छत्तीसगढ़ / कोरिया
’मुख्यमंत्री की पाती पाकर खुश हुईं चंदा, कहा-‘यह मेरे लिए दीपावली का बड़ा उपहार’’
उज्ज्वला योजना से मिली रसोई के धुएं से राहत; मुख्यमंत्री ने पत्र में बच्चों की पढ़ाई और परिवार की खुशहाली की कामना की’
’कोरिया नवम्बर 2026
बैकुंठपुर विकासखंड के ग्राम भांडी निवासी श्रीमती चंदा पनिका को डाक से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पाती मिली है। राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाओं के साथ आए इस आत्मीय पत्र में मुख्यमंत्री ने उनके परिवार का कुशलक्षेम पूछा और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। पत्र पाकर प्रसन्न श्रीमती चंदा ने कहा, ‘यह पत्र मेरे लिए दीपावली का बड़ा उपहार है।‘
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत घरेलू रसोई गैस कनेक्शन प्राप्त करने वाली श्रीमती चंदा को संबोधित पत्र में मुख्यमंत्री ने उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में आई सहूलियत का उल्लेख किया। उन्होंने लिखा कि पहले लकड़ी के चूल्हे का धुआं परेशानी का कारण था और भोजन बनाने में काफी समय लगता था। अब खाना जल्दी तैयार होने से घर के दूसरे कामों के लिए भी समय बचता है। इस परेशानी से मिली राहत को मुख्यमंत्री ने अपने लिए संतोष की बात बताया।
मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उज्ज्वला योजना के माध्यम से माताओं- बहनों को चूल्हे के धुएं से राहत देने की पहल की है। इस सुविधा का महत्व रोज रसोई संभालने वाली महिलाएं सबसे अच्छी तरह समझती हैं।
पाती में मुख्यमंत्री ने श्रीमती चंदा के पति श्री डिपेन्द्र कुमार को भी शुभकामनाएं दीं। परिवार की जरूरतें पूरी करने में उनके परिश्रम और घर संभालने में श्रीमती चंदा के श्रम का सम्मान करते हुए उन्होंने लिखा कि माता-पिता की मेहनत बच्चों के लिए बड़ा सहारा है।
मुख्यमंत्री ने उनके बेटे अविक की पढ़ाई के बारे में पूछा और उसे मन लगाकर पढ़ने के साथ खूब खेलने का संदेश दिया। नन्हे लक्ष्य को स्नेह भेजते हुए दोनों भाइयों के प्रेमपूर्वक रहने और एक-दूसरे का साथ देते हुए आगे बढ़ने की कामना की।
बच्चों के भविष्य का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा कि उन्हें अच्छी शिक्षा मिले, वे अपनी रुचि पहचानें और आत्मविश्वास के साथ अपना रास्ता चुन सकें। विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के संकल्प से बच्चों के भविष्य को जोड़ते हुए उन्होंने उनके सपनों को आगे बढ़ने के अवसर मिलने की आकांक्षा व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने श्रीमती चंदा को घर की जिम्मेदारियों के बीच अपनी सेहत और आराम का ध्यान रखने की सलाह भी दी। साथ ही ग्राम भांडी की अन्य बहनों और परिवारों को जोहार भेजते हुए उनके घर में सुख-शांति और बच्चों की हंसी बनी रहने की शुभकामनाएं दीं।
’रचनात्मकता की सराहना, बोर्ड परीक्षा में सफलता का मंत्र- शिक्षा अधिकारी ने परखा विद्यार्थियों का ज्ञान’
कोरिया । कलेक्टर रोक्तिमा यादव के निर्देशानुसार जिला शिक्षा अधिकारी जितेंद्र कुमार गुप्ता ने बुधवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नगर, स्वामी आत्मानंद विद्यालय चरचा और स्वामी आत्मानंद विद्यालय महलपारा का शैक्षणिक निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षण गतिविधियों का जायजा लेने के साथ विद्यार्थियों से संवाद कर आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के लिए मार्गदर्शन दिया।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नगर में कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों द्वारा तैयार पेपर क्राफ्ट की प्रदर्शनी ने उनका ध्यान खींचा। विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता और कलात्मक कौशल की सराहना करते हुए गुप्ता ने कहा कि शिक्षा के साथ रचनात्मकता और व्यावहारिक कौशल का विकास भी आवश्यक है। ऐसी गतिविधियां बच्चों की प्रतिभा निखारने और उनके सर्वांगीण विकास में सहायक होती हैं।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों से विषयवार प्रश्न पूछकर उनकी समझ और शैक्षणिक तैयारी का आकलन किया। उन्होंने स्वयं कक्षा लेकर शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का भी जायजा लिया।
बोर्ड परीक्षा की तैयारी के संबंध में गुप्ता ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। नियमित अध्ययन, समय का सदुपयोग और निरंतर अभ्यास से बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सुबह-शाम पढ़ाई करने, कठिन विषयों पर विशेष ध्यान देने तथा शिक्षकों से अपनी शंकाओं का समाधान कराने की सलाह दी।
विद्यार्थियों ने पूरी लगन से तैयारी कर बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने और विद्यालय तथा माता-पिता का नाम रोशन करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर संबंधित विद्यालयों के प्राचार्य एवं शिक्षक उपस्थित रहे।
’125 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण, जरूरत के अनुसार मिलेंगे निःशुल्क सहायक उपकरण’
कोरिया । कलेक्टर रोक्तिमा यादव के निर्देशन में समावेशी शिक्षा के अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए 4 नवंबर को मानस भवन, बैकुंठपुर में जिला स्तरीय आकलन शिविर आयोजित किया गया। शिविर में बैकुंठपुर विकासखंड के 92 और सोनहत के 33 सहित कुल 125 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यकताओं का आकलन किया गया।
जिले के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने बच्चों की अस्थि, दृष्टि, श्रवण, बौद्धिक एवं बहुदिव्यांगता संबंधी जांच की। स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत मेडिकल बोर्ड द्वारा दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनाए गए। शासकीय विद्यालयों के शिक्षकों और अभिभावकों के सहयोग से बच्चों को शिविर तक लाया गया।
शिविर में एलिमको, कानपुर की टीम ने सहायक उपकरणों के लिए बैकुंठपुर के 31 और सोनहत के 6 सहित कुल 37 बच्चों का आकलन किया। पात्र बच्चों को शासन की स्वीकृति एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निःशुल्क उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। चिह्नित बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप उपकरण प्रदान करने के लिए आगामी समय में वितरण शिविर आयोजित किया जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से शिविर में उपस्थित बच्चों एवं शिक्षकों के लिए जलपान और भोजन की व्यवस्था की गई।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक संचालक शिक्षा, एडीपीओ, जिला मिशन समन्वयक, बैकुंठपुर एवं सोनहत के विकासखंड शिक्षा अधिकारी और बीआरसी उपस्थित रहे। आयोजन में स्पेशल एजुकेटर पुष्पा ठाकुर, बीआरपी सरिता सोनी एवं जूदिका किंडो, एपीसी गौरीशंकर एड़े तथा शैक्षिक समन्वयकों ने सहयोग दिया।
’अवैध रेत परिवहन पर संयुक्त कार्रवाई, एक मिनी हाईवा और चार ट्रैक्टर जब्त’
कोरिया । कलेक्टर के निर्देश पर जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में गुरुवार को खनिज विभाग और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने बैकुंठपुर तहसील क्षेत्र में बिना पारपत्र रेत का परिवहन करते पाए गए एक मिनी हाईवा और चार ट्रैक्टर जब्त किए।
खनिज अधिकारी ने बताया कि क्षेत्र में भ्रमण के दौरान पांचों वाहनों में बिना वैध पारपत्र के रेत परिवहन किया जाना पाया गया। जब्त वाहनों को अभिरक्षा में सिटी कोतवाली थाना बैकुंठपुर में रखा गया है।
जब्त वाहनों में पंकज पांडे का मिनी हाईवा क्रमांक सीजी 16 सीएच 4388, विश्वनाथ राजवाड़े का फार्म ट्रैक्टर, अशोक जायसवाल का सोनालिका ट्रैक्टर, पंकज जायसवाल का पावर ट्रैक ट्रैक्टर तथा सोमरसाय का सोनालिका ट्रैक्टर शामिल हैं।
विभाग के अनुसार, संबंधित वाहन मालिकों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के नियम 71 के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं। प्रकरणों में खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 के संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत आगामी कार्रवाई की जाएगी।
खनिज अधिकारी ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश एवं मार्गदर्शन में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध निगरानी तथा कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
’‘कुपोषण से लड़ना ही नहीं, उसे जिले से भगाना है’ : कलेक्टर रोक्तिमा यादव’
कोरिया । गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच, पौष्टिक आहार और सतत निगरानी सुनिश्चित करने के लिए विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने बुधवार को कलेक्टरेट सभाकक्ष में स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की संयुक्त बैठक में ये निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों, बीसी सखी, कृषि सखी और पशु सखी के सहयोग से गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी की जाए। उनके खानपान, स्वास्थ्य जांच और पोषण की स्थिति की जानकारी रखी जाए, ताकि सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ शिशु का जन्म सुनिश्चित करने में मदद मिल सके। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के माध्यम से महिलाओं को पौष्टिक भोजन के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में कलेक्टर ने मितानिनो की अवधारणा पर चर्चा करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य गर्भस्थ शिशु से लेकर बुजुर्गों तक पूरे परिवार की सेहत की देखभाल को विस्तार देना है। उन्होंने गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच, संस्थागत प्रसव, नवजात की देखभाल, टीकाकरण और कुपोषण की पहचान पर विशेष ध्यान देने को कहा।
इसके साथ ही मधुमेह, उच्च रक्तचाप एवं कैंसर की स्क्रीनिंग, टीबी, कुष्ठ और सिकल सेल की पहचान के लिए घर-घर संपर्क एवं निर्धारित जांच से जोड़ने पर जोर दिया गया। किशोर-किशोरी परामर्श, परिवार नियोजन, एचआईवी/एड्स जागरूकता, नशामुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य सहायता तक लोगों की पहुंच बढ़ाने की बात भी कही गई।
कलेक्टर ने गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल भेजने, उपचार के बाद उनका फॉलोअप करने, नियमित दवा सेवन में सहयोग तथा आभा आईडी और आयुष्मान कार्ड बनवाने में मदद करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मितानिनों की भूमिका मां और बच्चे की देखभाल के साथ अब ‘पूरे परिवार की स्वास्थ्य दीदी’ के रूप में व्यापक होगी।
‘दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचे उपचार और सही परामर्श’
कलेक्टर यादव ने कहा, ‘कुपोषण से लड़ना ही नहीं है, बल्कि जिले से कुपोषण को भगाना है।‘ उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लक्ष्य सभी विभागों के समन्वित प्रयास से ही हासिल होगा। दूरस्थ अंचलों में रहने वाले लोगों को समुचित उपचार और सही परामर्श मिले तथा उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया जाए।
सेवा सेतु ने बढ़ाया विश्वास, डिजिटल प्रणाली से आसान हुए काम’
’दुर्गावती का जाति और डिम्पल का आय प्रमाण पत्र बना, स्थानीय स्तर पर मिल रही नागरिक सेवाएं’
’कोरिया 30 अक्टूबर 2026
शासकीय सेवाओं तक नागरिकों की पहुंच आसान बनाने में सेवा सेतु केंद्र मददगार साबित हो रहे हैं। कोरिया जिले के ग्राम खरवत निवासी पवन लाल की पुत्री दुर्गावती का अन्य पिछड़ा वर्ग जाति प्रमाण पत्र सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से बनाया गया। इसी गांव के कृष्ण कुमार राजवाड़े ने भी अपनी पुत्री डिम्पल का आय प्रमाण पत्र सेवा सेतु केंद्र से बनवाया। स्थानीय स्तर पर प्रमाण पत्र बनने से दोनों परिवारों का काम आसान हुआ है।
ई-जिला प्रबंधक श्री राकेश ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन की सेवा सेतु व्यवस्था के अंतर्गत नागरिकों को सैकड़ों प्रकार की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन सेवाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के लिए जिले के सेवा सेतु केंद्र संचालकों और ऑपरेटरों को विभिन्न कार्यों तथा आवेदन प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया गया है।
उन्होंने बताया कि नागरिक अपने नजदीकी सेवा सेतु एवं अटल डिजिटल सेवा केंद्रों में जाकर उपलब्ध सेवाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं। डिजिटल प्रणाली के माध्यम से स्थानीय स्तर पर कार्य होने से लोगों को सुविधा मिल रही है और शासकीय सेवाओं के प्रति उनका विश्वास बढ़ रहा है।
’सेवा सेतु केंद्रों के संचालकों और ऑपरेटरों को मिला प्रशिक्षण’
’कक्षा नवमी और बारहवीं के विद्यार्थियों को समय-सीमा में स्थानांतरण प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र की आवेदन प्रक्रिया के बारे दी गई प्रशिक्षण’
’कोरिया अक्टूबर 2026
आम नागरिकों को सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध सेवाओं का लाभ समय पर दिलाने के उद्देश्य से गुरुवार को जनपद पंचायत बैकुंठपुर में जिला स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें जिले के सेवा सेतु केंद्रों के संचालकों एवं ऑपरेटरों को विभिन्न सेवाओं की आवेदन प्रक्रिया और समयबद्ध निराकरण की जानकारी दी गई।
ई-जिला मैनेजर श्री राकेश ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार प्रशिक्षण में कक्षा नवमी एवं बारहवीं के विद्यार्थियों को स्थानांतरण प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया बताया गया साथ ही प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी समझाई गई। संचालकों और ऑपरेटरों को बताया गया कि विद्यार्थियों के आवेदनों पर निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई कर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाना है, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी न हो।
प्रशिक्षण के दौरान शासन की विभिन्न सेवाओं के संबंध में भी जानकारी दी गई, जिससे नागरिकों को आवश्यक दस्तावेज समय पर प्राप्त हो सकें। ईडीएम ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए जारी किए जाने वाले ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र की आवेदन प्रक्रिया के बारे में भी बताया ।
नए सेवा सेतु केंद्रों के संचालकों को पोर्टल के संचालन एवं सेवाओं से संबंधित जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में आवेदकों को सही मार्गदर्शन देने, आवेदन प्रक्रिया सुगम बनाने और पात्र नागरिकों को समय पर सेवाओं का लाभ दिलाने पर जोर दिया गया।
26वें राज्योत्सव में बिखरेगी छत्तीसगढ़ी संस्कृति की छटा, संजय सुरीला के लोकगीतों से सजेगी शाम’
’स्थानीय प्रतिभाओं के साथ प्रदेश के कलाकार देंगे प्रस्तुति; विधायक भईया लाल राजवाड़े होंगे मुख्य अतिथि’
’कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने जिलेवासियों से सपरिवार शामिल होने की अपील की’
’कोरिया अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आगामी 2 नवंबर, सोमवार को बैकुंठपुर में 26वें राज्योत्सव का आयोजन किया जाएगा। शासकीय आदर्श रामानुज उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के मिनी स्टेडियम में आयोजित समारोह में स्थानीय प्रतिभाओं के साथ प्रदेश के कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। प्रसिद्ध लोकगायक संजय सुरीला के छत्तीसगढ़ी लोकगीत कार्यक्रम का विशेष आकर्षण होंगे। समारोह के शुभारंभ अवसर पर बैकुंठपुर विधायक श्री भईया लाल राजवाड़े मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सायं 4 से 5रू30 बजे तक स्थानीय कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। सायं 5रू30 से 6 बजे तक मुख्य अतिथि का आगमन एवं उद्घाटन कार्यक्रम होगा। इसके बाद सायं 6 से रात्रि 10 बजे तक विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी।
सांस्कृतिक संध्या में अंबिकापुर के संजय सुरीला छत्तीसगढ़ी लोकगीतों की प्रस्तुति देंगे। रायपुर की किरण शर्मा एंड ग्रुप महारास एवं मोर नृत्य प्रस्तुत करेगी। बिलासपुर के वाइब्रेशन डांस स्टूडियो की वेस्टर्न डांस प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र होगी। नरेंद्र जलक्षत्रिय एवं सुश्री शिल्पा सिंह कथक नृत्य, निनवा का जय दुर्गा पंडवानी दल पंडवानी तथा रायपुर का सियाधेश म्यूजिक सुगम संगीत की प्रस्तुति देगा।
कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने बताया कि राज्योत्सव की तैयारियों को लेकर अधिकारियों को लगातार दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं और व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है। आयोजन स्थल पर शासन की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित विभागीय प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी, जिनके माध्यम से नागरिकों को योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी मिलेगी।
कलेक्टर श्रीमती यादव ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे 2 नवंबर को सपरिवार राज्योत्सव में शामिल होकर स्थानीय प्रतिभाओं और कलाकारों का उत्साहवर्धन करें तथा आयोजन को सफल बनाएं।
युवा प्रतिभाओं को मिलेगा मंच, बैकुंठपुर में 31 अक्टूबर को जिला स्तरीय युवा उत्सव’
’कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने युवाओं से भागीदारी की अपील की; मानस भवन में सुबह 9 बजे से होगा आयोजन’
’कोरिया अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग के निर्देशानुसार जिले की स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के लिए आगामी 31 अक्टूबर को जिला स्तरीय युवा उत्सव का आयोजन किया जाएगा। जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के मानस भवन में आयोजित यह एक दिवसीय उत्सव प्रातः 9 बजे से प्रारंभ होगा।
कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने जिले के युवाओं से उत्सव में उत्साहपूर्वक भाग लेने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि युवा उत्सव युवाओं की रचनात्मकता, कला और सांस्कृतिक प्रतिभा को राष्ट्रीय पटल तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण मंच है। विकसित भारत चौलेंज ट्रैक के माध्यम से युवाओं को देश के समावेशी विकास के लिए अपने अभिनव विचार साझा करने का अवसर भी मिलेगा।
उत्सव में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवा प्रतिभागी के रूप में भाग ले सकेंगे। संगतकारों के लिए आयु सीमा 18 से 40 वर्ष निर्धारित की गई है। आयु की गणना 17 अगस्त 2026 की स्थिति में की जाएगी। प्रत्येक प्रतिभागी किसी भी स्तर की प्रतियोगिता में केवल एक विधा में भाग ले सकेगा।
खेल अधिकारी श्री जितेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि आयोजन की सभी प्रशासनिक एवं व्यवस्थागत तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उत्सव में विकसित भारत चौलेंज ट्रैक सहित कला, साहित्य और संस्कृति से जुड़ी विभिन्न विधाओं में प्रतियोगिताएं होंगी। इनमें लोकगीत, चित्रकला, कविता लेखन और पारंपरिक वेशभूषा जैसी विधाएं शामिल हैं। रॉक बैंड प्रतियोगिता का आयोजन केवल राज्य स्तर पर किया जाएगा।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का समय पर और गुणवत्तापूर्ण निराकरण करें : कलेक्टर रोक्तिमा
कोरिया । कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का समय पर एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही सेवा सेतु, जनदर्शन और अन्य माध्यमों से प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा में समुचित निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।
कलेक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ किसान सम्मान निधि के पंजीयन कार्य को गंभीरता से पूरा करने को कहा।
बैठक में मुख्यमंत्री की घोषणाओं से संबंधित कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने इन कार्यों की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने न्यायालयीन प्रकरणों में समय पर जवाब-दावा प्रस्तुत करने को कहा, ताकि प्रकरणों के निराकरण में विलंब न हो।
’जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में पालकों को न हो अनावश्यक परेशानी’
कलेक्टर ने स्कूली बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र बनाने में लेटलतीफी पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए किसी भी पालक को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। जिला शिक्षा अधिकारी को इस कार्य को गंभीरता से कराने के निर्देश दिए गए।
विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाने एवं दर्ज करने का कार्य लंबित होने पर कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी से नाराजगी व्यक्त की और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों का नियमित निरीक्षण कर विद्यार्थियों की पढ़ाई की स्थिति का जायजा लेने तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने को भी कहा।
अप्रारंभ पीएम आवासों का निर्माण शुरू कराएं, अधूरे आवास जल्द करें पूर्ण’
प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जनपद पंचायत बैकुंठपुर और सोनहत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से स्वीकृत आवासों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अप्रारंभ आवासों का निर्माण तत्काल शुरू कराने तथा अधूरे आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने जनपद सीईओ को गांवों में जाकर निर्माण कार्यों की प्रगति का आकलन करने तथा हितग्राहियों, सरपंचों और पंचायत सचिवों से समन्वय स्थापित कर आवासों को समय पर पूर्ण कराने को कहा। नगरीय निकायों के अधिकारियों को भी आवास निर्माण का नियमित निरीक्षण करने और हितग्राहियों से चर्चा कर निर्माण में आ रही बाधाओं का निराकरण कराने के निर्देश दिए।
’नशे में वाहन चलाने और ओवरलोडिंग पर करें कार्रवाई’
कलेक्टर यादव ने जिला परिवहन अधिकारी को बसों, ऑटो सहित यात्री वाहनों की नियमित जांच करने तथा क्षमता से अधिक सवारी बैठाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने पुलिस एवं परिवहन विभाग के अधिकारियों को शराब अथवा अन्य मादक पदार्थों के सेवन के बाद वाहन चलाने वालों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। साथ ही तेज गति और लापरवाही पूर्वक वाहन चलाने वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई के निर्देश दिए।
’नल-जल योजना के अपूर्ण कार्य शीघ्र पूरे कराएं’
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की नल-जल योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। पीएम सूर्य घर योजना के तहत जिले के अधिक से अधिक लोगों को योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित करने को कहा। उन्होंने समाज कल्याण विभाग के अधिकारी से पेंशन प्रकरणों की स्थिति की भी जानकारी ली।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ योगेंद्र श्रीवास, अपर कलेक्टर डी. डी. मंडावी सहित विभिन्न विभागों के जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
जीवटता और परिश्रम से गढ़ी आत्मनिर्भरता की राह, सुषमा साहू अब 10-12 महिलाओं को भी दे रहीं रोजगार
कोरिया । अपना उद्यम स्थापित करने का सपना, काम करने का जज्बा और आगे बढ़ने का जुनून था, लेकिन आर्थिक कठिनाइयां राह रोक रही थीं। इन परिस्थितियों में भी बैकुण्ठपुर के तलवापारा निवासी सुषमा साहू ने हौसला बनाए रखा। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) का सहयोग मिला तो उन्होंने अपने सपने को साकार किया। आज वे चेकर टाइल्स एवं पेवर ब्लॉक निर्माण इकाई का संचालन कर आत्मनिर्भर बनने के साथ करीब 10दृ12 महिलाओं को रोजगार भी उपलब्ध करा रही हैं।
रमेश चन्द्र साहू की पत्नी सुषमा साहू पढ़ाई और विवाह के बाद अपना काम शुरू करने के लिए प्रयासरत थीं। उद्यम स्थापित करने के लिए आवश्यक पूंजी जुटाना उनके सामने बड़ी चुनौती थी। इसी दौरान उन्हें उद्योग विभाग से पीएमईजीपी की जानकारी मिली। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, कोरिया के सहयोग से उन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया।
योजना के माध्यम से वर्ष 2023-24 में उन्हें चेकर टाइल्स एवं पेवर ब्लॉक निर्माण के लिए 20 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस राशि से उन्होंने मशीनरी और कच्चे माल की व्यवस्था कर अपनी निर्माण इकाई की शुरुआत की। इसके बाद मेहनत और लगन से उद्यम को आगे बढ़ाया।
सुषमा अब लगभग 35 हजार रुपये प्रतिमाह आय अर्जित कर रही हैं। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और आजीविका का आधार मजबूत हुआ है। उद्यम के संचालन ने उन्हें आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ निर्णय लेने और आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी दिया है।
उनकी इस पहल का लाभ साथ काम करने वाली महिलाओं को भी मिल रहा है। कभी स्वयं रोजगार की तलाश में रहीं सुषमा आज अन्य महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही हैं। इस तरह उनका उद्यम अपने परिवार के साथ दूसरे परिवारों की आजीविका में भी योगदान दे रहा है।
योजना से मिले सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सुषमा कहती हैं कि आर्थिक सहायता ने उन्हें अपना काम स्थापित करने और अन्य महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का अवसर दिया है।
श्यामबाई ने बनाई आत्मनिर्भर पहचान, बिहान के सहयोग से बढ़ाया कपड़ा व्यवसाय, सालाना सवा लाख रुपये से अधिक की आय से बनीं लखपति दीदी
कोरिया । कभी खेती-किसानी और मजदूरी पर निर्भर रहने वाली श्यामबाई आज अपने गांव में कपड़े की दुकान संचालित कर रही हैं। विकासखंड बैकुंठपुर के ग्राम पोटेडांड निवासी श्यामबाई ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से मिले सहयोग और अपनी मेहनत से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की है। कपड़ा व्यवसाय से सालाना सवा लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर उन्होंने ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान बनाई है।
समूह से जुड़ने से पहले श्यामबाई के परिवार की आजीविका खेती और मजदूरी से चलती थी। सीमित आमदनी में घरेलू जरूरतें पूरी करना चुनौतीपूर्ण था। वे परिवार की आय बढ़ाने के लिए अपना काम शुरू करना चाहती थीं। गौरी महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें इस दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिला।
आर्थिक सहयोग से शुरू हुआ कपड़ा व्यवसाय
श्यामबाई को समूह के माध्यम से सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) से 60 हजार रुपये तथा बैंक ऋण के रूप में 20 हजार रुपये प्राप्त हुए। इस वित्तीय सहायता से उन्होंने पति के सहयोग से कपड़ा व्यवसाय शुरू किया। शुरुआत में वे गांव-गांव जाकर कपड़े बेचती थीं।
ग्राहकों की जरूरतों को समझते हुए उन्होंने अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया। मेहनत, अच्छे व्यवहार और काम के प्रति लगन से ग्राहकों का विश्वास बढ़ा और आमदनी में भी सुधार होने लगा।
अपनी दुकान से आजीविका को मिला स्थायित्व
व्यवसाय बढ़ने पर श्यामबाई ने अपने गांव में कपड़े की दुकान खोल ली। इससे उन्हें कारोबार संचालित करने का स्थायी स्थान मिला। अब दुकान और कपड़ा विक्रय से वे सालाना सवा लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर रही हैं।
उनकी कमाई से परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरी है और घरेलू जरूरतें पूरी करने में उनका योगदान बढ़ा है। श्यामबाई का यह सफर दर्शाता है कि समय पर मिला आर्थिक सहयोग और निरंतर मेहनत ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार तथा आत्मनिर्भरता के अवसर तैयार कर सकती है।
प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण से पूरा हुआ सपना, पांच सदस्यीय परिवार को मिला सुरक्षित आशियाना
कोरिया । वर्षों तक कच्चे मकान में रहने वाले ग्राम पंचायत बोड़ार के नंदलाल का पक्के घर का सपना प्रधानमंत्री आवास योजनादृग्रामीण से पूरा हुआ है। खेती-किसानी से परिवार की आजीविका चलाने वाले नंदलाल के लिए सीमित आय में मकान बनाना कठिन था। योजना से मिली आर्थिक सहायता और अपनी बचत से उन्होंने पक्का आवास तैयार किया है। अब उनका पांच सदस्यीय परिवार सुरक्षित घर में सुकून से रह रहा है।
जनपद पंचायत बैकुंठपुर के ग्राम पंचायत बोड़ार निवासी नंदलाल के पिता का नाम सिंगारसाय है। किसान परिवार में पले-बढ़े नंदलाल ने अपना अधिकांश जीवन खेती-किसानी में बिताया। पैतृक संपत्ति में मिली कुछ कृषि भूमि और कच्चा मकान ही परिवार का सहारा थे। उनके मन में पक्का घर बनाने की इच्छा थी, लेकिन आर्थिक कठिनाइयों के कारण यह पूरी नहीं हो पा रही थी।
आर्थिक सहायता से मिली निर्माण की राह
विगत वर्ष प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण की पात्रता सूची में नंदलाल का नाम शामिल हुआ। योजना के तहत आर्थिक सहायता मिलने पर उन्होंने आवास निर्माण शुरू किया। इसमें अपनी बचत की कुछ राशि भी लगाई और परिवार के लिए पक्का मकान बनाकर तैयार किया।
आवास बनने से परिवार की एक बड़ी जरूरत पूरी हुई है। कच्चे मकान में रहने के दौरान मौसम और सुरक्षा को लेकर बनी रहने वाली चिंता से अब राहत मिली है।
परिवार को अन्य योजनाओं का भी लाभ
नंदलाल मुस्कुराते हुए बताते हैं कि पक्का मकान बनने के बाद परिवार की सुरक्षा को लेकर उनकी चिंता दूर हुई है। अब वे परिवार के साथ संतुष्टि से जीवन बिता रहे हैं। उनके परिवार को उज्ज्वला योजना तथा महतारी वंदन योजना का भी लाभ मिल रहा है।
नंदलाल के लिए पक्का आवास वर्षों की इच्छा पूरी होने का सुख है। खेती-किसानी के सहारे जीवन बिताने वाले इस परिवार को योजना से मिला सहयोग सुरक्षित आशियाने और बेहतर जीवन का आधार बना है।
पक्की छत के नीचे सुकून से रहने लगा बिहारीलाल का परिवार, प्रधानमंत्री आवास योजना : ग्रामीण से पूरा हुआ अपने पक्के घर का सपना’
कोरिया । सीमित खेती और मजदूरी से छह सदस्यों के परिवार का भरण-पोषण करने वाले बिहारीलाल के लिए पक्का मकान बनाना आसान नहीं था। रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में ही आमदनी खर्च हो जाती थी। प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण से मिले सहयोग ने उनकी यह चिंता दूर की है। आज वे अपने परिवार के साथ पक्के मकान में सुरक्षित और सुकून भरा जीवन बिता रहे हैं।
जनपद पंचायत सोनहत की ग्राम पंचायत सलगंवाकला निवासी बिहारीलाल के पास खेती की जमीन बहुत कम है। परिवार की आजीविका मुख्य रूप से वर्षभर मिलने वाली मजदूरी पर निर्भर है। सीमित आय और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच वे चाहकर भी पक्का मकान बनाने के लिए राशि नहीं जुटा पाते थे।
’योजना के सहयोग और परिवार की मेहनत से बना घर’
विगत वर्ष प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण की पात्रता सूची में बिहारीलाल का नाम शामिल हुआ। योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता मिलने पर उन्होंने मकान का निर्माण शुरू किया। परिवार के सदस्यों ने भी मेहनत की और मिलकर अपना पक्का आवास तैयार कर लिया।
पक्का मकान बनने से परिवार को मौसम की परेशानियों से राहत मिली है। अब बारिश और ठंड में सुरक्षित रहने की चिंता कम हुई है। जिस घर का निर्माण कभी अपनी सामर्थ्य से बाहर लगता था, उसी घर में आज पूरा परिवार साथ रह रहा है।
’रोजीरोटी चलाना कठिन था, मकान कैसे बनाते’
बिहारीलाल मुस्कुराते हुए बताते हैं कि मजदूरी की कमाई से छह सदस्यों के परिवार की रोजीरोटी चलाना ही कठिन था। ऐसे में पक्का मकान बनाने के बारे में सोच नहीं पाते थे। प्रधानमंत्री आवास योजना से मिली सहायता ने उनके लिए यह संभव कर दिया। वे कहते हैं कि अब परिवार को किसी भी मौसम में सुरक्षा की चिंता नहीं रहती।
बिहारीलाल का परिवार पक्की छत मिलने से राहत महसूस कर रहा है। योजना से मिला सहयोग उनके लिए सुरक्षित आशियाने के साथ जीवन में स्थिरता और सुकून का आधार बना है।
मेहनत और बिहान के सहयोग से आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रहीं जयकुंवर
कोरिया । कभी सीमित खेती और मजदूरी से परिवार की जरूरतें पूरी करने वाली ग्राम विक्रमपुर की जयकुंवर आज तीन व्यवसाय संचालित कर रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से मिले आर्थिक सहयोग और अपनी मेहनत से उन्होंने परिवार की आजीविका को नया आधार दिया है। इन गतिविधियों से उनकी सालाना आय लगभग दो लाख रुपये तक पहुंच गई है।
विकासखंड सोनहत के ग्राम विक्रमपुर निवासी जयकुंवर पहले अपने पति तीरथ सिंह के साथ थोड़ी-सी जमीन पर वर्षा आधारित खेती करती थीं। इसके अलावा पंचायत एवं ग्रामीण विकास की रोजगारमूलक योजनाओं में मजदूरी परिवार की आय का सहारा थी। सीमित आमदनी के कारण उन्हें अक्सर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
’समूह से जुड़कर मिली आगे बढ़ने की राह’
गांव में बिहान के अंतर्गत संचालित स्व-सहायता समूह की सदस्य बनने के बाद जयकुंवर को आजीविका बढ़ाने के अवसरों की जानकारी मिली। समूह के माध्यम से उन्हें पहले 15 हजार रुपये और बाद में 60 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस राशि से उन्होंने छोटे व्यवसाय शुरू कर परिवार की आय बढ़ाने का निर्णय लिया।
जयकुंवर ने जनरल स्टोर और फैंसी सामान की दुकान खोली। साथ ही गांव में चिकन की मांग को देखते हुए चिकन सेंटर भी शुरू किया। स्थानीय जरूरतों के अनुरूप व्यवसाय चुनने और उनके संचालन में मेहनत करने से उन्हें नियमित आमदनी मिलने लगी।
’तीन व्यवसायों से मजबूत हुई परिवार की आर्थिक स्थिति’
आज जयकुंवर के पास खेती और मजदूरी के अलावा आय के तीन साधन हैं। इन व्यवसायों से सालाना लगभग दो लाख रुपये की आय होने से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। स्वयं का काम खड़ा करने से उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
जयकुंवर की यह पहल बताती है कि समय पर मिला आर्थिक सहयोग और स्थानीय जरूरतों की समझ ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार की राह खोल सकती है। बिहान से मिले अवसर को उन्होंने अपनी मेहनत से परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार बनाया है।
’हाट-बाजार से अपनी दुकान तक, बिहान ने अनीता को दिखाई आत्मनिर्भरता की राह’
कोरिया । कभी पति के साथ साप्ताहिक हाट-बाजारों में सब्जियां बेचकर परिवार की आजीविका चलाने वाली अनीता गुप्ता आज अपने घर पर किराना दुकान संचालित कर रही हैं। कोरिया जिले के विकासखंड सोनहत के दूरस्थ ग्राम नटवाही की अनीता ने अपनी मेहनत और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से मिले सहयोग से आत्मनिर्भरता की राह बनाई है। दुकान से उन्हें सालाना लगभग डेढ़ से दो लाख रुपये की आय हो रही है।
अनीता के लिए हाट-बाजारों में सब्जियां बेचना आसान नहीं था। सामान ले जाने में परिवहन का खर्च आता था और समय पर बिक्री नहीं होने से सब्जियां खराब होने का नुकसान भी उठाना पड़ता था। मेहनत के मुकाबले बचत कम होती थी, जिससे परिवार की जरूरतें पूरी करना चुनौती बना रहता था।
इसी दौरान गांव में बिहान के अंतर्गत संचालित स्व-सहायता समूह से जुड़ने पर उन्हें आजीविका बढ़ाने का अवसर मिला। समूह को प्राप्त चक्रीय निधि और सामुदायिक निवेश निधि से सहयोग के साथ अनीता को पहले 40 हजार रुपये का ऋण मिला। इसके बाद मुद्रा योजना के तहत एक लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस आर्थिक सहायता से उन्होंने घर पर किराना दुकान स्थापित की।
दुकान शुरू होने से अनीता की दिनचर्या और परिवार की आर्थिक स्थिति में बदलाव आया है। अब उन्हें सामान बेचने के लिए हाट-बाजार जाने की परेशानी नहीं उठानी पड़ती। घर से दुकान चलाते हुए वे परिवार की जिम्मेदारियां भी निभा रही हैं। नियमित आमदनी से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और परिवार को आर्थिक संबल मिला है।
अनीता बताती हैं कि बिहान से मिली मदद ने उनके संघर्ष को कम किया है। पहले बाजार तक सामान पहुंचाने और बिक्री की चिंता बनी रहती थी। अब घर पर ही व्यवसाय सुविधापूर्वक चल रहा है और आय का एक नियमित साधन बन गया है। अनीता की यह पहल बताती है कि समय पर मिला आर्थिक सहयोग और आगे बढ़ने की इच्छाशक्ति ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बना सकती है।
सेवा की कहानी : ’जीवटता और परिश्रम से गढ़ी आत्मनिर्भरता की राह, सुषमा साहू अब 10-12 महिलाओं को भी दे रहीं रोजगार’
’पीएमईजीपी से मिले 20 लाख रुपये के ऋण से स्थापित की चेकर टाइल्स एवं पेवर ब्लॉक निर्माण इकाई’
कोरिया 17 अक्टूबर 2026
अपना उद्यम स्थापित करने का सपना, काम करने का जज्बा और आगे बढ़ने का जुनून था, लेकिन आर्थिक कठिनाइयां राह रोक रही थीं। इन परिस्थितियों में भी बैकुण्ठपुर के तलवापारा निवासी श्रीमती सुषमा साहू ने हौसला बनाए रखा। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) का सहयोग मिला तो उन्होंने अपने सपने को साकार किया। आज वे चेकर टाइल्स एवं पेवर ब्लॉक निर्माण इकाई का संचालन कर आत्मनिर्भर बनने के साथ करीब 10दृ12 महिलाओं को रोजगार भी उपलब्ध करा रही हैं।
श्री रमेश चन्द्र साहू की पत्नी श्रीमती सुषमा साहू पढ़ाई और विवाह के बाद अपना काम शुरू करने के लिए प्रयासरत थीं। उद्यम स्थापित करने के लिए आवश्यक पूंजी जुटाना उनके सामने बड़ी चुनौती थी। इसी दौरान उन्हें उद्योग विभाग से पीएमईजीपी की जानकारी मिली। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, कोरिया के सहयोग से उन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया।
योजना के माध्यम से वर्ष 2023-24 में उन्हें चेकर टाइल्स एवं पेवर ब्लॉक निर्माण के लिए 20 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस राशि से उन्होंने मशीनरी और कच्चे माल की व्यवस्था कर अपनी निर्माण इकाई की शुरुआत की। इसके बाद मेहनत और लगन से उद्यम को आगे बढ़ाया।
सुषमा अब लगभग 35 हजार रुपये प्रतिमाह आय अर्जित कर रही हैं। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और आजीविका का आधार मजबूत हुआ है। उद्यम के संचालन ने उन्हें आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ निर्णय लेने और आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी दिया है।
उनकी इस पहल का लाभ साथ काम करने वाली महिलाओं को भी मिल रहा है। कभी स्वयं रोजगार की तलाश में रहीं सुषमा आज अन्य महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही हैं। इस तरह उनका उद्यम अपने परिवार के साथ दूसरे परिवारों की आजीविका में भी योगदान दे रहा है।
योजना से मिले सहयोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सुषमा कहती हैं कि आर्थिक सहायता ने उन्हें अपना काम स्थापित करने और अन्य महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का अवसर दिया है।
सुषमा की सफलता जीवटता, जज्बे, जुनून और परिश्रम की कहानी है। उन्होंने आर्थिक बाधाओं के बीच उपलब्ध अवसर का उपयोग कर न केवल आत्मनिर्भरता की राह बनाई, बल्कि अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने का अवसर दिया है।