छत्तीसगढ़ / बालोद

03 करोड़ 43 लाख 41 हजार 463 रुपये की राशि का अवार्ड पारित किया गया

 बालोद ।   राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार बालोद जिले के सभी न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिनमें राजीनामा योग्य प्रकरणों में पक्षकारों की आपसी सहमति व सुलह समझौता से निराकृत किये गए हंै। प्रकरणों के पक्षकारों की भौतिक तथा वर्चुअल दोनों ही माध्यमों से उनकी उपस्थिति में निराकृत किए जाने के अतिरिक्त स्पेशल सिटिंग के माध्यम से भी पेटी आफेंस के प्रकरणों को निराकृत किया गया। आज के इस नेशनल लोक अदालत में 03 करोड़ 43 लाख 41 हजार 463 रुपये की राशि का अवार्ड पारित किया गया।

उल्लेखनीय है कि इस सिलसिले में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने इस संपूर्ण लोक अदालत को सफल बनाये जाने हेतु निरंतर प्रयास करते हुए वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से भी लगातार अधिक से अधिक मामलों को निराकृत किये जाने हेतु प्रेरित किया। इसी तारतम्य में प्रधान जिला व सत्र न्यायालय बालोद एवं व्यवहार न्यायालय स्तर पर डौण्डीलोहारा, दल्लीराजहरा, गुण्डरदेही में तथा बालोद जिले के राजस्व न्यायालयों में भी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश  श्याम लाल नवरत्न बालोद के निर्देशानुसार इस लोक अदालत के लिए न्यायालयों में कुल 09 खण्डपीठ का गठन किया गया।

जिसमें कुल लंबित प्रकरण 2500 रखे गये थे, जिसमें कुल 2420 लंबित प्रकरणों का निराकरण नेशनल लोक अदालत के माध्यम से किया गया। इस लोक अदालत में, लंबित सिविल एवं दांडिक प्रकरण, प्री-लिटिगेशन के बैंक, विद्युत, जलकर, बीएसएनएल के तथा राजस्व न्यायालयों की खंडपीठ के समक्ष कुल 35042 प्रकरण रखा गया, जिसमें 29470 प्रकरणों का निराकरण नेशनल लोक अदालत के माध्यम से किया गया। इस नेशनल लोक अदालत में आपसी सहमति व सुलह समझौता करने वालों पक्षकारों को प्रोत्साहन स्वरूप पौधा वितरण भी किया गया। नेशनल लोक अदालत में जिला न्यायालय परिसर में आये पक्षकारों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। इस नेशनल लोक अदालत में बालोद बाजार के द्वारा स्टॉल लगाया गया।

 

 

Leave Your Comment

Click to reload image