छत्तीसगढ़ / कांकेर
पेड़ मानव जीवन के लिए बहुत जरूरी, भावनात्मक लगाव के साथ पौधे अवश्य लगाएं : विधायक नेताम
एक पेड़ मां के नाम 2.0 : विधायक और कलेक्टर ने शाला परिसर में लगाए नारियल व कटहल के पौधे
उत्तर बस्तर कांकेर । एक पेड़ मां के नाम-2.0’ के तहत आज कांकेर विकासखंड की ग्राम पंचायत कोदागांव में जिला स्तरीय पौधरोपण महाअभियान का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कांकेर विधानसभा क्षेत्र के विधायक आशाराम नेताम उपस्थित थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक नेताम ने कहा कि मानव जीवन में पेड़ का बड़ा महत्व है। आज के दौर में पौधे लगाना बहुत जरूरी है, साथ ही सुरक्षा के दृष्टिकोण से पेड़ों से भावनात्मक लगाव होना भी आवश्यक है।
ग्राम कोदागांव के विशाल शाला परिसर में आयोजित जिला स्तरीय सामूहिक पौधरोपण कार्यक्रम में विधायक ने आगे कहा कि लोगों को अपने या अपने बच्चों के जन्मदिन, शादी की वर्षगांठ जैसे अवसरों को यादगार बनाने पौधे जरूर लगाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सकारात्मक सोच को आगे बढ़ाते हुए प्रकृति, पर्यावरण और मानव जीवन की रक्षा करने के संकल्प को आगे बढ़ाने का अनुरोध ग्रामीणों से किया। इस अवसर पर मौजूद कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान में ग्लोबल वार्मिंग (वैश्विक तापमान) में लगातार वृद्धि हो रही है जो बहुत बड़ी चिंता का विषय है। वर्षा की अनियमितता, पर्यावरण असंतुलन, तापमान में लगातार वृद्धि को दृष्टिगत रखते हुए पौधे लगाना आज के समय की मांग है। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम-2.0’ के तहत अच्छी नस्ल के पौधे लगाकर पर्यावरण और प्रकृति को सुरक्षित व संरक्षित करने की अपील की। इस अवसर पर विधायक ने विद्यालय परिसर में नारियल, कलेक्टर ने कटहल का पौधा लगाकर उन्हें पानी से सींचा। तत्पश्चात सभी अतिथियों और ग्रामीणों ने ’एक पेड़ मां के नाम 2.0’ के अंतर्गत एक-एक पौधे लगाकर प्रकृति को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर राज्य समाज कल्याण बोर्ड एवं हस्त शिल्प बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत, जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी, उपाध्यक्ष ताराबती ठाकुर, जनपद पंचायत कांकेर की अध्यक्ष पूर्णिमा कावड़े, पूर्व विधायक सुमित्रा मारकोले, पंचूराम नायक सहित स्थानीय सरपंच के अलावा काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
महतारी वंदन योजना की लाभार्थी के घर किया वृक्षारोपण :
ग्राम कोदागांव में आयोजित जिला स्तरीय पौधरोपण कार्यक्रम के उपरांत विधायक नेताम एवं कलेक्टर क्षीरसागर ने महतारी वंदन योजना की लाभार्थी बिन्दा बाई व गर्भवती महिला यीशु फाफा के यहाँ जाकर वृक्षारोपण किया तथा रोपित पौधों को संरक्षित करने का अनुरोध भी किया। इस दौरान कलेक्टर के पूछे जाने पर महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिला ने बताया कि प्रत्येक माह उनके बैंक खाते में एक हजार रूपए की राशि जमा हो जाती है।
शिक्षण संस्थानों के समीप मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाया गया सख्त अभियान
कांकेर । जिला कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशानुसार और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अरूण वर्मा के मार्गदर्शन में आज कांकेर शहर में कोटपा एक्ट के तहत विशेष अभियान चलाकर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई।
यह कार्यवाही आज विशेष रूप से नरहरदेव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के आसपास स्थित पान ठेले और दुकानों में की गई, जहां शिक्षण संस्थानों के पास तंबाकू एवं मादक पदार्थों की बिक्री की सूचना प्राप्त हुई थी।
एसडीएम कांकेर ने जानकारी देते हुए बताया कि संयुक्त निरीक्षण टीम ने कई दुकानों की जांच की और कोटपा अधिनियम के उल्लंघन के मामलों में कुल 2700 रूपए का अर्थदंड वसूल किया गया।
वहीं दुकानदारों को सख्त हिदायत दी गई कि वे विद्यालय परिसरों के आसपास किसी भी प्रकार के गुटखा, तंबाकू अथवा अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री न करें।
निरीक्षण के पश्चात अधिकारियों ने दुकानदारों को समझाइश भी दी कि बच्चों एवं युवाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोपरि है, और ऐसे अवैध व्यापार से समाज में नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस दौरान कुछ दुकानदारों ने स्वेच्छा से भविष्य में मादक उत्पादों की बिक्री बंद करने की बात कही।
टीम ने मांझापारा के राकेश पान भण्डार, नरहरदेव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के समीप आमचो पान भण्डार, पटेल पान भण्डार और पुराना बस स्टैण्ड के देवांगन पान भण्डार का निरीक्षण किया गया।
उक्त पान भण्डारों के द्वारा बताया गया कि नशीले पदार्थ का सप्लाई मांझापारा स्थित मिलन मार्केट से किया जाता है, मौके पर पहुंचने पर मिलन मार्केट में ताला लगना पाया गया। दुकान के मालिक को फोन के माध्यम से सूचित कर बुलाया गया, किन्तु उनके उपस्थित न होने पर दुकान मालिक के पिताजी के समक्ष मिलन मार्केट को सील किया गया है।
जारी रहेगा अभियान : अन्य स्कूल क्षेत्रों में भी होगी जांच- प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्यवाही केवल शुरुआत है। आगामी समय में कांकेर जिले के अन्य विद्यालयों के आसपास भी इसी प्रकार की सतत् जांच की जाएगी।
यदि कोई दुकानदार या ठेले वाले शिक्षण संस्थानों के पास गुटखा, सिगरेट या अन्य नशीली वस्तुएं बेचते पाए गए, तो उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी।
प्रशासन की अपील : जनभागीदारी से बनेगा सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण- जिला प्रशासन ने आम नागरिकों, अभिभावकों और शिक्षकों से भी अपील की है कि वे बच्चों के हित में ऐसे मामलों की जानकारी प्रशासन को दें, ताकि विद्यालय परिसर सुरक्षित और नशा मुक्त बनाए जा सकें।
कलेक्टर ने कहा कि यह अभियान जनस्वास्थ्य और भावी पीढ़ी के भविष्य की रक्षा हेतु प्रारंभ किया गया है, और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस अवसर पर राजस्व अमला, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, पुलिस बल और नगर पालिका के कर्मचारी उपस्थित थे।
व्यावसायिक प्रवेश परीक्षा केन्द्र में फ्रिस्किंग के लिए लगी पुलिस कर्मियों की ड्यूटी
परीक्षार्थियों के लिए दिशा-निर्देश जारी
कांकेर। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल रायपुर द्वारा व्यापम की विभिन्न परीक्षाओं का आयोजन 20 जुलाई को किया जाएगा। उक्त दिवस को आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षाओं के लिए कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने व्यवस्था पूरी करने हेतु पुलिस अधीक्षक को कहा है। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों के परीक्षा केन्द्र में प्रवेश के पूर्व अभ्यर्थियों के हैण्डहेल्ड मेटल डिटेक्टर से तथा हाथों से तलाशी (Manual Pal Down) फ्रिस्किंग (Frisking) की जाए। इसके अलावा प्रत्येक परीक्षा केन्द्र में आबंटित एक पुरुष एवं एक महिला पुलिस कर्मी से यह फ्रिस्किंग का कार्य किये जाने तथा उक्त कार्य हेतु ड्यूटी लगाए गए पुलिस कर्मी परीक्षा प्रारंभ होने से 2.30 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र में अनिवार्य रूप से अपनी उपस्थिति देवें। साथ ही महिला अभ्यर्थियों की फ्रिस्किंग महिला पुलिस कर्मी से ही कराए जाने के लिए निर्देशित किया है। परीक्षा प्रारंभ होने के बाद पुलिस कर्मी बारी-बारी से परीक्षा केन्द्र परिसर एवं केन्द्र के बाहर का निरीक्षण करते रहें ताकि संदिग्ध गतिविधि न हो सके।
कलेक्टर ने परीक्षा केन्द्र में अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि परीक्षार्थी परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम 02 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र में पहुंचे ताकि उनका फ्रिस्किंग एवं पहचान पत्र का सत्यापन किया जा सके। यह भी बताया गया कि परीक्षा प्रारंभ होने के 15 मिनट पूर्व परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। उदाहरण के लिए यदि कोई परीक्षा प्रातः 10 बजे से प्रारंभ हो रहा है तो मुख्य द्वार प्रातः 9.45 बजे बंद कर दिया जाएगा, इसलिए समय का विशेष ध्यान रखें।
आधी बांह की शर्ट ही पहन सकेंगे परीक्षार्थी
उन्होंने व्यापम द्वारा जारी नए निर्देशों का उल्लेख करते हुए बताया कि हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर परीक्षा देने आये। साथ ही फुटवियर के रूप में चप्पल पहनें और कान में किसी भी प्रकार का आभूषण वर्जित है। परीक्षा प्रारंभ होने के पहले आधा घंटा में एवं परीक्षा समाप्ति के आखिरी आधा घंटा में परीक्षा कक्ष से बाहर जाना वर्जित है। परीक्षा कक्ष में किसी प्रकार का संचार उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, पर्स, पाऊच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूर्णतः वर्जित है। प्रवेश पत्र के सभी पेज का प्रिंट आउट लें और पेज के केवल एक तरफ प्रिंट करें, क्योंकि प्रत्येक परीक्षा हेतु व्यापम की प्रति परीक्षा केंद्र में जमा हो जाएगी।
कलेक्टर ने कहा कि परीक्षार्थी को परीक्षा हेतु प्रवेश पत्र के साथ पहचान पत्र के रूप में मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पेन कार्ड, आधार कार्ड जिसमें अभ्यर्थी का फोटो हो, उसका एक मूल पहचान पत्र परीक्षा केंद्र में लाना अनिवार्य होगा। मूल पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं करने पर परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा जिसके लिए अभ्यर्थी स्वयं जिम्मेदार होंगे। यदि इंटरनेट से प्राप्त प्रवेश पत्र पर फोटो नहीं आता है तो अभ्यर्थी अपने साथ दो रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो लेकर परीक्षा केंद्र में जाएं। परीक्षार्थी परीक्षा कक्ष में केवल काले बॉल पॉईंट पेन को ही उत्तर अंकित करने हेतु उपयोग में लाएं। उन्होंने कहा कि चयन परीक्षा प्रवेश के समय प्रवेश पत्र मांगा जाता है, इसे सुरक्षित रखें। व्यापम द्वारा दोबारा प्रवेश पत्र जारी नहीं की जाएगी। निर्देशों का पालन नहीं करने पर अभ्यर्थी को परीक्षा देने से वंचित किया जाएगा। परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर कठोर कार्यवाही की जाएगी तथा अभ्यर्थिता समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
बांसकुंड चिनार नदी स्टॉपडैम के 16 पिलरों को कूदकर रोज आना-जाना कर रहे ग्रामीण
कांकेर। जिला मुख्यालय से 45 किमी दूर बांसकुंड गांव में बहने वाली चिनार नदी में पुल नसीब नहीं होने से बांसकुंड गांव के तीन आश्रित गांव ऊपर तोनका, नीचे तोनका और चलाचूर के 500 ग्रामीण बरसात के 3 महीने जिला मुख्यालय, ब्लाक मुख्यालय और ग्राम पंचायत से कट जाते हैं। इस दौरन मजबूरी में ग्रामीण चिनार नदी पर बने स्टॉपडैम से आवागमन करते हैं।
इस बार भी ग्रामीण स्टॉपडैम के 16 पिलरों को कूद कर रोज आना-जाना कर रहे, इससे ग्रामीणों के जान को खतरा बना रहता है। ग्रमीणों का कहना है कि ऊपर तोनका, नीचे तोनका और चलाचूर तीन गांव के ग्रामीण लगातार चिनार नदी पर पुल बनाने की मांग कर रहे हैं। लंबे संघर्ष के बाद हाटकर्रा गांव से ऊपर तोनका 4 किमी सड़क तो बनवा दी, लेकिन जिम्मेदार पुल बनाना भूल गए।
यही कारण है कि ग्रामीण रोज स्टॉपडैम के 16 पिलर को फांद कर आना जाना करते हैं। खाद-बीज या दैनिक उपयोग के राशन समान को ग्रामीण कांधे पर लादकर रोजाना 16 पिलरों को लांघ कर पार करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि नदी उफान पर होने से स्कूल में पढ़ाने बारिश में शिक्षक नहीं आ पाते हैं। ऊपर तोनका और नीचे तोनका गांव में प्राथमिक पाठ शाला है, लेकिन हाईस्कूल व हायर सेकेंडरी पढऩे छात्रों को नदी पार कर बांसकुंड आना होता है। बच्चे भी पानी कम रहने पर इसी तरह रोज स्टॉपडैम के पिलरों को लांघ कर स्कूल आते-जाते हैं।
राशन लेने जाने में भी दिक्कत होती है, आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाना संभव नहीं हो पाता है। गौरतलब है कि स्टॉप डेम में छलांग लगाना जोखिम भरा है। पिछले साल एक स्कूली बच्चा पिलर लांघते समय नदी में गिर गया था, ग्रामीण वहां पर मौजूद थे, इसलिए उसे बचा पाए। उसके बाद एक शिक्षक भी गिर गया था, जो खुद तैर कर बच गए।
ग्रामीणों का कहना है कि चिनार नदी पर 10 साल पहले स्टॉपडैम जरूर बनाया गया था, जिसमें गेट नहीं होने से पानी नहीं रूकता है। जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी का कहना है कि ग्रामीण पुल की मांग पहले से कर रहे हैं। हमने शासन स्तर पर पुल का प्रस्ताव भेजा है, जल्द ही ग्रामीणों को पक्का पुल मिल जाएगा। हम लगातार अंदरुनी क्षेत्रों में सड़क और पुल-पुलियों का जाल बिछा रहे हैं। ग्रामीणों को परेशानी न हो इसीलिए जल्द वहां पक्का पुल बनाया जाएगा।
बांसकुंड चिनार नदी स्टॉपडैम के 16 पिलरों को कूदकर रोज आना-जाना कर रहे ग्रामीण
कांकेर । जिला मुख्यालय से 45 किमी दूर बांसकुंड गांव में बहने वाली चिनार नदी में पुल नसीब नहीं होने से बांसकुंड गांव के तीन आश्रित गांव ऊपर तोनका, नीचे तोनका और चलाचूर के 500 ग्रामीण बरसात के 3 महीने जिला मुख्यालय, ब्लाक मुख्यालय और ग्राम पंचायत से कट जाते हैं। इस दौरन मजबूरी में ग्रामीण चिनार नदी पर बने स्टॉपडैम से आवागमन करते हैं।
इस बार भी ग्रामीण स्टॉपडैम के 16 पिलरों को कूद कर रोज आना-जाना कर रहे, इससे ग्रामीणों के जान को खतरा बना रहता है। ग्रमीणों का कहना है कि ऊपर तोनका, नीचे तोनका और चलाचूर तीन गांव के ग्रामीण लगातार चिनार नदी पर पुल बनाने की मांग कर रहे हैं। लंबे संघर्ष के बाद हाटकर्रा गांव से ऊपर तोनका 4 किमी सड़क तो बनवा दी, लेकिन जिम्मेदार पुल बनाना भूल गए।
यही कारण है कि ग्रामीण रोज स्टॉपडैम के 16 पिलर को फांद कर आना जाना करते हैं। खाद-बीज या दैनिक उपयोग के राशन समान को ग्रामीण कांधे पर लादकर रोजाना 16 पिलरों को लांघ कर पार करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि नदी उफान पर होने से स्कूल में पढ़ाने बारिश में शिक्षक नहीं आ पाते हैं। ऊपर तोनका और नीचे तोनका गांव में प्राथमिक पाठ शाला है, लेकिन हाईस्कूल व हायर सेकेंडरी पढऩे छात्रों को नदी पार कर बांसकुंड आना होता है। बच्चे भी पानी कम रहने पर इसी तरह रोज स्टॉपडैम के पिलरों को लांघ कर स्कूल आते-जाते हैं।
राशन लेने जाने में भी दिक्कत होती है, आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाना संभव नहीं हो पाता है। गौरतलब है कि स्टॉप डेम में छलांग लगाना जोखिम भरा है। पिछले साल एक स्कूली बच्चा पिलर लांघते समय नदी में गिर गया था, ग्रामीण वहां पर मौजूद थे, इसलिए उसे बचा पाए। उसके बाद एक शिक्षक भी गिर गया था, जो खुद तैर कर बच गए।
ग्रामीणों का कहना है कि चिनार नदी पर 10 साल पहले स्टॉपडैम जरूर बनाया गया था, जिसमें गेट नहीं होने से पानी नहीं रूकता है। जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी का कहना है कि ग्रामीण पुल की मांग पहले से कर रहे हैं। हमने शासन स्तर पर पुल का प्रस्ताव भेजा है, जल्द ही ग्रामीणों को पक्का पुल मिल जाएगा। हम लगातार अंदरुनी क्षेत्रों में सड़क और पुल-पुलियों का जाल बिछा रहे हैं। ग्रामीणों को परेशानी न हो इसीलिए जल्द वहां पक्का पुल बनाया जाएगा।
कोयलीबेड़ा की 52 ग्राम पंचायतों के 242 वार्डों में पंच पद को अपवर्जित करने आदेश जारी
कांकेर। कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 129 (ड) के तहत अनुसूचित क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों में वार्ड पंच पद हेतु आरक्षित पदों की अपवर्जन के लिए आदेश जारी किया है। जारी आदेशानुसार जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा (पखांजूर) की 52 ग्राम पंचायत में आरक्षित वर्ग के मतदाता मौजूद नहीं होने के कारण पंच पद के आरक्षण का अपवर्जन किया गया है।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पखांजूर द्वारा प्रेषित प्रतिवेदन के आधार पर जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा के ग्राम पंचायत आलोर के 03 वार्डों में, प्रेमनगर के 07, द्वारिकापुरी के 06, यशवंतनगर के 05, बापूनगर के 05, कोयगांव के 03, विवेकानन्दनगर के 03, देवपुर के 08 कल्याणपुर के 05, रविन्द्रनगर के 04, हांकेर के 03, मायापुर के 09 और बैकुण्ठपुर के कुल 06 वार्डों का अपवर्जन किया गया है।
इसी प्रकार ग्राम पंचायत रामकृष्णपुर के 07 वार्डों, हरिहरपुर के 04, चांदीपुर के 02, चाणक्यपुरी के 07, पित्तभोडिय़ा के 03, छोटेकापसी के 04, कृष्णनगर के 09, सत्यनगर के 05, ऐसेबेड़ा के 03, बलरामपुर के 04, भिंगीडार के 06, चंदनपुर के 05, श्यामनगर के 03, माटोली के 03, लखनपुर के 04, दुर्गापुर के 06, पेनकोड़ो के 05, इन्द्रप्रस्थ के 07, पुरूषोत्तमनगर के 08 वार्डों का अपवर्जन किया गया है।
उदयपुर के 03, जयश्रीनगर के 06, वनश्रीनगर के 05, श्रीपुर के 05, मरोड़ा के 03, लक्ष्मीपुर के 02, जनकपुर के 04, विजयपुर के 05, पाडेंग़ा के 05, बान्दे कॉलोनी के 02, नागलदण्ड के 05, हनुमानपुर के 03, विष्णुपुर के 06, कुरेनार के 01, विकासपल्ली के 06, राधानगर के 07, गोविन्दपुर के 05, जानकीनगर के 04, स्वरूपनगर के 02 और ग्राम पंचायत ओरछागांव के 01 वार्डों में अनुसूचित जनजाति वर्ग का कोई भी सदस्य निवास नहीं करता है। उक्त ग्राम पंचायतों में वार्ड पंच पद को अनुसूचित जनजाति के आरक्षण यथा स्थिति स्थानों या पद के आबंटन से अपवर्जित किया गया है।
इसी तरह कलेक्टर द्वारा जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा की 28 ग्राम पंचायतों के 53 वार्ड पंच पद के अपवर्जन संबंधी प्रस्ताव के परीक्षण उपरांत आरक्षित वर्ग के मतदाता मौजूद होने के कारण अपवर्जन नहीं किए जाने के लिए उप जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र प्रेषित किया गया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा की ग्राम पंचायत मण्डागांव के 01, मदले के 02, विवेकानन्दनगर के 01, कल्याणपुर के 02, बैकुण्ठपुर के 02, रामकृष्णपुर के 03 तथा हरिहरपुर, सत्यनगर, बलरामपुर, गुड़ाबेड़ा एवं केसेकोड़ी के 01-01 और लखनपुर के 03 वार्डों में आरक्षित वर्ग के मतदाता मौजूद हैं।
इसी प्रकार ग्राम पंचायत इन्द्रप्रस्थ, माचपल्ली, मरोड़ा, लक्ष्मीपुर, शंकरनगर, पाडेंग़ा, कुरेनार, विकासपल्ली और उलिया के 01-01, ग्राम पंचायत ताड़ावायली के 02, कंदाड़ी के 10, सितरम के 04, पानीडोबीर के 05, गोविन्दपुर के 01, जानकीनगर के 02 तथा स्वरूपनगर के 01 वार्ड में पंच पद हेतु आरक्षित वर्ग के मतदाता मौजूद हैं। इस आधार पर इन पंचायतों में वार्ड पंच के आरक्षण का अपवर्जन नहीं किया जाएगा।
50 हजार की इनामी महिला माओवादी और सहयोगी गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार बरामद
कांकेर । परतापुर थाना क्षेत्र में संयुक्त बल को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने कार्रवाई करते हुए महिला माओवादी सहित दो को गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार महिला माओवादी सीएनएम की सदस्य बतायी जा रही है। जिसपर शासन की ओर से 50,000 रूपये इनाम घोषित था।
बीएसएफ 40 वीं वाहिनी, 47वीं वाहिनी बीएसएफ/पुलिस बल की संयुक्त टीम द्वारा नक्सल गस्त सर्चिंग के दौरान थाना परतापुर क्षेत्रांतर्गत ग्राम मिण्डी के जंगल पहाडी क्षेत्र से नक्सल सीएनएम सदस्य सुकमी उर्फ लखमी पद्दा पिता पाण्डू पद्दा उम्र 25 वर्ष निवासी रावनदी थाना छोटेबेठिया को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही सहयोगी लखमू पददा स्व. मिलू पद्दा उम्र 45 वर्ष निवासी रावनदी थाना छोटेबेठिया को गिरफ्तार किया गया है।
मोर गांव मोर पानी महाभियान: कांकेर में जल संरक्षण को मिला बढ़ावा
कांकेर । कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के मार्गदर्शन में जिले में ‘मोर गांव मोर पानी’ महाभियान के तहत जल संरक्षण और भू-जल स्तर को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य वर्षा ऋतु में जल संचयन कर जिले को जल संकट से स्थायी रूप से निजात दिलाना है, साथ ही मनरेगा योजना के तहत जल संवर्धन के लिए विभिन्न संरचनाओं का निर्माण तेज गति से जारी है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी ने बताया कि जिले में जल संरक्षण और भू-जल स्तर को बढ़ाने के लिए मोर गांव मोर पानी महाभियान के तहत जिले के ग्राम पंचायतों में पहाड़ी ढलानों पर कुल 3620 से अधिक संरचनाएं बनाई जा चुकी हैं। इस वर्ष 1666 से अधिक जल संरक्षण कार्यों को मंजूरी दी जा चुकी है, इनमें तालाब निर्माण, निजी कृषि तालाब, सोखता गड्ढे, लूज बोल्डर चेक डेम, गैबियन स्ट्रक्चर, अर्दन डैम, चेक डैम, कंटूर ट्रेच, सोक पिट, डिफंक्ट बोरवेल रिचार्ज, परकोलेशन टैंक जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल है। इन संरचनाओं का मुख्य उद्देश्य बरसात के मौसम में नालों के माध्यम से बहकर व्यर्थ जाने वाले पानी को रोकना और उसे धरती में समाहित कर भू-जल स्तर को बढ़ाना है।
उन्होंने बताया कि इन कार्यों की योजना बनाने और कार्यान्वयन में आधुनिक जीआईएस तकनीक (जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम) का उपयोग किया जा रहा है। इसकी मदद से रिज टू वैली (पहाड़ी से घाटी तक) सिद्धांत पर आधारित स्ट्रक्चर्स की प्लानिंग की गई है ताकि बारिश का पानी व्यवस्थित तरीके से संरचनाओं में एकत्र हो और अधिकतम जल संचयन हो सके। पूर्व में इन क्षेत्रों में वर्षा जल के बहाव से बड़े पैमाने पर मिट्टी कटाव की समस्या उत्पन्न होती थी। अब इन संरचनाओं के निर्माण से न केवल जल संरक्षण होगा, बल्कि मिट्टी कटाव की समस्या पर भी स्थायी समाधान मिलेगा। नालों का बहाव धीमा होगा और पानी धीरे-धीरे भूमि में रिसकर भू-जल भंडार को समृद्ध करेगा। ये प्रयास जिले में जल सुरक्षा सुनिश्चित करने और स्थानीय समुदायों की आजीविका को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध हो रहा है।
छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजनांतर्गत खिलाड़ियों को दी जाती है खेलवृत्ति
कांकेर । संचालनालय, खेल एवं युवा कल्याण के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना अंतर्गत प्रतिभा खोज के तहत खिलाड़ियों को खेलवृत्ति प्रदाय किये जाने का प्रावधान है। प्रत्येक वित्तीय वर्ष में प्रतिभा खोज कार्यक्रम के तहत खेल प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को खेलवृत्ति दी जाती है।
प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को ओलम्पिक, कॉमनवेल्थ, एशियाड एवं नेशनल गेम्स में शामिल खेलों के राष्ट्रीय खेल, राष्ट्रीय चैम्पियनशिप के सीनियर, जूनियर एवं सब जूनियर वर्ग पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को खेलवृत्ति प्रदान की जाएगी। खेल अधिकारी ने बताया कि यह खेलवृत्ति एक वित्तीय वर्ष में केवल एक बार ही प्रदाय की जाएगी। सीनियर वर्ग में प्रथम हेतु 75 हजार रूपए, द्वितीय 50 हजार, तृतीय 40 हजार रूपए खेलवृत्ति प्रदाय किया जाएगा। इसी प्रकार जूनियर वर्ग में प्रथम 60 हजार, द्वितीय 40 हजार, तृतीय 30 हजार और सब जूनियर वर्ग में प्रथम 50 हजार, द्वितीय 25 हजार, तृतीय 20 हजार रूपए खेलवृत्ति प्रदाय की जाएगी। उन्होंने बताया कि एकल व दलीय खेलों में वास्तविक रूप से उक्त प्रतियोगिता में खेले हुए खिलाड़ी पात्र हो जिसका प्रमाण संबंधित खेल संघ पदाधिकारियों के माध्यम से प्रस्तुत करना होगा। खिलाड़ी छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना चाहिए तथा प्रतियोगिता में राज्य की ओर से प्रतिनिधित्व किया हो। यदि खिलाड़ी एक से अधिक वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया हो तो उनमें से श्रेष्ठतम वर्ग के आधार पर खेलवृत्ति प्रदान किया जाएगा। यदि कोई खिलाड़ी दो अलग-अलग वर्गां में पदक अर्जित किया हो तो उसकी सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि के आधार पर खेलवृत्ति प्रदाय की जाएगी। प्रत्येक वित्तीय वर्ष में एक खिलाड़ी को एक बार ही खेलवृत्ति की पात्रता होगी। खेलवृत्ति की राशि अधिकतम आयु वर्ष 25 तक के खिलाड़ी को प्रदाय की जाएगी।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता हेतु खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदाय करने का प्रावधान-
छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजनांतर्गत अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता हेतु खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदाय किये जाने का प्रावधान है। वित्तीय वर्ष में मान्यता प्राप्त अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं जैसे ओलम्पिक खेल, विश्वकप, एशियाड, राष्ट्रमण्डलीय खेलों में भाग लेने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों को यात्रा व्यय तथा खेल उकरण हेतु प्रोत्साहन राशि प्रदाय की जाएगी। इसमें भाग लेने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि की अधिकतम राशि 03 लाख रूपये या वास्तविक व्यय देय होगी। खेल उपकरण हेतु खिलाड़ियों को खेल उपकरण सामग्री की अभिप्रमाणित कोटेशन, सामग्री दर की प्रति जमा करना अनिवार्य होगा। यात्रा व्यय हेतु खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में सम्मिलित होने संबंधी प्रमाण पत्र, चयन पत्र, वास्तविक यात्रा टिकट इत्यादि जमा करना अनिवार्य होगा जिसके आधार पर यात्रा व्यय की राशि की गणना की जा सकेगी। वित्तीय वर्ष में केवल एक बार ही प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की पात्रता होगी।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों को लेकर कलेक्टर ने ली बैठक
कांकेर । 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों को लेकर आज कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों के अनुकूल प्रोटोकॉल के अनुसार निर्वहन करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत महत्वपूर्ण आयोजन है, जिसकी मॉनिटरिंग केन्द्र सरकार द्वारा की जा रही है, इसमें किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए।
कलेक्टर ने आयुष मंत्रालय के द्वारा जारी किए गए पोर्टल में अधिकाधिक संख्या में पंजीयन कराने के भी निर्देश दिए। साथ ही सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को सुबह 6.30 बजे पीएम नरहरदेव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के नोडल अधिकारी एवं एसडीएम कांकेर अरूण वर्मा ने सभी अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों की जानकारी देते हुए सभी आवश्यक तैयारियां समय से पहले पूर्ण करने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि उक्त सामूहिक योगाभ्यास में मुख्य अतिथि के रूप में कांकेर सांसद भोजराज नाग उपस्थित रहेंगे। वर्मा ने प्रोटोकॉल के अनुसार सभी अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए कहा। उल्लेखनीय है कि आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा इस वर्ष ‘योग संगम’ की थीम पर सामूहिक योगाभ्यास किया जाएगा। इसी तरह विकासखण्ड के नगरीय निकायां, ग्राम पंचायतों में ‘हरित योग’ की थीम पर आधारित सामूहिक योगाभ्यास कराया जाएगा। इसमें गणमान्य नागरिकों, दिव्यांगजन, उभयलिंगी व्यक्ति, वंचित समूह, विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति समूह, समस्त आयु वर्ग के महिला, पुरूष, एनजीओ, विभिन्न संस्थाओं एवं छात्र-छात्राओं को सम्मिलित किया जाएगा। सामूहिक योग के आयोजन स्थल तक लाने-ले जाने हेतु परिवहन व्यवस्था की जिम्मेदारी समाज कल्याण विभाग को सौंपी गई है। बैठक में संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
स्कूल-छात्रावास परिसर, रिक्त मैदानों व सड़क किनारे पौधरोपण कराएं : कलेक्टर
समय-सीमा बैठक में विश्व योग दिवस व धरती आबा अभियान के क्रियान्वयन की समीक्षा
कांकेर । कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने मंगलवार को आज समय-सीमा की साप्ताहिक बैठक लेकर विभिन्न योजनाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने मानसून के आगमन के साथ ही जिले में सघन पौधरोपण अभियान चलाने के निर्देश सभी अधिकारियों को दिए। इसके तहत जिले में स्थित शासकीय कार्यालयों, स्कूल एवं छात्रावास परिसर, खाली मैदानों, मिनी स्टेडियम के अलावा सड़कों के किनारे व मार्ग विभाजकों में पौधे रोपकर उन्हें संरक्षित करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने हेतु निर्देशित किया।
जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आज सुबह 10.30 बजे से आयोजित बैठक में कलेक्टर ने आगामी 21 जून को आयोजित होने वाले 10वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों के बारे में बताया, साथ ही सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिला पंचायत के सीईओ हरेश मण्डावी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का जिला स्तरीय आयोजन शासकीय नरहरदेव विद्यालय के प्रांगण में आयोजित किया जाएगा। इसी तरह धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान के सफल आयोजन को लेकर कलेक्टर ने सभी जनपद पंचायतों के सीईओ को निर्देशित किया।
बैठक में कलेक्टर ने बाढ़ आपदा प्रबंधन के अंतर्गत सभी अनुविभागीय अधिकारियों को ऐसी जगहों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए, जहां बाढ़ की आशंका बनी रहती है। ऐसे स्थानों पर पहले से ही तीन माह का राशन वितरण करने, मितानिन पेटी में आवश्यक दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, वर्षा जल के ठहराव वाले स्थलों की साफ-सफाई कराने, खाद-बीज की उपलब्धता तथा वर्षा मापी यंत्र के समुचित रख-रखाव व अन्य जरूरी राहत सामग्री व उपकरणों की पूर्व-व्यवस्था करने के निर्देश सभी अनुविभागीय अधिकारियों को दिए। इसी तरह उन्होंने निर्माण कार्यों के लंबित प्रकरणों को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके अलावा स्कूल मरम्मत, छात्रावास निर्माण, आंगनबाड़ी केन्द्र भवन निर्माण तथा उचित मूल्य की दुकान निर्माण की मदवार जानकारी लेकर जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने आयुष्मान वय वंदना योजना के तहत पंजीयन की जानकारी ली। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि लक्ष्य के विरूद्ध जिले में अब तक 51 प्रतिशत पंजीयन पूर्ण हो चुका है। इसी तरह डीएमएफ मद से निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत कार्यां की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जल्द से जल्द पूर्ण कर करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम जनमन, नियद नेल्लानार, पीएमश्री स्कूल सहित विभिन्न एजेंडों के संबंध में साप्ताहिक प्रगति की जानकारी ली। इस अवसर पर एसडीएम कांकेर अरूण वर्मा सहित सभी अनुविभागीय अधिकारी, जिला स्तर के अधिकारीगण मौजूद रहे।
मदर मेरी अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर किया गया सील
कांकेर । जिला मुख्यालय में स्थित मदर मेरी अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर सील कर दिया गया । सप्ताह भर पहले यहां प्रसव के बाद महिला की मौत हो गई थी। जांच में पाया गया था कि साल 2019 के बाद से ही अस्पताल का लाइसेंस रिनीवल नहीं कराया गया है ।
शिकायत कांकेर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से भी की गई थी । स्वास्थ्य विभाग ने जांच करने के बाद गुरूवार रात्री 8 बजे अस्पताल को सील कर दिया गया । गौरतलब है कि जिले की गर्भवती महिला किरण टांडिया निवासी तालाकुर्रा को प्रसव पीड़ा उठने पर अलबेलापारा एमसीएच अस्पताल में 31 मई को भर्ती कराया गया।गर्भवती महिला व उसके बच्चे को खतरा बताकर वहां से बाहर रेफर कर दिया। परिजन उसे हायर सेंटर ले जाने के बजाए मदर मैरी अस्पताल ले आए । धमतरी से पहुंची महिला चिकित्सक ने गर्भवती महिला का आपरेशन कर प्रसव कराया था ।
महिला की तबीयत लगातार बिगड़ती गई और 9 जून की रात उसकी मौत हो गई, बच्चा स्वस्थ्य है। महिला के पति चंद्रकांत टांडिया ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते जांच व कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कमेटी बना जांच की। पाया गया कि मदर मैरी अस्पताल नर्सिंग होम एक्ट का पालन नहीं कर रहा है। कांकेंर सीएचएमओ ने आदेश जारी कर मदर मैरी अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने के साथ ही अस्पताल को सील कर दिया गया।
कोटरी नदी पर बने एनीकट का गेट सड़ जाने से नदी पूरी तरह से सूख गई
कांकेर। जिले के दुर्गकोंदल ब्लॉक के कोटरी नदी पर सिंचाई विभाग द्वारा बनाया गया एनीकट का गेट सड़ गया है, जिससे पूरा पानी रिसकर खाली हो चुका है। गेट के सड़ जाने से करोड़ों की लागत से बनाया गया एनीकट किसी काम का नहीं रह गया है, जिसके परिणाम स्वरूप एनीकट एवं नदी पूरी तरह सूख गई है, जिससे एनीकट के आस-पास के किसानों एवं ग्रामीणों के निस्तार के उपयोग के लिए पानी समस्या हो रही है।
किसान मनीष कुमेटी, दारशु जाड़े, मोती बढाई, जीवन रावटे, मिश्री आरदे, पलटन जैन, मांहगी जैन, अजीत जैन, नारायण पटेल, संतु चनाप, पंचायत सुरुंगदोह के पूर्व सरपंच नामदेव मरकाम का खेत एनीकट से लगा हुआ है। उक्त किसानों ने बताया कि एनीकट में पानी भरे होने से गांव का जल स्तर भी बना हुआ था, लेकिन एनीकट का गेट सड़ जाने से नदी का पानी पूरी तरह बह गया है। इससे वे ग्रीष्मकालीन फसल नहीं ले पाए। किसानों ने स्टॉपडैम के गेट की मरम्मत करने की मांग की है।
पुरुषोत्तम नगर में पांच आवारा भैंसों की नीलामी 16 को
कांकेर । जिले के कोयलीबेड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत पुरुषोत्तमनगर में 16 जून को आवारा मवेशियों की सार्वजनिक नीलामी की जाएगी। ग्राम पंचायत की सरपंच दीपा दास ने बताया कि चार माह पूर्व गांव में पांच आवारा भैंसों को पकड़ा गया था, जो लगातार किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा रहे थे। इन भैंसों को पंचायत द्वारा सुरक्षित स्थान पर रखा गया था, और उनके देख-रेख में पंचायत द्वारा निरंतर खर्च किया गया।
कई बार सूचना देने के बावजूद अब तक कोई भी व्यक्ति इन भैंसों को लेने नहीं आया। पंचायत द्वारा सर्वसम्मति से फैसला लिया गया है कि इनके भरण-पोषण में लगे खर्च की वसूली के लिए 16 जून को नीलामी प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। सरपंच दीपा दास ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अपने मवेशियों को खुला न छोड़ें व फसल संरक्षण के लिए सतर्कता बरतें।
‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ शुरू, 12 जून तक चलेगा
कृषि की नवीनतम तकनीक, प्राकृतिक खेती के प्रति किसानों को किया जा रहा जागरूक
कांकेर । कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में कृषकों के प्रत्यक्ष जुड़ाव तथा संवाद के माध्यम से कृषि और किसान को सम्पन्न बनाने की दिशा में देशव्यापी ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ 29 मई से प्रारंभ होकर आगामी 12 जून तक करने का निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जिले के कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि उद्यानिकी, पशु पालन एवं मछली पालन विभाग के सहभागिता से अभियान को सम्पूर्ण जिले में क्रियान्वित किया जाएगा।
इसका मुख्य उद्देश्य प्रमुख खरीफ फसलों की नवीनतम तकनीकों के संबंध में कृषकों के मध्य जागरूकता का निर्माण एवं प्राकृतिक खेती करने की विधि बताई जाएगी। इसी प्रकार विभिन्न कृषकोन्मुखी शासकीय योजनाओं एवं नीतियों के संबंध में प्रचार-प्रसार के साथ ‘मृदा स्वास्थ्य पत्रक’ की अनुशंसा के आधार पर उर्वरक तथा सूक्ष्म तत्वों की आवश्यक मात्रा के निर्धारण हेतु कृषकों को जागरूक करते हुए संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देना है। इसके अलावा सूचना और संचार प्रौद्योगिकी एवं आधुनिक यंत्रों के उपयोग से स्मार्ट कृषि तथा कृषकों से प्राप्त सुझाव एवं समस्याओं तथा कृषकों द्वारा किए गए नवाचारों के संबंध में जानकारियों का संकलन के आधार पर आवश्यक अनुसंधान प्राथमिकताओं का निर्धारण किया जाएगा।
उप संचालक कृषि ने बताया कि इस अभियान में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद कृषि विज्ञान केन्द्र एवं कृषि विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिकों तथा कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मछलीपालन विभागों के मैदानी अमलों को समाहित करते हुए जिले में न्यूनतम 04 दल तैयार किए जा रहे हैं। प्रत्येक दल के साथ एक कृषि रथ रहेगा, जो दल के प्रवास उपयोग के अलावा दृश्य-श्रव्य साधनों से प्रचार-प्रसार भी करेगा। प्रत्येक दल प्रतिदिन न्यूनतम दो ग्रामों में कृषकों से प्रत्यक्ष संवाद तथा परिचर्चा करेंगे। उन्होंने बताया कि इस अभियान के दौरान पी.एम. किसान, डिजिटल एग्रीकल्चर एवं अन्य विभागीय योजनाओं हेतु पात्र हितग्राहियों का चिन्हांकन एवं योजनांतर्गत लाभ लेने हेतु चयन किया जाएगा। जिले में स्थित एफ.पी.ओ. लखपति दीदी समूह तथा अन्य उत्पादक समूहों एवं कृषकों के मध्य परिचर्चा द्वारा विपणन, स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण गतिविधियों का विकास तथा नव विकसित तकनीकों यथा ड्रोन, स्थानीय स्तर पर जैविक कीटनाशी का निर्माण के संबंध में यथासंभव जीवंत प्रदर्शनों का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार कृषकों को वितरित मृदा स्वास्थ्य पत्रक के संबंध में कृषक-वैज्ञानिक प्रत्यक्ष परिचर्चा के माध्यम से जागरूक कर डीएपी उर्वरक के स्थान पर अन्य वैकल्पिक उर्वरकों तथा सूक्ष्म तत्वों के उपयोग के संबंध में आवश्यक जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा उच्चहन भूमियों में धान के स्थान पर दलहन, तिलहन एवं मक्का उत्पादन, विभिन्न विभागीय योजनाओं जैसे नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग, नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल (ऑयल सीड एव ऑयल पाम) सीड के संबंध में जानकारी प्रदाय की जाएगी। साथ ही धान की डीएसआर पद्धति, पैडी ट्रांसप्लांटर से रोपाई की जानकारी तथा आवश्यकतानुसार कृषि आदानों (बीज, बीज मिनीकिट) का जनप्रतिनिधियों के माध्यम से वितरण किया जाएगा। जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा इस अभियान को सफल हेतु बनाने जनप्रतिनिधियों एवं कृषकों को सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की गई है।
तेज रफ्तार बाइक टकराईं, दो की मौत
कांकेर । जिले के भानुप्रतापुर में एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई और दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा कोसेकुर्से थाना क्षेत्र में हुआ है। यहां दो तेज रफ़्तार बाइक आपस में टकरा गई।
इस हादसे में बाइक सवार दो लोगों की मौत हो गई और दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा है। इतना ही नहीं पुलिस की टीम ने मृतकों के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
कोयलीबेड़ा की ग्राम पंचायत एसेबेड़ा में आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर
ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी दी गई
कांकेर। प्रदेश सरकार द्वारा मनाए जा रहे सुशासन तिहार के अंतिम चरण में जिले के सभी विकासखण्डों के चयनित क्लस्टर ग्राम पंचायतों में प्रतिदिन समाधान शिविरों का आयोजन कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशानुसार किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज जिला स्तरीय समाधान शिविर जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा के ग्राम एसेबेड़ा में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। शिविर में पहले चरण में प्राप्त आवेदनों की स्थिति एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी गई। एसेबेड़ा क्लस्टर में कुल 2179 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 2139 का निराकरण जिला प्रशासन द्वारा किया जा चुका है।
जिला स्तरीय समाधान शिविर में उपस्थित कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि यह परलकोट क्षेत्र कृषि, दुग्ध, सब्जी एवं मत्स्य पालन के क्षेत्र में अग्रणी है और जिला प्रशासन इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के विकास हेतु हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि जो पात्र हितग्राही अब तक आवास योजना से वंचित रह गए हैं, उन्हें “आवास प्लस प्लस” के तहत आगामी 2-3 महीने में इसकी स्वीकृति अवश्य मिलेगी। उन्होंने यह भी समझाईश दी कि यदि कोई भी कर्मचारी प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पैसे की मांग करता है या ऐसी कोई शिकायत प्राप्त होती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। आवास प्लस में छूटे हुए पात्र हितग्राहियों का सर्वे कराने के निर्देश जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी को दिए। समाधान में शिविर में जिला पंचायत सीईओ ने भी उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त सभी आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
कोयलीबेड़ा विकासखण्ड में आयोजित समाधान शिविर में कृषि विभाग की ओर से 16 किसानों को मक्का बीज मिनी किट वितरित किए गए। इसी तरह प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 03 हितग्राहियों को पूर्ण आवास की चाबियां सौंपी गई तथा खाद्य विभाग द्वारा 29 हितग्राहियों को राशन कार्ड का वितरण किया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा 6 बुजुर्गों को वृद्धा पेंशन के रूप में 500 रूपए की राशि स्वीकृत कर 02 हितग्राहियों को मनरेगा जॉब कार्ड का वितरण भी किया गया। शिविर में जिला पंचायत सदस्य दीपांकर रॉय, जनपद उपाध्यक्ष श्रीमती मंजू सरकार, एसडीएम अंजोर सिंह पैकरा, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती रानू मैथ्यूज सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय व ब्लॉक स्तरीय अधिकारी कर्मचारी और स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।