छत्तीसगढ़ / कबीरधाम

सड़क के नाम पर कीचड़ का जाल! समनापुर जंगल में घर तक नहीं पहुंचते वाहन, ग्रामीणों को दूर खड़ी करनी पड़ रही गाड़ियां

कवर्धा--कबीरधाम जिले के जनपद पंचायत बोड़ला अंतर्गत ग्राम पंचायत समनापुर जंगल में सड़क की बदहाली ने ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी को मुश्किल बना दिया है। कोरकोट मोहल्ला आंगनबाड़ी केंद्र से घांघरा टोला तक का मार्ग बारिश में सड़क कम और दलदल ज्यादा नजर आता है। कीचड़, पानी और गड्ढों से भरे इस रास्ते पर पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है, वहीं दोपहिया वाहनों से गुजरना जोखिम भरा बना हुआ है।

ग्रामीणों का कहना है कि बारिश शुरू होते ही इस मार्ग की हालत बिगड़ जाती है। कई जगह सड़क पर पानी जमा है तो कहीं मिट्टी दलदल में तब्दील हो चुकी है। हालात ऐसे हैं कि वाहन घर तक पहुंचाना मुश्किल हो गया है। मजबूरी में ग्रामीणों को अपनी मोटरसाइकिल और अन्य वाहन घर से काफी दूर दूसरे लोगों के घरों के पास खड़े करने पड़ते हैं। इसके बाद उन्हें कीचड़ भरे रास्ते से पैदल अपने घर तक पहुंचना पड़ता है।

*बारिश ने खोली सड़क की बदहाली की पोल*

बारिश ने इस मार्ग की वास्तविक स्थिति सामने ला दी है। सड़क पर बने गड्ढों और जमा पानी के कारण आवागमन प्रभावित है। स्कूल जाने वाले बच्चों, आंगनबाड़ी से जुड़े परिवारों, बुजुर्गों और रोजमर्रा के काम से निकलने वाले ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सबसे गंभीर स्थिति आपातकाल के समय बन सकती है। किसी ग्रामीण के बीमार पड़ने या तत्काल अस्पताल ले जाने की जरूरत होने पर वाहन को घर तक पहुंचाना ही चुनौती बन जाता है। ऐसे में समय पर उपचार तक पहुंचना भी मुश्किल हो सकता है।

*सवालों के घेरे में जिम्मेदार तंत्र*

ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग की समस्या कोई नई नहीं है। बारिश के मौसम में हर साल परेशानी बढ़ती है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नजर नहीं आया। ग्रामीणों ने संबंधित ग्राम पंचायत एवं प्रशासन से तत्काल मुरुम डालकर मार्ग को चलने योग्य बनाने और आगे स्थायी सड़क निर्माण की दिशा में कार्रवाई करने की मांग की है।

समनापुर जंगल की यह तस्वीर सिर्फ एक खराब सड़क की कहानी नहीं, बल्कि उन ग्रामीणों की परेशानी को सामने लाती है जिन्हें बारिश के मौसम में अपने ही घर तक पहुंचने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। जब ग्रामीण अपने वाहन घर तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर सड़क व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी है l 

अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग इस समस्या का संज्ञान लेकर बारिश के बीच कोई राहत पहुंचाता है या फिर ग्रामीणों को हर साल की तरह इस कीचड़ भरे रास्ते के भरोसे ही छोड़ दिया जाता है।

 

Leave Your Comment

Click to reload image