्रेन संचालन के दौरान एक अन्य प्राणांतक दुर्घटना घटित हुई थी। इस मामले में कार्यालय द्वारा न्यायालय में अभियोजन प्रस्तुत किया गया था। इसके बावजूद क्रेन संचालन एवं रखरखाव में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाना गंभीर विषय पाया गया। विभागीय जांच में क्रेन संचालन के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर, श्रमिकों के प्रशिक्षण, पर्यवेक्षण, निरीक्षण एवं सुरक्षा उपकरणों की जांच-परीक्षण व्यवस्था में भी कमियां पाई गईं।
उप संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा एवं कारखाना निरीक्षक से प्राप्त जानकारी अनुसार श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशाओं को ध्यान में रखते हुए उपजीविका जन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता 2020 की धारा 38(1)(क) में प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए प्रबंधक को कारखाने में स्थापित समस्त ई.ओ.टी. क्रेन एवं हाइड्रा क्रेन का संचालन तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, कारखाना प्रबंधन को निर्देशित किया गया है कि उक्त क्रेनों के सुरक्षित परिचालन के लिए जांच में सामने आई अनियमितताओं के संबंध में सुरक्षा की दृष्टि से अपनाए जाने वाले सभी तकनीकी एवं पर्याप्त सुधारात्मक उपायों की जानकारी तथा अनिवार्य दस्तावेज तत्काल कार्यालय में प्रस्तुत किए जाएं। प्रतिबंधात्मक आदेश की अवधि में कारखाने में नियोजित समस्त श्रमिकों को देय वेतन एवं अन्य भत्तों का भुगतान निर्धारित तिथि पर करना भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वाइन फ्लू की रोकथाम व बचाव के उपाय
दुर्ग, । कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार जिले में स्वाइन फ्लू के संबंध में डॉ. मनोज दानी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग, डॉ. सी.बी.एस. बंजारे, जिला सर्वेलेंस अधिकारी, आईडीएसपी दुर्ग एवं सुश्री भूमिका वर्मा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, एन.एच.एम. दुर्ग के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। दुर्ग जिले में 05 से 29 अगस्त 2026 तक कुल 13 स्वाइन फ्लू धनात्मक प्रकरण मिले। वर्तमान में जिले में कुल 09 एक्टिव मरीज है, जिनका विभिन्न अस्पतालों में चिकित्सकीय उपचार चल रहा है जिनकी स्थिति अभी सामान्य है। जिले में नये धनात्मक प्रकरण मिलने पर कांटेक्ट ट्रेसिंग की जाती है, नियमित मरीज की मोनिटरिंग की जाती है।
स्वाइन फ्लू के संबंध में सामान्य जानकारी
स्वाइन फ्लू श्वसन तंत्र का संक्रमण है, जो इन्फ्लूएंजा ए वायरस के कारण होता है। इन्क्यूबेशन पीरियड सामान्यता 1-2 दिवस। संक्रमण का प्रसार संक्रमित व्यक्ति में लक्षण प्रारंभ होने के 3-5 दिवस तक अन्य व्यक्तियो में हो सकता है। संक्रमण का प्रसार सामान्यता संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से ड्राप्लेट इन्फेक्शन के माध्यम से होता है।
मुख्य लक्षण
सर्दी, खासी, बुखार एवं बदन दर्द।
क्या करें-
खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रूमाल/टिश्यू या कोहनी से ढकें। हाथों को बार-बार साबुन पानी से धोएं या सैनिटाइजर का उपयोग करें। आंख, नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचें। स्वाइन फ्लू से पीड़ित व्यक्ति से उचित दूरी बनाए रखें। पर्याप्त आराम करें, भरपूर नींद लें, पानी पिएं और पौष्टिक भोजन करें। लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र से संपर्क करें। होम आइसोलेशन के दौरान स्वास्थ्य की निगरानी करें तथा स्थिति बिगड़ने पर तुरंत अस्पताल जाएं।
क्या न करें-
अभिवादन के लिए हाथ न मिलाएं और गले न मिलें। डॉक्टर की सलाह के बिना दवाई न लें। बीमारी के लक्षण होने पर स्कूल, कार्यालय या भीड़भाड़ वाले स्थानों पर न जाएं। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढक लेवे।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा अपील की गई है कि घबराने की आवश्यकता नहीं है, सतर्क रहें, स्वच्छता का पालन करें, लक्षण होने पर समय पर स्वास्थ्य संस्था से संपर्क करें तथा संक्रमण के प्रसार को रोकने में सहयोग करें।
बकेट क्लेम पंजीयन में आई तेजी
दुर्ग, । कलेक्टर अभिजीत सिंह द्वारा एग्रीस्टेक एवं बकेट क्लेम पंजीयन को प्राथमिकता देते हुए इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। किसानों के पंजीयन एवं संबंधित प्रक्रियाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसके परिणामस्वरूप जिले में बकेट क्लेम के निराकरण की प्रक्रिया में लगातार प्रगति हो रही है।
27 अगस्त 2026 तक जिले में कुल 1,21,878 बकेट क्लेम पूर्ण किए जा चुके हैं। जिले में कुल 4,59,909 बकेट क्लेम दर्ज हैं। तहसील स्तर पर बोरी 57.19 प्रतिशत क्लेम पूर्ण कर जिले में प्रथम स्थान पर है। इसके बाद धमधा में 49.93 प्रतिशत, अहिवारा में 39.97 प्रतिशत और पाटन में 38.59 प्रतिशत क्लेम पूर्ण किए जा चुके हैं।
विगत चार दिवस में जिले में 931 बकेट क्लेम की प्रगति दर्ज की गई। इसमें पाटन में 426, धमधा में 141, दुर्ग में 137, बोरी में 96, अहिवारा में 86 तथा भिलाई-3 में 45 क्लेम शामिल हैं। बकेट क्लेम पंजीयन किसानों के लिए महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। कलेक्टर ने बकेट क्लेम से संबंधित लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधाार पर निराकरण करते हुए पंजीयन की गति बढ़ाने के निर्देश दिए गए है, ताकि अधिक से अधिक पात्र किसानों को लाभ मिल सके।
भिलाई, रिसाली और भिलाई-चरोदा नगर निगम के वार्डों का आरक्षण 9 सितंबर को
भिलाई । दुर्ग जिले के तीन नगर निगमों में चुनाव प्रक्रिया शुरू हो गई है। नगरीय निकायों में निष्पक्ष एवं पारदर्शितापूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया सुनिश्चित करने की दिशा में प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां जारी है। इसी क्रम में कलेक्टर अभिजित सिंह ने छत्तीसगढ़ नगर पालिका (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं महिलाओं के लिए वार्डों का आरक्षण) नियम, 1994 के तहत जिले के तीन प्रमुख नगर पालिक निगमों- भिलाई, रिसाली और भिलाई-चरोदा के वार्डों का आरक्षण तय करने हेतु औपचारिक आदेश जारी कर दिया है।
जारी समय-सारणी के अनुसार, तीनों नगर निगमों का वार्डवार आरक्षण कार्यक्रम 09 सितंबर 2026 को सेक्टर-6, भिलाई स्थित कला मंदिर (सिविक सेंटर) में आयोजित किया जाएगा। तय कार्यक्रम के तहत पूर्वाह्न 11.00 बजे से नगर पालिक निगम भिलाई, अपराह्न 03.00 बजे से नगर पालिक निगम रिसाली तथा सायंकाल 05.00 बजे से नगर पालिक निगम भिलाई-चरोदा के वार्डों के आरक्षण की कार्यवाही संपन्न की जाएगी।
पीएम स्वनिधि योजनांतर्गत लोक कल्याण मेला 30 सितंबर तक
भिलाईनगर । प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजनांतर्गत शहर के पथ विक्रेताओं एवं असंगठित श्रमिकों को वित्तीय समावेशन, डिजिटल सशक्तिकरण तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा लोक कल्याण मेले का आयोजन किया जा रहा है। शासन के दिशा-निर्देशों एवं नगर पालिक निगम भिलाई की आयुक्त सुरूचि सिंह के मार्गदर्शन में यह आयोजन निगम के सभी पांचों जोनों में किया जा रहा है।
लोक कल्याण मेले का आयोजन 1 से 30 सितंबर तक प्रातः 10.30 बजे से शाम 04ः30 बजे तक किया जाएगा। जोनवार आयोजन की तिथियां इस प्रकार हैं। जोन क्रमांक 01 नेहरू नगर भिलाई दिनांक 01 एवं 02 सितंबर 2026, जोन क्रमांक 02 वैशाली नगर भिलाई दिनांक 08 एवं 09 सितंबर 2026, जोन क्रमांक 03 मदर टेरेसा नगर भिलाई दिनांक 16 एवं 17 सितंबर 2026, जोन क्रमांक 04 शिवाजी नगर भिलाई दिनांक 22 एवं 23 सितंबर 2026, जोन क्रमांक 05 सेक्टर 06 भिलाई दिनांक 29 एवं 30 सितंबर 2026 तक लोक कल्याण मेले के माध्यम से पथ विक्रेताओं को पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत उपलब्ध सूक्ष्म ऋण सुविधाओं की जानकारी देने के साथ ही पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने की कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा विभिन्न शासकीय योजनाओं के माध्यम से वित्तीय समावेशन, डिजिटल भुगतान को बढावा देने, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में पंजीयन तथा अन्य आवश्यक सेवाओं एवं योजनाओं से संबंधित मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
मेले में विभिन्न शासकीय एवं अर्धशासकीय बैंकों द्वारा स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों के ऋण आवेदनों में स्वीकृति एवं ऋण वितरण संबंधी कार्यवाही की जाएगी। साथ ही हितग्राहियों को बैंकिंग एवं डिजिटल लेन-देन से संबंधित आवश्यक जानकारी भी प्रदान की जाएगी। निगम के नोडल अधिकारी सह कार्यपालन अभियंता अनिल सिंह ने शहर के समस्त पथ विक्रेताओं, असंगठित श्रमिकों एवं पात्र नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने संबंधित जोन में आयोजित होने वाले लोक कल्याण मेले में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें तथा पात्रतानुसार योजनाओं का लाभ उठाएं। थ ही नागरिकों से आवश्यक दस्तावेजों जैसे बैंक पास बुक, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड एवं बैंक और आधार से लिंक मोबाईल नम्बर के साथ मेले में उपस्थित होने कहा गया है।
जनदर्शन में नागरिकों ने रखी समस्याएं, त्वरित निराकरण के निर्देश
भिलाईनगर । नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा नागरिकों की समस्याओं एवं मांगों का त्वरित निराकरण करने के उद्देश्य से प्रत्येक सोमवार को जनदर्शन आयोजित किया जाता है। इसी क्रम में निगम आयुक्त सुरुचि सिंह के निर्देशानुसार निगम सभागार कक्ष में आयोजित जनदर्शन में नागरिकों ने उपायुक्त नरेन्द्र कुमार बंजारे के समक्ष अपनी मांग एवं शिकायतें प्रस्तुत कीं।
जनदर्शन में नागरिकों ने विभिन्न मूलभूत सुविधाओं, विकास कार्यों एवं व्यक्तिगत समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। उपायुक्त ने नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का परीक्षण एवं आवश्यकतानुसार स्थल निरीक्षण कर नियमानुसार त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। निगम द्वारा जनदर्शन में प्राप्त शिकायतों एवं मांगों को संबंधित विभागों तक भेजकर उनकी वस्तुस्थिति की जांच की जाती है। आवश्यकता होने पर अधिकारियों द्वारा स्थल निरीक्षण कर समस्या के समाधान की कार्यवाही की जाती है, ताकि नागरिकों को अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए अनावश्यक रूप से निगम कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़े।
निगम प्रशासन का उद्देश्य जनदर्शन के माध्यम से नागरिकों और निगम के बीच सीधा संवाद स्थापित करना तथा प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करना है। निगम अधिकारियों ने नागरिकों की समस्याओं पर जल्द कार्यवाही करने की बात कही।
निगम के 7 कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर दी गई विदाई
भिलाईनगर । नगर पालिक निगम भिलाई में लंबे समय तक अपनी सेवाएं देने वाले 7 कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने पर विदाई समारोह आयोजित किया गया। निगम आयुक्त सुरूचि सिंह की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को शाल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र भेंटकर सम्मानित किया गया तथा उनके सेवाकाल के दौरान किए गए कार्यों की सराहना की गई।
सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी कार्यपालन अभियंता वेशराम सिन्हा, कर्मचारियों में राजस्व निरीक्षक प्रसन्न कुमार तिवारी, फिल्ड वर्कर कृष्णा यादव, हेल्पर क्लीनर ओम प्रकाश तिवारी, सफाई कामगा राजबती निषाद एम जोसफ एवं योव्हान शामिल हैं। मुख्य अभियंता अजीत कुमार तिग्गा, जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे, कार्यपालन अभियंता सुनील जैन एवं अन्य अधिकारियों ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ एवं सुखद भविष्य की कामना किए। उन्होंने कहा कि शासकीय सेवा में कर्मचारियों द्वारा दी गई जिम्मेदारियों का निर्वहन महत्वपूर्ण होता है। सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने अनुभव और कार्यों के माध्यम से निगम की सेवाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देते रहे हैं।
समारोह में निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ अपने अनुभव साझा किए और उनके कार्यकाल को याद करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर निगम के कार्यपालन अभियंता अरविंद शर्मा, सहायक अभियंता फत्ते लाल साहू, श्वेता वर्मा, बसंत साहू, शंकर सुवन मरकाम, रीमा जामुलकर, सहायक राजस्व अधिकारी अनिल मेश्राम, राजस्व अधिकारी शरद दूबे, शालिनी गुरउ, सागर दुबे, रीता चतुर्वेदी, नवीन साहू, रोहित बंजारे, हेमचंद बंजारे, कृष्णा देशमुख, श्रवण ठाकुर, देवेंद्र वर्मा, गेंद राम सिन्हा, राज सच्चर, गिरधर वर्मा सहित अधिकारी, कर्मचारी एवं कर्मचारी संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बीएसपी में वर्षों से जारी लोहा चोरी के पीछे संगठित गिरोह का आरोप
भिलाई । भिलाई इस्पात संयंत्र में कथित तौर पर वर्षों से चल रहे लोहा चोरी के मामले को लेकर वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने अब पुलिस की भूमिका और जांच के तौर-तरीकों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। विधायक ने छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम को पत्र भेजकर बीएसपी की राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले संगठित गिरोह की गहन जांच और उसके मुख्य सूत्रधारों तक पहुंचने की मांग की है। विधायक ने पत्र में दावा किया है कि बीते करीब 40 वर्षों में बीएसपी से लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के लोहे की चोरी हुई है। हालांकि इस राशि और चोरी की अवधि से संबंधित दावों की स्वतंत्र जांच एवं आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
गाड़ियों को ब्लैकलिस्ट करने के बजाय एफआईआर क्यों नहीं
रिकेश सेन ने बीएसपी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि किसी ट्रांसपोर्टर या वाहन को प्लांट से चोरी के दौरान पकड़ा जाता था तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के बजाय वाहनों को ब्लैकलिस्ट किए जाने की प्रक्रिया क्यों अपनाई गई, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
स्क्रैप टेंडर और प्लांट से बाहर जाने वाले माल के वजन पर सवाल
विधायक ने बीएसपी के स्क्रैप टेंडर और प्लांट से बाहर निकलने वाले माल की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। पत्र में उन्होंने पूछा है कि स्क्रैप और अन्य सामग्री के प्लांट से बाहर जाने के दौरान वजन, रिकॉर्डिंग और सुरक्षा जांच की व्यवस्था कितनी प्रभावी थी तथा सीआईएसएफ और संबंधित अधिकारियों की निगरानी में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई, इसकी जांच क्यों नहीं की जाती।
एक मामले की कार्रवाई को पूरे लोहा चोरी प्रकरण से न जोड़ा जाए
रिकेश सेन ने हाल में पुलिस द्वारा भाजपा के एक मंडल पदाधिकारी की गिरफ्तारी का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति के खिलाफ हुई कार्रवाई को पूरे बीएसपी लोहा चोरी प्रकरण से जोड़कर राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। उनका सवाल है कि यदि दशकों से इतने बड़े पैमाने पर चोरी का आरोप है तो इसकी जांच केवल छोटे स्तर के आरोपियों तक सीमित क्यों रहे। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की जांच में राजनीतिक दबाव अथवा पूर्वाग्रह से मुक्त होकर कार्रवाई करने मांग की है।.
दुर्ग पुलिस की कार्रवाई अलग, असली नेटवर्क तक पहुंचना जरूरी
विधायक ने स्पष्ट किया कि दुर्ग पुलिस द्वारा अब तक लोहा चोरी के मामले में की गई गिरफ्तारियां और जांच अपनी जगह है, लेकिन उनके अनुसार मामले के पीछे मौजूद कथित बड़े नेटवर्क और मुख्य सूत्रधारों तक पहुंचना अभी बाकी है। उन्होंने डीजीपी से पूरे मामले को व्यापक स्तर पर देखने और आवश्यकता पड़ने पर केंद्रीय जांच एजेंसियों से जांच कराने की मांग दोहराई है।
डीजीपी से सीधे हस्तक्षेप की अपील
अपने पत्र के अंतिम हिस्से में विधायक रिकेश सेन ने डीजीपी अरुण देव गौतम की कार्यशैली और ईमानदार छवि का उल्लेख करते हुए उनसे इस मामले में व्यक्तिगत रूप से संज्ञान लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बीएसपी की संपत्ति केवल किसी एक संस्थान की नहीं बल्कि देश की राष्ट्रीय संपत्ति है और इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है।
विधायक की मांग है कि बीएसपी लोहा चोरी प्रकरण की जांच को केवल पकड़े गए आरोपियों तक सीमित न रखते हुए वाहनों, ट्रांसपोर्टरों, स्क्रैप कारोबार, खरीददारों, संबंधित अधिकारियों और कथित आर्थिक नेटवर्क की कड़ियों को जोड़कर किया जाए, ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके।
बंगाली समाज के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल हुए सांसद बघेल और विधायक यादव
भिलाई । भिलाई नगर कालीबाड़ी, सेक्टर–6 में आज नवगठित कार्यकारी समिति के पदभार ग्रहण समारोह एवं पौधरोपण कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय बघेल एवं भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव उपस्थित रहे। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी, समाज प्रमुख, जनप्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान नवगठित कार्यकारी समिति के पदाधिकारियों ने शपथ ग्रहण कर अपने दायित्वों एवं जिम्मेदारियों का विधिवत पदभार संभाला। कार्यकारिणी में कुल 21 पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल हैं। इनमें अध्यक्ष डॉ. दीप चटर्जी,उपाध्यक्ष देवव्रत कर, विश्वजीत दास, सचिव सुमीत कुमार घोषाल, सहसचिव सुमन शील, अजय कुमार मिश्रा, श्रीमती अरुणा भट्टाचार्य, कोषाध्यक्ष, तिमीर भट्टाचार्य, सदस्य श्रीमती बॉबी दास, श्रीमती रत्ना घोषाल, श्रीमती शोमा देव, तरुण भट्टाचार्य, सत्यजीत दास, समीर घोषाल, सौरभ दत्ता, बिपुल सेन, अभिदेव नंदी, तपन दास, दीपक कुमार बनर्जी, सत्यजीत पंडा, रजत राय है। कार्यक्रम में कार्यकारिणी के पांच सदस्य रजत राय, दीपक कुमार बनर्जी, तिमीर भट्टाचार्य, देवव्रत कर, अजय कुमार मिश्रा शहर से बाहर होने के कारण उपस्थित नहीं हो सके। शेष उपस्थित पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कार्यक्रम में विधिवत शपथ ग्रहण कर अपने-अपने दायित्वों का पदभार संभाला। पदभार ग्रहण समारोह के अवसर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। सांसद बघेल एवं विधायक यादव सहित उपस्थित अतिथियों ने नवगठित कार्यकारी समिति के सदस्यों की उपस्थिति में पौधारोपण किया।
इस अवसर पर कालीबाड़ी परिसर को हरित, स्वच्छ एवं सुंदर बनाने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने का संकल्प लिया गया।
मुख्य अतिथि दुर्ग लोकसभा सांसद बघेल ने नवगठित कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सेक्टर–6 कालीबाड़ी से उनका पुराना और आत्मीय संबंध रहा है। उन्होंने बताया कि वे पूर्व में कालीबाड़ी मंदिर के समीप ही निवास करते थे और तभी से मां काली के प्रति उनकी आस्था एवं भक्ति जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि कालीबाड़ी मंदिर एवं समाज के विकास के लिए बेहतर कार्यप्रणाली के साथ निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने नई समिति को आश्वस्त किया कि कालीबाड़ी के विकास एवं समाजहित से जुड़े कार्यों में वे हरसंभव सहयोग प्रदान करेंगे।
विशेष अतिथि भिलाई नगर विधायक यादव ने नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे बचपन से ही सेक्टर–6 कालीबाड़ी आते रहे हैं और उनका मां काली के मंदिर से पुराना जुड़ाव रहा है। उन्होंने मंदिर एवं समाज के विकास के लिए होने वाले कार्यों में आगे भी अपनी सक्रिय सहभागिता निभाने की बात कही। कार्यक्रम में भिलाई बंगाली समाज, हुडको कालीबाड़ी,छत्तीसगढ़ बंगाली मित्र समाज, हाउसिंग बोर्ड कालीबाड़ी, सुभाष नगर कालीबाड़ी, नेहरू नगर कालीबाड़ी, स्मृति नगर कालीबाड़ी, राधिका नगर कालीबाड़ी, न्यू खुर्सीपार कालीबाड़ी, हिन्दू मिलन सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी, भिलाई शहर की विभिन्न कालीबाड़ियो के प्रतिनिधिमंडल तथा भाजपा, कांग्रेस, बजरंग दल, विश्वहिंदू परिषद एवं अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान बच्चों द्वारा जूडो-कराटे का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकों ने खूब सराहा। इस अवसर पर भिलाई बंगाली समाज के अध्यक्ष सुप्रभात पाल, सुबीर राय, पूर्व सचिव सुरजीत दत्ता, राजा बनर्जी, मानस बैनर्जी, श्यामल राय, शुभेंदु बागची, अभिजीत भौमिक, पिंटू पाल, पालस बासु, विमान राय, प्रकाश राय, जयंत बागची, संजय पालित, अभिजीत डे, तपन मजूमदार, मौसमी राय, मुनमुन चटर्जी, काजल चौधरी, मानसी सरकार, जोली राय, रूपाली पालित सहित अन्य नागरिक मौजूद थे।