छत्तीसगढ़ / बालोद

राजहरा दुर्ग डेमू ट्रेन कीचड़ से लथपथ, गंदगी में सफर कर रहे यात्री

बालोद। दल्ली राजहरा दुर्ग डेमू ट्रेन सहित कई ट्रेनों में सफाई नहीं हो रही है। इसमें सफाईकर्मी भी नजर नहीं आ रहे हैं। इसके कारण शौचालय में भी गंदगी पसरी हुई है। डेमू ट्रेन के सभी कोच में लाल कीचड़ भरा पड़ा है सीट पर भी धूल का गर्दा जमा हुआ है वही पूरी ट्रेन कचरे से अटी पड़ी है। सबसे विडंबना की बात यह है कि ट्रेनों में इतनी अव्यवस्था के बीच यात्रियों को सफर करना पड़ रहा है। लेकिन जिम्मेदार रेल अफसरों को इतनी फुर्सत नहीं है कि यात्रियों को साफ-सुथरा वातावरण उपलब्ध करा सकें। इस अव्यवस्था के कारण यात्रियों के बीच आक्रोश भी है।

 
ट्रेनों में इतनी गंदगी इससे पहले कभी नहीं दिखी। रेलवे विभाग अपने विज्ञापनों में दावा करता है कि ट्रेनों में ओबीएचएस स्टाफ चल रहा है और नियमित सफाई करता है। जनरल कोच में सफाई आदि, कोच के कार्यशाला में पहुंचने पर होती है। लेकिन अब जनरल कोच यात्री ट्रेन के ऑन बोर्ड हाउसकीपिंग सर्विसेज (ओबीएचएस) स्टाफ को एसएमएस से बुलाकर मौके पर सफाई करा पाएंगे। लेकिन हकीकत इससे अलग है। सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप है। हालात यह है कि यात्री शौचालय तक जाने से कतरा रहे हैं। गंदगी के कारण वह शौचालय में जाना तक पसंद नहीं कर रहे हैं। 
 
यात्रियों का कहना था कि रेलवे सफाई कराने की बात कह रही, लेकिन सफाई नहीं होती। इसके चलते यात्रियों को परेशानी हो रही है। उनसे पूरा किराया लिया जाता है, लेकिन सुविधा अधूरी है। डेमू ट्रेन के फर्श और यात्रियों के बैठने वाली सीट पर लाल कीचड़ सना हुआ है। डेमू ट्रेन के यात्री ऊहा-पोह में है कि बैठे तो बैठे कहां? यात्री केवल इतना चाहते हैं कि ट्रेन के कोच व शौचालय साफ-सुथरा रहे, यात्रियों को किसी तरह दिक्कत न हो। डेमू  ट्रेन के यात्री कमलेश तांडिया, मनोज मरकाम, सचिन तिवारी, खेमिन बाई, अमरीका बाई तथा पुष्पा साहू ने बताया कि इन ट्रेनों में पानी भी उपलब्ध नहीं होता जिससे महिलाओं और छोटे बच्चो को काफी तकलीफ उठानी पड़ रही है।

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