छत्तीसगढ़ / दुर्ग

संभागायुक्त ने अपराधी को केन्द्रीय जेल दुर्ग में निरूद्ध करने दिये आदेश

 दुर्ग । दुर्ग संभाग के आयुक्त  सत्यनारायण राठौर ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग के प्रतिवेदन पर स्वापक, औषधि और मनः प्रभावी पदार्थ, अवैध व्यापार, निवारण अधिनियम-1988 की धारा-3 सहपठित धारा-11 के तहत न्यायालयीन आदेश पारित कर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त बनवाली अग्रवाल पिता स्व. लाला राम अग्रवाल निवासी हथखोज पारा उतई थाना उतई तहसील व जिला दुर्ग को तीन माह की अवधि के लिए केन्द्रीय जेल दुर्ग में निरूद्ध करने हेतु आदेशित किया है। आदेश पारित करने के पूर्व संभाग आयुक्त द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत जवाब एवं आवेदक के पक्ष एवं शपथ पूर्वक कथन का अध्ययन तथा प्रकरण में प्रस्तुत इस्तगासा मय दस्तावेजों का अवलोकन किया गया। तथ्य के अनुसार बनवाली अग्रवाल पिता लाला राम अग्रवाल के विरूद्ध वर्ष 2015, 2018, 2023 एवं 2025 में लगातार नारकोटिक्स एक्ट के कुल 04 मामले दर्ज कर कार्यवाही की गई है। जिसमें अपराध क्रमांक 173/2025 में माननीय विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट दुर्ग द्वारा 13 सितम्बर 2017 को निर्णय पारित कर अनावेदक को 03 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5 हजार रूपए के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है। इसी तरह अपराध क्रमांक 108/2018 में माननीय विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस के द्वारा दोषमुक्त किये जाने का आदेश पारित होना अनावेदक द्वारा बताया गया है तथा अपराध क्रमांक 282/2023 में माननीय विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस के द्वारा अपराध साबित नही होने पर अनावेदक को दोषमुक्त किया गया है जबकि 298/2025 में माननीय विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस दुर्ग द्वारा 10 अक्टूबर 2025 को निर्णय पारित कर 02 अगस्त 2025 से 10 अक्टूबर 2025 तक न्यायिक अभिरक्षा में बितायी गई अवधि के लिए सश्रम कारावास एवं 15 हजार रूपये के अर्थदंडित किया गया है। अनावेदक जेल से  छूट जाने के पश्चात् लगातार मादक पदार्थ की खरीदी, बिक्री में संलिप्त रहा है तथा उसकी प्रवृत्ति में सुधार प्रतीत नहीं होता है। वर्तमान में भी अनावेदक के विरूद्ध शराब व गांजा सहित अन्य मादक पदार्थ भी बेचने की शिकायत भी लगातार मिलती रही है। अनावेदक का जमानत पर न्यायालय से छूट जाने से उसका मनोबल बढ़ता जा रहा है। अनावेदक के आपराधिक गतिविधियों से समाज में रहने से विपरीत प्रभाव पढ़ने के संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता, ऐसी स्थिति में प्रकरण में आये प्रतिवेदन, जवाब, साक्षियों के बयान एवं तर्क के आधार पर बनवाली अग्रवाल को केन्द्रीय जेल दुर्ग में निरूद्ध किया जाना आवश्यक है।

ज्ञात हो कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग के प्रतिवेदन के अनुसार अनावेदक बनवाली अग्रवाल स्वापक एवं मनःप्रभावी पदार्थों के अवैध संग्रहण विक्रय करने आदतन आपराधी एवं तस्कर है। अनावेदक स्वयं तथा अपने अन्य साथियों के माध्यम से मादक पदार्थों की लुक-छिप कर खरीदी एवं बिक्री करता है। अनावेदक एवं उनके साथीदारान सदस्यों का आम जनता में इतना भय व आंतक है कि उनके विरूद्ध कोई भी व्यक्ति गवाह बनने या सूचना देने को तैयार नहीं है। अनावेदक द्वारा नाबालिंग एवं युवा वर्ग को मादक पदार्थ विक्रय करने से समाज में नाबालिंग, युवा वर्ग एवं मजदूर वर्ग के लोग नशे की गिरफ्त में है। उनका यह कृत्य स्वस्थ्य एवं सभ्य समाज के लिए हानिकारक है। संभाग आयुक्त श्री राठौर ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए 24 अगस्त 2026 को न्यायालयीन आदेश पारित कर आपराधिक प्रवृत्ति में संलिप्त बनवाली अग्रवाल को केन्द्रीय जेल दुर्ग में निरूद्ध किये जाने की तिथि से 03 माह तक की अवधि के लिए निरूद्ध करने आदेशित किया है।  

 

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