छत्तीसगढ़ / नारायणपुर
नारायणपुर जिले में 28 एवं 29 अक्टूबर को बारिश की संभावना, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
नारायणपुर,। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार उत्तरी आंध्र प्रदेश तट पर संभावित चक्रवात के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके प्रभाव से नारायणपुर जिले में भी 28 एवं 29 अक्टूबर को बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग द्वारा 28 अक्टूबर के लिए जारी चेतावनी मानचित्र में नारायणपुर जिले को ऑरेंज अलर्ट की श्रेणी में रखा गया है। संभावित बारिश एवं प्रतिकूल मौसम की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर नम्रता जैन ने जिले के सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने दिए आवश्यक तैयारियां एवं सतर्कता सुनिश्चित करने के निर्देश
कलेक्टर नम्रता जैन ने मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए जिला एवं तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय रखने तथा मौसम संबंधी सूचनाओं की निरंतर निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राजस्व, पुलिस, पंचायत, स्वास्थ्य, विद्युत सहित सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सतर्क रहने तथा संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा है। कलेक्टर ने विशेष रूप से निचले एवं जलभराव संभावित क्षेत्रों की पहचान करने, नदी-नालों एवं जलाशयों के जलस्तर पर निगरानी रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्यों के लिए संबंधित दलों को आवश्यक उपकरणों सहित तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा जनहानि रोकने को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से की सावधानी बरतने की अपील
जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचें तथा गरज-चमक के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों एवं खुले स्थानों पर खड़े न हों। तेज बारिश के दौरान नदी-नालों, पुल-पुलियों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों को पार करने का प्रयास न करें। किसानों एवं ग्रामीणों से भी मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कृषि एवं अन्य बाहरी गतिविधियां संचालित करने की अपील की गई है।
कलेक्टर नम्रता जैन ने आम नागरिकों से मौसम विभाग द्वारा समय-समय पर जारी चेतावनियों एवं दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मौसम संबंधी चेतावनियां आम नागरिकों तक समय पर पहुंचाई जाएं तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि भारी बारिश, जलभराव अथवा अन्य आपात स्थिति में जिला स्तरीय कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 07781-252214 पर संपर्क कर सूचना दे सकते हैं।
ग्राम मेटाडोंगरी में जल जीवन मिशन के कार्यों का अधिकारियों ने किया निरीक्षण
नारायणपुर। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यों की प्रगति एवं पेयजल आपूर्ति व्यवस्था का भौतिक सत्यापन करने के उद्देश्य से कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशानुसार ग्राम पंचायत बम्हनी के आश्रित ग्राम मेटाडोंगरी में अधिकारियों द्वारा फील्ड विजिट किया गया। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर पोलेश्वर साहू एवं नारायणपुर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गुरमीत सिंह ने गांव पहुंचकर जल जीवन मिशन के तहत स्थापित पेयजल सुविधाओं का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने योजना के अंतर्गत किए गए कार्यों की जमीनी स्थिति का जायजा लेते हुए ग्रामीण परिवारों तक नल के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही पेयजल सुविधा का भौतिक सत्यापन किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ग्राम मेटाडोंगरी में स्थापित सोलर आधारित पानी की टंकी एवं घरों में लगाए गए नल कनेक्शनों का अवलोकन किया। उन्होंने सोलर आधारित जलापूर्ति प्रणाली के संचालन तथा घरेलू नल कनेक्शनों के माध्यम से पानी की उपलब्धता की स्थिति का जायजा लिया। साथ ही ग्रामीण परिवारों को उपलब्ध कराई जा रही पेयजल सुविधा की वास्तविक स्थिति का आकलन किया। निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्मित पेयजल अधोसंरचनाओं का लाभ ग्रामीण परिवारों तक प्रभावी रूप से पहुंच रहा है तथा स्थापित व्यवस्थाओं के माध्यम से नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
अधिकारियों ने योजना के क्रियान्वयन की स्थिति का आकलन करते हुए पेयजल व्यवस्था के संचालन, नल कनेक्शनों की उपयोगिता तथा जल वितरण प्रणाली से संबंधित विभिन्न पहलुओं का निरीक्षण किया। फील्ड विजिट के माध्यम से योजना के अंतर्गत पूर्ण किए गए कार्यों की वास्तविक स्थिति का सत्यापन करने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुविधाओं की उपलब्धता एवं उनके प्रभावी संचालन की स्थिति का जायजा लिया गया।
उल्लेखनीय है कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक परिवार तक घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए जिले में पेयजल सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ स्थापित जलापूर्ति व्यवस्थाओं के प्रभावी संचालन एवं नियमित निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा किए जा रहे फील्ड निरीक्षण से योजनांतर्गत संचालित कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने तथा ग्रामीणों को उपलब्ध पेयजल सुविधाओं की गुणवत्ता एवं नियमितता सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।
इस अवसर पर सहायक अभियंता प्रणेश कुमार रामटेके, क्रेडा विभाग के विजय कुमार ध्रुव, मॉनिटरिंग समन्वयक कल्याण सिंह मनहर एवं आईईसी समन्वयक सुनील कुमार उसेंडी उपस्थित रहे।
कलेक्टर कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारियों ने पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने की ली प्रतिज्ञा
नारायणपुर । भ्रष्टाचार के उन्मूलन तथा शासकीय कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सत्यनिष्ठा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर कार्यालय, नारायणपुर में सत्यनिष्ठा प्रतिज्ञा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन के निर्देशानुसार डिप्टी कलेक्टर दुष्यंत कीर्तिमान कोशले ने कार्यालय में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। इस दौरान सभी ने अपने शासकीय दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता और निष्ठा के साथ करने का संकल्प लिया।
शपथ कार्यक्रम में भ्रष्टाचार को देश की आर्थिक, राजनीतिक एवं सामाजिक प्रगति में बाधा बताते हुए इसके उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया गया। सभी हितधारकों की सहभागिता से ही प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जनविश्वास को मजबूत किया जा सकता है। कर्मचारी दायित्वों का निर्वहन करते हुए नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करने तथा आम नागरिकों को शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने में पारदर्शिता बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
इस पहल का उद्देश्य शासकीय कार्यालयों में नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देना, भ्रष्टाचार के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह बनाना है। सत्यनिष्ठा की यह शपथ अधिकारी-कर्मचारियों को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने तथा जनसेवा की भावना से कार्य करने के लिए प्रेरित करती है। सत्यनिष्ठा के शपथ के समय जिला शिक्षा अधिकारी महेंद्र नाथ पांडेय, जिला कोषालय अधिकारी हरीश साहू, जिला खाद्य अधिकारी अलाउद्दीन खान, वरिष्ठ निज सहायक दीपक हिरवानी सहित जिला स्तरीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने 25 नवंबर को संभावित रोजगार मेला
नारायणपुर । जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र नारायणपुर द्वारा जिले के बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आगामी 25 नवंबर 2026 को जिला स्तरीय रोजगार मेला आयोजित किया जाना संभावित है। रोजगार मेले के माध्यम से विभिन्न निजी प्रतिष्ठानों, संस्थाओं, कार्यालयों एवं दुकानों में उपलब्ध रिक्त पदों पर योग्य अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र द्वारा ऐसे इच्छुक नियोजकों से अपील की गई है, जो अपने फर्म, संस्था, कार्यालय अथवा दुकान में रिक्त पदों की पूर्ति रोजगार मेले के माध्यम से करना चाहते हैं। ऐसे नियोजक अपने यहां उपलब्ध रिक्तियों की जानकारी कार्यालय जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, नारायणपुर को पत्र के माध्यम से, कार्यालयीन ई-मेल ापेीवतोंीन81/हउंपस.बवउ पर अथवा कार्यालयीन समय में स्वयं उपस्थित होकर उपलब्ध करा सकते हैं।
नियोजकों को रिक्तियों की जानकारी के साथ पदवार रिक्त पदों की संख्या, अभ्यर्थियों की वांछित शैक्षणिक योग्यता, आवश्यक अनुभव तथा प्रतिमाह देय वेतन का स्पष्ट उल्लेख करना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, विभागीय वेबसाइट ीजजचेरू//मतवरहंत.बह.हवअ.पद पर भी रिक्तियों की सूचना दर्ज करना सुनिश्चित करने कहा गया है। विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि रोजगार मेले के माध्यम से नियोजन संबंधी यह सेवा पूर्णतः निःशुल्क है। इच्छुक नियोजक रोजगार मेले में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर जिले के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में सहयोग कर सकते हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 9406419543 पर संपर्क किया जा सकता है।
शासकीय बुनियादी कन्या शिक्षा परिसर गरांजी में शिविर
नारायणपुर । जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोंडागांव खिलावन राम रिगरी के आदेशानुसार तथा जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश नारायणपुर जितेन्द्र कुमार ठाकुर के मार्गदर्शन में आज दिनांक 26 अक्टूबर 2026 को शासकीय बुनियादी कन्या शिक्षा परिसर गरांजी नारायणपुर में 26 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक संचालित सुरक्षित बचपन अभियान के अंतर्गत जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में विभिन्न विभागों से उपस्थित रिसोर्स पर्सन द्वारा विद्यार्थियों को “मेरा बचपन, मेरा अधिकार” विषय पर जागरूक किया गया तथा बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा एवं संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर महिला बाल विकास विभाग से चंदन यादव एवं पैनल अधिवक्ता नारायणपुर से जे एस राठौर उपस्थित थे।
कार्यक्रम के दौरान जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश नारायणपुर जितेन्द्र कुमार ठाकुर के द्वारा विद्यार्थियों को बाल अधिकारों एवं बाल संरक्षण के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यदि किसी बच्चे के साथ किसी भी प्रकार का अपराध, हिंसा, शोषण या दुर्व्यवहार होता है, तो उसे चुप नहीं रहना चाहिए। ऐसी स्थिति में बच्चे पैरालीगल वॉलेंटियर (अधिकार मित्र) के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकते हैं तथा संबंधित थाने में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी परेशानी की स्थिति में उचित सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।
महिला एवं बाल विकास विभाग से यादव सर के द्वारा अपने विभाग से संबंधित विषयों पर विद्यार्थियों को जानकारी दी तथा बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण एवं अधिकारों के प्रति जागरूकता के महत्व को रेखांकित किया। जे एस राठौर के द्वारा
सुरक्षित बचपन अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, उन्हें हिंसा एवं शोषण से सुरक्षित रखना तथा किसी भी अपराध की स्थिति में शिकायत और सहायता प्राप्त करने के संबंध में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में स्कूल प्राचार्य , कमलेश सिंह,शाला स्टॉफ , व अधिकार मित्र घासी राम नेताम अधिकार मित्र वर्षा कुमेटी तालुका विधिक सेवा समिति नारायणपुर की उपस्थिति रही।
निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने 25 नवंबर को संभावित रोजगार मेला
नारायणपुर । जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र नारायणपुर द्वारा जिले के बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आगामी 25 नवंबर 2026 को जिला स्तरीय रोजगार मेला आयोजित किया जाना संभावित है। रोजगार मेले के माध्यम से विभिन्न निजी प्रतिष्ठानों, संस्थाओं, कार्यालयों एवं दुकानों में उपलब्ध रिक्त पदों पर योग्य अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र द्वारा ऐसे इच्छुक नियोजकों से अपील की गई है, जो अपने फर्म, संस्था, कार्यालय अथवा दुकान में रिक्त पदों की पूर्ति रोजगार मेले के माध्यम से करना चाहते हैं। ऐसे नियोजक अपने यहां उपलब्ध रिक्तियों की जानकारी कार्यालय जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, नारायणपुर को पत्र के माध्यम से, कार्यालयीन ई-मेल kishorksahu81@gmail.com पर अथवा कार्यालयीन समय में स्वयं उपस्थित होकर उपलब्ध करा सकते हैं।
नियोजकों को रिक्तियों की जानकारी के साथ पदवार रिक्त पदों की संख्या, अभ्यर्थियों की वांछित शैक्षणिक योग्यता, आवश्यक अनुभव तथा प्रतिमाह देय वेतन का स्पष्ट उल्लेख करना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, विभागीय वेबसाइट https://erojgar.cg.gov.in पर भी रिक्तियों की सूचना दर्ज करना सुनिश्चित करने कहा गया है। विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि रोजगार मेले के माध्यम से नियोजन संबंधी यह सेवा पूर्णतः निःशुल्क है। इच्छुक नियोजक रोजगार मेले में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर जिले के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में सहयोग कर सकते हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 9406419543 पर संपर्क किया जा सकता है।
वन अधिकारों और पेसा कानून के बेहतर क्रियान्वयन के लिए ज़िला स्तरीय कार्यशाला सम्पन्न
नारायणपुर । वन अधिकार अधिनियम, 2006 एवं पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम (पेसा) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला मुख्यालय नारायणपुर में एक दिवसीय समीक्षा सह प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में वन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति, वन अधिकार दावों के निराकरण में आ रही व्यावहारिक समस्याओं, पेसा कानून के प्रावधानों तथा वनोपज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही अधिकारियों को मैदानी स्तर पर आने वाली समस्याओं के समाधान और कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया।
कार्यशाला में राज्य स्तरीय टास्क फोर्स समिति के चार सदस्यीय दल द्वारा अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। दल में समिति के सदस्य गिरीश कुबेर, कृष्णकुमार वैष्णव, डॉ. सुबोध पांडेय तथा सेवानिवृत्त उपवनमंडलाधिकारी जितेन्द्र ठाकुर शामिल रहे। विशेषज्ञों ने वन अधिकार अधिनियम एवं पेसा कानून के प्रावधानों की जानकारी देते हुए इनके क्रियान्वयन के दौरान आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने के उपायों पर मार्गदर्शन दिया।
कार्यशाला के दौरान वन अधिकार दावों की प्रक्रिया, उनके निराकरण में आने वाली समस्याओं तथा संबंधित विभागों के बीच समन्वय के महत्व पर विशेष रूप से चर्चा की गई। इसके साथ ही पेसा कानून के प्रावधानों और वनोपज से संबंधित विषयों पर अधिकारियों को आवश्यक जानकारी दी गई, ताकि मैदानी स्तर पर कानूनों के क्रियान्वयन में स्पष्टता और प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके।
प्रशिक्षण सह कार्यशाला में वनमंडलाधिकारी नारायणपुर, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास नारायणपुर, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नारायणपुर एवं ओरछा, अनुविभागीय अधिकारी वन उत्तर एवं दक्षिण नारायणपुर, तहसीलदार नारायणपुर, ओरछा, कोहकामेटा एवं छोटेडोंगर, वन परिक्षेत्र अधिकारी नारायणपुर, बेनूर, छोटेडोंगर, धौड़ाई, पश्चिम सोनपुर एवं पूर्व सोनपुर तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नारायणपुर एवं ओरछा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
डीपीएम ने मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण व स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने दिए आवश्यक निर्देश
नारायणपुर । मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (ब्डभ्व्) के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने, स्वच्छता को बढ़ावा देने और बच्चों एवं महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति (टभ्छैब्) की मासिक समीक्षा सह नियोजन बैठक हुई। बैठक में जिला कार्यक्रम प्रबंधक (क्च्ड) विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं मैदानी कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, नियमित टीकाकरण, पोषण प्रबंधन, स्वच्छता, मौसमी बीमारियों की रोकथाम तथा समिति को प्राप्त अनबद्ध निधि के उपयोग जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। डीपीएम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए ग्राम स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग और सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय आवश्यक है।
गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण और संस्थागत प्रसव पर जोर
बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की समीक्षा करते हुए गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत शीघ्र पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। डीपीएम ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य जांच, आवश्यक परामर्श और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों को जागरूक करने पर जोर दिया गया। इससे प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं को कम करने और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार लाने में मदद मिलेगी।
टीकाकरण और कुपोषण की रोकथाम के लिए समन्वित प्रयास
बच्चों के नियमित टीकाकरण की प्रगति तथा आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से वितरित किए जाने वाले पूरक पोषाहार की स्थिति की भी समीक्षा की गई। डीपीएम ने आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को समय पर टीके लगवाने, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण संबंधी जानकारी देने तथा कुपोषण की पहचान कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं एवं स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना जरूरी है।
स्वच्छता और मौसमी बीमारियों की रोकथाम के निर्देश
ग्राम स्तर पर स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने और मलेरिया, डेंगू एवं डायरिया जैसी मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए आवश्यक उपायों पर चर्चा की गई। डीपीएम ने गांवों में नालियों की नियमित सफाई, जलभराव की स्थिति को रोकने तथा पेयजल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। हैंडपंप एवं कुओं जैसे पेयजल स्रोतों की नियमित निगरानी और आवश्यकतानुसार ब्लीचिंग पाउडर का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपयोग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई और व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की बात कही गई।
अनबद्ध निधि के पारदर्शी उपयोग पर जोर
बैठक में ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति को प्राप्त अनबद्ध निधि (अनटाइड फंड) के उपयोग की समीक्षा की गई। डीपीएम ने निर्देशित किया कि इस राशि का उपयोग ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं, आपातकालीन स्वास्थ्य सहायता और स्वच्छता गतिविधियों के लिए निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप पारदर्शिता के साथ किया जाए। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को कैश बुक नियमित रूप से अद्यतन रखने तथा सभी खर्चों का उचित लेखा-जोखा संधारित करने के निर्देश दिए।
ग्राम स्वास्थ्य योजना तैयार करने पर विशेष ध्यान
बैठक के दौरान आगामी माह की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए ग्राम स्वास्थ्य योजना तैयार करने पर भी चर्चा की गई। योजना में गांव की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं, स्वच्छता व्यवस्था, पोषण गतिविधियों और मौसमी बीमारियों की रोकथाम से जुड़े कार्यों को शामिल करने पर जोर दिया गया। तैयार योजना को आगामी ग्राम सभा में अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि ग्रामीणों की सहभागिता से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समाधान किया जा सके।
डीपीएम ने बैठक में उपस्थित पंचायत प्रतिनिधियों, एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। समिति के प्रत्येक सदस्य की सक्रिय भागीदारी, नियमित समीक्षा और सामूहिक प्रयासों से ग्रामीण परिवारों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा सकती हैं। उन्होंने सभी संबंधित सदस्यों से निर्धारित जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करते हुए स्वस्थ, स्वच्छ और सुपोषित गांव के निर्माण में योगदान देने की अपील की।
रेशम केंद्र नारायणपुर में मल्बरी ककून उत्पादन से महिला स्व-सहायता समूह को मिला आर्थिक संबल’
नारायणपुर । ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में नारायणपुर जिले में संचालित शासकीय रेशम केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशानुसार जिले में स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और महिला स्व-सहायता समूहों को आजीविका से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इसी कड़ी में रेशम विभाग द्वारा संचालित मल्बरी (शहतूत) ककून उत्पादन गतिविधि महिलाओं के लिए आय का बेहतर माध्यम बनकर उभरी है। इस पहल से समूह की महिलाओं को रोजगार के साथ अतिरिक्त आमदनी प्राप्त हो रही है, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने में सहायता मिल रही है।
ककून उत्पादन से 2.12 लाख रुपये से अधिक की आय
वित्तीय वर्ष 2026-27 में शासकीय रेशम केंद्र नारायणपुर में मल्बरी (शहतूत) कृमिपालन योजना के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूह द्वारा रेशम कीट पालन का कार्य किया जा रहा है। केंद्र में समूह के 12 सदस्य इस गतिविधि में सक्रिय रूप से अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। अब तक कुल 1,775 कृमि अंडों के बैच का कृमिपालन किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप 733.495 किलोग्राम मल्बरी ककून का उत्पादन प्राप्त हुआ है।
उत्पादित ककून के विक्रय से समूह की महिलाओं को कुल 2,12,713 रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई है। यह उपलब्धि ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, सामूहिक सहभागिता और स्वरोजगार की संभावनाओं को दर्शाती है। रेशम उत्पादन जैसी गतिविधियां महिलाओं को स्थानीय स्तर पर काम करने का अवसर उपलब्ध करा रही हैं, जिससे उन्हें रोजगार के लिए अन्य स्थानों पर निर्भर रहने की आवश्यकता भी कम हो सकती है।
वर्षभर रोजगार उपलब्ध कराने की पहल
शासकीय रेशम केंद्र में महिलाओं को केवल ककून उत्पादन तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि केंद्र के संधारण संबंधी विभिन्न कार्यों में भी उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। निंदाई-गुड़ाई सहित अन्य कार्यों के माध्यम से समूह की महिलाओं को रोजगार के अतिरिक्त अवसर मिल रहे हैं। इससे उनकी आय में वृद्धि के साथ आजीविका को निरंतर बनाए रखने में मदद मिल रही है।
रेशम विभाग द्वारा आगामी जनवरी-फरवरी 2027 में भी मल्बरी ककून उत्पादन कार्य किए जाने की योजना प्रस्तावित है। इससे समूह की महिलाओं को आगे भी रोजगार और आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। इस प्रकार रेशम केंद्र की गतिविधियां महिलाओं को नियमित कार्य से जोड़ने के साथ उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रही हैं।
महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से संचालित यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं की आजीविका के साधनों का विस्तार करने का उदाहरण है। समूह की महिलाएं सामूहिक प्रयासों से उत्पादन कार्य में योगदान दे रही हैं और अपनी मेहनत के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं। इससे उन्हें घरेलू जरूरतों को पूरा करने तथा परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने में सहयोग मिल रहा है।
जिला प्रशासन का उद्देश्य जिले में उपलब्ध स्थानीय संसाधनों और आजीविका की संभावनाओं का प्रभावी उपयोग करते हुए अधिक से अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ना है। शासकीय रेशम केंद्र नारायणपुर में मल्बरी ककून उत्पादन की यह पहल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह दर्शाती है कि योजनाबद्ध प्रयास, विभागीय सहयोग और महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं तथा महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।
कलेक्टर, नगर पालिका अध्यक्ष एवं पार्षदों ने किया शहर के विभिन्न स्थलों का निरीक्षण
नारायणपुर । नगर को स्वच्छ, सुंदर एवं सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर नम्रता जैन, नगर पालिका अध्यक्ष इंद्र प्रसाद बघेल , नगर पालिका उपाध्यक्ष जयप्रकाश शर्मा, पार्षदों ,जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चित्रकांत चाली ठाकुर तथा संबंधित अधिकारियों के साथ शहर के विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाजार व्यवस्था, निर्माण कार्यों, नाली निर्माण, स्वच्छता प्रबंधन तथा सार्वजनिक स्थलों के सुव्यवस्थित विकास का जायजा लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण की शुरुआत जय स्तंभ चौक स्थित डेली मार्केट से हुई। कलेक्टर ने बाजार क्षेत्र की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण से मुक्त रखने तथा आवागमन सुगम बनाने के निर्देश दिए। इस दौरान जय स्तंभ चौक में बाजार कॉम्प्लेक्स निर्माण के लिए स्थल चिह्नित किया गया, जिससे बाजार व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित बनाया जा सके।
इसके पश्चात कलेक्टर ने निर्माणाधीन नालंदा लाइब्रेरी का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय विद्यार्थियों एवं युवाओं के लिए अध्ययन का बेहतर केंद्र साबित होगा। उन्होंने निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करने पर जोर दिया।
कलेक्टर ने तहसील कार्यालय, पुराने पुलिस थाना परिसर, पुराने सहकारिता एवं पंजीयन कार्यालय तथा पुराने आयुर्वेद अस्पताल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
पिकड़ी तालाब के स्वीकृत कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश
कलेक्टर ने पिकड़ी तालाब का निरीक्षण कर वहां की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने तालाब से संबंधित स्वीकृत कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करने तथा उनके क्रियान्वयन में गुणवत्ता एवं निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
बाजार व्यवस्था एवं स्वच्छता प्रबंधन पर जोर
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर एवं जनप्रतिनिधियों ने बखरूपारा स्थित बाजार स्थल और चिकन मार्केट का अवलोकन किया। कलेक्टर ने एसडीएम को बाजार क्षेत्र में शासकीय भूमि को अतिक्रमण से सुरक्षित रखने तथा सार्वजनिक स्थलों का सुव्यवस्थित प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके पश्चात एसएलआरएम (सॉलिड एंड लिक्विड रिसोर्स मैनेजमेंट) सेंटर का निरीक्षण किया गया। यहां कलेक्टर ने स्वच्छता दीदियों से चर्चा कर शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने में उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कचरे के उचित संग्रहण, पृथक्करण एवं प्रबंधन के साथ-साथ सार्वजनिक स्थलों की नियमित साफ-सफाई पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावी स्वच्छता व्यवस्था के लिए नगर पालिका के अमले और स्वच्छता दीदियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। एसएलआरएम सेंटर के पास अतिक्रमण कर बनाए गए आहाते को हटाने के लिए भी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहर में विकास कार्यों के साथ-साथ स्वच्छता, नागरिक सुविधाओं, शासकीय भूमि की सुरक्षा और बाजार व्यवस्था में सुधार पर निरंतर ध्यान दिया जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान नगर पालिका उपाध्यक्ष जयप्रकाश शर्मा, पार्षद संगीता जैन, संजय नन्दी, कमलापति मिश्रा, प्रवीण जैन, नेहा कश्यप, एसडीएम नारायणपुर सुनील सोनपिपरे, तहसीलदार वेद प्रकाश साहू, नगर पालिका सीएमओ रामचंद्र यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
’जिला स्तरीय युवा उत्सव का आयोजन 30 को’
’नारायणपुर । कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशानुसार एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग के मार्गदर्शन में जिला स्तरीय युवा उत्सव 2026-27 का आयोजन 30 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नारायणपुर में किया जाएगा। आयोजन के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग के खेल अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में चयनित प्रतिभागी राज्य स्तरीय युवा उत्सव में जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों के लिए आयु सीमा 15 से 29 वर्ष तथा संगतकारों के लिए 18 से 40 वर्ष निर्धारित की गई है।
युवा उत्सव में कुल 9 विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इनमें विकसित भारत चौलेंज ट्रैक, लोकनृत्य, लोकगीत, चित्रकला, कविता लेखन, नुक्कड़ नाटक, क्रिएटिव रील चौलेंज, पारंपरिक वेशभूषा तथा राज्य स्तर पर रॉक बैंड प्रतियोगिता शामिल हैं।
कलेक्टर नम्रता जैन ने आयोजन से जुड़े सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नारायणपुर एवं ओरछा, खंड शिक्षा अधिकारी तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी को आयोजन के सफल संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
’अबूझमाड़ के तीन छात्रों का जेपी इंटरनेशनल स्कूल कांकेर में चयन, 12वीं तक निःशुल्क करेंगे पढ़ाई’
’मुख्यमंत्री उत्कृष्ट उड़ान योजना के तहत मिला अवसर, बालक आश्रम तोके के छात्रों ने बढ़ाया जिले का मान’
’नारायणपुर, 19 अक्टूबर 2026//’ अबूझमाड़ के सुदूर वनांचल क्षेत्र के विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत और लगन से सफलता हासिल कर जिले को गौरवान्वित किया है। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री उत्कृष्ट उड़ान योजना (पूर्व नाम पंडित जवाहरलाल नेहरू उत्कर्ष योजना) के अंतर्गत शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए बालक आश्रम तोके, विकासखंड ओरछा के तीन विद्यार्थियों का चयन जेपी इंटरनेशनल स्कूल, कांकेर में हुआ है।
चयनित विद्यार्थियों में आलोक कुमेटी (ग्राम छोटेटोंडाबेड़ा), विराट सलाम (ग्राम कानागांव) और गोदू राम ध्रुव (ग्राम तोके) शामिल हैं। तीनों विद्यार्थी वर्तमान में कक्षा पांचवीं में अध्ययनरत हैं तथा अबूझमाड़िया विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह समुदाय से आते हैं। चयन परीक्षा में जिलेभर के पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों ने भाग लिया था। जिले से कुल चार विद्यार्थियों का चयन हुआ है, जिनमें तीन विद्यार्थी बालक आश्रम तोके के हैं।
इस योजना के माध्यम से चयनित विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इन विद्यार्थियों की पढ़ाई का संपूर्ण खर्च वहन किया जाएगा तथा वे कक्षा 12वीं तक निःशुल्क अध्ययन कर सकेंगे। योजना के अंतर्गत पूरे छत्तीसगढ़ से कुल 64 विद्यार्थियों का चयन उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थानों में किया गया है।
बालक आश्रम तोके का गौरव बढ़ा रहे विद्यार्थी
तीनों विद्यार्थियों की इस उपलब्धि से बालक आश्रम तोके सहित क्षेत्र में खुशी का माहौल है। आश्रम अधीक्षक बुधराम कुमेटी ने बताया कि संस्था द्वारा विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया जाता है। विगत कई वर्षों में बालक आश्रम तोके के 69 से अधिक विद्यार्थियों को प्रवेश परीक्षाओं के माध्यम से जवाहर नवोदय विद्यालय, प्रयास आवासीय विद्यालय, गुरुकुल पब्लिक स्कूल, संस्कार सिटी इंटरनेशनल, एकलव्य आवासीय विद्यालय, जेपी इंटरनेशनल सहित विभिन्न प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश दिलाने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उचित मार्गदर्शन, नियमित अध्ययन और प्रोत्साहन मिलने पर वे भी बड़े शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश प्राप्त कर अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।
शासन-प्रशासन एवं शिक्षकों के प्रति जताया आभार
अपनी सफलता पर तीनों विद्यार्थियों ने कलेक्टर नम्रता जैन, सहायक आयुक्त तनुजा नाग, आश्रम अधीक्षक बुधराम कुमेटी, मंडल संयोजक वासुदेव भारद्वाज, अजय तिवारी तथा आश्रम के समस्त शिक्षक एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर आश्रम अधीक्षक, प्रधान पाठक एवं समस्त शिक्षक-कर्मचारियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
बकरियों की स्वास्थ्य रक्षा के लिए चलाया जा रहा है सघन पीपीआर टीकाकरण अभियान
नारायणपुर । बकरी को गरीब की गाय कहा जाता है। नारायणपुर जिला के ग्रामीण परिवेश में बकरीपालन सदैव ही पशुपालकों के आर्थिक सामाजिक विकास की धुरी रहा है।
कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशानुसार पशुधन विकास विभाग के द्वारा 21 सितंबर 2026 से 07 नंवबर तक भेड़-बकरियों की एक बहुत ही संक्रामक रोग बकरी प्लेग (पीपीआर) रोग का सघन टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है। उपसंचालक डॉ आर के पडोटी के नेतृत्व में जिले में 11 टीकाकरण दल का गठन किया गया है। ये दल अपने संस्था क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में भ्रमण करते हुए 3 महीने से ज्यादा उम्र के भेड़ बकरियों में टीकाकरण कार्य को संपादित कर रहे हैं। टीकाकरण अभियान के दौरान 102 गांवों में 31788 टीकाकरण किया जा चुका है।
बकरी प्लेग रोग भेड़ बकरियों की बहुत ही संक्रामक एवं जानलेवा विषाणु जनित रोग है। इस बिमारी से ग्रसित होने पर इन पशुओं तेज बुखार, मुंह में छाले, नाक आंख से पानी निकलना, सांस लेने में परेशानी, दस्त और कमजोरी जैसे लक्षण दिखते हैं। सही उपचार के अभाव में पशुओं की मृत्यु भी हो जाती है। टीकाकरण के माध्यम से इस बिमारी से भेड़ बकरियों को बचाया जा सकता है।
बकरी का मांस प्रोटीन एवं वसा का एक बहुत ही अच्छा स्त्रोत होता है। इसके साथ ही बकरियों से मिलने वाला गोबर एक संपूर्ण खाद के रुप उपयोग किया जाता है। भेड़ बकरियों के आर्थिक-सामाजिक महत्व को देखते हुए छत्तीसगढ सरकार के निर्देश में यह सघन टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है एवं पशुधन विकास विभाग सभी पशुपालकों से यह अनुरोध करता है, वे अपने भेड़ बकरियों में टीकाकरण करवाकर इस सघन टीकाकरण अभियान के सहभागी बनें।
कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा विविध स्वच्छता एवं जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन
नारायणपुर । सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत “स्वच्छता ही सेवा अभियान कृषि विज्ञान केंद्र, केरलापाल, नारायणपुर द्वारा स्वच्छता, स्वच्छ पर्यावरण एवं जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गतग्राम करलाखामें किसानों के घर पहुंचकर गौशाला एवं उसके आसपास के परिसर को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने के लिए जागरूक किया गया। पशु आवास की नियमित साफ-सफाई, गोबर एवं जैविक अपशिष्ट के उचित प्रबंधन तथा स्वच्छ वातावरण के महत्व की जानकारी दी गई।ग्राम पालकीमें सड़क किनारे स्थित स्ट्रीट फूड विक्रेताओं से संपर्क कर दुकान एवं आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने, खाद्य अपशिष्ट को खुले में न फेंकने तथा कचरे के उचित निपटान के संबंध में जागरूक किया गया।ग्राम केरलापालमें घरों से निकलने वाले जैविक कचरे के उचित प्रबंधन हेतुहोम कम्पोस्टिंगको बढ़ावा देने के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया गया। घरेलू जैविक अपशिष्ट से कम्पोस्ट तैयार कर उसका उपयोग किचन गार्डन एवं कृषि कार्यों में करने की जानकारी दी गई।ग्राम टिमनार नौमूजमेटाएवंबड़ेजम्हरी के विद्यालयों में स्कूली बच्चों को व्यक्तिगत स्वच्छता, हाथों की नियमित सफाई, स्वच्छ पेयजल, विद्यालय परिसर की साफ-सफाई तथा कचरे को निर्धारित स्थान पर डालने के संबंध में जागरूक किया गया। बच्चों को स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।ग्राम कोचवाहीमें महिला स्व-सहायता समूह की सदस्यों को अभियान में सहभागी बनाते हुए स्वच्छता का संकल्प दिलाया गया। महिलाओं को घर एवं गांव में स्वच्छ वातावरण बनाए रखने तथा गीले एवं सूखे कचरे के उचित प्रबंधन के लिए प्रेरित किया गया।
इसी अवसर पर “एक पेड़ मां के नाम”अभियान के अंतर्गत पौधरोपण कर पौधों के संरक्षण का संकल्प भी लिया गया।अभियान के दौरान “एक दिन–एक घंटा–एक साथ श्रमदान”गतिविधि के अंतर्गत सामूहिक रूप से श्रमदान कर सार्वजनिक स्थानों एवं आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई की गई। इसके माध्यम से ग्रामीणों एवं समुदाय को यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता के लिए प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों को Reuse एवं Recycle की अवधारणा से अवगत कराया गया। उपयोगी वस्तुओं का पुनः उपयोग करने तथा कचरे को अलग-अलग कर पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को उचित तरीके से संग्रहित करने के लिए प्रेरित किया गया। इससे कचरे की मात्रा कम करने और संसाधनों के संरक्षण का संदेश दिया गया।स्वच्छता के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने के लिए Hand Raise गतिविधिके माध्यम से प्रतिभागियों ने स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया। साथ ही Human Chain बनाकर स्वच्छता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने एवं सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।इन गतिविधियों के माध्यम से किसानों, महिलाओं, स्कूली बच्चों, स्ट्रीट फूड विक्रेताओं एवं ग्रामीण समुदाय को स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया गया।
कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा ग्रामीणों को संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि स्वस्थ परिवार, स्वच्छ गांव और सुरक्षित पर्यावरण के लिए आवश्यक जीवनशैली है।अभियान में जनभागीदारी के माध्यम से “स्वच्छ घर–स्वच्छ गौशाला–स्वच्छ गांव–स्वच्छ पर्यावरण”की अवधारणा को बढ़ावा दिया जा रहा है।कृषि विज्ञान केंद्र, केरलापाल, नारायणपुर द्वारा स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत विभिन्न जागरूकता एवं सहभागिता गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण समुदाय को स्वच्छता को अपनी दैनिक आदत एवं सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित किया जा रहा है।
अबूझमाड़ के दूरस्थ अंचलों तक पहुंच रही स्वास्थ्य सेवाएं
नारायणपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप तथा कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशानुसार जिले के दूरस्थ एवं दुर्गम वनांचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के अंतर्गत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट (PM-JANMAN MMU) अबूझमाड़ के सुदूर गांवों में रहने वाले जनजातीय परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरी है। इस पहल के माध्यम से उन ग्रामीणों तक भी नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच, उपचार एवं चिकित्सकीय परामर्श पहुंच रहा है, जिनके लिए भौगोलिक कठिनाइयों के कारण अस्पताल तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण रहा है। कलेक्टर नम्रता जैन के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 01 जनवरी 2026 से 07 सितंबर 2026 तक नारायणपुर एवं ओरछा विकासखंड के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान संचालित किया गया। इस अवधि में कुल 315 स्वास्थ्य गतिविधियों एवं शिविरों के माध्यम से 7,093 ग्रामीणों को लाभान्वित किया गया। इनमें 6,944 हितग्राही विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) से संबंधित हैं। यह उपलब्धि जिले के दूरस्थ अंचलों में निवासरत जनजातीय समुदायों तक बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
निःशुल्क जांच एवं उपचार से मिल रहा लाभ
मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न बीमारियों की पहचान, स्वास्थ्य परीक्षण, चिकित्सकीय परामर्श एवं आवश्यक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। अभियान के दौरान कुल 5,440 डायग्नोस्टिक टेस्ट किए गए। वहीं मलेरिया एवं डेंगू की पहचान के लिए 1,685 हितग्राहियों की रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (RDT) जांच की गई। उच्च रक्तचाप की जांच 3,744 तथा डायबिटीज की जांच 1,683 ग्रामीणों की गई। इसी प्रकार सिकल सेल रोग की पहचान के लिए 1,136 जांच तथा एनीमिया की पहचान के लिए 1,457 ग्रामीणों की स्क्रीनिंग की गई। पोषण एवं स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 1,179 हितग्राहियों को आयरन-फोलिक एसिड (IFA) सप्लीमेंटेशन उपलब्ध कराया गया। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत 244 गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व जांच एवं देखभाल (ANC) तथा 101 माताओं को प्रसवोत्तर देखभाल (PNC) की सुविधा प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त टीबी के 120, कुष्ठ रोग के 15 तथा दंत स्वास्थ्य संबंधी 15 मामलों में सेवाएं प्रदान की गईं। नेत्र स्वास्थ्य के अंतर्गत 202 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। गंभीर स्थिति वाले 39 मरीजों को बेहतर उपचार के लिए उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया।
दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की आसान पहुंच
अबूझमाड़ का भौगोलिक क्षेत्र घने जंगलों, पहाड़ियों और दुर्गम मार्गों से घिरा हुआ है। ऐसे क्षेत्रों में निवासरत ग्रामीणों के लिए समय पर स्वास्थ्य जांच एवं उपचार प्राप्त करना कई बार कठिन हो जाता है। मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से चिकित्सकीय दल सीधे ग्रामीणों तक पहुंचकर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। इससे बीमारियों की प्रारंभिक पहचान, समय पर उपचार तथा जरूरतमंद मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने में सहायता मिल रही है। कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि कोई भी जरूरतमंद परिवार केवल दूरी अथवा संसाधनों के अभाव में उपचार से वंचित न रहे। प्रधानमंत्री जनमन मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से जिले में संचालित यह पहल जनजातीय समुदायों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने और उनके स्वास्थ्य स्तर में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और दूरस्थ अंचलों के ग्रामीणों को भी समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
सेवा की कहानी’ : ’सेवा संकल्प अभियान : पक्के आवास ने राकेश कुमार यादव के परिवार को दिया सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन’
नारायणपुर, 7 अक्टूबर 2026
सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण जरूरतमंद परिवारों के लिए पक्की छत और सुरक्षित जीवन का आधार बन रही है। योजना के माध्यम से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे परिवारों को अपना पक्का घर मिल रहा है, जो वर्षों से कच्चे मकान में रहकर कठिनाइयों का सामना कर रहे थे। ग्राम पंचायत बेनूर के ग्राम भैरागांव निवासी श्री रमेश कुमार यादव भी ऐसे ही हितग्राहियों में शामिल हैं।
श्री रमेश कुमार यादव अपने परिवार के साथ खेती एवं मजदूरी कर जीवन-यापन करते थे। उनका परिवार पहले कच्चे मकान में रहता था। बारिश के दिनों में मकान की छत से पानी टपकने और घर की कमजोर स्थिति के कारण पूरे परिवार को काफी परेशानी होती थी। बच्चों एवं परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती थी।
वर्ष 2022-23 में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत श्री रमेश कुमार यादव को 1 लाख 30 हजार की स्वीकृत राशि प्राप्त हुई। योजना की सहायता से उन्होंने अपने पुराने कच्चे मकान की जगह पक्का घर बनवाया। आज उनका परिवार सुरक्षित और सुविधाजनक आवास में रह रहा है। पक्का मकान मिलने के साथ ही उनके जीवन में स्थायित्व और आत्मविश्वास आया है।
नए आवास के साथ परिवार को शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का भी लाभ मिला है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय, उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन तथा हर घर नल योजना के माध्यम से पेयजल सुविधा उपलब्ध हुई है। इसके अलावा आवास के साथ निर्मित छोटी दुकान से परिवार को अतिरिक्त आय का साधन भी प्राप्त हुआ है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिल रही है।
श्री रमेश कुमार यादव कहते हैं कि पक्का घर मिलने से अब बारिश और मौसम की चिंता नहीं रहती। परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिला है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाएं ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
’सेवा संकल्प अभियान : ग्राम चमेली में जल जीवन मिशन ने बदली तस्वीर, हर घर पहुंचा शुद्ध पेयजल’
नारायणपुर । सेवा संकल्प अभियान के तहत शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनभागीदारी से ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। इसी बदलाव की एक प्रेरक मिसाल नारायणपुर जिला मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम चमेली है, जहां जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीणों के घरों तक नियमित रूप से शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल पहुंच रहा है।
कभी पेयजल के लिए लंबी दूरी तय करने वाले ग्रामीणों के लिए अब घर के आंगन में नल से पानी मिलना जीवन में आए महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक बन गया है। ग्राम चमेली में पहले शुद्ध पेयजल की उपलब्धता ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों के लिए बड़ी चुनौती थी। गर्मी के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती थी। ग्रामीणों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे उनके दैनिक जीवन के साथ-साथ खेती-किसानी एवं अन्य आजीविका संबंधी कार्य भी प्रभावित होते थे। जल जीवन मिशन के अंतर्गत गांव में 3 सोलर आधारित जल टंकियों की स्थापना की गई तथा लगभग 5,350 मीटर पाइपलाइन बिछाकर 75 परिवारों के घरों तक नल के माध्यम से पेयजल पहुंचाया गया।
सोलर आधारित जल व्यवस्था के कारण गांव में पेयजल आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने में भी मदद मिल रही है। अब ग्रामीणों को पानी के लिए दूर नहीं जाना पड़ता। घर पर ही नल से नियमित पानी उपलब्ध होने से महिलाओं का समय और श्रम बच रहा है। ग्रामीण इस बदलाव को अपने जीवन में आए महत्वपूर्ण परिवर्तन के रूप में देख रहे हैं।
जनभागीदारी से जल व्यवस्था को मिला स्थायित्व’
जल जीवन मिशन की सफलता को स्थायी बनाए रखने के लिए ग्राम चमेली में हर घर जल उत्सव का आयोजन भी किया गया। इस दौरान ग्रामीणों की बैठक लेकर जल योजना के संचालन एवं संधारण, जल संरक्षण, जल की गुणवत्ता बनाए रखने तथा सामुदायिक सहभागिता के महत्व के संबंध में जानकारी दी गई। ग्रामीणों ने योजना को अपनी योजना मानते हुए इसके संरक्षण एवं सुचारू संचालन में सक्रिय सहयोग देने का संकल्प लिया। योजना के दीर्घकालीन संचालन के लिए गांव में 2 जल मित्रों का चयन किया गया है, जिन्हें जलापूर्ति व्यवस्था के नियमित संचालन एवं संधारण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही पेयजल की गुणवत्ता की नियमित निगरानी के लिए 5 जल वाहिनियों का गठन किया गया है। इन्हें जल परीक्षण एवं आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, ताकि समय-समय पर पानी की जांच कर ग्रामीणों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
पेयजल सुविधा से बदला ग्रामीणों का जीवन’
आज ग्राम चमेली में जल जीवन मिशन केवल एक विकास योजना नहीं, बल्कि ग्रामीणों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन चुका है। महिलाओं को पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ रही है, जिससे उनके समय और श्रम की बचत हो रही है। वे अब अपने परिवार, बच्चों तथा आजीविका संबंधी कार्यों में अधिक समय दे पा रही हैं। घर-घर शुद्ध पेयजल उपलब्ध होने से ग्रामीणों में स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है।
अस्वच्छ व्यवसाय छात्रवृत्ति के लिए प्रमाण पत्र अब ऑनलाइन होगा जारी’
नारायणपुर । लोक शिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर के निर्देशानुसार केन्द्र प्रवर्तित अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को प्री-मेट्रिक छात्रवृत्ति के कम्पोनेंट-11 के अंतर्गत देय अस्वच्छ व्यवसाय छात्रवृत्ति के लिए आवश्यक अस्वच्छ व्यवसाय प्रमाण पत्र अब ऑनलाइन जारी किया जाएगा। इस संबंध में चिप्स द्वारा प्रमाण पत्र तैयार कर ऑनलाइन प्रक्रिया के लिए लाइव कर दिया गया है।
अस्वच्छ व्यवसाय छात्रवृत्ति का लाभ कक्षा 1ली से 10वीं तक अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को प्रदान किया जाता है। छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए आवश्यक अस्वच्छ व्यवसाय प्रमाण पत्र अब जाति, निवास एवं आय प्रमाण पत्र की तरह अनुविभागीय अधिकारी/तहसीलदार स्तर से ऑनलाइन जारी किया जा सकेगा। इससे विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया में सुविधा होगी।
अस्वच्छ व्यवसाय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदक अनुविभागीय अधिकारी/तहसीलदार कार्यालय के अंतर्गत संचालित लोक सेवा केन्द्र में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ 10 रुपये के स्टाम्प पर शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा। इसके अतिरिक्त निर्धारित प्रारूप में तैयार प्रमाण पत्र पर संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच अथवा नगरीय क्षेत्र में पार्षद के हस्ताक्षर तथा पटवारी के हस्ताक्षर कराकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन किया जा सकता है।