27 सितंबर को एमसीबी में होगा उल्लास नवभारत साक्षरता का महापरीक्षा अभियान
2 हजार शिक्षार्थियों को परीक्षा में शामिल कराने का लक्ष्य, 200 साक्षरता केन्द्रों के संचालन पर जोर
एमसीबी/ 25 सितंबर 2026
उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत 27 सितंबर 2026 को पूरे प्रदेश के साथ जिले में भी बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान आकलन परीक्षा (FLNAT) का महापरीक्षा अभियान आयोजित किया जाएगा। अभियान को सफल बनाने के लिए जिला से ग्राम स्तर तक व्यापक तैयारियां एवं जन जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रत्येक शिक्षार्थी का नाम उल्लास पोर्टल पर दर्ज कराने के साथ ही उन्हें नियमित रूप से साक्षरता केन्द्रों में लाने और महापरीक्षा में शामिल कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
एमसीबी जिले में अब तक 1,707 शिक्षार्थियों का सर्वेक्षण किया जा चुका है, जबकि 8 ग्राम एवं वार्डों में सर्वेक्षण शेष है। 22 मार्च 2026 को आयोजित परीक्षा में 101 शिक्षार्थी अनुत्तीर्ण रहे थे, जिन्हें भी आगामी महापरीक्षा में शामिल कराया जाएगा। जिले में वर्तमान में कुल 1,808 शिक्षार्थी चिन्हांकित हैं और 2,000 शिक्षार्थियों को परीक्षा में शामिल कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
200 केन्द्रों का लक्ष्य, 74 केन्द्र संचालित
जिले में 200 उल्लास साक्षरता केन्द्रों के संचालन का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरुद्ध वर्तमान में 74 केन्द्र संचालित हैं। इन केंद्रों में 703 शिक्षार्थी अध्ययनरत हैं। ग्रामवार लक्ष्य के अनुरूप शेष शिक्षार्थियों को भी केन्द्रों तक लाने के लिए समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। संकुल समन्वयक, ग्राम प्रभारी एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को साक्षरता कक्षाओं का नियमित संचालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
कार्यक्रम को स्वयंसेविता एवं कर्तव्यबोध पर आधारित जनभागीदारी अभियान के रूप में संचालित किया जा रहा है। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के साथ मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी, स्व-सहायता समूह के सदस्य और नवसाक्षरों को भी स्वयंसेवक के रूप में जोड़ा जा सकता है। 10 असाक्षरों को साक्षर कराने पर विद्यार्थियों को स्थानीय एवं बोर्ड परीक्षा में 10 बोनस अंक दिए जाने का प्रावधान है।
घर-घर संपर्क से बनेगा साक्षरता का माहौल
अभियान के तहत प्रत्येक असाक्षर की जिम्मेदारी ग्राम, टोला, पारा या मोहल्ले के पंच, सरपंच, विद्यार्थी, समुदाय के सदस्य अथवा शासकीय कर्मचारी को दी जा सकती है। संबंधित व्यक्ति शिक्षार्थी की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करते हुए उसे महापरीक्षा में शामिल कराने में सहयोग करेगा। वातावरण निर्माण के लिए नारा लेखन, पदयात्रा, घर-घर संपर्क, साइकिल रैली तथा शाम के समय मोबाइल टॉर्च रैली जैसी गतिविधियां आयोजित की जा सकती हैं।
वेबिनार से होगी सतत मॉनिटरिंग
अभियान की नियमित समीक्षा के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा खंड शिक्षा अधिकारियों, विकासखंड स्रोत समन्वयकों, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, स्कूल प्राचार्यों एवं ग्राम प्रभारियों के साथ वेबिनार आयोजित किए जाएंगे। शिक्षार्थियों को केन्द्रों में लाने एवं महापरीक्षा में उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सप्ताह में कम से कम दो दिन समीक्षा की जाएगी।
प्रभारी मंत्री, सांसद, विधायक, कलेक्टर एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा भी सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों से शिक्षार्थियों को साक्षरता केन्द्रों में नियमित अध्ययन करने तथा 27 सितंबर की महापरीक्षा में शामिल होने के लिए अपील करने के लिए निर्देशित किया है । जिला से ग्राम स्तर तक होने वाली बैठकों में साक्षरता शपथ दिलाकर अभियान को जनभागीदारी का व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा जारी चेक लिस्ट के अनुसार सभी आवश्यक गतिविधियां आयोजित कर महापरीक्षा अभियान को सफल बनाने का प्रयास किया जाएगा।