छत्तीसगढ़ / सूरजपुर
युवा संवाद कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने जानी संसदीय कार्यप्रणाली व लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्व
सूरजपुर । शासकीय नवीन महाविद्यालय चांदनी बिहारपुर में युवा सांसद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की छात्र-छात्राओं ने युवा सांसद के रूप में विकसित भारत 2047 के संकल्पों को साकार करने के लिए विभिन्न विषयों शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, अनुसंधान, रोजगार और जलवायु परिवर्तन के साथ साथ पर्यावरण संरक्षण के विषयों पर अपने विचार रखे।
विद्यार्थियों ने युवा संसद के माध्यम से संसदीय कार्यप्रणाली, प्रश्नकाल, विचार-विमर्श एवं प्रस्ताव प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को समझा। इस दौरान सेवा संकल्प, शिक्षा, रोजगार, ग्रामीण विकास, पर्यावरण संरक्षण तथा विकसित भारत-2047 के निर्माण में युवाओं की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई विद्यार्थियों ने अपने विचार प्रस्तुत करते हुए समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने, स्वच्छता बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने तथा जरूरतमंद विद्यार्थियों की शिक्षा में सहयोग करने के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी, तार्किक विचार-विमर्श, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता तथा सामाजिक सेवा के महत्व से परिचित कराया गया। कार्यक्रम अतिरिक्त प्रभारी प्राचार्य रंजीत कुमार सातपुते के मार्गदर्शन एवं महाविद्यालय के वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक धीरेंद्र कुमार जायसवाल के संरक्षण में आयोजित हुआ। इस दौरान महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक रामनिवास पटेल, महाविद्यालयीन छात्र छात्राएं तथा कार्यालयीन कर्मचारी उपस्थित रहे।
सेवा सेतु से आसान हुई शासकीय सेवाएं, अमर ने सुविधा का लाभ लेकर बनवाया जाति प्रमाण पत्र
सूरजपुर । सेवा सेतु केन्द्र आम नागरिकों तक सुशासन की सहज और पारदर्शी सेवाएं पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन रही है। जिससे लोगों के समय, श्रम की भी बचत हो रही है। विकासखण्ड रामानुजनगर के ग्राम साल्ही के निवासी अमर सिंह ने जाति प्रमाणपत्र बनवाने हेतु आवश्यक दस्तावेजों के साथ सेवा सेतु के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों का त्वरित परीक्षण किया गया और पात्रता के आधार पर जाति प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया।
अमर सिंह ने बताया कि पहले ऐसे कार्यों के लिए कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन सेवा सेतु केन्द्र में उपलब्ध करायी जा रही सेवाओं ने पूरी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बना दिया है। उन्होंने शासन एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी शीघ्रता से प्रमाणपत्र प्राप्त होना शासन की संवेदनशील कार्यप्रणाली है। सेवा सेतु जैसी जनहितकारी पहल से आम नागरिकों का शासन पर भरोसा बढ़ा है।
जिले में 31 दिसंबर तक आयोजित होगा वित्तीय समावेशन शिविर
बैंकिंग सेवाओं से वंचित पात्र हितग्राहियों को मिलेगा वित्तीय एवं सामाजिक सुरक्षा का लाभ
सूरजपुर/ 22 अक्टूबर 2026
भारत सरकार वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के निर्देशानुसार 21 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय स्तर पर वित्तीय समावेशन शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इसी कड़ी में सूरजपुर जिले में भी ग्राम एवं नगरीय निकाय स्तर पर शिविर आयोजित किया जा रहा है। जिसके माध्यम से बैंकिंग सेवाओं से वंचित नागरिकों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ना तथा केंद्र सरकार की प्रमुख वित्तीय एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जायेगा।
अभियान के दौरान प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं अटल पेंशन योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों का पंजीयन किया जाएगा। विशेष रूप से पीवीटीजी परिवारों के जनधन खाते शुरू किया जायेगा। शिविरों में निष्क्रिय जनधन खातों को सक्रिय करने, आधार सीडिंग, लंबित केवाईसी एवं री-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण करने तथा बचत खातों में नामांकन संबंधी जानकारी अद्यतन करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। नागरिकों को विभिन्न वित्तीय योजनाओं के लाभ, बैंकिंग सुविधाओं तथा डिजिटल लेन-देन के दौरान होने वाली धोखाधड़ी से बचाव के संबंध में भी जागरूक किया जाएगा।
अग्रणी जिला प्रबंधक श्री संदीप कुमार ने जानकारी दी है कि अभियान के अंतर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय क्षेत्र को कम से कम एक शिविर से आच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक सरकारी वित्तीय एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। जिले के सभी संबंधित बैंक शाखाओं एवं हितधारकों से अभियान को सफल बनाने तथा अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की अपील की गई है।
सेवा सेतु से आसान हुई शासकीय सेवाएं : अमर ने सुविधा का लाभ लेकर बनवाया जाति प्रमाण पत्र
सूरजपुर/ 22 अक्टूबर 2026
सेवा सेतु केन्द्र आम नागरिकों तक सुशासन की सहज और पारदर्शी सेवाएं पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन रही है। जिससे लोगों के समय, श्रम की भी बचत हो रही है। विकासखण्ड रामानुजनगर के ग्राम साल्ही के निवासी श्री अमर सिंह ने जाति प्रमाणपत्र बनवाने हेतु आवश्यक दस्तावेजों के साथ सेवा सेतु के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों का त्वरित परीक्षण किया गया और पात्रता के आधार पर जाति प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया।
श्री अमर सिंह ने बताया कि पहले ऐसे कार्यों के लिए कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन सेवा सेतु केन्द्र में उपलब्ध करायी जा रही सेवाओं ने पूरी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बना दिया है। उन्होंने शासन एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी शीघ्रता से प्रमाणपत्र प्राप्त होना शासन की संवेदनशील कार्यप्रणाली है। सेवा सेतु जैसी जनहितकारी पहल से आम नागरिकों का शासन पर भरोसा बढ़ा है।
राज्योत्सव पर जिला मुख्यालय में एक दिवसीय कार्यक्रम का भव्य आयोजन
सशक्त नारी युवा उड़ान की थीम पर लगायी जायेगी प्रदर्शनी
01 से 03 नवंबर तक की जायेगी शासकीय भवनों में रोशनी
सूरजपुर/ 22 अक्टूबर 2026
विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के अवसर पर भव्य आयोजन किया जायेगा, जिसके अंतर्गत जिला मुख्यालय में 02 नवंबर को एक दिवसीय कार्यक्रम आयोजित होगा। कार्यक्रम स्थल पर राज्य शासन के महत्वपूर्ण योजनाओं, विभिन्न विकास विभागों की प्रदर्शनीय लगायी जायेगी जिसमें विभागीय उपलब्धियों को सशक्त नारी युवा उड़ान की थीम पर सुनिश्चित किया जायेगा। तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया जायेगा। साथ ही जिला मुख्यालय में 01 नवंबर से 03 नवंबर तक शासकीय भवनों पर रोशनी की जायेगी।
कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने जिला पंचायत सीईओ श्री विजेन्द्र सिंह पाटले को नोडल अधिकारी एवं अपर कलेक्टर श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है। साथ ही राज्योत्सव की आवश्यक तैयारी हेतु जिला स्तरीय अधिकारियों को भी दायित्व सौंपा गया है।
रिंग रोड पर बीटी पैच रिपेयरिंग कार्य प्रारंभ, शहरवासियों को मिलेगी सुगम आवागमन की सुविधा
सूरजपुर । कलेक्टर रेना जमील के निर्देशानुसार शहर की सड़कों को दुरुस्त करने एवं आम नागरिकों को सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में लोक निर्माण विभाग द्वारा मरम्मत कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इसी कड़ी में लोक निर्माण विभाग कार्यपालन अभियंता ललित भोई के मार्गदर्शन में शहर के रिंग रोड पर बीटी पैच रिपेयरिंग का कार्य शुरू किया गया है। सड़क मरम्मत कार्य के तहत क्षतिग्रस्त हिस्सों एवं गड्ढों को दुरुस्त किया जा रहा है, जिससे शहरवासियों एवं राहगीरों को आवागमन में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी।
लोक निर्माण विभाग कार्यपालन अभियंता ललित भोई ने बताया कि विभाग के अंतर्गत आने वाली सड़कों पर आवश्यकतानुसार पैच रिपेयरिंग का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। विभाग द्वारा चिन्हित क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर कराई जा रही है। जिससे आम नागरिकों को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उल्लेखनीय है कि सड़क पर गड्ढों एवं क्षतिग्रस्त हिस्सों के कारण वाहन चालकों और आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर रेना जमील के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क मरम्मत कार्य में तेजी लाई गई है, ताकि नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम यातायात की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
जिले में सड़क अधोसंरचना को मिलेगी नई मजबूती, 21.33 करोड़ रुपये के 4 सड़क निर्माण कार्यों को मंजूरी
सूरजपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेश में सड़क अधोसंरचना के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ लोक निर्माण विभाग द्वारा सूरजपुर जिले के भटगांव एवं प्रेमनगर विधानसभा क्षेत्रों में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए 21 करोड़ 33 लाख 16 हजार रुपये की लागत से 4 सड़क निर्माण, चौड़ीकरण एवं उन्नयन कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन कार्यों से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के बीच आवागमन सुगम होने के साथ ही क्षेत्रीय विकास और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
भटगांव विधानसभा क्षेत्र में दो सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत
भटगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विकासखंड भैयाथान में तेलगांव मुख्य मार्ग से बरपारा होते हुए बुंदिया चौक तक 5.50 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 543.67 लाख रुपये तथा विकासखंड सूरजपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत कुम्दाबस्ती से जूना तालाब बांधभीट तक 2.40 किलोमीटर सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण के लिए 346.51 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
’प्रेमनगर विधानसभा क्षेत्र में सुदृढ़ होगी सड़क कनेक्टिविटी’
प्रेमनगर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विकासखंड प्रेमनगर में मंहगई-कालीपुर से नावापारा मार्ग तक 6.66 किलोमीटर सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण के लिए 813.51 लाख रुपये तथा विकासखंड सूरजपुर में रामनगर मुख्य मार्ग से सरस्वतीपुर तक 3.00 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण एवं उन्नयन कार्य के लिए 429.47 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
पीडब्ल्यूडी कार्यपालन अभियंता ललित भोई ने जानकारी दी है कि स्वीकृत कार्यों की निविदा प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर निर्धारित समय-सीमा में निर्माण कार्य संपन्न कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इन सड़क परियोजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्र के ग्रामीणों, किसानों, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। सड़क संपर्क के विस्तार से दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी तथा स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
ग्रामीण अंचलों तक पहुंच रही आयुष स्वास्थ्य सेवाएं, गणेशपुर में 446 मरीजों का निःशुल्क उपचार
सूरजपुर । ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयुष विभाग द्वारा लगातार स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में संचालनालय आयुष के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर रेना जमील के मार्गदर्शन में जिला आयुष अधिकारी डॉ. अबुल फैज के नेतृत्व में विकासखंड रामानुजनगर अंतर्गत ग्राम गणेशपुर के साप्ताहिक बाजार में आयुष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को उनके गांव के समीप ही निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई। शिविर में कुल 446 मरीजों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया गया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शिविर में पहुंचकर आयुष चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठाया। विशेष रूप से साप्ताहिक बाजार में शिविर आयोजित किए जाने से आसपास के गांवों से बाजार पहुंचे ग्रामीणों को भी स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार की सुविधा प्राप्त हुई।
जिला आयुष अधिकारी डॉ. अबुल फैज के नेतृत्व में विभागीय अमले द्वारा शिविर का सुव्यवस्थित संचालन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। शिविर में जनपद सदस्य रोहित सिंह, ग्राम सरपंच सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, आयुष विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
अवैध वनोपज परिवहन पर की गयी कार्यवाही, सेमल काष्ठ के 11 नग बड़े लट्टे सहित एक ट्रक जप्त
सूरजपुर । वन परिक्षेत्र रामानुजनगर अंतर्गत सर्किल प्रेमनगर के महेशपुर बीट में वन विभाग द्वारा अवैध वनोपज परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए एक ट्रक को अवैध सेमल काष्ठ के साथ जप्त गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 की रात्रि लगभग 09ः45 बजे, वन परिक्षेत्राधिकारी रामानुजनगर के निर्देशन में वन परिक्षेत्र के स्टाफ द्वारा महेशपुर (चितखई) मेन रोड पर हाई स्कूल के समीपएक लाल रंग के टाटा ट्रक की जांच की गयी।
उक्त वाहन का क्रमांक सीजी 10 बीएम 5938 पर सेमल प्रजाति के 11 नग बड़े काष्ठ लट्टे पाये गये। जिनके परिवहन के संबंध में आवश्यक वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण वन विभाग द्वारा उक्त काष्ठ एवं वाहन को जब्त कर वन परिक्षेत्र रामानुजनगर परिसर में लाया गया। साथ ही प्रकरण में वन अपराध से संबंधित तथ्यों की जांच करते हुए नियमानुसार अग्रिम विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है। इस दौरान संबंधित वन परिक्षेत्र के कर्मचारीगण मौजूद रहे।
वन विभाग द्वारा स्पष्ट किया है कि वन संपदा के अवैध कटाई, परिवहन एवं व्यापार के विरुद्ध सतत निगरानी रखी जा रही है। वन संपदा के संरक्षण एवं अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विभाग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण, 12 नवंबर को प्रारंभिक प्रकाशन
सूरजपुर । भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली के द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य अंतर्गत फोटो युक्त निर्वाचक नामावलियों का विशेष पुननिरीक्षण अर्हता तिथि 01 जनवरी 2027 के संदर्भ में पुनरीक्षण कार्यक्रम की तिथि जारी की गयी है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी प्रशांत कुमार कुशवाहा ने जानकारी दी है कि आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम अनुसार 02 नवंबर 2026 तक मतदान केन्द्र का युक्ति युक्त करण का कार्य किया जायेगा 12 नवंबर 2026 को निर्वाचन नामावलियों का प्रारंभिक प्रकाशन किया जायेगा। साथ ही 12 नवंबर 2026 से 11 दिसंबर 2026 तक दावा, आपत्ति प्राप्त किया जायेगा। साथ ही 28 दिसंबर 2026 तक प्राप्त दावा, आपत्तियों का निराकरण तथा 04 जनवरी 2027 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जायेगा।
विज्ञान की पढ़ाई बनेगी रोचक, शिक्षकों को मिला गतिविधि आधारित प्रशिक्षण
सूरजपुर । शिक्षा विभाग, जिला सूरजपुर के तत्वावधान में आज संयुक्त जिला कार्यालय सूरजपुर में विकासखंड स्तरीय मेंटर शिक्षकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में भौतिकी एवं रसायन विज्ञान की हैंड्स-ऑन गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला संयुक्त कलेक्टर प्रशांत जायसवाल एवं डिप्टी कलेक्टर यशवंत कुमार देवांगन की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर रसायन विज्ञान गोपाल सिंह, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रामानुजनगर भौतिकी दुष्यंत कुमार राजवाड़े, स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, नवापारा, सूरजपुरने प्रशिक्षण दिया।
जिले के सभी विकासखंडों से आए 24 शिक्षकों ने कार्यशाला में भाग लिया। प्रशिक्षकों ने सरल और कम लागत वाली सामग्री से वैज्ञानिक प्रयोग करके दिखाया गया। साथ ही उन्होंने इन प्रयोगों के पीछे के वैज्ञानिक सिद्धांत भी समझाए। प्रतिभागी शिक्षकों ने हर प्रयोग स्वयं करके उसकी विधि सीखी।
मास्टर ट्रेनर ने अपने स्तर पर 100 से अधिक कम लागत और अधिक प्रभावी शिक्षण सामग्री (ज्स्ड) तैयार की है। ये सामग्रियाँ घरेलू और आसानी से मिलने वाली वस्तुओं से बनी हैं। इनसे विद्यार्थी कठिन वैज्ञानिक अवधारणाएँ देखकर और स्वयं करके आसानी से समझ सकते हैं। कार्यशाला में ये सभी सामग्रियाँ प्रतिभागी शिक्षकों को सिखाई गई ।
कलेक्टर रेना जमील ने संयुक्त कलेक्टर प्रशांत जायसवाल की इस पहल की सराहना की। उन्होंने मास्टर ट्रेनर शिक्षक दुष्यंत कुमार राजवाड़े और गोपाल सिंह के नवाचार की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की सामग्री से विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होगा।
प्रतिभागी शिक्षकों ने भी कार्यशाला को अत्यंत रोचक, सहभागितापूर्ण और ज्ञानवर्धक बताया। प्रशिक्षित शिक्षक अब अपने-अपने विकासखंडों में अन्य शिक्षकों को ये प्रयोग सिखाएंगे। इससे जिले के विद्यालयों में प्रायोगिक और गतिविधि-आधारित विज्ञान शिक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
कलेक्टर ने केदारपुर में मिट्टी बांध का किया निरीक्षण
सूरजपुर । कलेक्टर रेना जमील ने विकासखंड प्रेमनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत केदारपुर में विकसित भारत जी-राम-जी योजना के तहत निर्मित मिट्टी बांध का निरीक्षण कर जल संग्रहण एवं सिंचाई सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों से गर्मी के मौसम में पानी की उपलब्धता तथा किसानों को मिल रहे लाभ के संबंध में जानकारी ली।
संबंधित अधिकारियों ने बताया कि मिट्टी बांध में जल संग्रहण से आसपास के किसानों को गर्मी के मौसम में तरबूज, टमाटर सहित विभिन्न सब्जियों की खेती में सुविधा मिलती है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होने के साथ ही कृषि गतिविधियों के माध्यम से आय अर्जित करने के अवसर मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इस खरीफ सींजन में किसानों के द्वारा धान की ,खेती के लिए मिट्टी बांध में संचित पानी का उपयोग किया गया है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर जमील ने मिट्टी बांध में जल की पर्याप्त उपलब्धता एवं गर्मी के मौसम में जल संग्रहण की संभावनाओं को देखते हुए मछली पालन की गतिविधियां शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के साथ उपलब्ध जल संसाधनों का आजीविका संवर्धन के लिए भी बेहतर उपयोग किया जाए, ताकि स्थानीय ग्रामीणों को आय के अतिरिक्त स्रोत उपलब्ध हो सकें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ग्रामीणों को मछली पालन जैसी आयमूलक गतिविधियों से जोड़ने तथा जल संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ विजेन्द्र सिंह पाटले, अपर कलेक्टर नयनतारा सिंह तोमर सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने आश्रम, आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण कर परखी व्यवस्थाएं
सूरजपुर । शैक्षणिक व्यवस्थाएं परखने कलेक्टर रेना जमील ने प्रेमनगर विकासखंड अंतर्गत आदिवासी बालक आश्रम एवं आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं, बच्चों को उपलब्ध सुविधाओं तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान आश्रम में साफ-सफाई एवं रखरखाव की कमियों, आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों की कम उपस्थिति तथा नवनिर्मित आंगनबाड़ी भवन की गुणवत्ता में लापरवाही पाए जाने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए मंडल संयोजक, सुपरवाइजर, सीडीपीओ एवं निर्माण कार्य से संबंधित जिम्मेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी कमियों को तत्काल दूर कर बच्चों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुविधायुक्त वातावरण सुनिश्चित करने तथा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ विजेन्द्र सिंह पाटले, अपर कलेक्टर नयनतारा सिंह तोमर सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
आश्रम में अव्यवस्थाओं पर मंडल संयोजक को नोटिस जारी करने दिए निर्देश
कलेक्टर रेना जमील ने विकासखंड प्रेमनगर अंतर्गत आदिवासी बालक आश्रम का औचक निरीक्षण कर विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं आश्रम की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान आश्रम में साफ-सफाई, रखरखाव एवं बुनियादी सुविधाओं में कमियां पाए जाने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने आश्रम के जीर्णाेद्धार कार्य का भी अवलोकन किया। आश्रम की स्थिति एवं रखरखाव में लापरवाही पर असंतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध कराना सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए मंडल संयोजक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही आश्रम में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने, रसोईघर एवं शौचालयों की नियमित साफ-सफाई, परिसर की रंगाई-पुताई तथा आवश्यक मरम्मत कार्य कराकर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
नन्हे बच्चों से रूबरू हुईं कलेक्टर:
कलेक्टर रेना जमील ने प्रेमनगर विकासखंड के सेक्टर बकिरमा के आंगनबाड़ी केन्द्र सलेहपारा महोरा और नवनिर्माण आंगनबाड़ी केंद्र महुआरीपारा का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने केन्द्र के बच्चों से संवाद किया और बच्चों से बारह खड़ी, अंग्रेजी की वर्णमाला के बारे में पूछा। उन्होंने केन्द्र के अन्य गतिविधियों की भी जानकारी लेते हुए संबंधितों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। कलेक्टर ने बच्चों की कम उपस्थित पाए जाने पर नाराजगी जाहिर करते शतप्रतिशत बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए इस दौरान उन्होंने सुपरवाइजर एवं सीडीपीओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने नवनिर्मित आंगनबाड़ी केंद्र महुआरीपारा का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधितों की जिम्मेदारी तय कर कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा आवश्यक सुधार कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय महिला किसान दिवस पर कृषक-वैज्ञानिक परिचर्चा आयोजित, आधुनिक खेती और स्वरोजगार की मिली जानकारी
सूरजपुर । कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को सशक्त बनाने तथा उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों एवं आजीविका के नए अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से राष्ट्रीय महिला किसान दिवस के अवसर पर कार्यालय उप संचालक कृषि, सूरजपुर के सभाकक्ष में कृषक-वैज्ञानिक परिचर्चा का आयोजन किया गया। कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र, अजिरमा, अंबिकापुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष किसानों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों के चयन, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण तथा कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों की जानकारी दी। साथ ही महिला किसानों को खेती के साथ अतिरिक्त आय के साधन विकसित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।
सहायक संचालक कृषि आर.एल. भारिया ने कृषि एवं इससे जुड़ी गतिविधियों में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कृषि आधारित लघु उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना एवं एग्रीस्टैक पंजीयन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। सहायक संचालक कृषि डॉ. तेजराम बंजारा ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड के महत्व के साथ जैविक खेती में बीजामृत एवं जीवामृत तैयार करने तथा उनके उपयोग की विधियों से किसानों को अवगत कराया।
कृषि विज्ञान केंद्र, अजिरमा के कृषि वैज्ञानिक पांडुराम पैकरा ने महिला किसानों को कृषि में तकनीकी नवाचार, पोषण वाटिका, सब्जी उत्पादन, जैविक खाद के उपयोग एवं फसल विविधीकरण की जानकारी दी। उन्होंने ऑयस्टर एवं बटन मशरूम उत्पादन की तकनीकों तथा कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित करने की संभावनाओं से अवगत कराया। साथ ही महिला किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र के प्रक्षेत्र भ्रमण के लिए आमंत्रित किया।
इस दौरान लीलाधर साहू एवं डॉ. विवेक कुमार शांडिल्य ने उन्नत बीज चयन, बुवाई, रोपाई, खरपतवार नियंत्रण एवं फसल कटाई की वैज्ञानिक विधियों की जानकारी दी। उन्होंने पशुपालन, उद्यानिकी एवं औषधीय पौधों की खेती में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने तथा उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया।
स्वीट कॉर्न की खेती का प्रक्षेत्र भ्रमण, महिला किसानों ने जानी उत्पादन की तकनीक
कृषक-वैज्ञानिक परिचर्चा के पश्चात कृषि विभाग की आत्मा योजना एवं कृषि विज्ञान केंद्र, अंबिकापुर के संयुक्त प्रयास से महिला किसानों को विकासखंड सूरजपुर के ग्राम झांसी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के प्रक्षेत्र में उत्पादित स्वीट कॉर्न ( मक्का) के प्रदर्शन का अवलोकन कराया गया। इस दौरान कृषि विशेषज्ञों ने स्वीट कॉर्न की खेती एवं उत्पादन संबंधी तकनीकी जानकारी प्रदान करते हुए महिला किसानों को इसकी खेती अपनाने तथा कृषि से आय के अतिरिक्त अवसर विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारी-कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।
बिहान से बदली सुनीता की जिंदगी, किराना दुकान बनी आर्थिक आत्मनिर्भरता का आधार
सूरजपुर । छत्तीसगढ़ शासन की बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी साबित हो रही है। योजना के माध्यम से महिला स्व-सहायता समूहों को स्वरोजगार एवं आजीविका संवर्धन के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे अपने व्यवसाय का विस्तार कर परिवार की आय में वृद्धि कर रही हैं।
कभी परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन आज अपनी मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर सुनीता गुप्ता स्वरोजगार के माध्यम से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़कर उन्होंने न केवल अपनी आजीविका का साधन विकसित किया, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।
जिले के विकासखंड प्रतापपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत कोरंधा निवासी सुनीता गुप्ता पहले परिवार की सीमित आय के कारण आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रही थीं। घर की जरूरतों को पूरा करने और आमदनी का अतिरिक्त स्रोत विकसित करने की इच्छा ने उन्हें स्वरोजगार की ओर प्रेरित किया। इसी उद्देश्य से वे गायत्री स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं, जहां नियमित बचत, आपसी सहयोग और बिहान योजना के माध्यम से उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिला।
स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद सुनीता को बैंक ऋण की सुविधा प्राप्त हुई, जिसका उपयोग उन्होंने किराना दुकान का व्यवसाय शुरू करने में किया। धीरे-धीरे उनका व्यवसाय आगे बढ़ने लगा और दुकान से होने वाली आमदनी परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में सहायक बनी। अपनी मेहनत और बेहतर व्यवसाय संचालन के माध्यम से उन्होंने लगभग 60 हजार रुपये का मुनाफा अर्जित किया है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ भविष्य में व्यवसाय का विस्तार करने का उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
सुनीता गुप्ता बताती हैं कि बिहान योजना से प्राप्त वित्तीय सहायता उनके लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस सहयोग से उन्हें अपने स्वरोजगार का अवसर मिला है और भविष्य में आय बढ़ाने के नए मार्ग भी खुल रहे हैं। सुनीता ने मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने की नई दिशा प्रदान कर रही हैं। सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत सेवा की कहानी के रूप में सुनीता गुप्ता की यह उपलब्धि ग्रामीण महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल है।
सेवा संकल्प अभियान से ग्रामीणों तक पहुंच रही आयुष चिकित्सा की सुविधाएं, धरमपुर में 57 मरीज लाभान्वित
सूरजपुर । सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले के ग्रामीण अंचलों में आयुष चिकित्सा पद्धतियों की पहुंच बढ़ाने तथा आमजन को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहा हैं। इसी क्रम में ग्राम धरमपुर में आयुष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 57 मरीज लाभान्वित हुए।
शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को आयुष चिकित्सा पद्धति के अंतर्गत स्वास्थ्य परामर्श एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई। आयुष चिकित्सा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ ही ग्रामीणों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
आयुष चिकित्सा पद्धतियां रोगों की रोकथाम तथा समग्र स्वास्थ्य संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से इन चिकित्सा पद्धतियों को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, जो कि स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार एवं ग्रामीणों को आयुष चिकित्सा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता व गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश, नियमों के उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
सूरजपुर । शारदीय नवरात्रि पर्व के अवसर पर कुदरगढ़ में आयोजित मेले में श्रद्धालुओं एवं आमजन को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा विभिन्न दुकानों एवं होटलों का निरीक्षण किया गया।
कलेक्टर रेना जमील एवं उप संचालक के निर्देशानुसार अभिहित अधिकारी पुष्पा राज चौहान तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपा साहू ने मेले में संचालित खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, उपयोग की अंतिम तिथि तथा साफ-सफाई की व्यवस्थाओं की जांच की।
निरीक्षण के दौरान एक दुकान में फ्रूट के 10 एक्सपायरी पैकेट पाए गए, जिन्हें मौके पर ही नष्ट कराया गया। साथ ही खाद्य कारोबारियों को खाद्य पदार्थों को अखबार में रखकर परोसने या पैक करने से बचने तथा प्रतिष्ठानों में स्वच्छता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए।
विभागीय अधिकारियों ने मिठाइयों में केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप अनुमत खाद्य रंगों का उपयोग करने तथा होटलों में खाद्य पदार्थ तलने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले तेल की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही बार-बार उपयोग किए गए तेल से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों के प्रति भी सचेत किया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने समझाइश स्पष्ट किया है कि आमजन के स्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। मेले सहित अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में निरीक्षण एवं जांच की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।