छत्तीसगढ़ / खैरागढ़-छुईखदान-गंडई

सेवा संकल्प अभियान के तहत नवाचारों पर मार्गदर्शन हेतु कार्यशाला आयोजित

 *सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज की प्रतियोगिता, पंजीयन और पुरस्कारों की दी गई जानकारी*

खैरागढ़, सितम्बर 2026

जिला प्रशासन के निर्देश पर सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत शासकीय पॉलीटेक्निक खैरागढ़ में शुक्रवार को प्रातः 11 बजे ‘नवाचारों पर मार्गदर्शन’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों को नवाचार, तकनीकी ज्ञान, उद्यमिता तथा विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों से परिचित कराना और नए विचारों को व्यावहारिक रूप देने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना रहा।

कार्यशाला में जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र खैरागढ़ के महाप्रबंधक एवं सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज के नोडल अधिकारी प्रणय बघेल ने प्रतियोगिता के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रतियोगिता के लिए पंजीयन प्रक्रिया, विभिन्न सेक्टर, पात्रता, चयन प्रक्रिया एवं पुरस्कारों के संबंध में प्रतिभागियों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज में पंजीयन की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर 2026 निर्धारित है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने नवाचार आधारित विचारों को प्रतियोगिता के माध्यम से प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित किया।

छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय, भिलाई के विभागाध्यक्ष एवं सहायक कुलसचिव डॉ. साजी चाको ने नवाचार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों पर व्याख्यान दिया। उन्होंने उद्योगों से जुड़ी संभावनाओं, तकनीकी नवाचार के व्यावहारिक उपयोग तथा नए विचारों को उपयोगी समाधान में बदलने की प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया।

इसी क्रम में शासकीय पॉलीटेक्निक के हितेश बरडिया, व्याख्याता ईटी एंड टी, लीलाधर वर्मा एवं जनक कुमार, व्याख्याता मेटलर्जी ने अपने-अपने विषयों से संबंधित नवाचार एवं उससे जुड़ी संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने तकनीकी ज्ञान के माध्यम से स्थानीय समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान विकसित करने के विभिन्न तरीकों पर प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।

संस्था प्रमुख एस.बी. वराठे के निर्देशन में आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को नवाचार को केवल विचार तक सीमित न रखते हुए उसे व्यावहारिक रूप देने, तकनीकी दक्षता का उपयोग करने तथा नए विचारों को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, तकनीकी दक्षता और नवाचार की भावना को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम के अंत में सुश्री अंशु प्रीति कुजूर, व्याख्याता रसायन ने आभार व्यक्त किया तथा कार्यशाला में हुए प्रमुख गतिविधियों एवं विशेषज्ञों द्वारा दिए गए मार्गदर्शन का संक्षिप्त सार प्रस्तुत किया। कार्यशाला में उपस्थित विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों ने नवाचार, उद्यमिता और सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज से संबंधित जानकारी को उपयोगी बताया।

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