छत्तीसगढ़ / महासमुंद

बन्सुला बसना की श्रीमती भोजवती साहू की प्रेरक कहानी

 महतारी वंदन योजना बना आत्मविश्वास का पर्याय

महासमुंद, 8 मार्च 2026

बसना विकासखंड के ग्राम बन्सुला की निवासी श्रीमती भोजवती साहू की जिंदगी पति के निधन के बाद मुश्किलों से भरी हो गई थी। घर की सारी जिम्मेदारियां उनके कंधों पर आ गईं, और सबसे बड़ी चिंता बच्चों के भविष्य को लेकर थी।

इसी दौर में उन्हें महतारी वंदन योजना के बारे में जानकारी मिली। हर महीने मिलने वाली 1000 रुपये की सहायता उनके लिए वरदान साबित हुई। श्रीमती भोजवती ने इस राशि का समझदारी से उपयोग किया और एक छोटी सी किराना दुकान शुरू की। दुकान में बिस्कुट, नमकीन, साबुन, तेल जैसी रोजमर्रा की जरूरी चीजें रखीं।

शुरुआत में हिचकिचाहट थी, लेकिन धीरे-धीरे ग्राहक बढ़े और आमदनी होने लगी। योजना की मदद से दुकान को और विस्तार दिया गया। आज यह दुकान न केवल परिवार की आर्थिक जरूरतें पूरी कर रही है, बल्कि दोनों बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ाई का अवसर भी दे रही है।

श्रीमती भोजवती कहती हैं, जब मेरे बच्चे पढ़ते हैं और मुस्कुराते हैं, तो लगता है जैसे मेरे पति की आत्मा भी खुश हो रही होगी। मैंने हार नहीं मानी, और आज खुद पर गर्व महसूस करती हूं। यह सिर्फ 1000 रुपये नहीं, मेरी उम्मीद, ताकत और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का आधार था।

Leave Your Comment

Click to reload image