वर्षा की बूंदे है अमूल्य इन्हें व्यर्थ न बहने दे:- नवीन ठाकुर
लोरमी - जल ही जीवन का आधार है और भविष्य की पीढ़ियों के लिए इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करना हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है। वर्षा जल संचयन(रेन वाटर हार्वेस्टिंग) इस दिशा में एक सरल,प्रभावी और पर्यावरण हितैषी उपाय है। हर वर्ष मानसून के दौरान बड़ी मात्रा में वर्षा का पानी बहकर नालो और नदियों के माध्यम से व्यर्थ चला जाता है,जबकि यदि इसे वैज्ञानिक तरीके से संग्रहित किया जाए तो भूजल स्तर बढ़ाने,पेयजल संकट कम करने और सिंचाई की जरुरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान मिल सकता है। घरों,विद्यालयो, सरकारी कार्यालयों,उद्योगों और सार्वजनिक भवनों में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था अपनाकर लाखों लीटर पानी बचाया जा सकता है। इससे जल स्रोतो पर निर्भरता कम होती है,बिजली की बचत होती है। वर्षा जल का संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं,बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। घर की छत से गिरने वाले वर्षा जल को संग्रहित करने या जमीन में रिचार्ज करने की व्यवस्था करें,तो जल संकट की गंभीरता काफी हद तक कम की जा सकती है।