छत्तीसगढ़ / बिलासपुर
एनटीपीसी ने सिम्स में चिकित्सा सुविधा के विस्तार के लिए दिये 2.92 करोड़ रूपए
जिला प्रशासन और एनटीपीसी के मध्य हुआ एमओयू
बिलासपुर। एनटीपीसी सीपत ने सीएसआर मद से सिम्स में चिकित्सा सुविधा के विस्तार हेतु दिये 2.92 करोड़ रूपए का सहयोग किया है। जिलाधीश कक्ष में सिम्स हेतु जीवन रक्षक उपकरणों के लिए जिला प्रशासन की ओर डॉ. लखन सिंह, चिकित्सा अधीक्षक सिम्स चिकित्सालय बिलासपुर एवं डा० सामंत सीएमएचओ, एनटीपीसी सीपत के मध्य 2.92 करोड़ रूपये के एम.ओ.यू में हस्ताक्षर किया गया । कलेक्टर अवनीश शरण की मौजूदगी में निष्पादित एमओयू में मुख्य रूप से अमित कुमार, आयुक्त नगर निगम बिलासपुर, डा० रमणेश मूर्ति अधिष्ठाता, डॉ. लखन सिंह सिम्स चिकित्सा अधीक्षक सिम्स चिकित्सालय, सत्यकाम एनटीपीसी सीपत, डा० सामंत सीएमएचओ, एनटीपीसी सीपत, एवं श्री व्ही. के. पाण्डेय, परियोजना प्रमुख, एनटीपीसी सीपत उपस्थित थे।
ज्ञात हो कि कलेक्टर बिलासपुर द्वारा सिम्स चिकित्सालय का विभिन्न अवसरों परनिरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को कई विभागों में उपकरणों की कमी की जानकारी दी गई थी। इसे गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर अवनीश शरण ने सिम्स चिकित्सालय में चिकित्सा सुविधा का विस्तार करने हेतु एनटीपीसी सीपत से सी.एस.आर. मद से 2.92 करोड़ रूपये के उपकरणों की उपलब्ध कराने हेतु निर्देश दिये थे। इस राशि से विभिन्न विभागों में आवश्यकतानुसार उपकरणों की खरीदी यथाशीघ्र कर विभागों में प्रदाय किया जायेगा।
सिम्स चिकित्सालय में बिलासपुर संभाग के साथ-साथ प्रदेश सहित अन्य समीपवर्ती प्रदेशों से मरीज इलाज हेतु आते हैं। उक्त उपकरण के उपलब्ध हो जाने से सिम्स चिकित्सालय में उच्चतर चिकित्सा सुविधा प्रदाय की जा सकेगी एवं बिलासपुर संभाग के साथ-साथ प्रदेश सहित अन्य समीपवर्ती प्रदेशों के मरीजों को भी लाभान्वित किया जा सकेगा। एन०टी०पी०सी० सीपत द्वारा यह भरोसा दिलाया गया है कि भविष्य में भी इस तरह के कार्य जो मरीजों के इलाज सुविधा से संबंधित होगा, हमेशा सहयोग करता रहेगा। डा० रमणेश मूर्ति अधिष्ठाता ने बताया कि उक्त राशि से खरीदी किये गये उपकरणों के आने से एम०डी० एवं एमबीबीएस के छात्र छात्राओं को चिकित्सकीय अध्ययन हेतु मील का पत्थर साबित होगा। डा० लखन सिंह, चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि इससे दूरस्थ अंचलो के गरीब मरीजों को उच्चतर एवं गुणवत्ता पूर्ण चिकित्सा सुविधा आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।
अधूरा प्रोजेक्ट: 11 साल से चल रहा प्रोजेक्ट, पूरा हुआ तो 102 गांवों तक पहुंचेगा पानी
बिलासपुर। कोटा ब्लॉक के भैंसाझार में अरपा नदी पर 1,141 करोड़ रुपये की लागत से अरपा भैंसाझार प्रोजेक्ट का निर्माण 2013 से चल रहा है। अब तक 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। ठेकेदार की ओर से मुख्य नहर के साथ ही शाखा नहरों का निर्माण किया जा रहा है।
इसके बनते ही जिले के तीन ब्लॉक के 102 गांवों के करीब 25 हजार हेक्टेयर खेतों तक खरीफ फसल के लिए पानी पहुंचेगा। जल संसाधन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों का दावा है कि इस साल के अंत तक प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा। परियोजना का शिलान्यास पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवानी ने 2013 में किया था।
शुरुआत में इसकी लागत 606 करोड़ रुपये थी। निर्माण कार्य जल संसाधन संभाग कोटा के द्वारा अनुबंध क्रमांक डीएल 07/ 13.09.2013 किया गया था। इसकी निर्माण एजेंसी राधेश्याम अग्रवाल/ सुनील अग्रवाल है। योजना का उद्देश्य बिलासपुर जिले के तीन ब्लॉकों के 102 गांवों के 25 हजार हेक्टेयर में पानी पहुंचाना है।
शीर्ष कार्य का निर्माण पूरा हो गया है। अब तक 370.55 किलोमीटर नहर में से सिर्फ 329.46 किलोमीटर का निर्माण पूरा हो सका है। ठेकेदार ने सकरी तक नहर बनाई है। इसके बाद बिल्हा ब्लॉक के कुछ गांव और तखतपुर में करीब 41.9 किलोमीटर नहर का निर्माण होना है।
इसके लिए भूमि अधिग्रहण का काम होना है। राज्य शासन ने बैराज का विस्तार करते हुए 25 नवंबर 2024 को पुनरीक्षित स्वीकृति 1,141.90 करोड़ रुपये कर दी है। इसके एवज में ठेकेदार को अब तक 317.59 करोड़ रुपये का भुगतान जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने किया है।
कलेक्टर ने घरौंदा के नये भवन का किया शुभारंभ
कलेक्टर ने घरौंदा के नये भवन का किया शुभारंभ
मानसिक रोगियों के ताउम्र रहने और इलाज का है माकूल इंतजाम
हाई कोर्ट ने अच्छी व्यवस्था बनाने दिए थे निर्देश
बिलासपुर, 28 जनवरी 2025/समाज कल्याण विभाग की घरौंदा परियोजना के पुरुष आश्रय भवन का लोकार्पण आज कलेक्टर बिलासपुर श्री अवनीश शरण द्वारा किया गया। शासकीय अनुदान प्राप्त घरौंदा परियोजना का यह आवासीय भवन अंधमुक, बधिर शाला परिसर तिफरा में है। सुबह 10 बजे कलेक्टर अवनीश शरण और नगर पालिक निगम आयुक्त अमित कुमार ने फीता काटकर भवन को घरौंदा परियोजना के लिए यह आवासीय भवन 25 हितग्राहियों के लिए पूर्ण सुविधा के साथ संयुक्त संचालक समाज कल्याण की निगरानी में तैयार हुआ।
गौरतलब है कि घरौंदा की व्यवस्था को लेकर माननीय हाई कोर्ट बिलासपुर ने भी संज्ञान में लिया था। उनके लिए बेहतर इंतजाम और सुविधा बनाने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए थे। लोकार्पण के बाद कलेक्टर और निगम आयुक्त ने पूरे भवन का निरीक्षण किया विशेष कर रसोई, फिजियोथैरेपी और प्रसाधन की सुविधाओं पर ध्यान दिया। लाभार्थियों से भोजन, वस्त्र, इलाज और उनकी दिनचर्या के संबंध में पूछा। उन्होंने यहां रह रहे लोगों को मिठाई और नाश्ता भी वितरित किया। कार्यक्रम में दीप प्रज्वलन के बाद कलेक्टर और अन्य मेहमानों का संस्था की ओर से पुष्प गुच्छ देकर स्वागत भी किया गया। संयुक्त संचालक श्रीमती श्रद्धा मैथ्यू ने कलेक्टर को बताया कि फिलहाल विभिन्न प्रकार की मानसिक विकलांगता से ग्रसित 18 लोग इस घरौंदा में निवासरत हैं। 18 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों को यहां आजीवन निःशुल्क देख रेख किया जाता है। सेंदरी मानसिक चिकित्सालय में समय समय पर इलाज और दवा पानी भी दिया जाता है। महिला घरौंदा के लिए आश्रयदत्त कर्मशाला परिसर में अलग भवन का लोकार्पण भी कुछ माह पहले हो चुका है। 25 मानसिक रोगी महिलाओं को यहां आश्रय प्राप्त है। कार्यक्रम में उप नियंत्रक श्री हरीश सक्सेना, प्रोबेशन ऑफिसर सरस्वती रामेश्री, श्री प्रशांत मोकसे,उत्तमराव माथनकर,प्रदीप शर्मा, विकास सेवा समिति के पदाधिकारी अंशु गौड़, रुमी दुबे, अमित, ज्योति भूषण के साथ घरौंदा का स्टॉप सोमेश, भूपेंद्र, सोमेश, अनुपमा, रिया, पराग, माया, नीता, ज्योति, माया सहित समाज कल्याण विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
76 वें गणतंत्र दिवस पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने फहराया तिरंगा
बिलासपुर । 76वां गणतंत्र पर्व जिले में गरिमामय माहौल में उत्साहपूर्वक मनाया गया। वित्त वाणिज्यिक कर, आवास एवं पर्यावरण, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के मंत्री ओपी चौधरी ने संभागीय मुख्यालय बिलासपुर के पुलिस परेड मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। दर्शक अपने स्थान पर खड़े हुए तथा वर्दीधारी अधिकारियों ने सेल्यूट किया। मुख्य अतिथि ने शांति के प्रतीक सफेद कबूतर उड़ाए और हर्षाेल्लास और उमंग के प्रतीक तिरंगे गुब्बारे आकाश में छोड़े। परेड कमाण्डर प्रशिक्षु आईपीएस सुमीत कुमार द्वारा राष्ट्रगान की धुन पर सलामी दी गई। पुलिस एवं नगर सेना द्वारा राष्ट्रध्वज को सलामी दी गई। सुंदर सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विकास कार्याे की मनोहारी झांकी ने सबका मन मोह लिया।
चौधरी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन किया। इस अवसर मुख्य अतिथि ने नक्सल हिंसा में शहीद हुए जवानों के परिजनों को सम्मानित किया। मुख्य अतिथि चौधरी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले लगभग 139 अधिकारियों, कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। जिनमें स्वास्थ्य विभाग, पुलिस सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी शामिल है।
भव्य एवं आकर्षक परेड का प्रदर्शन
परेड कमाण्डर के नेतृत्व में पूरे परिधान में सजे हुए 13 प्लाटूनों ने भव्य एवं आकर्षक परेड का प्रदर्शन किया। परेड में सीनियर कैटेगरी में पहला स्थान जिला पुलिस बल महिला एवं दूसरा स्थान सशक्त पुलिस बटालियन सकरी को मिला। जूनियर कैटगरी में पहला स्थान जूनियर डिवीजन एनसीसी गर्ल्स, दूसरा स्थान गाइड जूनियर डिवीजन और तीसरा स्थान सीनियर एनसीसी गर्ल्स को मिला।
स्कूली बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम
समारोह में स्कूली बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। सांस्कृतिक कार्यक्रम में पहला पुरस्कार कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय पचपेड़ी, दूसरा पुरस्कार एम. एल. बी. कन्या शाला, तीसरा पुरस्कार टाईम्स एजुकेशन मल्हार को मिला। इसके अलावा शासकीय कन्या स्कूल सरकण्डा, दिल्ली पब्लिक स्कूल, देवकीनंदन कन्या शाला और शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला की प्रस्तुतियां भी सराहनीय रही।
योजनाओं पर आधारित झांकी का जीवंत प्रदर्शन
जिले के विभिन्न 20 विभागों द्वारा शासन की फ्लैगशीप योजनाओं और उपलब्धियों पर आधारित आकर्षक झांकियों का जीवंत प्रदर्शन किया गया। झांकी में छत्तीसगढ़ में पिछले एक साल में हुए विकास कार्याे पर केन्द्रित शासकीय विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों की शानदार झांकी निकाली गई। झांकी में पहला स्थान केन्दीय जेल बिलासपुर, दूसरा पुरस्कार जिला पंचायत और तीसरा पुरस्कार स्कूल शिक्षा विभाग को मिला। समारोह स्थल में प्रदर्शन के बाद सभी झांकियों का शहर में भ्रमण कराया गया ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक योजनाओं की जानकारी पहंुच सके।
कार्यक्रम में विधायक सुशांत शुक्ला, आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर अवनीश शरण, पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल, एडीएम आर.ए.कुरूवंशी, सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी, मीडिया तथा गणमान्य नागरिक मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता द्वय सौरभ सक्सेना एवं मुकुल शर्मा ने किया। समारोह के अंत में निगम कमिश्नर ने आभार व्यक्त किया।
निगम पार्षद के लिए चौथे दिन 16 नामांकन पत्र जमा किए गए
नामांकन के लिए 2 ही दिन शेष
बिलासपुर । नाम निर्देशन पत्र जमा करने के चौथे दिन शनिवार को नगर निगम चुनाव के लिए 16 पार्षद प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया। नगर निगम बिलासपुर के वार्ड क्रमांक 15 से विनोद यादव बीजेपी से, वार्ड क्रमांक 17 से भास्कर यादव इंडियन नेशनल कांगेस, वार्ड क्रमांक 11 से निधी खोब्रागडे कांग्रेस, वार्ड क्रमांक 64 से नीरज सोनी कांगेस, वार्ड क्रमांक 67 से दिनेश सूर्यवंशी कांग्रेस, वार्ड क्रमांक 31 से शहजादी बेगम कांग्रेस, वार्ड क्रमांक 33 से रंगा नादम बीजेपी, वार्ड क्रमांक 34 से एकता साहू बीजेपी, वार्ड क्रमांक 35 से गजेन्द्र श्रीवास्तव कांग्रेस, वार्ड क्रमांक 37 से श्रीमती लक्ष्मी रजक बीजेपी, वार्ड क्रमांक 4 से दिनेश कुमार सतनामी कांग्रेस, वार्ड क्रमांक 44 से शबाना कांग्रेस, वार्ड क्रमांक 21 से श्रीमती सुशीला खजुरिया निर्दलीय, वार्ड क्रमांक 23 से श्रीमती गीता जायसवाल कांग्रेस, वार्ड क्रमांक 28 से प्रशांत पाण्डेय कांग्रेस, वार्ड क्रमांक 30 से श्रवण श्रीवास्तव कांग्रेस ने नाम निर्देशन पत्र दाखिल किये। वहीं महापौर के लिए एक भी नामांकन पत्र जमा नहीं किया गया है। नाम निर्देशन पत्र 28 जनवरी तक जमा किए जा सकेंगे। वहीं पार्षद पद के चुनाव लड़ने के इच्छुक 79 लोगों ने आज निक्षेप राशि जमाकर निर्देशन पत्र इश्यू कराए हैं। वहीं महापौर के लिए चुनाव लड़ने इच्छुक 01 प्रत्याशी कमलेश पटेल ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में निक्षेप राशि जमाकर नाम निर्देशन पत्र इश्यू कराए हैं।
बिलासपुर जिले के लिए भाजपा प्रत्याशियों की सूची जारी
बिलासपुर । भाजपा ने बिलासपुर जिले की तीन नगर पंचायत बिल्हा, कोटा एवं मल्हार के पार्षद पद के उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में 45 पार्षदों के नाम शामिल हैं।
इसके पहले आज ही भाजपा ने गरियाबंद जिले के नगर पंचायतों और नगरपालिका के प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। वहीं राजनांदगांव जिले की नगर पंचायतों के प्रत्याशियों की सूची भी जारी कर दी गई है। भाजपा आज लगातार जिलेवार सूची जारी कर रही है।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी बिलासपुर में फहराएंगे तिरंगा
गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियां पूर्ण
बिलासपुर । वित्त, वाणिज्यिक कर, आवास एवं पर्यावरण, योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के मंत्री ओ.पी.चौधरी संभागीय मुख्यालय बिलासपुर के पुलिस परेड मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में तिरंगा झण्डा फहराएंगे। वे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के गणतंत्र दिवस संदेश वाचन के साथ ही आयोजित परेड की सलामी लेंगे। इस अवसर पर स्कूली बच्चों के आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। छत्तीसगढ़ में पिछले एक साल में हुए विकास कार्यों पर केन्द्रित शासकीय विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों की शानदार झांकी प्रदर्शनी भी देखने का मौका मिलेगा। गणतंत्र दिवस समारोह आयोजन की तमाम तैयारियां पूर्ण कर ली गई है।
समारोह स्थल पर आयोजित कार्यक्रमों के लिए जारी मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम के अनुसार सवेरे 8.59 बजे मुख्य अतिथि चौधरी का समारोह स्थल पर आगमन होगा। इसके बाद 9 बजे ध्वजारोहण, राष्ट्रगान एवं परेड कमाण्डर द्वारा राष्ट्रध्वज की सलामी, 9.03 बजे परेड का निरीक्षण, बैण्ड द्वारा मार्च धुन, 9.06 बजे हर्ष फायर, 9.13 बजे परेड द्वारा मार्च पास्ट, 9.18 बजे मुख्यमंत्री जी के संदेश का वाचन, 9.39 परेड निष्क्रमण की कार्यवाही, 9.48 बजे स्कूली बच्चों का सांस्कृतिक कार्यक्रम, 10.17 बजे विकास कार्यों पर आधारित झांकी प्रदर्शन, 10.47 बजे उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी एवं कर्मचारियों का सम्मान तथा 11 बजे कार्यक्रम का समापन होगा।
कृषि महाविद्यालय में मनाया गया 15वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस
उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी सम्मानित, दिलाई मतदाता शपथ
बिलासपुर। 15वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन द्वारा कोनी स्थित बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति अरूण दिवाकर नाथ वाजपेयी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि मत देने का अधिकार हमें कड़े संघर्ष के बाद मिला है। हमें अनिवार्य रूप से अपने मताधिकार का उपयोग करना चाहिए। मतदान लोकतंत्र का आधार है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर व्यक्ति को मतदान करना चाहिए। कार्यक्रम में नये वोटरों को ईपिक कार्ड दिए गए। मतदाता जागरूकता से संबंधित सांस्कृतिक कार्यक्रम और चुनाव में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईजी संजीव शुक्ला ने की।
कुलपति वाजपेयी ने सभी को मतदाता जागरूकता की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें हम सभी की सहभागिता शत-प्रतिशत सुनिश्चित होनी चाहिए। राष्ट्रीय मतदाता दिवस हमें अपने मतदान के अधिकार का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करने का अवसर प्रदान करता है। आईजी संजीव शुक्ला ने कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर हमें यह विचार करना चाहिए कि देश के लोकतंत्र को मजबूत बनाने में हम कैसे अपना योगदान दे सकते हैं। सभी व्यक्ति के मत का समान्य मूल्य है। शत-प्रतिशत मतदान सुनिश्चित हो, इसके लिए हम सभी को अपने मताधिकार का अनिवार्य रूप से प्रयोग करना चाहिए। मतदान को हमे अपना पुनीत कर्तव्य मानना चाहिए।
कलेक्टर अवनीश शरण ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस क्यों मनाया जाता है इस पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। हमें अपने मतदान के अधिकार का प्रयोग करने के लिए जागरूक होना चाहिए। युवा मतदाता हमारे लोकतंत्र के भविष्य के निर्माता है। उन्हें मतदान के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए।
एसपी रजनेश सिंह ने कहा कि मतदान हमारा अधिकार ही नहीं कर्तव्य भी है। एक-एक वोट से लोकतंत्र मजबूत बनता है। लोकतांत्रिक पद्धति को मजबूत बनाने के लिए युवाओं को आगे आना होगा। मतदाता जागरूकता कार्यक्रम से मतदान हेतु युवा वर्ग में जो जागरूकता आई है उससे न केवल परिवार जागरूक होगा अपितु समाज भी जागरूक होगा।
मतदाता जागरूकता की शपथ
कुलपति वाजपेयी ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों एवं युवा मतदाताओं को देश की लोकतांत्रिक परंपरा बनाए रखने और निर्भिक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करने की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में चुनाव के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।
नये मतदाताओं को ईपिक कार्ड
कार्यक्रम में नये युवा मतदाताओं को ईपिक कार्ड दिया गया। मतदाता जागरूक्ता से संबंधित गानों, नुक्कड़ नाटक और नृत्य की शानदार प्रस्तुति विभिन्न कॉलेज के युवाओं द्वारा दी गई।
इस अवसर पर नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार, सीईओ जिला पंचायत संदीप अग्रवाल, एडीशनल एसपी श्रीमती अर्चना झा, राजेन्द्र जायसवाल, उप जिला निर्वाचन अधिकारी शिव कुमार बनर्जी, कृषि महाविद्यालय के डीन एन. के. चौरे सहित अधिकारी-कर्मचारी और कॉलेज के विद्यार्थी मौजूद थे।
हाईकोर्ट ने जमानत व लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए जारी की गाइडलाइन
बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल (ज्यूडिशियल) ने जमानत आवेदनों और लंबित मामलों के निपटारे को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार, जमानत आवेदनों पर संबंधित न्यायालयों को एक सप्ताह के भीतर निर्णय लेना होगा। साथ ही सत्र और मजिस्ट्रेट स्तर के विचाराधीन मामलों को क्रमशः दो साल और छह महीने में निपटाने की समय-सीमा निर्धारित की गई है।
प्रदेश के सत्र व जिला न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के शीघ्र सुनवाई को लेकर आरजी ज्यूडिशियल ने जरुरी गाइड लाइन जारी कर दिया है। जारी आदेश पर नजर डालें तो आरजी ज्यूडिशियल ने लिखा है कि छत्तीसगढ़ राज्य के जिला एवं अधीनस्थ न्यायालयों में पुराने लंबित मामलों, विचाराधीन मामलों, जमानत मामलों, अंतरिम आदेश पारित किए गए मामलों और विशेष श्रेणी के मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए कुछ इस तरह का उपाय किया जाना है। जिस पर अमला करना अनिवार्य किया गया है।
गाइड लाइन
पुराने लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए कट-ऑफ तिथियों के साथ जारी सभी पिछले निर्देशों का पालन करते हुए, छत्तीसगढ़ राज्य के जिला और अधीनस्थ न्यायालयों को संबंधित जिलों के लिए निर्धारित 30.04.2018 और 30.06.2018 तक 10 साल से अधिक पुराने लंबित मामलों के निपटारे के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपनी विशिष्ट योजना बनानी है,
इसी तरह, संबंधित जिलों के लिए निर्धारित 30.09.2018 और 30.11.208 तक 05 से 10 साल के बीच लंबित मामलों के निपटारे के लक्ष्य को प्राप्त करना है। इसके अलावा, जमानत आवेदनों पर एक सप्ताह के भीतर फैसला किया जाना है, और सत्र विचाराधीन मामलों और मजिस्ट्रेट विचाराधीन मामलों को क्रमशः दो साल और छह महीने के भीतर निपटाया जाना है।
सभी जिला एवं अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा 10 वर्ष से अधिक अवधि से लंबित, 05 से 10 वर्ष की अवधि के बीच लंबित, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत आने वाले मामले, विचाराधीन मामले, जमानत मामले, ऐसे मामले जिनमें अंतरिम आदेश पारित हो चुके हैं तथा महिलाओं, बच्चों, दिव्यांग व्यक्तियों, वरिष्ठ नागरिकों एवं समाज के वंचित वर्गों के विरुद्ध अपराध से संबंधित मामलों की सूची तैयार की जाए। इस सूची की प्रत्येक पीठासीन अधिकारी द्वारा हर माह समीक्षा की जाए, इन मामलों के निपटान की प्रगति का आकलन किया जाए तथा यदि कोई बाधा हो तो उसे दूर करने के लिए आगे की रणनीति बनाई जाए।
प्रत्येक पीठासीन अधिकारी को पुराने लंबित मामलों के प्रकारों की पहचान करनी है (चाहे वह मुख्य मामला हो, विविध न्यायिक मामला हो, निष्पादन मामला हो, आदि) तथा उसे ऐसे प्रत्येक पुराने लंबित मामले में देरी का सही कारण पता लगाना है।
सभी पुराने लंबित मामलों में आदेश पत्र पीठासीन अधिकारियों द्वारा स्वयं दर्ज किए जाएंगे।
जहां भी संभव हो, जटिल मामलों को वरिष्ठ एवं अधिक अनुभवी न्यायिक अधिकारियों को सौंपा जा सकता है।
जिन मामलों में उच्च न्यायालय या अन्य अपीलीय या पुनरीक्षण न्यायालय द्वारा कार्यवाही स्थगित कर दी गई है, उनमें कार्यवाही को नियमित रूप से लंबी तारीख देकर स्थगित नहीं किया जाएगा, बल्कि प्रत्येक तारीख को पीठासीन अधिकारी मामले की कार्यवाही की स्थिति की जांच करेगा। यह आसानी से ऑनलाइन किया जा सकता है।
कार्य योजना (ज्ञापन संख्या 5671/डी एंड ए/2017, दिनांक 05 जुलाई, 2017 द्वारा भेजा गया) और विशेष श्रेणी के मामलों (ज्ञापन संख्या 5672/डी एंड ए/2017, दिनांक 05 जुलाई, 2017 द्वारा भेजा गया) में दर्शाए गए सभी प्रकार के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाना है, निकटतम संभावित सुनवाई की तारीख निर्धारित की जानी है और अपर्याप्त और तुच्छ आधारों पर मांगे गए सभी स्थगन से बचना है।
पीठासीन अधिकारियों को पार्टियों की विलंबकारी चालों से चतुराई से निपटना होगा।
पुराने लंबित आपराधिक मामलों में जारी किए गए सभी समन/वारंट के शीर्ष पर "अत्यावश्यक पुराना लंबित मामला" लिखा जाए। समन/वारंट की तामील के लिए जिम्मेदार एजेंसी के उच्च स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया जाए कि वे ऐसे समन/वारंट की तामील को गंभीरता से लें।
जिला न्यायाधीशों और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेटों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में पुराने लंबित मामलों का तर्कसंगत न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित करना है। यह तर्कसंगत न्यायसंगत वितरण केवल पुराने मामलों का समान वितरण नहीं होना चाहिए, बल्कि मामलों की अवस्था और प्रकृति को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। मामलों के तर्कसंगत न्यायसंगत वितरण के लिए अभ्यास की रिपोर्ट उच्च न्यायालय को भेजी जानी चाहिए।
जिला न्यायाधीशों/मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेटों को जिला मुख्यालय पर तैनात न्यायिक अधिकारियों के साथ महीने में कम से कम एक बार बैठक करनी होगी, ताकि न्यायिक प्रक्रिया से संबंधित सभी मुद्दों और चुनौतियों पर चर्चा की जा सके।
पोर्टफोलियों जज को देनी होगी जानकारी
पुराने लंबित मामलों और अन्य प्राथमिकता वाले मामलों और आवेदनों का शीघ्र निपटारा किया जाना है। बैठकों का विवरण तैयार करना होगा और संबंधित जिलों के पोर्टफोलियो न्यायाधीशों या विलंब और बकाया मामलों के लिए समिति के अध्यक्ष के समक्ष अवलोकन के लिए रखना होगा।
आरजी ज्यूडिशियल ने दी ये हिदायत
अपने आदेश में कहा हैकि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि त्वरित निपटान से वादकारी पक्षों के साथ अन्याय न हो तथा किसी भी स्थिति में गुणवत्ता से समझौता न किया जाए।
जहां कहीं भी ऐसे प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारी हैं, जिन्हें अभी तक बोर्ड नहीं सौंपा गया है, उन्हें प्रशिक्षण के एक भाग के रूप में सहायता के लिए अधिक लंबित मामलों वाले न्यायालयों से संबद्ध किया जा सकता है।
अचानकमार टाइगर रिजर्व में बाघिन की संदिग्ध मौत, जांच जारी
बिलासपुर । अचानकमार टाइगर रिजर्व के लमनी रेंज में एक बाघिन की मौत हो गई है। मृत बाघिन का शव चिरहट्टा इलाके में मिला है। हालांकि, मौत के कारणों की पुष्टि अभी नहीं हो पाई है, लेकिन शुरुआती जांच में बाघों के बीच आपसी संघर्ष के चलते मौत होने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल वन विभाग की टीम इस मामले की जांच कर रही है।
बाघिन की पहचान AKT-13 के रूप में हुई
मृत बाघिन की पहचान AKT-13 के रूप में की गई है। जानकारी के अनुसार, बाघिन की उम्र लगभग चार साल थी। बताया गया है कि बाघिन लमनी क्षेत्र में ही रहती थी और उसने कभी इस इलाके से बाहर कदम नहीं रखा।
घटना पर प्रबंधन की अनदेखी
घटना की चौंकाने वाली बात यह है कि बाघिन की मौत के दो दिन बाद तक ATR प्रबंधन को इसकी भनक तक नहीं लगी। गुरुवार को सर्चिंग के दौरान स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स की टीम ने बाघिन का शव देखा।
मौत का कारण पोस्टमॉर्टम के बाद स्पष्ट होगा
ATR प्रबंधन का दावा है कि बाघों के आपसी संघर्ष के चलते बाघिन की मौत हुई है। हालांकि, मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। वन विभाग इस मामले में पूरी सतर्कता के साथ जांच कर रहा है।
यह घटना वन्यजीव संरक्षण और प्रबंधन में सुधार की आवश्यकता को रेखांकित करती है। बाघ जैसे संरक्षित प्रजातियों की सुरक्षा के लिए बेहतर निगरानी और सक्रिय कदम उठाने की जरूरत है।
अस्पतालों की बुनियादी सुविधाओं के निर्माण में विलंब से कलेक्टर नाराज
तेजी से कार्य पूर्ण करने एजेंसियों को दी चेतावनी
बिलासपुर । कलेक्टर अवनीश शरण ने अधिकारियों की बैठक लेकर स्वास्थ्य विभाग के कामकाज की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेक्टर की मजबूती के लिए गत 1 वर्ष में डीएमएफ सहित अन्य मद से 30 करोड़ के लगभग कार्य मंजूर किए गए हैं। लेकिन इन कार्यों की प्रगति अत्यंत धीमा है। मरीजों और जनहित के कामों में ढिलाई और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी कार्य एजेंसियों को तेज गति से काम करने की चेतावनी दी है। बैठक में निगम आयुक्त अमितकुमार, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, सीएमएचओ डॉक्टर प्रमोद तिवारी उपस्थित थे।
कलेक्टर अवनीश शरण ने आज अपने कक्ष में स्वास्थ्य विभाग की कार्य एजेंसी अफसरों, पीएचई, पीडब्ल्यूडी और निर्माण एजेंसियों की बैठक ली। उन्होंने डीएमएफ के तहत स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन के लिए स्वीकृत किए गए कार्यों की सिलसिलेवार समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर ने स्वास्थ्य केंद्रों में नलकूप खनन और पेयजल आपूर्ति के विषय में पीएचई के जिम्मेदार अधिकारी से जानकारी ली, स्पष्ट जवाब न मिलने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराज़गी जाहिर की और अधूरे कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। जिला अस्पताल और सिम्स के लिए स्वीकृत कार्यों की जानकारी ली और अधूरे कार्यों को समय सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
पीडब्ल्यूडी द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए अनुमोदित कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश देते हुए कलेक्टर ने अफसरों की लापरवाही और लेटलतीफी पर कड़ी आपत्ति जताई। कलेक्टर ने स्वास्थ्य केंद्रों में सोलर पैनल के विषय में क्रेडा प्रभारी से जानकारी ली, डीएमएफ के तहत 15 स्वास्थ्य केंद्रों में सौर संयंत्र की स्थापना की जा रही है,जिनमें से 10 केंद्रों में सोलर पैनल की स्थापना की जा चुकी है, जिस पर कलेक्टर ने संतोष जाहिर किया। कलेक्टर अवनीश शरण ने कहा कि स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के उन्नयन की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं जिसके बेहतर क्रियान्वयन के लिए ये जरूरी है कि जिम्मेदार अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी से करें।
उल्लेखनीय है कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए डीएमएफ के तहत बिल्हा, बेलगहना, आमागोहन, कुरदर, सीपत, खोनंदरा, पिपरतराई, सिम्स, जिला चिकित्सालय सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में अधोसंरचना विकास के साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है जिनमें, सिम्स में गैस पाइपलाइन, रैंप निर्माण, डिजी सेट स्थापना, जिला चिकित्सालय में परिजन शेड, बर्न यूनिट, नेफ्रोलॉजी विभाग नवीनीकरण, विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में परिवर्तन, परिवर्धन एवं एनक्यूएएस कार्यक्रम के लिए उन्नयन कार्य, पेयजल आपूर्ति सहित केंद्रों में मरम्मत, रेनोवेशन सहित विभिन्न कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
गणतंत्र दिवस समारोह का अंतिम फुल ड्रेस रिहर्सल
वित्त मंत्री ओपी चौधरी होंगे मुख्य अतिथि
बिलासपुर । गणतंत्र दिवस समारोह का अंतिम फुल ड्रेस रिहर्सल पुलिस परेड मैदान में सवेरे संपन्न हुआ। सब कुछ ठीक उसी तरह व उसी क्रम से हुआ जैसे कि 26 जनवरी को इस स्थल पर होना है। कलेक्टर अवनीश शरण और एसपी रजनेश सिंह की मौजूदगी और निर्देशन में रिहर्सल किया गया। कार्यक्रम की गरिमा के अनुरूप बेहतरीन आयोजन के लिए कलेक्टर ने महत्वपूर्ण टिप्स दिए।
जिला स्तरीय समारोह इसी पुलिस परेड मैदान में होगा। राज्य सरकार के वित्त मंत्री ओपी चौधरी समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। समारोह सवेरे 9 बजे से लेकर 11.30 बजे तक विविध कार्यक्रम होंगे। रिहर्सल में अपर कलेक्टर आर ए कुरूवंशी मुख्य अतिथि की भूमिका में थे। स्कूली बच्चों ने इस अवसर पर देशभक्ति पूर्ण सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। इस बार 8 स्कूलों की टीमों को प्रस्तुति के लिए चयन किया गया है। आकर्षक मार्च पास्ट किया गया।
तेरह टुकड़ियों ने शानदार मार्च पास्ट कर अनुशासन का परिचय दिया। समारोह में छत्तीसगढ़ के विकास की झलक दिखाती विभागीय झांकी भी लोगों को देखने को मिलेगी। बेहतर कार्य करने वाले अधिकारी कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा। मुख्य अतिथि द्वारा नक्सल हिंसा में शहीद के परिवारों से मुलाकात कर उनके प्रति आदर और श्रद्धा व्यक्त करेंगे। मुख्य समारोह का संचालन हमेशा की तरह व्याख्याता द्वय सौरभ सक्सेना और मुकुल शर्मा करेंगे। अंतिम रिहर्सल को देखने बड़ी संख्या में शहर के नागरिक, छात्र - छात्राएं, अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
संभागायुक्त व कलेक्टर ने मतदाता दिवस पर दिलाई शपथ
बिलासपुर। संभागायुक्त महादेव कावरे एवं कलेक्टर अवनीश शरण ने अधिकारियों-कर्मचारियों को एक मतदाता के रूप में सजगता एवं निष्पक्षता के साथ अपने मताधिकार का उपयोग करने की शपथ दिलाई। राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर 25 जनवरी को अवकाश की वजह से चुनाव आयोग के निर्देशानुसार शपथ का कार्यक्रम आज आयोजित किया गया। कमिश्नर महादेव कावरे ने अपने कार्यालय में तथा कलेक्टर अवनीश शरण ने जिला कार्यालय परिसर में सवेरे 11 बजे सभी अधिकारी-कर्मचारियों को थपथ दिलाई। सभी ने यह शपथ ली कि लोकतंत्र में हम अपनी पूर्ण आस्था रखते हैं।
हम अपने देश की लोकतांत्रिक परम्पराओं की मर्यादा को बनाए रखेंगे। स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन की गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुए निर्भिक होकर बिना किसी भेद-भाव अथवा प्रलोभन में आये अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। उप जिला निर्वाचन अधिकारी शिवकुमार बनर्जी ने बताया कि 25 जनवरी को कोनी स्थित कृषि महाविद्यालय ऑडिटोरियम में सवेरे 10 बजे मतदाता दिवस समारोह मनाया जायेगा। इस अवसर पर बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारियो को प्रशस्ति पत्र भेंट किया जायेगा। इसी तरह जिले के सभी कार्यालयों में राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शपथ दिलाई गई।
70 लाख रुपए के 2238 क्विंटल धान के रकबे का किया समर्पण
बिलासपुर । धान खरीदी के सत्यापन के लिए बनी संयुक्त टीम ने आज फिर बड़ी कार्रवाई की। टीम ने लगभग 70 लाख रुपए के 2238 क्विंटल धान के रकबे का समर्पण किया। कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर संयुक्त टीम की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। राज्य सरकार ने 31 जनवरी तक धान खरीदी की अंतिम समय सीमा निर्धारित की है।
खाद्य नियंत्रक अनुराग भदौरिया ने बताया कि तहसील कोटा स्थित धान उपार्जन केन्द्र चपोरा का निरीक्षण नायब तहसीलदार द्वारा किया गया । मौके पर उपस्थित कृषकों के पास उपलब्ध धान के भौतिक सत्यापन उपरांत 610 क्विंटल धान रकबा समर्पण कराया गया। उपार्जन केन्द्र रतनपुर में आज 23 किसानों से कुल 610 क्विंटल धान का रकबा समर्पण कराया गया। तहसील कोटा स्थित धान उपार्जन केन्द्र रानीगांव का निरीक्षण नायब तहसीलदार द्वारा किया गया एवं धान उपार्जन केन्द्र रानीगांव में आज जारी 08 टोकन में से 03 किसान अनुपस्थित थे। जिनसे कुल 190 क्विंटल धान का रकबा समर्पण कराया गया।
तहसील पचपेड़ी स्थित धान उपार्जन केन्द्र जोधरा का निरीक्षण नायब तहसीलदार द्वारा किया गया एवं मौके पर उपस्थित कृषकों के पास उपलब्ध धान के भौतिक सत्यापन उपरांत 07 कृषकों से 350 क्विंटल धान रकबा 6.2 एकड़ का रकबा समर्पण कराया गया। धान उपार्जन केन्द्र सोन के निरीक्षण के दौरान 3.11 हेक्टेयर (162 क्विंटल धान) का रकबा समर्पण कराया गया एवं धान उपार्जन केन्द्र चिल्हाटी के निरीक्षण के दौरान 1.056 हेक्टेयर (54 क्विंटल धान) का रकबा समर्पण कराया गया। तहसील तखतपुर स्थित धान उपार्जन केन्द्र जुनापारा में तहसीलदार द्वारा निरीक्षण के दौरान 108 क्विंटल धान का रकबा समर्पण कराया गया। धान उपार्जन केन्द्र टिकारी में नायब तहसीलदार द्वारा निरीक्षण के दौरान कुल 03 कृषकों से 154.40 क्विंटल धान का रकबा समर्पण कराया गया।
पं जवाहर लाल नेहरू उत्कर्ष विद्यार्थी योजना के तहत आवेदन 14 फरवरी तक
बिलासपुर। पं. जवाहर लाल नेहरू उत्कर्ष विद्यार्थी योजना के अन्तर्गत अनुसूचित जाति,जनजाति वर्ग के ग्रामीण प्रतिभावान छात्र, छात्राओं को वर्ष 2025-26 में राज्य के उत्कृष्ट निजी विद्यालयों में कक्षा छठवीं में प्रवेश के लिए 23 मार्च 2025 रविवार दोपहर 12.00 से 2.00 बजे तक लिखित परीक्षा आयोजित की जावेगी।
छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के स्थाई जाति प्रमाण-पत्र धारक ऐसे प्रतिभावान छात्र, छात्राएं जो छ०ग० में संचालित किसी मान्यता प्राप्त शाला में कक्षा पांचवीं में नियमित अध्ययनरत् हो व जिन्होंने कक्षा चौथी की परीक्षा में अस्सी प्रतिशत से अधिक अंक या समकक्ष ग्रेड प्राप्त किया हो। जिनके पालक की समस्त स्रोतों से वार्षिक आय रू. 2.50 लाख, दो लाख पचास हजार से अधिक न हो जो ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, नगर पंचायत क्षेत्र के विद्यालयों में अध्ययरत हो, ऐसे विद्यार्थी ही इस योजना के तहत आवेदन कर सकेगें। प्रवेश के लिए जिला स्तर, विकास खण्ड स्तर पर निर्धारित परीक्षा केन्द्रों में लिखित परीक्षा 23 मार्च 2025 (रविवार) को दोपहर 12.00 से 2.00 बजे तक आयोजित की जावेगी।
राज्य के अंतर्गत छात्र, छात्राएं जिस जिले के मूल निवासी हो (सक्षम प्राधिकारी के हस्ताक्षर से जारी निवास प्रमाण-पत्र के आधार पर) उन्हें उसी जिले में आवेदन करने की पात्रता होगी। मूल निवास जिले से भिन्न जिले में किये गये आवेदन मान्य नहीं होंगे।
आवेदन-पत्र का प्रारूप एवं नियमावली की जानकारी संबंधित विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। विद्यार्थी द्वारा अध्ययनरत् शाला में आवेदन-पत्र जमा किया जाना है, जिसकी अंतिम तिथि दिनांक 14 फरवरी 2025 शाम पांच बजे तक निर्धारित है।
योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी विभाग के वेबसाईट www.tribal.cg.gov.in पर उपलब्ध है।
बिलासपुर जिले में धारा-163 प्रभावशील
जिला दण्डाधिकारी ने जारी किये आदेश
बिलासपुर । छत्तीसगढ़ निर्वाचन आयोग द्वारा नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए कार्यक्रम जारी करने के साथ ही आदर्श आचार संहिता प्रभावशील हो गई है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अवनीश शरण द्वारा जारी आदेशानुसार जिले में लोक परिशांति बनाए रखने एवं निर्वाचन प्रक्रिया एवं मतदान निर्विघ्न, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने अन्य उपायों के साथ साथ प्रतिबंधात्मक उपाय आवश्यक है।
उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित प्रतिबंधात्मक निषेधाज्ञा जारी किया हैः- बिलासपुर जिले के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार का घातक अस्त्र-शस्त्र यथा बंदूक, रायफल, पिस्टल, रिवाल्वर, भाला, बल्लम, बरछा, लाठी एवं अन्य प्रकार के घातक हथियार तथा विस्फोटक सामग्री को किसी भी सार्वजनिक स्थान आम सड़क, रास्ता, सार्वजनिक सभाएँ एवं अन्य स्थानों पर लेकर नहीं चलेगा। कोई भी राजनैतिक दल या अभ्यर्थी सशस्त्र जुलूस नहीं निकालेगा और न ही आपत्तिजनक नारे लगायेगा और न ही आपत्तिजनक पोस्टर वितरित करेगा।
यह आदेश उन शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा जिन्हें अपने कार्य के सम्पादन के लिये लाठी या शस्त्र रखना आवश्यक है। यह आदेश उन शासकीय कर्मचारियों पर भी लागू नहीं होगा जिन्हें चुनाव, मतदान के दौरान कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये पुलिस अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश उन व्यक्तियों पर भी लागू नहीं होगा जिन्हें शारीरिक दुर्बलता, वृद्धावस्था तथा लंगडापन होने के कारण लाठी रखना आवश्यक है।
इस आदेश का उल्लंघन करने वाला व्यक्ति अथवा दल भारतीय दण्ड विधान की धारा-188 के अंतर्गत दण्डनीय होगा। प्रकरण के तथ्यों एवं परिस्थितियों को देखते हुए इस आदेश के संबंध में संबंधितों को सूचना पत्र जारी कर सुनवाई, सम्यक रूप से संभव नहीं है। अतः यह आदेश एकपक्षीय पारित किया जाता है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से निर्वाचन प्रक्रिया समाप्ति तक संपूर्ण बिलासपुर जिले में प्रभावशील रहेगा।
रैली, सभा एवं प्रचार वाहनों की अनुमति के लिए राजस्व अधिकारी अधिकृत
बिलासपुर । नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अंतर्गत रैली, सभा एवं प्रचार वाहनों की अनुमति के लिए जिला कार्यालय में पदस्थ राजस्व अधिकारियों को अधिकृत किया गया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अवनीश शरण ने इस आशय के आदेश जारी किए है। जारी आदेश के अनुसार छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 के प्रावधानों के अनुपालन में चुनाव प्रचार सभाओं एवं प्रचार वाहनों में लाउडस्पीकरों के उपयोग, चुनाव सभाओं के आयोजन, जुलूस, रैली, रोड शो आदि निकालने, वाहनों की अनुमति देने जिला मुख्यालय की नगर पालिका क्षेत्र हेतु अनुविभागीय दण्डाधिकारी, अनुविभागीय मुख्यालयों की नगर पालिका क्षेत्र हेतु संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी, तहसील मुख्यालयों की नगर पालिका क्षेत्र हेतु तहसीलदार एवं कार्यपालिका दण्डाधिकारी एवं उप तहसील मुख्यालयों की नगर पालिका क्षेत्र हेतु अतिरिक्त तहसीदार, नायब तहसीदार एवं कार्यपालिका दण्डाधिकारी को अधिकृत किया गया है।