छत्तीसगढ़ / सरगुजा
शिक्षा की राह में छोटा-सा योगदान, बच्चों के सपनों को नई उड़ान: राजेश अग्रवाल
अम्बिकापुर । आज लखनपुर में जरूरतमंद एवं वंचित बच्चों को शिक्षा से जोड़ने तथा उनकी पढ़ाई में सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से मिशन एजुकेशन द्वारा संचालित स्टेशनरी दान अभियान में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने सहभागिता की। उन्होंने जरूरतमंद बच्चों के लिए आवश्यक शैक्षणिक सामग्री का दान कर इस सराहनीय पहल को अपना समर्थन दिया।
मिशन एजुकेशन द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद बच्चों तक पढ़ाई में उपयोग होने वाली आवश्यक सामग्री पहुंचाई जा रही है। अभियान के तहत कॉपियां, पेन, पेंसिल, रबर, ज्यामिति बॉक्स सहित अन्य शैक्षणिक सामग्री बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि संसाधनों के अभाव में उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार है। किसी बच्चे की पढ़ाई में किया गया सहयोग केवल एक वस्तु का दान नहीं, बल्कि उसके बेहतर भविष्य की दिशा में बढ़ाया गया महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में अपनी क्षमता के अनुसार योगदान देना चाहिए। छोटे-छोटे प्रयास मिलकर किसी बच्चे के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आर्थिक परिस्थितियां किसी बच्चे के सपनों के रास्ते में बाधा नहीं बननी चाहिए। बच्चों को बेहतर शिक्षा और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ते हैं।
श्री अग्रवाल ने मिशन एजुकेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जरूरतमंद बच्चों तक शैक्षणिक सामग्री पहुंचाने का यह प्रयास समाज में सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने आम नागरिकों से भी ऐसे सामाजिक सरोकारों से जुड़कर जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में सहयोग करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि हर बच्चे को पढ़ने, बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने का अधिकार है। किसी बच्चे की शिक्षा में हमारा छोटा-सा योगदान उसके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बन सकता है।
कलेक्टर अजीत वसंत ने विकासखण्ड उदयपुर का किया दौरा
अम्बिकापुर । कलेक्टर अजीत वसंत ने रविवार को विकासखण्ड उदयपुर का दौरा किया। उन्होंने मलेरिया प्रभावित क्षेत्र मतरिंगा पहुंचकर मौके पर स्थिति का जायजा लिया। क्षेत्र में जांच के दौरान वर्तमान में मलेरिया के तीन मरीज सामने आए हैं, जिनका उपचार जारी है। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं मैदानी अमले को प्रभावित क्षेत्र में सघन सर्वे करने के निर्देश दिए। उन्होंने घर-घर जाकर लोगों की स्वास्थ्य जांच करने, संदिग्ध मरीजों के तत्काल सैंपल लेने तथा पॉजिटिव पाए जाने पर समय पर उपचार सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने कहा कि इस हेतु मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, रोजगार सहायक, सचिव सभी को निर्देशित करें। स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लगाएं, प्रत्येक परिवार की जांच हो। उन्होंने मलेरिया की रोकथाम के लिए आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई, जलभराव वाले स्थानों की पहचान और मच्छरों के नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाने कहा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीमों को लगातार निगरानी बनाए रखने और लोगों को मलेरिया से बचाव के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी परिवारों को मच्छरदानी प्रदान करने के भी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मतरिंगा ग्राम में राशन वितरण, सोलर लाइट, विद्युत, पुलिया सहित अन्य समस्या संज्ञान में आने पर कलेक्टर ने सम्बंधित विभागों को तत्काल आवश्यक कार्यवाही कर निराकरण के निर्देश दिए।
कलेक्टर वसंत ने निरीक्षण के दौरान पहाड़ी कोरवा आश्रम मरेया का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने आश्रम परिसर, शयनकक्ष, रसोई, स्टोर, शौचालय आदि का जायजा लेकर आवश्यक दिशा- निर्देश दिए। उन्होंने आश्रम में पीने के पानी के लिए गहरा बोर कराए जाने के निर्देश दिये।उन्होंने आश्रम में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए तथा कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन देना सुनिश्चित करें।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केदमा का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं का लिया जायजा-
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर वसंत ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केदमा का आकस्मिक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने यहां मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, दवाओं की उपलब्धता, डॉक्टरों की उपस्थिति और उपचार की गुणवत्ता पर समीक्षा की। उन्होंने अस्पताल के विभिन्न कक्षों, ओपीडी, आईपीडी, लैब जांच, टीकाकरण सहित अन्य सुविधाओं की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक मरम्मत कार्य कराए जाने के निर्देश दिए, वहीं पावर बैटरी बैकअप की व्यवस्था हेतु निर्देशित किया।
शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था में अप्रेंटिसशीप मेला 10 को
अम्बिकापुर । शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था अंम्बिकापुर के प्राचार्य ने बताया कि शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था में आई टी आई उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थियों के लिए 10 अगस्त 2026 को प्रातः 11ः00 बजे से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय अप्रेंटिसशीप मेला का आयोजन किया जा रहा है। मेले में जो भी इच्छुक अभ्यर्थी शामिल होना चाहते हैं, वे अपने समस्त दस्तावेज शैक्षणिक एवं तकनीकी योग्यता, जाति, निवास, आधार कार्ड, राशन कार्ड एवं 2 फोटो के साथ निर्धारित तिथि को संस्था में उपस्थित हो सकते है।
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से नीधि वर्मा का घर बना ऊर्जा आत्मनिर्भर
अम्बिकापुर । प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ ही घरेलू बिजली खर्च को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। अंबिकापुर के मायापुर निवासी नीधि वर्मा ने अपने घर में सोलर बिजली संयंत्र स्थापित कर योजना का लाभ उठाया है। सोलर संयंत्र लगने के बाद उनका बिजली बिल पूरी तरह समाप्त हो गया है, जिससे परिवार को प्रतिमाह हजारों रुपये की बचत हो रही है।
नीति वर्मा ने बताया कि सोलर संयंत्र स्थापित करने से पहले उनके घर में प्रतिमाह लगभग 4 से 5 हजार रुपये तक बिजली बिल आता था। अब सौर ऊर्जा से घर की बिजली जरूरतें पूरी होने के कारण बिजली बिल आना लगभग पूरी तरह बंद हो गया है। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से घर की बिजली जरूरतों को पूरा करने में काफी सुविधा हो रही है और परिवार पर बिजली खर्च का आर्थिक बोझ भी कम हुआ है।
डबल सब्सिडी से सोलर संयंत्र लगाना हुआ आसान :
वर्मा ने बताया कि सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी के कारण सोलर संयंत्र स्थापित करना आसान हुआ। उन्हें योजना के तहत लगभग 1 लाख 8 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई, जिसमें 78 हजार रुपये केंद्र सरकार तथा 30 हजार रुपये राज्य सरकार की ओर से मिले हैं। उन्होंने कहा कि सब्सिडी मिलने से सोलर संयंत्र लगाने की लागत का बड़ा हिस्सा कम हुआ और उनके लिए इसे स्थापित करना आसान हो गया।
बिजली उपभोक्ता से ऊर्जा दाता बनने का अनुभव :
सौर ऊर्जा से होने वाले लाभ को बताते हुए वर्मा ने कहा कि पहले उनका परिवार केवल बिजली का उपभोक्ता था, लेकिन अब वे स्वयं बिजली का उत्पादन कर रहे हैं। सोलर संयंत्र से उत्पादित अतिरिक्त बिजली विद्युत व्यवस्था में वापस जाती है और इसके बदले उन्हें नियमानुसार आर्थिक लाभ प्राप्त होता है।
उन्होंने कहा कि, पहले हम लोग बिजली उपभोक्ता थे, पर अब हम ऊर्जा दाता हो गए हैं।” उनका मानना है कि सौर ऊर्जा अपनाने से न केवल परिवार को बिजली बिल में राहत मिलती है, बल्कि देश की ऊर्जा व्यवस्था में भी आम नागरिक की भागीदारी बढ़ती है।
हर घर में सौर ऊर्जा अपनाने की अपील :
नीधि वर्मा ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना को आम परिवारों के लिए उपयोगी बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से इसका लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी से सोलर संयंत्र लगाना आसान हुआ है। उन्होंने इच्छा व्यक्त की कि देश के अधिक से अधिक घरों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित हों, ताकि परिवार अपनी बिजली जरूरतों के लिए आत्मनिर्भर बन सकें और देश की ऊर्जा व्यवस्था को भी मजबूती मिले।
विद्युत विभाग अनुसार जिले के शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में योजना का लाभ तेजी से पहुंच रहा है। अम्बिकापुर शहर में 1,000 के लक्ष्य के विरुद्ध 2,021 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 1,985 हितग्राहियों के लिए वेंडर चयनित किए गए तथा 1,136 घरों में सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। वहीं अम्बिकापुर ग्रामीण क्षेत्र में 1,000 के लक्ष्य के विरुद्ध 1,282 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 1,200 वेंडरों का चयन किया गया तथा 305 घरों में संयंत्र स्थापित किए गए हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से सौर ऊर्जा को बढ़ावा देकर सरकार आम नागरिकों को बिजली खर्च में राहत देने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ा रही है।
पीएम राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर संभाग स्तरीय प्रशिक्षण सम्पन्न
अम्बिकापुर । अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा), पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर अटल नगर के निर्देशानुसार PM-Rahat योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, eDAR, प्रणाली में प्रकरण अनुमोदन, भुगतान प्रक्रिया, डेटा गुणवत्ता, निधि उपयोग एवं विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संभाग स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 7 अगस्त 2026 को जिला पंचायत अंबिकापुर के सभा कक्ष में किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम एम.आर. आहिरे, डीआईजीपी की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, सरगुजा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, अंबिकापुर, अंतर्विभागीय लीड एजेंसी पुलिस मुख्यालय से प्रशिक्षक दिनेश टॉक एवं सारांश के, वरिष्ठ क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, अंबिकापुर तथा जिला परिवहन अधिकारी सूरजपुर, बलरामपुर, जशपुर एवं कोरिया सहित संभाग के विभिन्न जिलों के पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर एवं जशपुर जिले के डी.आर.एम. भी प्रशिक्षण में शामिल हुए।
दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा 1.50 लाख रुपये तक कैशलेस उपचार :
प्रशिक्षण के दौरान एम.आर. आहिरे ने PM-Rahat योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि वाहन से हुई सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को दुर्घटना के 7 दिवस तक अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को तत्काल एवं कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराकर अधिक से अधिक लोगों की जान बचाना है।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ दिलाने के लिए पुलिस विभाग द्वारा सड़क दुर्घटना की सूचना मिलने पर घटनास्थल पर पहुंचकर दुर्घटना की पुष्टि की जाएगी तथा घायल व्यक्ति को eDAR आईडी प्रदान कर नजदीकी नामांकित शासकीय अथवा निजी अस्पताल में उपचार के लिए भेजा जाएगा। इसके लिए एफआईआर की अनिवार्यता नहीं है। इससे दुर्घटना पीड़ित को बिना किसी अनावश्यक विलंब के उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।
eDAR में समयबद्ध सत्यापन पर जोर :
प्रशिक्षण में eDAR प्रणाली में दुर्घटना से संबंधित प्रकरणों की विस्तृत जांच एवं समयबद्ध सत्यापन की प्रक्रिया के संबंध में भी जानकारी दी गई। ऐसे प्रकरण जिनमें घायल व्यक्ति की मृत्यु की संभावना नहीं है, उनका 24 घंटे के भीतर तथा मृत्यु की संभावना वाले प्रकरणों का 48 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से सत्यापन किया जाना है। उपचार पूर्ण होने के बाद घायल व्यक्ति के अस्पताल से डिस्चार्ज होने के 10 से 15 दिवस के भीतर संबंधित अस्पताल को भुगतान किए जाने की प्रक्रिया के बारे में भी अधिकारियों को अवगत कराया गया।
राह-वीर योजना के तहत मिलेगा 25 हजार रुपये का पुरस्कार :
प्रशिक्षण के दौरान राह-वीर योजना की जानकारी भी दी गई। इसके अंतर्गत सड़क दुर्घटना के बाद गोल्डन आवर यानी दुर्घटना के प्रथम एक घंटे के भीतर घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में मदद करने वाले व्यक्ति अथवा व्यक्तियों को 25 हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर PM-Rahat योजना एवं राह-वीर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए, ताकि सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को समय पर उपचार मिल सके और आम नागरिक भी दुर्घटना पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आएं। अधिकारियों ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पुलिस, स्वास्थ्य एवं परिवहन विभाग के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
’मिनीमाता महतारी जतन योजना से लीलावती को मिली आर्थिक संबल की नई राह’
अम्बिकापुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में श्रम विभाग की मिनीमाता महतारी जतन योजना जरूरतमंद माताओं के लिए आर्थिक संबल का माध्यम बन रही है। योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि से श्रमिक परिवारों की महिलाओं को अपने बच्चों के पालन-पोषण और खान-पान संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है।
अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत भिट्टिकला के ढोढ़ीपारा निवासी लीलावती भी योजना से लाभान्वित हुई हैं। श्रमिक के रूप में कार्य करने वाली लीलावती के दो बच्चे हैं। उन्होंने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए बच्चों की आवश्यकताओं को पूरा करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। ऐसे समय में मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत मिली 20 हजार की सहायता राशि उनके लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है।
लीलावती ने बताया कि वह प्राप्त राशि का उपयोग अपने बच्चों के खान-पान, देखभाल और बेहतर पालन-पोषण में करेंगी। उन्होंने कहा कि इस आर्थिक सहायता से बच्चों की जरूरतों को पूरा करने में उन्हें सहारा मिलेगा और परिवार पर आर्थिक बोझ भी कम होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा श्रमिक परिवारों और माताओं के हित में संचालित ऐसी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के लिए काफी मददगार हैं। लीलावती ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्हें मिली 20 हजार की सहायता राशि उनके बच्चों के भविष्य और बेहतर पालन-पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मिनीमाता महतारी जतन योजना के माध्यम से श्रमिक परिवारों की महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर मातृत्व एवं शिशु देखभाल को मजबूत करने तथा परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। योजना से मिलने वाली सहायता राशि लाभार्थी परिवारों के लिए जरूरत के समय उपयोगी सहारा बन रही है।
मलेरिया नियंत्रण को लेकर सघन अभियान जारी, प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर पहुंच रही स्वास्थ्य विभाग की टीम
अम्बिकापुर । जिले में राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत मलेरिया नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर अजीत वसंत के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मलेरिया की जांच, उपचार और जनजागरूकता का कार्य किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर लोगों की जांच की जा रही है। इसी क्रम में जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. दीपक गुप्ता एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. पुष्पेंद्र राम के नेतृत्व में विकासखण्ड उदयपुर के मलेरिया प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर मलेरिया एवं अन्य बिमारियों की जांच की जा रही है। गुरुवार को जिला स्तरीय व विकासखण्ड स्तरीय स्वास्थ्य दल के द्वारा ग्राम खर्रानगर, मतरिंगा, मूसरडाड़ एवं मोकना पहाड़ में शिविर लगाकर एवं आवश्यकतानुसार घर-घर जाकर कुल 75 व्यक्तियों का मलेरिया जांच किया गया, जिसमें कोई भी मलेरिया के मरीज नहीं मिले।
इस दौरान लोगों को मच्छरदानी का उपयोग करने, घर के आस-पास पानी जमा न होने देने, फुल अस्तीन के कपडें पहनने, शाम के समय नीम की पत्ती का धुआं करने तथा किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर तत्काल मितानिन व स्वास्थ्य संस्था में सम्पर्क करने कहा गया। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखण्ड उदयपुर के सेक्टर केदमा के सीमावर्ती क्षेत्र कोरबा एवं रायगढ़ से भी मलेरिया प्रकरण नोटिफाई किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग सजग होकर लगातार वेक्टर जनित रोगों मलेरिया एवं डेंगू के रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु हर संभव प्रयास कर रही है।
एचपीवी विशेष टीकाकरण सप्ताह 2.0 के तहत होलीक्रॉस एवं मोंटफोर्ट स्कूल में छात्राओं का टीकाकरण
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए 46 छात्राओं को लगाया गया एचपीवी टीका
अम्बिकापुर 07 अगस्त 2026
एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) संक्रमण से बचाव एवं गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की रोकथाम के उद्देश्य से जिले में 03 से 08 अगस्त 2026 तक एचपीवी विशेष टीकाकरण सप्ताह 2.0 का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज 07 अगस्त को अंबिकापुर स्थित होलीक्रॉस स्कूल एवं मोंटफोर्ट स्कूल में विशेष एचपीवी टीकाकरण सत्र आयोजित किया गया।
टीकाकरण सत्र के दौरान होलीक्रॉस स्कूल में 28 तथा मोंटफोर्ट स्कूल में 18 छात्राओं सहित कुल 46 छात्राओं को एचपीवी संक्रमण एवं इससे होने वाले गर्भाशय ग्रीवा कैंसर से बचाव के लिए टीका लगाया गया। इस दौरान छात्राओं एवं विद्यालय प्रबंधन को एचपीवी टीकाकरण के महत्व, इसकी सुरक्षा एवं लाभों के संबंध में आवश्यक जानकारी प्रदान कर जागरूक किया गया।
टीकाकरण सत्र को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में सीपीएम डॉ. सीमा तिग्गा, डॉ. नीलिमा आनंद, डॉ. साधना मिश्रा, स्टाफ नर्स आंचल प्रिया लकड़ा, ए.एन.एम. शशि गुप्ता, शशि सिन्हा एवं पूर्णिमा, आरएचओ सागर राय एवं मुकेश कुशवाहा तथा जे.एस.ए. आकाश गुप्ता एवं अनुप का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने की टीकाकरण की अपील मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने अभिभावकों एवं आमजन से अपील की है कि एचपीवी टीकाकरण के लिए निर्धारित आयु वर्ग की सभी पात्र बालिकाओं का समय पर टीकाकरण अवश्य कराएं। एचपीवी टीकाकरण बालिकाओं को भविष्य में गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने अभिभावकों से टीकाकरण के संबंध में स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जा रही जानकारी का लाभ उठाते हुए अपनी पात्र बालिकाओं का टीकाकरण कराने का आग्रह किया है।
10 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस, सरगुजा में 3.48 लाख बच्चों को खिलाई जाएगी एल्बेंडाजोल की दवा
अम्बिकापुर 07 अगस्त 2026
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 2026 के अंतर्गत 10 अगस्त 2026 को सरगुजा जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों, आंगनबाड़ी केन्द्रों तथा स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एल्बेंडाजोल की कृमिनाशक दवा खिलाई जाएगी। अभियान का उद्देश्य बच्चों को आंतों के कृमि संक्रमण से मुक्त कर उनके स्वास्थ्य, पोषण स्तर, शारीरिक एवं मानसिक विकास तथा विद्यालय में नियमित उपस्थिति को बेहतर बनाना है।
इस वर्ष जिले में 3,48,422 बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, जनजातीय कार्य विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के समन्वय से व्यापक तैयारियां की गई हैं। जिले के सभी विकासखंडों में आवश्यक मात्रा में दवा उपलब्ध करा दी गई है तथा संबंधित अधिकारियों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
अभियान के अंतर्गत 1 से 2 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को एल्बेंडाजोल की आधी गोली (200 मि.ग्रा.) तथा 2 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एक पूरी गोली (400 मि.ग्रा.) निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रशिक्षित कार्मिकों की उपस्थिति में खिलाई जाएगी।
जो बच्चे किसी कारणवश 10 अगस्त को दवा नहीं ले पाएंगे, उन्हें 17 अगस्त 2026 को मॉप-अप दिवस के अवसर पर एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी, ताकि कोई भी पात्र बच्चा इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य अभियान से वंचित न रहे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला सरगुजा ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अंतर्गत एल्बेंडाजोल की दवा अवश्य दिलवाएं। उन्होंने बताया कि यह दवा निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है तथा बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाने के साथ उनके समुचित शारीरिक एवं बौद्धिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
जिला नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस ने बताया कि अभियान की जिला एवं विकासखंड स्तर पर सतत निगरानी की जाएगी। सभी संबंधित विभागों के समन्वय से निर्धारित लक्ष्य की शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने सभी शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं अभिभावकों से इस जनस्वास्थ्य अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग की अपील की है।
विकसित भारत जी-राम-जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जिला पंचायत सीईओ ने ली समीक्षा बैठक
सभी ग्राम पंचायतों में कार्य उपलब्ध कराने, 297बालिका शौचालय एवं 343 मुक्तिधाम निर्माण को सेचुरेशन मोड में पूर्ण करने के निर्देश
ऑनलाइन उपस्थिति, पीएम आवास, पंचायत योजनाओं एवं निर्माण कार्यों को गुणवत्तायुक्त करने के दिए निर्देश
अम्बिकापुर 07 अगस्त 2026
कलेक्टर श्री अजीत वसंत के मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय कुमार अग्रवाल द्वारा जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में की गई। उन्होंने सभी अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में विकसित भारत जी-राम-जी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), पंचायत योजनाएं, समग्र शिक्षा, डीएमएफ, सीएम हेल्पलाइन सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अग्रवाल ने विकसित भारत जी-राम-जी योजना की समीक्षा करते हुए सभी ग्राम पंचायतों में पर्याप्त कार्य उपलब्ध कराने एवं सभी जनपद पंचायतों को समय-सीमा के भीतर कार्यों के प्रस्ताव भेजने, स्वीकृत कार्यों में मांग के अनुरूप अधिक से अधिक श्रमिक नियोजित करने तथा मोर गांव-मोर पानी महाअभियान अंतर्गत स्वीकृत सभी कार्यों को 30 अगस्त तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों की समीक्षा में बताया कि जिले में बालिका शौचालय निर्माण हेतु 297 विद्यालय चिन्हांकित किए गए हैं, जिनमें से 117 शौचालयों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। शेष विद्यालयों के लिए शीघ्र स्वीकृति प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार ग्राम पंचायतों में 343 मुक्तिधाम प्रस्तावित हैं, जिनमें अभी तक केवल 18 कार्यों की स्वीकृति हुई है। शेष प्रस्ताव तत्काल भेजने तथा मुक्तिधाम निर्माण को सेचुरेशन मोड में पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अधिक से अधिक ग्राम पंचायतों में डिफंक्ट बोरवेल सुधार कार्य कराने तथा अन्य आवश्यक कार्यों के प्रस्ताव भी शीघ्र भेजने को कहा गया।
बैठक में योजना अंतर्गत शेष सभी श्रमिकों का ई-केवाईसी शत-प्रतिशत पूर्ण कराने तथा जुलाई माह तक के श्रमिक भुगतान की जानकारी रोजगार दिवस के माध्यम से हितग्राहियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
आंगनबाड़ी भवनों की समीक्षा के दौरान मैनपाट विकासखंड की प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित तकनीकी सहायकों को चेतावनी दी गई। सभी जनपद पंचायतों को गुणवत्तापूर्ण आंगनबाड़ी भवन निर्माण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्राथमिकता वाले सभी कार्यों का उचित स्थल चयन कर 15 अगस्त तक स्वीकृति तथा 26 जनवरी 2027 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
जिला सीईओ श्री अग्रवाल द्वारा पंचायत शाखा की समीक्षा के दौरान अविवादित नामांतरण एवं बंटवारा प्रकरणों की जनपदवार समीक्षा की गई। सभी प्रकरणों का ग्राम पंचायत स्तर पर त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
16वें वित्त आयोग अंतर्गत सभी ग्राम पंचायतों का जीपीडीपी समय पर अपलोड करने तथा समर्थ पोर्टल पर ग्राम पंचायतों के करों की वसूली एवं ऑनलाइन प्रविष्टि सुनिश्चित करने को कहा गया।
15वें वित्त आयोग अंतर्गत निर्माण कार्यों में कम व्यय पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अपूर्ण कार्यों की जनपद स्तर पर समीक्षा कर उन्हें शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। समग्र योजना अंतर्गत प्रारंभ एवं प्रगतिरत सभी कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने तथा क्षमता विकास योजना के पूर्ण कार्यों की सीसी जिला स्तर पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के सब इंजीनियर एवं एसडीओ को सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री जनमन के आंगनबाड़ी केंद्रों को 15 अगस्त तक पूर्ण करने तथा डीएमएफ एवं समग्र शिक्षा से स्वीकृत 45 नवीन विद्यालय भवनों का निर्माण शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।
सीईओ श्री अग्रवाल ने बैठक में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण कर उचित प्रतिवेदन संलग्न करने के निर्देश दिए गए। वहीं आवास प्लस 2.0 सर्वे में प्राप्त दावा-आपत्तियों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया।
उन्होंने जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) अंतर्गत अपूर्ण कार्यों की समीक्षा करते हुए पूर्ण कार्यों की यूसी एवं सीसी तत्काल जिला स्तर पर भेजने के निर्देश दिए गए। आरसीसी अंतर्गत जिन कार्यों में गबन पाया गया है, उनमें राशि की वसूली कर आरसीसी प्रकरण तैयार करते हुए संबंधित एसडीएम को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत वर्ष 2024 से 2026 तक लक्षित 37,289 आवासों में से 36,446 आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। शेष 843 आवासों की स्वीकृति आगामी 15 दिनों में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
स्वीकृत आवासों में से 35,652 हितग्राहियों को प्रथम किस्त जारी की जा चुकी है, जबकि शेष 794 हितग्राहियों को शीघ्र प्रथम किस्त जारी करने को कहा गया। पीएम जनमन आवास के 43 हितग्राहियों को प्रथम किस्त जारी नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि पिछले तीन माह में जिले में 2,786 आवास पूर्ण किए गए हैं। विकसित भारत जी-राम-जी योजना के अंतर्गत 90 दिवस के मास्टर रोल को भी प्राथमिकता के आधार पर जारी करने के निर्देश दिए गए।
जिला पंचायत सीईओ श्री अग्रवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री आवास योजना में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता अथवा हितग्राही की राशि का किसी अन्य व्यक्ति द्वारा आहरण पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए।
वर्ष 2024-25 के 3,225 तथा वर्ष 2025-26 के 942 अप्रारंभ आवासों को तत्काल प्रारंभ कराने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार पीएम जनमन के 680 अपूर्ण आवास तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के 93 आवासों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवासों की प्रगति की प्रभावी मॉनिटरिंग हेतु उन्हें ए, बी एवं सी श्रेणी में वर्गीकृत कर प्राथमिकता के आधार पर कार्य करने के निर्देश दिए गए। ए श्रेणी के आवासों को शीघ्र पूर्ण करने, बी श्रेणी में राशि वसूली योग्य प्रकरणों पर कार्रवाई तथा सी श्रेणी के जटिल प्रकरणों की विशेष निगरानी करते हुए आवश्यक निर्णय लेने के निर्देश दिए गए।
जिला पंचायत सीईओ श्री अग्रवाल ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में निर्धारित संकेतकों के अनुरूप प्रगति लाने, सभी कार्य समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने तथा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी जनपद पंचायतों में कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारियों की ऑनलाइन उपस्थिति समय पर दर्ज करना अनिवार्य किया गया।
बैठक में कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, उप संचालक पंचायत, एपीओ जिला पंचायत, सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, एसडीओ आरईएस, सब इंजीनियर, कार्यक्रम अधिकारी, तकनीकी सहायक एवं ब्लॉक समन्वयक उपस्थित रहे।
जिले में अब तक 304.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज
अम्बिकापुर 07 अगस्त 2026
भू-अभिलेख शाखा के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि जिले के सभी तहसीलों में 24 घण्टे के दौरान 10.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है। इस दौरान सर्वाधिक 25.3 मि.मी. वर्षा तहसील अम्बिकापुर में दर्ज की गई है। इसे मिलाकर पूरे जिले में 1 जून से अब तक 304.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि 01 जून 2026 से 07 अगस्त 2026 तक अंबिकापुर में 388.8, दरिमा में 189.3, लुण्ड्रा में 183.9, सीतापुर में 269.0, लखनपुर में 390.2, उदयपुर में 370.5, बतौली में 257.9 एवं मैनपाट में 386.5 मिमी वर्षा दर्ज की
धान की जगह अदरक की खेती से बदली किसान की तकदीर
पौन एकड़ से हुई लाखों की कमाई, मुनाफे से कराया घर का निर्माण
फसल विविधीकरण से बढ़ रही किसानों की आय, धान के साथ अन्य फसलों को अपना रहे किसान
अम्बिकापुर 07 अगस्त 2026
राज्य शासन द्वारा फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब जिले में दिखाई देने लगा है। परंपरागत धान की खेती के साथ किसान अदरक, मिर्च, टमाटर सहित अन्य नगदी फसलों की खेती अपनाकर बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं। जिले के ग्राम दरिमा निवासी किसान श्री संतोष कुमार सिंह, पिता श्री रामसरन सिंह, इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल हैं।
श्री संतोष कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष लगभग पौन एकड़ क्षेत्र में अदरक की खेती की थी। बेहतर उत्पादन और बाजार में अनुकूल मूल्य मिलने से उन्हें लगभग साढ़े चार लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। अदरक का बाजार भाव लगभग 150 रुपये प्रति किलोग्राम तक मिलने से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। इस लाभ से उन्होंने अपने घर का ढलाई सहित निर्माण कार्य भी कराया, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई।
किसान श्री सिंह ने बताया कि धान की तुलना में अदरक की खेती कहीं अधिक लाभकारी है। जहां धान की खेती में उत्पादन एवं आय सीमित रहती है, वहीं अदरक की खेती में कम क्षेत्र से भी अधिक लाभ प्राप्त होता है। पिछले वर्ष उन्हें लगभग 30 से 35 क्विंटल अदरक का उत्पादन मिला, जिससे लाखों रुपये की आय अर्जित हुई। इसी सफलता से प्रेरित होकर उन्होंने इस वर्ष अदरक की खेती का रकबा बढ़ाकर लगभग एक एकड़ कर दिया है।
उन्होंने बताया कि राज्य शासन द्वारा अन्य फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषक उन्नति योजनांतर्गत प्रति एकड़ 15 हजार रुपये तक का अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक सहयोग मिल रहा है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रोत्साहन से किसान परंपरागत खेती के साथ लाभकारी फसलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
श्री संतोष कुमार सिंह ने बताया कि अदरक की बिक्री में भी किसी प्रकार की कठिनाई नहीं आती। मंडियों में गुणवत्तापूर्ण उपज का उचित मूल्य मिल जाता है, जिससे किसानों को अपनी मेहनत का बेहतर प्रतिफल प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि यदि किसान वैज्ञानिक पद्धति से खेती करें तो अदरक जैसी नगदी फसल उनकी आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम बन सकती है।
उन्होंने अन्य किसानों से भी धान के साथ अदरक, टमाटर, मिर्च, धनिया, अरहर जैसी अन्य फसलों की खेती अपनाने की अपील की। उनका कहना है कि फसल विविधीकरण से जोखिम कम होता है तथा आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित होते हैं, जिससे किसान आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बन सकते हैं।
अदरक की खेती की तकनीक साझा करते हुए श्री सिंह ने बताया कि मार्च-अप्रैल माह में खेत की अच्छी तरह जुताई कर आवश्यक खाद एवं पोषक तत्वों का उपयोग किया जाता है। इसके बाद मेड़ों पर अदरक की बुवाई की जाती है तथा पैराव (मल्चिंग) किया जाता है। इससे खेत में नमी बनी रहती है, खरपतवार की वृद्धि कम होती है तथा पौधों का बेहतर विकास होता है। परिणामस्वरूप अच्छी गुणवत्ता एवं अधिक उत्पादन प्राप्त होता है।
श्री संतोष कुमार सिंह का मानना है कि यदि किसान पारंपरिक खेती के साथ बाजार की मांग के अनुरूप नगदी एवं उद्यानिकी फसलों को अपनाएं और शासन की योजनाओं का लाभ लें, तो कम भूमि में भी बेहतर आय अर्जित कर अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना सकते हैं।
सरगुजा संभाग के 850 तीर्थयात्री अयोध्या धाम दर्शन के लिए विशेष ट्रेन से रवाना
अम्बिकापुर । छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा संचालित रामलला (अयोध्या धाम) दर्शन योजना के अंतर्गत आज 05 अगस्त 2026 को सरगुजा संभाग के 850 तीर्थयात्रियों को लेकर विशेष ट्रेन अंबिकापुर रेलवे स्टेशन से अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। विशेष ट्रेन को महापौर, अंबिकापुर श्रीमती मंजूषा भगत ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। योजना के जिला स्तरीय नोडल अधिकारी एवं उप संचालक, समाज कल्याण विभाग व्ही.के. उके ने बताया कि जिला सरगुजा से कुल 170 तीर्थयात्री अयोध्या धाम दर्शन के लिए रवाना हुए हैं। इनमें जनपद पंचायत अंबिकापुर से 18, उदयपुर से 18, लखनपुर से 18, लुण्ड्रा से 18, बतौली से 18, सीतापुर से 18 तथा मैनपाट से 18 तीर्थयात्री शामिल हैं। इसके अलावा नगर निगम अंबिकापुर से 30, नगर पंचायत लखनपुर से 07 तथा नगर पंचायत सीतापुर से 07 तीर्थयात्री यात्रा में शामिल हुए हैं।
उन्होंने बताया कि अयोध्या धाम दर्शन के लिए रवाना हुई विशेष ट्रेन 08 अगस्त 2026 को वापस लौटेगी। यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। विशेष ट्रेन के प्रस्थान के अवसर पर जिला पंचायत सरगुजा की अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह, नगर निगम अंबिकापुर के सभापति हरमिंदर सिंह टिन्नी, जनप्रतिनिधिगण एवं पार्षदगण उपस्थित रहे। साथ ही टूरिज्म बोर्ड सरगुजा संभाग के क्षेत्रीय अधिकारी आशीष वर्मा, रेलवे एवं आईआरसीटीसी के अधिकारी-कर्मचारी तथा समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित थे।
श्री रामलला (अयोध्या धाम) दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को अयोध्या धाम में भगवान श्री रामलला के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। इस पहल से श्रद्धालुओं को धार्मिक एवं आध्यात्मिक यात्रा का लाभ मिल रहा है।
स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त को जिले में उल्लास महा चौपाल कार्यक्रम का होगा आयोजन
अम्बिकापुर । कलेक्टर अजीत वसंत के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत 15 अगस्त 2026, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिले के समस्त ग्राम पंचायतों में उल्लास महा-चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
जिला परियोजना अधिकारी गिरीश गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि उल्लास का मूल मंत्र जन-जन साक्षर और कर्तव्य बोध है। इसका मुख्य उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक उम्र के वयस्कों को सशक्त बनाना है, जिन्होंने स्कूली शिक्षा प्राप्त नहीं किया है। इस वर्ष 15 अगस्त 2026 स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर आजादी के जश्न को साक्षरता के उल्लास के रूप में मनाया जाना है। इस दिवस साक्षरता को देशभक्ति से जोड़कर उल्लास महा-चैपाल कार्यक्रम का आयोजन किया जाना है। इस हेतु जिले के समस्त ग्राम पंचायतों में उल्लास महा- चौपाल कार्यक्रम हेतु वातावरण निर्माण किया जाना है।
राज्य स्तर से प्राप्त निर्देश के परिपालन में महिला एवं बाल विकास विभाग के समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ग्राम प्रभारी शिक्षक के नेतृत्व में उल्लास महा- चौपाल कार्यक्रम एवं अन्य जागरूकता गतिविधियों सहित उल्लास साक्षरता कक्षा के संचालन में आवश्यक सहयोग करेंगे।राज्य स्तर से प्राप्त पत्र के परिपालन में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के निर्देशानुसार समस्त जनपद व ग्राम पंचायतों में साक्षरता से संबंधित नारा लेखन का कार्य भी किया जा रहा है।
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या 14 अगस्त को सरपंचध्ग्राम प्रभारी के नेतृत्व में समुदाय, गांव के युवक-युवती, पुरुष, महिलाएं एवं बुजुर्गों को जोड़ते हुये उल्लास साक्षरता मोबाईल टॉर्च रैली, उल्लास मशाल रैली, प्रभात फेरी का आयोजन किया जाना है। साथ ही 15 अगस्त को ध्वजारोहण के पश्चात सामूहिक उल्लास शपथ, महाचौपाल और कहानियों का कारवां, मातृत्व साक्षरता, अंगूठा मुक्त पंचायत, डिजिटल साक्षरता और सेल्फी पाइंट, अंगूठे से कलम तक सम्मान समारोह, साक्षरता रंगोली और नुक्कड़ नाटक, उल्लास की घंटी, शिक्षार्थियों को प्रमाण पत्र वितरण, उल्लास साक्षरता थीम पर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाना है।
लोक कलाकारों के सम्मान और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है : राजेश अग्रवाल
अम्बिकापुर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश की समृद्ध लोक कला, लोक संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रभावी पहल कर रही है।
इसी कड़ी में संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय द्वारा मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026 के अंतर्गत प्रदेश के लोक कलाकारों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य पारंपरिक लोक कलाओं को संरक्षित करना, लोक कलाकारों को आर्थिक सहयोग प्रदान करना, उनकी कला को नई पहचान दिलाना तथा सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
योजना के अंतर्गत लोक नृत्य, लोक संगीत, लोक नाट्य, लोकगाथा, छत्तीसगढ़ी गीत लेखन, पारंपरिक वाद्ययंत्र वादन, शिल्प कला, छत्तीसगढ़ी पारंपरिक पाक कला तथा छत्तीसगढ़ी सौंदर्य कला (श्रृंगार) से जुड़े कलाकार आवेदन कर सकते हैं। योजना के माध्यम से लोक कलाकारों को उनकी प्रतिभा के अनुरूप प्रोत्साहन प्रदान कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे वे अपनी कला का संरक्षण एवं संवर्धन अधिक प्रभावी ढंग से कर सकें।
योजना के तहत पात्र कलाकारों का ’चिन्हारी पोर्टल’ में पंजीयन अनिवार्य होगा। चयनित कलाकारों को प्रतिवर्ष न्यूनतम 12 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 24 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि ई-पेमेंट के माध्यम से प्रदान की जाएगी। यह राशि प्रत्येक वित्तीय वर्ष में एक बार दी जाएगी, जिससे कलाकारों को अपनी कला के संरक्षण और प्रस्तुति के लिए आर्थिक सहयोग प्राप्त होगा। योजना का लाभ ऐसे कलाकारों को मिलेगा जिनकी सभी स्रोतों से वार्षिक आय 96 हजार रुपये से अधिक नहीं है। आवेदन के साथ सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण-पत्र, बैंक खाते का विवरण, आईएफएससी कोड तथा पैन कार्ड की छायाप्रति संलग्न करना आवश्यक होगा।
आवेदन निर्धारित प्रारूप में पंजीकृत डाक के माध्यम से संचालक, संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, व्यावसायिक परिसर, द्वितीय तल, सेक्टर-27, नया रायपुर, अटल नगर (छत्तीसगढ़)-492018 के पते पर भेजे जा सकते हैं। आवेदन प्रपत्र विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं तथा संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय के कार्यालय से भी प्राप्त किए जा सकते हैं। आवेदन भेजने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन पत्र के लिफाफे पर ’मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026‘ स्पष्ट रूप से अंकित करना आवश्यक होगा। प्राप्त आवेदनों का परीक्षण समिति द्वारा किया जाएगा तथा समिति का निर्णय अंतिम एवं मान्य होगा।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने इस योजना के बारे में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और लोक कलाओं के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने की योजना नहीं है, बल्कि यह उन लोक कलाकारों के सम्मान और स्वाभिमान को सशक्त करने का माध्यम है, जिन्होंने पीढ़ियों से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को जीवंत बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि प्रदेश की लोक कलाएं नई पीढ़ी तक पहुंचे, कलाकारों को उनकी प्रतिभा के अनुरूप सम्मान और अवसर मिलें तथा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बनाए। उन्होंने प्रदेश के सभी पात्र लोक कलाकारों से योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की है।
मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026 प्रदेश की सांस्कृतिक अस्मिता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना से लोक कलाकारों को आर्थिक संबल मिलने के साथ-साथ उनकी प्रतिभा को व्यापक मंच मिलेगा, जिससे छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं का संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार और अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा।
किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में मिले खाद व गुणवत्तायुक्त बीज, वितरण व्यवस्था में लापरवाही ना हो : कृषि मंत्री नेताम
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने खाद भण्डारण केंद्र, बीज निगम एवं सहकारी समिति का किया औचक निरीक्षण
अम्बिकापुर । कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने गुरुवार को जिले में कृषि व्यवस्थाओं का जायजा लेने खाद भण्डारण केंद्र ट्रांसपोर्ट नगर, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड अजीरमा तथा आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित नमनाकला एवं सरगवां का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों को खाद एवं बीज की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था तथा भण्डारण की स्थिति का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण में कृषि विभाग के उपसंचालक पितांबर सिंह दीवान, डीएमओ अरुण विश्वकर्मा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
खाद भण्डारण केंद्र में उर्वरकों के स्टॉक की ली जानकारी :
निरीक्षण के दौरान कृषि मंत्री नेताम ने खाद भंडारण केंद्र (डबल लॉक सेंटर ) ट्रांसपोर्ट नगर का औचक निरीक्षण किया। केंद्र में एनपीके, पोटास, एसएसपी सहित अन्य खाद का भंडारण पाया गया। उन्होंने उर्वरकों के स्टॉक की जानकारी ली और जिला विपणन अधिकारी को निर्देश दिया गया कि समितियों से मांग अनुसार आपूर्ति करवाएं, जिससे किसानों को कृषि कार्य में असुविधा न हो। जिले मे पर्याप्त खाद भंडारण रखें, वितरण व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी हो। इस दौरान मंत्री नेताम ने केंद्र परिसर में पौधारोपण करवाने तथा प्लेटफार्म निर्माण सहित अन्य जरूरी सुधार कार्य के निर्देश दिए।
बीज निगम अजिरमा पहुंचकर देखी व्यवस्था :
छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के निरीक्षण के दौरान मंत्री नेताम ने विभिन्न फसलों के प्रमाणित बीजों की उपलब्धता, गुणवत्ता एवं भंडारण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराए जाएं, बोआई के सीजन में जिले में बीज की कोई कमी नहीं होनी चाहिए।
सहकारी समिति में किसानों की सुविधाओं की ली जानकारी, किसानों से बात कर व्यवस्था पर लिया फीडबैक :
इसके बाद मंत्री नेताम ने आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित नमनाकला एवं सरगवां का निरीक्षण कर किसानों को दी जा रही सेवाओं, खाद-बीज वितरण एवं रिकॉर्ड का अवलोकन किया। उन्होंने उपस्थित किसानों से बात कर व्यवस्थाओं पर फीडबैक लिया। किसानों की मांग पर सोसायटी परिसर में बाउंड्री वॉल तथा शेड निर्माण कराए जाने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया। इस हेतु उन्होंने स्वयं कलेक्टर सरगुजा से फोन पर चर्चा कर आवश्यक व्यवस्था के निर्देश दिए।
उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने तथा शासन की योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने समिति प्रबंधक को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से कृषकों को खाद एवं बीज वितरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के शत-प्रतिशत पात्र कृषकों का किसान क्रेडिट कार्ड प्राथमिकता के आधार पर बनवाया जाए। किसानों की मांग को संवेदनशीलता से लेते हुए मंत्री नेताम ने कहा कि धान खरीदी सीजन में किसानों की सुविधा अनुसार नए स्थल पर धान क्रय केंद्र का निर्धारण किया जाएगा।
आंगनबाड़ी सहायिका के 02 रिक्त पदों पर भर्ती, आवेदन 19 अगस्त तक
अम्बिकापुर । एकीकृत बाल विकास परियोजना लुण्ड्रा के परियोजना अधिकारी ने बताया कि एकीकृत बाल विकास परियोजना लुण्ड्रा के अंतर्गत संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों में रिक्त 02 सहायिका के पदों पर खुली भर्ती हेतु आवेदन पत्र आमंत्रित किया गया है। जिस पर आवेदन 19 अगस्त 2026 तक स्वीकार किया जा रहा है। है। इस संदर्भ में विस्तृत जानकारी परियोजना कार्यालय लुण्ड्रा से प्राप्त किया जा सकता है।