छत्तीसगढ़ / गरियाबंद

पहले 1000 दिन पर जोर, पोषण प्रदर्शनी ने खींचा ध्यान—कुटेना में सेवा संकल्प अभियान का संदेश आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका व मितानिन सम्मानित, संतुलित आहार और बच्चों के समग्र विकास पर दी गई महत्वपूर्ण जानकारी

राधेश्याम सोनवानी, गरियाबंद,छुरा :-  सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ग्राम कुटेना के  केंद्र क्रमांक 1, 2, 3 एवं 4 में आंगन मिलन उत्सव का आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में पोषण जागरूकता, बच्चों के समग्र विकास और गर्भवती एवं शिशुवती माताओं के स्वास्थ्य को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। आयोजन के दौरान लगाई गई पोषण प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही।


कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं मितानिनों को उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया। जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने विभागीय गतिविधियों की जानकारी लेते हुए पोषण प्रदर्शनी का अवलोकन किया।


पोषण प्रदर्शनी के जरिए दिया स्वस्थ आहार का संदेश


आंगन मिलन उत्सव के दौरान विभिन्न पौष्टिक खाद्य पदार्थों की प्रदर्शनी लगाई गई। इसके माध्यम से बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं शिशुवती माताओं के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार की आवश्यकता को समझाया गया। पांच फूड ग्रुप, स्वास्थ्य एवं पोषण तथा संतुलित आहार से संबंधित जानकारी भी उपस्थित लोगों को दी गई।

प्रदर्शनी के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि परिवार के दैनिक भोजन में आवश्यक पोषक तत्वों को शामिल करना बच्चों के बेहतर शारीरिक और मानसिक विकास के लिए जरूरी है। ग्रामीणों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर पोषण संबंधी जानकारी प्राप्त की।


प्रथम 1000 दिवस को बताया विकास की नींव


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एकीकृत बाल विकास परियोजना छुरा के परियोजना अधिकारी ने सेवा संकल्प अभियान और आंगन मिलन उत्सव के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने जीवन के प्रथम 1000 दिनों को बच्चे के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि गर्भावस्था से लेकर बच्चे के शुरुआती वर्षों तक उचित पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और आवश्यक सेवाएं उसके शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास की नींव तैयार करती हैं।

उन्होंने “हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा” अभियान के साथ-साथ संतुलित आहार, पांच फूड ग्रुप और बच्चों के समग्र विकास से जुड़े विषयों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि परिवार और समुदाय की सक्रिय सहभागिता से ही बच्चों को बेहतर पोषण और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है।


कार्यकर्ताओं के योगदान को किया सम्मानित


कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं मितानिनों के कार्यों को रेखांकित करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों एवं माताओं तक स्वास्थ्य, पोषण और जागरूकता संबंधी सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

आंगन मिलन उत्सव में ग्राम पंचायत की सरपंच, पंचगण, भाजपा महिला मोर्चा एवं मंडल की महिला पदाधिकारी, हितग्राही, पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।


समुदाय की भागीदारी से मजबूत होगा पोषण अभियान


कार्यक्रम के माध्यम से जनप्रतिनिधियों, ग्रामीण समुदाय और आंगनबाड़ी केंद्रों के बीच सहभागिता को मजबूत करने पर जोर दिया गया। उपस्थित लोगों ने पोषण प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से संचालित स्वास्थ्य एवं पोषण गतिविधियों की सराहना की।

आयोजन का मुख्य संदेश यही रहा कि बच्चों के स्वस्थ भविष्य की शुरुआत घर से होती है और इसके लिए परिवार के साथ-साथ पूरे समुदाय की भागीदारी आवश्यक है। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित आंगन मिलन उत्सव ने ग्रामीणों को पोषण, स्वास्थ्य और बच्चों के शुरुआती विकास को लेकर जागरूक करने के साथ सामुदायिक सहभागिता का संदेश भी दिया।

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