छत्तीसगढ़ / कबीरधाम

सावन 2025: 11 जुलाई से प्रारंभ होगा पवित्र श्रावण मास, शिवभक्ति में डूबेंगे श्रद्धालु

 सावन 2025: 11 जुलाई से प्रारंभ होगा पवित्र श्रावण मास, शिवभक्ति में डूबेंगे श्रद्धालु


संवाददाता।विकाश शुक्ला

कवर्धा। देशभर में सनातन धर्म में पवित्र श्रावण माह का विशेष महत्व है। भगवान शिव की आराधना को समर्पित यह महीना श्रद्धा, व्रत और भक्ति से परिपूर्ण होता है। इस बार श्रावण मास की शुरुआत 11 जुलाई 2025, शुक्रवार से हो रही है और खास बात यह है कि इस वर्ष सावन पूरे 30 दिनों का रहेगा। यानी भक्तों को शिव भक्ति के लिए पूरे महीने भर का अवसर मिलेगा।

शिव आराधना का उत्तम समय

श्रावण मास में विशेषकर सोमवार का दिन अत्यंत शुभ माना गया है। इसे ‘श्रावण सोमवार’ कहा जाता है। मान्यता है कि जो भक्त इस दिन व्रत रखकर विधिपूर्वक भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-शांति आती है। इस वर्ष सावन में चार सोमवार आएंगे:

पहला सोमवार – 14 जुलाई 2025

दूसरा सोमवार – 21 जुलाई 2025

तीसरा सोमवार – 28 जुलाई 2025

चौथा सोमवार – 4 अगस्त 2025


इस बार नहीं होगा तिथियों का क्षय

श्रीदेव पंचांग के अनुसार, सावन 2025 , इसका अर्थ है कि भक्त पूरे 30 दिनों तक भगवान शिव की पूजा व उपासना कर सकते हैं। रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, बेलपत्र अर्पण जैसे धार्मिक अनुष्ठानों के लिए यह मास अत्यंत शुभ माना गया है।

कांवड़ यात्रा का भी विशेष महत्व

श्रावण मास में कांवड़ यात्रा भी प्रमुख धार्मिक परंपरा है। कांवड़ यात्रा 11 जुलाई से ही प्रारंभ होगी। देशभर से लाखों शिवभक्त गंगा जल लेने हरिद्वार, गंगोत्री, वाराणसी जैसे तीर्थ स्थलों की ओर रवाना होंगे और शिव मंदिरों में जलाभिषेक करेंगे।

आस्था और भक्ति का संगम

सावन का यह महीना न केवल पूजा-पाठ का समय होता है, बल्कि यह आत्मशुद्धि, संयम और ध्यान का भी काल माना जाता है। मंदिरों में विशेष आयोजन, भजन-कीर्तन और धार्मिक यात्राओं का सिलसिला इस पूरे माह चलता रहता है।


सलाह :इस समाचार में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, पंचांग एवं सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। इसकी पुष्टि के लिए किसी विशेषज्ञ की सलाह ले सकते हैं

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