मुसीबत में जनता के साथ खड़ा प्रशासन, बाढ़ प्रभावित वार्डों में पहुंचे कलेक्टर ने जाना हाल
पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं से लेकर मुआवजे तक त्वरित कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बाढ़ की स्थिति से सामान्य होते जनजीवन के बीच जिला प्रशासन की सक्रियता लगातार बनी हुई है। कलेक्टर श्री अमित कुमार ने रविवार को सुकमा जिला मुख्यालय के बाढ़ प्रभावित श्रीनगर, शबरीनगर, लाइनपारा, सम्राटनगर और बगीचापारा वार्डों का दौरा कर प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद किया। उन्होंने घर-घर पहुंचकर बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों की समस्याएं सुनीं। कलेक्टर ने कहा कि संकट की इस घड़ी में जिला प्रशासन प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जा रहा है।
पानी उतरने के बाद भी राहत व्यवस्था में कोई कमी न रहे, इसके लिए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित वार्डों एवं क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने, क्लोरीन की गोलियां और ब्लीचिंग पाउडर वितरित करने तथा स्वच्छता एवं स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। प्रशासन का फोकस बाढ़ के बाद उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से निपटने और प्रभावित परिवारों को तत्काल जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है।
बाढ़ क्षति के सर्वे और मुआवजा प्रक्रिया को भी प्रशासन ने प्राथमिकता में रखा है। कलेक्टर ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि पटवारी प्रभावित परिवारों तक पहुंचकर उनके मकानों एवं संपत्ति को हुई क्षति का विस्तृत सर्वे करें। क्षति का आकलन कर पात्र परिवारों के मुआवजा प्रकरण तैयार करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए गए, ताकि नियमानुसार राहत एवं मुआवजे का लाभ प्रभावितों तक समय पर पहुंच सके। कलेक्टर ने अधिकारियों को मौके पर मौजूद रहकर जरूरतमंद परिवारों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम श्री सूरज कश्यप, तहसीलदार श्री गिरीश निंबालकर, जनपद सीईओ श्री सुमित ध्रुव, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री विनीत साव, डीपीएम स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर के मैदानी निरीक्षण और अधिकारियों को दिए गए त्वरित निर्देशों से स्पष्ट है कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने, पेयजल एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा नुकसान के आकलन के लिए प्रशासनिक अमला सक्रियता से जुटा हुआ है।