छत्तीसगढ़ / सुकमा

सुकमा में बारिश के बीच प्रशासन अलर्ट मोड पर, प्रभावितों तक पहुंच रही राहत

 कलेक्टर-डीएफओ-एडिशनल एसपी ने किया प्रभावित क्षेत्रों का दौरा

बाढ़ में फंसे 850 से अधिक लोगों के लिए बने राहत शिविर, अधिकारियों ने साथ बैठकर किया भोजनप्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप और सांसद श्री महेश कश्यप ने कलेक्टर से की चर्चा

जिला प्रशासन ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 07864284012  किया जारी

सुकमा, 25 सितम्बर 2026

विगत कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर श्री अमित कुमार, डीएफओ श्री अक्षय भोंसले और एडिशनल एसपी श्री रोहित शाह ने सुबह से जलभराव एवं संवेदनशील क्षेत्रों का लगातार दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। दोनों अधिकारियों ने कलेक्ट्रेट मार्ग के पावारास रोड पर जलभराव, शबरी नदी पर स्थित झापरा पुल, रामाराम में सड़क किनारे गिरे ट्रांसफार्मर तथा बोदागुड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर पानी के तेज बहाव का निरीक्षण किया। वहीं पुलिस विभाग के अधिकारियों के द्वारा लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया जा रहा है इसके साथ ही पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। कलेक्टर ने राजस्व अमले को सतत निगरानी में तैनात रखते हुए किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। लगातार बारिश के बावजूद प्रशासन की सक्रियता, सतत निगरानी और त्वरित मैदानी कार्रवाई से जिले में राहत एवं सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास जारी हैं।
बाढ़ में फंसे 850 से अधिक प्रभावितों के लिए राहत शिविर शुरू
लगातार हो रही भारी बारिश के चलते सुकमा-कोंटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ जगहों पर पानी भर जाने से आवागमन और पहुंच मार्ग पूरी तरह बाधित हो गए हैं, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। प्रभावितों और जरूरतमंदों की मदद के लिए विभिन्न स्थानों पर राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिसमें सामुदायिक भवन कोंटा में लगभग 550, आसिरगुड़ा में करीब 220 तथा शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुकमा में 100 लोगों के लिए भोजन एवं सुरक्षित ठहरने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि बाढ़ प्रभावित हर नागरिक तक समय पर सुरक्षित आश्रय और आवश्यक सहायता पहुंचाई जा सके।
प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप और सांसद श्री महेश कश्यप ने कलेक्टर से की चर्चा
लगातार बारिश और जलभराव की स्थिति के बीच सुकमा जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद है। सुकमा जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप एवं बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने कलेक्टर श्री अमित कुमार से दूरभाष पर चर्चा कर जिले की वस्तुस्थिति की जानकारी ली। कलेक्टर ने जिले की भौगोलिक परिस्थितियों, जलभराव एवं प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि जिला प्रशासन पूरे जिले पर लगातार नजर बनाए हुए है तथा आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य तत्काल संचालित किए जा रहे हैं। कोंटा एवं सुकमा में राहत शिविर तैयार किए गए हैं, जहां जरूरतमंद लोगों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। प्रशासन की सतत निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया और मैदानी स्तर पर सक्रियता से बारिश के बीच नागरिकों की सुरक्षा एवं राहत व्यवस्था को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
जिला प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
जिले में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों की सुरक्षा के मद्देनजर एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे जलभराव और बहाव वाले क्षेत्रों, नदियों, नालों तथा पुलियों से दूर रहें और उफनते रास्तों को पार करने का जोखिम कतई न उठाएं। खतरे की स्थिति में पानी कम होने का इंतजार किए बिना तुरंत सुरक्षित व ऊंचे स्थानों पर चले जाने की सलाह दी गई है। साथ ही बिजली के खंभों व खुले तारों से दूरी बनाए रखने तथा मवेशियों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।  
नागरिकों को घर से बाहर न निकलने की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराने के बजाय आवश्यक वस्तुएं जैसे दवाएं, पीने का पानी और सूखा राशन सुरक्षित स्थान पर पहले से सहेज कर रखें। इसके अलावा, मौसम और प्रशासनिक निर्देशों की अद्यतन जानकारी के लिए नियमित रूप से मोबाइल अलर्ट्स पर नजर रखें। किसी भी आपात स्थिति या सहायता के लिए नागरिक तत्काल ग्राम पंचायत, पटवारी या राजस्व दल से संपर्क कर सकते हैं। त्वरित मदद सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 07864284012 भी जारी किया है।

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