बालोद। जिले की दल्ली राजहरा नगर पालिका के प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) एवं राजनांदगांव नगर निगम के समाज कल्याण अधिकारी भूपेंद्र वार्डेकर को निलंबित कर दिया गया है। नगरीय प्रशासन मंत्री व उपमुख्यमंत्री अरुण साव के सख्त निर्देश पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के उपसचिव ने यह कार्यवाही की है। टैक्स संग्रह में गंभीर लापरवाही और सरकारी आदेशों की लगातार अनदेखी को कारण बताते हुए निलंबन आदेश जारी किया गया।
आदेश में स्पष्ट किया गया कि 14 जनवरी 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई समीक्षा बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए दिसंबर 2025 तक सभी करों सहित औसतन 60 प्रतिशत राजस्व वसूली का लक्ष्य निर्धारित था। लेकिन वार्डेकर द्वारा संपत्तियों पर नया कर (मांग) निर्धारित न करने से वसूली लक्ष्य से काफी कम रही। इसके अलावा, प्रॉपर्टी टैक्स मैनेजमेंट सिस्टम में काम शुरू होने से 13 जनवरी 2026 तक केवल एक ही प्रविष्टि दर्ज की गई, जो उनके कर्तव्य के प्रति गंभीर उदासीनता और लापरवाही का पुख्ता प्रमाण है।
"आपको बता दे कि दल्ली राजहरा नगर पालिका से जुड़े गुप्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक नगर पालिका परिषद के राजस्व विभाग में कार्यरत एक अत्यंत भ्रष्ट अधिकारी की शातिर चाल के कारण नपा सीएमओ पर गाज गिरी है।"
यह निलंबन सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और राजस्व वृद्धि के प्रति प्रशासन की सख्ती को दर्शाता है। वही नगरीय प्रशासन विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ऐसी अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दल्ली राजहरा नगरपालिका में अब निलंबन के बाद नए प्रभारी की नियुक्ति पर विचार चल रहा है, ताकि कर वसूली अभियान पटरी पर लौट सके। स्थानीय नागरिकों ने इस कार्यवाही का स्वागत किया है, उम्मीद जताई है कि इससे प्रशासनिक सुधार होगा।