छत्तीसगढ़ / नारायणपुर
नारायणपुर : जिला सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक 2 सितंबर को
जिले में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से 2 सितंबर 2026 को जिला सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक का आयोजन मंगलवार को होने वाली समय-सीमा बैठक के तुरंत बाद किया जाना प्रस्तावित है। जिला अध्यक्ष महोदय द्वारा बैठक सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा एवं समीक्षा की जाएगी।
बैठक में प्रस्तावित एजेंडा के अनुसार सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर संबंधित विभागों द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी प्रस्तुत की जाएगी। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में आवश्यक सुरक्षा उपायों तथा आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
नारायणपुर : विष्णु भैया को रक्षाबंधन के पर्व के समय एक हजार रुपए देने पर बहुत-बहुत धन्यवाद
ग्राम कुंदला की उमिता कुमेटी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का जताया आभार
प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के इस पल को सराहना करते हुए जिले के महिलाओं ने आभार जताते हुए कहा कि विष्णु भैया महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना से कई प्रकार की कठिनाइयों से आगे बढ़ाने में सहारा मिला है। जिले के ग्राम कुंदला निवासी श्रीमती उमिता कुमेटी कमेटी के द्वारा आज तो हो गया ना 30वां किस्त मिल गया इस पैसा से हम लोगों को रक्षाबंधन में मिठाइयां उपहार और रक्षाबंधन लेने में सहायता मिली है जिसके लिए विष्णु भैया को कोटि-कोटि बधाई देते हैं। इस पैसा से हमारे जीवन में खुशियां ली है और बच्चों के दैनिक उपयोगी की सामग्री काफी किताब पुस्तक पेन जैसे वस्तुएं खरीदने में मदद मिल रही है।
नारायणपुर : ’पी.एम. श्री जवाहर नवोदय विद्यालय सुपगांव में लगा विधिक जागरूकता शिविर
विद्यार्थियों को बताए अधिकार और कानून की जानकारी’
24 आगस्त को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव श्री खिलावन राम रिगरी के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव सचिव सुश्री गायत्री साय के नेतृत्व में अधिकार मित्र रेणुका बघेल द्वारा पी.एम. श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, सुपगांव, जिला नारायणपुर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विद्यार्थियों को कानून की जानकारी के साथ अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि कानून प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षा एवं न्याय का अधिकार प्रदान करता है तथा किसी भी प्रकार की समस्या या अन्याय की स्थिति में विधिक सहायता प्राप्त की जा सकती है।
कार्यक्रम के दौरान विशेष रूप से बाल अधिकारों की सुरक्षा, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, बाल तस्करी, बाल श्रम, गुड टच-बैड टच, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (च्व्ब्ैव् ।बज) सहित बच्चों से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की सरल एवं सहज भाषा में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को अपने साथ होने वाले किसी भी अनुचित व्यवहार को छिपाने के बजाय तत्काल अपने माता-पिता, शिक्षक अथवा संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति को बताने के लिए प्रेरित किया गया। वर्तमान डिजिटल युग को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को साइबर अपराध एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के उपाय भी बताए गए। अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, व्ज्च्, पासवर्ड एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने तथा सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक उपयोग करने के संबंध में आवश्यक सावधानियां बताई गईं।
अधिकार मित्र रेणुका बघेल ने विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए कहा कि कानून की जानकारी ही व्यक्ति को अपने अधिकारों की रक्षा करने में सक्षम बनाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं जागरूक रहने के साथ-साथ अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी बाल अधिकारों और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों में कानूनी जागरूकता, आत्म-सुरक्षा एवं डिजिटल सुरक्षा की समझ विकसित करने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें आवश्यक विधिक जानकारी प्रदान की गई।
नारायणपुर : आत्मरक्षा प्रशिक्षण के माध्यम से बालिकाओं को किया जागरूक
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत महिला सशक्तिकरण एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशानुसार एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी लुपेंद्र महिनाग के निर्देश में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत बालिकाओं को आत्मरक्षा, महिला सशक्तिकरण एवं लैंगिक समानता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बंगलापारा एवं स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महावीर चौक, जिला नारायणपुर में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में लगभग 440 किशोरी बालिकाएं लाभान्वित हुईं। कार्यक्रम में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना एवं मिशन शक्ति अंतर्गत जेंडर विशेषज्ञ श्रीमती वीणा नेताम ने छात्राओं को महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता, बालिकाओं की शिक्षा तथा महिलाओं के अधिकारों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने, आत्मनिर्भर बनने तथा समाज में समान अवसरों के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मास्टर ट्रेनर श्री प्रेमलाल नाग द्वारा किशोरी बालिकाओं को आत्मरक्षा के व्यवहारिक एवं उपयोगी कौशलों का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान विषम एवं आपात परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने, आत्मविश्वास बनाए रखने, सही शारीरिक मुद्रा अपनाने, त्वरित प्रतिक्रिया देने तथा आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित रूप से बचाव करने के सरल एवं प्रभावी उपाय बताए गए। बालिकाओं को समझाया गया कि किसी भी संदिग्ध अथवा विपरीत परिस्थिति में घबराने के बजाय साहसपूर्वक सहायता मांगना, आसपास के लोगों को सचेत करना और तत्काल सुरक्षित स्थान की ओर जाना आवश्यक है। साथ ही डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित एवं जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने के संबंध में भी जागरूक किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं एवं युवतियों को जागरूक, सशक्त, सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर बनाना तथा उनमें आत्मविश्वास की भावना विकसित करना रहा। छात्राओं ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए आत्मरक्षा एवं महिला सशक्तिकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का आयोजन जिला मिशन समन्वयक श्रीमती बिंदेश्वरी साहू, वित्तीय साक्षरता श्री टेकेश्वर सिन्हा, महतारी वंदन ऑपरेटर श्री आशीष पोटाई एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण मास्टर ट्रेनर श्री प्रेमलाल नाग के समन्वय से किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री कमलेश सिंह, श्री मनोज बागड़े, शिक्षिका श्रीमती करुणा मंडावी सहित विद्यालय की छात्राएं उपस्थित रहीं।
एग्रीस्टैक पर किसान पंजीयन अनिवार्य, योजनाओं का लाभ पहुंचाने में होगी आसानी
नारायणपुर । जिले के सभी किसानों से एग्रीस्टैक के तहत फार्मर रजिस्ट्री में अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने की अपील की गई है। भू-अभिलेख विभाग, नारायणपुर द्वारा किसानों को डिजिटल पहचान प्रदान करने तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के उद्देश्य से किसान पंजीयन का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
एग्रीस्टैक भारत सरकार की महत्वपूर्ण डिजिटल पहल है, जिसके माध्यम से कृषि एवं किसानों से संबंधित जानकारी का एकीकृत डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। पंजीयन के बाद किसानों के भूमि संबंधी विवरण को डिजिटल रूप से जोड़ा जाएगा, जिससे राजस्व एवं कृषि संबंधी सेवाओं में पारदर्शिता और सुविधा बढ़ेगी।
एग्रीस्टैक में पंजीयन होने से पीएम किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा खाद-बीज सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। भूमि विवरण के डिजिटल लिंक होने से भू-अभिलेख संबंधी कार्य भी आसान होंगे। इसके साथ ही भविष्य में कृषि ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी सुविधाओं की प्रक्रिया को अधिक सरल एवं त्वरित बनाने में मदद मिलेगी।
ई-गिरदावरी एवं फसल संबंधी सटीक जानकारी दर्ज होने से समर्थन मूल्य पर धान और अन्य फसलों के उपार्जन में भी किसानों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। किसान अपना फार्मर रजिस्ट्री पंजीयन संबंधित क्षेत्र के पटवारी, निकटतम चॉइस सेंटर/लोक सेवा केंद्र अथवा तहसील कार्यालय के माध्यम से निःशुल्क करा सकते हैं। पंजीयन के लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर तथा भूमि संबंधी दस्तावेज जैसे बी-1/खसरा की आवश्यकता होगी।
भू-अभिलेख विभाग ने किसानों से अपील की है कि भविष्य में कृषि एवं राजस्व विभाग की विभिन्न लाभकारी योजनाओं को एग्रीस्टैक आईडी से जोड़े जाने की संभावना को देखते हुए सभी किसान प्राथमिकता के आधार पर अपना पंजीयन अवश्य कराएं, ताकि उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
’महतारी वंदन योजना से नारायणपुर जिले की 27,272 महिलाओं को मिल रहा आर्थिक संबल’
नारायणपुर । छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। योजना के तहत पात्र विवाहित महिलाओं के बैंक खातों में प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे डीबीटी के माध्यम से जमा की जा रही है। इससे महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ने के साथ परिवार की जरूरतों को पूरा करने में भी मदद मिल रही है।
नारायणपुर जिले में योजना के प्रथम चरण में 26,710 हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है, जबकि द्वितीय चरण में नियद नेल्लानार के अंतर्गत 562 हितग्राहियों को योजना का लाभ मिल रहा है। इस प्रकार जिले में कुल 27,272 हितग्राही योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। योजना प्रारंभ होने से अब तक नारायणपुर जिले में 30 किस्तों में कुल 74,66,42,300 रुपये की राशि हितग्राहियों के खातों में डीबीटी के माध्यम से अंतरित की जा चुकी है। यह आर्थिक सहायता महिलाओं के लिए घरेलू जरूरतों, बच्चों की शिक्षा, भोजन, कपड़े, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक खर्चों में उपयोगी साबित हो रही है।
’महिलाओं की आर्थिक भूमिका हुई मजबूत’ :
नारायणपुर जिले में बड़ी संख्या में ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्र हैं। जिला प्रशासन के अनुसार जिले में 419 गांव और 2 विकासखंड हैं। ऐसे क्षेत्रों में नियमित आर्थिक सहायता महिलाओं और उनके परिवारों के लिए विशेष महत्व रखती है। योजना से मिलने वाली राशि से महिलाएं अपनी छोटी-बड़ी जरूरतें पूरी करने के साथ परिवार के आर्थिक निर्णयों में भी अधिक भागीदारी निभा पा रही हैं। आर्थिक सहायता मिलने से महिलाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हो रही है। कई परिवार इस राशि का उपयोग राशन, बच्चों की पढ़ाई, कपड़े, दवाइयों और अन्य जरूरी घरेलू खर्चों में कर रहे हैं। वहीं कुछ महिलाएं भविष्य की जरूरतों के लिए राशि बचाने की दिशा में भी कदम बढ़ा रही हैं।
’स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिल रहा लाभ’ :
योजना की राशि का उपयोग स्थानीय दुकानों और बाजारों में होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिल रही है। परिवारों के पास अतिरिक्त खर्च योग्य राशि आने से स्थानीय दुकानदारों और छोटे व्यापारियों को भी इसका लाभ मिल रहा है। स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में भी योजना की सहायता उपयोगी साबित हो सकती है। महिलाएं और परिवार भोजन, दवाइयों तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों पर राशि खर्च कर रहे हैं। इसके अलावा बच्चों की शिक्षा से जुड़े खर्चों को पूरा करने में भी आर्थिक सहायता मददगार बन रही है।
’सामाजिक सशक्तिकरण की ओर कदम’ :
महतारी वंदन योजना का प्रभाव केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है। आर्थिक रूप से मजबूत होने पर महिलाएं परिवार और गांव से जुड़े निर्णयों में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकती हैं। इससे परिवार में महिलाओं की आर्थिक भूमिका और सामाजिक सम्मान को मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। नारायणपुर जिले में महतारी वंदन योजना के माध्यम से हजारों महिलाओं तक सीधे आर्थिक सहायता पहुंचना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। योजना से मिलने वाली नियमित सहायता महिलाओं के लिए आर्थिक संबल के साथ-साथ आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और परिवार में निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाने का माध्यम बन रही है। रक्षाबंधन जैसे त्योहारों के अवसर पर मिलने वाली आर्थिक सहायता ने भी महिलाओं के चेहरों पर खुशी और उत्साह बढ़ाया है।
शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में साइबर सुरक्षा व यातायात नियमों पर हुआ जागरूकता कार्यक्रम
नारायणपुर । शासकीय पॉलीटेक्निक नारायणपुर में नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित इंडक्शन प्रोग्राम 2026-27 के अंतर्गत पुलिस विभाग एवं यातायात पुलिस विभाग द्वारा साइबर सुरक्षा एवं सड़क सुरक्षा/यातायात नियमों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में पुलिस विभाग के अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों को वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों, ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल एवं संदेश, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, व्ज्च् एवं पासवर्ड की गोपनीयता तथा साइबर अपराध से बचाव के उपायों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करने, व्यक्तिगत एवं बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा न करने तथा साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल उचित माध्यम से शिकायत दर्ज कराने के लिए जागरूक किया गया।
इसी क्रम में यातायात पुलिस विभाग द्वारा विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों की जानकारी दी गई। हेलमेट का अनिवार्य उपयोग, सीट बेल्ट पहनना, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न4 करना, निर्धारित गति सीमा का पालन करना, यातायात संकेतों का पालन तथा नशे की स्थिति में वाहन न चलाने जैसे महत्वपूर्ण सुरक्षा उपायों पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि यातायात नियमों का पालन केवल कानूनी बाध्यता नहीं, बल्कि स्वयं एवं अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के जीवन की सुरक्षा के लिए आवश्यक जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों को “सुरक्षित यातायात, सुरक्षित जीवन” एवं “सतर्क नागरिक, सुरक्षित समाज” का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं ने साइबर सुरक्षा एवं यातायात नियमों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं तथा अधिकारियों से विभिन्न विषयों पर संवाद भी किया। इंडक्शन प्रोग्राम समन्वयक के. सुमित्रा ने पुलिस विभाग एवं यातायात पुलिस विभाग के अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को जिम्मेदार, सतर्क एवं सुरक्षित नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में संस्था के अधिकारी-कर्मचारी एवं नवप्रवेशित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
दूरस्थ अबूझमाड़ से मरीज को प्राकृतिक आपदाओं से निकालकर सुरक्षित पहुंचाया गया अस्पताल
दुर्गम अबूझमाड़ में 29वीं वाहिनी आईटीबीपी बनी जीवन रक्षक
नारायणपुर, 20 अगस्त 2026
अबूझमाड़ के दुर्गम और घने जंगलों में तैनात 29वीं वाहिनी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवान सुरक्षा प्रहरी के साथ-साथ जरूरतमंद ग्रामीणों के लिए जीवन रक्षक की भूमिका भी निभा रहे हैं। बारिश के मौसम में क्षेत्र के कच्चे और दुर्गम रास्ते बेहद खराब हो जाने से कई गांवों तक चार पहिया वाहन पहुंचना मुश्किल हो जाता है। ऐसे कठिन हालात में आईटीबीपी के जवान ग्रामीणों की मदद के लिए लगातार आगे आ रहे हैं। इसी मानवीय पहल का उदाहरण 18 अगस्त को देखने को मिला। अबूझमाड़ के कुमनार गांव की 17 वर्षीय युवती करू, पुत्री मंगली, पिछले 12 दिनों से अत्यधिक मासिक रक्तस्राव से पीडि़त थी। इसकी सूचना पोस्ट कुमनार स्थित 29वीं वाहिनी आईटीबीपी को मिली।
सूचना मिलते ही निरीक्षक संतोष कुमार झा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पोस्ट कुमनार में युवती का प्राथमिक चिकित्सकीय परीक्षण कराया। चिकित्सकीय परामर्श के बाद उसे तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ओरछा ले जाने की सलाह दी गई। मौसम और दुर्गम रास्तों की चुनौती के बावजूद आईटीबीपी ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया। सहायक उप निरीक्षक रसपाल सिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई, जिसमें आठ जवान और एक मेडिक्स शामिल थे। टीम पोस्ट कुमनार से लगभग 500 मीटर तक पैदल चलकर युवती को आगे मोटरसाइकिल से ले गई।
रेस्क्यू टीम पांच मोटरसाइकिलों के साथ पोस्ट कुमनार से पोस्ट दिवालूर पहुंची और वहां से पोस्ट बोटेर की ओर रवाना हुई। बारिश से फिसलन भरे कच्चे रास्तों, घने जंगल, ऊबड़-खाबड़ मार्ग और जगह-जगह जलभराव के बीच टीम लगातार आगे बढ़ती रही। लगभग शाम 5रू30 बजे टीम पोस्ट कुदमेल और अबूझमाड़ क्षेत्र के बीच स्थित नाले तक पहुंची। नाले के आगे का रास्ता एंबुलेंस से तय किया गया। जहां तक एंबुलेंस पहुंचना संभव था, वहां तक आईटीबीपी की एंबुलेंस ने युवती को अपने साथ लिया और उसे ओरछा अस्पताल पहुंचाया।
पूरे रेस्क्यू अभियान के दौरान आईटीबीपी के मेडिक्स ने युवती की चिकित्सकीय स्थिति पर लगातार नजर रखी और उसे सुरक्षित रखा। कठिन रास्तों एवं खराब मौसम के बावजूद टीम ने देर शाम तक युवती को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ओरछा पहुंचाया, जहां उसे आगे के उपचार के लिए भर्ती कराया गया। अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्र में, जहां सड़क और परिवहन सुविधाएं सीमित हैं, 29वीं वाहिनी आईटीबीपी की रेस्क्यू टीम का यह प्रयास ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत का संदेश है। युवती के परिजनों ने कठिन समय में मदद पहुंचाने के लिए आईटीबीपी के जवानों का आभार व्यक्त किया। आईटीबीपी के जवानों ने एक बार फिर साबित किया कि उनकी जिम्मेदारी केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत के समय स्थानीय ग्रामीणों की सहायता और मानव जीवन की रक्षा करना भी उनके कर्तव्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
अबूझमाड़ की पारंपरिक स्वास्थ्य एवं भोजन परंपरा पर रिसर्च करने विदेशों से भी अनुसंधानकर्ता आ रहे हैं - बोर्ड अध्यक्ष श्री विकास मरकाम
नारायणपुर, 20 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड (छत्तीसगढ़ शासन, वन विभाग) की ओर से नारायणपुर वनमंडल द्वारा जिला स्तरीय वैद्य सम्मेलन का आयोजन नारायणपुर वनमंडल कार्यालय सभागार में किया गया। वैद्य सम्मेलन कार्यक्रम बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। तत्पश्चात वनमंडल अधिकारी श्री वेंकटेश एम. जी. ने अध्यक्ष विकास मरकाम पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम की अगली कड़ी में वैद्य रतन रंजन धर, कज्जाराम गोटा, रूपसिंह, सुखदेव, सोमनाथ, फूलसिंह, अमृतलाल और हरिचंद सहित अन्य वैद्यों ने पारंपरिक जड़ी बूटियों के उपचार के ज्ञान को साझा किया साथ ही वैद्यों ने वन औषधियों के संरक्षण और जागरूकता के लिए नारायणपुर में हर्बल गार्डन निर्माण का आग्रह किया।
तद्उपरांत कार्यक्रम में बोर्ड के कंसल्टेंट श्री अमित गुप्ता ने बोर्ड द्वारा संचालित वैद्यों के हितकारी सभी योजनाओ की जानकारी विस्तार से दी। उन्होंने बताया कि बोर्ड द्वारा छत्तीसगढ़ के वैद्यों के आर्थिक रूप से सक्षम न होने कारण उच्च गुणवत्ता की जड़ी-बूटियों को पिसने हेतु निःशुल्क पलवालाईजर मशीन वैद्यों के समूहों को उपलब्ध कराई जा रही है जिसका लाभ वैद्यगण समूह के माध्यम से ले सकते हैं। बोर्ड द्वारा वैद्यों के लिए विशेष रूप से हीलर हर्बल गार्डन योजना भी चलाई जा रही है, जिसके माध्यम से वैद्यों को उनकी ही बाड़ी में आम तौर पर उपयोग होने वाली वनौषधियों का छोटा सा उद्यान बना सकते हैं, जिसके लिए बोर्ड द्वारा आर्थिक एवं तकनीकी सहयोग दिया जाता है, साथ ही बोर्ड द्वारा वैद्यों के निवास ग्राम में संचालित स्कूल में स्कूल हर्बल गार्डन तैयार करने तथा उसकी देखरेख करने के लिए तकनीकी एवं आर्थिक मदद भी प्रदान की जाती हैं तथा बोर्ड द्वारा वैद्यों की उपचार पद्धतियों का प्रमाणीकरण फब्प् के माध्यम से कराये जाने का संचालन किया जा रहा है।
तत्पश्चात नारायणपुर वनमंडल अधिकारी श्री वेंकटेश एम. जी. ने अपने उदबोधन में बोर्ड द्वारा जिला स्तरीय वैद्य सम्मेलन नारायणपुर में आयोजित किये जाने धन्यवाद दिया। उन्होंने वैद्यों के आग्रह को स्वीकार करते हुए नारायणपुर में हर्बल गार्डन बनाने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि नारायणपुर वनमंडल में वनौषधियों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए 3000 ीमबज में रोपण किया जा रहा हैं तथा वनौषधियों की रिपोजि़टरी भी बना रहा हैं एवं वैद्यों के ज्ञान का डॉक्यूमेंटेशन भी किये जाने की योजना हैं।
उद्बोधन की अगली कड़ी में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री विकास मरकाम ने कहा कि मा. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वनमंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वैद्यों के उत्थान के लिए कार्य कर रहा हैं। उन्होंने वनौषधियों के संरक्षण और संवर्धन में वैद्यों से सहयोग का आव्वाहन किया, उन्होंने बताया कि रसना जड़ी जो विलुप्ति की कगार पर है वह नारायणपुर के छोटे डोंगर और बेनूर क्षेत्र के जंगलों में उपलब्ध है, इसी प्रकार से दहीमन जो लगभग विलुप्तप्राय हो चुका है वह भी नारायणपुर के जंगलों में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सभी दुर्लभ वनौषधियों का संरक्षण सरकार और वैद्यों की सामुहिक जिम्मेदारी है। बोर्ड भी विलुप्तप्राय 50 दुर्लभ वनौषधियों की पहचान कर उनके संरक्षण और संवर्धन के कार्य कर रहा है। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि आज अबूझमाड़ की पारंपरिक स्वास्थ्य एवं भोजन परंपरा पर रिसर्च करने विदेशों से भी अनुसंधानकर्ता आ रहे हैं, अब छत्तीसगढ़ की पारंपरिक स्वास्थ्य एवं भोजन परंपरा सहेजने की जिम्मेदारी वैद्यों की है।
कार्यक्रम में बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने वैद्यों से चर्चा कर उनकी छोटी-छोटी समस्याओं को सुनकर उनका समाधान करने के लिए वनमंडल अधिकारी श्री वेंकटेश एम. जी. को निर्देशित किया। कार्यक्रम के अंत में बोर्ड अध्यक्ष श्री विकास मरकाम के कर कमलों से वैद्य सम्मेलन में आए हुए सभी वैद्यों को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। वैद्य सम्मेलन में नारायणपुर जिले के 25 वैद्य सहित 60 से 70 लोग शामिल हुए तथा उपवनमंडल अधिकारी श्री हीरे सिंग उइके, प्रीति यादव एवं राजेश कश्यप परिक्षेत्र अधिकारी इंद्र कुमार यादव, भोगनाथ नायक, वर्षा कश्यप एवं भूषण सिंह ठाकुर नारायणपुर वनमंडल तथा बोर्ड के कर्मचारी उपस्थित रहे।
आपदा प्रबंधन के तहत् बाढ़ से बचाव के लिए किया गया मॉक ड्रिल
बाढ़ से बचाव के लिए नगर सेना मुस्तैद
अपात स्थिति से निपटने बचाव सामग्री की पर्याप्त व्यवस्था
नारायणपुर, 20 अगस्त 2026
कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशानुसार राजस्व, पुलिस, वन, नगर सेना, स्वास्थ्य विभाग, नगर पालिका, जनपद पंचायत सहित अन्य संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में जिला मुख्यालय के समीप स्थित बिंजली डेम में आपदा प्रबंधन के तहत् बाढ़ से बचाव के लिए नगर सेना के जवानों द्वारा मॉक ड्रिल किया गया। इस दौरान बाढ़ की स्थिति मे लोगों को सुरक्षित बचाने और उनके प्रथम चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मॉक ड्रिल किया गया। राजस्व एवं नगर सेना के जवान विशेष रूप से उपस्थित थे। जिला नगर सेनानी मनोहर लाल चौहान ने बताया कि मानसून के दौरान बाढ़ की स्थिति में नगर सेना बचाव के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है। आपदा प्रबंधन के तहत् इसके लिए व्यवस्था की गई है। उन्होने बताया कि बाढ़ की स्थिति मे आवश्यकता पड़ने पर कैम्प की व्यवस्था की जाएगी। बाढ़ बचाव के लिए एक एल्युमिनियम बोट है, जिसमें एक साथ 10 से 12 लोगों को रेस्क्यू किया जा सकता है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर बिरेन्द्र बहादुर पंचभाई, एसडीएम अभयजीत मण्डावी, डिप्टी कलेक्टर सौरभ दीवान, खाद्य अधिकारी अल्लाहउद्दीन खान के अलावा अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
अधिक दर पर खाद बिक्री की शिकायत पर कृषि विभाग की कार्रवाई
संबंधित विक्रेता का लाइसेंस 15 दिन के लिए निलंबित
नारायणपुर, 20 अगस्त 2026
जिले में किसानों को निर्धारित दर पर कृषि आदान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा लगातार निगरानी एवं कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में खाद को निर्धारित सरकारी दर से अधिक कीमत पर बेचे जाने की शिकायत पर संबंधित कृषि विक्रेता के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। सीएम हेल्पलाइन 1076 में 30 जुलाई 2026 को दर्ज शिकायत के अनुसार, ग्राम तेरदुल निवासी किसान तामेश पोयम ने शिकायत की थी कि नारायणपुर में गुप्ता ट्रेडर्स कृषि केंद्र, बखरूपारा पारा तथा दीपक कृषि केंद्र, पाठक चौक के विक्रेताओं द्वारा यूरिया एवं डीएपी खाद निर्धारित सरकारी दर से अधिक कीमत पर बेचे जाने की शिकायत की गई थी। शिकायत में मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई थी।
शिकायत के परीक्षण एवं विभागीय कार्रवाई के क्रम में अधिसूचित प्राधिकारी उर्वरक एवं उप संचालक कृषि श्रीमती मोनिका ठाकुर द्वारा संबंधित विक्रेता का उर्वरक लाइसेंस 15 दिवस के लिए निलंबित किया गया है। कृषि विभाग द्वारा किसानों से अपील की गई है कि वे उर्वरक एवं अन्य कृषि आदानों की खरीदी निर्धारित दर पर ही करें। यदि किसी विक्रेता द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक राशि ली जाती है अथवा खाद की बिक्री में अनियमितता की जाती है, तो इसकी शिकायत संबंधित कृषि कार्यालय अथवा निर्धारित शिकायत माध्यम पर की जा सकती है।
रायणपुर में विशेष मलेरिया खोजो अभियान
16 व्यक्ति मिले पी.एफ. पॉजिटिव
नारायणपुर, 20 अगस्त 2026
राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिला नारायणपुर में मलेरिया संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए विशेष मलेरिया खोजो अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 19 अगस्त 2026 को ग्राम रेंगाबेड़ा, स्वास्थ्य केंद्र/उप स्वास्थ्य केंद्र करमरी, ग्राम पंचायत गोटाबेनूर के आश्रित ग्राम में विशेष अभियान आयोजित किया गया। अभियान के दौरान गांव के कुल 30 घरों में निवासरत 157 लोगों में से 131 व्यक्तियों की मलेरिया जांच की गई। इनमें 23 स्कूली बच्चों की भी जांच शामिल रही। जांच के दौरान 16 व्यक्ति पी.एफ. मलेरिया पॉजिटिव पाए गए, जबकि पी.वी. पॉजिटिव का कोई मामला सामने नहीं आया।
मलेरिया नियंत्रण के तहत ग्रामीणों को मलेरियारोधी दवा-लेपित एलएलआईएन मच्छरदानी के नियमित एवं अधिक से अधिक उपयोग के लिए प्रेरित किया गया। गांव में 47 लोगों द्वारा एलएलआईएन का उपयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही घरों में मलेरिया रोधी कीटनाशक का छिड़काव कर मच्छरों के नियंत्रण और संक्रमण की रोकथाम के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई। गांव में कुल घरों में 89 कमरे हैं। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को मलेरिया के लक्षण, बचाव एवं रोकथाम के उपायों की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों से बुखार आने पर तत्काल मलेरिया की जांच कराने तथा चिकित्सकीय सलाह के अनुसार दवा लेने की अपील की। साथ ही घरों की दीवारों पर मलेरियारोधी दवा का छिड़काव कराने के लिए भी ग्रामीणों को जागरूक किया गया।
कलेक्टर नम्रता जैन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में ग्राम पंचायत के सरपंच एवं पंच सहित मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत नारायणपुर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री राजीव सिंह बघेल एवं जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. डी.के. कश्यप उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वीबीडी सलाहकार डॉ. परमानंद बघेल ने किया। इस अवसर पर उप स्वास्थ्य केंद्र का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन भी मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में मलेरिया की रोकथाम के लिए जांच, उपचार, मच्छरदानी के उपयोग, कीटनाशक छिड़काव और जनजागरूकता गतिविधियों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है।
वनांचल क्षेत्र में रेशम योजना से रोजगार
टसर कृमिपालन से 24 हितग्राहियों को 17.56 लाख रुपये की आय
नारायणपुर, 20 अगस्त 2026
वनांचल क्षेत्र में रेशम उत्पादन ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार और आय का मजबूत माध्यम बनता जा रहा है। जिला नारायणपुर में रेशम विभाग की टसर योजना के अंतर्गत को.बी.के. नारायणपुर क्षेत्र में 41 हेक्टेयर टसर अर्जुना पौधारोपण के माध्यम से ग्रामीण हितग्राहियों को वर्षभर रोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। रेशम विभाग द्वारा हितग्राहियों को टसर कृमिपालन के लिए तकनीकी मार्गदर्शन के साथ आवश्यक टसर पौधारोपण की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। योजना के तहत हितग्राही अंशदान के रूप में मात्र 2 रुपये प्रति क्थ्स्ै (कृमि अंडे) की दर से क्थ्स्ै प्राप्त कर कृमिपालन करते हैं। विभाग की सहायता से ग्रामीणों को टसर उत्पादन की प्रक्रिया समझने और बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में मदद मिल रही है।
2025-26 में 4.71 लाख कोसाफल का उत्पादन
वित्तीय वर्ष 2025-26 में तीन फसलों के दौरान कुल 10,400 क्थ्स्ै का कृमिपालन किया गया। इसमें 24 हितग्राहियों ने भागीदारी निभाई और सामूहिक मेहनत से 4,71,593 नग कोसाफल का उत्पादन प्राप्त किया। उत्पादित कोसाफल के विक्रय से हितग्राहियों को कुल 17,56,516 रुपये की राशि प्राप्त हुई। विभाग द्वारा भुगतान सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में किया गया, जिससे उनकी मेहनत की कमाई सीधे उनके हाथों तक पहुंची।
वनांचल में स्थानीय रोजगार का मजबूत माध्यम
टसर रेशम योजना की खासियत यह है कि इसके माध्यम से ग्रामीणों को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिलता है। टसर पौधों की देखभाल से लेकर कृमिपालन और कोसाफल उत्पादन तक ग्रामीण परिवार इससे जुड़े रहते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ग्रामीणों की आय में भी वृद्धि हो रही है। नारायणपुर जैसे वनांचल क्षेत्र में टसर रेशम उत्पादन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बनकर उभर रहा है। विभागीय तकनीकी मार्गदर्शन और शासकीय सहायता के साथ ग्रामीण अब पारंपरिक आजीविका के साथ रेशम उत्पादन को अपनाकर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
मछली पालन ने बदली किसान सोमारू राम उसेंडी की आर्थिक तस्वीर
जाल योजना से मिला रोजगार का नया सहारा
नारायणपुर, 20 अगस्त 2026
अबूझमाड़ के दूरस्थ ग्रामीण अंचल में मत्स्य पालन ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार और अतिरिक्त आय का प्रभावी माध्यम बन रहा है। ग्राम ओरछा, विकासखंड ओरछा निवासी श्री सोमारू राम उसेंडी, पिता स्व. श्री गिलू राम, ने मत्स्य पालन को अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सोमारू उसेंडी लंबे समय से मछली पालन के कार्य से जुड़े हुए हैं। वर्ष 2023-24 में उन्हें मत्स्य पालन प्रसार अंतर्गत नाव-जाल योजना का लाभ मिला। विभाग द्वारा उन्हें जाल उपलब्ध कराया गया, जिससे मछली पकड़ने और पालन के कार्य को बेहतर ढंग से करने में सहायता मिली। छत्तीसगढ़ में मत्स्य विभाग द्वारा मछुआरों को जाल एवं अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराकर मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
विभागीय मार्गदर्शन से श्री उसेंडी ने अपनी भूमि में लगभग 0.500 हेक्टेयर क्षेत्रफल का तालाब विकसित कर मछली पालन को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया। मत्स्य पालन प्रसार योजना के अंतर्गत उन्हें मत्स्य बीज पर 50 प्रतिशत अनुदान भी प्राप्त हुआ। विभागीय सहायता और स्वयं के योगदान से उन्होंने तालाब में मछली बीज का संचयन किया। इस प्रयास का परिणाम भी उत्साहजनक रहा। उनके तालाब से लगभग 1000 किलोग्राम मत्स्य उत्पादन होने की संभावना दर्ज की गई। उत्पादित मछलियों का स्थानीय हाट-बाजार में विक्रय कर उन्होंने लगभग 1.25 लाख रुपये की आय अर्जित की, जबकि उपलब्ध विवरण के अनुसार शुद्ध आय करीब 1 लाख रुपये रही।
मत्स्य पालन से प्राप्त इस अतिरिक्त आय ने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार का अवसर भी उपलब्ध कराया। श्री सोमारू उसेंडी की सफलता यह बताती है कि शासकीय योजनाओं का सही उपयोग, विभागीय मार्गदर्शन और मेहनत के माध्यम से अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में भी ग्रामीण आजीविका को नई दिशा दी जा सकती है। मत्स्य पालन विभाग की योजनाओं में अनुसूचित जनजाति सहित पात्र मछुआरों को नाव-जाल, मत्स्य बीज और अन्य आवश्यक सहायता देने का प्रावधान है, जिसका उद्देश्य मत्स्य पालन को आय और रोजगार के स्थायी साधन के रूप में विकसित करना है।
आत्मसमर्पित 13 नक्सलियों को आवास/भूखंड के एवज में 26 लाख रुपये मुआवजा राशि
नारायणपुर, 20 अगस्त 2026
हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटे आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की दिशा में शासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 05 लाख या उससे अधिक के इनामी नक्सलियों को आवास/भूखंड के एवज में मुआवजा राशि प्रदान की जा रही है। जानकारी के अनुसार 13 आत्मसमर्पित नक्सलियों को 18 अगस्त 2026 को प्रति हितग्राही 2 लाख रुपये की दर से कुल 26 लाख रुपये की मुआवजा राशि स्वीकृत की गई है। यह राशि संबंधित हितग्राहियों के पुनर्वास और बेहतर जीवन की दिशा में आर्थिक सहायता प्रदान करेगी।
सूची में नारायणपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों के आत्मसमर्पित नक्सली भी शामिल हैं। इनमें सुदेरेन, मनकुंज कुंजाम, दशरी ध्रुव, सुकली कोर्राम, मनोज और वनिला सहित अन्य आत्मसमर्पित नक्सलियों के नाम दर्ज हैं। इसके अलावा बीजापुर, कांकेर और अन्य क्षेत्रों से जुड़े आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी योजना का लाभ दिया गया है। शासन की पुनर्वास नीति का उद्देश्य हिंसा का रास्ता छोड़ने वाले लोगों को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर उपलब्ध कराना है। आर्थिक सहायता के साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने तथा स्थायी आजीविका और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
नारायणपुर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र में आत्मसमर्पण और पुनर्वास की प्रक्रिया शांति एवं विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आत्मसमर्पित लोगों को मिल रही सहायता से उन्हें नया जीवन शुरू करने और अपने परिवार के साथ सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिल रहा है।
डेयरी व्यवसाय बना आत्मनिर्भरता का माध्यम
रैनू राम ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का जताया आभार
नारायणपुर, अगस्त 2026
ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर सृजित कर किसानों और पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य शासन की योजनाएं सार्थक परिणाम दे रही हैं। जिला नारायणपुर के ग्राम रेगांवड निवासी श्री रैनू राम सलाम ने डेयरी उद्यमिता विकास योजना का लाभ लेकर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है, बल्कि क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बने हैं।
कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशानुसार पशुधन विकास विभाग द्वारा हितग्राहियों को लगातार तकनीकी मार्गदर्शन एवं आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इसी क्रम में श्री रैनू राम सलाम को राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना के तहत दो दुग्धारू गायों की डेयरी इकाई स्थापित करने के लिए 93 हजार 240 रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। विभागीय अमले के सतत मार्गदर्शन, आधुनिक पशुपालन तकनीकों तथा बेहतर प्रबंधन के माध्यम से उन्होंने अपने डेयरी व्यवसाय का सफल संचालन प्रारंभ किया। वर्तमान में उनकी डेयरी इकाई में चार दुग्धारू गायें हैं, जिनसे प्रतिदिन लगभग 20 से 25 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। नियमित टीकाकरण, हरे चारे की व्यवस्था एवं नस्ल सुधार सेवाओं का लाभ लेकर उन्होंने दूध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की है। डेयरी व्यवसाय से उनकी मासिक आय लगभग 10 हजार रुपये से बढ़कर 25 हजार रुपये तक पहुंच गई है। दूध के साथ-साथ वे दही एवं पनीर का उत्पादन भी कर रहे हैं, जिसकी स्थानीय बाजार में अच्छी मांग है।
श्री रैनू राम सलाम ने बताया कि डेयरी व्यवसाय ने उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है तथा परिवार के पोषण स्तर में भी सुधार हुआ है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ शासन, पशुधन विकास विभाग, जिला प्रशासन नारायणपुर तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ लेकर ग्रामीण परिवार आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। जिले में पशुपालन एवं डेयरी उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे अधिक से अधिक किसान एवं पशुपालक लाभान्वित होकर अपनी आजीविका को मजबूत बना सकें।
सीएम हेल्पलाइन के प्राप्त पत्रों का समय सीमा में निराकरण करना सुनिश्चित करें : कलेक्टर नम्रता जैन
नारायणपुर । जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर नम्रता जैन की अध्यक्षता में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में मलेरिया मुक्त अभियान, स्वास्थ्य सेवाओं, आधार पंजीयन, शिक्षा एवं आवासीय संस्थाओं से संबंधित कार्यों सहित शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं एवं विकास कार्यों की समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने तथा आम नागरिकों से जुड़े मामलों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों और पत्रों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग करने और लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निराकृत करने के निर्देश दिए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। कलेक्टर ने जिले के आश्रम छात्रावासों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने छात्रावासों के निरीक्षण के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों को नियमित रूप से आश्रम छात्रावासों का निरीक्षण करने तथा वहां की व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों की सुविधाओं और छात्रावास की स्थिति के संबंध में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ समय पर मिलना चाहिए।
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति को गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षक निर्धारित समय पर विद्यालय में उपस्थित होकर अपने दायित्वों का निर्वहन करें। समय पर स्कूल में उपस्थित नहीं होने वाले शिक्षकों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही स्कूलों में गणवेश, पाठ्यपुस्तक और साइकिल वितरण का कार्य भी निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा। निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जिले में निर्माणाधीन भवन, पुलिया और सड़क निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और गुणवत्ता के साथ समय पर कार्य पूरा कराने को कहा। बस्तर क्षेत्र से संबंधित प्रमाण पत्र बनाने के लंबित कार्यों को भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने इनके शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेंशनधारियों को पेंशन प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। आपदा से हुए नुकसान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने पशु, मकान और फसल आदि के नुकसान का सर्वे शीघ्र पूरा कर पात्र प्रभावितों को शासन के प्रावधानों के अनुसार सहायता राशि वितरित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में मलेरिया मुक्त अभियान की प्रभावी मॉनिटरिंग करने तथा अभियान को सफल बनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। वहीं विद्युतीकरण के पूर्ण हो चुके कार्यों का प्रतिवेदन एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकांक्षा शिक्षा खलखो, अपर कलेक्टर बीरेन्द्र बहादुर पंचभाई, एसडीएम अभयजीत मण्डावी, डॉ. सुमित गर्ग, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त सुनील कुमार सोनपिपरे तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।