अकेले जीवन में बिकिनी बाई का संबल बनी महतारी वंदन योजना
योजना की राशि और पेंशन से दैनिक जरूरतें पूरी करने में मिल रही मदद
सूरजपुर सितम्बर 2026
ग्राम गिरवरगंज निवासी बिगनी बाई के पति और बेटे का निधन हो चुका है। बेटियों की शादी के बाद वे अकेले जीवन बिता रही हैं। उम्र के इस पड़ाव पर घर की जरूरतें पूरी करना और हर महीने होने वाले खर्चों का प्रबंध करना उनके लिए चिंता का विषय रहा है। ऐसे समय में छत्तीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि और पेंशन उन्हें आर्थिक सहारा दे रही है।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जनकल्याणकारी योजनाओं से लोगों के जीवन में आ रहे सेवा की कहानियों मे बिगनी बाई भी शामिल है अकेले रहने वाले व्यक्ति के लिए राशन, दवाई और घर की अन्य आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था भी स्वयं करनी होती है। बिगनी बाई के लिए महतारी वंदन योजना की राशि इन जरूरतों को पूरा करने में मददगार बन रही है। साथ ही उन्हें पेंशन की सहायता राशि उपलब्ध हो रही है। इससे वे अपनी जरूरतों के अनुसार खर्च कर रही हैं और छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भर रहने की चिंता कम होती है।
शासन महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और जरूरतमंद नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए योजनाएं संचालित की जा रही है और महतारी वंदन योजना और पेंशन का लाभ बिगनी बाई के जीवन में इसी प्रयास का उदाहरण है। योजनाओं की राशि उनके लिए दैनिक खर्चों में मदद के साथ यह भरोसा भी है कि कठिन परिस्थितियों में वे पूरी तरह अकेली नहीं हैं।
बिकिनी बाई बताती है कि जनकल्याणकारी योजनाओं से मिल रही नियमित सहायता से आवश्यक खर्चों का प्रबंध आसान होता है और महतारी वंदन योजना और पेंशन उनके लिए बेहतर जीवन जीने का आधार बनी है।