छत्तीसगढ़ / सरगुजा
सैनिक स्कूल अम्बिकापुर में कर्नल राजेश बेंदा ने प्रधानाचार्य का पदभार ग्रहण किया
अम्बिकापुर 13 जुलाई 2026
भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी कर्नल राजेश बेंदा ने सोमवार को सैनिक स्कूल अम्बिकापुर के प्रधानाचार्य के रूप में पदभार ग्रहण किया। विद्यालय परिवार ने उनका स्वागत करते हुए उनके नेतृत्व में शिक्षा, अनुशासन एवं समग्र विकास की नई ऊँचाइयों को प्राप्त करने का विश्वास व्यक्त किया। कर्नल राजेश बेंदा ने पंजाब आगरा, लेह-लद्दाख, असम, थेगू, कोलकाता, दीमापुर सहित अनेक महत्वपूर्ण नियुक्तियों पर अपनी सेवाएं दी हैं। उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें वर्ष 2008 में दक्षिण-पश्चिमी कमान, 2017 में पूर्वी कमान तथा 2022 में उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ द्वारा प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जा चुका है। भारतीय सेना में आने से पूर्व वे एक व्याख्याता के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों में आईआईटी मद्रास से एमबीए (वित्त), मनोविज्ञान में एमए तथा चीनी भाषा में दक्षता शामिल है। शिक्षा प्रशासन के क्षेत्र में भी उनका अनुभव उल्लेखनीय है। वे राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल धौलपुर में प्रशासनिक अधिकारी तथा सैनिक स्कूल रीवा में प्रधानाचार्य के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
कलेक्टर ने जिले में कृषि व्यवस्था की ली जानकारी, शासन के बुवाई पद्धति की जानकारी किसानों को देने दिए निर्देश
शासन की योजनाओं एवं कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें- कलेक्टर श्री वसंत
ग्राम सभा में जाति प्रमाण हेतु अपात्रों का दस्तावेज संकलित करने दिए निर्देश
अम्बिकापुर 13 जुलाई 2026
कलेक्टर श्री अजीत वसंत की अध्यक्षता में सोमवार को जिला कलेक्टरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय सीमा की बैठक सम्पन्न हुई। इस दौरान उपवनमण्डलाधिकारी अम्बिकापुर सुश्री श्वेता कम्बोज, नगर निगम आयुक्त श्री डी.एन. कश्यप, सर्व एसडीएम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में अपूर्ण कार्यों के स्थिति की जानकारी लेते हुए उन्होंने कहा कि शेष प्रकरणों पर 15 दिनों में प्रगति लाएं। उन्होंने जिले में अतिक्रमण पर कार्रवाई की जानकारी ली तथा कहा कि सार्वजनिक भूमि, सड़क, नालों एवं शासकीय संपत्तियों पर किए गए अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने सम्बंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही करते हुए सभी औपचारिकताओं को जल्द पूरा करने कहा। कलेक्टर ने निर्माण विभागों को निर्देशित करते हुए कहा कि निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को मजदूरी भुगतान समय पर मिल जाए। उन्होंने सीएमएचओ को प्राइवेट अस्पतालों से सम्बंधित प्राप्त शिकायतों को गम्भीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, सभी अस्पतालों की टीम बनाकर जांच करने कहा गया। इस दौरान सुशासन तिहार अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की विभागवार समीक्षा कर शेष प्रकरणों को जल्द निराकृत करने अधिकारियों को निर्देशित किया।
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं के विस्तार, नक्शा प्रोजेक्ट की स्थिति, एनएचएम भर्ती प्रक्रिया में प्रगति, ऑनलाईन उपस्थिति, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की जानकारी, अनुकम्पा नियुक्ति प्रकरणों सहित अन्य कार्यों की जानकारी ली गई तथा सम्बंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान सीएम हेल्पलाइन, जनदर्शन, जन चौपाल, जन शिकायत, पीजी पोर्टल आदि पर समीक्षा की गई।
शासन की योजनाओं एवं कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें-
कलेक्टर श्री वसंत ने विभागों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं एवं कार्यक्रमों का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। अधिकारी जिम्मेदारी का गम्भीरता से क्रियान्वयन करें, किसी प्रकार की लापरवाही ना रहे। उन्होंने कहा कि जिले का शासन की योजनाओं एवं कार्यक्रमों का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
कलेक्टर ने जिले में कृषि व्यवस्था की ली जानकारी, शासन के बुवाई पद्धति की जानकारी किसानों को देने दिए निर्देश-
कलेक्टर श्री वसंत ने जिले में वर्षा के मद्देनजर कृषि की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए कृषि विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली। बैठक में फसलों की स्थिति, खरीफ बुवाई, रोपाई की प्रगति तथा किसानों को उपलब्ध कराई जा रही कृषि सेवाओं की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन द्वारा अनुशंसित बुवाई पद्धतियों की जानकारी किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए। उन्होंने खाद बीज की उपलब्धता की जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में किसानों को खाद एवं गुणवत्तापूर्ण बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इस दौरान उन्होंने एग्रिस्टेक पंजीयन की जानकारी ली।
ग्राम सभा में जाति प्रमाण हेतु अपात्रों का दस्तावेज संकलित करने दिए निर्देश-
कलेक्टर ने जिले में जाति प्रमाण पत्र संबंधी प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम सभाओं के माध्यम से जाति प्रमाण पत्र के लिए अपात्र पाए गए व्यक्तियों के दस्तावेजों का संकलन किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों का नियमानुसार परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
शासकीय सुकर फार्म, सकालो (अंबिकापुर) में अफ्रीकन स्वाइन फीवर वैक्सीन का ट्रायल जारी
भारत में पहली बार ASF वैक्सीन का परीक्षण, NIHSAD भोपाल के वैज्ञानिक कर रहे हैं मूल्यांकन
अम्बिकापुर 13 जुलाई 2026
शासकीय सुकर फार्म, सुकर फार्म, सकालो (अंबिकापुर (अंबिकापुर) में अफ्रीकन स्वाइन फीवर (African Swine Fever–ASF) वैक्सीन का ट्रायल मार्च माह से वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप जारी है। यह परीक्षण नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज (NIHSAD), भोपाल द्वारा संचालित किया जा रहा है। वैक्सीन का विकास भी NIHSAD, भोपाल के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया है।
फार्म प्रबंधक डॉ. अजय अग्रवाल ने बताया कि वैक्सीन ट्रायल मार्च माह से प्रारंभ किया गया है। ट्रायल के निरीक्षण एवं मूल्यांकन के लिए NIHSAD, भोपाल के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजू कुमार 8 जुलाई को शासकीय सुकर फार्म, सकालो पहुंचे। उन्होंने ट्रायल की प्रगति का अवलोकन किया तथा ब्लड, सीरम एवं नेजल सैंपल एकत्रित कर वैज्ञानिक परीक्षण हेतु सुरक्षित किया। यह ट्रायल पशुपालन विभाग के संचालक के निर्देश एवं मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार अफ्रीकन स्वाइन फीवर (।ैथ्) सूकरों में होने वाला अत्यंत घातक वायरल रोग है, जो घरेलू एवं जंगली दोनों प्रकार के सूकरों को प्रभावित करता है। इस रोग में मृत्यु दर अत्यधिक होती है तथा वर्तमान में इसका कोई प्रभावी उपचार उपलब्ध नहीं है। संक्रमित पशुओं को केवल लक्षणों के आधार पर सहायक उपचार दिया जा सकता है, किंतु इससे रोग का प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं हो पाता।
उल्लेखनीय है कि भारत में अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) वैक्सीन का यह पहला ट्रायल है। वर्तमान में भारत सहित विश्व के अधिकांश देशों में ASF के लिए कोई पूर्ण रूप से स्वीकृत व्यावसायिक वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यह परीक्षण सूकर पालन क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सी. के. मिश्रा ने बताया कि शासकीय सुकर फार्म, सुकर फार्म, सकालो (अंबिकापुर (अंबिकापुर) में वैक्सीन का ट्रायल वैज्ञानिक मानकों एवं जैव-सुरक्षा (बायोसिक्योरिटी) प्रोटोकॉल का पूर्ण पालन करते हुए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि यह ट्रायल सफल रहता है, तो भविष्य में यह वैक्सीन भारत सहित विश्वभर के सूकर पालकों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी तथा अफ्रीकन स्वाइन फीवर से होने वाली भारी आर्थिक क्षति को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) और महतारी वंदन योजना से बदली फूलमती देवी के परिवार की जिंदगी
मासिक सहायता से बच्चों की पढ़ाई, पक्के आवास से मिला सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन
अम्बिकापुर 11 जुलाई 2026
शासन की हितग्राही मूलक योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। सरगुजा जिले की अम्बिकापुर नगर पालिक निगम के मठपारा की रहने वाली श्रीमती फूलमती देवी का परिवार भी इसका जीवंत उदाहरण है। महतारी वंदन योजना से प्राप्त होने वाली प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत मिले पक्के घर ने उनके परिवार को नई उम्मीद और सम्मानजनक जीवन प्रदान किया है।
श्रीमती फूलमती देवी ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना के अंतर्गत हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता का उपयोग बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में किया जा रहा है। उनका कहना है कि यह राशि परिवार की छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा में भी सहायक साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि उनके तीन बेटे और दो बेटियां हैं, जिनमें एक बेटा वर्तमान में पढ़ाई कर रहा है। परिवार का मुख्य व्यवसाय मेहनत-मजदूरी है और सीमित आय के बावजूद वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिला पक्का घर उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना था, जो अब साकार हो चुका है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका भी शहर में अपना पक्का घर होगा। आज उनके परिवार को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण में रहने का अवसर मिला है।
फूलमती देवी के पति श्री संजय चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनकी पत्नी के नाम से आवास स्वीकृत हुआ, जिससे पूरा परिवार बेहद खुश है। उन्होंने कहा कि पहले कच्चे और छप्पर वाले मकान में रहने के कारण बरसात के मौसम में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। शौचालय और स्नानघर की समुचित व्यवस्था नहीं होने से महिलाओं और परिवार के अन्य सदस्यों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब पक्के मकान के साथ शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होने से उनका जीवन काफी आसान और सुरक्षित हो गया है।
उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं ने उनके परिवार को नई पहचान और आत्मविश्वास दिया है। अब वे अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित हैं।
श्रीमती फूलमती देवी और श्री संजय चौधरी ने महतारी वंदन योजना तथा प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की ऐसी योजनाओं का लाभ गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक लगातार पहुंचता रहे, ताकि अधिक से अधिक लोगों का जीवन बेहतर बन सके।
मिशन शक्ति अंतर्गत महिला सशक्तिकरण केन्द्र के संचालन हेतु संविदा रिक्त 03 पदों में नियुक्ति हेतु पात्र-अपात्र सूची जारी, दावा-आपत्ति 20 जुलाई तक आमंत्रित
अम्बिकापुर 11 जुलाई 2026
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि मिशन शक्ति के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण केन्द्र हब हेतु जिले में रिक्त 03 संविदा पदों (जेन्डर विशेषज्ञ 01 पद, आई टी वर्कर 01 पद एवं डाटा एन्ट्री ऑपरेटर PMMVY 01 पद) की पूर्ति हेतु प्राप्त आवेदन पत्रों के पात्र-अपात्र सूची का प्रकाशन किया गया है। जिसपर दावा-आपत्ति प्राप्त करने की अंतिम तिथि 20 जुलाई 2026 कार्यालयीन समय 05ः30 बजे तक निर्धारित है। पात्र-अपात्र सूची का अवलोकन सरगुजा जिले की वेबसाईट www.surguja.gov.inव कार्यालय के सूचना पटल पर देखी जा सकती है। जिन अभ्यर्थियों द्वारा आवेदन के साथ अनुभव प्रमाण पत्र के साथ वेतन पर्ची (पे-स्लीप/बैंक स्टेंटमेंट) प्रस्तुत नहीं किया गया है, उन्हे प्रावधिक सूची में अपात्र किया गया है। दावा आपत्ति में अभ्यर्थियों द्वारा वेतन पर्ची (पे-स्लीप/बैंक स्टेंटमेंट) से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किये जाने पर उनके दावा पर विचार किया जाएगा।
प्राकृतिक आपदा में मृतकों के वारिसों को 36 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत
अम्बिकापुर 11 जुलाई 2026
अपर कलेक्टर सरगुजा द्वारा प्राकृतिक आपदा में मृतकों के वारिसों को 36 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। जिसमें तहसील अम्बिकापुर के असोला निवासी जयमंगल की मृत्यु पानी में डूबने से होने पर उनके वारिस फगुआ पैकरा, तहसील रघुनाथपुर के कोरिमा निवासी तील कुुंवर की मृत्यु मधुमक्खी के काटने से होने पर उनके वारिस पीलर अगरिया, तहसील लुण्ड्रा के दोरना निवासी रामेश्वर नागेश की मृत्यु सांप के काटने से होने पर उनके वारिस सुमेत्री नगेसिया, तहसील लुण्ड्रा के बकनाकला निवासी सनमनिया की मृत्यु आकाशीय बिजली से होने पर उनके वारिस मटन राम, तहसील धौरपुर के किरकिमा निवासी रतिराम की मृत्यु सांप के काटने से होने पर उनके वारिस अमृत कुमार, तहसील धौरपुर के पड़ौली निवासी विशाल टेकाम की मृत्यु सांप के काटने से होने पर उनके वारिस शोभरन राम, तहसील धौरपुर के अगासी निवासी सिबो की मृत्यु सांप के काटने से होने पर उनके वारिस मनिजर, तहसील धौरपुर के चंगोरी निवासी आनंद यादव मृत्यु पानी में डूबने से होने पर उनके वारिस नंदनी यादव एवं सीतापुर के हरदीसांड निवासी अमृत लकड़ा की मृत्यु पानी में डूबने से होने पर उनके वारिस सुखना, को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है। इस राशि की मंजूरी राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड 6-4 संशोधित प्रावधानों के तहत प्राकृतिक आपदा राहत के अंतर्गत दी गई है।
ऑटो डायवर्सन व्यवस्था से राजस्व सेवाओं में आई पारदर्शिता, नागरिकों को मिल रही बड़ी राहत
घर बैठे ऑनलाइन आवेदन, समय-सीमा में निराकरण से बढ़ा लोगों का भरोसा
अम्बिकापुर 10 जुलाई 2026
राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा लागू की गई डिजिटल राजस्व सेवाओं ने जमीन से जुड़े कार्यों को अत्यधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बना दिया है। विशेष रूप से ’ऑटो डायवर्सन’ (स्वतः व्यवर्तन) और ’ऑटो म्यूटेशन’ (स्वतः नामांतरण) जैसी अभिनव व्यवस्था के लागू होने से नागरिकों को अब राजस्व कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। निर्धारित समय-सीमा में प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित होने से आमजनों को राहत मिल रही है
डिजिटल गवर्नेंस की इस पहल का सीधा लाभ क्षेत्रवासियों को मिल रहा है। इसके प्रत्यक्ष उदाहरण अम्बिकापुर शहरी क्षेत्र के निवासी श्री शैलेंद्र कुशवाहा हैं। उन्होंने अपनी भूमि के डायवर्सन के लिए घर बैठे ऑनलाइन आवेदन किया था, जिसका निराकरण पूरी पारदर्शिता के साथ महज 15 दिनों के भीतर हो गया। श्री कुशवाहा ने बताया कि पूरी प्रक्रिया बेहद सरल और सुविधाजनक है। राजस्व विभाग के पोर्टल पर सिटीजन अकाउंट बनाकर आवश्यक दस्तावेज आसानी से अपलोड किए जा सकते हैं, तथा निर्धारित शुल्क का भुगतान भी ऑनलाइन अथवा यूपीआई के माध्यम से सुगमता से किया जा सकता है।
व्हाट्सऐप पर मिलती है पावती और आदेश की प्रति
इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत इसकी त्वरित सूचना प्रणाली है। श्री कुशवाहा ने बताया कि आवेदन पूर्ण होने के साथ ही उसकी पावती सीधे आवेदक के व्हाट्सएप नंबर पर प्राप्त हो जाती है। यदि आवेदन में किसी प्रकार की तकनीकी त्रुटि होती है, तो उसकी जानकारी भी तत्काल ऑनलाइन मिल जाती है, जिससे आवश्यक सुधार कर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है। प्रक्रिया पूरी होने और आवेदन स्वीकृत होने के बाद अंतिम आदेश की प्रति भी व्हाट्सएप के माध्यम से आवेदक को उपलब्ध करा दी जाती है।
समय और धन की बचत, अनावश्यक भाग-दौड़ से मुक्ति
पहले भूमि डायवर्सन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए नागरिकों को पटवारी, राजस्व निरीक्षक और तहसील कार्यालय के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। लेकिन अब यह पूरी प्रक्रिया घर बैठे ऑनलाइन पूरी हो रही है। इससे न केवल समय और धन की बचत हो रही है, बल्कि अनावश्यक भाग-दौड़ से भी बड़ी राहत मिली है।
श्री कुशवाहा ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि डिजिटल राजस्व सेवाओं ने आम नागरिकों के लिए शासन की कार्यप्रणाली को सुगम बना दिया है। ऑनलाइन सेवाओं के निरंतर विस्तार से लोगों को घर बैठे त्वरित लाभ मिल रहा है और राजस्व संबंधी कार्य पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो गए हैं। इस जनहितकारी और पारदर्शी पहल के लिए उन्होंने प्रदेश शासन एवं माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डिजिटल तकनीक के प्रभावी उपयोग से नागरिक सेवाएं पहले की अपेक्षा अधिक सरल, पारदर्शी और जनसुलभ बन गई हैं।
मैनपाट में आंगनबाड़ी सहायिका के 3 रिक्त पदों पर भर्ती हेतु 27 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित
अम्बिकापुर 10 जुलाई 2026
एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना मैनपाट के परियोजना अधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के आदेशानुसार पूर्व में स्वीकृत, प्रथम चरण, द्वितीय चरण एवं तृतीय चरण में स्वीकृत आंगनबाड़ी केन्द्रों में 03 सहायिका के पद रिक्त है। पद पूर्ति हेतु मानसेवी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिकाओं की नियुक्ति किये जाने हेतु पात्रताधारी महिला उम्मीदवारों से 13 जुलाई 2026 से 27 जुलाई 2026 तक महिला एवं बाल विकास विभाग के विभागीय वेबसाइट https://aww.e-bharti.in/के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। जिसमें सेक्टर खड़गांव अंतर्गत ग्राम पंचायत महारानीपुर के आंगनबाड़ी केन्द्र महारानीपुर में आंगनबाड़ी सहायिका के 01 पद, सेक्टर पैगा अंतर्गत ग्राम पंचायत लुरैना के आंगनबाड़ी केन्द्र लुरैना में आंगनबाड़ी सहायिका के 01 पद एवं सेक्टर पैगा अंतर्गत ग्राम पंचायत लुरैना के आंगनबाड़ी केन्द्र लुरैना जूनाडीह में आंगनबाड़ी सहायिका के 01 पद पर भर्ती की जानी है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद हेतु 12वीं अथवा 11वीं बोर्ड उत्तीर्ण एवं आंगनबाड़ी सहायिका पद हेतु 8वीं उत्तीर्ण योग्यता निर्धारित है।
प्राकृतिक आपदा में मृतक के वारिस को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत
अम्बिकापुर 10 जुलाई 2026
अपर कलेक्टर सरगुजा द्वारा प्राकृतिक आपदा में मृतक के वारिस को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। जिसमें तहसील अम्बिकापुर के कोल्डीहा निवासी बुनी की मृत्यु पानी में डूबने से होने पर उनके वारिस सहाल कुजुर को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है। इस राशि की मंजूरी राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड 6-4 संशोधित प्रावधानों के तहत प्राकृतिक आपदा राहत के अंतर्गत दी गई है।
सरगुजा संभाग में ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक-पुरुष/बहुद्देशीय कार्यकर्ता पुरुष की अंतिम पदक्रम सूची जारी
अम्बिकापुर 09 जुलाई 2026
सरगुजा संभाग के विभिन्न उप स्वास्थ्य केन्द्रों/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं अन्य संस्थाओं में ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक पुरूष/बहुद्देशीय कार्यकर्ता पुरूष के पद पर पदस्थ व कार्यरत कर्मचारियों की दावा आपत्ति निराकरण उपरांत 01 अप्रैल 2025 की स्थिति में दर्शाने वाली अंतिम वरिष्ठता सूची व दावा आपत्ति निराकरण सूची अनुसार जारी किया गया है।
प्रकाशित अंतिम वरिष्ठता सूची व दावा आपत्ति निराकरण सूची को वेबसाईट www.surguja.gov.in पर अपलोड एवं संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं के कार्यालय के निर्धारित सूचना पटल पर चस्पा किया गया है।
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना से मिली सिंचाई की सुविधा, अब सालभर कर रहे बहुफसली खेती
सेलो बोर स्थापना से किसान शिवनंदन राम की बढ़ी आय, सब्जी एवं दलहन उत्पादन को मिला नया आधार
अम्बिकापुर 07 जुलाई 2026
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आर.के.वी.वाई.) के अंतर्गत किसानों को सिंचाई सुविधाओं से जोड़कर कृषि उत्पादन एवं आय में वृद्धि के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सरगुजा जिले के सरईटिकरा ग्राम पंचायत के किसान श्री शिवनंदन राम, पिता श्री कुंवर साय, को योजना के तहत सेलो बोर की सुविधा मिलने से उनकी खेती को नई दिशा मिली है। सिंचाई की स्थायी व्यवस्था होने से अब वे वर्षभर विभिन्न फसलों की खेती कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं।
किसान श्री शिवनंदन राम ने बताया कि पहले सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं होने के कारण खेती पूरी तरह वर्षा पर निर्भर थी, जिससे उत्पादन प्रभावित होता था। कृषि विभाग के मार्गदर्शन एवं राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के सहयोग से उनके खेत में सेलो बोर स्थापित कराया गया। योजना के तहत उन्हें अनुदान का लाभ भी प्राप्त हुआ, जिससे बोर स्थापना की लागत का बड़ा हिस्सा कम हो गया।
उन्होंने बताया कि अब खेत में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होने से वे धान, उड़द, टमाटर, बैंगन, भिंडी तथा अन्य मौसमी सब्जियों की खेती आसानी से कर पा रहे हैं। सिंचाई सुविधा मिलने से फसलों की गुणवत्ता एवं उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे परिवार की आय बढ़ी है और खेती अधिक लाभकारी बन गई है।
श्री शिवनंदन राम ने कहा कि पहले पानी की कमी के कारण खेती सीमित थी, लेकिन अब सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने से बहुफसली खेती संभव हो गई है। समय पर सिंचाई होने से फसलें बेहतर विकसित हो रही हैं और बाजार में अच्छी कीमत भी मिल रही है।
उन्होंने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के माध्यम से मिली इस सुविधा के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा कृषि विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की किसान हितैषी योजनाएं ग्रामीण किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। उन्होंने अन्य किसानों से भी शासन की योजनाओं का लाभ लेकर आधुनिक एवं उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील की।
जिले में अब तक 88.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज
अम्बिकापुर 06 जुलाई 2026
भू-अभिलेख शाखा के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि जिले के सभी तहसीलों में 24 घण्टे के दौरान 10.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है। इस दौरान सर्वाधिक 25.1 मि.मी. वर्षा तहसील उदयपुर में दर्ज की गई है। इसे मिलाकर पूरे जिले में 1 जून से अब तक 88.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि 01 जून 2026 से 06 जुलाई 2026 तक अम्बिकापुर में 99.3, दरिमा में 61.4, लुण्ड्रा में 35.2, सीतापुर में 78.9, लखनपुर में 136.8, उदयपुर में 94.8, बतौली में 61.3 एवं मैनपाट में 138.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
सुशासन तिहार के दौरान टीबी उन्मूलन अभियान को मिली नई गति
42 शिविरों में 5,890 एक्स-रे एवं 538 बलगम जांच, 53 नए टीबी मरीजों की पहचान कर तत्काल उपचार शुरू
निक्क्षय पोषण योजना के तहत 38 मरीजों को मिला फूड बास्केट, टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों को किया गया सम्मानित
अम्बिकापुर 06 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में सुशासन तिहार के अंतर्गत 01 मई से 10 जून 2026 तक राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (टीबी) के तहत जिलेभर में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का सफल आयोजन किया गया। अभियान के माध्यम से टीबी की शीघ्र पहचान, समय पर उपचार तथा जनजागरूकता गतिविधियों को व्यापक स्तर पर संचालित किया गया।
जिला प्रशासन द्वारा जिला क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित 42 विशेष स्वास्थ्य शिविरों में 5,890 व्यक्तियों की डिजिटल एक्स-रे जांच की गई, जिनमें 30 मरीजों में टीबी की पुष्टि हुई। वहीं 538 बलगम (स्पुटम) जांच में 23 मरीज टीबी पॉजिटिव पाए गए। इस प्रकार अभियान के दौरान कुल 53 नए टीबी मरीजों की पहचान कर उनका अविलंब उपचार प्रारंभ कराया गया।
इस अभियान के दौरान जांच, उपचार एवं फॉलोअप की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की गई, जिससे संभावित मरीजों की समय पर पहचान कर उन्हें उपचार से जोड़ा जा सका। साथ ही निक्क्षय पोषण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया। जिले की 40 ग्राम पंचायतों के सचिवों ने निक्क्षय मित्र बनकर वर्तमान में उपचाररत 38 टीबी मरीजों को फूड बास्केट प्रदान किए, जिससे मरीजों को उपचार अवधि में आवश्यक पोषण सहायता उपलब्ध हो सकी।
टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से टीबी मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों के सरपंच, पंच एवं सचिवों को जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में महात्मा गांधी जी की प्रतिमा एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस पहल से अन्य ग्राम पंचायतों को भी टीबी उन्मूलन अभियान से सक्रिय रूप से जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी।
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना अथवा टीबी के अन्य लक्षण दिखाई देने पर निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में निःशुल्क जांच अवश्य कराएं। समय पर जांच और नियमित उपचार से टीबी पूर्णतः ठीक हो सकती है तथा जनसहभागिता से टीबी मुक्त सरगुजा एवं टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है।
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से अनीता चौधरी बनीं ऊर्जा दाता, शून्य हुआ बिजली बिल
केंद्र एवं राज्य सरकार से डबल मिलेगी सब्सिडी
3 किलोवाट रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कर परिवार को मिल रही मुफ्त सब्सिडी
अम्बिकापुर 05 जुलाई 2026
स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और आम नागरिकों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना जिले में सकारात्मक बदलाव ला रही है। योजना का लाभ लेकर जिले के ग्राम पंचायत कंठी की रहने वाली श्रीमती अनीता चौधरी अब केवल बिजली की उपभोक्ता नहीं रहीं, बल्कि सौर ऊर्जा के माध्यम से ऊर्जा दाता बन गई हैं।
श्रीमती अनीता चौधरी ने बताया कि पहले वे नियमित रूप से बिजली का बिल चुकाती थीं, लेकिन बिजली की खपत बढ़ने से बिल का भार भी बढ़ जाता था। श्रीमती चौधरी ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किया है। इसके बाद उनके घर की बिजली आवश्यकता सौर ऊर्जा से पूरी होने लगी है और उनका बिजली बिल शून्य हो गया है। आवश्यकता से अधिक उत्पादित बिजली ग्रिड में भेजे जाने से उन्हें अतिरिक्त आर्थिक लाभ भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि योजना से मिलने वाले लाभ ने उनके परिवार का मासिक खर्च कम किया है और अब बिजली बिल की चिंता पूरी तरह समाप्त हो गई है।
उन्होंने बताया कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से लगभग ₹1.08 लाख की सब्सिडी प्रदान कर रही हैं जिससे सोलर संयंत्र लगाना काफी आसान और किफायती हो गया। इस आर्थिक सहायता के कारण आम परिवार भी बिना अधिक वित्तीय बोझ के स्वच्छ एवं अक्षय ऊर्जा को अपना सकते हैं।
श्रीमती चौधरी ने जिले के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक लोग अपने घरों की छत पर सोलर संयंत्र स्थापित करें और योजना का लाभ उठाएं। इससे न केवल बिजली बिल में बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से आम लोगों तक सौर ऊर्जा पहुंचाने की पहल के लिए भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह योजना आम नागरिकों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आर्थिक राहत के साथ-साथ स्वच्छ और हरित भविष्य का मार्ग भी प्रशस्त हो रहा है।
बिहान योजना से मिली नई पहचान : पशु सखी बन आत्मनिर्भर हुईं तैलासो राजवाड़े, हर माह 10 से 15 हजार रुपये की आय
अम्बिकापुर
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ’’बिहान’’ से जुड़कर ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है। इसी का प्रेरक उदाहरण जिले के विकासखंड अंबिकापुर की तैलासो राजवाड़े हैं, जो महादेव स्वयं सहायता समूह, रोशनी ग्राम संगठन (वीओ) एवं समृद्ध सरगुजा संकुल से जुड़ी हुई हैं। वे पिछले दो वर्षों से पशु सखी के रूप में कार्य करते हुए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं और अपने परिवार की जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रही हैं।
तैलासो राजवाड़े ने बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें आजीविका का सशक्त माध्यम मिला। वर्तमान में वे पशुपालकों को बकरियों की देखभाल, टीकाकरण के प्रति जागरूकता, समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक दवाइयों की जानकारी उपलब्ध कराती हैं। इस कार्य से उन्हें प्रतिमाह लगभग 10 से 15 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है, जिससे उनके परिवार का भरण-पोषण एवं बच्चों की पढ़ाई सुचारु रूप से चल रही है।
उन्होंने बताया कि उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें बड़ा बेटा कक्षा 12वीं, दूसरा कक्षा 10वीं तथा सबसे छोटा कक्षा 8वीं में अध्ययनरत है। पहले आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन आज स्वयं की आय से वे परिवार की आवश्यकताओं को पूरा कर पा रही हैं।
तैलासो ने बताया कि उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त किया है, जहां पशुपालन एवं बकरियों के स्वास्थ्य प्रबंधन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। उन्होंने कहा कि यदि पशु सखियों को नियमित रूप से उन्नत प्रशिक्षण एवं टीकाकरण संबंधी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो वे ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को और बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकेंगी।
उन्होंने यह भी बताया कि बिहान योजना के माध्यम से उन्हें आजीविका संवर्धन के लिए विभिन्न अवसर प्राप्त हुए हैं। योजना से मिली सहायता के आधार पर उन्होंने अपने खेत में बोर खुदवाया है तथा धान की खेती शुरू की है। भविष्य में वे सब्जी उत्पादन कर अपनी आय में और वृद्धि करने की योजना बना रही हैं।
तैलासो राजवाड़े ने कहा कि बिहान योजना से जुड़कर उन्हें आत्मविश्वास, सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन मिला है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा रही है और इससे अनेक महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
अवैध उर्वरक भंडारण पर कृषि विभाग ने की कार्रवाई, रघुनाथपुर में अघोषित गोदाम से 242 बोरी उर्वरक जब्त
अम्बिकापुर 04 जून 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन जिले में किसानों को समय पर एवं उचित मूल्य पर कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अवैध भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कृषि विभाग द्वारा लगातार सघन निरीक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है।
कलेक्टर श्री अजीत वसंत के मार्गदर्शन में कृषि विभाग द्वारा विकासखंड लुण्ड्रा के ग्राम रघुनाथपुर स्थित मेसर्स शुभम फर्टिलाइजर्स के अघोषित परिसर का कृषि विभाग की टीम ने उप संचालक कृषि श्री पीतांबर सिंह दीवान के नेतृत्व में औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि प्रतिष्ठान के प्रोपराइटर श्री प्रदीप कुमार गुप्ता द्वारा विभाग को बिना पूर्व सूचना दिए अघोषित परिसर में बड़ी मात्रा में उर्वरकों का भंडारण किया गया था, जो उर्वरक नियंत्रण आदेश के प्रावधानों का उल्लंघन है। मौके पर जांच के दौरान टीम ने 148 बोरी यूरिया तथा 94 बोरी डी.ए.पी. (DAP) सहित कुल 242 बोरी उर्वरक का अवैध भंडारण पाया। इस पर कृषि विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संपूर्ण उर्वरक को जब्त कर नियमानुसार सुरक्षित अभिरक्षा में लिया तथा पंचनामा तैयार कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
उप संचालक कृषि श्री पीतांबर सिंह दीवान ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार खरीफ सीजन के दौरान किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी विक्रेता द्वारा उर्वरकों का अवैध भंडारण, जमाखोरी, कालाबाजारी अथवा नियमों का उल्लंघन किया जाना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 एवं अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिले के सभी उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों, गोदामों एवं भंडारण स्थलों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। सभी उर्वरक विक्रेताओं को विभाग द्वारा अनुमोदित एवं घोषित परिसरों में ही उर्वरकों का भंडारण करने तथा निर्धारित नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं किसानों से भी अपील की गई है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक क्रय करें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता, अधिक मूल्य वसूली, जमाखोरी अथवा अवैध भंडारण की जानकारी तत्काल कृषि विभाग को उपलब्ध कराएं, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न
विभागीय कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन पर हुई विस्तृत समीक्षा
अम्बिकापुर 04 जून 2026
सरगुजा संभाग के संयुक्त संचालक शिक्षा श्री संजय गुप्ता की अध्यक्षता में शुक्रवार को सर्व विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, सर्व प्राचार्य एवं संकुल प्राचार्य शासकीय हाई स्कूल उमावि/सेजेस/पीएमश्री, सर्व विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक, सर्व संकुल स्त्रोत समन्वयक, सर्व अधीक्षिका, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, सर्व प्रधान पाठक पीएमश्री/इग्नाईट विद्यालय की विभागीय कार्यों एवं योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु बैठक शासकीय बहु उ मा विद्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्री दिनेश झा एवं विभाग के समस्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक में शाला प्रवेश उत्सव 2026-27 के सफल आयोजन के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा- निर्देश दिये गये। इस दौरान शिक्षा का अधिकार अधिनियम अंतर्गत प्रवेशित बच्चों के ड्रॉप आउट होने के संबंध में चर्चा की गई। नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे प्राईवेट स्कूलों को मान्यता एवं फीस संबंधी जो भी अधिनियम शासन द्वारा जारी किये गये हैं, उनके संबंध में विस्तृत जानकारी रखें एवं उसका कड़ाई से पालन करायें। कक्षा पहली, 6 वीं, 9वीं एवं 11वीं में प्रवेश की विस्तृत समीक्षा की गई। समस्त विद्यालयों में शासन के निर्देशानुसार प्रार्थना सभा के संचालन पर चर्चा की गई एवं इसका कड़ाई से पालन किये जाने निर्देशित किया गया। एससीईआरटी से प्राप्त वार्षिक कैलेण्डर के क्रियान्वयन,सभी विद्यालयों में न्यूज डेस्क के संचालन करने,मध्यान्ह भोजन संचालन, प्रतिमाह यूनिट टेस्ट, तिमाही, छमाही परीक्षा के आयोजन एवं वार्षिक परीक्षा की तैयारी, बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु कार्य योजना की जानकारी ली गई। व्हीएसके एप के अंतर्गत शिक्षकों के पंजीयन एवं प्रतिदिन उपस्थिति की जानकारी ली गई। समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रतिदिन उपस्थिति के आधार पर ही वेतन भुगतान किया जाएगा। तत्काल ऐसे शिक्षकों एवं कर्मचारियों के पंजीयन की कार्यवाही पूर्ण करें जिनका पंजीयन अभी तक नहीं हो पाया है। बैठक में भवन विहीन एवं जर्जर विद्यालय की जानकारी,एकल शिक्षकीय एवं शिक्षक विहीन विद्यालयों में अतिशेष शिक्षकों को समायोजित करने हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। बैठक में गणवेश, पाठ्य पुस्तकों के वितरण की जानकारी ली गई तथा समस्त अधिकारियों एवं सीएसी को शत-प्रतिशत वितरण कार्य पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया गया। सायकलों को तत्काल एसेंबल करके सुव्यवस्थित ढंग से वितरण करने कहा गया, कोई भी सायकल खुले में न रखें जिससे जंग लगने एवं खराब होने की स्थिति निर्मित हो। लंबे समय से अनुपस्थित शिक्षकों एवं कर्मचारियों के विरूद्ध तत्काल विभागीय जांच की कार्यवाही पूर्ण कर बर्खास्तगी की कार्यवाही करने हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया।
ऐसे विद्यालय जहां दर्ज संख्या 50 से अधिक हैं इन विद्यालयों में अनिवार्य रूप से एलपीजी का उपयोग शत-प्रतिशत करने निर्देशित किया गया। अनुकंपा एवं पेंशन प्रकरणों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। सर्व विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने स्तर से संबंधित प्रकरणों का तत्काल। निराकरण करते हुये कार्यालय में जानकारी प्रस्तुत करें। संचालनालय समग्र शिक्षा से स्वीकृत निर्माण कार्यों के प्रगति की जानकारी ली गई। छात्रवृत्ति पंजीयन 2026 पर चर्चा की गई, नोडल अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि 3171 प्रकरण कार्यालय को प्राप्त नहीं होने के कारण लंबित हैं। विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों को तत्काल चेक करने एवं तत्काल निराकरण कराने हेतु निर्देशित किया गया। स्तरवार शिक्षकों के रिक्त पद पर चर्चा की गई तथा अतिथि शिक्षक, व्याख्याता की व्यवस्था हेतु जानकारी दी गई। सेजेस विद्यालयों के गतिविधियों एवं रिक्त पदों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। सुशासन तिहार के आवेदनों का तत्काल निराकरण करने हेतु विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया। पेयजल विहीन विद्यालयों की जानकारी कार्यालयीन शाखा प्रभारी के समक्ष प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। संलग्न कर्मचारियों को तत्काल कार्यमुक्त करते हुये कार्यालय में जानकारी प्रस्तुत करने हेतु विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया। अपार आईडी निर्माण की प्रगति की जानकारी ली गई जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर सुधार एवं नए आधार बनाए जाने की जानकारी नोडल अधिकारी कार्यालयीन को प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। कस्तूरबा गांधी एवं नई दिशा घुमन्तु आवासीय विद्यालय के संचालन की स्थिति की जानकारी ली गई, अधीक्षिकाओं को निर्देशित किया गया कि वे विद्यालय में ही रहें, किसी भी प्रकार से बाहरी असामाजिक तत्व प्रवेश न करें। कस्तूरबा में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता एवं रिक्त पद की जानकारी ली गई। यदि किसी विषय के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं तो तत्काल इसकी सूचना कार्यालय में देने
हेतु निर्देशित किया गया ताकि अध्यापन व्यवस्था में कोई व्यवधान न हो साथ ही विद्यालय के परीक्षाफल 2025-26 की जानकारी चाही गई। पीएमश्री विद्यालयों के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। समावेशी शिक्षा अंतर्गत दिव्यांग बच्चों को उपकरण एवं दिव्यांगता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के संबंध में चर्चा की गई। बालवाड़ी संचालन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। जाति एवं निवास प्रमाण पत्र की प्रगति की जानकारी ली गई। विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों एवं प्राचार्यों को निर्देशित किया गया कि वे तत्काल अपने स्तर से जानकारी तैयार कर एसडीएम एवं तहसील कार्यालय को प्रेषित करें ताकि शीघ्र अतिशीघ्र बच्चों के जाति एवं निवास प्रमाण पत्र तैयार किये जा सकें। शाला त्यागी बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ने पर विस्तृत चर्चा की गई तथा शाला त्यागी बच्चों का चिन्हांकन कर तत्काल प्रवेश कराये जाने हेतु सीएसी को निर्देशित किया गया। पीव्हीटीजी छात्र-छात्राओं के शिक्षा की निरंतरता पर चर्चा की गई तथा पीव्हीटीजी के बच्चों को प्राथमिकता से विद्यालयों में प्रवेश कराने एवं अध्यापन की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया। विद्यालयों में लाइब्रेरी/मुस्कान पुस्तकालयों के संचालन की स्थिति पर विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में सरगुजा संभाग के संयुक्त संचालक शिक्षा द्वारा पदोन्नति के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये एवं अवगत कराया गया कि वरिष्ठता सूची जारी किया गया है अतः दावा आपत्ति 03 दिवस के भीतर प्रस्तुत करें। इस दौरान अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा संचालित अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप योजना के संबंध में विस्तृत चर्चा किया गया।
उल्लास नवभारत साक्षरता के अंतर्गत जिला परियोजना अधिकारी साक्षरता श्री गिरीश गुप्ता द्वारा जानकारी दी गई कि प्रत्येक ग्राम स्तर पर 15 वर्ष से अधिक के असाक्षरों का सर्वे किया जा रहा है ,जिसमें किसके द्वारा अध्यापन कराया जायेगा, कहां अध्यापन कराया जायेगा, कितने बजे अध्यापन कराया जायेगा शिक्षार्थी की जानकारी ली जा रही है। इसके अतिरिक्त 15-18 वर्ष के बीच के ऐसे ड्रॉपआउट विद्यार्थी जिन्होंने 10वीं एवं 12वीं उत्तीर्ण नहीं किया है उनके लिये NIOS की तरफ से सरगुजा जिले को पालक प्रोजेक्ट के रूप में लिया गया है, इसका सर्वे कर, इन्हें 10वीं एवं 12वीं में शामिल किया जाएगा। वृक्षारोपण के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि अहाता युक्त प्राथमिक शालाओं में 10, माध्यमिक शालाओं में 20, हाई स्कूलों में 30 एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में 40 फलदार एवं छायादार वृक्ष अनिवार्य रूप से लगाएं तथा उनकी सुरक्षा स्थानीय जनभागीदारी तथा ईको क्लब हेतु प्राप्त राशि से करें। अन्य विद्यालय भी जहां अहाता नहीं हैं जनभागीदारी तथा ईको क्लब से विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण करते हुये उनकी सुरक्षा अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। सभी पौधों की सुरक्षा के लिये बच्चों, शिक्षकों एवं शाला प्रबंध समिति के सदस्यों एवं अभिभावकों को जिम्मेवारी दें।