विशेष लेख : सेवा संकल्प अभियान 2026 : श्रम विभाग ने जिले के 4,736 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को 1.63 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि से किया लाभान्वित
महासमुंद 16 अक्टूबर 2026
संकट की घड़ी में जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहारा देना और उनके जीवन में नई उम्मीद जगाना ही जनकल्याणकारी योजनाओं की सार्थकता है। शासन द्वारा संचालित सेवा संकल्प अभियान 2026 इसी भावना के साथ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने, जरूरतमंदों की सहायता करने और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ बनाने का प्रयास है। इसी कड़ी में श्रम विभाग के छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के माध्यम से महासमुंद जिले के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। अभियान के अंतर्गत जिले के 4,736 हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 1 करोड़ 63 लाख 15 हजार 203 रुपये की सहायता राशि से लाभान्वित किया गया है। इन योजनाओं से जहां श्रमिक परिवारों को शिक्षा, सुरक्षा और आजीविका संबंधी जरूरतों में मदद मिल रही है, वहीं विपरीत परिस्थितियों में प्रभावित परिवारों को भी आर्थिक संबल प्राप्त हो रहा है।
जिले के ग्राम शेर निवासी स्व. श्री विनय कुमार साहू पंजीकृत निर्माण श्रमिक थे। ग्राम लभराखुर्द में निर्माणाधीन शीतला माता मंदिर की दीवारों पर पानी डालने के दौरान विद्युत तार के संपर्क में आने से एक दुर्घटना में उनका निधन हो गया। इस दुखद घटना से परिवार के सामने भावनात्मक आघात के साथ-साथ भविष्य की जिम्मेदारियों को पूरा करने की चुनौती भी खड़ी हो गई। ऐसी कठिन परिस्थिति में स्व. श्री विनय कुमार साहू की पत्नी श्रीमती नीलम साहू ने श्रम विभाग में संचालित मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत सहायता राशि प्राप्त करने के लिए आवेदन किया। विभागीय प्रक्रिया के तहत उनके आवेदन पर कार्रवाई करते हुए उत्तराधिकारी के रूप में उनकी पत्नी श्रीमती नीलम साहू को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। श्रीमती नीलम साहू ने बताया कि इस राशि का उपयोग वे अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की जरूरतों को पूरा करने और अपने अधूरे घर का निर्माण पूरा करने में करेंगी। इससे बच्चों की शिक्षा को निरंतर बनाए रखने में उन्हें मदद मिलेगी।
सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत महासमुंद जिले में श्रम विभाग द्वारा दस योजनाओं के माध्यम से 4,736 हितग्राहियों को कुल 1 करोड़ 63 लाख 15 हजार 203 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। जिसमें मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत 129 हितग्राहियों को 25 लाख 80 हजार रुपये, मुख्यमंत्री औजार सहायता योजना के तहत 357 हितग्राहियों को 12 लाख 39 हजार 203 रुपये तथा मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के तहत 663 हितग्राहियों को 11 लाख 45 हजार 500 रुपये की सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत 61 हितग्राहियों को 3 लाख 28 हजार रुपये, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के तहत 569 हितग्राहियों को 8 लाख 53 हजार 500 रुपये तथा निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत चार हितग्राहियों को कुल 2 लाख रुपये की सहायता दी गई।
इसी तरह मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत पांच मृतक श्रमिकों के उत्तराधिकारियों को कुल 5 लाख रुपये, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत 254 हितग्राहियों को 50 लाख 80 हजार रुपये तथा मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत 24 हितग्राहियों को 4 लाख 80 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। साथ ही श्रमिकों के बच्चों के लिए निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक-कॉपी सहायता राशि योजना के अंतर्गत 2,670 हितग्राहियों को 39 लाख 9 हजार रुपये की सहायता दी गई।