छत्तीसगढ़ / सक्ति
सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत 01 जून को बंदोरा में समाधान शिविर का होगा आयोजन
सक्ती : सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत 01 जून को बंदोरा में समाधान शिविर का होगा आयोजन
महिला एवं बाल विकास विभाग में सहायक ग्रेड-03 पद हेतु कौशल परीक्षा की तिथि घोषित
सक्ती : महिला एवं बाल विकास विभाग में सहायक ग्रेड-03 पद हेतु कौशल परीक्षा की तिथि घोषित
समाधान शिविर में बना आयुष्मान कार्ड, श्री लीलाराम कश्यप को मिली बड़ी राहत
सक्ती : समाधान शिविर में बना आयुष्मान कार्ड, श्री लीलाराम कश्यप को मिली बड़ी राहत
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए मल्दा में समाधान शिविर किया गया आयोजित
सक्ती : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए मल्दा में समाधान शिविर किया गया आयोजित
सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें - कलेक्टर
सक्ती : सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें - कलेक्टर
वेदांता पावर की ओर से प्रभावितों को मिला पूरा मुआवजा
- वेदांता से मिल रही हरसंभव मदद, कहा परिवारजनों ने।
विद्युत संयंत्र दुर्घटना के मृतकों के परिवारों को दिया जा रहा मुआवजा
- छत्तीसगढ़ के प्रभावित परिवारों तक पहुँच रहे कंपनी प्रतिनिधि।
ताजा हुए पुराने जख्म: क्या इस बार तय होगी जिम्मेदारी या फिर दोहराएगा इतिहास
दुबेजी की दिव्यदृष्टि
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में हुए भीषण बॉयलर विस्फोट ने सिर्फ एक और औद्योगिक हादसे की खबर नहीं दी, बल्कि यह भी दिखा दिया कि बीते हादसों से अब तक कोई ठोस सबक नहीं लिया गया। 16 मजदूरों की मौत और दर्जनों के झुलसने के बाद फिर वही सवाल सामने है—क्या इस बार जिम्मेदारों तक कानून पहुंचेगा, या यह मामला भी लंबी कानूनी प्रक्रिया में खो जाएगा?
छत्तीसगढ़ के औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सक्ती जिले में स्थित वेदांता लिमिटेड के पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट में 16 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक श्रमिक गंभीर रूप से घायल हैं। कई घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
यह हादसा डभरा थाना क्षेत्र के सिंघीतराई स्थित संयंत्र में उस समय हुआ, जब प्लांट में रोज की तरह सामान्य काम चल रहा था। दोपहर करीब 2 बजे अचानक हुए विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव के लिए पुलिस, दमकल और प्रशासन की टीमों को तत्काल जुटना पड़ा।
लेकिन यह कोई पहली घटना नहीं है।
15 साल पहले भी हुआ था बड़ा हादसा
सितंबर 2009 में कोरबा स्थित बालको के 1200 मेगावाट पावर प्लांट में निर्माणाधीन 110 मीटर ऊंची चिमनी गिरने से 40 से ज्यादा मजदूरों की मौत हो गई थी। उस समय भी सुरक्षा में लापरवाही और निर्माण संबंधी खामियों पर सवाल उठे थे।
मामले में सेपको और जीडीसीएल समेत पांच कंपनियों को आरोपी बनाया गया। सेपको के इंजीनियरों पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज हुआ, लेकिन वे देश छोड़कर चले गए और अब तक अदालत में पेश नहीं हुए।
करीब 15 साल तक मामला अदालतों में चलता रहा। 2025 में जाकर कोर्ट ने इसे गंभीर मानते हुए कंपनियों और उनके अधिकारियों को आरोपी माना, लेकिन अब तक न तो किसी को सजा मिली है और न ही अंतिम जिम्मेदारी तय हो पाई है।
वही पुराना सवाल फिर सामने
बालको हादसे के पीड़ित परिवार आज भी न्याय का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में सक्ती की ताजा घटना ने एक बार फिर लोगों के मन में चिंता बढ़ा दी है कि कहीं यह मामला भी वर्षों तक फाइलों में दबकर न रह जाए।
हादसे के बाद शुरुआती जांच और बयानबाजी शुरू हो चुकी है, लेकिन पिछले अनुभवों को देखते हुए भरोसा कमजोर नजर आता है।
क्या इस बार बदलेगा कुछ?
विशेषज्ञ मानते हैं कि औद्योगिक सुरक्षा नियमों की अनदेखी, निगरानी की कमी और दोषियों पर समय पर कार्रवाई न होना ऐसे हादसों की बड़ी वजह है। जब तक कंपनियों और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक मजदूरों की सुरक्षा सिर्फ कागजों में ही सीमित रहेगी।
सक्ति का यह हादसा अब प्रशासन, न्याय व्यवस्था और उद्योग प्रबंधन के सामने सीधा सवाल रखता है: क्या इस बार 16 मजदूरों की मौत का हिसाब तय होगा, या फिर यह मामला भी सालों तक न्याय की प्रतीक्षा में भटकता रहेगा?
वेदांता थर्मल पॉवर प्लांट में बॉयलर ट्यूब फटने से 3 मजदूरों की मौत, 8 गंभीर रूप से झुलसे
सक्ती । सक्ती जिले के वेदांता थर्मल पॉवर प्लांट में बॉयलर ट्यूब फटने से बड़ा हादसा हो गया है। इस हादसे में 3 मजदूरों की मौके पर मौत हो गई है और 8 गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों का रायगढ़ के जिंदल अस्पताल में इलाज जारी है। घायलों की स्थिति गंभीर, अन्य और भी मजदूरों के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। सक्ती SP प्रफुल्ल ठाकुर ने घटना की पुष्टि की है।
शैक्षणिक सत्र 2025–26 अंतर्गत पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु नवीन और नवीनीकरण आवेदन आमंत्रित, अंतिम तिथि 15 जनवरी 2026 तक
सक्ती : शैक्षणिक सत्र 2025–26 अंतर्गत पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु नवीन और नवीनीकरण आवेदन आमंत्रित, अंतिम तिथि 15 जनवरी 2026 तक
राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम हेतु सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम जिले में 10 से 25 फरवरी 2026 तक होगी आयोजित
सक्ती : राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम हेतु सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम जिले में 10 से 25 फरवरी 2026 तक होगी आयोजित
राजस्व विभाग की टीम द्वारा दो ट्रैक्टरों से अवैध धान परिवहन पर की गई कार्यवाही
सक्ती : राजस्व विभाग की टीम द्वारा दो ट्रैक्टरों से अवैध धान परिवहन पर की गई कार्यवाही
शिक्षक की हत्या का खुलासा: सक्ती में पत्नी ने ही ले ली पति की जान
सक्ती - डभरा थाना क्षेत्र में शिक्षक अनिल भार्गव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए उनकी पत्नी सीमा भार्गव को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि अनिल भार्गव की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि घरेलू विवाद के दौरान उनकी पत्नी के हाथों हुई थी। आरोपी महिला को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार ठनगन गांव निवासी शिक्षक अनिल भार्गव कुछ दिन पहले अपने घर में मृत पाए गए थे। प्रारंभिक तौर पर मौत को सामान्य गिरने का मामला बताया गया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध बना दिया। रिपोर्ट में सीने में गंभीर चोट और अंदरूनी रक्तस्राव को मौत का कारण बताया गया।इसके बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी सीमा भार्गव से सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि अनिल अक्सर शराब पीकर घर आते थे और विवाद व मारपीट करते थे। 18 दिसंबर 2025 की रात भी इसी तरह झगड़े के दौरान गुस्से में उसने पति को धक्का दे दिया, जिससे वे ऊंचे चबूतरे से गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी ने मामले को हादसा बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सच्चाई सामने आ गई। पुलिस ने बताया कि मामले की आगे भी जांच जारी है।
गौठान में भुखमरी, 12 मवेशियों की मौत
सक्ती। प्रशासन की लापरवाही से 12 मवेशियों की मौत हो गई। गौठान में पर्याप्त चारा और पानी की सुविधा नहीं है। मवेशियों के कंकाल मिलने से हड़कंप मचा हुआ है।
जिसका वीडियो वॉयरल होने के बाद कंकाल को हटाया गया। जैजैपुर जनपद पंचायत ओड़ेकेरा गौठान का पूरा मामला बताया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बिलासपुर के बेलतरा और सुकलकारी क्षेत्र में लगातार हो रही गायों की मौतों के मामले पर गंभीर रुख अपनाया है। अदालत ने इस मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की खंडपीठ ने राज्य प्रशासन और पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवा विभाग से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
अदालत ने आदेश में कहा कि समाचार रिपोर्ट में जिस स्थिति का उल्लेख है, वह “प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर उदाहरण” प्रतीत होती है और इसे तत्काल राज्य प्रशासन के संज्ञान में लाना आवश्यक है।
मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि जब राज्य सरकार गौ संरक्षण को लेकर विभिन्न योजनाएं चला रही है, तब इस प्रकार की घटनाएं “मानवीय संवेदनाओं पर प्रहार” हैं।
हाईकोर्ट ने पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवा विभाग के प्रमुख सचिव को इस मामले में व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 27 अक्टूबर 2025 को निर्धारित की है।
नवगठित सक्ती जिले ने प्रधानमंत्री आवास योजना में रचा नया कीर्तिमान
प्रदेश में तीसरे स्थान पर पहुँचा सक्ती जिला - 30 हजार से अधिक परिवारों को मिला पक्का घर
सक्ती, 17 अक्टूबर 2025

छत्तीसगढ़ के नवगठित सक्ती जिले ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के सफल क्रियान्वयन में एक नया इतिहास रच दिया है। नवगठित जिला होने के बावजूद, सक्ती ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए वर्ष 2024-25 में 30 हजार 512 आवास पूर्ण कर प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि न केवल संख्यात्मक सफलता का प्रतीक है, बल्कि उन हजारों परिवारों के जीवन में आई स्थिरता, सुरक्षा और सम्मान की कहानी भी है, जिन्होंने वर्षों तक कच्चे और असुरक्षित मकानों में जीवन व्यतीत किया था।
कच्चे से पक्के घरों तक का सफर- सक्ती बना मिसाल
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सक्ती जिले में अब तक वर्ष 2016 से 2023 तक कुल 44 हजार 319 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया, जो 95ः लक्ष्य प्राप्ति दर्शाता है। वहीं, वर्ष 2024-25 में 30 हजार से अधिक मकान पूर्ण कर जिले ने मिशन मोड में कार्य का उदाहरण प्रस्तुत किया है। हर ग़रीब का पक्का घर राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता रही है । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छतीसगढ़ के सभी जिलों में
यह योजना प्रभावी ढंग से संचालित हुई। नियमित फील्ड विजिट, समयबद्ध वित्तीय सहायता, और हितग्राहियों के साथ सतत संवाद के परिणामस्वरूप यह उल्लेखनीय प्रगति संभव हुई।
टीमवर्क और जनसहभागिता से मिली सफलता*
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती द्रौपदी कीर्तन चंद्रा ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि “हमारी प्राथमिकता रही है कि पात्र परिवारों तक योजना का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँचे। टीमवर्क और ग्रामीणों के सहयोग से ही यह संभव हुआ है।” कलेक्टर ने कहा, “प्रधानमंत्री आवास योजना केवल मकान निर्माण की योजना नहीं है, बल्कि यह हर ग्रामीण परिवार को सम्मानजनक जीवन देने का प्रयास है। सक्ती जिला इसी दिशा में सतत प्रगति कर रहा है।”
वित्तीय पारदर्शिता और तेज क्रियान्वयन
वर्ष 2024-25 के लिए जिले को कुल 63 हजार 591 आवासों का लक्ष्य मिला, जिनमें से 52हजार 913 आवासों को स्वीकृति दी गई। निर्माण कार्य की गति बनाए रखने हेतु सरकार द्वारा तीन किश्तों में वित्तीय सहायता प्रदान की गई । पहली किश्त में 51हजार 427 हितग्राहियों को,दूसरी किश्त में 40 हजार 318 हितग्राहियों को और तीसरी किश्त में 25 हजार 65 हितग्राहियों को वित्तीय सहायता दी गई। समय पर किश्तें जारी होने से निर्माण कार्यों में तेजी आई और निर्धारित समय सीमा में लक्ष्य पूरा किया जा सका।
गरीब परिवारों के जीवन में आया बदलाव
प्रधानमंत्री आवास योजना ने ग्रामीण अंचलों के गरीब परिवारों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास की नई किरण जगाई है। पक्के घरों के निर्माण से बच्चों को बेहतर पढ़ाई का माहौल मिला, बुजुर्गों को मौसम से सुरक्षा मिली और महिलाओं को घर-परिवार के संचालन में सुविधा हुई। यह योजना अब केवल आवास निर्माण कार्यक्रम नहीं रह गई है, बल्कि यह ग्रामीण भारत के सामाजिक सशक्तिकरण का प्रतीक बन चुकी है।
मोर आवास, मोर अधिकार पोर्टल -पारदर्शिता की दिशा में पहल
शासन द्वारा प्रारंभ किया गया “मोर आवास, मोर अधिकार” पोर्टल हितग्राहियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है। इसके माध्यम से कोई भी पात्र व्यक्ति अपने आवेदन की स्थिति और पात्रता की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकता है, जिससे योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई है।
प्रधानमंत्री आवास योजना की समय पर किस्त जारी
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत हितग्राहियों को कुल 1 लाख 20 हजार की सहायता राशि तीन किश्तों में प्रदान की जाती है जिसके अन्तर्गत प्रथम किश्त में 40हजार, द्वितीय किश्त में 55 हजार और तृतीय किश्त में 25 हजार रुपए की सहायता राशि दी जाती है। इसका उद्देश्य है कि कोई भी ग्रामीण परिवार बेघर न रहे और प्रत्येक पात्र हितग्राही को सुरक्षित, टिकाऊ और सम्मानजनक आवास प्राप्त हो सके।
सक्ती की सफलता - प्रदेश और देश के लिए प्रेरणा
सक्ती जिले की यह उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह दर्शाती है कि जब प्रशासन, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण समाज मिलकर कार्य करते हैं, तो बड़े लक्ष्य भी समय पर प्राप्त किए जा सकते हैं।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना बनी किसानों के लिए वरदान
किसान प्रेमचंद के जीवन में लाई नई उम्मीद और आत्मनिर्भरता
10 अक्टूबर 2025
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना आज देशभर के किसानों के जीवन में स्थायित्व, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक बन चुकी है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को प्रति वर्ष 6 हजार की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जाती है, जिससे वे खेती-किसानी से जुड़े आवश्यक कार्यों को सुचारू रूप से संचालित कर पा रहे हैं।
सक्ति जिले के ग्राम अंजोरीपाली निवासी किसान श्री प्रेमचंद मैत्री भी इस योजना के नियमित लाभार्थी हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें योजना की प्रत्येक किस्त समय पर प्राप्त होती है, जिससे वे बीज, खाद, कीटनाशक एवं कृषि उपकरणों की खरीद में इसका उपयोग करते हैं। इससे न केवल उनकी खेती की उत्पादकता बढ़ी है, बल्कि फसलों की गुणवत्ता में भी सुधार आया है।
किसान श्री मैत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना ने ग्रामीण किसानों के आर्थिक जीवन में स्थिरता और विश्वास की नई लहर पैदा की है। पहले जहां छोटे किसानों को खेती के लिए पूंजी जुटाने में कठिनाई होती थी, वहीं अब इस योजना से उन्हें न केवल वित्तीय सहायता मिल रही है बल्कि वे आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए भी प्रेरित हो रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना हमारे जैसे छोटे किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। प्रत्येक किस्त से खेती के लिए आवश्यक संसाधनों की पूर्ति होती है, जिससे कृषि कार्यों की निरंतरता बनी रहती है और किसानों में आत्मविश्वास बढ़ा है।
एमएसटीसी पोर्टल से होगा रेत खदानों का आवंटन
बोलीकर्ताओं का 13 अक्टूबर को बिलासपुर में प्रशिक्षण
सक्ती, 10 अक्टूबर 2025
रेत खदान के इच्छुक बोली कर्ताओं को पोर्टल के बारे में जानकारी देने के लिए 13 अक्टूबर को बिलासपुर में संभाग स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। कलेक्टोरेट कार्यालय बिलासपुर के नजदीक स्थित जल संसाधन विभाग के प्रार्थना सभाभवन में दोपहर 2 बजे से ये प्रशिक्षण शुरू होगा। जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि इस बार गौण खनिज साधारण रेत का आवंटन एमएसटीसी पोर्टल के माध्यम से किया जायेगा। आवंटन की कार्यवाही ई-नीलामी (रिवर्स ऑक्शन) प्रक्रिया के अनुसार होगी। प्रशिक्षण में इच्छुक बोलीकर्ताओं को ई-नीलामी से जुड़ी तमाम प्रक्रिया जैसे कि निविदा जारी करना, निविदा में भाग लेने के लिए बोलीकर्ताओं का पंजीयन, बोली लगाने की प्रक्रिया, तकनीकी अर्हताधारी बोलीकर्ताओं का चयन, लॉटरी प्रक्रिया, अधिमानी बोलीदार का चयन आदि पोर्टल के माध्यम से होने वाली समस्त जानकारी बताई जायेगी। रेत खदान के इच्छुक बोलीकर्ता इस प्रशिक्षण में हिस्सा ले सकते हैं। संभाग स्तरीय इस प्रशिक्षण बिलासपुर सहित संभाग के अन्य जिलों जैसे कि मुंगेली, जीपीएम, कोरबा, जांजगीर-चाम्पा, सक्ती, रायगढ़ एवं सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिलों के इच्छुक बोलीदारों के लिए आयोजित की गई है। जिला खनिज अधिकारी ने जिले के इच्छुक बोलीदारों को इस प्रशिक्षण में हिस्सा लेकर जानकारी प्राप्त करने का आग्रह किया है।