छत्तीसगढ़ / मुंगेली

*शासकीय प्राथमिक शाला गुनापुर में नवरात्रि उत्सवझाँकी के साथ कन्या पूजन और कन्या भोजन का आयोजन।

*शासकीय प्राथमिक शाला गुनापुर में नवरात्रि उत्सवझाँकी के साथ कन्या पूजन और कन्या भोजन का आयोजन।

*नवरात्रि पर गुनापुर प्राथमिक शाला में कन्या भोज का आयोजन, बालिकाओं का पूजन कर किया गया सम्मान*

लोरमी -नवरात्रि का पर्व शक्ति उपासना और मातृशक्ति के सम्मान का प्रतीक है। इसी अवसर पर शासकीय प्राथमिक शाला गुनापुर (संकुल केन्द्र ढोलगी) में शाला परिवार की ओर से कन्या भोज का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय की सभी बालिकाओं का विधिवत पूजन कर उन्हें देवी स्वरूप मानकर सम्मानित किया गया।

आयोजन के दौरान बालिकाओं के चरण धोकर महावर लगाया गया, फूल अर्पित किए गए और फिर उन्हें विशेष रूप से तैयार व्यंजन परोसे गए। प्रसाद स्वरूप केला, लड्डू, खीर, पूड़ी, भजिया, मीठा आदि के साथ-साथ श्रृंगार सामग्री भी प्रदान की गई। विभिन्न प्रकार के भोजन और उपहार पाकर बालिकाओं के चेहरे खिल उठे और विद्यालय का वातावरण भक्तिमय हो गया।

विद्यालय के प्रधान पाठक  रघुनाथ राठौर ने अपने संबोधन में कहा कि कन्याएँ साक्षात देवी स्वरूप होती हैं। समाज में उनका सम्मान और पूजन करना हमारी संस्कृति और परम्परा का अभिन्न अंग है। उन्होंने इस प्रकार के आयोजन को बच्चों में धार्मिक व सांस्कृतिक मूल्यों की सीख देने वाला बताया।                                इस अवसर पर विद्यालय के छात्राओं द्वारा सुंदर झांकी भी निकाला गया।जो देखते ही बन रहा था।               

इस अवसर पर  प्रधान पाठक रघुनाथ राठौर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती भगवती राठौर पुत्र यशसिंह पुत्री युशीसिह राठौर, सहायक शिक्षक  लक्ष्मण कोलाम,  श्रीमती कुमारी साहू, श्रीमती पूना बाई,  कोलम यादव आदि ने आयोजन में सहयोग प्रदान किया।                                     

ग्रामवासियों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों में संस्कार और परम्पराओं के प्रति आस्था बढ़ती है। बालिकाओं का पूजन कर उन्हें देवी स्वरूप मानने से समाज में नारी सम्मान का संदेश भी प्रबल होता है।

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