16 दिन की जंग के बाद जिंदगी की जीत: जिला अस्पताल की आईसीयू टीम ने बचाई किशोरी की जान
मुंगेली |
2026-07-20 17:41:49
गंभीर विषाक्तता और जटिल परिस्थितियों के बीच चिकित्सकों की सतत निगरानी, विशेषज्ञ उपचार और टीमवर्क से मिला नया जीवन
मुंगेली - जिला चिकित्सालय में मरीजों को निरंतर बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी कड़ी में गंभीर अवस्था में भर्ती पंडरिया जिला कबीरधाम की 15 वर्षीय पूजा डाहिरे का जिला अस्पताल की आईसीयू टीम द्वारा विशेषज्ञ उपचार, सतत निगरानी एवं समर्पित प्रयासों से सफल उपचार कर उसे नया जीवन प्रदान किया गया। यह उपलब्धि जिला चिकित्सालय में उपलब्ध उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सकों की दक्षता एवं टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसी कड़ी में लगातार 16 दिनों तक चले गहन उपचार, सतत निगरानी और चिकित्सकीय दक्षता के बल पर गंभीर विषाक्तता से जूझ रही पूजा को नया जीवन प्रदान किया गया। जानकारी के अनुसार किशोरी को अचेत अवस्था, गंभीर श्वसन कष्ट तथा मुंह से झाग आने की स्थिति में अस्पताल लाया गया था। परिजनों के अनुसार उसने लगभग 14 घंटे पूर्व किसी अज्ञात विष का सेवन किया था, जिसमें ऑर्गेनोफॉस्फोरस विषाक्तता की आशंका व्यक्त की गई। प्रारंभिक उपचार के बाद विभिन्न परिस्थितियों के चलते उसे गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल मुंगेली लाया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ शीला साहा ने बताया कि रोगी की नाजुक स्थिति को देखते हुए मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. विजेन्द्र पाटले के नेतृत्व में उसे तत्काल आईसीयू में भर्ती कर मैकेनिकल वेंटिलेशन पर रखा गया और जीवनरक्षक उपचार शुरू किया गया। वेंटिलेटर पर रहने के दौरान मरीज को वेंटिलेटर एसोसिएटेड निमोनिया हो गया, जिससे उपचार और अधिक जटिल हो गया। मरीज को वेंटिलेटर से हटाने के कई प्रयास किए गए, लेकिन कमजोर चेतना, श्वसन संबंधी कठिनाइयों और श्वसन मार्ग की सफाई न कर पाने के कारण तीन बार पुनः इंट्यूबेशन करना पड़ा। इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद आईसीयू की चिकित्सकीय टीम ने धैर्य, समर्पण और निरंतर प्रयासों के साथ उपचार जारी रखा। अंततः 16 दिनों के अथक प्रयासों के बाद किशोरी की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ और उसे सुरक्षित रूप से सामान्य वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया। इस उपचार में डॉ. रितु एवं डॉ. मणिलाल सहित आईसीयू के अन्य चिकित्सक, नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टॉफ शामिल रहे।