छत्तीसगढ़ / गरियाबंद

सभी पंचायतों को सहकारी समितियों से जोड़ने करें आवश्यक कार्यवाही : कलेक्टर

कलेक्टर ने समय सीमा की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

गरियाबंद। जिले के ग्राम पंचायतों को सहकारी समितियों से जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से ग्रामीणों को आजीविका मूलक गतिविधियां संचालित करने का अवसर प्राप्त होगा। हर गांव के समिति से जुड़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी। साथ ही गांव में स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसी तारतम्य में कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने समय-सीमा की समीक्षा बैठक में महत्वपूर्ण निर्देश दिये। उन्होंने मछलीपालन, पशुपालन विभाग अंतर्गत किसानों के समितियां गठित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने सहकारिता विभाग से समन्वय कर सभी गांवों में सहकारी समितियों का गठन करने की आवश्यक कार्यवाही तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर श्री अग्रवाल ने स्कूली बच्चों के आय, जाति, एवं मूल निवास प्रमाण पत्र निर्माण के अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने छात्रवृत्ति एवं अन्य शासकीय सेवाओं के लिए आवश्यक जाति-मूल निवास प्रमाण पत्र सभी स्कूली बच्चों के बनवाने के निर्देश दिये। पूर्व में भी कलेक्टर द्वारा स्कूली बच्चों के सर्वे कर छुटे हुए बच्चों का प्रमाण पत्र बनवाने के निर्देश दिये गए थे। इस कार्य में लापरवाही बरतने एवं आवश्यक प्रगति परिलक्षित नहीं होने पर कलेक्टर ने गरियाबंद बीईओ आर.पी. दास एवं छुरा बीईओ किशुन मतावले पर गहरी नाराजगी जताई। कलेक्टर ने इस संबंध में दोनों बीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिए। साथ ही कार्य में प्रगति लाते हुए तेजी से प्रमाण पत्र बनाने के कार्य को पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकरियों को भी प्रमाण पत्र बनाने के कार्य की मॉनिटरिंग करते हुए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इस दौरान बैठक में वनमण्डलाधिकारी लक्ष्मण सिंह, जिला पंचायत सीईओ रीता यादव, अपर कलेक्टर अरविंद पाण्डेय, संयुक्त कलेक्टर नवीन भगत, सभी एसडीएम, जनपद सीईओ सहित अन्य जिला अधिकारी उपस्थित थे।

समय-सीमा की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने विभागों में चल रहे कार्यो की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए तेजी से निराकरण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि वन अधिकार पट्टा के लिए प्राप्त आवेदनों का पात्रता परीक्षण कर तेजी से निराकृत करे। हितग्राहीमूलक प्रकरणों को अनावश्यक लंबित न रखे। कलेक्टर ने जिले में पीएम पोषण अभियान अंतर्गत चलाए जा रहे न्यौता भोज कार्यक्रम की भी जानकारी ली। उन्होंने स्कूली बच्चों को पोषण आहार प्रदान करने के लिए सभी जिला अधिकारियों को स्कूलों का चयन कर न्यौता भोज कार्यक्रम आयोजित करने में सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने प्रत्येक विकासखण्ड के पांच-पांच गांवों में विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं को प्रारंभिक रूप से सेचुरेट करने के उद्देश्य से सर्वे कराकर कैम्प लगाने की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। साथ ही सेचुरेशन का ऑनलाइन एन्ट्री भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने आगामी धान खरीदी की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने शासन द्वारा धान खरीदी की प्रक्रिया संपादित करने के लिए बनाये गये धान खरीदी एप्प के संचालन के लिए कर्मियों की ड्यूटी सुनिश्चित कर आवश्यक ट्रेनिंग देने के भी निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को इसकी मॉनिटरिंग भी करते रहने को कहा।

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