मध्य प्रदेश
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना-2023 का अनुमोदन
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में निवास कार्यालय समत्व भवन में मंत्रि- परिषद की वर्चुअल बैठक हुई। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में महिलाओं के सर्वांगीण विकास, आर्थिक स्वालम्बन, स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सतत् सुधार को बनाए रखने एवं महिलाओं की परिवार में निर्णय की भूमिका सुदृढ़ किए जाने के लिए "मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना-2023" का अनुमोदन किया।योजना में समय-सीमा में स्वीकृति दिए जाने का प्रावधान रखा गया है।
प्रदेश की 23 से 60 वर्ष आयु के मध्य की विवाहित महिलाओं को योजना के लाभ की पात्रता होगी। प्रत्येक पात्र महिला को उसकी पात्रता अवधि में 1000 रूपये प्रतिमाह के मान से राशि सीधे उसके आधार लिंक्ड बैंक खाते में जमा की जायेगी। किसी परिवार की 60 वर्ष से कम आयु की महिला को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में प्रतिमाह 1000 रूपये से कम जितनी राशि प्राप्त हो रही होगी, तो उस महिला को वह राशि प्रदाय कर 1000 रूपये तक राशि की पूर्ति करने का योजना में प्रावधान किया गया है।
योजना में समस्त आवेदन नि:शुल्क ऑनलाइन प्राप्त किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त हितग्राही यदि स्वयं उपस्थित होकर "आवेदन के लिए आवश्यक जानकारी का प्रपत्र" देती है तो उसकी भी प्रविष्टी ऑनलाइन पोर्टल पर करने की व्यवस्था की गई है।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में योजना अंतर्गत लगभग एक करोड़ महिला हितग्राहियों को 1000 रूपये प्रतिमाह के मान से राशि खाते में जमा की जाएगी।
मध्यप्रदेश उद्योगों की स्थापना एवं परिचालन का सरलीकरण अधिनियम, 2023
मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश उद्योगों की स्थापना एवं परिचालन का सरलीकरण अध्यादेश, 2023 के स्थान पर मध्यप्रदेश उद्योगों की स्थापना एवं परिचालन का सरलीकरण अधिनियम, 2023 को प्रतिस्थापित किए जाने के संदर्भ में निर्णय लिया।
औद्योगिक उपक्रम या औद्योगिक इकाई द्वारा निवेश आशय प्रस्ताव का आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से निर्धारित प्रारूप में नोडल एजेन्सी को किया जाएगा। नोडल एजेन्सी द्वारा पूर्ण प्राप्त निवेश आशय प्रस्ताव की अभिस्वीकृति निर्धारित प्रारूप में जारी की जाएगी। एमपी इंडस्ट्रियल डेव्हलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड भोपाल को नोडल एजेन्सी नामांकित किया गया है, जो अभिस्वीकृति प्रमाण-पत्र जारी करेगी। औद्योगिक उपक्रम या औद्योगिक इकाई द्वारा अधिसूचित क्षेत्रों में उद्योग स्थापना के संबंध में प्राप्त की जाने वाली विनिर्दिष्ट सेवा, अनुमति, अभिस्वीकृति प्रमाण पत्र प्राप्ति दिनांक से 3 साल अथवा औद्योगिक उपक्रम या औद्योगिक इकाई के व्यवसायिक गतिविधि संचालन प्रारंभ किए जाने तक जो भी पहले हो, उन्मुक्त रहेगा। उक्त अवधि समाप्त होने के 6 माह के अंदर आवश्यक अनुमतियाँ, सम्मतियाँ प्राप्त करेगा। जारी अभिस्वीकृति प्रमाण-पत्र की वैधता अवधि में कोई सक्षम प्राधिकारी अधिनियम में वर्णित अनुमतियों के संबंध में निरीक्षण नहीं कर सकेगा। इस अधिनियम में राज्य के पास अधिसूचित क्षेत्रों का चयन करने के प्रावधान होंगे जहाँ यह अधिनियम लागू किया जाएगा। इकाई के प्रारंभ होने के पूर्व इकाई द्वारा आवेदन किए जाने पर संबंधित विभाग अथवा एजेंसी द्वारा आवश्यक होने पर निरीक्षण कर अनुमति एवं सहमति दी जा सकेगी। राज्य सरकार अधिसूचना के माध्यम से राज्य स्तरीय साधिकार समिति का गठन कर सकेगी। समिति सक्षम प्राधिकारी एवं औद्योगिक उपक्रमों के साथ समन्वय कर विवाद का मैत्रीपूर्ण हल निकालेगी।
ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण संशोधन विधेयक-2023
केन्द्र तथा राज्य सरकार के द्वारा अधिनियमित विभिन्न अधिनियमों में संबंधित विभाग के सक्षम प्राधिकारियों के द्वारा कार्यवाही की जाती है। इन अधिनियमों के प्रावधानों को decriminalize करने की आवश्कता है। राज्य शासन के कई विभागों द्वारा उनके प्रशासित अधिनियमों तथा नियमों को decriminalize करने की कार्यवाही की जा रही है। इसी अनुक्रम में मंत्रि-परिषद ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा प्रशासित अधिनियम "ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण अधिनियम-1996" की धारा 12 के अंत में उल्लेखित प्रावधान को संशोधित कर, प्रतिस्थापित किए जाने के लिए ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण (संशोधन) विधेयक 2023 का अनुमोदन किया। मंत्रि-परिषद ने विधेयक को विधानसभा में प्रस्तुत कर पारित कराने की समस्त कार्यवाही किए जाने के लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग को अधिकृत किया है।
महिदपुर में 23 फरवरी को राज्य-स्तरीय रोजगार मेला
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि महिदपुर जिला उज्जैन में 23 फरवरी को रोजगार दिवस का राज्य स्तरीय कार्यक्रम होगा। साथ ही विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण होगा। कार्यक्रम स्थल पर अधिकाधिक संख्या में लोग पहुँचे, बहनें भी बड़ी संख्या में जुड़ें। कार्यक्रम में लाड़ली बहना योजना की जानकारी दी जाएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान रोजगार मेले की तैयारियों की वीडियो कॉफ्रेंस से जानकारी ले रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कार्यक्रम बेहतर और व्यवस्थित हो। सभी जिला मुख्यालय पर भी रोजगार दिवस के कार्यक्रम होंगे। प्रदेश में इस दिन 678 करोड़ रूपए के विकास कार्यों के शिलान्यास एवं उद्घाटन होंगे और प्रदर्शनी एवं स्टाल्स लगेंगे। पेयजल योजना के उद्घाटन से 244 ग्राम लाभान्वित होंगे। योजनाओं के हितलाभ भी वितरित होंगे।
करवा चौथ पर आज इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रायपुर और बिलासपुर में कब होगा चंद्रोदय
इंदौर। सुहागिनों ने अखंड सौभाग्य के लिए आज करवा चौथ का निर्जला रखा है। व्रत पर उच्च का चंद्रमा और रोहिणी नक्षत्र का मंगलकारी संयोग बन रहा है। ज्योतिर्विद् कान्हा जोशी के अनुसार कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 20 अक्टूबर को सुबह 6:46 बजे से 21 अक्टूबर को सुबह 4:16 बजे तक रहेगी। रोहिणी नक्षत्र सुबह 8:31 बजे से लग गया है।
करवा चौथ पूजन मुहूर्त
चौथ पूजन का मुहूर्त शाम 5:46 से 7:02 बजे तक रहेगा। ज्योतिर्विद् श्रीकांत पोपळेकर के अनुसार इस दिन विवाहित महिलाएं भगवान शिव, माता पार्वती और कार्तिकेय के साथ-साथ भगवान गणेश की पूजा करती हैं और अपने व्रत को चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य अर्पण करने के बाद पूर्ण करती हैं। इस व्रत में अन्न-जल ग्रहण बिना सूर्योदय से रात में चंद्र दर्शन तक किया जाता है।
इंदौर में 7:54 बजे होगा चंद्रोदय
सुबह 6:25 से रात 7:54 बजे तक 13 घंटे 29 मिनट व्रत का समय रहेगा। इंदौर में चंद्रोदय रात 7:54 बजे होगा। मध्य प्रदेश के शहरों में इस अवसर पर सामूहिक करवा पूजन के आयोजन भी होंगे। श्री वैष्णोधाम में महोत्सव बिचौली मर्दाना मुख्य मार्ग इंदौर स्थित श्री वैष्णोधाम में सामूहिक करवा चौथ महोत्सव आयोजित किया जाएगा। शाम सात बजे तक सांस्कृतिक गतिविधियां होंगी। इसके बाद 1001 महिलाएं सामूहिक करवा पूजन करेंगी।
मध्य प्रदेश में शहरों में इस समय होगा चंद्रोदय
भोपाल - 8.08 बजे
जबलपुर – 7.58 बजे
ग्वालियर – 7.57 बजे
रायपुर - 7.55 बजे
बिलासपुर - 7.51 बजे
रतलाम - 8. 17 बजे
उज्जैन - 8.04 बजे
खंडवा - 8.16 बजे
खरगोन - 8.21 बजे
रीवा - 7. 48 बजे
सतना - 7.50 बजे
कटनी -7.54 बजे
करवा चौथ पर गजकेसरी योग
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की करवा चौथ रविवार को गजकेसरी योग में आ रही है। खास बात यह भी है कि इस दिन ग्रह गोचर में कई प्रमुख ग्रह अपनी श्रेष्ठ स्थिति में रहेंगे। इस प्रकार के योग, नक्षत्र में अखंड सौभाग्य की कामना से चंद्र दर्शन व चौथ माता का पूजन शुभ फल प्रदान करने वाला माना गया है।
करवा चौथ पर पार्टनर को दीजिए करवा चौथ की बधाई, रिश्तों में घुल जाएगी मिठास
इंदौर। 20 अक्टूबर को पूरे देश में करवा चौथ का व्रत मनाया जाएगा, जिसमें विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। यह प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। इस दिन पार्टनर एक-दूसरे को खूबसूरत मैसेज के माध्यम से बधाई भी देते हैं।
इंदौर में पर्स लुटेरों से भिड़ गई महिला, स्कूटर से टक्कर मारकर दबोच लिया
इंदौर। बाइक सवार दो लुटेरों ने एक महिला की हिम्मत के आगे घुटने टेक दिए। पर्स लूट कर भागे इन बदमाशों को महिला ने स्कूटर से टक्कर मार कर जमीन पर गिरा दिया। मौका देख भीड़ भी आ गई और जमकर पिटाई कर दी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि महिला ने कोर्ट और पुलिस के कारण रिपोर्ट लिखवाने से इन्कार कर दिया।
घटना एरोड्रम थाना अंतर्गत छोटा बांगड़दा क्षेत्र की है। निपानिया निवासी किरण बेटी के साथ अरिहंत नगर आई थी। वह स्कूटर से घर जाने के लिए निकली थी कि बाइक पर आए दो बदमाशों ने उसका पर्स छीन लिया। महिला ने हिम्मत नहीं हारी और आवाज लगाते हुए आरोपितों का पीछा करना शुरू कर दिया।
बदमाश गोकुलधाम कॉलोनी के आगे पेट्रोल पंप की तरफ भागे लेकिन महिला ने स्कूटर से टक्कर मार कर दोनों को गिरा दिया। लोगों ने भी मदद की और दोनों को दबोच लिया। पुलिसकर्मी आए उसके पहले पिटाई भी कर डाली। टीआइ राजेश साहू के मुताबिक आरोपितों के पास से पर्स भी मिल गया। महिला ने लिखित आवेदन देकर कहा कि वह रिपोर्ट नहीं लिखवाना चाहती है। पुलिस दोनों का आपराधिक रिकॉर्ड जांच रही है।
जूनी इंदौर पुलिस ने गैंगस्टर सतीश भाऊ के साथी गब्बर चिकना को गिरफ्तार कर लिया है। करीब 20 आपराधिक प्रकरणों में शामिल गब्बर के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की गई है। एडिशनल डीसीपी जोन-4 आनंद यादव के मुताबिक रावजी बाजार थाना क्षेत्र के गुंडे गब्बर के विरुद्ध सदर बाजार थाने में हाल में अपहरण का केस दर्ज हुआ था।
खराब जीवन शैली कम उम्र में बना रही आस्टियोपोरोसिस रोग का शिकार
ग्वालियर।आस्टियोपोरोसिस शरीर में हड्डियों को कमजोर बना रहा है। इस रोग के शिकार एक हजार बिस्तर अस्पताल के हड्डी रोग विभाग की ओपीडी में पहुंच रहे हैं। चिकित्सक का कहना है कि ओपीडी में आने वाले कुल मरीजों में आस्टियोपोरोसिस पीड़ितों की संख्या 10 से 15 प्रतिशत है। उम्र बढ़ने के साथ इस रोग के होने की आशंका हर व्यक्ति में होती है। लेकिन खराब जीवन शैली, युवाओं में बढ़ता धूम्रपान, मोटापा सहित दूसरे कारणों से युवाओं में यह समस्याएं देखने को मिल रही है।
30 साल के बाद हर व्यक्ति की हड्डियों की मजबूती में कमी आनी शुरू हो जाती है, लेकिन नियमित व्यायाम करने वाले, उचित आहार लेने वाले सहित अन्य में गिरावट की गति काफी कम होती है। ऐसे में इन लोगों में समस्या काफी देर में दिखाई देती है।
50 से ज्यादा उम्र के लोग इस रोग के शिकार सबसे ज्यादा होते हैं। महिलाओं में 45 साल के बाद और पुरूषों में 60 साल के बाद आस्टियोपोरोसिस होने की आशंका सबसे ज्यादा रहती है। लेकिन बदलती जीवन शैली के कारण रोग होने की उम्र घट रही है।
हर रोज 20-25 मरीज पहुंचते हैं इलाज के लिए
आर्थोपेडिक विभाग की ओपीडी में अगर 200 मरीज इलाज करवाने आते हैं, तो इनमें 20 से 25 लोगों में आस्टियोपोरोसिस रहता है। इस रोग के होने का कोई लक्षण नहीं दिखते। इसका पता ही फ्रैक्चर या जांच के बाद चलता है। चिकित्सक कहते है कि यदि समय रहते ही हडिड़यों को कमजोर होने से रोका जाए तो लंबे समय तक इस समस्या को रोका जा सकता है।
यह रोग इस हिस्से पर करता है हमला
आस्टियोपोरोसिस से कूल्हे, जांघ और रीढ़ की हड्डी तेजी से कमजोर होती है। इन जगहों की हड्डियों में खून ज्यादा रहता है। यह सबसे मजबूत हड्डी मानी जाती है। यदि यह टूटती है तो मरीज में मृत्युदर होने की आशंका भी बढ़ जाती है।
विकास यात्रा से जनोन्मुखी प्रशासन और जन-कल्याण सुनिश्चित करें
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि विकास यात्राओं के माध्यम से जनोन्मुखी प्रशासन के साथ अधिक से अधिक जन-कल्याण के कार्य सुनिश्चित करें। सेवा हमारा धर्म है। नागरिकों से संवाद हो और विभिन्न योजनाओं का लाभ उन्हें मिले, हम इसके लिए ही हैं। पूरी गंभीरता के साथ जनता की बेहतर सेवा होना चाहिए। सीएम जन-सेवा मित्रों और योजनाओं का क्रियान्वयन जानने के लिए जिन सीएम फैलोज को जिलों में दायित्व दिया गया है, उन्हें भी विकास यात्रा से सक्रिय रूप से जुड़ना है। मुख्यमंत्री श्री चौहान 12 फरवरी को सीएम फैलोज से चर्चा कर विकास यात्राओं के संबंध में फीड बैक प्राप्त करेंगे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान आज समत्व भवन से वीडियो कांफ्रेंस से विभिन्न जिलों में विकास यात्राओं के माध्यम से विभिन्न नवाचारों और जन-कल्याण की गतिविधियों की जनकारी ले रहे थे। उन्होंने आज टीकमगढ़, देवास, कटनी, शिवपुरी, राजगढ़, मुरैना, सिवनी, इंदौर, पन्ना, अनूपपुर, नरसिंहपुर, अशोक नगर, रायसेन, छिन्दवाड़ा, नीमच,रतलाम, विदिशा और मंदसौर जिलों के जन-प्रतिनिधियों से संवाद किया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि विकास यात्रा 5 फरवरी से प्रारंभ हुई हैं। जिलों में हो रहे नवाचार प्रशंसनीय हैं। मुख्यमंत्री ने बेसहारा बच्चों की मदद के लिए अशोक नगर में की गई पहल के लिए प्रशासन के अधिकारियों और जन-प्रतिनिधियों को बधाई दी।
विकास यात्रा एक महायज्ञ, जिलों में हो रहे नवाचार
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि विकास यात्रा महायज्ञ के रूप में परिवर्तित हो गई है। यह सिर्फ कर्मकाण्ड न होकर जनता की जिंदगी बदलने की कोशिश है। बैठक में बताया गया कि विकास यात्राओं में अनेक नवाचार हुए हैं। भोपाल जिले में स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं। सफाई कर्मियों का सम्मान किया गया है। इंदौर में जन-भागीदारी से आँगनवाड़ियों को समृद्ध किया जा रहा है। रीवा में निशक्त जन-कल्याण, दिव्यांग व्यक्तियों को मोटराइज्ड ट्रायसिकल, रायसेन में अंकुर अभियान, देवास में विकास की दीवार, हरदा में जल संरक्षण, मुरैना में स्व-सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों से जोड़ने, दतिया में नल जल योजनाओं के संचालन, प्रत्येक ग्राम में विकास प्रवक्ता बनाने, सीधी जिले में अच्छा सामाजिक कार्य करने वालों को ग्राम रत्न सम्मान, उज्जैन में सैनिकों और उनके परिजनों का सम्मान, नरसिंहपुर में आयुष्मान कार्ड बनाने और एनीमिया मुक्ति के अभियान, मंडला में विकास उपवन, राजगढ़ जिले में हितग्राहियों को जन-अधिकार पत्र देने, श्योपुर जिले में ग्रामों में चीता स्वागत रैली और वनों की रक्षा के लिए कुल्हाड़ी त्यागो अभियान, सीहोर में प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और जीवन ज्योति योजना के बेहतर क्रियान्वयन, झाबुआ में कुपोषित बच्चों को स्वास्थ्य परीक्षण और पोषण का लाभ देने, अशोक नगर में बस में लाइब्रेरी प्रारंभ करने, नीमच में नुक्कड़ नाटक से नशा मुक्ति का संदेश, कटनी में फाइलेरिया उन्मूलन और निवाड़ी में पशुपालन के लिए अनुदान और उपचार सहायता के नवाचार किए गए हैं।
इंदौर की साख ने बनाया शहर को एक ब्रांड
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि स्वच्छता के क्षेत्र में देश में निरंतर 6 बार प्रथम आने वाले इंदौर ने अब ग्रीन ब्रांड के माध्यम से नई उपलब्धि अर्जित की है। इंदौर के ग्रीन ब्रांड को आमजन और निवेशकों ने हाथों-हाथ लेते हुए कुछ घंटे में ही नंबर-वन बना दिया। इस तरह इंदौर शहर एक ब्रांड बन चुका है। इस उपलब्धि के पीछे इंदौर की साख प्रमुख आधार है। न सिर्फ इंदौर के नागरिक बल्कि मध्यप्रदेश के सभी नागरिक यह गर्व कर सकते हैं कि प्रदेश के किसी नगरीय निकाय ने देश के प्रथम ग्रीन पब्लिक ब्रांड के माध्यम से इस क्षेत्र में ऊँचाइयों को छुआ है।
उल्लेखनीय है कि इंदौर नगर निगम द्वारा सौर ऊर्जा क्षेत्र में संयंत्र स्थापना के लिए शुक्रवार को जारी ग्रीन ब्रांड इश्यू के लिए सिर्फ दो घंटे की अवधि में 300 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव सामने आए। बाजार बंद होने तक यह राशि करीब 650 करोड़ रूपए हो गई। ओवर सब्सक्राइब की इस स्थिति को आर्थिक क्षेत्र के विशेषज्ञों ने विशेष उपलब्धि माना है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान करेंगे "मामा जी लाइव" में भांजे- भांजियों से संवाद
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान विभिन्न कार्यक्रमों के साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से युवा वर्ग से उत्साह के साथ जुड़ते हैं। वे युवाओं को एक शिक्षक के रूप में मार्गदर्शन भी प्रदान करते हैं। इस क्रम में मुख्यमंत्री श्री चौहान शुक्रवार, 10 फरवरी को इंस्टाग्राम द्वारा भांजे- भांजियों से लाइव संवाद करेंगे। इस कार्यक्रम का नाम "मामा जी लाइव" है। यह लाइव कार्यक्रम प्रातः 10 बजे से समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास से होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान के इंस्टाग्राम पेज के लिंक https://www.instagram.com/chouhanshivrajsingh/ से लाइव जुड़ सकते हैं।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से राज्यपाल श्री पटेल ने की सौजन्य भेंट
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने बुधवार को दिल्ली प्रवास के दौरान संसद भवन में सौजन्य भेंट की। राज्यपाल श्री पटेल ने प्रधानमंत्री से प्रदेश में सिकल सेल मिशन सहित प्रदेश से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
राज्यपाल श्री पटेल ने संसद भवन में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री मनसुख मांडविया से भी सौजन्य भेंट की। उन्होंने राज्यसभा सांसद और श्री जेपी नड्डा से भी मुलाकात की।
मध्यप्रदेश की प्राथमिकताओं के दृष्टिगत तैयार होगा बजट - मुख्यमंत्री श्री चौहान
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि विशेषज्ञों द्वारा दिए गए सुझावों को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश का बेहतर बजट बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्राथमिकताओं को देखते हुए राज्य का बजट तैयार करेंगे। बजट में विकास और जन-कल्याण पर जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान मंत्रालय में केन्द्रीय बजट 2023-24 की विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा और प्रदेश का बजट तैयार करने संबंधी प्रस्तुतिकरण पर संबोधित कर रहे थे। मंत्रि-परिषद के सदस्य श्री विश्वास सारंग, सुश्री उषा ठाकुर, श्री ओपीएस भदौरिया, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।दउ मंत्रि-परिषद के अन्य सदस्य वर्चुअली जुड़े।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश की अर्थ-व्यवस्था को सुदृढ़ करने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने विशेषज्ञों को प्रदेश के बजट के लिए सुझाव देने के लिए धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से प्रगति कर रहा है। कृषि के साथ अन्य क्षेत्रों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। केन्द्रीय बजट की देश में सराहना हुई है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि भारत सरकार से बजट में मिली राशि का प्रदेश में बेहतर उपयोग किया जाएगा। संबंधित विभागों द्वारा विशेषज्ञों के सुझाव का ध्यान रखा जाये। ग्रामीणों को गाँव में ही रोजगार दिलाने की हमारी प्राथमिकता है। इस साल 48 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि अधो-संरचना विकास पर खर्च की जाएगी। इसके लिए ग्रामीणों और युवाओं को प्रशिक्षित करेंगे। सहरिया, बैगा, भारिया जनजाति की बहनों के खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपए अंतरित करने से कुपोषण दूर करने के प्रयासों में सफलता मिली है। महिला पंचायत में मिले सुझावों को लागू किया गया है। भारत सरकार के बजट में प्रावधानों का अधिकतम लाभ उठाने की हमारी कोशिश रहेगी। सभी विभाग इस पर वर्कआउट शुरु करें। प्रदेश का बजट प्रधानमंत्री जी के संकल्पों को पूरा करने वाला होगा। आगामी बजट मूल आवश्यकताओं को पूरा करने वाला और प्रदेश को ऊँचाइयों पर ले जाने वाला होगा।
प्रो. सचिन चतुवेर्दी ने कहा कि प्रदेश के आगामी बजट को बनाने में केन्द्रीय बजट 2023-24 पर अर्थशास्त्रियों द्वारा विशेष समीक्षा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश दूरदर्शिता के साथ बजट में प्रावधान करेगा। मध्यप्रदेश में लगातार प्रगति हो रही है। भारत सरकार ने मत्स्य-पालन को बजट में प्राथमिकता दी है। मध्यप्रदेश के बजट में भी इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए। शहरों के विकास, कृषि एवं ग्रामीण आदि बिन्दुओं पर प्रस्तुतिकरण दिया गया।
डॉ. एन.आर. भानुमूर्ति, कुलपति, डॉ. अम्बेडकर स्कूल ऑफ इकॉनोमिक्स बैंगलुरु, डॉ. अजीत रानाडे अध्यक्ष और मुख्य अर्थशास्त्री आदित्य बिड़ला समूह, प्रो. शामिका रवि पूर्व सदस्य प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद और प्रो. सचिन चतुवेर्दी उपाध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान ने प्रस्तुतिकरण दिया। विशेषज्ञों द्वारा लघु उद्योगों को बढ़ावा, मनरेगा के लिए प्रावधान, रोजगार बढ़ाने, प्रोत्साहन राशि, वित्तीय घाटा कम करने, प्राइवेट सेक्टर का इन्वेस्टमेंट बढ़ाने, स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार, महिलाओं और बच्चों का पोषण के लिए विशेष इंतजाम करने के सुझाव दिए गए।
संत रविदास ने समाज को जाति-पांति से ऊपर उठने प्रेरित किया: राज्यपाल
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल आज दोपहर निवाड़ी जिले के प्रवास के दौरान शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पृथ्वीपुर में संत रविदास जयंती समारोह में शामिल हुये। राज्यपाल श्री पटेल ने अतिथियों के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर संत रविदास के चित्र पर माल्यापर्ण किया। कन्या-पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास ने समाज को जाति-पांति से ऊपर उठने के लिये प्रेरित किया। उन्होंने जो कार्य किये वे अविस्मरणीय हैं। उनको याद करना समाज और मानव के लिये आवश्यक है। उन्होंने सच्चे भाव से सत्य के मार्ग पर चल कर नये समाज की राह बतायी। उन्होंने समाज में ऊँच-नीच का भेद मिटाया। राज्यपाल ने कहा कि महापुरूषों के जीवन चरित्र से जो प्रेरणा मिलती है वह एक दिन के लिये नहीं बल्कि पूरे जीवन के लिये है। उन्होंने कहा कि समाज में जो भी अच्छे कार्य करें उसे आवश्यक रूप से सम्मान दें तथा समाज में कमजोर वर्ग के लोगों के प्रति संवेदनशील रहें।
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी समाज उत्थान के काम में लगे हुए हैं। सबसे पहले गुजरात के सीएम रहते उन्होंने बेटी बचाओ और महिला सशक्तिकरण का अभियान प्रारम्भ किया था। उन्होंने कहा कि आत्म-निर्भर भारत के लिए केन्द्र और राज्य की सरकारों ने अनेकों योजनाएँ चलाई हैं। राज्यपाल ने विद्यार्थियों का आहवान किया कि वे खूब पढे़-लिखें और आगे बढ़ें तथा अपना और अपने परिवार तथा समाज का नाम रोशन करें। जहाँ भी रहे अपने माता-पिता को न भूलें। राज्यपाल श्री पटेल ने लाड़ली लक्ष्मी योजना सहित अन्य हितग्राही मूलक योजनाओं में हितलाभ वितरित किये।
विधायक डॉ. शिशुपाल सिंह यादव ने पृथ्वीपुर विधानसभा क्षेत्र में किये जा रहे विकास कार्यों से अवगत कराया। उपाध्यक्ष म.प्र. राज्य पशुधन एवं कुक्कट विकास निगम श्री नंदराम कुशवाहा ने आभार माना.
महिलाओं के प्रति भेदभाव के नजरिए में बदलाव के लिए चिकित्सक आगे आएँ : राज्यपाल श्री पटेल
चिकित्सा सेवाओं की पहुँच बढ़ाने में चिकित्सक संगठन करें सहयोग
इंडियन सोसाइटी ऑफ़ असिस्टेड रिप्रोडक्शन की 27वीं वार्षिक कॉन्फ्रेंस हुई
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने चिकित्सकों से कहा है कि महिलाओं के प्रति भेदभाव के समाज के नज़रिए में बदलाव के प्रयास में सहयोग करें। इनफर्टिलिटी की समस्या के लिए महिलाओं को दोषी मानने की भ्रामक अवधारणा का खंडन आगे बढ़ कर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज के वंचित, पिछड़े समुदाय और क्षेत्रों तक समान चिकित्सा सुविधाएँ पहुँचाने के प्रयास में चिकित्सक संगठनों का सहयोग ज़रूरी है। चिकित्सक संगठन समाज की सेवा भावना के साथ समर्पित प्रयासों से समाज के वंचित क्षेत्र और समुदाय में चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। राज्यपाल श्री पटेल आज इंडियन सोसाइटी ऑफ़ असिस्टेड रिप्रोडक्शन की 27वीं वार्षिक कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में केबिनेट की प्रथम बैठक का पहला एजेंडा 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' रखा था। उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण के नए वातावरण का निर्माण किया है। आवश्यकता उनके प्रयासों में सहयोग देने की है। राज्यपाल ने गरीब एवं ज़रूरतमंद निःसंतान दम्पत्तियों की सहायता, परिवार कल्याण और प्रजनन विज्ञान के विभिन्न पहलुओं पर अध्ययन के लिए सभी मेडिकल विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और सामाजिक संस्थाओं के साथ मिल कर कार्य करने के लिए आई.एस.ए.आर. के प्रयासों की सराहना की।
फेडरेशन ऑफ ऑब्स्टेट्रिक एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटीज ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. ऋषिकेष पई ने कहा कि स्वस्थ नारी, सुखी नारी के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के एकीकरण, समानता और तकनीकी गतिशीलता के प्रयास की ज़रुरत है। इंडियन सोसाइटी ऑफ़ असिस्टेड रिप्रोडक्शन की अध्यक्ष डॉ नंदिता पलशेटकर ने कहा कि संतान हर व्यक्ति का अधिकार है। संतान की ख़ुशी देने के लिए मानवता की सेवा के जज्बे के साथ प्रयास ज़रूरी हैं। संस्था की सचिव डॉ. सुजाता कर ने संस्था की प्रगति का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा न्यूज़ लेटर कार्यशाला, सेमीनार और ऑनलाइन अंतर्राष्ट्रीय सेमीनार किए गए हैं।
राज्यपाल श्री पटेल ने कॉन्फ्रेन्स में 11 चिकित्सक को विभिन्न क्षेत्रों में योगदान के लिए संस्था की ओर से सम्मानित किया। सम्मानित चिकित्सकों में डॉ. नंदिता पलशेटकर, डॉ. ऋषिकेष पई, डॉ. एम.एस. श्रीनिवास, डॉ. नरेन्द्र मल्होत्रा, डॉ. पी.सी. महापात्र, डॉ. रचना दुबे, डॉ. आर.जी. पटेल, डॉ. नितिन मुर्डिया, डॉ. गरिमा शर्मा, डॉ. नौशीन अशरफ और डॉ. संतोष जेना शामिल थे।
राज्यपाल श्री पटेल के समक्ष इंडियन सोसायटी फॉर असिस्टेड रिप्रोडक्शन (ISAR) द्वारा 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान का अनुसमर्थन किया गया। श्री पटेल ने संस्था के 27वें वार्षिक सम्मेलन का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
राज्यपाल को स्मृति-चिन्ह भेंट किया गया। आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. रणधीर सिंह ने स्वागत उद्बोधन दिया। कोषाध्यक्ष डॉ. आशा बक्षी ने आभार माना। संचालन डॉ. मोनिका सिंह ने किया।
एन.सी.सी. सिर्फ ट्रेनिंग नहीं, राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिकों के निर्माण का प्रकल्प है - राज्यपाल श्री पटेल
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने म.प्र. और छत्तीसगढ़ निदेशालय की एन.सी.सी. की टीम द्वारा राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन को गर्व की बात बताया है। उन्होंने दिल्ली से लौटे एन.सी.सी. कैडेट्स के कन्टिन्जेन्ट और परेड में सहभागी सभी सदस्यों का अभिनंदन किया। राज्यपाल ने विभिन्न केटेगरी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली एन.सी.सी. कैडेट सुश्री ख़ुशी महावर, सुश्री आयुषी तिवारी और सुश्री इशिका गुर्जर को मेडल, प्रशस्ति-पत्र एवं पुरस्कार राशि प्रदान की। राज्यपाल ने कैडेट्स को प्रशिक्षण देकर मार्ग प्रशस्त करने वाले सैन्य अधिकारियों, जवानों और एन.सी.सी. के अंशकालीन अफसरों को भी बधाई दी। राज्यपाल राजभवन परिसर के सांदीपनि सभागार में "एन.सी.सी. एट होम" कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्र के प्रति समर्पण, त्याग, अनुशासन में रहते हुए एकता की भावना का विकास करना ही एन.सी.सी. का मूल उद्देश्य है। एन.सी.सी. सिर्फ ट्रेनिंग नहीं है, यह मानवीय संवेदनाओं और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिकों के निर्माण का प्रकल्प है। एन.सी.सी. की साहसिक, विषम परिस्थितियों, चुनौतियों का डट कर सामना करने की गतिविधियाँ और देश की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर, सद्भाव एवं भाई-चारे के कार्यक्रम राष्ट्र-सेवा के भाव को मज़बूत करते हैं।
एन.सी.सी. कैडेट्स मतदाता जागरूकता प्रयासों में भी सहयोग के लिए आगे आएँ
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि एन.सी.सी. द्वारा सामाजिक सरोकार, समाज-सेवा और जन-जागरूकता के विभिन्न कार्यक्रम किए जाते हैं। उन्होंने आहवान किया कि एन.सी.सी. कैडेट्स मतदाता जागरूकता प्रयासों में भी सहयोग के लिए आगे आएँ। राज्यपाल ने कहा कि जीवन में सफलता के लिए कड़ी मेहनत और कर्त्तव्यनिष्ठा का कोई पर्याय नहीं है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी इसी जोश से नए लक्ष्यों को प्राप्त कर देश एवं प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। युवा ही भारत की आजादी के 100वें वर्ष तक देश की विकास यात्रा को आगे बढ़ायेंगे।
सशक्त, समृद्ध और समर्थ भारत के लिए जरूरी है कि देश का हर बच्चा एनसीसी कैडेट हो
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सशक्त, समृद्ध और समर्थ भारत निर्माण के लिए जरूरी है कि देश का हर बच्चा एनसीसी कैडेट हो। एन.सी.सी. में राष्ट्र और समाज के प्रति निस्वार्थ सेवा और संकल्प के आपको जो संस्कार मिले हैं, उनके ब्रांड एम्बेसेडर के रूप में समाज में अपनी पहचान बनायें। स्वयं के उदाहरण से समुदाय को उनके बच्चों को विशेषकर बालिकाओं को एन.सी.सी. में शामिल होने के लिए प्रेरित करें। राज्यपाल ने समस्त एन.सी.सी. कैडेट्स को सुनहरे एवं उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
कार्यक्रम में म.प्र. एवं छत्तीसगढ़ एन.सी.सी. निदेशालय के अपर महानिदेशक मेजर जनरल अजय कुमार महाजन ने बताया कि इस वर्ष राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस समारोह में निदेशालय के अब तक की सर्वाधिक 166 कैडेट्स की सहभागिता रही। श्री महाजन ने बताया कि 3 कैडेट्स उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किए गए। विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर सुश्री ख़ुशी महावर प्रथम, सुश्री आयुषी तिवारी द्वितीय एवं इशिका गुर्जर को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। कर्त्तव्य पथ में निदेशालय के 15, राष्ट्रपति के गार्ड ऑफ़ ऑनर में 5 और 28 जनवरी को पीएम रैली टेबल ड्रिल में 2 कैडेट्स ने सहभागिता की, जो गौरव का विषय है।
एन.सी.सी. कैडेट्स ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुति
कैडेट सुश्री ख़ुशी महावर ने समारोह के अनुभवों को साझा किया। एन.सी.सी. कैडेट्स द्वारा माँ अहिल्या की जीवन यात्रा, नदियों के संरक्षण और मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदाय के आंचलिक नृत्य पर आधारित मनोहारी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गयीं। उक्त प्रस्तुतियाँ राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस समारोह में भी कैडेट्स द्वारा दी गयी थीं। राज्यपाल श्री पटेल एन.सी.सी. कैडेट्स के साथ समूह छायाचित्र में भी शामिल हुए.
आजादी के शताब्दी वर्ष में सिकल सेल रोग से मुक्त हो भारत : राज्यपाल श्री पटेल
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने आजादी के शताब्दी वर्ष 2047 में देश को सिकल सेल रोग मुक्त बनाने का आहवान किया है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए जरूरी है कि रोग के संबंध में जन-जागरण, स्क्रीनिंग और जेनेटिक कॉउंसलिंग के कार्य सेवा-भावना और संवेदनशीलता के साथ किये जाये। उन्होंने जनजाति समुदाय का आहवान किया कि वह वैवाहिक संबंध जेनेटिक कार्ड के मिलान के बाद ही करें। सिकल सेल वाहक आपस में विवाह नहीं करेंगे, तभी लक्ष्य की प्राप्ति होगी।
राज्यपाल श्री पटेल आज राष्ट्रीय पर्यावरणीय स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान भोपाल में “भारत में सिकल सेल रोग’’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। संगोष्ठी का आयोजन राष्ट्रीय जनजाति स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान जबलपुर द्वारा किया गया। कार्यक्रम में संस्थान द्वारा निर्मित सिकल सेल एनीमिया उपचार एवं फॉलोअप पुस्तिका का लोकार्पण किया गया।
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सिकल सेल रोग जनजाति समुदाय के स्वास्थ्य की प्रमुख चुनौती है। उन्होंने कहा कि जनजाति समाज का सदस्य होने के नाते उनका दायित्व है कि समाज के विकास में सहयोग करें। इसी भावना से वे जनजाति समुदाय के शिक्षित युवाओं को भी सिकल सेल रोग के संबंध में जन-जागरण के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत में रोग उन्मूलन के प्रयासों का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को जाता है। उनके मार्गदर्शन में गुजरात के अनुभवों के आधार पर मध्यप्रदेश में सिकल सेल उन्मूलन के प्रयास किए गए हैं। राज्यपाल ने कहा कि रोग उन्मूलन के प्रयास की शुरूआत राजभवन के 55 कर्मचारी की स्क्रीनिंग से हुई, इसमें 12 वाहक और 2 पीड़ित मिले थे। उन्होंने कहा कि संगोष्ठी में रोग उन्मूलन प्रयासों में अन्य चिकित्सा पद्धतियों के उपयोग के परीक्षण और प्रमाणीकरण के संबंध में भी विचार किया जाए। आँगनवाड़ी, स्कूल, कॉलेज में सिकल सेल रोग का चिन्हांकन किया जाये। गाँव-गाँव जाकर जन-जागरण के कार्य किए जाएँ। जनजातीय समुदाय को रोग के लक्षणों के संबंध में सूचित और शिक्षित किया जाए। उन्होंने कहा कि रोग उन्मूलन चुनौतीपूर्ण कार्य है। इसे सबके साथ और प्रयासों से करने पर ही सफलता मिलेगी।
केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि राज्यपाल श्री पटेल की अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका है, जिसका राज्यपाल बखूबी निर्वाह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनजाति क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में अनेक चुनौतियाँ हैं, जो स्वस्थ समाज के संकल्प को साकार करने का अवसर हैं। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र की कमियों का आकलन कर कार्य किया जाना जरूरी है। स्वास्थ्य और शिक्षा में मूलभूत सुविधाओं की कमी और जन-जागृति का अभाव बहुत बड़ी चुनौती है। चिकित्सा विज्ञान के साथ ही मानव संसाधन की उपलब्धता के प्रयास भी जरूरी हैं। उन्होंने संगोष्ठी को सिकल सेल उन्मूलन प्रयासों की रचनात्मक पहल बताते हुए चुनौतियों को कार्य का अवसर मान कर समाधान के प्रयासों पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सिकल सेल उन्मूलन प्रयासों में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाना चाहिए। पंचायत पदाधिकारियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, सामुदायिक नेतृत्व, ग्रामीण अंचल के कार्यकर्ताओं की सहभागिता प्राप्त करने के प्रयासों पर चर्चा की जाना चाहिए। उन्होंने रोग उन्मूलन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को अग्रणी बताते हुए सराहना की।
प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. प्रभुराम चौधरी ने प्रदेश में रोग उन्मूलन के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रोग की स्क्रीनिंग, प्रबंधन, उपचार कॉउंसलिंग एवं प्रशिक्षण के सभी आयामों पर राज्य में तेजी के साथ कार्य हो रहा है। नवजात शिशुओं की 72 घंटे के भीतर होने वाली जाँच की सुविधा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में उपलब्ध है। पोर्टल से सिकल सेल वाहक और पीड़ित की प्रभावी ट्रेकिंग की जा रही है।
अपर सचिव केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय श्रीमती आर. जया ने कहा कि रोग के उन्मूलन के लिए एकीकृत और जन-सहभागिता के साथ प्रयास आवश्यक है। रोगी और वाहक की दैनिक दिनचर्या, नवजात शिशु की देखभाल और रोग के लक्षणों आदि के संबंध में जनजातीय भाषाओं में कॉउंसलिंग जरूरी है। उन्होंने रोग उन्मूलन के प्रभावी प्रयासों में डेटा मैनेजमेंट पर विशेष बल देने की जरूरत बताई।
सिकल सेल ट्रस्ट जमैका के डॉ. ग्राहम सार्जेयंट ने सिकल सेल रोग की पहचान, लक्ष्य, रोग के संबंध में प्रचलित भ्रांतियों, उपचार और रोग के दुष्प्रभावों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सिकल सेल रोग पीड़ित के साथ ही सिकल सेल वाहक को भी चिकित्सकीय ध्यान की आवश्यकता है। इम्युनिटी, एलर्जी, स्पीन और शरीर के विभिन्न अंगों में होने वाले दर्द की समस्या सिकल सेल के दुष्प्रभाव होते हैं।
अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मोहम्मद सुलेमान ने प्रदेश में मिशन की गतिविधियों और रणनीति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राज्यपाल श्री पटेल के मार्गदर्शन से प्रयासों में गतिशीलता आई है। समय पर चिन्हांकन, जेनेटिक कॉउंसलिंग, वाहक और पीड़ित की ट्रेकिंग के साथ ही जन अभियान परिषद के द्वारा जन-जागरण के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में शीघ्र ही प्वांइट ऑफ केयर टेस्ट के द्वारा स्क्रीनिंग भी शुरू हो जायेगी।
जनजातीय कार्य मंत्रालय की सलाहकार सुश्री विनीता श्रीवास्तव ने देश में सिकल सेल रोग की व्यापकता के संबंध में जानकारी दी। राष्ट्रीय जनजाति स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. अपरूप दास ने संस्थान की संरचना, गतिविधियों का विवरण दिया। संगोष्ठी की संकल्पना पर प्रकाश डाला। स्वागत उद्बोधन राष्ट्रीय पर्यावरणीय स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. राजनारायण तिवारी ने दिया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की प्रबंध संचालक श्रीमती प्रियंका दास ने आभार माना।
जनजाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री दीपक खांडेकर, राज्यपाल के प्रमुख सचिव श्री डी.पी. आहूजा, चिकित्सा विशेषज्ञ, सिकल सेल रोगी और छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।
तीन बड़े नगरों में पुलिस के नवाचारों पर कॉन्फ्रेंस में हुए प्रेजेंटेशन
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के सबसे बड़े नगर इंदौर और श्री महाकाल की नगरी उज्जैन में पुलिस द्वारा किये गये नवाचारों के अलग-अलग प्रजेंटेशन आज मंत्रालय में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और कलेक्टर्स, कमिश्नर्स, एसपी, आईजी के समक्ष कॉन्फ्रेंस के समापन-सत्र में दिए गए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इन नवाचारों की सराहना की।
भोपाल पुलिस का नवाचार: नई परेड
भोपाल पुलिस आयुक्त कार्यालय द्वारा पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए नई परेड नाम से नवाचार की जानकारी दी । पुलिस कमिश्नर आफिस के डीसीपी (उपायुक्त पुलिस) श्री विनीत कपूर ने प्रजेंटेशन में बताया कि निरंतर डयूटी के कारण पुलिस कर्मी स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दे पाते। इसका परिणाम उनके कार्य स्तर में कमी और चिड़चिड़ेपन के रूप में देखा जाता है। इसका समाधान निकालते हुए प्रति सप्ताह 80 पुलिस कर्मी जिसमें आरक्षक से लेकर एसपी रेंक शामिल है, उन्हें तीन दिन का प्रशिक्षण प्रति सप्ताह दिया जाता है। इसमें विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में कार्य होता है। पैथालॉजी जाँच, बॉडी कम्पोजिशन जाँच और मानसिक स्वास्थ्य के लिए मनोवैज्ञानिक टेस्ट, योगाभ्यास, प्राणायाम, भोजन और आहार नियंत्रण, भावनात्मक बुद्धिमत्ता (इमोशनल इंटेलीजेंस) कार्यशाला के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाता है। समग्र फिटनेस के लिए जरूरी परामर्श दिया जाता है। अब तक 17 शिविर सम्पन्न हुए हैं। पुलिस कर्मियों ने इसे अत्यधिक लाभकारी बताया है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान के विचार : पुलिस की नई परेड पुलिस विभाग ही नहीं अन्य विभागों के अधिकारी और कर्मचारियों के लिए भी आवश्यक है। शासकीय सेवक को क्रोध, अवसाद आदि भावनाओं से दूर रहकर शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहना चाहिए। नई परेड ठीक है तो सभी परेड ठीक होंगी।
इंदौर पुलिस का नवाचार: मूक बधिर हेल्प लाइन
कॉन्फ्रेंस में इंदौर नगरीय पुलिस द्वारा मूक बधिर हेल्प लाइन के नवाचार का प्रेजेनटेशन डीसीपी श्री रजत सकलेचा ने दिया। इस नवाचार में अब तक 117 शिकायतें मिली हैं। इनका निराकरण भी किया गया है। देश में अपनी तरह की प्रथम मूक बधिर हेल्प लाइन में 75876-32133 नम्बर पर संपर्क कर मूक बधिर व्यक्तियों को आवश्यक सहायता दी जा रही है। इस नम्बर पर वीडियो कॉल या टेक्स्ट मैसेज कर पुलिस को परेशानी बताई जा सकती है। प्रशिक्षित टीम श्रवण बाधित व्यक्ति की समस्या का समाधान करती है। प्रवासी भारतीय दिवस में इंदौर में विदेशी प्रतिनिधियों ने इस हेल्प लाइन सेंटर का भ्रमण किया। इसे मारीशस में प्रारंभ करने की तैयारी की जा रही है। प्रेजेंटेशन में उदाहरणों द्वारा बताया गया कि किस तरह एक श्रवण बाधित महिला को उसके निकट परिजन द्वारा प्रताड़ित किए जाने की सूचना मिलने पर उसे राहत दिलवाई गई। एक मूक बधिर छात्र ने भी हेल्प लाइन मदद लेने के बाद पुलिस कमिश्नर इंदौर के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया। मूक बधिर बच्चों को साइन लेंग्वेज की मदद से इस हेल्प लाइन की खूबियाँ बताई गई हैं। पीड़ित व्यक्ति वीडियो कॉल से आसानी से शिकायत दर्ज करवा रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री चौहान के विचार : इंदौर पुलिस का यह प्रयास सराहनीय है। मूक बधिर लोगों की सेवा के लिए यह एक महत्वपूर्ण पहल है।
उज्जैन पुलिस का नवाचार : श्री महाकाल मंदिर भीड़ प्रबंधन- जन सहयोग
पुलिस अधीक्षक उज्जैन श्री सत्येन्द्र कुमार शुक्ल ने प्रेजेंटेशन में बताया कि उज्जैन में कुछ अवसरों पर काफी अधिक संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आगमन होता है। वर्ष 2022 में श्रावण भाद्रपद मास सवारी, महाशिरात्रि पर्व, दीपोत्सव, कार्तिक मास में सवारियाँ, हरिहर मिलन, सोमवती, शनिचरी और भूतड़ी अमावस्या के साथ ही उज्जैन गौरव दिवस और गुड़ी पड़वा के महत्वपूर्ण त्यौहार और आयोजन पर अत्यधिक भीड़ होने के बावजूद इन त्योहारों को पुलिस प्रशासन ने शांति और उत्साह के साथ मनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। श्रावण/भाद्रपद मास सवारी के अंतर्गत सामान्य सवारी मार्ग जिसकी लंबाई साढ़े चार किलो मीटर और शाही सवारी मार्ग जिसकी लम्बाई साढ़े छह किलोमीटर है, इनमें क्रमश: 2 लाख और 5 लाख लोगों का आगमन होता है। दोनों सवारियों में लगभग 100 भजन मंडलियाँ सक्रिय रहीं। भीड़ आकलन के बाद भीड़ प्रबंधन की चुनौती सामने थी। जन-सहयोग और प्रशिक्षित पुलिस बल के माध्यम से भीड़ प्रबंधन कर दिया गया। जो वालंटियर्स तैयार किए गए उन्होंने बेहतर तरीके से व्यवस्था संभाली। महाकाल सवारी व्यवस्था में रस्सा पार्टी व्यवस्था, सीसीटीवी कंट्रोल व्यवस्था, घाट व्यवस्था, प्रेशर प्वाइंट व्यवस्था और हाई राइज बिल्डिंग व्यवस्था के कार्य हुए। सम्पूर्ण सवारी मार्ग को 7 सेक्टर में विभाजित किया गया। श्रीमहाकाल के लोकार्पण और नागपंचमी जैसे अवसरों पर भीड़ प्रबंधन में सफलता मिली। प्रेजेंटेशन में की गई व्यवस्थाओं के वीडियो भी दिखाए गए।
मप्र को माइनिंग सेक्टर में मिले 19,650 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, सीएम मोहन बोले - हीरे के बाद सोना भी निकालेगा प्रदेश
भोपाल। मध्य प्रदेश के विकास को गति देने की दिशा में अब माइनिंग सेक्टर में निवेश की संभावनाएं बढ़ी हैं। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार भोपाल में दो दिन चले माइनिंग कॉन्क्लेव में 11 औद्योगिक संस्थानों की ओर से 19 हजार 650 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए। इनमें अकेले बैतूल और छिंदवाड़ा में ही पांच हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
राम मंदिर के गर्भगृह में लगा मप्र का पत्थर
शुक्रवार को कॉन्क्लेव के समापन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में समृद्ध खनिज संपदा है। प्रदेश में हीरे के बाद सोना भी निकाला जाएगा। इस संपदा के दोहन के लिए प्रयास बढ़ाते हुए खनिज क्षेत्र में नए निवेश को पूरा प्रोत्साहन दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्व का विषय है कि गोंडवाना अंचल के मंडला जिले में खनन से प्राप्त पत्थर का उपयोग अयोध्या में श्रीरामलला मंदिर के गर्भ गृह में लगाने का सौभाग्य मध्यप्रदेश को मिला। यह पत्थर गुणवत्ता की दृष्टि से इस योग्य पाया गया कि उसे गर्भगृह में स्थान मिला। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस पत्थर का नमूना भी भेंट किया गया।
मप्र खनिज संपदा से समृद्ध
संयुक्त उद्यम समझौता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में कॉन्क्लेव में एमओआईएल (भारत सरकार का उपक्रम) और मध्य प्रदेश राज्य खनिज निगम लिमिटेड के मध्य खनिज ब्लॉक से संबंधित संयुक्त उद्यम समझौता हस्ताक्षरित हुआ। मुख्यमंत्री ने भारत सरकार के खनिज मंत्रालय द्वारा प्रकाशित माइनिंग सेक्टर रिफॉर्म्स का विमोचन किया। मुख्यमंत्री को मायल कंपनी के सीएमडी द्वारा दो करोड़ 78 लाख 94 हजार 725 रुपये का लाभांश चेक भेंट किया गया।