संस्कृति

Rama Ekadashi के दिन इन गलतियों से जीवन में आएंगी कई परेशानियां, जानें क्या करें और क्या न करें?

नई दिल्ली। कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर भगवान विष्णु और धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही उनके निमित्त व्रत रखा जाता है। इस शुभ अवसर पर जातक श्री हरि की विशेष उपासना करते हैं। साथ ही कीर्तन-भजन कर दिनभर प्रभु की शरण में रहते हैं। धार्मिक मान्यता है कि एकादशी व्रत करने से साधक को शुभ फल की प्राप्ति होती है और जीवन में खुशियों का आगमन होता है। ऐसा माना जाता है कि इस तिथि पर कुछ गलतियों को करने साधक को जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है और भगवान विष्णु नाराज हो सकते हैं। ऐसे में आइए इस जानते हैं कि रमा एकादशी के दिन क्या करें और क्या न करें?

रमा एकादशी के दिन क्या करें

एकादशी व्रत सच्चे मन से करना चाहिए।

श्रद्धा अनुसार विशेष चीजों का दान करना उत्तम माना जाता है।

भगवान विष्णु को फल और मिठाई समेत प्रिय भोग अर्पित करने चाहिए।

प्रभु के भोग में तुलसी के पत्ते जरूर शामिल करें।

व्रत का पारण अगले दिन यानी द्वादशी तिथि में करना चाहिए।

भजन-कीर्तन करना चाहिए।

तुलसी माता की पूजा करें।

मंदिर की विशेष सफाई करें।

रमा एकादशी के दिन क्या न करें

रमा एकादशी के दिन चावल का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए।

इसके अलावा तामसिक चीजों के सेवन से दूर रहना चाहिए।

किसी से वाद विवाद न करें।

सुबह की पूजा के बाद दिन में सोना वर्जित है।

बड़े बुर्जुगों और महिलाओं का अपमान न करें।

धन की बर्बादी करने से बचना चाहिए।

पशु-पक्षी को परेशान नहीं करना चाहिए।

एकादशी के दिन तुलसी दल तोड़ना वर्जित है।

घर और मंदिर को गंदा न रखें।

रमा एकादशी 2024 डेट और टाइम

पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर रमा एकादशी व्रत किया जाता है। इस तिथि की शुरुआत 27 अक्टूबर को सुबह 05 बजकर 23 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 28 अक्टूबर को सुबह 07 बजकर 50 मिनट पर होगा। ऐसे में 27 अक्टूबर को रमा एकादशी व्रत किया जाएगा। एकादशी व्रत पारण करने का मुहूर्त इस प्रकार है-

रमा एकादशी व्रत का पारण 28 अक्टूबर को सुबह 06 बजकर 31 मिनट से लेकर 08 बजकर 44 मिनट तक है।

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