छत्तीसगढ़ / रायगढ़
रायगढ़ : शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए शिक्षकों का क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण आयोजित
कहानी आधारित शिक्षण और एफएलएन गतिविधियों पर शिक्षकों को मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
शासकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विकासखंड पुसौर में शनिवार को क्लब क्लस्टर बैठक सह प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी श्री श्यामानंद साहू के निर्देशन एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी भुवनेश्वर पटेल के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण में शिक्षकों को राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की भावना के अनुरूप नवाचार आधारित शिक्षण, मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) को मजबूत करने तथा शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण में शिक्षकों से विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ शासकीय स्कूलों के प्रति अभिभावकों का विश्वास बढ़ाने के लिए भी विशेष प्रयास करने का आह्वान किया गया।
संयुक्त संकुल जतरी, पुसल्दा और तेतला के प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा चौथी में हिंदी पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए संकुल केंद्र पुसल्दा में प्रशिक्षण आयोजित किया गया। मास्टर ट्रेनर आरती साहू ने बगीचे का घोंघा कहानी के माध्यम से बच्चों की सहभागिता बढ़ाने और प्रभावी शिक्षण पद्धति पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण में राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2005 के उद्देश्यों, कक्षागत गतिविधियों तथा मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान के लक्ष्यों को प्राप्त करने के व्यावहारिक तरीकों पर चर्चा की गई।
बीईओ ने दिए गुणवत्ता सुधार, नियमित उपस्थिति और उपचारात्मक शिक्षण के निर्देश
प्रशिक्षण के दौरान विकासखंड शिक्षा अधिकारी भुवनेश्वर पटेल ने शिक्षकों को समय पर विद्यालय पहुंचने, वीएसके ऐप पर नियमित उपस्थिति दर्ज करने, पाठ्यक्रम का समयबद्ध संचालन, दैनंदिनी लेखन तथा सीखने के प्रतिफलों के आधार पर अध्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पिछड़े विद्यार्थियों के लिए उपचारात्मक शिक्षण की व्यवस्था करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही शासकीय विद्यालयों की गुणवत्ता सुधारकर निजी विद्यालयों की ओर जाने वाले विद्यार्थियों को सरकारी स्कूलों में आकर्षित करने के लिए ठोस प्रयास करने की बात कही। इस अवसर पर उन्होंने पुसल्दा में निर्माणाधीन हाई स्कूल भवन का निरीक्षण कर कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने और नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिए।
क्लब क्लस्टर प्रशिक्षण का किया निरीक्षण, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर दिया जोर
इसके बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी भुवनेश्वर पटेल एवं संकुल प्राचार्य गणेश प्रसाद साहू ने क्लब क्लस्टर अंतर्गत संकुल कोंडातराई, सुर्री और तेलीपाली के शिक्षकों के प्रशिक्षण का भी अवलोकन किया। उन्होंने शिक्षकों को विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण अध्यापन के साथ विद्यार्थियों को नवोदय, एकलव्य और उत्कर्ष जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नियमित अभ्यास कराने तथा प्रत्येक शनिवार को विशेष तैयारी सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए। प्रशिक्षण में तीनों संकुलों के शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ संकुल शैक्षिक समन्वयक सालिक राम नायक, राज किशोर स्वर्णकार, जयनंद सिदार, दिनेश कुमार प्रधान, चिंतामणि गुप्ता, संकुल प्राचार्य जयप्रसाद पटेल सहित कुल 17 शिक्षक उपस्थित रहे। जानकारी संकुल शैक्षिक समन्वयक चिंतामणि गुप्ता ने दी।
रायगढ़ : 5.2 लीटर महुआ शराब के साथ एक आरोपी गिरफ्तार
कलेक्टर के निर्देशन एवं सहायक आयुक्त आबकारी श्री अभिषेक तिवारी के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में प्राप्त शिकायत के आधार पर आबकारी वृत्त रायगढ़ (दक्षिण) की टीम ने ग्राम खोखरा, थाना पुसौर क्षेत्र में छापामार कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान त्रिवेणी सारथी के कब्जे से 5.200 लीटर अवैध हाथ भट्ठी महुआ शराब, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 1,040 रुपये है, बरामद की गई। आबकारी विभाग ने आरोपी को गिरफ्तार कर छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा के तहत प्रकरण दर्ज करते हुए न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। इस कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक राजेन्द्र मेहर, आबकारी मुख्य आरक्षक दिनेश्वर सिंह कंवर एवं महिला आबकारी आरक्षक सविता चक्रेश की भूमिका रही।
शिक्षा केवल उपाधि प्राप्त करने का माध्यम नहीं, समाज और मानवता के प्रति उत्तरदायित्व निभाने का संकल्प है: राज्यपाल श्री रमेन डेका
युवा ज्ञान, नवाचार और नैतिक मूल्यों से करें राष्ट्र निर्माण
ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह में 688 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां, 84 मेधावी विद्यार्थियों को पदकों से किया गया सम्मानित
रायगढ़, 1 अगस्त 2026
प्रदेश के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा है कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि ज्ञान को विवेक, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ जनकल्याण के लिए उपयोग में लाना है। एक शिक्षित व्यक्ति की पहचान उसके प्रमाण-पत्रों से नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति उसके योगदान से होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में कम से कम एक ऐसा कार्य अवश्य करें, जो समाज के लिए स्थायी रूप से लाभकारी सिद्ध हो और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने।
राज्यपाल श्री डेका आज रायगढ़ स्थित ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। ओ.पी. जिंदल स्कूल के सभागार में आयोजित इस गरिमामय समारोह में जिंदल स्टील के चेयरमैन एवं सांसद श्री नवीन जिंदल, विश्वविद्यालय की चांसलर श्रीमती शालू जिंदल, छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष प्रो. विजय कुमार गोयल, जिंदल स्टील रायगढ़ के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री देबोज्योति रॉय, कुलपति डॉ.आर.डी. पाटीदार सहित विश्वविद्यालय परिवार, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं बड़ी संख्या में अभिभावकों की उपस्थिति रही। समारोह में स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट तथा स्कूल ऑफ साइंस के 688 विद्यार्थियों को स्नातक एवं स्नातकोत्तर उपाधियां प्रदान की गईं। उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले 27 विद्यार्थियों को स्वर्ण, 28 को रजत तथा 29 विद्यार्थियों को कांस्य पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया।
राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि वर्तमान समय तेजी से बदलती तकनीक, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का दौर है। ऐसे समय में उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका केवल शिक्षण तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि उन्हें ऐसे युवा तैयार करने होंगे जो ज्ञान के साथ संवेदनशीलता, नेतृत्व क्षमता, अनुसंधान की प्रवृत्ति और सामाजिक सरोकारों को भी अपने व्यक्तित्व का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षा की सच्ची सार्थकता केवल उपाधि प्राप्त करने में नहीं, बल्कि उस ज्ञान को समझदारी, दूरदर्शिता और नैतिक साहस के साथ जीवन में उतारने में है। आपका ज्ञान तभी पूर्ण होगा, जब वह समाज और मानवता के कल्याण में उपयोगी बने। जीवन में कम से कम एक ऐसा कार्य अवश्य करें, जो समाज के लिए स्थायी रूप से लाभकारी सिद्ध हो। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर निकलने वाले युवा अपने ज्ञान, प्रतिभा और संस्कारों के बल पर देश के विकास तथा समाज के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कौशल विकास और नई तकनीकों में दक्षता समय की आवश्यकता: श्री नवीन जिंदल
जिंदल स्टील के चेयरमैन एवं सांसद श्री नवीन जिंदल ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स तथा नई तकनीकों का युग है। ऐसे में युवाओं को नवाचार, कौशल विकास और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करनी होगी। उन्होंने कहा कि उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावसायिक प्रशिक्षण और कौशल संवर्धन आज की सबसे बड़ी जरूरत है।
नई चुनौतियों को अवसर में बदलें युवा: श्रीमती शालू जिंदल
विश्वविद्यालय की चांसलर श्रीमती शालू जिंदल ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह किसी मंजिल का अंत नहीं, बल्कि नए सपनों और नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान, मूल्यों और परिश्रम को जीवन की सबसे बड़ी शक्ति बनाने का आह्वान किया।
कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक उत्तरदायित्व से मिलेगी वास्तविक सफलता: प्रो. गोयल
छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष प्रो. विजय कुमार गोयल ने कहा कि सफलता केवल व्यावसायिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने से प्राप्त होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान का उपयोग समाज के हित में करने का आह्वान किया।
शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव, नई जिम्मेदारियों की शुरुआत
दीक्षांत समारोह का शुभारंभ अकादमिक शोभायात्रा एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर.डी. पाटीदार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए वर्ष 2025-26 का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, अधोसंरचना विकास तथा सामाजिक गतिविधियों के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि दीक्षांत समारोह शैक्षणिक यात्रा का समापन नहीं, बल्कि उत्तरदायित्वपूर्ण जीवन की नई शुरुआत है।
84 मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान
समारोह के दौरान उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले 84 विद्यार्थियों को 27 स्वर्ण, 28 रजत एवं 29 कांस्य पदकों से सम्मानित किया गया। उपाधियां और पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों में भी उत्साह और गौरव का वातावरण देखने को मिला। समारोह के अंत में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अनुराग विजयवर्गीय ने सभी अतिथियों, अभिभावकों, प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संजय कुमार सिंह ने किया तथा संयोजन की जिम्मेदारी डॉ. गिरीश चंद्र मिश्र ने निभाई।
नशामुक्त युवा, विकसित भारत का संकल्प: रायगढ़ में 2 अगस्त से होगा राष्ट्रव्यापी अभियान का शुभारंभ
कलेक्टोरेट परिसर के सृजन सभाकक्ष में होगा आयोजन, युवाओं से अधिकाधिक संख्या में शामिल होकर नशामुक्त भारत के संकल्प को मजबूत बनाने की अपील
रायगढ़, 1 अगस्त 2026
भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा माय भारत के संयुक्त तत्वावधान में युवाओं को नशे की गिरफ्त से मुक्त कर स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाने के उद्देश्य से नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान का राष्ट्रीय शुभारंभ 2 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री के कर-कमलों से किया जाएगा। इसी कड़ी में रायगढ़ जिले में भी अभियान का शुभारंभ 2 अगस्त को प्रातः 9 बजे से 11रू30 बजे तक कलेक्टोरेट परिसर स्थित सृजन सभाकक्ष में किया जाएगा।
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी तथा सहायक कलेक्टर श्री गोकुल आर.के. के मार्गदर्शन में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वस्थ जीवनशैली, सकारात्मक सोच और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को नशामुक्त भारत का संकल्प दिलाया जाएगा तथा विशेषज्ञों एवं अधिकारियों द्वारा युवाओं को संबोधित करते हुए नशे से दूर रहने, सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने का संदेश दिया जाएगा। अभियान के अंतर्गत युवाओं में जनजागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने बताया कि यह अभियान केवल एक दिवसीय कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगामी 109 सप्ताह तक प्रत्येक रविवार नियमित रूप से संचालित किया जाएगा। इस दौरान विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों, संवाद, शपथ, जनभागीदारी एवं सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को नशामुक्त जीवन अपनाने और विकसित भारत के निर्माण में सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जिले के सभी युवाओं, विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, छात्रावासों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं, खेल संघों एवं संस्थाओं के खिलाड़ियों, एनसीसी, एनएसएस के कैडेटों तथा स्वयंसेवकों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की गई है। यह अभियान न केवल नशे के विरुद्ध व्यापक जनजागरूकता का माध्यम बनेगा, बल्कि युवाओं में स्वस्थ जीवनशैली, सामाजिक सहभागिता, सकारात्मक दृष्टिकोण और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण की भावना को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
अवैध महुआ शराब के खिलाफ आबकारी विभाग की कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार, शराब व मोटरसाइकिल जब्त
रायगढ़, 1 अगस्त 2026
कलेक्टर के निर्देशन एवं सहायक आयुक्त आबकारी श्री अभिषेक तिवारी के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग द्वारा जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं विक्रय के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में प्राप्त शिकायत के आधार पर आबकारी विभाग ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से अवैध महुआ शराब एवं एक मोटरसाइकिल जब्त की है।
आबकारी विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 28 जुलाई 2026 को आबकारी वृत्त रायगढ़ (दक्षिण) अंतर्गत आबकारी जांच चौकी रेंगालपाली में वाहनों की सघन जांच के दौरान ग्राम कोसमंदा, थाना पुसौर निवासी शशि सिदार को लाल रंग की हीरो डिलक्स मोटरसाइकिल से कनकतुरा से पुसौर की ओर 06 लीटर ओडिशा निर्मित महुआ शराब का अवैध परिवहन करते हुए पकड़ा गया। जब्त शराब का बाजार मूल्य लगभग 1,200 रुपये आंका गया है। इसी कार्रवाई के दौरान ग्राम तेतला, थाना पुसौर निवासी कन्हैया पटेल को उसके रिहायशी मकान से 5.050 लीटर महुआ शराब के साथ गिरफ्तार किया गया। जब्त शराब का बाजार मूल्य लगभग 1,010 रुपये बताया गया है।
दोनों आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक याजेन्द्र मेहर, आबकारी मुख्य आरक्षक दिनेश्वर सिंह कंवर तथा महिला आबकारी आरक्षक समिता चक्रेश की भूमिका रही। आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के कारोबार के विरुद्ध अभियान आगे भी इसी तरह निरंतर जारी रहेगा।
मलेरिया एवं अन्य मच्छरजनित रोगों के रोकथाम को लेकर प्रशासन अलर्ट
जिले में गांव से लेकर शहर तक चलेगी समन्वित कार्यवाही
कलेक्टर ने दिए व्यापक अभियान के निर्देश
रायगढ़, 1 अगस्त 2026
मानसून के मौसम में मलेरिया एवं अन्य मच्छरजनित रोगों के संभावित प्रसार की आशंका के मद्देनजर जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने स्वास्थ्य, नगरीय निकाय, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास सहित संबंधित विभागों को समन्वित रूप से रोकथाम, निगरानी, स्वच्छता एवं जनजागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए हैं। अभियान का उद्देश्य संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों में समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना, संक्रमण की श्रृंखला को प्रारंभिक स्तर पर ही रोकना तथा आमजन को मलेरिया एवं अन्य मच्छरजनित रोगों से सुरक्षित रखना है। कलेक्टर ने कहा कि मलेरिया की रोकथाम के लिए प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारी का गंभीरता से निर्वहन करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए फील्ड स्तर पर नियमित निगरानी रखी जाए तथा किसी भी क्षेत्र में मलेरिया के संभावित मामलों की सूचना मिलने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में मलेरिया जांच किट, आवश्यक दवाइयों एवं उपचार संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने, संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच एवं उपचार करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य दलों को ग्रामीण एवं संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित भ्रमण कर संभावित मरीजों की पहचान, रक्त जांच, आवश्यक उपचार तथा जनजागरूकता गतिविधियां संचालित करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में मलेरिया के लक्षण, बचाव एवं उपचार संबंधी जानकारी प्रदर्शित करने के लिए पोस्टर एवं बैनर लगाए जाए, ताकि लोग समय रहते बीमारी की पहचान कर जांच के लिए आगे आएं। कलेक्टर ने नगर निगम एवं सभी नगरीय निकायों को नालियों की नियमित सफाई, जल निकासी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने, जलभराव वाले स्थलों की पहचान कर उनका शीघ्र निराकरण करने तथा आवश्यकता अनुसार मच्छररोधी फॉगिंग एवं लार्वा नियंत्रण की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि घरों एवं सार्वजनिक स्थलों पर पानी जमा नहीं होने देने के लिए विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किया जाए। लोगों को कूलर, पानी की टंकियों, गमलों, पुराने टायर, कबाड़ एवं अन्य पात्रों में जमा पानी को नियमित रूप से खाली करने के लिए भी प्रेरित किया जाए।
कलेक्टर ने शिक्षा विभाग को विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में विद्यार्थियों के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने, स्वच्छता की आदतों को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों को अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी मलेरिया से बचाव के उपाय बताने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, माताओं एवं बच्चों के अभिभावकों को मच्छरजनित रोगों से बचाव, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा समय पर स्वास्थ्य जांच के संबंध में जागरूक करने कहा। कलेक्टर ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि मलेरिया से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय सावधानी और स्वच्छता है। प्रत्येक नागरिक अपने घर, आंगन और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें। सप्ताह में कम से कम एक बार कूलर, पानी की टंकी, गमले तथा अन्य जल संग्रहण वाले पात्रों को पूरी तरह खाली कर साफ करें। रात में सोते समय मच्छरदानी का नियमित उपयोग करें, शाम के समय पूरे शरीर को ढंकने वाले कपड़े पहनें तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। यदि किसी व्यक्ति को बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, बदन दर्द या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र या आयुष्मान आरोग्य मंदिर में जांच कराएं। जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में मलेरिया की जांच एवं उपचार की सुविधा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है। समय पर जांच और उपचार से मलेरिया का प्रभावी इलाज संभव है तथा गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है। मलेरिया की रोकथाम केवल स्वास्थ्य विभाग का दायित्व नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की साझी जिम्मेदारी है।
जिले में सहकारिता व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती, सचिव सी.आर. प्रसन्ना ने किया कोतरा पैक्स का औचक निरीक्षण
सहकारी समितियों को बनाया जाएगा बहुउद्देशीय सेवा केंद्र, डिजिटल सेवाओं और आयवर्धक गतिविधियों के विस्तार के निर्देश
रायगढ़, 1 अगस्त 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सहकारिता क्षेत्र को सशक्त, आधुनिक और किसान हितैषी बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में सहकारिता विभाग के सचिव श्री सी.आर. प्रसन्ना ने रायगढ़ जिले के प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति कोतरा (पंजीयन क्रमांक-20) का औचक निरीक्षण कर समिति के संचालन, किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, सीईओ जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे तथा उप आयुक्त सहकारिता भी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान सहकारिता सचिव श्री सी.आर.प्रसन्ना ने समिति के कार्यालयीन व्यवस्थाओं, अभिलेखों, किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं, भंडारण व्यवस्था एवं विभिन्न सहकारी गतिविधियों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों को केवल ऋण वितरण तक सीमित न रखते हुए उन्हें बहुउद्देशीय ग्रामीण सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जाना आवश्यक है, ताकि किसानों को कृषि से जुड़ी अधिकतम सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिले। सचिव श्री प्रसन्ना ने विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के अंतर्गत रायगढ़ जिले में निर्माणाधीन तीन गोदामों की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, निर्धारित समय-सीमा तथा तकनीकी मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक भंडारण सुविधाओं के विकसित होने से किसानों की उपज सुरक्षित रहेगी तथा उन्हें बेहतर विपणन एवं उचित मूल्य प्राप्त करने में सुविधा होगी।
सचिव श्री प्रसन्ना ने राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम की योजनाओं के माध्यम से समितियों में आयवर्धक गतिविधियों, कृषि अधोसंरचना तथा अन्य व्यावसायिक गतिविधियों का तेजी से विस्तार करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी समितियों को मल्टी-पर्पज पैक्स के रूप में विकसित कर उन्हें कृषि आदान वितरण, भंडारण, विपणन, उपभोक्ता सेवाओं तथा अन्य जनोपयोगी गतिविधियों का केंद्र बनाने पर जोर दिया, जिससे समितियां आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। सहकारिता सचिव ने प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में कॉमन सर्विस सेंटर की सभी सेवाओं का विस्तार करने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण नागरिकों को विभिन्न शासकीय एवं डिजिटल सेवाओं के लिए दूर-दराज न जाना पड़े। इसके साथ ही समिति को शीघ्र ई-डिस्ट्रिक्ट आईडी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिससे प्रमाण-पत्र एवं अन्य ऑनलाइन सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई जा सकें।
सचिव श्री प्रसन्ना ने वीबी-जीराम जी योजना के अंतर्गत उपार्जन केंद्रों में अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए पक्के चबूतरों का निर्माण कराने के निर्देश दिए। साथ ही नेफेड के माध्यम से दलहन एवं तिलहन फसलों की खरीदी में समितियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त हो और सहकारी समितियों की भूमिका और अधिक प्रभावी बन सके। निरीक्षण के दौरान सचिव श्री प्रसन्ना ने अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए कहा कि राज्य शासन की मंशा के अनुरूप सहकारी समितियों को ग्रामीण विकास, कृषि उन्नयन एवं किसानों की आय बढ़ाने का मजबूत माध्यम बनाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को सभी निर्देशों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण पालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाना प्रदेश के समग्र ग्रामीण विकास और किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
स.क्र./5/गुलाब डड़सेना
बारभौना में रेत के अवैध उत्खनन पर बड़ी कार्रवाई, 10 ट्रैक्टर और एक ट्रैक्टर-लोडर जब्त
शिकायत मिलते ही संयुक्त टीम ने की त्वरित कार्रवाई
जब्त वाहन पुलिस थाना छाल की सुपुर्दगी में सुरक्षित रखे गए
रायगढ़, 1 अगस्त 2026
कलेक्टर के निर्देशन में जिले में अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज ग्राम बारभौना में रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन की शिकायत पर खनिज विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नदी से 10 ट्रैक्टर एवं एक ट्रैक्टर-लोडर जब्त किया। कार्रवाई के दौरान वाहन चालक अपने वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गए।
ग्राम बारभौना में नदी से अवैध रूप से रेत उत्खनन एवं परिवहन किए जाने की शिकायत प्राप्त होने पर खनिज विभाग एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम तत्काल मौके पर पहुंची। निरीक्षण के दौरान नदी क्षेत्र में अवैध रूप से रेत का उत्खनन एवं परिवहन करते हुए कुल 10 ट्रैक्टर तथा एक ट्रैक्टर-लोडर पाया गया। टीम को देखते ही वाहन चालक अपने-अपने वाहन मौके पर छोड़कर भाग निकले, जिसके बाद सभी वाहनों को विधिवत जब्त कर लिया गया। संयुक्त कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए सभी 10 ट्रैक्टर एवं एक ट्रैक्टर-लोडर को अग्रिम वैधानिक कार्रवाई के लिए पुलिस थाना छाल की सुपुर्दगी में सुरक्षार्थ रखा गया है। प्रकरण में संबंधित वाहन मालिकों एवं अवैध उत्खनन में संलिप्त लोगों के विरुद्ध खनिज नियमों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
अवैध खनन पर प्रशासन की सख्त नजर, कार्रवाई रहेगी लगातार जारी
कलेक्टर के निर्देशन में जिले में रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं खनिजों के अवैध कारोबार पर प्रभावी निगरानी रखी जा रही है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध खनन में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
जिले में 527.5 मि.मी.औसत वर्षा दर्ज
रायगढ़, 30 जुलाई 2026
रायगढ़ जिले में 30 जुलाई तक 527.5 मि.मी.औसत वर्षा दर्ज की गई है। बीते 24 घंटे में जिले में 9.7 मिली मीटर औसत वर्षा हुई है। भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून 2026 से अब तक जिले के रायगढ़ तहसील में 720.4 मिली मीटर, पुसौर में 590.5, खरसिया में 478.3, घरघोड़ा में 363.4, तमनार में 705.2, लैलूंगा में 459.6, मुकडेगा में 413.5, धरमजयगढ़ में 340.1, छाल में 549.4 एवं कापू में 655 मिली मीटर वर्षा दर्ज की गई है।
दिव्यांगजन छात्रवृत्ति योजना: 30 सितंबर तक आवेदन आमंत्रित
एनएसपी पोर्टल के माध्यम से आवेदन से लेकर छात्रवृत्ति राशि के भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन, डीबीटी से सीधे खाते में पहुंचेगी राशि
रायगढ़, 30 जुलाई 2026
राज्य सरकार की दिव्यांगजन छात्रवृत्ति योजना को अब पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है। समाज कल्याण संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा योजना को भारत सरकार के नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (एनएसपी) पर ऑनबोर्ड कर दिया गया है। अब दिव्यांग विद्यार्थियों को आवेदन से लेकर छात्रवृत्ति की राशि प्राप्त करने तक की संपूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी करनी होगी। चयनित विद्यार्थियों के बैंक खातों में छात्रवृत्ति की राशि सीधे डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी जाएगी।
उप संचालक समाज कल्याण से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिव्यांगजन छात्रवृत्ति योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन 7 जुलाई 2026 से शुरू हो चुके हैं। पात्र छात्र-छात्राएं 30 सितंबर 2026 तक नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित की गई है। प्राप्त आवेदनों का सत्यापन दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में संबंधित विद्यालय अथवा शिक्षण संस्था द्वारा आवेदनों की जांच की जाएगी, जिसकी अंतिम तिथि 15 अक्टूबर 2026 निर्धारित है। इसके बाद दूसरे चरण में जिला समाज कल्याण कार्यालय द्वारा आवेदनों का परीक्षण किया जाएगा, जिसकी अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2026 है। दोनों स्तरों पर सत्यापन के बाद पात्र पाए गए विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। समाज कल्याण विभाग ने जिले के सभी संबंधित विभागों एवं शैक्षणिक संस्थानों से अपील की है कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि अधिक से अधिक दिव्यांग छात्र-छात्राएं इस छात्रवृत्ति योजना का लाभ उठा सकें। योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी।
उद्यानिकी फसलों के लिए फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई
रायगढ़, 30 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खरीफ मौसम 2026-27 के लिए पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (आरडब्ल्यूबीसीआईएस) की अधिसूचना जारी कर दी गई है। योजना के तहत जिले के उद्यानिकी किसानों को टमाटर, बैंगन, मिर्च, अदरक, केला, पपीता एवं अमरूद जैसी बागवानी फसलों के लिए प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान के विरुद्ध आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जाएगी। किसानों के लिए फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।
सहायक संचालक उद्यान श्रीमती रंजना मखीजा ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए अऋणी किसानों को स्वयं आवेदन करना होगा। किसान अपने नजदीकी सीएचसी, अधिकृत बैंक शाखा अथवा मोबाइल एप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने किसानों से अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन करने की अपील करते हुए कहा कि इससे तकनीकी अथवा दस्तावेज संबंधी समस्याओं से बचा जा सकेगा तथा प्राकृतिक आपदा की स्थिति में आर्थिक सहायता प्राप्त करने में सुविधा होगी। योजना के अंतर्गत किसानों को बीमित राशि का केवल 5 प्रतिशत प्रीमियम ही देना होगा, जबकि शेष प्रीमियम का वहन केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। योजना के माध्यम से ओलावृष्टि, अतिवृष्टि, सूखा तथा मौसम आधारित अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई की जाएगी।
अऋणी किसानों को आवेदन के समय आधार कार्ड, बी-1 अथवा भूमि स्वामित्व संबंधी दस्तावेज, बुआई प्रमाण-पत्र तथा बैंक खाते की प्रति प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। दस्तावेजों में त्रुटि होने पर बीमा प्रस्ताव निरस्त हो सकता है, इसलिए सभी आवश्यक दस्तावेज सही एवं पूर्ण रूप से जमा करने की सलाह दी गई है। फसल बीमा संबंधी अधिक जानकारी के लिए किसान जिला बीमा प्रतिनिधि श्री संजीव साहू (मो. 8839182095) अथवा विकासखंड रायगढ़ प्रतिनिधि श्री लेखराम पटेल 7000948158, विकासखंड पुसौर प्रतिनिधि श्री सुरजभान सिंह सिदार 9406256367, विकासखंड घरघोड़ा प्रतिनिधि श्री दिलीप राठिया 7694095884, विकासखंड तमनार प्रतिनिधि श्री संजय भगत 9617774178, विकासखंड खरसिया प्रतिनिधि श्रीमती सविता पटेल 9669821800, विकासखंड लैलूंगा प्रतिनिधि श्रीमती कविता पैंकरा 7694022446 एवं विकासखंड धरमजयगढ़ प्रतिनिधि श्री सुनील कैंवर्त्य 6261126824 से संपर्क कर सकते हैं।
फसलवार बीमित राशि एवं कृषक देय राशि
योजना के अंतर्गत टमाटर फसल के लिए बीमित राशि 1 लाख 20 हजार रुपये निर्धारित की गई है, जिस पर कृषक को 6 हजार रुपये (5 प्रतिशत) प्रीमियम देय होगा। इसी प्रकार बैंगन के लिए 77 हजार रुपये तथा देय प्रीमियम 3 हजार 850 रुपये, मिर्च के लिए 68 हजार रुपये एवं प्रीमियम 3 हजार 400 रुपये, अदरक के लिए 1 लाख 50 हजार रुपये तथा प्रीमियम 7 हजार 500 रुपये, केला के लिए 85 हजार रुपये एवं प्रीमियम 4 हजार 250 रुपये, पपीता के लिए 87 हजार रुपये तथा प्रीमियम 4 हजार 350 रुपये तथा अमरूद के लिए बीमित राशि 45 हजार रुपये निर्धारित की गई है, जिस पर कृषक को 2 हजार 250 रुपये प्रीमियम देय होगा।
लाईवलीहुड कॉलेज रायगढ़ में विभिन्न ट्रेडों के निःशुल्क प्रशिक्षण के लिए प्रवेश शुरू
रायगढ़, 30 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत लाईवलीहुड कॉलेज रायगढ़ में वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न ट्रेडों में निःशुल्क गैर-आवासीय प्रशिक्षण हेतु प्रवेश प्रारंभ हो गया है। इच्छुक युवक-युवतियां निर्धारित योग्यता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।
जिला परियोजना लाईवलीहुड कालेज सोसायटी से प्राप्त जानकारी के अनुसार कॉलेज में इलेक्ट्रिशियन, इलेक्ट्रिशियन डोमेस्टिक सॉल्यूशन, जल वितरण संचालक (नल जल मित्र), सोलर पी.वी. इंस्टॉलर (सूर्यमित्र), फ्रंटलाइन हेल्थ केयरगिविंग एसोसिएट (नर्सिंग), जीएसटी असिस्टेंट तथा जनरल ड्यूटी असिस्टेंट जैसे पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण के लिए अभ्यर्थियों की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होना आवश्यक है। स्थानीय प्रशिक्षणार्थियों के लिए निःशुल्क बस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
इच्छुक अभ्यर्थी लाईवलीहुड कॉलेज, केआईटी कॉलेज के पास, अग्रसेन आईटीआई के बगल, उड़ीसा रोड, गढ़उमरिया, रायगढ़ पहुंचकर या मोबाइल नंबर 9752593616, 9420166369 एवं 7067109343 पर संपर्क कर पंजीयन करा सकते हैं। इसके अलावा घर बैठे क्यूआर कोड के माध्यम से भी स्व-पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है। क्यूआर कोड अथवा लिंक प्राप्त करने के लिए 8959719188 पर व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क किया जा सकता है।
पालना सहायिका के रिक्त पद पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित
रायगढ़, 30 जुलाई 2026
एकीकृत बाल विकास परियोजना रायगढ़ (शहरी) के अंतर्गत आंगनबाड़ी सह पालना केन्द्र प्रेमनगर, वार्ड क्रमांक 27 में पालना सहायिका के 01 रिक्त पद पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक आवेदिकाएं 11 अगस्त 2026 तक महिला एवं बाल विकास विभाग के ऑनलाइन पोर्टल ंूूण्म.इींतजपण्पद पर आवेदन कर सकती हैं। भर्ती से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश, नियम एवं शर्तों की जानकारी परियोजना कार्यालय के सूचना पटल पर देखी जा सकती है।
रायगढ़ को मिली इंडियन ओवरसीज बैंक की नई सौगात, वित्त मंत्री ने किया रायगढ़ में नवीन शाखा का लोकार्पण
चैतन्य नगर में शुरू हुई आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं से युक्त शाखा, वित्तीय समावेशन के साथ व्यापार, उद्योग और रोजगार को मिलेगा नया संबल
रायगढ़, 30 जुलाई 2026
शहर के चैतन्य नगर स्थित कृष्णा क्राउन कॉम्प्लेक्स में इंडियन ओवरसीज बैंक की नवीन शाखा का लोकार्पण गुरुवार को गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने फीता काटकर तथा दीप प्रज्ज्वलित कर बैंक की नई शाखा का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार केवल वित्तीय सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के समग्र आर्थिक विकास, डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने और आम नागरिकों तक शासन की योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने का सशक्त माध्यम भी है।
कार्यक्रम में इंडियन ओवरसीज बैंक के क्षेत्रीय महाप्रबंधक (रायपुर) श्री गौरी शंकर नायक,सहित जनप्रतिनिधियों, बैंक अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही। समारोह का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं पुष्पगुच्छ भेंट के साथ हुआ। इसके बाद बैंक अधिकारियों ने अतिथियों को शाखा में उपलब्ध आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं, डिजिटल सेवाओं तथा विभिन्न ग्राहक हितैषी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। नई शाखा में बचत एवं चालू खाते खोलने की सुविधा के साथ इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, एटीएम सेवा, डिजिटल बैंकिंग, कृषि एवं व्यवसायिक ऋण सहित अनेक आधुनिक वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे क्षेत्र के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और सुगम बैंकिंग सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही प्राप्त हो सकेंगी।
वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत है। प्रत्येक नागरिक तक सुरक्षित, पारदर्शी और सुलभ बैंकिंग सेवाएं पहुंचाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि बैंक की नई शाखा खुलने से स्थानीय व्यापारियों, किसानों, महिलाओं, युवाओं एवं उद्यमियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। इससे आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी, स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्र के विकास को नई दिशा प्राप्त होगी। इंडियन ओवरसीज बैंक के क्षेत्रीय महाप्रबंधक श्री गौरी शंकर नायक ने कहा कि बैंक आधुनिक तकनीक आधारित सेवाओं के माध्यम से ग्राहकों को बेहतर, तेज और भरोसेमंद बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रायगढ़ की यह नई शाखा ग्राहकों की अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरी उतरेगी और क्षेत्र में बैंक की सेवाओं को नई पहचान दिलाएगी।
समारोह में नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, एमआईसी सदस्य श्री मुक्तिनाथ, श्री पवन अग्रवाल, इंडियन ओवरसीज बैंक के राज्य विपणन प्रमुख एवं आईटी उत्पाद के वरिष्ठ प्रबंधक श्री बृजेश सिंह गौतम, रायगढ़ शाखा प्रबंधक श्री प्रताप कुमार प्रधान, सहायक प्रबंधक श्री जयराम दोराई, लिपिक श्री संजय डे सहित बैंक के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने इंडियन ओवरसीज बैंक की नवीन शाखा के शुभारंभ पर शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह शाखा रायगढ़ में वित्तीय सेवाओं के विस्तार, डिजिटल बैंकिंग को प्रोत्साहन, स्थानीय व्यापार एवं उद्योग को मजबूती तथा आम नागरिकों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
रायगढ़ के दो कोल प्रोजेक्ट्स को केंद्र की मंजूरी, 983 हेक्टेयर वन भूमि होगी डायवर्ट
रायगढ़
। केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में दो बड़े कोयला खनन परियोजनाओं को सैद्धांतिक (स्टेज-1) पर्यावरण एवं वन मंजूरी दे दी है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की वन सलाहकार समिति (FAC) ने करीब 983.44 हेक्टेयर वन भूमि को गैर-वन उपयोग के लिए डायवर्ट करने की मंजूरी दी है। इनमें अडानी समूह की अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड के लिए प्रस्तावित पुरुंगा भूमिगत कोयला ब्लॉक भी शामिल है।
हालांकि यह केवल स्टेज-1 क्लियरेंस है। अंतिम मंजूरी मिलने और सभी शर्तें पूरी होने के बाद ही परियोजनाओं पर खनन कार्य शुरू किया जा सकेगा।
अंबुजा सीमेंट के लिए 621 हेक्टेयर वन भूमि डायवर्ट
समिति के अनुसार 621.331 हेक्टेयर वन भूमि अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड के पक्ष में पुरुंगा भूमिगत कोयला ब्लॉक के लिए डायवर्ट की जाएगी। इस परियोजना के लिए 4,368 पेड़ों की कटाई प्रस्तावित है।
राज्य सरकार की रिपोर्ट में बताया गया है कि परियोजना क्षेत्र और आसपास एशियाई हाथी, भारतीय पैंगोलिन, स्लॉथ भालू और भारतीय लोमड़ी जैसे वन्यजीवों की मौजूदगी दर्ज की गई है। इसे देखते हुए करीब 14.81 करोड़ रुपये की वन्यजीव प्रबंधन योजना को भी मंजूरी दी गई है।
पेलमा ओपन कास्ट परियोजना को भी हरी झंडी
दूसरी मंजूरी पेलमा ओपन कास्ट कोयला परियोजना के लिए दी गई है। इस परियोजना का कुल खनन पट्टा क्षेत्र 2,077.935 हेक्टेयर है, जिसमें 362.109 हेक्टेयर वन भूमि शामिल है।
इस परियोजना के लिए 52,570 पेड़ों की कटाई का प्रस्ताव रखा गया है। वन विभाग के अनुसार यह क्षेत्र हाथियों की आवाजाही वाला इलाका है, हालांकि इसे आधिकारिक हाथी गलियारा घोषित नहीं किया गया है।
ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
रायगढ़ के ग्रामीणों और वन आश्रित समुदायों ने इन परियोजनाओं को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि जंगल उनके लिए केवल वन क्षेत्र नहीं बल्कि रोजगार, जल स्रोत और आजीविका का प्रमुख आधार हैं। महुआ, तेंदूपत्ता और अन्य वनोपज से हजारों परिवारों की आय जुड़ी हुई है। ग्रामीणों का मानना है कि खनन बढ़ने से जंगल सिकुड़ेंगे और पारंपरिक जीवन प्रभावित होगा।
ओडिशा की परियोजनाओं को भी मंजूरी
वन सलाहकार समिति ने ओडिशा की अलकनंदा कोल माइंस परियोजना को भी सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इस परियोजना में 3.30 लाख से अधिक पेड़ों की कटाई की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों के अनुसार इससे बड़े वन क्षेत्र के साथ आदिवासी और वन आश्रित समुदायों पर भी व्यापक असर पड़ सकता है।
इसके अलावा टाटा स्टील की गंधालपाड़ा लौह अयस्क परियोजना के लिए क्योंझर जिले में 216.875 हेक्टेयर भूमि लीज पर देने की भी सिफारिश की गई है। हालांकि राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि अंतिम मंजूरी मिलने से पहले किसी भी प्रकार का भूमि डायवर्जन या खनन कार्य शुरू नहीं किया जाएगा।
अंतिम मंजूरी के बाद ही शुरू होगा खनन
वन (संरक्षण) अधिनियम के तहत किसी भी विकास परियोजना में वन भूमि के उपयोग की प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होती है। वर्तमान मंजूरी स्टेज-1 है। इसके बाद परियोजना को निर्धारित सभी शर्तों का पालन करना होगा, तभी स्टेज-2 यानी अंतिम केंद्रीय स्वीकृति मिलेगी। अंतिम आदेश संबंधित राज्य सरकार जारी करेगी, जिसके बाद ही खनन कार्य शुरू किया जा सकेगा।
गौरतलब है कि जून 2026 में केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य क्षेत्र स्थित केते एक्सटेंशन इंटीग्रेटेड कोयला ब्लॉक को भी पर्यावरणीय मंजूरी दी थी, जहां 1,742.6 हेक्टेयर वन भूमि के डायवर्जन और 4.48 लाख पेड़ों की कटाई का प्रस्ताव है।
तेज रफ्तार कार ने बाइक को मारी टक्कर, तीन युवक गंभीर घायल, CCTV में कैद हादसा
रायगढ़
जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र के खम्हार चौक पर तेज रफ्तार कार ने एक बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बाइक पर सवार तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
जानकारी के अनुसार, बिहामाटी गांव के तीनों युवक एक ही बाइक पर सवार होकर खम्हार चौक पहुंचे थे। सड़क पार कर होटल की ओर जाते समय तेज गति से आ रही कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है।
दुर्घटना के बाद कार चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही धरमजयगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर फरार चालक की तलाश कर रही है।
24 घंटे में मिली ट्राइसाइकिल, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल से दिव्यांग गणेश राम यादव के जीवन को मिली नई रफ्तार
मार्मिक समाचार पर मुख्यमंत्री ने लिया तत्काल संज्ञान, शासकीय अवकाश के बावजूद सक्रिय रहा प्रशासन
समाज कल्याण विभाग ने जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के माध्यम से पहुंचाई सहायता, आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़े गणेश राम यादव
प्रतिमाह मिलती है दिव्यांग पेंशन: राशन कार्ड के माध्यम से नियमित रूप से खाद्यान्न हो रहा उपलब्ध
महतारी वंदन योजना का मिल रहा परिवार को लाभ
रायगढ़, 12 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन, संवेदनशीलता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की कार्यसंस्कृति एक बार फिर धरातल पर देखने को मिली। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम कमोसिनडांड निवासी जन्म से दिव्यांग गणेश राम यादव के संघर्षपूर्ण जीवन को लेकर प्रकाशित एक मार्मिक समाचार पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को बिना किसी विलंब के शासकीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग ने अभूतपूर्व तत्परता दिखाते हुए मात्र 24 घंटे के भीतर गणेश राम यादव के लिए ट्राइसाइकिल उपलब्ध करा दी। यह पूरी प्रक्रिया रविवार के शासकीय अवकाश के दिन भी पूरी की गई, जो राज्य सरकार की संवेदनशील और जवाबदेह कार्यप्रणाली का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आई है।
मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही समाज कल्याण विभाग और जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। विभागीय अधिकारियों की टीम जनपद पंचायत धरमजयगढ़ पहुंची और वहां से ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की गई। प्रशासनिक दल गणेश राम यादव के घर भी पहुंचा, जहां उनके परिवार के सदस्यों, उनकी भाभी तथा वार्ड पंच से चर्चा की गई। उस समय गणेश राम यादव घर पर मौजूद नहीं थे, इसलिए उनके बड़े भाई विचित्र यादव को ट्राइसाइकिल सौंपते हुए यह जानकारी दी गई कि गणेश राम के घर लौटते ही उन्हें यह ट्राइसाइकिल उपलब्ध करा दी जाए।
उल्लेखनीय है कि धरमजयगढ़ क्षेत्र से हाल ही में गणेश राम यादव की एक मार्मिक तस्वीर सामने आई थी, जिसमं वे हाथों के सहारे चलकर अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करते दिखाई दे रहे थे। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण वे वर्षों से ट्राइसाइकिल जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित थे। पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्र में निवास करने के कारण उन्हें आवागमन, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने तथा अन्य आवश्यक कार्यों के लिए अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए और प्रशासन ने भी संवेदनशीलता के साथ उनकी समस्या का समाधान सुनिश्चित किया।
ट्राइसाइकिल प्राप्त होने के बाद गणेश राम यादव के बड़े भाई विचित्र यादव के चेहरे पर राहत और संतोष स्पष्ट दिखाई दिया। भावुक माहौल में उन्होंने प्रशासन और शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उसने कहा कि अब तक गणेश राम यादव को छोटी-सी दूरी तय करने के लिए भी हाथों के सहारे सड़क और पगडंडियों पर चलना पड़ता था, जिससे उन्हें शारीरिक कष्ट के साथ-साथ सम्मानजनक जीवन जीने में भी अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब ट्राइसाइकिल मिलने से उनके जीवन में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन आएगा। वे अधिक सहजता से आवागमन कर सकेंगे, अपने दैनिक कार्य स्वयं कर पाएंगे तथा स्वास्थ्य केंद्र, बैंक, पंचायत और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहले की तुलना में कहीं अधिक आसानी से पहुंच सकेंगे। इससे उनके आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
गणेश राम यादव की भाभी श्रीमती चंद्रवती ने बताया कि उनके पति विचित्र यादव और देवर गणेश राम यादव दोनों जन्म से दिव्यांग हैं तथा वे स्वयं भी दिव्यांग हैं। दोनों भाइयों को प्रतिमाह दिव्यांग पेंशन प्राप्त होती है। परिवार को महतारी वंदन योजना का लाभ भी मिल रहा है। इसके साथ ही राशन कार्ड के माध्यम से नियमित रूप से खाद्यान्न भी उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि ट्राइसाइकिल मिलने से गणेश राम के जीवन में बड़ी राहत आएगी और उनका दैनिक जीवन पहले की अपेक्षा काफी आसान हो जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर महज 24 घंटे के भीतर सहायता उपलब्ध होने से क्षेत्र के ग्रामीणों में राज्य सरकार की संवेदनशील, जनकेंद्रित और जवाबदेह सुशासन व्यवस्था के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में जिस तत्परता से शासन और प्रशासन ने कार्य किया जा रहा है, वह जरूरतमंदों के प्रति सरकार की संवेदनशील सोच का प्रेरणादायी उदाहरण गया है।