छत्तीसगढ़ / दंतेवाड़ा
पूर्व पंचायत सचिव को लंबित वसूली प्रकरण के अंतर्गत न्यायालय अनुविभागीय दण्डाधिकारी कार्यालय में उपस्थित होने के दिए निर्देश
17 दिसंबर तक उपस्थित होगा पूर्व पंचायत सचिव
दंतेवाड़ा, 12 दिसंबर 2025
कार्यालय उप संचालक पंचायत द्वारा जारी विज्ञप्ति अनुसार पंचायत निधि की राशि वसूली हेतु श्री मदन सिंह ठाकुर भूतपूर्व सचिव जंगमपाल जनपद पंचायत कटेकल्याण के द्वारा ग्राम पंचायत जंगमपाल में पंचायत कोष की राशि वर्ष 1996-97 में कुल बकाया राशि 45490.00 जमा राशि नहीं किये जाने से वसूली प्रकरण न्यायालय अनुविभागीय दण्डाधिकारी दंतेवाड़ा में लंबित है। अतः इस संबंध में श्री मदन सिंह ठाकुर भूतपूर्व सचिव जंगम पाल जनपद पंचायत कटेकल्याण को 17 दिसंबर 2025 प्रातः 11 बजे या इसके पूर्व न्यायालय अनुविभागीय दण्डाधिकारी दंतेवाड़ा में उपस्थित होने के आदेश दिए गए है।
विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 : रोल ऑब्जर्वर द्वारा तहसील कुआकोंडा के मतदान केन्द्रों का किया गया निरीक्षण
जनपद पंचायत में ली गई बैठक
दंतेवाड़ा, 12 दिसंबर 2025
विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत कार्यालय मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ द्वारा नियुक्त सचिव ग्रामोद्योग विभाग एवं रोल ऑब्जर्वर श्री श्यामलाल धावड़े द्वारा विगत दिवस तहसील कुआकोंडा के अंतर्गत मतदान केंद्र क्रमांक 218 नकुलनार एवं मतदान केन्द्र क्रमांक 262 फुलपाड़-2 का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं एवं रिकॉर्ड की स्थिति की जांच करते हुए बीएलओ को आवश्यक निर्देश दिया। इसके साथ ही उनके द्वारा जनपद पंचायत दंतेवाड़ा में समीक्षा बैठक भी ली गई।
बैठक में तहसील दंतेवाड़ा के समस्त बीएलओ एवं सुपरवाइजरों को निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण हेतु स्पष्ट निर्देश देते हुए उनके द्वारा कहा कि सभी बीएलओ को ऐप के माध्यम से ट्रैकिंग कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा पुनरीक्षण प्रक्रिया को समयावधि में पूर्ण करे। इससे निर्वाचन कार्य की पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित होगी। बैठक में अनुविभागीय अधिकारी (रा.) श्री लोकांश एल्मा, तहसीलदार श्री परमानंद बंजारे तथा नायब तहसीलदार श्री भदूराम धनकर उपस्थित रहे।
खनिज एवं जिला व्यापार उद्योग केन्द्र की हुई समीक्षा बैठक
अवैध रेत उत्खनन पर त्वरित कार्यवाही कराना सुनिश्चित करें
स्थानीय समुदायों को विभिन्न व्यवसायों में भागीदारी बढ़ाने के लिए लंबित प्रकरणों का निराकरण किया जाना जरूरी-कलेक्टर
दंतेवाड़ा, 12 दिसंबर 2025
जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आज कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के द्वारा खनिज विभाग एवं जिला व्यापार उद्योग केन्द्र की समीक्षा बैठक ली गई। बैठक में सर्वप्रथम कलेक्टर ने जिला उद्योग केन्द्र के विभागीय योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना अंतर्गत बैंक शाखाओं द्वारा स्वीकृत, वितरित,लंबित प्रकरणों की जानकारी लेते हुए कहा कि स्थानीय ग्रामीण समुदाय के रुझान अनुरूप उन्हें विभिन्न व्यवसायों में जोड़ने के लिए उनके बैंक प्रेषित लोन प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कराने के लिए विभाग अतिरिक्त प्रयास करें। अगर इसमें किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या आ रही है तो संबंधित बैंकों और आवेदकों की सम्मिलित बैठक का आयोजन कर दिक्कतों को दूर करें। इसके अलावा उद्योग विभाग अंदरूनी ग्रामीण क्षेत्रों में हितग्राहियों का कलस्टर आधारित विभिन्न व्यवसायों जैसे फोटोकापी, सैलून, किराना,च्वाईस सेंटर, के प्रकरण स्वीकृत कर व्यवसायीकृत उचित माहौल तैयार करने को प्राथमिकता देवें।
साथ ही उन्होंने ग्राम पंचायतों में उद्योग आधारित षिविर लगाकर ग्रामीणों को व्यवसाय संबंधी जानकारी देने के साथ-साथ प्रकरण बनाने को भी कहा। ताकि निर्धारित लक्ष्यों को समय अवधि में पूरा किया जा सके। इस क्रम में कलेक्टर द्वारा खनिज शाखा संबंधित खनिज राजस्व लक्ष्य, रेत खदानों हेतु टेंडर, गौंण खनिज के परिवहन की समीक्षा करते हुए कहा कि हर हाल में अवैध रेत खनन पर रोक लगाई जाये। और इसमें विभाग द्वारा त्वरित कार्यवाही अपेक्षित है। बैठक में जिला खनिज अधिकारी श्री छबिलेश्वर मौर्य, महाप्रबंधक उद्योग श्री मितवा बड़ा एवं अन्य विभागीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत जिले में बनाये जायेगें ‘सोलर मॉडल विलेज’
जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा शुरू हुई चयन प्रक्रिया, 10 सर्वाधिक आबादी वाले ग्रामों में चलेगी प्रतिस्पर्धा
सौर संयंत्र स्थापना, जन जागरूकता, सामुदायिक भागीदारी और नवाचार पर तय होगा मॉडल विलेज का चयन
दंतेवाड़ा, 11 दिसंबर 2025
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत दंतेवाड़ा जिले में एक ग्राम को पूर्णतः सौर ऊर्जा आधारित सोलर मॉडल विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। इस दिशा में कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में जिला स्तरीय चयन समिति ने औपचारिक रूप से चयन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। भारत सरकार द्वारा जारी अद्यतन दिशा-निर्देशों के अनुसार अब नवीन जनगणना के आधार पर ऐसे राजस्व ग्रामों का चयन किया जाना आवश्यक है जिनकी आबादी 5,000 से अधिक हो। जबकि नवीनतम जनगणना अनुसार जिले में 5,000 से अधिक आबादी वाले ग्रामों की संख्या 10 से कम होने के कारण जिला स्तरीय समिति द्वारा जिले के प्रथम 10 सर्वाधिक आबादी वाले ग्रामों के मध्य प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया आयोजित की जा रही है। इस प्रक्रिया के आधार पर ही अंतिम मॉडल सोलर विलेज का चयन किया जाएगा। दंतेवाड़ा जिले में केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार जिले में प्रतियोगिता के लिए चयनित 10 ग्रामों में ग्राम कारली, बालूद, टिकनपाल, कुआकोंडा, ग्राम गड़मिरी, मेटापाल, गुडसे, दुगेली, बड़े बचेली और कासोली शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार को गति देने के लिए जिलों को निरंतर कार्य करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के हर घर सौर ऊर्जा लक्ष्य को धरातल पर साकार किया जा सके। इन्हीं ग्रामों में से एक ग्राम जिले का पहला सोलर मॉडल विलेज बनेगा।
‘सोलर मॉडल विलेज’ हेतु जिले के सभी विकासखंड से ग्रामों का चयन किया गया है। इन ग्रामों में अब माह फरवरी 2026 तक सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने, जन जागरूकता अभियान चलाने, घरेलू एवं सामुदायिक सौर संयंत्रों की स्थापना, तथा योजनाओं के लिए ग्रामीणों द्वारा किए जाने वाले आवेदनों की सतत समीक्षा की जाएगी। इस प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक चयनित ग्राम में आदर्श ग्राम समिति गठित की जा रही है, जिसमें सरपंच, सचिव, जनप्रतिनिधि, शिक्षक, डॉक्टर तथा ग्राम अंतर्गत शासकीय अधिकारी कर्मचारी सदस्य के रूप में शामिल हो सकते हैं। यह समिति डोर-टू-डोर संपर्क कर ग्रामीणों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। साथ ही पी.एम. कुसुम योजना, जल जीवन मिशन के सोलर डुअल पंप, सौर सुजला योजना, पी.एम. सूर्य घर योजना, सोलर हाईमास्ट, सोलर स्ट्रीट लाइट तथा अन्य नवीकरणीय ऊर्जा आधारित व्यवस्थाओं की जानकारी भी प्रदान करेगी।
इस संबंध में क्रेडा के सहायक अभियंता श्री रविकांत भारद्वाज ने बताया कि दिशा-निर्देशों के अनुसार जिस ग्राम में सरकारी अथवा गैर-सरकारी माध्यमों से सर्वाधिक सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित होगी, उसे मॉडल सोलर विलेज के रूप में प्राथमिकता दी जाएगी। इसी को प्रतिस्पर्धा हेतु सूचीबद्ध किया गया है। इन ग्रामों में सौर ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने और मूल्यांकन के लिए 28 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है। इस प्रतियोगिता के दौरान प्रत्येक ग्राम अपनी जरूरतों के अनुसार सामुदायिक सौर संयंत्रों के प्रस्ताव तैयार कर जिला स्तर पर प्रस्तुत भी कर सकेगा। निर्धारित अवधि पूर्ण होने पर जिला स्तरीय समिति द्वारा सभी ग्रामों का मूल्यांकन किया जाएगा। यह मूल्यांकन ग्राम में स्थापित सौर संयंत्रों की संख्या, योजनाओं के लिए किए गए आवेदनों, प्रेषित प्रस्ताव, सामुदायिक सहभागिता, उपलब्ध ऊर्जा सुविधाओं और सौर संसाधनों के उपयोग की आधारशिला पर होगा। इसी मूल्यांकन के आधार पर जिले के पहले सोलर मॉडल विलेज का चयन किया जाएगा और चयनित ग्राम के विकास हेतु 2 करोड़ रुपये की डी.पी.आर. तैयार कर 15 मार्च 2026 तक ऊर्जा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन को भेजा जाएगा। ताकि उस ग्राम को पूर्णतः सौर ऊर्जा आधारित आदर्श मॉडल ग्राम के रूप में विकसित किया जा सके। इस संबंध में क्रेडा विभाग द्वारा प्रतिस्पर्धा की प्रक्रिया जारी है और निर्धारित मानकों के आधार पर जिले के आदर्श सौर ग्राम का चयन समय सीमा में कर लिया जाएगा।
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने कुआकोंडा ब्लॉक के सघन भ्रमण में धान खरीदी केन्द्र का किया निरीक्षण
किसानों को सभी सहूलियत मुहैया करवाने के अधिकारियों को दिए निर्देश
दंतेवाड़ा, 11 दिसंबर 2025
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने बुधवार को दंतेवाड़ा जिले के कुआकोंडा विकासखण्ड का सघन भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने कुआकोंडा, पालनार एवं अरनपुर के धान खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण करते हुए तौल प्रक्रिया, इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटा, नमी मापक यंत्र, बारदाने की उपलब्धता तथा किसानों के लिए पेयजल एवं बैठने की व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी एवं सुचारू रूप से संचालित हो। साथ ही धान खरीदी की बढ़ती मात्रा को ध्यान में रखते हुए डनेज, तिरपाल तथा भंडारण व्यवस्था को मजबूत बनाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने यह भी कहा कि उपार्जन केन्द्र के आसपास उपलब्ध खाली स्थान को समतल कर साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि धान की ढेरी रखने में किसी तरह की समस्या न आए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वयं किसानों के धान का नमी मापक यंत्र से परीक्षण कर प्रक्रिया की पारदर्शिता और सटीकता का अवलोकन किया। इस मौके पर अधिकारियों ने जानकारी दी कि धान खरीदी केन्द्र कुआकोंडा में 1256 किसान पंजीकृत हैं, जिनमें से 68 किसानों ने अब तक धान बेचा है, जो 5.41 प्रतिशत है। पालनार में 763 पंजीकृत किसानों में से 13 किसानों द्वारा धान बेचा गया है, जिसका प्रतिशत 1.70 है, जबकि अरनपुर केन्द्र में 293 किसानों में से 1 किसान द्वारा धान विक्रय किया गया है, जो 34 प्रतिशत दर्शाता है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री दुदावत ने उपार्जन केंद्र में मौजूद किसानों से भी आत्मीयतापूर्वक बातचीत की। किसानों ने तौल प्रक्रिया, बारदाने की उपलब्धता और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में अपने सुझाव साझा किए। कलेक्टर ने किसानों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए यह आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन उनके हितों की सुरक्षा एवं खरीदी प्रक्रिया को निर्बाध बनाने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि किसानों के आने-जाने हेतु साफ-सफाई, पीने के पानी तथा त्वरित तौल की व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें लाइन में अधिक देर तक इंतजार न करना पड़े। अंत में कलेक्टर श्री दुदावत द्वारा पुलिस विभाग द्वारा स्थापित जांच नाका का भी अवलोकन किया गया, जहाँ उन्होंने बाहर से आने वाले धान की कड़ी निगरानी और सत्यापन की व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए, ताकि अवैध परिवहन और अनियमितताओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा, सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।
ब्लॉक कुआकोंडा के अंदरूनी ग्रामों के निर्माण कार्यों की हुई गहन जांच परख
गुणवत्ता को रखें सर्वोपरि, समय सीमा का हो अनिवार्य पालन-कलेक्टर
निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नकुलनार सहित छात्रावासों, प्रधानमंत्री आवास, रोड निर्माण कार्यो का हुआ स्थल परीक्षण
स्वास्थ्य केन्द्रों एवं आश्रम छात्रावासों का निर्माण स्थानीय जन समुदाय के लिए बेहद अहम, अतः निर्माण कार्य में अनावश्यक विलंबता अस्वीकार्य-कलेक्टर
दंतेवाड़ा, 11 दिसंबर 2025
आज कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत द्वारा कुआकोंडा ब्लॉक के अंदरूनी ग्राम पंचायतों जैसे अरनपुर, नहाड़ी, ककाड़ी गोंगपाल, समेली, पोटाली जैसे क्षेत्रों में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति का मैदानी जांच परख निरीक्षण किया गया। इस क्रम में कलेक्टर द्वारा सर्वप्रथम नकुलनार में निर्माणाधीन सीएससी सेंटर (लागत 3.96 करोड़ ) का निरीक्षण कर बन रहे मरीज वार्ड, मीटिंग हॉल, कक्षों के रंग रोगन, केटिन एवं पार्किंग व्यवस्था, शॉकपिट प्रसाधन के संबंध में सामग्रियों स्टीमेट शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश देते हुए कहा कि सीएससी सेंटर में सभी प्रकार की सामग्रियों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए और सभी कार्य तय सीमा तक अनिवार्य रूप से पूर्ण हो जाने चाहिए। यहां उन्होंने हाई मास्क लाइट तथा विद्युत व्यवस्था के लिए ट्रांसफार्मर लगाने के लिए भी अधिकारियों को दिए। साथ ही उनके द्वारा कुआकोंडा में बन रहे 50 सीटर पोस्ट मैट्रिक छात्रावास के कार्यो में भी त्वरित प्रगति लाने को कहा। इस क्रम में उनके द्वारा यहां बाढ़ शिविर राहत केन्द्र भवन का भी जायजा लेते हुए बचे हुए कामों को शीघ्र पूरा करने को कहा। इस संबंध में यहां जानकारी दी गई कि यहां एनआरएलएम सामुदायिक प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में प्रारंभ किया जाएगा।
गोंगपाल स्वामी आत्मानंद विद्यालय को हस्तांतरण कार्य में विलंब होने से कलेक्टर हुए ना खुश
इसके पश्चात कलेक्टर गोंगपाल में पूर्ण हो चुके स्वामी आत्मानंद विद्यालय का अब तक हस्तांतरण न किए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि 7 दिवस के अंदर भवन की साफ सफाई तथा अहाता तथा रंग रोगन कार्य को दुबारा किया जाकर संबंधित विभाग को हैंडओवर किया जाए। इस क्रम में उन्होंने पालनार में बन रहे प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों से आवासों को शीघ्र पूरा करने तथा किस्त प्रदाय की जानकारी ली और पालनार से फुलपाड़ जलप्रपात पहुंच मार्ग में 4 किलोमीटर मार्ग के लिए री टेंडर जारी करने के निर्देश लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दिए। साथ ही उनके द्वारा यहां हायर सेकेंडरी स्कूल में 100 सीटर कन्या छात्रावास निर्माण कार्य को शीघ्र प्रारंभ करने को भी कहा।
इसी प्रकार ग्राम समेंली के 100 सीटर छात्रावास निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश देते हुए कलेक्टर ने कहा कि हर हाल में जनवरी तक स्लैब कास्टिंग कार्य पूर्ण हो जाना चाहिए ताकि अगले शिक्षा सत्र तक क्षेत्र के विद्यार्थी यहां शिफ्ट हो सकें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि छात्रावासो का निर्माण स्थानीय छात्र-छात्राओं के भविष्य के लिए अहम स्थान रखता है। अतः छात्रावासों, आश्रमों के निर्माण में किसी भी प्रकार का विलंब किया जाना अस्वीकार्य है। इसके साथ ही उन्होंने कार्य में तेजी लाने के लिए कामगारों की संख्या बढ़ाने को भी कहा। यहां कलेक्टर ने निर्माणाधीन महतारी सदन भवन कार्य एवं ग्राम नहाड़ी मार्ग का भी अवलोकन करते हुए डामरीकरण के संबंध में अभियंता पीएमजीएसवाय को निर्देश दिए।
अरनपुर पीडीएस दुकान में ग्रामीणों से राशन सामग्रियों के नियमित प्रदाय की ली जानकारी,
शक्कर प्रदाय में अनियमितता, दुकान संचालक पर कार्यवाही करने के दिए सख्त निर्देश
कलेक्टर ने अपने निरीक्षण भ्रमण के दौरान अरनपुर पीडीएस दुकान में पहुंचकर वहां उपस्थित ग्रामीणों से राशन सामग्रियों के नियमित प्रदाय के संबंध में चर्चा किया। साथ ही उन्होंने अपने समक्ष ही राशन सामग्रियों के सही मात्रा में नाप-तौल प्रक्रिया को देखकर दुकान संचालक को निर्देश दिया कि निर्धारित मानक अनुसार प्रत्येक उपभोक्ताओं को राशन दिया जाना सुनिश्चित करें। इसमे किसी भी प्रकार की लापरवाही बरते जाने पर निश्चित ही कड़ी कार्यवाही की जायेगी। मौके पर ग्रामीणों से कलेक्टर से शक्कर नियमित रूप से न मिलने की बात कही, जिसके लिए कलेक्टर ने खाद्य अधिकारी को तत्काल जांच रिपोर्ट करने तथा जिम्मेदार कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही करने को कहा। इसके साथ ही कलेक्टर ने ग्राम माड़ेंदा के आयुष्मान आरोग्य मंदिर में जाकर दवाईयों की उपलब्धता तथा आने वाले मरीजो की जानकारी लेते हुए मलेरिया मुक्त अभियान के तहत किए जा रहे मलेरिया जांच की प्रगति की भी जानकारी ली। इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा, मुख्य अभियंता एसके ठाकुर, पीएमजेएसवाय श्री वैभव देवांगन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री खर्रे, खाद्य अधिकारी श्री कीर्ति कौशिक, जनपद सीईओ श्री मुना राम कश्यप,सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
दंतेवाड़ा एवं सुकमा जिले ने उल्लेखनीय प्रगति करते हुए कुल 11 स्वास्थ्य संस्थाओं का सफलतापूर्वक NQAS मूल्यांकन कराया गया
जिला मुख्यालय से 200 किलोमीटर दूर स्थित किस्टाराम उपस्वास्थ्य केंद्र भी शामिल, सीमित संसाधनों के बावजूद सेवा गुणवत्ता कायम
दंतेवाड़ा, 30 नवम्बर 2025
छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के अपने संकल्प को तेजी से जमीन पर उतार रही है। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के तहत हाल ही में राज्य के आकांक्षी जिले दंतेवाड़ा व सुकमा में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। पिछले पंद्रह दिनों में यहां कुल 11 स्वास्थ्य संस्थानों का सफलतापूर्वक मूल्यांकन पूरा हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के तकनीकी सहयोग से इन जिलों में सफलतापूर्वक मूल्यांकन किया गया है.
विदित हो कि सुकमा जिले के 4 और दंतेवाड़ा जिले के 7 संस्थान इस मूल्यांकन में शामिल रहे। सुकमा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बुरड़ी, उप स्वास्थ्य केंद्र कंजिपानी (छिंदगढ़), किस्टाराम व गगनपल्ली (कोंटा) तथा दंतेवाड़ा में उप स्वास्थ्य केंद्र बड़े बचेली, बड़े कमेली (दंतेवाड़ा), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फरसपाल, उप स्वास्थ्य केंद्र मडसे (गीदम), मेलावाड़ा, अरनपुर व कोड़ेनार (कुआकोंडा) ने NQAS मूल्यांकन में भाग लिया।
दुर्गम क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण सेवाओं का विस्तार
इनमें कोंटा ब्लॉक का किस्टाराम उपस्वास्थ्य केंद्र विशेष रूप से सुर्खियों में है। जिला मुख्यालय से करीब 200 किलोमीटर और ब्लॉक मुख्यालय से लगभग 120 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। दो राज्यों की सीमाएं पार कर पहुंचने वाली इस कठिन भौगोलिक स्थितिकी चुनौतियों के बावजूद यहां कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों ने सेवा गुणवत्ता का स्तर बनाए रखा है।
नक्सल प्रभावित व दूरस्थ क्षेत्रों में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि स्वास्थ्य अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इन 11 संस्थानों का NQAS मूल्यांकन इस तथ्य का प्रमाण है कि संसाधन सीमित हों या सुरक्षा चुनौतियां—जनस्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता यदि अडिग हो, तो उत्कृष्टता की राह अवश्य बनती है।
सरकार का दावा है कि ऐसे प्रयासों से अब आदिवासी बहुल एवं दुर्गम इलाकों में रहने वाले लोगों को भी पहले से अधिक सुगम, भरोसेमंद व गुणवत्ता आधारित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।
बस्तर ओलंपिक : जिला स्तरीय मेगा बस्तर ओलंपिक का भव्य शुभारंभ 21 से
दंतेवाड़ा । दंतेवाड़ा जिला प्रशासन, पुलिस विभाग (गृह) तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में और जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत के कुशल मार्गदर्शन में जिला स्तरीय मेगा बस्तर ओलंपिक का आयोजन 21 से 22 नवंबर 2025 तक किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 11 बजे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दंतेवाड़ा एवं इंडोर स्टेडियम में मुख्य अतिथि द्वारा किया जाएगा। जिले के सभी विकासखंडों से चयनित कुल 979 जूनियर, सीनियर, महिला, पुरुष खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।
वहीं हॉकी एवं वेटलिफ्टिंग खिलाडि़यों का चयन सीधे जिला स्तर पर किया गया है। दो माह तक चले इस आयोजन में 20 सितंबर से 22 अक्टूबर तक खिलाडि़यों का पंजीयन किया गया, जिसमें कुल 47,752 प्रतिभागियों ने नाम दर्ज कराया। विशेष बात यह रही कि इस बार महिलाओं का पंजीयन पुरुषों से अधिक रहा। सनद रहे कि पंजीयन की शुरुआत उपमुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव द्वारा दंतेवाड़ा मंदिर प्रांगण से की गई थी। प्रतियोगिता को लेकर पूरे जिले में व्यापक जनजागरण अभियान चलाया गया। इस क्रम में कहीं रंगोलियों के माध्यम से, कहीं दीयों, रैली और मुनादी द्वारा लोगों को अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने प्रेरित किया गया। बस्तर ओलंपिक का शुभंकर ‘वन भैंसा’ भी नगर एवं ग्राम्य क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को आयोजन का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित करता रहा। क्षेत्रीय विधायक चैतराम अटामी ने शुभंकर चयन को वन्यजीव संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश बताया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं जिला खेल अधिकारी जयंत नाहटा ने बताया कि आयोजन की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। आयोजन के सुचारू संचालन हेतु डिप्टी कलेक्टर मूलचंद चोपड़ा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 2026 के संबंध राजनीतिक दलों को दी गई जानकारी
दंतेवाड़ा । भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ रायपुर के निर्देशानुसार विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर 2026 के संबंध में बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना पत्रक वितरित किए जाने के साथ-साथ कलेक्शन कर डिजिटाइजेशन करने की प्रगति के संबंध में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारी जनप्रतिनिधियों का बैठक जिला निर्वाचन कार्यालय में आज आयोजित किया गया।
उक्त बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी के द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के तहत दिनांक 4 नवंबर 2025 से तहसीलों में मुख्य बीएलओ द्वारा गणना पत्रक वितरण के साथ-साथ भरे हुए गणना पत्रक कलेक्शन का डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया की जानकारी से राजनीतिक दलों को अवगत कराते हुए उन्हें प्रगति सूची प्रदान किया गया। इस क्रम में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य के संबंध में राजनीतिक पदाधिकारियों द्वारा संतुष्टि व्यक्त की गई। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी, कर्मचारी तथा राजनीतिक दलों के पदाधिकारी जनप्रतिनिधि गण उपस्थित रहे।
यूथ हब भांसी के सहयोग से साहिल तामो बना आत्मनिर्भर
दंतेवाड़ा , 19 नवंबर 2025

दंतेवाड़ा जिला प्रशासन द्वारा तहसील बचेली के ग्राम भांसी में प्रारंभ किए गए यूथ हब ने क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी पहल से ग्राम बड़े कमेली के 19 वर्षीय साहिल तामो भी आज स्वावलंबी बन चुके हैं। कृषक परिवार से आने वाले साहिल की इच्छा थी कि वे स्वयं के पैरों पर खड़े होकर आत्मनिर्भर जीवन शुरू करें। घर की स्थिति को देखते हुए उन्होंने 10 वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। इसके बाद उन्होंने ग्राम पंचायत भांसी में संचालित यूथ हब में पंजीयन कराया और टीम के समक्ष किराना दुकान शुरू करने की इच्छा व्यक्त की।
साहिल बना युवाओं का प्रेरणा स्रोत
साहिल की रुचि और योजना को देखते हुए यूथ हब द्वारा उन्हें 50 हजार रुपये का बिजनेस लोन, बिजनेस प्लान तैयार करने में सहयोग, दुकान प्रबंधन के तरीकों की जानकारी तथा प्रारंभिक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इसके फलस्वरूप साहिल ने अपने ग्राम में सफलतापूर्वक एक छोटा किराना दुकान शुरू कर लिया है। इससे न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि वे बेरोजगारी से भी मुक्त हो पाए हैं। साहिल का प्रयास क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है। यूथ हब भांसी की यह पहल प्रमाण है कि उचित मार्गदर्शन और समर्थन मिलने पर युवा अपनी मेहनत और लगन से आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा सकते हैं।
जिला स्तरीय आयुष स्वास्थ्य शिविर में 536 मरीजों ने लिया लाभ
दंतेवाड़ा। जिला आयुष विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार संचालनालय आयुष छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार विगत दिवस को साप्ताहिक बाजार दंतेवाड़ा कतियाररास में आयुष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ विधायक श्री चैतराम अटामी और नगर पालिका अध्यक्षा श्रीमती पायल गुप्ता की उपस्थिति में हुआ।
शिविर में आयुष सिस्टम के आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी चिकित्सा और योग के चिकित्सक द्वारा परीक्षण कर मरीजों को दवाई वितरित किया गया। इस संबंध में प्रभारी डॉक्टर बी आर भुआर्य ने बताया कि इस समय मौसमी बीमारियों के साथ ही पुराने जीर्ण रोग से ग्रस्त मरीज इस शिविर में यूनानी और होम्योपैथी की दवाई ले रहे है, इनमें सर्वाधिक वात रोग और पेट रोग से ग्रसित मरीजों ने अपना उपचार करवाया। इस तरह जिला स्तरीय आयुष स्वास्थ्य शिविर में 536 मरीज लाभान्वित हुए। शिविर में चिकित्सक दल जगदम्बा पांडा, मधु साहू, डॉली ठाकुर, साकेत, किशन ठाकुर, संतोष बर्मन, रविन्द्र, प्रभजोत, तानिया द्वारा अपनी सेवाएं दी गई। उक्त शिविर में जिला आयुष अधिकारी डॉ. बसंत कुमार कोसरे सहित नेतराम कंवर, जयनारायण, अहिरवार देवांगन सहित अन्य स्टाफ उपस्थित थे।
राज्योत्सव (रजत महोत्सव)-2025 का हुआ रंगारंग भव्य समापन
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां में शासकीय आदर्श विद्यालय एवं स्टालों में महिला बाल विकास विभाग को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ
दंतेवाड़ा, 05 नवंबर 2025
दंतेवाड़ा जिले में छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के 25 वें वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित राज्योत्सव (रजत महोत्सव)-2025 का आज माँ दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण स्थित मेंढ़का डोबरा मैदान मं भव्य समापन हुआ। 2 से 4 नवंबर तक चले इस तीन दिवसीय राज्योत्सव में जिले की सांस्कृतिक झलकियाँ, पारंपरिक लोकनृत्यों, प्रदर्शनी एवं विविध आकर्षक कार्यक्रमों के माध्यम से दंतेवाड़ा की समृद्ध संस्कृति और विकास की उपलब्धियों का भी प्रदर्शन किया गया।
समापन कार्यक्रम में विधायक श्री चैतराम अटामी ने कहा कि हम सभी जानते है कि आज के ही दिन इस हमारे छत्तीसगढ़ को राज्य का स्वरूप देना तत्कालीन प्रधानमंत्री माननीय स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेई जी की ही देन है। आज हम छत्तीसगढ़ में गौरव के साथ कहे सकते है कि हमारा राज्य छत्तीसगढ़ है। जिस तरह से छत्तीसगढ़ राज्य में विकास की नई परंपराओं की शुरूआत और उनका सफल क्रियान्वयन हुआ है, उसी तरह दंतेवाड़ा जिला भी विकास की राह पर सतत अग्रसर है। इसके साथ ही उन्होंने जिले में शिक्षा और कृषि के क्षेत्र में हो रही उत्तरोत्तर प्रगति के विषय में ज्रिक करते हुए कहा कि जिस प्रकार राज्य बनने के उपरांत छत्तीसगढ़ में मजबूती आ रही है उसी प्रकार इसकी झलक दंतेवाड़ा जैसे दूरस्थ जिलों में भी दिखाई देने लगी है। राज्य सरकार की विकास योजनाओं का सकारात्मक परिणाम दक्षिण बस्तर में दिखने लगा है। कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई एवं अन्य क्षेत्र में जिले की सकारात्मक पहचान बन रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब परिवारों के लिए आवास की सुविधा भी दी जा रही है। एजुकेशन सिटी जावंगा में विद्यार्थियों द्वारा जो उपलब्धि हासिल की जा रही उसे पूरे देश में जिले का नाम रौशन हुआ है इसके अलावा कृषि क्षेत्र में बात की जाए तो जैविक कृषि में भी स्थानीय कृषकों ने नये मुकाम अर्जित की है। इसके अलावा जिले में ‘लक्ष्य’ एवं ‘छू लो आसमान’ जैसे संस्थानों के माध्यम से जिले के विद्यार्थी निरंतर अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर रहे हैं। इन संस्थानों से प्रशिक्षित कई विद्यार्थी डॉक्टर, इंजीनियर बने हैं, वहीं कुछ विद्यार्थियों का चयन प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे यूपीएससी में भी हुआ है और वे वर्तमान में विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं। इसके साथ ही उन्होंने उपस्थितों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी।
कार्यक्रम में इसके साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग सदस्य श्रीमती ओजस्वी मंडावी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अरविंद कुंजाम ने अपने उद्बोधन में शालेय छात्र-छात्राओं की रंगारंग प्रस्तुति एवं विभागों के स्टालों की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि रजत महोत्सव के अवसर पर उनकी उत्साहवर्धक सहभागिता में चार चांद लगा दिए। वास्तव में हमारे छत्तीसगढ़ राज्य ने 25 वर्षों में विकास के नये आयामों को छुआ है। उस से भी बढ़कर हमारे दंतेवाड़ा जिले के दूरस्थ अंचलों में विकास के लहर जो पहुंची है वह अभूतपूर्व है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में सभी के सहयोग समर्पित भागीदारी से हमारा जिला विकास की राह में मील का पत्थर बनेगा।
राज्योत्सव (रजत महोत्सव)-2025 के समापन अवसर पर कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने उपस्थित नागरिकों एवं बच्चों का स्वागत और अभिनंदन करते हुए कहा कि “इस समापन कार्यक्रम में आए प्यारे बच्चों, गणमान्य नागरिकों और अतिथियों का मैं हार्दिक स्वागत करता हूँ। उन्होंने कहा कि विगत तीन दिवस से जिले में हर्षोल्लास के साथ राज्योत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों द्वारा आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई। इन प्रदर्शनी के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य की 25 वर्षों की विकास यात्रा, उपलब्धियों और योजनाओं की जानकारी जनसामान्य तक पहुँचाई गई।
कलेक्टर श्री दुदावत ने आगे कहा कि राज्योत्सव हमारी संस्कृति, सभ्यता, बोली और छत्तीसगढ़ के निर्माण की गाथा का प्रतीक है। इस बार का राज्योत्सव हमारे लिए विशेष इसलिए भी है क्योंकि हम छत्तीसगढ़ राज्य के गठन की 25वीं वर्षगांठ रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय राज्योत्सव के दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सबका दिल जीता और प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत किया।
इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों शालेय छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। इस क्रम में शासकीय आदर्श विद्यालय ने प्रथम, डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल द्वितीय तथा कन्या शिक्षा परिसर पातररास ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा सक्षम विद्यालय जावंगा के छात्रों को विशेष पुरस्कार दिया गया। विभागीय स्टालों में महिला बाल विकास विभाग प्रथम, आदिवासी विकास विभाग को द्वितीय तथा स्कूल शिक्षा विभाग ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कमला नाग,वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री संतोष गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा, अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक, स्कूली छात्र-छात्राएं,शिक्षक, शिक्षिकाएं मौजूद थे।
राज्योत्सव : कलेक्टर द्वारा आयोजन स्थल का किया पूर्व निरीक्षण
दंतेवाड़ा । आगामी राज्योत्सव-2025 के संदर्भ में जिला स्तर पर 02 से 04 से नवंबर तक 3 दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। इस दौरान आयोजन स्थल मेढ़का डोबर में विभागों द्वारा प्रदर्शनी का आयोजन किया जायेगा। जिसमें विभागीय उपलबियों प्रदर्शित की जायेगी। तथा इसका मुख्य थीम 25 वर्षों की विकास यात्रा से संबंधित रहेगी।
इस क्रम में कलेक्टर कुणाल दुदावत द्वारा योजना स्थल का निरीक्षण किया गया तथा मंच व्यवस्था, साज-सज्जा, बैठक व्यवस्था, स्टालों, विद्युत,पेयजल, साफ-सफाई, फ्लेक्स,बैनर, स्वागत द्वार, ध्वनि विस्तारक यंत्र के संबंध में दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि संपूर्ण आयोजन रजत जयंती के अनुरूप गरिमापूर्ण होना चाहिए। और सभी आवश्यक तैयारियां समय पूर्व कर लिया जावें। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे सहित अन्य विभाग के प्रमुख उपस्थित थे।
पंजीयन से वंचित ना हो कोई भी किसान : कलेक्टर दुदावत
दंतेवाड़ा। प्रदेश के मुख्यमंत्री के मंशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले के पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जानी है। इसी संबंध में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें राजस्व, खाद्य, सहकारिता एवं कृषि विभाग के अधिकारी, जिला विपणन अधिकारी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के नोडल अधिकारी, समस्त लेम्प्स प्रबंधक, खरीदी केंद्र प्रभारी तथा डेटा एंट्री ऑपरेटर की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में कलेक्टर दुदावत ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के सभी पात्र किसानों का एग्री-स्टैक पोर्टल में पंजीयन आगामी तीन दिवस के भीतर हर हाल में पूर्ण किया जाए। जिन किसानों का पंजीयन अब तक नहीं हुआ है, उनका नाम सूचीबद्ध कर तत्काल पंजीयन कराया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मृत किसानों के वारिसों का पंजीयन संबंधित तहसीलदारों की देखरेख में शीघ्रता से किया जाए ताकि कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रहे।
कलेक्टर दुदावत ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिले का कोई भी किसान पंजीयन से वंचित नहीं रहना चाहिए। इस दिशा में ग्राम पंचायत सचिव, पटवारी, कृषि विस्तार अधिकारी एवं लेम्प्स प्रबंधकों को गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करने तथा पंजीयन कार्य में सक्रिय सहयोग देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य जिले के सभी पात्र किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करना है ताकि प्रत्येक किसान को समर्थन मूल्य का लाभ समय पर प्राप्त हो सके।
उन्होंने आगे कहा कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए पी.डी.एस. बारदानों का संग्रहण कार्य एक सप्ताह के भीतर पूर्ण कर उसकी ऑनलाइन प्रविष्टि की जाए। साथ ही जिले के सभी राइस मिलर्स के पास उपलब्ध पुराने बारदानों का सत्यापन दो दिवस के भीतर कर लिया जाए, ताकि खरीदी प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
कलेक्टर दुदावत ने सभी 15 धान खरीदी केंद्रों के नोडल अधिकारियों तथा सभी अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) को निर्देश दिए कि वे आगामी 15 नवम्बर 2025 से प्रारंभ हो रही समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारी का स्थल निरीक्षण करें तथा निर्धारित चेकलिस्ट के अनुसार तीन दिवस के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक केंद्र में तोलक मशीन, बारदाना, बिजली की व्यवस्था, किसानों के बैठने की सुविधा, पेयजल की उपलब्धता तथा सीसीटीवी निगरानी जैसी सभी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं। कलेक्टर ने बताया कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की संपूर्ण तैयारी की पुनः समीक्षा 2 नवम्बर 2025 को की जाएगी, जिसमें सभी संबंधित अधिकारियों को अपनी अद्यतन स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
बैठक के अंत में कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि धान खरीदी केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि किसान सम्मान का प्रतीक है। इसलिए इसे पूर्ण पारदर्शिता, तत्परता और संवेदनशीलता के साथ संचालित किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि खरीदी केंद्रों में आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और शासन की मंशानुसार प्रत्येक पात्र किसान को समर्थन मूल्य का लाभ सुनिश्चित रूप से प्राप्त हो। बैठक में अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे सहित विभाग के विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।
विकसित बस्तर की परिकल्पना को साकार करने हेतु कृषि एवं आनुशांगिक सेक्टरों की अहम भूमिका- कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार
बीज उत्पादन के लिए महिला कृषकों को जोड़ने पर बल
धान के रकबा में कमी लाने सहित मिलेट्स फसलों और दलहन-तिलहन की खेती को बढ़ावा देने के निर्देश
कृषि उत्पादन आयुक्त ने संभाग स्तरीय खरीफ समीक्षा सहित रबी 2025 तैयारी की समीक्षा कर कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन करने दिए निर्देश
दंतेवाड़ा, 30 अक्टूबर 2025
विकसित बस्तर की परिकल्पना को साकार करने के लिए कृषि क्षेत्र सहित आनुशांगिक सेक्टरों की अहम भूमिका है। यह बस्तर के समग्र विकास की धुरी है। इसे मद्देनजर रखते हुए मक्का एवं मिलेट्स फसलों, दलहन-तिलहन फसल क्षेत्र विस्तार, मसाला फसलों के रकबा विस्तार के लक्ष्य को हासिल करने पर ध्यान केंद्रीत करें। साथ ही बस्तर में जैविक खेती की अपार संभावनाओं को देखते हुए जैविक खेती को ज्यादा प्रोत्साहित करने सहित यहां की अनुकूल वातावरण के मद्देनजर कॉफी एवं ऑयल पाम की खेती को बढ़ावा दिया जाए। वहीं पशुपालन और मत्स्यपालन एवं झींगापालन के लिए व्यापक स्तर पर पहल किया जाए। उक्त निर्देश कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार ने दंतेवाड़ा में आयोजित संभाग स्तरीय खरीफ समीक्षा सहित रबी 2025 की तैयारी की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को दिए। उन्होंने रबी 2024 की तुलना में रबी 2025 के कार्ययोजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर क्षेत्राच्छादन में वृद्धि करने पर बल देते हुए नियमित तौर पर समीक्षा किए जाने के निर्देश कलेक्टर्स तथा अन्य अधिकारियों को दिए।
कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार ने बस्तर के किसानों की बीज की मांग को स्थानीय स्तर पर पूर्ति करने के लिए लक्ष्य निर्धारित कर बीज उत्पादन कार्यक्रम से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के कृषकों सहित महिला कृषकों को प्रोत्साहित करने पर बल देते हुए कहा कि इन वर्गों के किसानों को बीज प्रमाणीकरण पंजीयन शुल्क से छूट प्राप्त है, इसलिए बीज उत्पादन कार्यक्रम से उक्त वर्ग के किसानों को ज्यादा से ज्यादा जोड़ने पहल करें। इन्हें बीज एवं अन्य आदान सामग्री की उपलब्धता सहित प्रशिक्षण से लाभान्वित किया जाए। दंतेवाड़ा जैविक जिला होने के कारण स्थानीय स्तर पर ही बीज उत्पादन कर जिले में ही उपयोग किया जाए। उन्होंने रबी फसल सीजन में भी धान के रकबा में कमी लाने के लिए निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने हेतु कार्ययोजना के अनुसार कोदो-कुटकी एवं रागी मिलेट्स सहित दलहन-तिलहन फसलों की खेती को बढ़ावा देने कहा। इस दिशा में मक्का की खेती को विशेष तौर पर प्रोत्साहित किए जाने के निर्देश दिए।
जैविक खेती को प्रोत्साहन देने पर बल
कृषि उत्पादन आयुक्त ने बस्तर में जैविक खेती की अपार संभावनाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि यहां की भूमि की उर्वरता और वातावरण जैविक खेती के लिए काफी अनुकूल है। इसलिए अधिकाधिक किसानों को जैविक खेती करने के लिए प्रोत्साहित करें और उन्हें हरसंभव मदद सुलभ कराया जाए। उन्होंने नेशनल मिशन आन नेचुरल फार्मिंग के लिए भी बस्तर को उपयुक्त निरूपित करते हुए इस दिशा में तैयार कार्ययोजना का कारगर कार्यान्वयन किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही कलस्टर के आधार पर सम्पूर्ण चयनित क्षेत्र के मृदा परीक्षण करने सहित मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदाय किए जाने कहा। कृषि उत्पादन आयुक्त ने पांच वर्ष के भीतर की विभिन्न किस्मों के रकबा विस्तार के लिए भी प्राथमिकता के साथ क्रियान्वयन सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।
बस्तर बनेगा पाम ऑयल हब
कृषि उत्पादन आयुक्त ने नेशनल मिशन आन एडिबले ऑयल की कार्ययोजना को व्यापक स्तर पर क्रियान्वयन करने पर बल देते हुए कहा कि बस्तर के उच्चहन भूमि तथा अनुकूल जलवायु ऑयल पाम की खेती के लिए काफी मुनासिब है। किसान ऑयल पाम की खेती के साथ इंटर क्रॉपिंग भी कर सकते हैं। साथ ही साग-सब्जी की खेती को भी प्रोत्साहित किया जा सकता है। अतएव भविष्य में खाद्य तेल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बस्तर में ऑयल पाम की खेती को प्रोत्साहन दिया जाए। इस दिशा में कलस्टर बनाकर किसानों का चयन करने सहित उन्हें हरेक सहायता सुलभ कराया जाए। उन्होंने कहा कि बस्तर में ऑयल पाम के पर्याप्त उत्पादन के पश्चात पाम ऑयल तैयार करने के लिए प्रसंस्करण केन्द्र की स्थापना भी प्रस्तावित है।
दलहन की खेती को बढ़ावा देने पर बल
कृषि उत्पादन आयुक्त ने रबी सीजन में दलहन की खेती को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि पीएम आशा योजनांतर्गत उड़द, अरहर एवं मसूर का उपार्जन समर्थन मूल्य पर किया जा रहा है। इसे मद्देनजर रखते हुए पीएम आशा योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर इन दलहन फसलों की खेती एवं भरपूर उत्पादन के लिए किसानों को प्रोत्साहित करें। उन्होंने किसानों को इन दलहनों के साथ ही चना, मूंग का बीज और अन्य आदान सहायता प्रदान किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही सरसों एवं सूरजमुखी जैसे तिलहन फसलों के रकबा विस्तार को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। कृषि उत्पादन आयुक्त ने दंतेवाड़ा जिले में प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना क्रियान्वयन हेतु कार्ययोजना की तैयारी की जानकारी ली और अन्य जिलों को भी उक्त योजना के मार्गदर्शिका के अनुसार कार्यान्वयन कर खेती-किसानी के माध्यम से आर्थिक विकास में नए आयाम स्थापित करने पर बल दिया।
कृषि उत्पादन आयुक्त ने रबी 2025 के कार्ययोजना के अनुसार किसानों की मांग के अनुरूप बीज-खाद और फसल ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित करने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बीज-खाद का लक्ष्य के अनुरूप भंडारण एवं वितरण किया जाए। खाद-बीज के गुण नियंत्रण के लिए नियमित तौर पर निरीक्षण करने सहित जांच एवं कार्यवाही अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को खाद-बीज और फसल ऋण सुलभता की नियमित तौर पर समीक्षा करने सहित किसान क्रेडिट कार्ड में अद्यतन प्रगति लाए जाने के निर्देश दिए। रबी सीजन हेतु किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड प्रदाय करने के लिए हरेक ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को 20 से 25 का लक्ष्य आबंटित किये जाने कहा। साथ ही पशुपालन, कुक्कुटपालन, सूकरपालन, बकरापालन सहित मत्स्यपालन और उद्यानिकी फसलों की खेती इत्यादि आनुषांगिक सेक्टरों के लिए भी किसान क्रेडिट कार्ड प्रदाय पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए। बैठक में बस्तर संभाग के अंतर्गत किसानों को लघु सिंचाई साधन की उपलब्धता हेतु प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, किसान समृद्धि योजना, एग्रीस्टेक अन्तर्गत समय सीमा में पंजीयन की कार्ययोजना, सौर सुजला योजना के क्रियान्वयन तथा सिंचाई पम्पों के विद्युतीकरण की भी समीक्षा की गई।
इस दौरान कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह ने बस्तर संभाग में कृषि विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर कृषि एवं आनुशांगिक सेक्टरों में संचालित विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं से हरेक पात्र व्यक्ति को सेचुरेशन करने पर बल देते हुए इस दिशा में सभी अधिकारियों को बेहतर प्रदर्शन करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष तौर पर नियद नेल्लानार योजना क्षेत्रों में योजनाओं के कारगर कार्यान्वयन हेतु फोकस करने कहा। बैठक में कांकेर, बस्तर, कोण्डागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर एवं नारायणपुर के कलेक्टर ने अपने जिले में कृषि तथा संबंधित विभागों के योजनाओं के क्रियान्वयन प्रगति, रबी फसल कार्यक्रम कार्ययोजना के क्रियान्वयन तैयारी सहित नवाचारों के बारे में विस्तारपूर्वक अवगत कराया।
बैठक में संचालक कृषि श्री राहुल देव, संचालक पशुपालन श्री चन्द्रकांत वर्मा, प्रबन्ध संचालक छत्तीसगढ़ बीज विकास निगम श्री अजय अग्रवाल, संचालक मत्स्यपालन श्री नारायण सिंह नाग सहित सभी जिले के सीईओ जिला पंचायत और कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्यपालन, जल संसाधन, सहकारिता विभागों के अधिकारियों सहित विद्युत वितरण कम्पनी, क्रेडा, मार्कफेड, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अधिकारी और इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय तथा उद्यानिकी महाविद्यालय के वैज्ञानिक उपस्थित थे।
बस्तर ओलंपिक 2025 के संबंध में मुख्य सचिव द्वारा बस्तर संभागायुक्त सहित सभी कलेक्टरों की ली गई वर्चुअल बैठक
बस्तर ओलंपिक के सुव्यवस्थित आयोजन एवं खिलाड़ियों हेतु बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
दंतेवाड़ा, 30 अक्टूबर 2025
प्रदेश के मुख्य सचिव श्री विकासशील द्वारा गुरुवार को बस्तर ओलंपिक 2025 के परिप्रेक्ष्य में बस्तर संभाग आयुक्त श्री डोमन सिंह सहित बस्तर सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव एवं कांकेर के जिला कलेक्टरों को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये विस्तृत दिशा निर्देश दिए गए। इस बैठक के एजेंडे में शासन द्वारा निर्धारित समय सारणी अनुसार विकासखण्ड जिला एवं संभाग स्तरीय खेल आयोजन, विभिन्न विभागों को सौंपे गए दायित्व, राज्य शासन द्वारा मार्गदर्षिका अनुसार खेल आयोजन हेतु शासन द्वारा प्राप्त निधियों सहित अन्य मसलें शामिल थे। बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि निर्धारित समय सारणी अनुसार तीनों स्तरों के खेल का प्रारंभ सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसके अलावा सभी स्तरों के खेल आयोजनों में समुचित व्यवस्था एवं खिलाडि़यों हेतु बेहतर सुविधाओं को प्राथमिकता दिया जाना चाहिए। बैठक में कमिश्नर बस्तर ने अंतिम पंजीयन स्थिति की जानकारी देते हुए कहा कि सभी सात जिलों से कुल प्राप्त पंजीयन की संख्या 3 लाख 91 हजार 2 सौ 57 है जो कि एक रिकॉर्ड है उन्होंने बताया कि बस्तर ओलंपिक के प्रारंभिक विकासखण्ड स्तरीय खेल प्रारंभ हो चुके हैं। इसके अलावा जिला एवं संभाग स्तरीय खेल भी निर्धारित समयानुसार प्रारंभ होंगे इसके लिए संभाग के सभी जिलों में पूरी तैयारियां की जा चुकी है।
सनद रहे कि बस्तर क्षेत्र के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने सहित उनके रचनात्मक एवं खेल प्रतिभा को निखारने उन्हें अधिक से अधिक अवसर प्रदान करने बस्तर ओलंपिक 2025 का आयोजन किया जा रहा है। बस्तर ओलंपिक की शुरुआत वर्ष 2024 से की गई है। गृह और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के तत्वाधान में वर्ष 2025 हेतु पंजीयन का शुभारंभ 22 सितंबर 2025 से किया गया है। इसके अन्तर्गत एथलेटिक्स तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी (केवल जिला स्तर), रस्साकसी (कंवल महिला सीनियर वर्ग), वेटलिफ्टिंग (जिला स्तर पर), कराटे, कबड्डी, खो-खो, व्हालीबॉल खेल शामिल किए गए हैं। प्रतियोगिता हेतु आयु वर्ग जूनियर वर्ग (14-17 वर्ष), सीनियर वर्ग (आयु वर्ग नहीं) निर्धारित है। आयोजन के स्तर विकासखंड, जिला एवं संभाग में होगा। इसके लिए तिथियों का निर्धारण पंजीयन हेतु 22 सितंबर 2025 में 20 अक्टूबर 2025 के मध्य किया गया। साथ ही बस्तर ओलंपिक का आयोजन के तहत विकासखण्ड स्तरीय 25 अक्टूबर 2025 से 05 नवंबर 2005 के मध्य होगें, जबकि जिला स्तरीय खेल 05 नवंबर 2025 से 15 नवंबर 2025 के बीच तथा संभाग स्तरीय बस्तर ओलंपिक का आयोजन 24 नवंबर 2025 से 30 नवंबर 20025 के मध्य आयोजित किया जायेगा।
हॉस्टल में छात्र ने किया सुसाइड
दंतेवाड़ा । दंतेवाड़ा के जवाहर नवोदय विद्यालय बारसूर में कक्षा ६ के छात्र सुनील पोडियाम ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुनील मूल रूप से कटेकल्याण ब्लॉक के गाटम गाँव के रहने वाले थे। वह हाल ही में दिवाली की छुट्टियों के बाद विद्यालय लौटे थे।
तड़के छात्र ने हॉस्टल परिसर में फाँसी लगाकर अपनी जान दे दी। घटना की जानकारी मिलते ही विद्यालय प्रबंधन ने तुरंत बारसूर पुलिस को सूचित किया। पुलिस मौके पर पहुँचकर मामले की जांच में जुट गई है। फिलहाल आत्महत्या के कारण का पता नहीं चल सका है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है।