वनांचल ग्राम बांधा में 58 परिवारों को मिला भूमि का मालिकाना हक
कबीरधाम |
2026-03-13 10:54:34
स्वामित्व योजना के तहत अधिकार अभिलेखों का किया गया वितरण
कवर्धा, 12 मार्च 2026। शासन की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना के अंतर्गत ग्रामीणों को उनके मकान और भूमि का कानूनी अधिकार प्रदान करने के उद्देश्य से जिले में अधिकार अभिलेखों का वितरण किया जा रहा है। इसी कड़ी में बोड़ला विकासखंड के वनांचल ग्राम बांधा में आज स्वामित्व योजना के तहत 58 हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख वितरित किए गए। इसके अंतर्गत ग्राम बांधा के 29, झंडी के 18 और केसदा के 11 हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख प्रदान किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री नंद श्रीवास, जिला पंचायत सदस्य श्री लोकचंद साहू सहित, श्री नितेश अग्रवाल, डिप्टी कलेक्टर श्री आर बी देवांगन, तहसीलदार श्री हुलेश्वर पटेल, सरपंच श्रीमती गिरजा रामदयाल साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने कहा कि स्वामित्व योजना ग्रामीण लोगों को उनके मकान और भूमि का कानूनी अधिकार देने की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के माध्यम से ग्रामीणों को उनके घरों का मालिकाना हक और प्रमाणिक दस्तावेज उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन दस्तावेजों के मिलने से ग्रामीण अब बैंकों से आसानी से ऋण प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उनकी आय और आत्मनिर्भरता में वृद्धि होगी। साथ ही संपत्ति के स्पष्ट अधिकार मिलने से जमीन संबंधी विवादों के समाधान में भी आसानी होगी।
कलेक्टर श्री वर्मा ने बताया कि जिले में स्वामित्व योजना के तहत कुल 28 हजार पट्टों का वितरण किया जाना है, जिसमें से प्रथम चरण लगभग 8100 पट्टों का वितरण किया जा चुका है। वर्तमान में दूसरे चरण के अंतर्गत जिले में लगभग 3 हजार पट्टों का वितरण किया जाना है। इनमें बोड़ला विकासखंड में 820, सहसपुर लोहारा में 337, पिपरिया में 287, कवर्धा में 643 तथा रेंगाखारकला में 125 पट्टे तैयार कर वितरण किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रक्रियाधीन प्रकरण को पूर्ण कर वितरित किया जाएगा।
इस दौरान कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने ग्रामवासियों से चर्चा कर उनकी समस्याओं को भी सुना और संबंधित अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस गांव में आने का उद्देश्य यहां के विकास कार्यों को आगे बढ़ाना है। गांव की आवश्यकताओं और मूलभूत सुविधाओं की जानकारी सरपंच और सचिव के माध्यम से लेकर योजनाबद्ध तरीके से कार्य किए जाएंगे। आसपास के पिछड़े गांवों का भी विश्लेषण कर वहां बेहतर विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी तथा आवश्यकतानुसार विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान की जाएगी।