सेवा की कहानी: राष्ट्रीय बागवानी मिशन से पुरूषोत्तम वर्मा की बदली आर्थिक स्थिति, केले की उन्नत खेती से बढ़ी आय की नई राह*
40 प्रतिशत अनुदान से मिला संबल, पारंपरिक धान के साथ अपनाई उद्यानिकी फसल*
*आधुनिक तकनीक और विभागीय मार्गदर्शन से खेती में आया बदलाव*
खैरागढ़, सितम्बर
सेवा संकल्प अभियान-2026 के तहत शासन की योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने और उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने की दिशा में राष्ट्रीय बागवानी मिशन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। योजना के माध्यम से किसानों को उन्नत उद्यानिकी फसलों के लिए अनुदान के साथ तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी योजना का लाभ लेकर विकासखंड खैरागढ़ के ग्राम साल्हेभरी निवासी कृषक पुरूषोत्तम वर्मा, पिता भकलूराम वर्मा ने पारंपरिक धान की खेती के साथ केले की उन्नत खेती को अपनाया है।
योजना से जुड़ने से पहले पुरूषोत्तम वर्मा मुख्य रूप से धान की खेती करते थे। सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण खाद, दवाई, सिंचाई और मल्चिंग जैसी आधुनिक कृषि सुविधाओं को अपनाना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। इसी दौरान उद्यानिकी विभाग के ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी के माध्यम से उन्हें राष्ट्रीय बागवानी मिशन की जानकारी मिली। योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने विभागीय मार्गदर्शन में आवेदन किया।
वर्ष 2024-25 में पुरूषोत्तम वर्मा को राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत फल क्षेत्र विस्तार घटक में केले की खेती के लिए 40 प्रतिशत अनुदान का लाभ मिला। अनुदान के साथ विभागीय तकनीकी मार्गदर्शन मिलने से उन्होंने केले की खेती शुरू की और उद्यानिकी फसल के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाने की दिशा में आगे बढ़े।
केले की खेती अपनाने से पुरूषोत्तम वर्मा को पारंपरिक खेती के साथ फसल विविधीकरण का अवसर मिला है। विभागीय मार्गदर्शन और योजना से मिले सहयोग से उन्होंने खेती को अधिक व्यवस्थित तरीके से करने तथा उद्यानिकी के माध्यम से आय के अतिरिक्त अवसर विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। उनके खेत में उद्यानिकी फसल का विस्तार खेती को नई दिशा देने के साथ आधुनिक कृषि पद्धतियों के प्रति उनका विश्वास भी बढ़ा रहा है।
राष्ट्रीय बागवानी मिशन के माध्यम से किसानों को अनुदान, तकनीकी जानकारी और विभागीय सहयोग उपलब्ध कराकर उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। सेवा संकल्प अभियान-2026 के तहत शासन की योजनाओं को किसानों तक पहुंचाने और उन्हें आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में फसल विविधीकरण तथा उद्यानिकी खेती के नए अवसर विकसित हो रहे हैं।