पर्यावरण संरक्षण का संदेश : सेजेस दल्ली राजहरा में विद्यार्थियों ने ‘धरती मां’ को लिखे भावपूर्ण पत्र
बालोद। जिले के दल्ली राजहरा में स्वामी आत्मानंद जयंती के पावन अवसर पर स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय (सेजेस), नया बाजार, दल्ली राजहरा में एक अनूठे एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डाक विभाग, दल्ली राजहरा के सहयोग से आयोजित इस विशेष अभियान का मुख्य विषय “प्रकृति को बचाने हेतु धरती मां को पत्र” रखा गया था। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति आत्मीयता, संवेदनशीलता और पर्यावरण सुरक्षा की जिम्मेदारी की भावना को जागृत करना था।
इस रचनात्मक अभियान में विद्यालय के लगभग 450 विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह और निष्ठा के साथ हिस्सा लिया। बच्चों ने स्वयं द्वारा तैयार किए गए सुंदर, रंग-बिरंगे और आकर्षक लेटर पैड पर धरती मां को संबोधित करते हुए अपने मन के उद्गार उकेरे। पत्रों के माध्यम से छात्रों ने प्राकृतिक संसाधनों के दोहन पर चिंता जताते हुए आगामी पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, हरित और सुरक्षित पृथ्वी का संकल्प लिया। कई विद्यार्थियों ने अपने लेखों में अधिक से अधिक पौधे लगाने, जल संचयन करने, एकल-उपयोग प्लास्टिक का बहिष्कार करने और परिसर में स्वच्छता बनाए रखने का पक्का इरादा जताया।
पत्र लेखन की प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत, छात्रों द्वारा लिखे गए सभी पत्रों को विद्यालय के मिडिल विंग प्रभारी सिन्हा सर के माध्यम से मुख्य डाकघर अधिकारी को विधिवत सौंपा गया। रंग-बिरंगे पन्नों पर सजे ये पत्र पूरे कार्यक्रम में आकर्षण का केंद्र बने रहे। विद्यार्थियों की मौलिकता, भाषा-शैली और कलात्मक अभिव्यक्ति को सराहते हुए डाक विभाग, दल्ली राजहरा की ओर से 10 उत्कृष्ट विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस सम्मान से न केवल पुरस्कृत छात्र गद्गद नजर आए, बल्कि पूरे विद्यालय परिवार ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के दौरान डाक विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों — दल्ली राजहरा पोस्ट मास्टर जयप्रकाश जायसवाल, डाक सहायक दीपक पटेल तथा पोस्ट मास्टर नर्राटोला पुरोहित निषाद— ने उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं को डाक विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने डिजिटल युग में भी डाकघर की प्रासंगिकता, पत्र एवं पार्सल प्रेषण प्रक्रिया और बैंकिंग सेवाओं के बारे में जागरूक किया।
विद्यालय के प्राचार्य गोरे सर ने अपने संबोधन में पत्र लेखन की कला पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पत्र लिखना केवल संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि यह भाषा कौशल, कल्पनाशक्ति और भावनात्मक परिपक्वता को बढ़ाने का सशक्त जरिया है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर प्रकृति संरक्षण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। मुख्य डाकघर अधिकारी जयप्रकाश जायसवाल ने बच्चों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए उन्हें आगामी 'डाकघर सप्ताह' के दौरान डाकघर का प्रत्यक्ष भ्रमण करने का सहर्ष निमंत्रण दिया, ताकि वे विभागीय कामकाज को करीब से समझ सकें।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में सुश्री साक्षी साहू ने डाक विभाग दल्ली राजहरा के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक होती हैं और भविष्य में भी ऐसे सहयोगात्मक आयोजनों की उम्मीद जताई।इस अवसर पर मुख्य डाकघर अधिकारी जयप्रकाश जायसवाल, डाक सहायक दीपक पटेल, पोस्ट मास्टर पुरोहित निषाद, प्राचार्य गोरे सर, मिडिल विंग प्रभारी सिन्हा सर, सुश्री साक्षी साहू समेत शाला परिवार के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।