छत्तीसगढ़ / राजनांदगांव
कलेक्टर ने नक्सल पुनर्वास नीति के संबंध में ली बैठक
आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल पीडि़त परिवारों को पुनर्वास नीति के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना एवं अन्य शासकीय सुविधाओं का लाभ दिलाने के दिए निर्देश
राजनांदगांव। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने नक्सल पुनर्वास नीति-2025 के संबंध में आज कलेक्टर कक्ष में अधिकारियों की बैठक ली। कलेक्टर डॉ. भुरे ने नक्सल प्रभावित क्षेत्र में आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल पीडि़त परिवारों को पुनर्वास नीति अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना के विशेष परियोजना के माध्यम से लाभान्वित करने के संबंध में चर्चा की। उन्होंने जिले में आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल पीडि़त परिवारों को पक्के आवास का लाभ देने एवं अन्य शासकीय सुविधाओं का लाभ दिलाने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए विभिन्न प्रावधान का पालन करने आवश्यक निर्देश दिए। ऐसे परिवारों को नियमानुसार विद्युत कनेक्शन, शिक्षा, छात्रवृत्ति, शासकीय नौकरी, आर्थिक सहायता, मनरेगा कार्ड, खाद्यान्न सहायता एवं अन्य सुविधाओं से लाभान्वित करने के लिए कहा। कलेक्टर ने जिले में आत्मसमर्पित नक्सली, नक्सली घटनाओं में मृत एवं घायलों की जानकारी लेकर आवश्यक पात्रता परीक्षण कर पुनर्वास नीति के तहत जरूरी कार्रवाई करने के लिए कहा। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, प्रशिक्षु वनमंडलाधिकारी अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश ठाकुर एवं संबंधित विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।
कोरोना से राजनांदगांव में हुई पहली मौत
राजनांदगांव । राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में शनिवार और रविवार की मध्य रात्रि में ग्राम लखोली के रहने वाले तुलाराम नामक व्यक्ति की कोरोना से मौत हो गई।
हालांकि मृतक हृदय रोग के अलावा अन्य शारीरिक बीमारियों से ग्रसित था। मेडिकल कॉलेज में वह हृदय रोग के उपचार के लिए दाखिल हुआ था।
कोरोना जांच के दौरान वह पॉजिटिव पाया गया। रात लगभग 1.30 बजे उसकी मृत्यु हो गई। कोविड-19 से स्थानीय मेडिकल कॉलेज में किसी की मौत की पहली जानकारी सामने आई है।
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन लगातार कोविड 19 से निपटने के सुरक्षा के उपाय कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लखोली में कैम्प लगाकर पूरे इलाके को सेनेटाईज किया गया।
जल प्रदूषण के कारण मछलियों की मृत्यु, कलेक्टर ने टीम गठित कर संयुक्त निरीक्षण करने के दिए निर्देश
राजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के निर्देश पर आज ग्राम इंदावानी जलाशय में जल प्रदूषण के कारण मछलियों की मृत्यु होने की सूचना प्राप्त होने पर राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं सुरक्षा विभाग, जल संसाधन विभाग, पर्यावरण विभाग, उद्योग विभाग व मत्स्य विभाग के अधिकारियों द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में मृत मछलियां जलाशय के किनारे देखी गई।
क्षेत्रीय अधिकारी छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल भिलाई द्वारा सौंपे गए रिपोर्ट के अनुसार कलेक्टर ने मेसर्स ओरिएंट इस्पात प्राइवेट लिमिटेड ग्राम टेड़ेसरा पोस्ट सोमनी एवं पीएस स्टील ट्यूब्स प्राइवेट लिमिटेड ग्राम टेड़ेसरा पोस्ट सोमनी को जल प्रदूषण की रोकथाम एवं नियंत्रण अधिनियम तथा वायु प्रदूषण की रोकथाम एवं नियंत्रण अधिनियम का उल्लंघन करने के कारण दोनों उद्योग को तुरंत बंद करने के निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि मेसर्स ओरिएंट इस्पात प्राइवेट लिमिटेड ग्राम टेड़ेसरा पोस्ट सोमनी में अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र ठीक चालू नहीं पाया गया, अपशिष्ट जल फैक्ट्री परिसर के बाहर छोड़ा गया तथा पास के क्षेत्र में स्थित तालाब के पानी में मिलकर जल प्रदूषण का कारण बना। इससे पता चलता है कि उद्योग द्वारा प्रदूषित पानी नहीं जाना चाहिए था एवं शून्य डिस्चार्ज की स्थिति को नहीं बना कर रखा गया। वहीं औद्योगिक परिसर के पीछे स्थित एक गड्ढे में बड़ी मात्रा में फैक्ट्री का अपशिष्ट संग्रहित पाया गया। जिससे आस-पास के क्षेत्रों में जल प्रदूषण हो रहा था। हाउस कीपिंग की स्थिति भी संतोष जनक नहीं पायी गई।
पीएस स्टील ट्यूब्स प्राइवेट लिमिटेड ग्राम टेड़ेसरा पोस्ट सोमनी के निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र ठीक चालू नहीं पाया गया, अपशिष्ट जल फैक्ट्री परिसर के बाहर छोड़ा गया तथा पास के क्षेत्र में स्थित तालाब के पानी में मिलकर जल प्रदूषण का कारण बना। इससे पता चलता है कि उद्योग द्वारा प्रदूषित पानी नहीं जाना चाहिए था एवं शून्य डिस्चार्ज की स्थिति को नहीं बना कर रखा गया। हाउस कीपिंग की स्थिति भी संतोष जनक नहीं पायी गई।
क्षेत्रीय अधिकारी छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल भिलाई द्वारा सौंपे गए प्रतिवेदन के आधार पर दोनों औद्योगिक संस्थानों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए गए है। संबंधित विभागों को दोनों उद्योगों को दी जाने वाली बिजली, पानी एवं अन्य सुविधाओं की आपूर्ति तत्काल प्रभाव से बंद करने निर्देश दिए गए है। उद्योगों को इन विसंगतियों को दूर करने के लिए सुधारात्मक उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं। इन निर्देशों का पालन करने में विफल होने पर जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। जांच टीम में क्षेत्रीय अधिकारी छत्तीसगढ़़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल डॉ. अनिता सांवत, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग निलेश रामटेके, इंडस्ट्री हेल्थ एवं सेफ्टी डीपी मास्कोले, महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र सानू वी. वर्गीश, सहायक संचालक मत्स्य विभाग सुदेश कुमार साहू एवं राजस्व विभाग से गंगाधर, नायब तहसीलदार राजनांदगांव उपस्थित थे और मौके पर जांच का पंचनामा तैयार किया गया।
गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व नि:शुल्क जांच एवं उपचार नियमित तौर पर होना चाहिए : कलेक्टर
संस्थागत प्रसव में प्रगति लाने के दिए निर्देश
राजनांदगांव। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक ली। कलेेक्टर ने कहा कि जिले के सभी चिकित्सालयों में पर्याप्त मानव संसाधन, पर्याप्त सामग्री सहित अन्य संसाधन उपलब्ध होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में डॉक्टर, नर्स एवं अन्य स्टॉफ का व्यवहार मरीजों के साथ होना चाहिए। कलेक्टर ने जिले सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में उपलब्ध संसाधनों की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जहां स्टॉफ की कमी है, वहां मेडिकल ऑफिसर एवं अन्य स्टॉफ भर्ती करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में संस्थागत प्रसव को बढ़ाने की जरूरत है। गर्भवती महिलाओं की जांच एवं उपचार नियमित तौर पर होना चाहिए। उन्होंने हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के चिन्हांकन के निर्देश दिए तथा उनके लिए विशेष तौर पर उपचार के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए ध्यान केन्द्रित करते हुए कार्य करने की जरूरत है। बच्चों के टीकाकरण को बढ़ावा देते हुए सभी टीका निर्धारित समय पर लगाना सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि सभी हॉस्पिटल में आयुष्मान कार्ड का शत-प्रतिशत उपयोग करना सुनिश्चित करें। आयुष्मान कार्ड से मरीजों के उपचार के लिए राशि का क्लेम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे प्राप्त राशि का उपयोग हॉस्पिटल के उन्नयन के लिए करें। जिले के हॉस्पिटल में पर्याप्त संख्या में डॉक्टर्स एवं चिकित्सा से जुड़ी मशीने उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने गैर संचारी रोग मधुमेह एवं अन्य बीमारियों की एन्ट्री एवं स्क्रीनिंग में प्रगति लाने के निर्देश दिए। इसी तरह टीबी एवं कुष्ठ रोग की बीमारी के परीक्षण को बढ़ाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि कोविड-19 संक्रमण के प्रति सावधानी रखते हुए सजगता से कार्य करें। इसके लिए जांच का कार्य निरंतर जारी रखें।
कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने जिले में आयुष्मान आरोग्य मंदिर सिंघोला एवं तिलई को राष्ट्रीय मानक गुणवत्ता प्रमाण पत्र मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कलेक्टर ने सिकल सेल का परीक्षण बढ़ाने के लिए कहा। उन्होंने हॉस्पिटल में रखरखाव तथा व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में विभिन्न स्थानों पर बनाए जा रहे निर्माणाधीन कार्य समय पर पूर्ण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता देते हुए प्रगतिरत एवं अप्रारंभ निर्माण कार्य को समय पर पूर्ण करना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान अंतर्गत गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व नि:शुल्क जांच निरंतर जारी रहना चाहिए। उन्होंने समस्त राष्ट्रीय कार्यक्रम की समीक्षा की एवं आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने जननी सुरक्षा योजना, आयुष्मान वय वंदन कार्ड, निक्षय निरामय, प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र, महामारी नियंत्रण, मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य कार्य की प्रगति, एनीमिया मुक्त भारत, परिवार नियोजन, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, पोषण पुर्नवास की प्रगति, प्रधानमंत्री डायलिसिस योजना, ई-संजीवनी, राष्ट्रीय वैक्टर रोग नियंत्रण कार्यक्रम, डेंगू, मलेरिया, फाईलेरिया, पीसीपीएनडीटी सहित अन्य कार्यक्रमों के प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, संयुक्त संचालक मेडिकल कालेज डॉ. अतुल देशकर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरत्न, अधीक्षक मेडिकल कालेज डॉ. पवन जेठानी, प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. माधुरी खुंटे, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बीएल तुलावी, जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. शिल्पा मिश्रा, डीपीएम संदीप ताम्रकार, समस्त बीएमओ, बीपीएम, सलाहकार उपस्थित रहे।
जिला न्यायालय में किया गया योगाभ्यास
राजनांदगांव । अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला न्यायालय परिसर के मंथन हॉल में योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती सुषमा सावंत उपस्थित थी।
कार्यक्रम में योग प्रशिक्षक होमिका साहू द्वारा विभिन्न योगा आसनों का अभ्यास कराया एवं उनके स्वास्थ्य लाभ की जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि योग व प्राणायाम को नियमित दिनचर्या में शामिल कर निरोगी व स्वस्थ रह सकते है। कार्यक्रम में जिला न्यायालय के न्यायाधीश, लीगल एड डिफेंस कौंसिल, अधिवक्ता, प्रशासनिक अधिकारी, तृतीय व चतुर्थ कर्मचारी तथा पैरालीगल वालिंटियर्स शामिल हुए।
कोरोना से संक्रमित मरीज की पुष्टि होने पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
डोर टू डोर नागरिकों से संपर्क कर स्वास्थ्य संबंधी ली जा रही जानकारी
राजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने राजनांदगांव शहर के लखोली वार्ड में कोरोना से संक्रमित मरीज की पुष्टि होने पर स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है। उन्होंने कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। कलेक्टर के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा लखोली वार्ड में डोर टू डोर नागरिकों से संपर्क कर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली जा रही है। साथ ही सर्दी, खांसी व बुखार से पीडि़त मरीजों का सेम्पल भी लिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम में डॉ. बीएल तुलावी, डॉ. सतीश मेश्राम, अखिलेश नारायण, कौशल शर्मा, सुश्री रेणुका बत्रा, सुश्री चन्द्रमणि चंदेल शामिल थे।
वनवासियों के पैरों को चोट से बचाने चरण पादुका योजना उपयोगी : डॉ. रमन सिंह
विधासभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने तेन्दूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका का किया वितरण
राजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित चरण पादुका वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने अपने निवास कार्यालय परिसर में एक पेड़ मां के नाम के तहत पौधरोपण किया। विधासभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने तेन्दूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका का वितरण किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाओं से गरीब एवं जरूरतमंद वर्गो के मेहनतकश लोगों के जीवन में परिवर्तन आ रहा है। उन्होंने कहा कि वनवासियों द्वारा तेन्दूपत्ता संग्रहण का कार्य पूरे छत्तीसगढ़ में होता है। वनवासियों के पैरों में कंकड़-पत्थर और कांटे न चुभे, उनके पैरों को चोट से बचाने और उनका जीवन स्वस्थ रखने के लिए चरण पादुका योजना शुरू की गई है।
वनवासियों के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तेन्दूपत्ता के लिए 4 हजार रूपए प्रति मानक बोरा में वृद्धि कर 5 हजार 500 रूपए प्रति मानक बोरा किया है। इससे आर्थिक रूप से वनवासियों और वनवासी समितियों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में 18 हजार 332 तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 10 करोड़ 70 लाख रूपए की राशि का भुगतान किया गया है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूरे छत्तीसगढ़ में एक पेड़ मां के नाम अभियान भी शुरू किया है। एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण किया गया। जल संरक्षण और जल संवर्धन के लिए वृक्ष की आवश्यकता है। प्रकृति को बचाने के लिए पेड़ लगाना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिले में लक्ष्य निर्धारित कर ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण किया जाएगा।
वनमंडलाधिकार आयुष जैन ने कहा कि जिले में 18 प्राथमिक लघुवनोपज सहकारी समिति है। जिनके द्वारा तेन्दूपत्ता संग्रहण का कार्य किया जाता है। जिसमें से 19 हजार 645 हितग्राहियों को चरण पादुका का वितरण किया गया है। वर्ष 2025 में 18 हजार 332 संग्राहकों को 10 करोड़ 70 लाख रूपए का वितरण किया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण वैष्णव, अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक सचिन बघेल, पूर्व सांसद प्रदीप गांधी, कोमल सिंह राजपूत, रमेश पटेल, संतोष अग्रवाल, राजेश श्यामकर, कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे, पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग, सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, प्रशिक्षु वनमंडलाधिकारी अभिषेक अग्रवाल, एसडीएम खेमलाल वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं हितग्राही उपस्थित थे।
प्रयास आवासीय विद्यालय में प्रवेश के लिए 23 से काउंसलिंग
राजनांदगांव। प्रयास आवासीय विद्यालय के कक्षा 9वीं में प्रवेश के लिए मेरिट सूची में दर्शित वर्गवार विद्यार्थियों की 23 से 27 जून 2025 तक सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक प्रयास कन्या आवासीय विद्यालय गुढिय़ारी जिला रायपुर में काउंसलिंग का आयोजन किया गया है। काउंसिलिंग के लिए विद्यार्थियों को निर्धारित तिथि, समय एवं स्थान पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थिति सुनिश्चित करने कहा गया है। विभागीय वेबसाईट https://eklavya.cg.nic.in में संशोधित मेरिट एवं प्रतीक्षा सूची का अवलोकन किया जा सकता है।
इसके तहत 23 जून को अनुसूचित जनजाति एवं विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह बालक, 24 जून को अनुसूचित जनजाति एवं विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह बालिका, 25 जून को अनुसूचित जाति बालक-बालिका, 26 जून को अन्य पिछड़ा वर्ग बालक-बालिका एवं 27 जून को सामान्य व अल्पसंख्यक वर्ग के बालक-बालिका की काउंसिंलिग होगा। काउंसिलिंग में विद्यार्थी अपना प्रवेश पत्र, सक्षम राजस्व अधिकारी द्वारा जारी निवास प्रमाण-पत्र, सक्षम अधिकारी द्वारा जारी स्थाई जाति प्रमाण-पत्र, वर्ष 2024-25 में कक्षा 8वीं में प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण होने का प्रमाण-पत्र, यदि परिवार नक्सल हिंसा से सीधे प्रभावित है, तो इस आशय का संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी प्रमाण-पत्र, शाला स्थानांतरण प्रमाण-पत्र या शाला छोडऩे का प्रमाण-पत्र, विद्यार्थी की मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी चिकित्सा जाँच प्रमाण-पत्र, सिकलसेल जांच प्रमाण-पत्र, 2 स्वयं का पासपोर्ट साईज का रंगीन फोटो प्रस्तुत करना होगा। मेरिट सूची में दर्शित विद्यार्थी के साथ एक अभिभावक व पालक को काउंसिलिंग स्थल में प्रवेश की पात्रता होगी। निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित नहीं होने की स्थिति में रिक्त सीट के आधार पर संस्था आबंटित किया जाएगा। विद्यार्थी काउंसिलिंग फार्म भरकर लाए।
सुंदरकांड महोत्सव की 19 वीं माला की पूर्णाहुति 6 जुलाई को
राजनांदगांव । श्री श्याम के दीवाने एवं हनुमान भक्तों के द्वारा वर्ष 2015 से प्रारंभ सुंदरकांड महोत्सव के 19वीं माला अर्थात 2052 वा सुंदरकांड पाठ बर्फानी सेवा आश्रम समिति के तत्वाधान में 6 जुलाई देवशयनी एकादशी के दिन बर्फानी आश्रम मां पाताल भैरवी मंदिर प्रांगण में संपन्न होगा। श्री श्याम के दीवाने एवं हनुमान भक्तों की ओर से राजू शर्मा, संदीप मिश्रा, योगेश कोटक, निखिल मिश्रा, श्याम शर्मा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार श्री सुंदरकांड महोत्सव की 19 वीं माला का 108 वा पाठ 108 भक्त जोड़ो के साथ देवशयनी एकादशी 6 जुलाई को श्री बर्फानी आश्रम सेवा समिति के संयोजकत्व में आयोजित है।
इस महोत्सव के आशीर्वादक श्रद्धेय गुरुदेव बर्फानी दादाजी एवं श्री राजेश्वरानंद जी महाराज है वहीं प्रेरणाश्रोत परमश्रद्धेय नंदू जी शर्मा है । महोत्सव के दौरान श्री 108 महामंडलेश्वर स्वामी गोविंद जी महाराज का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होगा। व्यासपीठ पर श्याम के दीवाने के पितामह राजेश शर्मा एवं प्रखर हनुमान सेवक गणेश मिश्रा की जोड़ी विराजमान होकर सुंदरकांड का वाचन करेगी।
बर्फानी आश्रम सेवा समिति के राजेश मारू, आलोक बिंदल, गणेश शर्मा ” गन्नू”, दीपक जोशी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सुंदरकांड की एक माला अर्थात 107 पाठ पूरे होने पर 108 वा पाठ महोत्सव के रूप में मनाया जाता है। अभी तक 18 माला पूर्णता प्राप्त करके 19 वीं माला के 100 पाठ पूर्ण हो चुके है, 19 वीं माला का 108 वा पाठ अर्थात 2052 वा पाठ देवशयनी एकादशी 6 जुलाई को मां पाताल भैरवी मंदिर प्रांगण में आयोजित है।
समिति द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 06 जुलाई को सुबह 10 बजे से हमारे हनुमान जी का अभिषेक, पूजन, हवन, आरती होगी। शाम 5:31 बजे से श्याम के दीवाने एवं हनुमान भक्तों के साथ 108 भक्त जोड़ो द्वारा सामूहिक सुंदरकांड पाठ किया जाएगा।
धरती-आबा जनभागीदारी अभियान : 30 जून तक 105 ग्रामों में विशेष शिविरों का आयोजन
– जनजातीय वर्ग के पात्र हितग्राहियों को दिया जा रहा शासकीय योजनाओं का लाभ
राजनांदगांव । जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार 15 से 30 जून 2025 तक धरती-आबा जनभागीदारी अभियान अंतर्गत विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। जिसके तहत राजनांदगांव जिले में विशेष शिविरों के आयोजन के लिए कुल 105 ग्रामों का चयन किया गया है। धरती-आबा जनभागीदारी अभियान अंतर्गत आयोजित विशेष शिविरों में आधार कार्ड, राशन कार्ड, जाति व निवास प्रमाण पत्र, पेंशन योजना, आयुष्मान भारत कार्ड, उज्ज्वला गैस कनेक्शन, जनधन खाता, पीएम किसान निधि, मुद्रा लोन, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना समेत लगभग 17 योजनाओं का सीधा लाभ पात्र हितग्राहियों को प्रदान किया जा रहा है। शिविरों में स्वास्थ्य, पंचायत, समाज कल्याण, ग्रामीण विकास, कृषि, खाद्य, राजस्व विभागों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से डिजिटल सेवाएं आधार ई-केवाईसी और दस्तावेज सत्यापन भी किया जा रहा है। शिविर में जनजाति वर्ग के व्यक्ति, समुदाय जो विभिन्न सेवा व योजनाओं से वंचित, पात्र किन्तु लाभान्वित नहीं है, उन्हें संबंधित विभाग द्वारा सेवा व योजना का शत-प्रतिशत लाभ दिया जाएगा।
धरती-आबा जनभागीदारी अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु विकासखंड स्तर पर कलस्टर तैयार किया गया है। जिसमें राजनांदगांव विकासखण्ड अंतर्गत 18 जून को देवडोंगर एवं 20 जून को मलपुरी, विकासखण्ड डोंगरगढ़ अंतर्गत 18 जून को कलकसा, 20 जून को बागरेकसा, 23 जून को मोतीपुर, विकाखण्ड छुरिया अंतर्गत 18 जून को करमरी, 20 जून को कुमर्दा, 23 जून को महराजपुर, 25 जून को छुरिया, 27 जून को जोब एवं विकासखण्ड डोंगरगांव अंतर्गत 18 जून को तुमड़ीबोड़, 20 जून को अर्जुनी, 23 जून को कोकपुर, 25 जून को खुज्जी एवं 27 जून को करमतरा में विशेष शिविरों का आयोजन कलस्टरवार किया जा रहा है।
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में 21 जून तक योग शिविर का आयोजन
राजनांदगांव । अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में 17 से 21 जून 2025 तक पांच दिवसीय योग शिविर का आयोजन किया जा रहा है। योग शिविर के माध्यम से योग आधारित सामूहिक कार्यक्रमों का आयोजन कर जनसामान्य को योग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। योग शिविर में पारंपरिक योग अभ्यासों को सिखाया जा रहा है। शिविर में नागरिकों को योग के प्रति सजग, जागरूक एवं प्रेरित कर उनकी दैनिक दिनचर्या में योग को शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया गया। शिविर में जीवन शैली से होने वाले रोगों एवं आहार विहार, प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग की जानकारी प्रदान की जा रही है। शिविर में अंकुरित चना और स्वास्थ्यवर्धक आयुर्वेदिक काढ़ा दिया जा रहा है।
संभागायुक्त ने शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय का किया आकस्मिक निरीक्षण
राजनांदगांव । संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर ने आज शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे, डीन मेडिकल कालेज डॉ. पीएम लुका उपस्थित रहे। इस दौरान संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर ने क्रिटिकल केयर, आईसीयू की निर्माणाधीन संरचना, फिजियोथैरेपी यूनिट, आईसीयू केजुएल्टी, नये सीटी स्कैन मशीन के स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के लैब एवं अतिथि कक्ष का निरीक्षण किया। उन्होंने लैक्चर हॉल में एसी बढ़ाने के निर्देश दिए, वहां बड़ा इंटरएक्टिव पैनल लगाने के लिए कहा। इस दौरान संभागायुक्त ने नर्सिंग कालेज का भी जायजा लिया। इस अवसर पर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के सभी चिकित्सक, अधिकारी उपस्थित रहे।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योग संगम कार्यक्रम
संस्थानों को पोर्टल में पंजीयन कराने का आग्रह
राजनांदगांव । आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 21 जून 2025 को 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ''योग-एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य'' थीम पर योग संगम कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। योग संगम कार्यक्रम में जिला, जनपद एवं ग्राम पंचायत स्तर पर अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करते हुए विभिन्न स्थलों पर एकसमान समय सुबह 7 बजे से सुबह 8 बजे तक पर योगाभ्यास किया जाएगा। योग संगम कार्यक्रम के लिए शासकीय, शैक्षणिक संस्थान, निजी संस्था सहित अन्य को पोर्टल पंजीयन करना अनिवार्य है। योग संगम पंजीयन हेतु वेबसाईट https://yoga.ayush.gov.in/yoga-sangam पर जाना होगा। संगठन संबंधित विवरण की प्रविष्टि करना है। स्थान का चयन करें, जहां योग कार्यक्रम में भाग लेंगे, वह स्थान चुनें। ओटीपी द्वारा सत्यापन करें, मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा, उसे डालकर पुष्टि करें। कार्यक्रम के बाद सभी फोटो, वीडियो और मीडिया कवरेज को सुरक्षित रखें, इन्हें कार्यक्रम के बाद योग संगम पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है। सभी ग्राम पंचायत, शैक्षणिक संस्थान, आंगनबाड़ी केन्द्र, नगरीय निकाय सहित अन्य शासकीय एवं निजी संस्थानों को योग संगम पोर्टल में पंजीयन कराने का आग्रह किया गया है।
छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योग संगम के साथ हरित योग, योग अनप्लग्ड, योग महाकुम्भ, योग पार्क, योग प्रभाव, योग समावेशी के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। हरित योग अंतर्गत पारंपरिक योगाभ्यास के साथ-साथ पर्यावरण संवर्धन के लिए सामुदायिक गतिविधियों पौधरोपण, बीज वितरण, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। योग अनप्लग्ड के तहत युवाओं के स्वाभाविक जीवन अंग के रूप में स्थापित करने, युवाओं को योग के प्रति सजग, जागरूक एवं प्रेरित कर उनकी दैनिक दिनचर्या में योग को शामिल करने प्रेरित किया जाएगा। जिसमें युवाओं, छात्र-छात्राओं, एनसीसी-एनसीसी कैडेट्स, स्काउट-गाइड्स, रक्षा बलों की सक्रिय सहभागिता रहेगी। योग महाकुम्भ अंतर्गत 15 से 21 जून तक सप्ताहभर योग आधारित सामूहिक कार्यक्रमों का आयोजन कर जनसामान्य को योग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को सामुदायिक संपत्ति के रूप में स्थायी व प्रभावकारी बनाने के लिए योग पार्क बनाया जा सकता है। योग प्रभाव के तहत 2015 से 2025 तक के दौरान योग का सामुदायिक स्वास्थ्य पर प्रभाव एवं जनजीवन में योग की स्वीकृति, जागरूकता और अभ्यास की वृद्धि का मूल्यांकन किया जा सकता है। योग समावेश के तहत समावेशी एवं सुगम्य सिद्धांतों के आधार पर विविध वंचित समूहों तक की योग की पहुंच विकसित किया जा सकता है।
कलेक्टर ने जिलेवासियों से बारिश के मौसम में पौधे लगाने की अपील की
एक पेड़ माँ के नाम अभियान में शामिल होकर अपनी सहभागिता निभाएं
राजनांदगांव। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने जिलेवासियों से बारिश के मौसम में पौधे लगाने की अपील की है। उन्होंने सभी नागरिकों से आव्हान करते हुए कहा है कि आइए हम अपने शहर एवं गांव को हरा भरा बनाएं। धरती की हरीतिमा, पर्यावरण की रक्षा के लिए अपना दायित्व निभाते हुए एक पेड़ माँ के नाम अभियान में सहभागिता निभाएं। बारिश पौधरोपण के लिए उपयुक्त समय है।
यही वह वक्त है जब पौधे आसानी से मिट्टी में अपनी जड़ें मजबूती से बना लेते हैं। ग्लोबल वार्मिंग एवं बढ़ते तापमान के दुष्प्रभाव को रोकने के लिए पौधरोपण करना एवं जल संरक्षण बहुत आवश्यक है। ऑक्सीजन को बढ़ाने और धरती के तापमान को कम करने के लिए हमारा यह कर्तव्य है कि पौधे लगाएं और उनकी देखभाल एवं सुरक्षा भी सुनिश्चित करें। फलदार एवं छायादार वृक्ष लगाना पुण्य का कार्य है। आज हमें वृक्षों की छांव मिल रही है, क्योंकि किसी ने बहुत पहले पौधे लगाए थे। आने वाली पीढिय़ों को उन वृक्षों की शीतल छांव मिलती है, वहीं फल-फूल भी प्राप्त होते हैं। आइए हम सभी पौधरोपण के लिए प्रतिबद्ध होकर अपनी भागीदारी निभाएं।
कलेक्टर ने तहसीलदारों के तबादले किए, कई अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
राजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से जिले में पदस्थ तहसीलदार, अतिरिक्त तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों की अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यन्त तक तहसील कार्यालयों में नवीन पदस्थापना की है. जारी आदेश के मुताबिक तहसीलदार तहसील कार्यालय घुमका नीलकंठ जनबंधु को तहसील कार्यालय डोंगरगढ़, तहसीलदार तहसील कार्यालय डोंगरगढ़ मुकेश कुमार ठाकुर को तहसील कार्यालय घुमका, तहसीलदार तहसील कार्यालय लाल बहादुर नगर सोनित मेरिया को अतिरिक्त तहसीलदार तहसील कार्यालय डोंगरगढ़, तहसीलदार अतिरिक्त तहसीलदार तहसील कार्यालय डोंगरगढ़ कमल किशोर साहू को तहसील कार्यालय लाल बहादुर नगर, नायब तहसीलदार तहसील कार्यालय डोंगरगांव अब्दुल वसीम सिद्दीकी को तहसील कार्यालय छुरिया में अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यन्त पदस्थ किया गया है।
जल संरक्षण की दिशा में राजनांदगांव का अभिनव कदम
परकोलेशन टैंक और इंजेक्शन वेल मॉडल बन रहा पहचान
राजनांदगांव । राजनांदगांव जिले में भूजल संरक्षण और संवर्धन की दिशा में मिशन जल रक्षा के अंतर्गत एक अनूठी और तकनीकी दृष्टि से समृद्ध पहल की जा रही है, जो राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन रही है। जिले में अब तक कुल 1693 परकोलेशन टैंक का निर्माण किया जा चुका है, जो भूजल रिचार्ज की प्राकृतिक संरचनाओं में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन टैंकों के निर्माण के लिए जीआईएस फ्रैक्चर जोन आइडेंटिफिकेशन जैसी वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग किया गया है, जिससे जल के प्रवाह और भूजल पुनर्भरण के उपयुक्त स्थलों का चयन किया गया। इन टैंकों में आसपास के क्षेत्रों से वर्षा जल एकत्रित होकर सीधे जमीन में रिसता है और भूजल स्तर को पुन: भरने में सहायक होता है।
नवाचार की नई दिशा-
परकोलेशन टैंक तथा इंजेक्शन वेल का समायोजन जल संरक्षण की इस मुहिम को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु राजनांदगांव जिले ने परकोलेशन टैंकों में इंजेक्शन वेल जोडऩे की अभिनव कार्ययोजना तैयार की है। अब तक 200 से अधिक परकोलेशन टैंकों में इंजेक्शन वेल का निर्माण सफलतापूर्वक किया जा चुका है और आगामी वर्षा ऋतु से पूर्व इस संख्या को और अधिक बढ़ाने हेतु तेजी से कार्य किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि युक्त संरचना की लागत मात्र 37 हजार रूपए है जो कि एक हैंडपंप खोदने की लागत से भी कम है और इसका कार्य सीधे सरफेस में इकट्ठा होने वाले जल को फिल्टर मीडिया से गुजारते हुए सीधे ग्राउंडवाटर टेबल में पहुंचने का है।
इंजेक्शन वेल की विशेषताएं -
वर्षा जल को फिल्टर कर गहराई तक सीधे जलभंडार तक पहुँचाया जाता है। संरचना की न्यूनतम लागत मात्र 37000 आसन एवं सीधे समझ में आने वाली तकनीक है। खाली पड़े ग्राउंडवाटर टेबल का सर्वोत्तम उपयोग, यह प्रणाली तेज वर्षा के समय अधिक जल को तुरंत जमीन में भेजने में सक्षम है। परंपरागत रिसाव विधियों की तुलना में अधिक प्रभावशाली भूजल पुनर्भरण संभव होता है। मिशन जल रक्षा के तहत पारंपरिक तारीख से आगे बढ़ते हुए अब नवीनतम तकनीक के आधार पर संरचनाएं तैयार किया जाना आज के समय की मुख्य जरूरत है। जिले की यह पहल इसलिए भी विशिष्ट है क्योंकि इसमें परकोलेशन टैंक के निर्माण में जीआईएस मैपिंग, हाईड्रोलॉजिकल, सर्वे तथा रनआफ कैचमेंट एनॉलसिस जैसी तकनीकों का उपयोग किया गया है। इस तकनीकी दृष्टिकोण के कारण संरचनाएं न केवल प्रभावी सिद्ध हो रही हैं, बल्कि उनका दीर्घकालिक जल संरक्षण में योगदान भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाला होगा। साथ ही साथ वर्तमान में स्वीकृत किए गए 46 बोरखनन में हैंडपंप के साथ बोरवेल के साथ-साथ इंजेक्शन वेल की भी स्वीकृति प्रदान की गई जिसमें बोरवेल से 30 फीट की दूरी में ही 100 फिट गहरा इंजेक्शन वेल का निर्माण कर बोरवेल का ओवरफ्लो पानी सीधे इंजेक्शन वेल से जोड़ा जा रहा है जिससे कि पानी का दुरूपयोग कम से कम हो और बोरवेल कभी सूखने की स्थिति में ना आए इन प्रयासों को ग्रामीणों द्वारा बड़े ध्यान पूर्वक देखकर तकनीक को समझते हुए सुझाव भी प्रदान किए जा रहे हैं।
सम्भावित परिणाम और सामाजिक प्रभाव-
इंजेक्शन वेल से वर्षा जल सीधे भूजल स्तर तक पहुँचेगा, जिससे स्थानीय जल स्तर में वृद्धि होगी। कुएं, हैंडपंप, और ट्यूबवेल में जल की उपलब्धता बढ़ेगी।
राष्ट्रीय स्तर पर पहला प्रयोग -
यह समायोजन मॉडल परकोलेशन टैंक और इंजेक्शन वेल देश में अपने आप में पहला प्रयास माना जा रहा है, जिसमें भूजल रिचार्ज के लिए अत्याधुनिक तकनीक को समग्र ग्रामीण विकास मॉडल में समाहित किया गया है। यह जल शक्ति मंत्रालय सहित विभिन्न संस्थाओं के लिए भी समय-समय पर केंद्रीय मंत्री एवं अन्य प्रतिनिधियों के माध्यम से अध्ययन और अनुकरणीय मॉडल के रूप में प्रस्तुत की जा रही है।
प्रशासनिक नेतृत्व एवं सतत निगरानी -
इस पहल के पीछे जिला प्रशासन की दूरदर्शिता, तकनीकी टीमों का समर्पण और जनपद पंचायत एवं ग्राम पंचायतों की सहभागिता प्रमुख भूमिका निभा रही है। कार्य की नियमित निगरानी, सर्वेक्षण और सामुदायिक भागीदारी ने इसे सफल बनाने में निर्णायक योगदान दिया है।
जिले में परकोलेशन टैंक और इंजेक्शन वेल युक्त भूजल रिचार्ज मॉडल, जल संकट से जूझते ग्रामीण भारत के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। यह पहल न केवल भूजल स्तर में सुधार लाने वाली है, बल्कि एक सतत, विज्ञान आधारित और सामुदायिक भागीदारी से युक्त जल नीति की मिसाल भी पेश कर रही है।
कलेक्टर ने संवेदनशीलपूर्वक जनसामान्य की सुनी शिकायत एवं समस्याएं
राजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने आज मंगलवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में जिले के विभिन्न स्थानों से आए जनसामान्य की शिकायत एवं समस्याओं को संवेदनशीलपूर्वक सुनी। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राप्त सभी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों से जनसामान्य यहां आते हैं, उनकी समस्याओं का निराकरण करते हुए उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित करना है। आवेदनों का अवलोकन कर नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए कहा। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को उनके विभाग से संबंधित आवेदन प्रदान कर शीघ्र निराकरण करने के लिए निर्देशित किया।
जनदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित करने, नक्शा बटांकन, सीमांकन, अतिक्रमण हटाने, ऑनलाईन रिकार्ड दुरूस्त करने, आर्थिक सहायता, नजूल भूमि का पट्टा बनाने, राशन कार्ड बनवाने, आधार कार्ड में अपडेशन, सड़क दुर्घटना से मृत्यु होने पर आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभ दिलाने जैसे आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर डॉ. भुरे ने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के साथ निराकरण के लिए निर्देश दिए। इस अवसर पर वनमंडलाधिकारी आयुष जैन, जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।