छत्तीसगढ़ / बीजापुर
नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता, 24 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण
बीजापुर। बीजापुर जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। पूर्वी बस्तर डिवीजन की परतापुर एरिया कमेटी और पश्चिम बस्तर डिवीजन की भैरमगढ़ एरिया कमेटी से जुड़े कुल 24 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में 28.50 लाख रुपए के इनामी 14 माओवादी भी शामिल हैं।
वरिष्ठ पदों पर रहे माओवादी भी हुए सरेंडर
आत्मसमर्पित माओवादियों में एरिया कमेटी सदस्य (एसीएम), पार्टी सदस्य, पीएलजीए सदस्य, माड़ डिवीजन प्लाटून के सदस्य, केएएमएस अध्यक्ष, जनताना सरकार के शिक्षक और मिलिशिया कंपनियों के डिप्टी कमांडर शामिल हैं।
यह बड़ी कार्रवाई डीआरजी, बस्तर फाइटर, एसटीएफ, कोबरा और केरिपु बल के संयुक्त प्रयासों तथा सरकार की पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण नीति के प्रभाव से संभव हो सकी है। पुलिस उप महानिरीक्षक (केरिपु) देवेंद्र सिंह नेगी और पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव की मौजूदगी में आत्मसमर्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सभी आत्मसमर्पित माओवादियों को सरकार द्वारा 50-50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई।
प्रमुख आत्मसमर्पित माओवादी
आत्मसमर्पित माओवादियों में 5 लाख के इनामी सुदरू हेमला उर्फ राजेश, कमली मोड़ियम उर्फ उर्मिला और 3 लाख के इनामी जयमोती पूनेम जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। कई माओवादी 15 से 20 वर्षों तक संगठन से जुड़े रहे और उच्च पदों पर कार्यरत थे।
आत्मसमर्पण के पीछे कई कारण
पुलिस के मुताबिक, संगठन के भीतर बढ़ते आंतरिक मतभेद, आदिवासी समाज पर अत्याचार, विचारधारा से मोहभंग और सरकार द्वारा चलाई जा रही विकास योजनाओं, जैसे 'नियद नेल्ला नार' योजना और पुनर्वास नीति ने माओवादियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया।
नक्सल उन्मूलन में तेज़ी
बीजापुर जिले में 1 जनवरी से अब तक 213 माओवादी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, 203 ने आत्मसमर्पण किया है और मुठभेड़ों में 90 माओवादी मारे गए हैं। यह आंकड़े नक्सल उन्मूलन अभियान की बड़ी सफलता का संकेत देते हैं।
पुलिस अधीक्षक की अपील
पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने शेष माओवादियों से अपील की है कि वे सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर मुख्यधारा में लौटें। अधिकारियों का मानना है कि संगठन को हुए बड़े नुकसान के चलते आने वाले दिनों में आत्मसमर्पण की संख्या और बढ़ सकती है। नक्सलमुक्त बस्तर का सपना अब धीरे-धीरे साकार होता दिख रहा है।
बीजापुर ऑपरेशन पर नक्सलियों की अपील: 'कार्रवाई रोकी जाए, शांति वार्ता का मौका मिले'
बीजापुर । छत्तीसगढ़ और तेलंगाना सीमा पर चल रहे देश के सबसे बड़े नक्सल विरोधी ऑपरेशन के बीच नक्सलियों ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है। नक्सल संगठन की ओर से उत्तर पश्चिम बस्तर ब्यूरो के प्रभारी 'रूपेश' ने प्रेस नोट जारी कर सैन्य अभियान को तत्काल रोकने की अपील की है और शांति वार्ता के लिए आगे आने की बात कही है।
नक्सलियों का यह बयान ऐसे समय आया है जब पिछले चार दिनों से ऑपरेशन लगातार जारी है और सुरक्षाबलों ने अब तक पांच नक्सलियों को ढेर किया, जिनमें तीन महिला नक्सली PLGA बटालियन नंबर 1 की थीं। मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए हैं।
ऑपरेशन में जवानों की हालत बिगड़ी
इस अभियान में 40 से ज्यादा जवान भीषण गर्मी में डिहाइड्रेशन का शिकार हो चुके हैं, जिन्हें हेलिकॉप्टर से भद्राचलम अस्पताल पहुंचाया गया है। ऑपरेशन में एक जवान के घायल होने की भी खबर है।
MI-17 हेलिकॉप्टर और ड्रोन से निगरानी
ऑपरेशन में वायुसेना के MI-17 हेलिकॉप्टर और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। जवानों को हवा के रास्ते से रसद और मेडिकल सपोर्ट भेजा जा रहा है। अभियान पर तीन राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की सीधी नजर बनी हुई है।
कररेगुट्टा और नीलम सराय पहाड़ी बना निशाना
जवानों का फोकस फिलहाल कररेगुट्टा और नीलम सराय की पहाड़ियों पर है, जहां बड़ी संख्या में नक्सलियों की मौजूदगी की पुष्टि हुई है।
पांच हजार जवानों की घेराबंदी
छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र की सीमाओं पर करीब 5 हजार जवानों ने रणनीतिक घेराबंदी की है। हिड़मा, देवा, दामोदर जैसे बड़े नक्सली नेताओं के साथ करीब 300 नक्सलियों की गतिविधियों की सूचना है।
क्या वार्ता की अपील रणनीति है या दबाव में लिया गया कदम?
नक्सलियों की ओर से आई यह वार्ता की अपील कई सवाल खड़े कर रही है। क्या यह सच में शांति की ओर कदम है या जवानों की घेरेबंदी और दबाव के चलते लिया गया रणनीतिक निर्णय? फिलहाल ऑपरेशन जारी है और सुरक्षाबल स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए हुए हैं। आने वाले कुछ घंटे इस पूरे अभियान की दिशा तय कर सकते हैं।
5 नक्सली ढेर: संयुक्त अभियान में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी सफलता
बीजापुर । बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त ऑपरेशन छेड़ दिया है। तेलंगाना सीमा से लगे उसूर थाना क्षेत्र के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में यह अभियान पिछले 30 घंटे से लगातार जारी है। इस दौरान सुरक्षाबलों ने पांच नक्सलियों को मार गिराने में सफलता पाई है।
सूत्रों के मुताबिक ऑपरेशन का मुख्य केंद्र करेगुट्टा पहाड़ी है, जो माओवादियों की गतिविधियों का गढ़ माना जाता है। यहां माओवादियों के कई शीर्ष कमांडर और कैडर छिपे होने की जानकारी मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने इस इलाके को चारों ओर से घेर रखा है।
100 से ज्यादा आईईडी बरामद
ऑपरेशन के दौरान अब तक 100 से ज्यादा आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बरामद किए जा चुके हैं, जो जवानों को निशाना बनाने के लिए बिछाए गए थे। सुरक्षाबल सतर्कता के साथ एक-एक बारूदी सुरंग को हटाने का काम कर रहे हैं।
इस बड़े अभियान में CRPF, DRG, STF, कोबरा बटालियन, तेलंगाना की ग्रेहाउंड फोर्स और महाराष्ट्र की सी-60 कमांडो टीम शामिल है। हजारों जवानों की तैनाती के साथ ड्रोन और सैटेलाइट से इलाके की निगरानी की जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों का मकसद माओवादी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर इलाके में स्थायी शांति बहाल करना है। ऑपरेशन अगले तीन दिनों तक और चलने की संभावना जताई जा रही है।
घायल बाघ का जंगल सफारी में इलाज जारी, बाघ के जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद
जगदलपुर । बीजापुर जिले के इंद्रावती टाइगर रिजर्व से भेजे गए घायल बाघ का जंगल सफारी में इलाज जारी है। घायल बाघ का उपचार कर रहे डाक्टरों के अनुसार इलाज के बाद घायल बाघ की हालत में सुधार दिखाई दे रहा है और उसके जल्द ही सामान्य स्थिति में आने की उम्मीद है। धम्मशील गणवीर, डायरेक्टर जंगल सफारी ने बताया कि बाघ की इलाज कर रहे डाक्टरों के मुताबिक बाघ के पिछले दोनों पैर में घाव के चलते कीड़े लग गए थे, जिसे साफ कर कई टांके लगाए गए है। यहां पर मौजूद वन्य प्राणियों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बाघ की सतत निगरानी कर रहे हैं, और उनके जल्द ही स्वस्थ होने की उम्मीद कर रहे हैं। घायल बाघ का इलाज विशेषज्ञ डाक्टरों की निगरानी में किया जा रहा है। बहुत जल्दी उसके हालत में सुधार की उम्मीद है।
गौरतलब है कि दक्षिण बस्तर में बीजापुर में इंद्रावती टाइगर रिजर्व के बफर जोन के ग्राम कांदुलनार, मोरमेड़ और तोयनार गांवों के बीच घने जंगल में ग्रामीणों द्वारा एक घायल बाघ देखे जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद वन विभाग की टीम ने बाघ को ट्रैंकुलाइज कर रेस्क्यू किया व घायल बाघ का बीजापुर में प्राथमिक उपचार के बाद जख्म की गंभीरता को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए जंगल सफारी रायपुर रिफर किया था। नया रायपुर के जंगल सफारी में डॉ की टीम बाघ का इलाज कर रही है।
नाबालिग लड़की की शादी पर लगी रोक
बीजापुर । कलेक्टर संबित मिश्रा के निर्देशन पर जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी कांता कुमार मेश्राम के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा नियमित रूप से ग्राम पंचायतो में शिविर, आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से एवं स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान कार्यक्रम कर बाल विवाह मुक्त जिला बनाने के लिए बृहद स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।
आंगनबाडी केन्द्र रानीबोदली कार्यकर्ता के माध्यम से बाल विवाह की सूचना मिलने पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी, सेक्टर पर्यवेक्षक श्रीमती प्रियंका भारद्वाज, श्रीमती ललिता साहू, कु. पुष्पा गेंदरे एवं राजेश मडे, जगत मलहोत्रा का टीम बनाकर ग्राम पंचायत रानीबोदली में परिवार वाले से गृहभेट किया गया।
इस दौरान पाया गया कि बालिका की उम्र 17 वर्ष है, बालिका 9वीं की पढ़ाई करकर छोड दी है इस पर परिवार वालों को ग्रामीणजनो के समक्ष समझाया गया कि लडकी की उम्र 18 वर्ष से कम एवं लडका का उम्र 21 वर्ष से कम होने पर बाल विवाह की श्रेणी में आते है बाल विवाह एक कानूनन अपराध है बाल विवाह करने, कराने एवं शादी में सम्मलित होने वाले लोगों पर 2 वर्ष की सजा तथा जुर्माने का प्रावधान है।
समझाईस के बाद परिवार वाले द्वारा बाल विवाह नही करने का वादा किया गया एवं बालिका की उर्म्र निर्धारित आयु पूर्ण करने पर ही शादी करने की बात कही गई। टीम द्वारा कार्यकर्ता को सजग रहने की बात बताते हुए परिवार वाले एवं ग्रामीणजनो को बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
बाल विवाह मुक्त बनाने हेतु ग्राम पंचायतों में जनप्रतिनिधियों, महिलाओं एवं किशोर-किशोरियों जागरूक किया जा रहा है, जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए जिले में कार्यरत बीजादूतीर स्वयं सेवकों का भी सहयोग लिया जा रहा है। बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर चाईल्ड हेल्प लाईन नम्बर 1098 या महिला हेल्प लाईन 181 पर भी सूचना दिया जा सकता है। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जायेगा।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल
बीजापुर । जनपद पंचायत भैरमगढ़ परिसर में 12 मार्च 2025 को एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य दिव्यांगजनों को सशक्त बनाना था। इस शिविर में चिन्हांकित 27 दिव्यांगजनों को दिव्यांगजन प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, साथ ही पात्रता के अनुसार उन्हें विभिन्न सहायक उपकरण भी वितरित किए गए। वितरित उपकरणों में बैटरी चालित सायकिल, व्हील चेयर, स्वेत छड़ी, बैशाखी, वॉकिंग स्टिक, एमआर किट, दृष्टिबाधित किट तथा ट्राइसाइकिल जैसी उपयोगी सामग्री शामिल रही।
यह कार्यक्रम सुशासन उत्सव के तहत आयोजित किया गया था, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की गरिमामय उपस्थिति रही। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य लच्छूराम मोड़ियामी, सामन्ति कश्यप, प्रीति आरकी, दसरी कोरसा, जितेन्द्र, मोतीराम कुशरामी, नीलों लेकाम, जमुना सकनी, चिन्ना तेलाम, बलदेव उरसा, सुनील दरसा, पोदिया राम हपका, पुनीत राम साहू तथा उप संचालक समाज कल्याण कमलेश कुमार पटेल विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी लाभान्वित दिव्यांगजनों ने शासन का आभार व्यक्त किया और कहा कि इन उपकरणों से उनके दैनिक जीवन में आवागमन और आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय सुविधा मिलेगी। यह आयोजन दिव्यांगजन सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है, जो समाज में समावेशिता और समान अवसरों की भावना को और भी सुदृढ़ करता है।
दण्डाधिकारी जांच के लिए उपस्थित होने की सूचना
बीजापुर । सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि 20 मार्च 2025 को थाना गंगालूर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अर्रा के मध्य जंगल पहाड़ में पुलिस नक्सली मुठभेड़ की घटना घटित हुई थी। जिसमें फायरिंग के दौरान एक जवान शहीद एवं दो जवान घायल हो गये। फायरिंग रूकने के बाद सुरक्षा बलों द्वारा सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए घटना स्थल का बारिकी से सर्च किया गया।
सचिंग के दौरान घटना स्थल पर 15 अज्ञात महिला माओवादी एवं 11 अज्ञात पुरुष माओवादी कुल 26 अज्ञात माओवादियों का शव सहित 7.62 एमएम स्नाईपर, एसएलआर, रायफल 01 नग, मैग्जीन 04 नग, जिंदा राउण्ड 19 नग, नक्सली पोच 01 नग, नक्सली पिट्दू 01 नग, एके 47 रायफल 01 नग, मैग्जीन 02 नग, जिंदा राउण्ड 36 नग, नक्सली पोच 01 नग, नक्सली पिट्दू 01 नग, रेडियो 01 नग, मैन पैक सेट बैटरी 01 नग, 303 रायफल 01 नग, मैग्जीन 01 नग, जिंदा राउण्ड 20 नग, नक्सली पोच 01 नग, भरमार बंदूक 01 नग, स्पिलिंटर छोटा 20 नग, मैकेनिज्म 01 नग, नक्सली वर्दी एवं नक्सली सामग्री बरामद किया गया। इस संबंध में जिस किसी को भी किसी प्रकार की जानकारी हो तो 24 अप्रैल 2025 तक न्यायालय अनुविभागीय दण्डाधिकारी, बीजापुर में उपस्थित होकर प्रस्तुत कर सकते है।
मछुआ कल्याण बोर्ड अध्यक्ष भरत मटीयारा का बीजापुर दौरा
बीजापुर । छत्तीसगढ़ राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटीयारा ने बीजापुर जिले का एक दिवसीय दौरा किया, जिसमें उन्होंने मत्स्य पालकों और कृषकों के साथ गहन संवाद किया तथा क्षेत्र में संचालित मत्स्य पालन से जुड़ी गतिविधियों का स्थलीय निरीक्षण किया। उनके दौरे को मछुआ समुदाय के बीच उम्मीदों की नई किरण के रूप में देखा जा रहा है।
दौरे की शुरुआत जिला पंचायत बीजापुर के सभा गृह में आयोजित संगोष्ठी से हुई, जहाँ बड़ी संख्या में मत्स्य कृषकों और किसानों ने भाग लिया। इस अवसर पर मटीयारा ने किसानों को राज्य सरकार द्वारा मत्स्य पालन और कृषि क्षेत्र में चलाई जा रही योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए प्रतिबद्ध है, और मछुआ समुदाय की बेहतरी के लिए अनेक योजनाएं लागू की जा रही हैं।
छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति के तहत 80 हजार रूपए की राशि स्वीकृत
बीजापुर । छत्तीसगढ़ नक्सलवाद पुनर्वास नीति के तहत नक्सलियों के द्वारा आम नागरिकों के चल सम्पत्ति अनाज, कपड़े घरेलू समान की लूट कर क्षति पहुंचाये जाने के फलस्वरूप जिला पुनर्वास समिति द्वारा ली गई निर्णय के पश्चात पीड़ित व्यक्तियों, परिवारों तथा आत्मसमर्पित नक्सलियों को पर्याप्त सुरक्षा एवं पुर्नवास के लिए प्रत्येक को 20-20 हजार रूपए कुल 4 पीड़ितों को 80 हजार रूपए की सहायता राशि स्वीकृती दी गई है।
नक्सलवाद उन्मूलन नीति के तहत 30 लाख रूपए की राशि स्वीकृत
बीजापुर । छत्तीसगढ़ नक्सलवाद पुनर्वास नीति के तहत नक्सली पीड़ित व्यक्तियों, परिवारों तथा आत्मसमर्पित नक्सलियों को पर्याप्त सुरक्षा एवं पुर्नवास के तहत नक्सली हिंसा में आम नागरिको के मृत्यु के प्रकरण में प्रत्येक को पांच-पांच लाख रूपए कुल 6 पीड़ितों के परिजनों को 30 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति के तहत 4 लाख रूपए की राशि स्वीकृत
बीजापुर । छत्तीसगढ़ नक्सलवाद पुनर्वास नीति के तहत आम नागरिकों के सम्पत्ति की आंशिक या पूर्ण रूप से क्षति, जीविकोपार्जन के साधन स्कार्पियो वाहन क्रमांक सीजी- 17 केडब्ल्यू 7937 को नक्सलियों के द्वारा बम विस्फोट कर क्षति पहुंचाये जाने के फलस्वरूप जिला पुनर्वास समिति द्वारा ली गई निर्णय के पश्चात पीड़ितों को पर्याप्त सुरक्षा एवं पुर्नवास के लिए 4 लाख रूपए की सहायता राशि स्वीकृती दी गई है।
पोषण क्रांति की ओर बीजापुरः पहले 1000 दिन पर केंद्रित विशेष पखवाड़ा शुरू
बीजापुर । कलेक्टर संबित मिश्रा के नेतृत्व में बीजापुर जिला एक नई पोषण क्रांति की ओर बढ़ चला है। जिले में 8 अप्रैल से 22 अप्रैल तक "पोषण पखवाड़ा" मनाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य कुपोषण और एनीमिया के खिलाफ निर्णायक कदम उठाकर स्वस्थ भविष्य की नींव रखना है। इस विशेष अभियान का केंद्र बिंदु नवजात शिशुओं के जीवन के पहले 1000 दिन हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार यह समय शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिले की हर ग्राम पंचायत में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्र अब केवल बच्चों की देखभाल का स्थान नहीं, बल्कि पोषण ज्ञान के केंद्र बन चुके हैं। यहां गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और देखभालकर्ताओं को स्तनपान की महत्ता, शिशु आहार और स्वच्छता की आदतों की जानकारी दी जा रही है। विशेषज्ञ व्यक्तिगत परामर्श देकर व्यवहार में बदलाव लाने का प्रयास कर रहे हैं।
अभियान की प्रमुख गतिविधियां इस प्रकार हैं:-
गंभीर व मध्यम कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। घर-घर दस्तक- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हर घर तक पोषण का संदेश पहुंचा रही हैं। स्कूलों में फैंसी ड्रेस व चित्रकला प्रतियोगिता के जरिए बच्चों को पोषण के महत्व से जोड़ा जा रहा है। छात्रों द्वारा पोषण शपथ लेकर स्वस्थ रहने का संकल्प लिया जा रहा है।
स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों का प्रदर्शन और स्वाद परीक्षण किया जा रहा है। स्वास्थ्य शिविरों में एनीमिया जांच और कृमिनाशक गोलियों का वितरण किया जा रहा है। आंगनबाड़ी और स्कूल परिसरों में पोषण वाटिकाएं विकसित की जा रही हैं। मासिक धर्म स्वच्छता और प्रबंधन पर विशेष चर्चा सत्र भी आयोजित हो रहे हैं। इस अभियान को जन आंदोलन का रूप देने के लिए जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, स्व-सहायता समूह, शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत, कृषि जैसे विभाग एक साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं।
यूनिसेफ और वर्ल्ड विजन जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का भी सहयोग प्राप्त हो रहा है। मितानिन और एएनएम कार्यकर्ता कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर उन्हें उपचार और पोषण सेवाओं से जोड़ रही हैं। वहीं, बेहतर कार्य करने वाले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और स्वयंसेवकों को सम्मानित किया जाएगा।
कलेक्टर मिश्रा ने कहा, यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, एक संकल्प है बीजापुर के हर बच्चे को कुपोषण से मुक्त कर एक स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य देना हमारा लक्ष्य है। इस दिशा में सामूहिक भागीदारी और जन सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
भटपल्ली में जल-जीवन मिशन की सौगातः अब हर घर पहुंचेगा शुद्ध पेयजल
बीजापुर । जिला मुख्यालय से लगभग 65 किलोमीटर दूर भोपालपटनम विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत तिमेड़ के आश्रित ग्राम भटपल्ली के निवासियों को अब शुद्ध पेयजल के लिए हैंडपंप पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत यहां हर घर नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। इस योजना के तहत ग्राम भटपल्ली के 60 परिवारों के 254 ग्रामीणों को समूह जल प्रदाय योजना के माध्यम से घर-घर नल कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व ग्रामीणों को पेयजल की पूर्ति के लिए 15 हैंडपंपों पर निर्भर रहना पड़ता था।
ग्राम भटपल्ली को 08 अगस्त 2022 को ग्रामसभा के माध्यम से ‘हर घर जल’ प्रमाणीकरण प्रदान किया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत सरपंच कु. मीना गोटा, सचिव राधा कोरमराका, ग्रामवासी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारीगण एवं जिला समन्वयक श्री टोपेश्वर साहू उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर शत-प्रतिशत घरों में नल कनेक्शन की पुष्टि की। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों को जल जीवन मिशन की विस्तृत जानकारी दी और बताया कि यह योजना न केवल आज की आवश्यकता है, बल्कि आने वाले समय के लिए सुरक्षित जल की नींव भी है।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि योजना के भविष्य में संचालन, संधारण और प्रबंधन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को सौंपी गई है, जिससे ग्रामीण स्तर पर स्वावलंबन को बढ़ावा मिलेगा। ग्रामवासियों ने सरकार और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सुविधा उनके जीवन में एक बड़ा बदलाव लेकर आई है। अब उन्हें साफ पानी के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और जलजनित बीमारियों से भी काफी हद तक राहत मिलेगी। जल जीवन मिशन के तहत ग्राम भटपल्ली में हुई यह पहल ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
आयुष विभाग अंतर्गत दावाआपत्ति आमंत्रित
बीजापुर । संचालनालय, आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी सिद्ध एवं होम्योपैथी (आयुष) विभाग द्वारा जिले के अन्तर्गत चतुर्थ श्रेणी औषधालय सेवक, मसाजर, वार्ड ब्यॉय, रसोईया, किचन सर्वेट, चौकीदार के रिक्त पदों की सीधी भर्ती के लिए प्रेस विज्ञप्ति जारी किया गया था। भर्ती हेतु गठित चयन समिति द्वारा औषधालय सेवक, मसाजर, वार्ड ब्यॉय, रसोईया, किचन सर्वेट, चौकीदार के रिक्त पदों हेतु प्राप्त आवेदन की सूची का अवलोकन उपरांत दावा-आपत्ति आमंत्रित किये जाने हेतु समिति द्वारा अनुमोदित सूची का प्रकाशन किया गया है।
आवेदक/अभ्यर्थी जिला बीजापुर के वेबसाइड www.bijapur.gov.in एवं जिला कार्यालय के सूचना पटल में उक्त सूची का अवलोकन कार्यालयीन समय में कर सकते है। यदि किसी आवेदक/अभ्यर्थी को सूची में दर्शित प्रविष्टियों के संबंध में किसी प्रकार की दावा-आपत्ति हो तो वह पंजीबद्ध डाक/स्पीड पोस्ट के माध्यम से 29 अप्रैल 2025 दोपहर 3.00 बजे तक कार्यालय जिला आयुष अधिकारी, संयुक्त जिला कार्यालय प्रथम तल कक्ष क्रमांक 17-D बीजापुर में अपना अभ्यावेदन आवश्यक दस्तावेजों सहित प्रस्तुत कर सकते है। नियत तिथि के उपरांत प्राप्त एवं कोरियर अथवा अन्य किसी भी माध्यम से प्रस्तुत किये गये दावा-आपत्ति मान्य नहीं होगा। नियत तिथि तक दावा-आपत्ति प्राप्त नहीं होने पर इसे अंतिम सूची माना जावेगा।
बीजापुर में बड़ा नक्सली हमला टला: सीरियल ब्लास्ट की साजिश नाकाम, राज्यपाल का दौरा रद्द
बीजापुर । बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। नक्सलियों ने जवानों को निशाना बनाने के लिए सीरियल ब्लास्ट की योजना बनाई थी, लेकिन वक्त रहते पुलिस ने विस्फोटकों को बरामद कर उन्हें निष्क्रिय कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, बीजापुर जिला मुख्यालय से महज 8 किलोमीटर दूर मनकेली गांव के पास नक्सलियों ने 3 बोतल बम और 2 टिफिन बम सीरियल IED के रूप में लगाए थे। जिला पुलिस बल की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से इन विस्फोटकों को समय रहते बरामद किया गया और बम डिफ्यूजल स्क्वॉड (BDS) की टीम ने सभी बमों को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया।
इलाके में नक्सली गतिविधियों में अचानक आई तेजी को देखते हुए राज्यपाल रमेन डेका का प्रस्तावित बीजापुर दौरा रद्द कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे क्षेत्र में अलर्ट मोड पर हैं और तलाशी अभियान जारी है।
सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि यदि यह विस्फोटक सक्रिय हो जाते, तो बड़ी जनहानि हो सकती थी। समय रहते की गई कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया है।
मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना : 16 लाख की लागत से बना स्कूल खंडहर में तब्दील..
बीजापुर। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की बहुप्रचारित मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार सामने आया है। बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड स्थित सोढीपारा प्राथमिक विद्यालय का भवन 16 लाख 10 हजार रुपये की लागत से बना था, लेकिन कुछ ही महीनों में इसकी दीवारों में दरारें पड़ने लगी हैं। स्थानीय लोगों में डर है कि यह अधूरा भवन किसी भी वक्त ढह सकता है।
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर स्कूल भवनों के जीर्णोद्धार और अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के लिए करीब 2,000 करोड़ रुपये की योजना लागू की गई थी। इस योजना के तहत बीजापुर जिले में 58 नए स्कूल भवनों के लिए लगभग 9.30 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। परंतु जमीनी स्तर पर काम में भारी लापरवाही और गड़बड़ी की बात सामने आई है।
दरारों से भरा नया स्कूल भवन
ठेकेदार जय प्रकाश सिंह द्वारा निर्मित सोढीपारा स्कूल भवन आधा अधूरा बनाकर विभाग से भुगतान भी ले लिया गया। लेकिन निर्माण की गुणवत्ता इतनी खराब रही कि एक साल के भीतर ही भवन की दीवारें फटने लगीं। स्थानीय लोगों ने बताया कि स्कूल की हालत देखकर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता है।
शीट से बने कमरे, पक्के भवन की राशि हजम
निर्देशानुसार पक्के भवन बनने थे, लेकिन ठेकेदार ने शीट से बने अधूरे कमरे बनाकर लाखों रुपये की सरकारी राशि डकार ली। विभागीय इंजीनियरों की संलिप्तता भी उजागर हो रही है, जिन्होंने अपूर्ण भवनों को पूर्ण बताकर फाइलें क्लोज कर दीं।
वेंटिलेशन का भी घोटाला
स्कूल भवनों की छत पर चार टर्बो वेंटिलेटर पंखे लगने थे ताकि गर्मी में वेंटिलेशन बना रहे, लेकिन एक भी पंखा नहीं लगाया गया। बताया जा रहा है कि ठेकेदार और इंजीनियर ने मिलकर यह राशि भी हड़प ली।
जिम्मेदारों की चुप्पी
जब इस पूरे मामले में ठेकेदार, विभागीय अधिकारी और इंजीनियर से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो किसी ने भी फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
जिला शिक्षा अधिकारी एल.एल. धनेलिया ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिल रही है। यदि निर्माण में गड़बड़ी पाई गई तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बीजापुर में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, सर्च ऑपरेशन जारी
बीजापुर । छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में शनिवार सुबह सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच भैरमगढ़ थाना क्षेत्र के इंद्रावती नदी से सटे जंगलों में मुठभेड़ शुरू हुई। पुलिस अधिकारियों ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मुठभेड़ में माओवादियों को भारी नुकसान होने की संभावना है। सर्च अभियान अभी भी जारी है और विस्तृत जानकारी बाद में साझा की जाएगी।
पुलिस के अनुसार, माओवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम माओवादी विरोधी अभियान के लिए निकली थी। इस टीम में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान शामिल थे। सुबह करीब 9 बजे इंद्रावती क्षेत्र के जंगलों में माओवादियों के साथ मुठभेड़ शुरू हुई।
बीजापुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) चंद्रकांत गवर्ना ने बताया, "हमारी टीमें पूरी सतर्कता के साथ अभियान चला रही हैं। मुठभेड़ में नक्सलियों को नुकसान पहुंचा है, लेकिन अभी सटीक जानकारी के लिए सर्च ऑपरेशन पूरा होने का इंतजार है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की ओर से किसी नुकसान की खबर नहीं है।
यह मुठभेड़ भैरमगढ़ थाना क्षेत्र के उन जंगली इलाकों में हुई, जो माओवादियों का गढ़ माने जाते हैं। बीजापुर में पिछले कुछ महीनों से सुरक्षा बलों ने नक्सल विरोधी अभियानों को तेज किया है, जिससे माओवादी संगठनों को काफी नुकसान हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन अभियानों से क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बढ़ रही है।
पुलिस का कहना है कि सर्च अभियान के बाद मुठभेड़ से जुड़ी सारी जानकारी साझा की जाएगी। माओवादियों के पास से हथियार और अन्य सामग्री बरामद होने की भी संभावना है। बीजापुर में सुरक्षा बल लगातार नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं, ताकि क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित हो सके।
पिछले कुछ दिनों से नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षाबलों को काफी सफलता मिली है। इसका ही नतीजा है कि आठ अप्रैल को बीजापुर में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था, जिनमें 6 महिला नक्सली भी शामिल थीं। आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों पर कुल 26 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण नीति और नियद नेल्लानार योजना के तहत नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था।