छत्तीसगढ़ / बस्तर
बस्तर के स्कूलों में सजी नन्हें कलाकारों की दुनिया : चित्र सेवा, मेरे सपनों का भारत पर बच्चों ने उकेरे मनभावन रंग
जगदलपुर । सेवा संकल्प अभियान के तहत मंगलवार 18 सितम्बर को बस्तर जिले के सभी प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में एक साथ चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले भर के शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत हजारों विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और रंगों के माध्यम से अपने सपनों के भारत की सुंदर परिकल्पना को कैनवास पर जीवंत किया।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 17 सितम्बर को आशीर्वाद का दीया प्रज्वलित कर शुरू हुए इस अभियान के दूसरे दिन बस्तर के शैक्षणिक संस्थानों में विशेष उत्साह देखने को मिला। चित्र सेवा, मेरे सपनों का भारत विषय पर आयोजित इस ड्राइंग प्रतियोगिता में बच्चों ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक तकनीक, सामाजिक समरसता और देश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर आकर्षक कलाकृतियां बनाईं। इस दौरान संस्था प्रमुखों की अध्यक्षता में कला एवं भाषा शिक्षकों की निर्णायक समिति ने श्रेष्ठ प्रविष्टियों का आंकलन किया। इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन के बाद 19 सितंबर को विद्यालयों में इन सभी कृतियों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी और साथ ही मेरे सपनों का भारत विषय पर प्रेरणादायी भाषण प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।
विद्यालय स्तर पर चुनी गई श्रेष्ठ ड्राइंग और भाषण के विजेता छात्र-छात्राओं को विकासखंड स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिलेगा। बस्तर जिले के सुदूर अंचलों तक के विद्यार्थियों में इस रचनात्मक अभियान को लेकर खासा उत्साह देखा गया, वहीं शिक्षकों और पालकों की सक्रिय सहभागिता ने आयोजन को एक उत्सव का रूप दे दिया। विभागीय निर्देशों के तहत सभी विद्यालयों में आयोजित गतिविधियों के फोटोग्राफ्स पोर्टल पर अपलोड भी किए गए।
सीएम हेल्पलाइन और जनदर्शन के आवेदनों का तय समय में करें समाधान
जगदलपुर । कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देशानुसार शुक्रवार को कलेक्टोरेट के आस्था कक्ष में अपर कलेक्टर सीपी बघेल ने विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक में सीएम हेल्पलाइन, कलेक्टर जनदर्शन, आमचो बस्तर, पीजी पोर्टल और समय-सीमा के लंबित आवेदनों की विभागवार समीक्षा की।
अपर कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता से प्राप्त शिकायतों का तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निराकरण किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन मामलों में जांच और कार्रवाई पूरी हो चुकी है, उनकी प्रतिवेदन रिपोर्ट तुरंत संबंधित पोर्टल पर अपलोड कर प्रकरणों को विलोपित किया जाए, ताकि पोर्टल पर अनावश्यक पेंडेंसी न दिखे।
इसके साथ ही विशेष रूप से सीएम हेल्पलाइन और जनदर्शन के आवेदकों से संपर्क स्थापित कर उनकी समस्याओं का प्रभावी समाधान करने तथा उनकी संतुष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि आगामी समीक्षा बैठकों से पूर्व सभी लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण अवश्य किया जाए।
जगदलपुर : सीएम हेल्पलाइन और जनदर्शन के आवेदनों का तय समय में करें समाधान
कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के निर्देशानुसार शुक्रवार को कलेक्टोरेट के आस्था कक्ष में अपर कलेक्टर श्री सीपी बघेल ने विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक में सीएम हेल्पलाइन, कलेक्टर जनदर्शन, आमचो बस्तर, पीजी पोर्टल और समय-सीमा के लंबित आवेदनों की विभागवार समीक्षा की।
अपर कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता से प्राप्त शिकायतों का तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निराकरण किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन मामलों में जांच और कार्रवाई पूरी हो चुकी है, उनकी प्रतिवेदन रिपोर्ट तुरंत संबंधित पोर्टल पर अपलोड कर प्रकरणों को विलोपित किया जाए, ताकि पोर्टल पर अनावश्यक पेंडेंसी न दिखे।
इसके साथ ही विशेष रूप से सीएम हेल्पलाइन और जनदर्शन के आवेदकों से संपर्क स्थापित कर उनकी समस्याओं का प्रभावी समाधान करने तथा उनकी संतुष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि आगामी समीक्षा बैठकों से पूर्व सभी लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण अवश्य किया जाए।
जगदलपुर : सेवा संकल्प अभियान : बस्तर के स्कूलों में सजी नन्हें कलाकारों की दुनिया चित्र सेवा, मेरे सपनों का भारत पर बच्चों ने उकेरे मनभावन रंग
सेवा संकल्प अभियान के तहत मंगलवार 18 सितम्बर को बस्तर जिले के सभी प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में एक साथ चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले भर के शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत हजारों विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और रंगों के माध्यम से अपने सपनों के भारत की सुंदर परिकल्पना को कैनवास पर जीवंत किया।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 17 सितम्बर को आशीर्वाद का दीया प्रज्वलित कर शुरू हुए इस अभियान के दूसरे दिन बस्तर के शैक्षणिक संस्थानों में विशेष उत्साह देखने को मिला। चित्र सेवा, मेरे सपनों का भारत विषय पर आयोजित इस ड्राइंग प्रतियोगिता में बच्चों ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक तकनीक, सामाजिक समरसता और देश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर आकर्षक कलाकृतियां बनाईं। इस दौरान संस्था प्रमुखों की अध्यक्षता में कला एवं भाषा शिक्षकों की निर्णायक समिति ने श्रेष्ठ प्रविष्टियों का आंकलन किया। इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन के बाद 19 सितम्बर को विद्यालयों में इन सभी कृतियों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी और साथ ही मेरे सपनों का भारत विषय पर प्रेरणादायी भाषण प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। विद्यालय स्तर पर चुनी गई श्रेष्ठ ड्राइंग और भाषण के विजेता छात्र-छात्राओं को विकासखंड स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिलेगा। बस्तर जिले के सुदूर अंचलों तक के विद्यार्थियों में इस रचनात्मक अभियान को लेकर खासा उत्साह देखा गया, वहीं शिक्षकों और पालकों की सक्रिय सहभागिता ने आयोजन को एक उत्सव का रूप दे दिया। विभागीय निर्देशों के तहत सभी विद्यालयों में आयोजित गतिविधियों के फोटोग्राफ्स पोर्टल पर अपलोड भी किए गए।
जगदलपुर : प्राकृतिक आपदाओं से पीडि़त 03 परिवारों को आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत
कलेक्टर बस्तर द्वारा प्राकृतिक आपदाओं और दुर्घटनाओं से पीडि़त 03 परिवारों को 12 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। इसके अंतर्गत तोकापाल विकासखण्ड के ग्राम करंजी की बिमला की मृत्यु सांप काटने से पुत्र श्री कमलू कश्यप को और ग्राम नैननार के आयतु की मृत्यु नाला के पानी में डूबने से पत्नि श्रीमती रामो को, बस्तर विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम भोंड पुंजीगुड़ापारा के बुदरूराम बघेल की मृत्यु नाला के पानी में डूबने से पत्नी श्रीमती सोनमती को 4-4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
जगदलपुर : राष्ट्रीय पोषण माह : आंगनबाड़ी केंद्रों में सजी ‘सुपोषण चौपाल’, पारंपरिक व्यंजनों और गोद भराई से दिया सेहत का संदेश
राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत आकांक्षी विकासखंड तोकापाल के आंगनबाड़ी केंद्रों में महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में सभी सेक्टरों के केंद्रों में ‘सुपोषण चौपाल’ का भव्य आयोजन किया गया, जहां तृतीय गुरुवार के विशेष अवसर पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की गई और पोषण से जुड़ी विविध गतिविधियों का संचालन हुआ।
इस आयोजन की सबसे खास बात समुदाय की सक्रिय और उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। चौपाल के लिए महिलाओं ने अपने-अपने घरों से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध अनाजों, हरी सब्जियों और प्राकृतिक सामग्रियों से पौष्टिक पारंपरिक व्यंजन तैयार कर प्रदर्शित किए। इस अनूठी प्रदर्शनी के माध्यम से उपस्थित महिलाओं और परिजनों को यह समझाया गया कि कैसे बिना किसी अतिरिक्त खर्च के, घर में मौजूद पारंपरिक खाद्य पदार्थों से ही बच्चों और बड़ों के लिए संतुलित एवं पोषक तत्वों से भरपूर आहार तैयार किया जा सकता है।
सुपोषण चौपाल में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की महत्ता को रेखांकित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि एक सशक्त और स्वस्थ समाज का निर्माण मां और बच्चे के सही पोषण पर ही निर्भर करता है। कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को गर्भावस्था एवं स्तनपान के दौरान भोजन में पोषक तत्वों की विविधता, बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए आवश्यक खान-पान तथा कुपोषण से बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही समय पर नियमित स्वास्थ्य जांच, आवश्यक टीकाकरण और प्रसव पूर्व रखी जाने वाली सावधानियों के प्रति भी सचेत किया गया।
गोद भराई की रस्म के दौरान गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक खाद्य सामग्री भेंट कर उनके और उनके होने वाले शिशु के उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना की गई। अंत में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने गृह भेंट और चौपालों के जरिए पोषण और स्वास्थ्य के इन जरूरी संदेशों को विकासखंड के हर घर और परिवार तक निरंतर पहुंचाने का संकल्प दोहराया।
75 हजार का बिजली बिल नहीं भरा तो सरकारी दफ्तर की ही बत्ती गुल!
जगदलपुर । बिजली बिल बकाया होने पर आम उपभोक्ताओं के कनेक्शन कटने की खबरें तो अक्सर सामने आती हैं, लेकिन जगदलपुर में बकाया भुगतान नहीं होने पर लोक निर्माण विभाग (राष्ट्रीय राजमार्ग) के डिवीजन और उप डिवीजन कार्यालय का ही बिजली कनेक्शन काट दिया गया। करीब 75 हजार रुपये का बिजली बिल बकाया बताया जा रहा है।
कनेक्शन कटते ही कार्यालय में अंधेरा छा गया। बिजली गुल होने के कारण दफ्तर का कामकाज भी प्रभावित हुआ। स्थिति यह रही कि SDO को अंधेरे कमरे में बैठना पड़ा, जबकि कर्मचारी कार्यालय से बाहर खड़े होकर बिजली बहाल होने का इंतजार करते नजर आए।
लंबे समय से बकाया था बिजली बिल
जानकारी के अनुसार, पीडब्ल्यूडी राष्ट्रीय राजमार्ग के डिवीजन एवं उप डिवीजन कार्यालय पर विद्युत कंपनी का करीब 75 हजार रुपये का बिल लंबित था। भुगतान नहीं होने पर विद्युत कंपनी ने नोटिस और वसूली अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए कनेक्शन काट दिया।
बिजली कटने के बाद कार्यालय में कामकाज प्रभावित रहा। एसडीओ ए.के. कुंजाम ने बताया कि जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल हो जाएगी।
सरकारी कार्यालय पर भी बिजली कंपनी की सख्ती
विद्युत कंपनी जगदलपुर शहरी संभाग के कार्यपालन अभियंता एनआर भगत के अनुसार, बकाया बिजली बिलों के भुगतान के लिए संबंधित विभागों को नोटिस जारी किए गए हैं। कंपनी के डिस्कनेक्शन अभियान के तहत ही राष्ट्रीय राजमार्ग कार्यालय की बिजली काटी गई।
इस कार्रवाई के बाद सरकारी कार्यालयों पर बकाया बिजली बिल को लेकर विद्युत कंपनी की सख्ती एक बार फिर सामने आई है। इससे पहले भी छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में सरकारी कार्यालयों के बिजली कनेक्शन बकाया भुगतान के कारण काटे जाने की रिपोर्ट सामने आ चुकी है।
कर्मचारियों को बिजली बहाली का इंतजार
कनेक्शन कटने के बाद कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी बिजली बहाल होने का इंतजार करते रहे। विद्युत कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बकायादार शासकीय विभागों से लंबित राशि जमा करने का अनुरोध किया है।
ऐसे में अब विभाग के सामने बकाया बिल का भुगतान कर बिजली कनेक्शन जल्द बहाल कराने की चुनौती है।
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और वन मंत्री श्री केदार कश्यप का जगदलपुर आगमन
मां दन्तेश्वरी एयरपोर्ट पर हुआ स्वागत
जगदलपुर, 17 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और वन मंत्री श्री केदार कश्यप सेवा संकल्प अभियान में शामिल होने के लिए जगदलपुर पहुंचे। इस दौरान जगदलपुर स्थित मां दन्तेश्वरी एयरपोर्ट पर उप मुख्यमंत्री और वन मंत्री का जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अमले और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया।
इस अवसर पर नगर निगम के महापौर श्री संजय पाण्डे के साथ ही कमिश्नर श्री डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक श्री बीएन मीणा, मुख्य वन संरक्षक सुश्री स्टाइलो मंडावी, मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी श्री उत्तम कुमार गुप्ता, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा तथा सहित अन्य कई वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधी मौजूद रहे।
जगदलपुर : हर घर नल से जल : बस्तर के बेसरापाल में साकार हुआ जल जीवन मिशन
जल जीवन मिशन के अंतर्गत बस्तर ब्लॉक की ग्राम पंचायत सेमलनार के आश्रित ग्राम बेसरापाल ने ग्रामीण विकास और जनसुविधा की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कुल तीन वार्डों में फैले इस गांव के सभी घरों तक नल के जरिए शुद्ध और सुरक्षित पेयजल पहुंचाकर ग्रामीणों को जल संकट से पूरी तरह मुक्ति दिला दी गई है।
योजना के तहत गांव के सभी 111 परिवारों को फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन से जोड़ा गया है। जलापूर्ति को नियमित और बिना किसी बाधा के जारी रखने के लिए यहां 40 हजार लीटर क्षमता की विशाल पानी टंकी स्थापित की गई है, जिसका संचालन पंप ऑपरेटर रमेश मौर्य पूरी तत्परता से संभाल रहे हैं। आपातकालीन स्थितियों को ध्यान में रखते हुए गांव में दो हैंडपंप भी पूरी तरह कार्यशील रखे गए हैं।
घरों के साथ-साथ गांव के दोनों आंगनबाड़ी केंद्रों में भी नल कनेक्शन देकर बच्चों के लिए स्वच्छ जल का प्रबंध किया गया है। जल की गुणवत्ता और शुद्धता पर पैनी नजर रखने के लिए गांव की सक्रिय महिलाओंकृमिटकी कश्यप, उर्मिला कश्यप और सुमनी मौर्य को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से समय-समय पर पानी के नमूनों की जांच करती हैं।
सरपंच उर्मिला कश्यप ने इस पर प्रसन्नता व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को अब पानी के लिए कहीं जाना नहीं पड़ेगा और लाइन नहीं लगानी पड़ेगी। उन्हें घर में ही पीने का साफ पानी मिल जाएगा। इससे विशेषकर महिलाओं को अब दूर-दराज से पानी ढोने की मशक्कत से राहत मिल गई है, जिससे पूरे गांव में स्वास्थ्य, स्वच्छता और जीवन स्तर में एक सकारात्मक बदलाव साफ दिखाई दे रहा है।
झीरम घाटी हत्याकांड में बड़ा फैसला, 13 साल बाद 10 दोषियों को मृत्युदंड
जगदलपुर । छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी हत्याकांड मामले में करीब 13 साल बाद अदालत ने सजा का ऐलान कर दिया है। जगदलपुर की विशेष NIA अदालत ने मामले में दोषी ठहराए गए सभी 10 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत ने बुधवार को सजा के बिंदु पर फैसला सुनाया।
इससे पहले 5 सितंबर 2026 को अदालत ने मुकदमे का सामना कर रहे सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया था और सजा सुनाने के लिए 16 सितंबर की तारीख तय की गई थी।
इन 10 दोषियों को सुनाई गई फांसी की सजा
मामले में दोषी ठहराए गए आरोपियों में प्रमिला मोडियाम, सुमित्रा पुनेम, मुक्का मांडवी, मड़कामी देवा, कोसा कवासी, आयत मरकाम, बंजामी सेना, चैतू लेकाम, जोगा मड़कामी और महादेव नागा शामिल हैं।
मामले में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई हुई थी। ट्रायल के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई थी, जिसके बाद शेष 10 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई जारी रही। सभी दोषी वर्तमान में केंद्रीय जेल में बंद बताए गए हैं।
NIA की ओर से मामले में करीब 1000 पन्नों की चार्जशीट पेश की गई थी और मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 101 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
25 मई 2013 को हुआ था झीरम घाटी हमला
25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा का काफिला दरभा क्षेत्र की झीरम घाटी से गुजर रहा था। इसी दौरान माओवादियों ने काफिले पर घात लगाकर हमला किया था।
हमले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, सुरक्षाकर्मियों और अन्य लोगों समेत 32 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। मृतकों में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल और पूर्व विधायक उदय मुदलियार समेत कई प्रमुख नाम शामिल थे। NIA के आधिकारिक केस रिकॉर्ड में हमले में 27 लोगों की मौत और 38 लोगों के घायल होने का विवरण भी दर्ज है, जबकि स्थानीय/मीडिया रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 32 बताई गई है।
फैसले के खिलाफ अपील का रास्ता खुला
मृत्युदंड का फैसला आने के बाद भी मामले की न्यायिक प्रक्रिया समाप्त नहीं होती। दोषियों को कानून के तहत ऊपरी अदालत में इस फैसले को चुनौती देने का अधिकार है। ऐसे में आगे की कानूनी प्रक्रिया संबंधित अपील और उसके बाद होने वाली न्यायिक सुनवाई पर निर्भर करेगी।
करीब 13 साल पुराने इस मामले में 5 सितंबर को दोषसिद्धि और अब 16 सितंबर को सजा सुनाए जाने के बाद झीरम घाटी प्रकरण की न्यायिक प्रक्रिया एक अहम चरण में पहुंच गई है।
जगदलपुर : बस्तर के अन्नदाताओं को बड़ी सौगात
बस्तर जिले के किसानों के लिए आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 राहत और नई उम्मीदों की सौगात लेकर आया है। राज्य शासन की स्वीकृति के बाद जिले में 9 नवीन धान उपार्जन केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण अंचलों के किसानों को अब अपनी उपज बेचने के लिए दूरदराज के केंद्रों तक लंबा सफर तय नहीं करना पड़ेगा। घर के नजदीक ही धान बेचने की सुविधा मिलने से न केवल अन्नदाताओं के समय और परिवहन खर्च की बचत होगी, बल्कि पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुगम बनेगी।
प्रशासनिक पहल के तहत बस्तर विकासखंड के बाकेल, नंदपुरा, बागमोहलई, कुड़कानार और चिउरगांव में नए केंद्र खुल रहे हैं। वहीं, बकावण्ड विकासखंड में सतोषा व सौतपुर, जगदलपुर में काकरवाड़ा और लोहण्डीगुड़ा में धुरागांव को केंद्र के रूप में स्वीकृति दी गई है। कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने इन केंद्रों पर किसानों के लिए सुचारू खरीद व्यवस्था सुनिश्चित करने सहित संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं।
किसानों के लिए उक्त खरीदी केंद्रों पर जरूरी मूलभूत सुविधाओं स्वच्छ पेयजल, छायादार परिसर, बिजली, प्रकाश व्यवस्था और सुगम पहुंच मार्ग सुनिश्चित किए जाने कहा गया है। इसके अलावा प्रत्येक उपार्जन केंद्र पर कंप्यूटर, यूपीएस, जनरेटर के साथ-साथ बायोमेट्रिक व आईरिस सत्यापन की व्यवस्था की जा रही है, ताकि वास्तविक किसानों को बिना किसी परेशानी के त्वरित भुगतान और सेवा का लाभ मिल सके।
राष्ट्रीय वन शहीद दिवस, बस्तर में वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले अमर बलिदानियों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
जगदलपुर, 11 सितम्बर 2026
मुख्य वन संरक्षक कार्यालय परिसर में 11 सितंबर को श्राष्ट्रीय वन शहीद दिवसश् पूरी गरिमा और श्रद्धा के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर वन, वन्यजीवों और राष्ट्रीय संपदा की रक्षा के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले बस्तर संभाग के वीर वन शहीदों के सर्वोच्च बलिदान का स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया गया।
इस अवसर पर जगदलपुर वन वृत्त की मुख्य वन संरक्षक सुश्री स्टाइलो मंडावी ने अमर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में सुकमा वनमंडल में कर्तव्य पथ पर वीरगति पाने वाले शहीद वनपाल स्व. श्री हरिबंधु की धर्मपत्नी श्रीमती सुखाय बाई को मुख्य वन संरक्षक द्वारा शॉल व श्रीफल भेंट कर विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
समारोह में नक्सल हिंसा का अदम्य साहस से मुकाबला करने वाले वीर वनकर्मियों के त्याग को रेखांकित किया गया। इसमें 31 जनवरी 1993 को किरन्दुल-पालनार मार्ग पर नक्सलियों के कायराना हमले में कर्तव्य की वेदी पर प्राण न्योछावर करने वाले शहीद वनपाल स्व. श्री हरिबंधु व शहीद वनरक्षक स्व. श्री रामेश्वर पाण्डेय तथा 27 सितंबर 2010 को सुकमा वनमंडल में शासकीय कार्य के दौरान अपहृत कर नक्सलियों द्वारा निर्मम हत्या के शिकार हुए शहीद वनरक्षक स्व. श्री जगदीशचंद्र मरकाम की शहादत का उल्लेख किया गया। इसके अतिरिक्त लोकसभा निर्वाचन 2014 के दौरान 12 अप्रैल 2014 को बीजापुर के ग्राम केतुलनार में बस पर हुए आईईडी विस्फोट में देश सेवा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए शहीद वनपाल स्व. श्री व्ही. पी. शास्त्री और शहीद वनपाल स्व. श्री अंगनपल्ली पाण्डू के त्याग को याद किया गया। वहीं इंद्रावती टाइगर रिजर्व बीजापुर के अंतर्गत 11 सितंबर 2020 को भैरमगढ़ अभयारण्य के ग्राम कोम्पल्ली परिसर में नक्सली हमले में शहीद हुए वनक्षेत्रपाल (रेंजर) स्व. श्री रथराम पटेल को उनके अदम्य शौर्य का विशेष स्मरण किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर वन विभाग के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर वीर शहीदों की आत्मशांति की प्रार्थना की और उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए वनों, वन्यजीवों व प्रकृति के संरक्षण के प्रति पूर्ण निष्ठा एवं सजगता से कार्य करने का दृढ़ संकल्प लिया।
युवोदय 2.0 बस्तर में बदलाव के सारथी बनेंगे युवा
कलेक्टर सहित जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों ने सीधा संवाद कर बढ़ाया हौसला
जगदलपुर, 11 सितम्बर 2026
जिले के सुदूर गांवों और समुदायों के समग्र विकास को नई गति देने के उद्देश्य से श्युवोदय 2.0 अभियान की शुरुआत की गई है। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत आयोजित विशेष कार्यशाला में जिला प्रशासन और युवा स्वयंसेवकों के बीच एक सार्थक और प्रेरणादायी संवाद देखने को मिला। कार्यक्रम में बस्तर कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, जिला पंचायत सीईओ श्री तन्मय खन्ना और सहायक कलेक्टर श्री यशवंत नायक ने युवाओं से सीधे रूबरू होकर उनके अनुभव, जमीनी चुनौतियां और भविष्य की आकांक्षाएं जानीं।
संवाद के दौरान कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने युवाओं से पूछा कि स्वयंसेवा उनके जीवन में क्या मायने रखती है। इसके जवाब में स्वयंसेवकों ने साझा किया कि समुदाय के साथ मिलकर काम करने से उनके आत्मविश्वास, संवाद कौशल और लोगों से जुड़ाव में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस पर कलेक्टर ने जोर देते हुए कहा कि युवाओं की ऊर्जा, स्थानीय परिस्थितियों की गहरी समझ और समुदाय से आत्मीय जुड़ाव ही बस्तर के गांवों में सकारात्मक और टिकाऊ बदलाव लाने की सबसे बड़ी ताकत बन सकता है।
इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री तन्मय खन्ना और सहायक कलेक्टर श्री यशवंत नायक ने भी अपने स्वयंसेवा के अनुभव साझा किए। उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को गहराई से समझें, उनके व्यावहारिक समाधान तलाशें और जिला प्रशासन के साथ कदम से कदम मिलाकर विकास कार्यों में योगदान दें। इस कार्यशाला की एक खास बात यह भी रही कि इसमें युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और संपूर्ण कल्याण पर एक खुला विमर्श आयोजित हुआ, जिसमें स्वयंसेवकों ने बिना किसी झिझक के अपनी बात रखी। यूनिसेफ के सामाजिक एवं व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञ श्री अभिषेक सिंह ने अभियान के विस्तार पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सितंबर 2020 में शुरू हुए युवोदय का स्वरूप अब और अधिक सशक्त हो गया है। युवोदय 2.0 में स्वयंसेवकों की भूमिका केवल जागरूकता अभियानों या गतिविधियों में भीड़ जुटाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे अपने गांव की वास्तविक समस्याओं की पहचान करने, ग्रामीणों से सतत संवाद साधने और स्थानीय स्तर पर ही टिकाऊ समाधान गढ़ने में सीधी भागीदारी निभाएंगे।
इस पूरी मुहिम में यूनिसेफ और छत्तीसगढ़ एग्रीकॉन समिति तकनीकी सहयोग प्रदान कर रहे हैं, जिससे जिला प्रशासन और स्वयंसेवकों के बीच समन्वय अधिक मजबूत बना रहे। युवाओं के असीम उत्साह, समुदाय की सक्रिय भागीदारी और प्रशासन के निरंतर सहयोग के इस अनूठे समन्वय से बस्तर का विकास अब एक नई और सकारात्मक दिशा की ओर अग्रसर हो रहा है।
बस्तर ओलंपिक 2026, भयमुक्त बस्तर में खेल प्रतिभाओं को मिलेगा नया फलक
कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक लेकर तैयारी करने दिए निर्देश
गत वर्ष से दुगुना पंजीयन करने सहित अंदरूनी इलाके के युवाओं को जोड़ने पर जोर
जगदलपुर, 11 सितम्बर 2026
माओवाद के साए से मुक्त होने के बाद पहली बार आयोजित होने जा रहे बस्तर ओलंपिक 2026-27 को लेकर अंचल में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। अपने सफल आयोजनों के तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुके इस महत्वाकांक्षी खेल महाकुंभ की रूपरेखा खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा तैयार कर ली गई है। बस्तर संभाग के कमिश्नर श्री डोमन सिंह ने संभाग के सभी खेल अधिकारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कमिश्नर ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा की , जिसमें उप आयुक्त गीता रायस्त और खेल अधिकारी श्री सुशांत पाल भी उपस्थित थे। बस्तर ओलम्पिक के लिए इस साल बीते वर्ष से दुगुना लक्ष्य निर्धारित कर पंजीयन किए जाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में कमिश्नर ने कहा कि नक्सलमुक्त परिवेश बनने के बाद अब उन खेल प्रतिभाओं को खुलकर सामने लाने का ऐतिहासिक अवसर है, जो पूर्व में नक्सली भय और खौफ के कारण अपनी प्रतिभा दबाए बैठी थीं। शासन का मुख्य ध्येय अंदरूनी वनांचल गांवों में छिपी नैसर्गिक प्रतिभाओं को निखारकर मुख्यधारा से जोड़ना और प्रशासन व जनता के बीच मजबूत विश्वास कायम करना है। संभाग के सातों जिलोंकृबस्तर, कांकेर, कोण्डागांव, नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ाकृमें कुल ग्यारह खेल विधाओं में यह स्पर्धा तीन स्तरों पर आयोजित की जाएगी। जारी समय-सारणी के अनुसार खिलाडि़यों के पंजीयन की प्रक्रिया 1 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2026 तक चलेगी, जिसके बाद 1 से 13 नवंबर 2026 तक विकासखंड स्तरीय मुकाबले होंगे। ब्लॉक स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी 16 से 25 नवंबर 2026 के मध्य जिला स्तरीय स्पर्धाओं में दम दिखाएंगे और अंततः 7 से 11 दिसंबर 2026 तक संभाग स्तरीय भव्य मुकाबलों का आयोजन किया जाएगा।
कमिश्नर श्री डोमन सिंह ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि बस्तर ओलंपिक के प्रति क्षेत्र के युवाओं का आकर्षण और उत्साह वर्ष-दर-वर्ष निरंतर बढ़ रहा है, इसलिए दूर-दराज के अंदरूनी ग्रामीण अंचलों के प्रत्येक गांव से शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की जाए। खिलाडि़यों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीयन की सरल व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। प्रतियोगिता के निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित संचालन के लिए ब्लॉक व जिला स्तर पर विशेष आयोजन समितियों के गठन तथा नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही तय समय-सीमा के भीतर गांव-गांव तक सघन प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया है, विशेष तौर पर बैनर पोस्टर, दीवार लेखन और मुनादी के माध्यम से अंदरूनी इलाकों में प्रचार प्रसार किया जाए, इसके साथ ही सोशल मीडिया से भी लोगों को अवगत कराया जाए, ताकि शांति के नए दौर में वनांचल की सभी प्रतिभा इस मंच से वंचित जुड़ सकें।
प्रधानमंत्री श्री मोदी के 25 वर्षों के सेवा भाव को समर्पित बस्तर में महीने भर चलेंगे जनकल्याणकारी कार्यक्रम
सवा लाख दीपों से होगा सेवा संकल्प अभियान का भव्य आगाज
कलेक्टोरेट के प्रेरणा कक्ष में हुई बैठक में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने की चर्चा
जगदलपुर, 9 सितम्बर 2026
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के राष्ट्र सेवा, सुशासन और समर्पण भाव को समाज के अंतिम छोर तक पहुँचाने के उद्देश्य से बस्तर जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक एक माह का व्यापक सेवा संकल्प अभियान आयोजित किया जा रहा है। इस महा-अभियान को पूरी भव्यता और निष्ठा के साथ सफल बनाने के लिए आवश्यक तैयारियाँ तेज हो गई हैं। हाल ही में आयोजित समन्वय बैठकों में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने एकजुट होकर इस आयोजन को न केवल भव्य, बल्कि बस्तर के सेवा भाव की एक ऐतिहासिक मिसाल बनाने का संकल्प लिया है।
अभियान का शुभारंभ 17 सितंबर को अभूतपूर्व आयोजनों के साथ होगा, जहाँ जगदलपुर शहर दीपों के आलोक से जगमगा उठेगा। अन्य संभाग मुख्यालयों के 51 हजार दीपों के लक्ष्य की तुलना में जगदलपुर को पूरे प्रदेश में सर्वाधिक यानी सवा लाख दीप प्रज्वलित करने का बड़ा निर्णय लिया गया है। शाम सात बजे ऐतिहासिक सिरहासार चौक पर आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम के अंतर्गत भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही झीरम मेमोरियल, पुनर्वास केंद्र, सुरक्षा बलों के कैंपों, थानों तथा अमर शहीद वीर गुंडाधूर और झाड़ा सिरहा की जन्मस्थली समेत जिले के 25 चयनित गांवों के प्रत्येक घर में रोशनी फैलाई जाएगी। राष्ट्रभक्ति की भावना को केंद्र में रखते हुए सिरहासार क्षेत्र में भारत के मानचित्र और नक्सल मुक्त बस्तर की थीम पर एक विशाल रंगोली बनाई जाएगी। साथ ही 17 सितम्बर को सामाजिक सरोकार और जनकल्याण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए शुभारंभ के दिन ही तोकापाल विकासखंड के परपा में एक पेड़ माँ के नाम पहल के तहत 760 पौधों का रोपण होगा, जबकि महारानी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे।
इस महा-अभियान में पूरे एक माह तक शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और जनसरोकार से जुड़ी कई श्रृंखलाएं निरंतर सक्रिय रहेंगी। बच्चों और युवाओं में रचनात्मक चेतना के प्रसार के लिए स्कूलों और कॉलेजों में बच्चों के सपनों का भारत विषय पर चित्रकला व भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जो संकुल स्तर से शुरू होकर जिला स्तर तक पहुँचेंगी। वहीं महाविद्यालयीन छात्रों द्वारा नमो सेवा गाथा नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आंगन का उत्सव के तहत सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण माह, आंगनवाड़ी सम्मान और स्वास्थ्य संवाद सत्रों का संचालन करेगा। बस्तर के सकारात्मक बदलाव का संदेश देने के लिए साइकिल व बाइक रैलियों के साथ मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के नवीन रूटों पर आभार यात्रा निकाली जाएगी।
कलेक्टर आकाश छिकारा ने प्रशासनिक अमले को आपसी तालमेल से काम करने और कहानी बदलाव की श्रृंखला के जरिए सरकारी योजनाओं से लाभान्वित नागरिकों की प्रेरक कहानियों को सोशल मीडिया पर साझा करने के निर्देश दिए हैं। पर्यावरण संरक्षण के तहत 25 दिनों तक सार्वजनिक स्थलों, नदी घाटों, पर्यटन व धार्मिक स्थलों पर विशेष स्वच्छता अभियान व श्रमदान का आयोजन होगा, जबकि 16 अक्टूबर को आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला स्तरीय शिविर लगाया जाएगा। महापौर श्री संजय पाण्डे और पूर्व विधायक डॉ. सुभाऊ कश्यप ने समाज के सभी वर्गों, व्यापारिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और मीडिया से अपील की है कि वे बस्तर के उत्साह, सामूहिकता और विकास के इस महा-उत्सव में बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी निभाएं। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, नगर निगम के सभापति श्री खेमसिंह देवांगन सहित वन मंडलाधिकारी श्री दीपेश कपिल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तन्मय खन्ना, अपर कलेक्टर श्री सीपी बघेल, सहायक कलेक्टर श्री यशवंत नायक सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण प्रदाय करने हेतु चिन्हाकन सुनिश्चित करें-कलेक्टर श्री आकाश छिकारा
समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन और लक्ष्य पूर्ति के दिए निर्देश
जगदलपुर, 09 सितम्बर 2026
कलेक्टर श्री आकाश छिकारा की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्टोरेट स्थित प्रेरणा कक्ष में जिला स्तरीय समय सीमा बैठक संपन्न हुई, जिसमें शासन की जनकल्याणकारी प्राथमिकताओं, अधोसंरचना विकास और लंबित प्रकरणों के त्वरित समाधान पर गहन विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने जगदलपुर में आगामी 5 से 7 अक्टूबर तक आयोजित दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण प्रदाय शिविर में जिले के अधिकाधिक दिव्यांगजनों को लाभांवित करने पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत सहित नगरीय निकायों के अंतर्गत जरूरतमंद दिव्यांगजनों का चिन्हाकन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही इन दिव्यांगजनों को शिविर में लाभांवित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्था भी सुनिश्चित किया जाए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तन्मय खन्ना, अपर कलेक्टर श्री सीपी बघेल, नगर निगम आयुक्त श्री प्रवीण वर्मा और सहायक कलेक्टर श्री यशवंत नायक समेत जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। वहीं सभी तहसीलदार, जनपद सीईओ और ब्लॉक स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े रहे।
बैठक की शुरुआत में आगामी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने इस अभियान के प्रभावी संचालन के लिए सभी संबंधित विभागों को ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान के पहले दिन प्रत्येक परिवार स्तर पर दीप प्रज्वलित कर सकारात्मक माहौल बनाया जाए, साथ ही शालेय स्तर पर बच्चों के लिए निबंध, भाषण और चित्रकला प्रतियोगिता का व्यापक आयोजन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में कलेक्टर ने पीएम सूर्य घर योजना की समीक्षा के दौरान जिले में पंजीयन और इंस्टॉलेशन की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताई। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने अधीनस्थ तंत्र को सक्रिय कर शत-प्रतिशत पात्र परिवारों के आवेदन जमा कराएं। इसके अतिरिक्त श्रम विभाग और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन कार्ड ई-केवाईसी के लंबित प्रकरणों को जल्द से जल्द शून्य करने के लिए ग्राम पंचायतवार सचिवों और सीएससी ऑपरेटरों की टीम बनाकर काम को मिशन मोड में पूरा करने को कहा गया। राजस्व से जुड़े मामलों में नक्शा बटांकन, फौती नामांतरण और सीमांकन की स्थिति की समीक्षा में कलेक्टर ने बकावंड, दरभा और नानगुर तहसीलदारों को आपसी समन्वय से दैनिक प्रगति रिपोर्ट साझा करने और सभी लंबित प्रकरणों का तेजी से निपटारा करने की हिदायत दी।
बैठक के दौरान आगामी दिनों में आयोजित होने वाले विशेष दिव्यांग प्रमाणीकरण शिविर की तैयारियों की अलग से विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने समाज कल्याण विभाग, जनपद पंचायतों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी ब्लॉकों से छूटे हुए दिव्यांगजनों का चिन्हांकन कर उन्हें शिविर स्थल तक लाया जाए, ताकि उनका विधिवत स्वास्थ्य परीक्षण कर दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी हो सके तथा कैलिपर्स, व्हीलचेयर, वॉकर व हियरिंग एड जैसे आवश्यक सहायक उपकरणों का वितरण सुगमता से किया जा सके।
इसके साथ ही जिले में गंभीर स्वास्थ्य समस्या बने सिकल सेल की रोकथाम हेतु आयोजित होने वाले विशेष सिकलसेल जांच एवं उपचार शिविरों की पृथक से समीक्षा की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया गया कि सिकलसेल संदिग्धों और विशेषकर बच्चों व युवाओं की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए। शिविरों में जांच रिपोर्ट के आधार पर रोगियों को समय पर परामर्श, नियमित दवाइयां और आवश्यक उपचार कार्ड उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य अमले को पूरी तत्परता से जुटने को कहा गया। साथ ही निर्माण कार्यों की पूर्ण करने सहित उनके पूर्णता प्रमाण पत्र समय पर जारी करने हेतु संबंधित निर्माण एजेंसीज को निर्देशित किया गया।
आयुष विभाग व जिला प्रशासन का संयुक्त प्रयास बस्तर में विशाल स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन
जगदलपुर । आयुष संचालनालय के मार्गदर्शन एवं जिला प्रशासन के सहयोग से सोमवार 7 सितंबर को बस्तर में विकासखंड स्तरीय विशाल आयुष स्वास्थ्य शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप द्वारा भगवान धन्वंतरी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचल के नागरिकों तक समग्र स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में कुल 597 हितग्राहियों ने निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं औषधि वितरण का लाभ उठाया। शिविर के दौरान आयुष चिकित्सा पद्धति के माध्यम से वात, पित्त, स्त्री रोग, मधुमेह, उदर विकार एवं चर्म रोगों से पीड़ित मरीजों की गहन जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श व दवाइयां दी गईं। साथ ही आयुष विभाग द्वारा मौसमी बीमारियों से बचाव एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने हेतु लगभग 370 लोगों को आयुष काढ़ा भी वितरित किया गया।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के तहत शिविर में 52 नागरिकों का नेत्र परीक्षण कर 18 जरूरतमंदों को चश्मे वितरित किए गए, जबकि स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से 487 पैथोलॉजी जांच, एक्स-रे एवं टीबी स्क्रीनिंग संपन्न की गई। इसके अतिरिक्त डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देते हुए शिविर स्थल पर ही 7 आयुष्मान कार्ड एवं आभा आईडी तैयार की गईं। स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ जागरूकता के उद्देश्य से योग प्रशिक्षिका अनीता साहू द्वारा 155 स्कूली विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली के लिए योगाभ्यास कराया गया। शिविर की सार्थकता तब और बढ़ गई जब एकीकृत महिला एवं बाल विकास, राजस्व, पशुपालन तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी उपस्थित रहकर आमजन को अपनी विभिन्न शासकीय योजनाओं और सेवाओं से सीधे लाभान्वित किया।
इस अवसर पर जनपद पंचायत बस्तर के अध्यक्ष संतोष बघेल, जिला पंचायत सदस्य निर्देश दीवान, जनपद सदस्य लक्ष्मण मौर्य, ग्राम सरपंच सुनील कश्यप, तहसीलदार चंद्रकुमार साहू एवं जिला आयुष अधिकारी डॉ. मोहनीश साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। शिविर के सफल संचालन में प्रभारी डॉ. जीतेन्द्र त्रिपाठी के साथ डॉ. महिंद्र साहू, डॉ. नित्यानंद भोई, डॉ. सौम्य रंजन पटनायक, डॉ. चितरंजन पाढ़ी, डॉ. विनोद सिंह, डॉ. तरणी सेन बढ़ाई, डॉ. अरुण सिंह, डॉ. सिद्धार्थ बैस, डॉ. जन्मय सिद्धार्थ, अमित सिंह तथा विभाग के समस्त फार्मासिस्टों व औषधालय सेवकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। एक ही छत के नीचे विभिन्न विभागों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के सहयोग से आयोजित इस शिविर ने ग्रामीणों को बड़ी राहत प्रदान की।