छत्तीसगढ़ / कोरिया
ग्रामीण क्षेत्रों में संपूर्ण स्वच्छता के लिए सजग सामूहिक प्रयास जरूरी-योगेन्द्र
रायपुर
। कलेक्टर कोरिया रोक्तिमा यादव के निर्देशन में कोरिया जिले के सभी ग्राम पंचायतों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 को लागू किया गया है। इसके अंतर्गत सभी ग्राम पंचायतों में स्वच्छता के मानकों के अनुसार आवश्यक स्वच्छता के लिए ठोस अपशिष्ट के पृथक्करण व प्रबंधन की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इस कड़ी में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री योगेन्द्र श्रीवास ने जिले की सभी जनपद पंचायतों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) नियम-2026 का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में घर-घर से कचरे का पृथक संग्रहण, गीले एवं सूखे कचरे का स्रोत पर पृथक्करण तथा अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि वर्षा जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण कर उसे अधिक से अधिक भूजल पुनर्भरण (रिचार्ज) करना अभियान का मुख्य उद्देश्य है। जब हमारे भूजल स्तर में वृद्धि होगी तभी जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा तथा भविष्य की जल आवश्यकताओं की पूर्ति में सहायता मिलेगी इसलिए शासन द्वारा संचालित मोर गांव मोर पानी महाभियान को और तेज करते हुए सभी जनपद पंचायतों को मिशन मोड में सामुदायिक सोख्ता गड्ढों का निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं समय-सीमा का विशेष ध्यान रखते हुए शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने सभी जनपद पंचायतों को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायतों में कार्यरत महिला स्वच्छतावाहियों को आवश्यक सुरक्षा किट उपलब्ध कराई जाए तथा सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित किया जाए, जिससे वे सुरक्षित एवं प्रभावी ढंग से अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।
उन्होंने कोरिया वासियों से पूरे क्षेत्र की स्वच्छता में सहभागी होने का आवाहन करते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार यह ठान लें कि अब किसी भी प्रकार का कचरा खुले में नहीं फेंकेंगे। इससे स्वच्छता का एक बड़ा चरण स्वमेव पूरा हो जाएगा। सभी नागरिक अपने घरों में ही गीले एवं सूखे कचरे का पृथक्करण करें और सार्वजनिक स्थानों, सड़क, पक्की नालियों, नदी-नालों एवं खाली भूमि पर कचरा नहीं फेंकने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि स्वच्छ कोरिया का संकल्प शासन, प्रशासन और आमजन की सहभागिता से ही साकार होगा तथा प्रत्येक नागरिक की भागीदारी इस अभियान की सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक है।
विष्णु देव साय सरकार ने भावनाओं का कद्र किया और परेशनियों से छुटकारा दिलाया
प्रधानमंत्री आवास ने बदली फूलकुंवर की जिंदगी
कोरिया।
जीवन के उत्तरार्ध में सबसे बड़ी जरूरत एक सुरक्षित और सम्मानजनक आशियाने की होती है। कोरिया जिले की ग्राम पंचायत जमगहना निवासी श्रीमती फूलकुंवर के लिए यह सपना अब हकीकत बन चुका है। पति के निधन के बाद आर्थिक तंगी और असुरक्षा के बीच जीवन बिताने वाली फूलकुंवर आज प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत बने अपने पक्के घर में परिवार के साथ निश्चिंत और सम्मानपूर्ण जीवन जी रही हैं।
’संघर्षों के बीच उम्मीद की किरण’
खेती-किसानी पर आश्रित परिवार की सीमित आय के कारण वर्षों तक पक्का मकान बनाना उनके लिए असंभव था। पति के निधन के बाद जिम्मेदारियां और बढ़ गईं तथा वृद्धावस्था में वे पूरी तरह अपने बेटे-बहू पर निर्भर हो गईं। ऐसे कठिन समय में वर्ष 2024-25 में स्थानीय स्तर पर उन्हें जानकारी मिली की प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति मिल चुकी है, तब मन मे प्रधानमंत्री आवास योजना उनके जीवन में उम्मीद की किरण बनकर आई। योजना से मिली सहायता और परिवार के सहयोग से उनका पक्का मकान तैयार हुआ, जिसने उनकी जिंदगी में सुरक्षा और आत्मसम्मान दोनों लौटाए।
’सरकारी योजनाओं ने दी नई संबल’
फूलकुंवर बताती हैं कि उन्हें शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लगातार लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री आवास के लिए उन्हें तीन किस्तों में एक लाख 20 हजार प्राप्त हुई थीं। इसके अलावा उन्हें विधवा पेंशन और महतारी वंदन योजना से आर्थिक सहयोग प्राप्त हो रहा है, वहीं स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालय ने उनके जीवन में सुविधा और सम्मान जोड़ा। अब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिला पक्का घर उनके बुढ़ापे का सबसे बड़ा सहारा बन गया है।
भावुक होकर वे कहती हैं कि मुख्यमंत्री विष्णु देव सरकार ने हम जैसे गरीब एवं जरूरतमंद लोगों की भावनाओं का कद्र किया साथ ही परेशनियों से निजात भी दिलाया। सुरक्षित घर मिलने से उनका जीवन पहले की तुलना में कहीं अधिक सुकूनभरा और आत्मविश्वास से भर गया है।
जनहितकारी योजनाओं की रफ्तार बढ़ाना पहली प्राथमिकता : सीईओ
पदभार संभालते ही अधिकारियों के साथ बैठक, समयबद्ध और पारदर्शी क्रियान्वयन पर दिया जोर
कोरिया।
जिला पंचायत कोरिया के नवपदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) योगेंद्र श्रीवास ने सोमवार को पदभार ग्रहण करते ही जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन को सर्वाेच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ परिचयात्मक बैठक कर विभिन्न योजनाओं की प्रगति तथा विभागीय दायित्वों की विस्तृत जानकारी ली। इसके पहले नव पदस्थ जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी योगेंद्र श्रीवास ने कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव से मुलाकात की।
बैठक में श्रीवास ने कहा कि कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव के मार्गदर्शन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की सभी योजनाओं का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम पात्र हितग्राही तक निर्धारित समय-सीमा में पहुंचे और कार्यों में जवाबदेही तथा संवेदनशीलता दिखाई जाए।
उन्होंने विशेष रूप से विकसित भारत जीरामजी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा स्वच्छ भारत मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी-कर्मचारी पूरी गंभीरता और समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
योगेंद्र श्रीवास राज्य प्रशासनिक सेवा के 2016 बैच के अधिकारी हैं। वे जशपुर, बलौदाबाजार सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में महत्वपूर्ण प्रशासनिक दायित्व निभा चुके हैं। कोरिया जिले में पदस्थापना से पूर्व वे मार्कफेड में पदस्थ थे। उनके प्रशासनिक अनुभव से जिले में ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
जनहितकारी योजनाओं के अभिसरण से होगा ग्रामीण आजीविका संवर्धन-श्रीमती रोक्तिमा
पंचायत एवं ग्रामीण विकास से पशुपालन, कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य विभाग का अभिसरण
वीबीजीरामजीए बिहान के साथ उद्यानिकी और पशुपालन की दिशा मे बड़ा कदम
कोरिया, 09 जुलाई 2026
कोरिया जिले मे ग्रामीण आजीविका के स्तर में सुधार के लिए विभिन्न विभागों में चल रही जनहितकारी योजनाओं के अभिसरण से महिलाओं को स्थायी रोजगार से जोड़ने की नई पहल आरंभ की गई है। इसका मूल उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्थायी आजीविका से जोड़कर आर्थिक तौर पर मजबूत बनाना होगा। कलेक्टर कोरिया श्रीमती रोक्तिमा यादव ने निर्देश पर वीबीजीरामजी और बिहान से जुड़ी महिलाओं के द्वारा अब नर्सरी, फलोद्यान के साथ ही पशुपालन कार्य किया जाएगा। इससे उनके जीवन में रोजगार की समस्या का निदान होगा और पूरा परिवार एक स्थायी आजीविका से जुड़कर ग्रामीण विकास में सहभागी होगा। प्रथम चरण मे चयनित महिला समूहों से जुड़ी श्रमिक महिलाओं के परिवारों में बकरीपालन, मुर्गीपालन और दुग्ध उत्पादन हेतु पशुपालन को लक्षित किया गया है। साथ ही महिला सीएलएफ के माध्यम से पौध नर्सरी और फलोद्यान तैयारी कार्य लक्षित किया गया है।
जनपदवार लक्ष्य आंबंटित
योजनाओं के अभिसरण से ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के लिए प्रथम चरण मे बैकुण्ठपुर जनपद पंचायतए सोनहत जनपद पंचायत और पोड़ी बचरा क्षेत्र को मिलाकर तीन अलग अलग क्लस्टर बनाए गए हैं। तीनों जनपद क्षेत्र में आने वाले ग्राम पंचायतों में 20.20 फलोद्यान तथा नर्सरीए 50.50 बकरी पालन केंद्रए 50.50 मुर्गी पालन केंद्र तथा 50.50 दुधारू पशुपालन शेड स्वीकृत किए जाएंगे। इस प्रकार कोरिया जिले में अभिसरण से प्रथम चरण के तहत 60 नर्सरी, 60 फलोद्यान, 150 बकरी पालन शेड, 150 मुर्गी पालन शेड तथा 150 दुधारू पशुपालन शेड बनाकर महिलाओं को स्थायी आजीविका गतिविधियों से जोड़ने की पहल की जा रही है।
महत्वपूर्ण विभागीय योजनाओं का अभिसरण
कोरिया जिले में महिलाओं को स्थायी आजीविका से जोड़ने के लिए पहले उन्हे वीबीजीरामजी योजना के साथ बिहान के अभिसरण से पक्के पशु शेड, बकरी पालन केंद्र तथा मुर्गी पालन केंद्र बनाकर दिए जायेंगे। उसके बाद पशुपालन विभाग के अभिसरण से उन्हे इसे व्यवसायिक तौर पर आरंभ कराया जाएगा। इसी तरह वीबीजीरामजी और बिहान के साथ कृषि, उद्याानिकी और रेशम विभाग के अभिसरण से महिला समूहों को पौध नर्सरी और फलोद्यान विकसित कराए जाएंगे जिससे उन्हे एक निश्चित आय सुनिश्चित हो सकेगी साथ ही अंतर्वर्तीय खेती से महिलाएं सब्जी और व्यवसायिक फसलें लेकर अपनी आजीविका का संवर्धन करेंगी।
हितग्राही चयन से कार्य तक समय सीमा तय
इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि कलेक्टर कोरिया श्रीमती रोक्तिमा यादव के निर्देशानुसार वीबीजीरामजी तथा बिहान से जुड़े हितग्राहियों को स्थायी आजीविका गतिविधियों में जोड़ने के लिए जनपदवार लक्ष्य आबंटित कर समय सीमा निर्धारित की गई है। जिले में बनी सभी आजीविका डबरियों में मछली पालन के प्रस्ताव के साथ ही आगामी दस दिवस के भीतर जनपदो से सभी कार्य प्रस्ताव लेकर स्वीकृत कर दिए जाएंगे। साथ ही भौतिक क्रियान्वयन आरंभ कर दिया जाएगा।
आजीविका में बदलाव की पहल
कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने कहा कि वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों मे महिलाओं के पास स्थायी रोजगार के अवसर उपलब्ध ना होने से वह अकुशल श्रम के लिए प्रयास करती हैं। इसे दूर करने के लिए विभागीय योजनाओं के अभिसरण से चयनित आजीविका गतिविधियों को क्रियान्वित किया जाएगा। महिलाएं अपने खेतों में फलोद्यान तैयार करेंगी, बकरी और मुर्गी का पालन करेंगी तथा गौ पालन से निरंतर आय का एक स्रोत बनेगा जिससे उनकी पारिवारिक स्थिति में बदलाव आ सकेगा।
तेज बारिश में सुरक्षित आशियाने का आनंद ले रहे हैं सुंदरलाल
बैकुण्ठपुर ।
कोरिया जिले में भी अब मानसून ने अपना रंग दिखाना आरंभ कर दिया है। जिले में बीते तीन चार दिनो से रूक रूक कर हो रही तेज बारिश के बीच भी बैकुण्ठपुर जनपद के ग्राम जूनापारा में रहने वाले सुंदरलाल अपने परिवार के साथ रात को चैन की नींद सो रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना से मिले पक्के मकान ने उनके परिवार के जीवन में सुख की एक नई परिभाषा लिख दी है। बारिश में अब यह परिवार कच्चे खपरैल घर की चिंता से मुक्त होकर खेती किसानी के लिए मेहनत करने में जुट गया है।
कच्चे घर का संकट
जूनापारा निवासी सुंदरलाल का परिवार बारिश में इतना निश्चिंत कभी नहीं रह पाता था बारिश के दिनों में उनके कच्चे मकान की समस्या आए दिन उन्हे परेशान करती थी। खेती के दिनों में दिन भर हाड़तोड मेहनत करके जब परिवार रात को आराम करने के लिए कच्चे घर में आता तो टपकती खपरैल उनके बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा की दृष्टि से बेहद कष्टकारी हो जाती थीं। ऐसे में पूरा परिवार परेशान रहता था।
आवास ने बदली तस्वीर
आर्थिक स्थिति कमजोर होने से सुंदरलाल अपने लिए एक पक्का मकान बनाने में सक्षम नहीं थे ऐसे में गत वित्तीय वर्ष में उन्हे प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उन्हे पक्के मकान का लाभ स्वीकृत हुआ। शासकीय अनुदान राशि के साथ 90 दिन की मजदूरी से उन्हे बड़ा लाभ मिला और पूरे परिवार ने जुटकर अपना सपनों का आशियाना तैयार कर लिया।
हर मौसम में सुकून
पक्के आवास में रहने वाले हितग्राही सुंदरलाल ने कहा कि अब मौसम और सुरक्षा को लेकर कोई चिंता नहीं है। बच्चियों को पढ़ने के लिए सुरक्षित आवास हो गया। रात को बारिश तूफान में भी अब किसी तरह की कोई चिंता नहीं रहती है।
एकाकी जीवन में उर्मिला को मिला सुरक्षित आशियाने का संबल’
कोरिया 22 जून 2026
समय पर मिली छोटी-सी मदद किसी जरूरतमंद के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। ऐसा ही बदलाव कोरिया जिले के बैकुण्ठपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत फूलपुर निवासी श्रीमती उर्मिला के जीवन में देखने को मिला है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत मिले पक्के मकान ने उनके एकाकी जीवन को नई सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास प्रदान किया है।
’कठिन परिस्थितियों में किया संघर्ष’
जिला पंचायत कोरिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार विवाह के कुछ समय बाद ही श्रीमती उर्मिला का वैवाहिक जीवन टूट गया। इसके बाद उनके सामने आजीविका और आवास जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की चुनौती खड़ी हो गई। विपरीत परिस्थितियों के बीच उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत पूजा महिला स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया।
समूह से जुड़ने के बाद उन्हें गांव के विद्यालय में मध्यान्ह भोजन बनाने का कार्य मिला। इसी आय के माध्यम से वह अपने जीवन-यापन की जिम्मेदारी निभा रही हैं।
’जरूरत के समय मिली आवास योजना की सहायता’
कच्चे मकान में रहकर अनेक कठिनाइयों का सामना कर रही उर्मिला को गत वित्तीय वर्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास स्वीकृत हुआ। योजना से प्राप्त सहायता राशि ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव की नई शुरुआत की।
उम्मीद और आत्मविश्वास के साथ उन्होंने अपने पक्के मकान का निर्माण पूरा किया। वर्षों से सुरक्षित और सम्मानजनक घर का सपना देखने वाली उर्मिला की यह इच्छा आखिरकार पूरी हो गई।
’पक्के घर से बढ़ा आत्मविश्वास’
श्रीमती उर्मिला बताती हैं कि पहले उन्हें अपने रहने की सुरक्षा और भविष्य को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती थी। बरसात और अन्य मौसमों में कच्चे मकान की स्थिति उन्हें परेशान करती थी। लेकिन अब पक्का घर मिलने के बाद उनकी चिंताएं काफी हद तक दूर हो गई हैं।
उन्होंने कहा कि सुरक्षित आवास मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और समाज में सम्मान भी मिला है। अब वह अपने आजीविका संबंधी कार्यों पर अधिक ध्यान दे पा रही हैं तथा सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर रही हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने उर्मिला को केवल एक पक्का घर ही नहीं दिया, बल्कि उन्हें सामाजिक सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भर जीवन का नया आधार भी प्रदान किया है।
नैनो उर्वरक-कम लागत, अधिक उत्पादन, खुशहाल किसान’
’नई तकनीकों से जुड़े किसान कृपाल, नैनो उर्वरकों को बताया खेती के लिए लाभकारी’
कोरिया 22 जून 2026
छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। नैनो डीएपी और नैनो यूरिया जैसे उन्नत उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देकर खेती को अधिक उत्पादक, किफायती और टिकाऊ बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। सहकारी समितियों के माध्यम से खाद, बीज एवं उर्वरकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित होने से किसानों को खेती की तैयारियों में सुविधा मिल रही है और वे नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
कोरिया जिले के ग्राम आनी निवासी कृपाल सिंह (50 वर्ष) खरीफ सीजन की तैयारियों में जुटे हुए हैं। अपनी तीन एकड़ कृषि भूमि के लिए वे आदिम जाति सहकारी समिति धौराटिकरा पहुंचे, जहां से उन्होंने खेती की आवश्यकता के अनुसार यूरिया, डीएपी, राखड़, धान बीज, मूंग बीज तथा नैनो यूरिया प्राप्त की।
कृपाल सिंह ने बताया कि कृषि विभाग एवं सहकारी समिति के माध्यम से उन्हें नैनो उर्वरकों की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने इस वर्ष अपनी फसल में नैनो यूरिया के उपयोग का निर्णय लिया है। उन्हें विश्वास है कि इससे फसल की बढ़वार बेहतर होगी और उत्पादन में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों का महत्व लगातार बढ़ रहा है और नैनो उर्वरक किसानों के लिए एक प्रभावी एवं नवाचारपूर्ण विकल्प के रूप में उभर रहे हैं। कम लागत में बेहतर पोषण उपलब्ध कराने वाले ये उर्वरक खेती की उत्पादकता बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं।
कृपाल सिंह के अनुसार नैनो यूरिया फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराने का एक प्रभावी माध्यम है। इसके उपयोग से पौधों द्वारा पोषक तत्वों का बेहतर अवशोषण होता है, जिससे फसल की वृद्धि और विकास को आवश्यक सहायता मिलती है। उन्होंने बताया कि किसानों के बीच नैनो उर्वरकों के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और अधिक से अधिक किसान इनके उपयोग में रुचि दिखा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि खेती में समय का विशेष महत्व होता है। यदि खाद, बीज और उर्वरक समय पर उपलब्ध हो जाएं तो किसानों को काफी सुविधा मिलती है। आधुनिक तकनीकों, उन्नत बीजों और वैज्ञानिक उर्वरकों के उपयोग से खेती को अधिक उत्पादक और लाभकारी बनाया जा सकता है। बदलते समय के साथ किसानों को भी नई तकनीकों को अपनाना चाहिए, ताकि कृषि क्षेत्र में बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकें।
कृपाल सिंह ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों को खाद, बीज, नैनो यूरिया सहित अन्य आवश्यक कृषि आदान सामग्री समय पर उपलब्ध कराई जा रही है। इससे खेती के कार्यों में सुविधा हो रही है और किसान बिना किसी बाधा के अपने कृषि कार्यों को आगे बढ़ा पा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि किसानों को इसी प्रकार आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध होते रहेंगे, जिससे कृषि क्षेत्र और अधिक सशक्त एवं समृद्ध बनेगा।
’हर सोमवार हल्का मुख्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे पटवारी, कलेक्टर ने जारी किए निर्देश’
कोरिया : ’हर सोमवार हल्का मुख्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे पटवारी, कलेक्टर ने जारी किए निर्देश’
’आग से खतरा, दुर्घटना-जिला प्रशासन और अग्निशमन विभाग ने जारी की सावधानी संबंधी एडवाइजरी’
कोरिया : ’आग से खतरा, दुर्घटना-जिला प्रशासन और अग्निशमन विभाग ने जारी की सावधानी संबंधी एडवाइजरी’
’नवा तरिया से संवर रहा मेण्ड्रा का भविष्य, जल संरक्षण के साथ मिल रहा रोजगार’
’मोर गांव मोर पानी महाभियान से ग्रामीणों को आजीविका का सहारा, 140 से अधिक श्रमिकों को प्रतिदिन मिल रहा काम’
कोरिया 01 जून 2026
प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रारंभ किए गए ष्मोर गांव मोर पानी महाभियान के तहत कोरिया जिले में जल संरक्षण और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में वनांचल क्षेत्र के जनपद पंचायत सोनहत अंतर्गत ग्राम पंचायत मेण्ड्रा में मनरेगा के तहत नवा तरिया निर्माण कार्य तेजी से जारी है।
कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव के निर्देशन में संचालित इस कार्य को आगामी 15 जून तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। ग्राम पंचायत के सरपंच, उपसरपंच एवं पंचों के नेतृत्व में गांव के पंजीकृत श्रमिक पूरी सक्रियता के साथ निर्माण कार्य में जुटे हुए हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि नवा तरिया निर्माण कार्य का चयन ग्रामसभा की सहमति से किया गया है। भूमिपूजन के बाद से ही निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। बारिश से पहले कार्य पूरा करने के लिए ग्रामीण एकजुट होकर काम कर रहे हैं। इस परियोजना के माध्यम से गांव के प्रत्येक पात्र अकुशल श्रमिक परिवार को मांग के अनुरूप रोजगार उपलब्ध हो रहा है।
मनरेगा के अंतर्गत इस कार्य के लिए 19 लाख 48 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसमें 17 लाख 28 हजार रुपये श्रम मद में व्यय किए जाएंगे। ग्राम पंचायत मेण्ड्रा को निर्माण एजेंसी बनाया गया है। लगभग 60 मीटर लंबाई एवं 50 मीटर चौड़ाई वाले इस तालाब में निर्माण पूर्ण होने के बाद 6600 घनमीटर से अधिक जल भंडारण क्षमता विकसित होगी।
परियोजना के तहत प्रस्तावित 6,624 मानव दिवसों में से अब तक 2,000 से अधिक मानव दिवस का सृजन किया जा चुका है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 140 श्रमिकों को रोजगार प्राप्त हो रहा है।
नव निर्मित तालाब का प्रत्यक्ष लाभ आसपास के 25 परिवारों को मिलेगा। इसके माध्यम से लगभग 5 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे किसानों को बहुफसलीय खेती में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम अधिकारी श्री प्रतीक ने बताया कि निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद तालाब का संचालन स्थानीय महिला स्व-सहायता समूह को सौंपा जाएगा, जिससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और आजीविका के अवसर बढ़ेंगे। तालाब में प्रतिवर्ष लगभग 13 से 15 क्विंटल मछली उत्पादन की संभावना है, जिससे ग्रामीणों की आय में अतिरिक्त वृद्धि होगी।
इस प्रकार ष्मोर गांव मोर पानी महाभियान के तहत मेण्ड्रा में बन रहा नवा तरिया जल संरक्षण, रोजगार सृजन और ग्रामीण समृद्धि का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है।
’अधिकारी पूरी तैयारी के साथ समय-सीमा की बैठक में हों उपस्थित- कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव’
कोरिया : ’अधिकारी पूरी तैयारी के साथ समय-सीमा की बैठक में हों उपस्थित- कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव’
’5 जून को कोरिया जिले की सभी ग्राम पंचायतों में होगी विशेष ग्राम सभा’
कोरिया : ’5 जून को कोरिया जिले की सभी ग्राम पंचायतों में होगी विशेष ग्राम सभा’
’नवा तरिया से बदलेगी घुघरा की तस्वीर, जलसंरक्षण के साथ महिलाओं को मिलेगा आजीविका का सहारा’
’घुघरा में नवीन तालाब निर्माण से ग्रामीणों को रोजगार और सिंचाई की नई सौगात’
कोरिया 19 मई 2026

कोरिया जिले के वनांचल क्षेत्र अंतर्गत जनपद पंचायत सोनहत की ग्राम पंचायत घुघरा में “नवा तरिया आय के जरिया” योजना के तहत नवीन तालाब निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीण श्रमिकों की सक्रिय सहभागिता से यह कार्य मनरेगा अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य जलसंरक्षण के साथ ग्रामीणों को स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है।
ग्राम पंचायत घुघरा को वित्तीय वर्ष 2026 में इस कार्य हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। पंचायत द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार आगामी जून माह के मध्य तक तालाब निर्माण कार्य पूर्ण होने की संभावना है।
’ग्रामीण सहभागिता से मिल रही गति’
ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती चंद्रवती गरूण एवं उपसरपंच श्री रामभजन राजवाड़े ने बताया कि वरिष्ठ ग्रामीणों की सलाह और सहमति के बाद उपयुक्त स्थल का चयन किया गया। भूमिपूजन उपरांत बीते सप्ताह से निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है। ग्रामीणों का प्रयास है कि बारिश शुरू होने से पहले तालाब निर्माण पूर्ण हो जाए।
’20 लाख की लागत से बन रहा जलसंरक्षण का आधार’
मनरेगा अंतर्गत लगभग 20 लाख रुपए की स्वीकृति इस कार्य के लिए प्रदान की गई है, जिसमें 17 लाख 37 हजार रुपए श्रममूलक मद के अंतर्गत व्यय होंगे। ग्राम पंचायत घुघरा को निर्माण एजेंसी बनाया गया है।
निर्माणाधीन तालाब की लंबाई एवं चौड़ाई लगभग 70×70 मीटर निर्धारित की गई है। कार्य पूर्ण होने पर इसमें लगभग 6300 घनमीटर से अधिक जलभराव क्षमता विकसित होगी। प्रस्तावित 6 हजार 657 मानव दिवसों के विरुद्ध अब तक लगभग 500 मानव दिवस अकुशल श्रम का सृजन किया जा चुका है।
’महिलाओं की आजीविका और मत्स्य उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा’
यह नवीन तालाब आसपास के 16 परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाएगा। इसके माध्यम से लगभग 3 हेक्टेयर क्षेत्र में बहुफसलीय सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। कार्यक्रम अधिकारी श्री प्रतीक ने बताया कि महिलाओं की भागीदारी और आजीविका संवर्धन को ध्यान में रखते हुए कार्य पूर्ण होने के बाद तालाब को स्थानीय महिला समूह को हस्तांतरित किया जाएगा। तालाब में निर्धारित गहराई अनुसार आने वाले वर्षों में लगभग 10 से 15 क्विंटल तक मत्स्य उत्पादन संभव होगा, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी।
श्रीमती रोक्तिमा यादव ने संभाली जिले की 20वीं कलेक्टर की जिम्मेदारी
कलेक्ट्रेट व जिला पंचायत कार्यालयों का किया निरीक्षण
साफ.सफाई तथा रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने के दिए निर्देश
कोरिया, 11 मई 2026
वर्ष 2016 बैच की आईएएस अधिकारी रोक्तिमा यादव ने कोरिया जिले की 20वीं कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है। वे जिले की चौथी महिला कलेक्टर हैं। इससे पहले वर्ष 2006 में जिले में पहली महिला कलेक्टर की पदस्थापना हुई थी।
अपने प्रशासनिक कार्यकाल में श्रीमती यादव विभिन्न विभागों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुकी हैं। उन्होंने कई जिलों में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ;सीईओद्ध के रूप में सेवाएं दी हैं तथा कलेक्टर बनने से पहले समाज कल्याण विभाग में संचालक की जिम्मेदारी भी संभाली है।
पदभार ग्रहण करने के बाद कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने कलेक्ट्रेट एवं जिला पंचायत कार्यालय के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण किया और अधिकारियों .कर्मचारियों से संवाद कर कार्यों की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने कार्यालय प्रमुखों को साफ.सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। साथ ही नस्तियों एवं अभिलेखों को सुव्यवस्थित एवं अद्यतन रखने पर जोर दिया।
उल्लेखनीय है कि पूर्व कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी का स्थानांतरण कलेक्टर, बलरामपुर. रामानुजगंज के पद पर किया गया है। उनका कोरिया जिले में लगभग 21 माह का कार्यकाल रहा।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, एडीएम श्री सुरेंद्र प्रसाद वैद्य, अपर कलेक्टर श्री डीण्डीण् मंडावी, संयुक्त कलेक्टर श्री अमित गुप्ता, डिप्टी कलेक्टर श्री राकेश साहू, एसडीएम बैकुंठपुर श्री उमेश पटेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
शासकीय आवास पर प्रशासन की सख्ती- अवैध कब्जा हटाकर मकान कराया खाली’
किराये पर चल रहा था सरकारी आवास, मकान सील’
कोरिया । प्रशासन ने शासकीय संपत्तियों के दुरुपयोग पर कड़ी कार्रवाई करते हुए जेल रोड स्थित एक सरकारी आवास को खाली कराकर सील कर दिया। यह कार्रवाई अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बैकुंठपुर कार्यालय के निर्देशन में की गई।
जानकारी के अनुसार, कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के पालन में शासकीय आवास क्रमांक जी-7 को रिक्त कराने की प्रक्रिया पिछले कई महीनों से जारी थी। इस संबंध में संबंधित व्यक्ति, सहायक उप निरीक्षक लक्ष्मी कश्यप को छत्तीसगढ़ लोक परिसर (बेदखली) अधिनियम 1974 के तहत नोटिस भी जारी किए गए थे।
इसके बाद भी आवास खाली नहीं किए जाने पर प्रशासन ने सख्ती बढ़ाई। तहसीलदार कोरिया को विधिवत कार्रवाई के निर्देश दिए गए और पुलिस अधीक्षक से आवश्यक बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। मंगलवार, 28 अप्रैल को तहसीलदार बैकुण्ठपुर की टीम ने मौके पर पहुंचकर आवास को खाली कराया। जांच के दौरान पाया गया कि उक्त शासकीय आवास का उपयोग व्यावसायिक (किराये) के रूप में किया जा रहा था, जहां कुल 5 किरायेदार रह रहे थे। कार्रवाई के बाद आवास को खाली कराकर सील कर दिया गया है।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बैकुंठपुर ने स्पष्ट किया है कि शासकीय संपत्तियों के दुरुपयोग या अवैध कब्जे के मामलों में आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
’रासायनिक खाद पर निर्भरता कम करने हरी खाद और नील-हरित काई को बढ़ावा’
कोरिया । कृषि लागत में कमी और मृदा स्वास्थ्य सुधारने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई है। कलेक्टर चंदन त्रिपाठी के निर्देशन में जिला कोरिया के उप संचालक कृषि कार्यालय में प्रशिक्षण- सह-समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य संतुलित उर्वरक उपयोग को प्रोत्साहित करना तथा किसानों को जैविक विकल्पों के प्रति जागरूक करना रहा। प्रशिक्षण के दौरान कृषि अधिकारियों ने हरी खाद एवं नील-हरित काई के उपयोग के लाभों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन प्राकृतिक उपायों से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटती है, उत्पादन लागत कम होती है और मृदा की उर्वरता व स्थिरता बनी रहती है।
कार्यक्रम के दौरान उप संचालक कृषि कार्यालय परिसर में नील-हरित काई उत्पादन तकनीक का प्रदर्शन भी किया गया, जिससे अधिकारियों को व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई। इसका उद्देश्य है कि वे ग्राम स्तर पर किसानों को प्रभावी ढंग से प्रशिक्षित कर सकें। बैठक में बैकुण्ठपुर एवं सोनहत विकासखंड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कृषि विभाग ने सिंचाई सुविधा वाले किसानों से अपील की है कि वे मानसून से पूर्व, धान रोपाई के 40-45 दिन पहले सनई एवं ढेंचा जैसी हरी खाद फसलों की बुवाई करें। साथ ही, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को गांवों में चौपाल आयोजित कर संतुलित उर्वरक उपयोग का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं।
’जनसमस्या निवारण शिविर में 1294 आवेदनों में से 760 का निराकरण’
कोरिया । जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर एवं सोनहत क्षेत्र में 06 अप्रैल से 17 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं दर्ज कराईं। शिविर के दौरान कुल 1294 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 760 का निराकरण कर दिया गया, जबकि 534 आवेदन लंबित हैं।
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, कुल आवेदनों में 1381 मांग से संबंधित और 189 शिकायतें, समस्या शामिल हैं। इनमें से मांग श्रेणी के 656 तथा शिकायतों के 104 मामलों का निराकरण किया गया है। राजस्व और पंचायत विभाग में सबसे ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए हैं। विभागवार समीक्षा में तहसीलदार (राजस्व) कार्यालय में सर्वाधिक 724 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 402 का निराकरण हुआ, जबकि 322 प्रकरण लंबित हैं। जनपद पंचायत में 251 आवेदन आए, जिनमें से 98 का निराकरण कर 153 आवेदन लंबित है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में 92 में से 67 तथा विद्युत विभाग में 88 में से 74 मामलों का निराकरण किया गया। कई विभागों का शत-प्रतिशत प्रदर्शन रहा।
जल संसाधन, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क जैसे विभागों ने सभी प्राप्त आवेदनों का निराकरण कर बेहतर कार्य प्रदर्शन किया है। कृषि विभाग ने भी लगभग सभी मामलों का समाधान किया। जनपद पंचायत सोनहत अंतर्गत आयोजित शिविरों में कुल 276 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 268 मांग एवं 8 शिकायतें शामिल हैं। यहां राजस्व विभाग में सबसे अधिक 116 आवेदन दर्ज हुए, जिनमें पट्टा, सीमांकन एवं ऋण पुस्तिका से संबंधित मामले प्रमुख रहे। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण, हैंडपंप मरम्मत, सोलर पंप सुधार, आवास एवं मनरेगा कार्यों से जुड़ी समस्याएं भी प्रमुख रूप से सामने आईं। विशेष रूप से राजस्व और पंचायत स्तर पर लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने शेष मामलों के त्वरित निराकरण के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।